जसीडीह/संवाददाता। जसीडीह के संथाली मोहल्ला स्थित चटर्जी मैदान में आयोजित झारखंड क्रिकेट टूर्नामेंट का ग्रुप बी का दूसरा लीग मैच शिवगंगा क्रिकेट टीम देवघर और एसीए टीम पटना के बीच खेला गया। शिवगंगा टीम ने सात विकेट से पटना टीम को हराकर मैच जीत लिया। एसीए पटना के कप्तान ने टास जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित बीस ओवर में 18 ओवर पर 112 रनों पर सभी बल्लेबाज आउट हो गए। बल्लेबाजी करते हुए सौरभ ने 20 गेंद पर दो चौके और एक छक्का की मदद से 23 रन बनाए। जबकि आदित्या ने 17 गेंद पर एक चौका और एक छक्का की मदद से 14 रन बनाए। शिवगंगा टीम के गेंदबाजों में अभिषेक कुमार ने 04 ओवर में 21 रन देकर 03 विकेट लिए। अमर कुमार ने 04 ओवर में 23 रन देकर 03 विकेट लिए। जवाब में शिवगंगा टीम ने बल्लेबाजी करते हुए 7.5 ओवर में 03 विकेट गंवा कर 118 रन बनाकर सात विकेट से मैच जीत लिया। बल्लेबाज मानिक ने 14 गेंद पर 07 चौके और एक छक्का की मदद से 35 रन बनाए। शुभम् कुमार ने 16 गेंद पर 05 चौके और एक छक्का की मदद से 27 रन बनाए। पटना टीम के गेंदबाज आयुष कुमार ने 3.5 ओवर में 58 रन देकर तीन विकेट चटकाए। मैच में निर्णायक की भूमिका नोमी दूबे और रंजन ने निभाई। जबकि स्कोरर में विदेशी एवं पवन ने और उद्घोषक में शैलेश कुमार राय ने भूमिका निभाई। टूर्नामेंट के आयोजक ने बताया कि 28 दिसंबर को नालन्दा टीम और गिरीडीह टीम के बीच मैच खेला जाएगा।
घाघी ने आठ विकेट से चारमीनार टीम को हराया
जसीडीह/संवाददाता। देवघर प्रखंड के टावाघाट पंचायत अंतर्गत सगदाहा गांव स्थित मैदान में आयोजित मां शारदे क्रिकेट टूर्नामेंट का तीसरा लीग चारमीनार क्लब और घाघी टीम के बीच खेला गया। चारमीनार के कप्तान ने टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 15 ओवर में 10.1 ओवर में 43 रन बनाकर सभी विकेट खोकर दिया। जवाब में घाघी टीम ने दो विकेट खोकर खोकर 4.1 ओवर में मैच जीत। लिया। मेन ऑफ द मैच का खिताब से अयूब को नवाजा गया। जिन्होंने गेंदबाजी कर तीन ओवर में 5 विकेट अर्जित किया। मैच में निर्णायक की भूमिका में राहुल सिंह एवं बिट्टू देव निभाई। स्कोरर में सूरज एवं उद्घोषक में अजय योगदान दिये। वहीं मां शारदे क्रिकेट टूर्नामेंट का चौथा लीग भी शनिवार को जसीडीह थाना टीम बनाम यंग स्पोर्टिंग क्लब गंगटी के बीच खेला गया। जसीडीह थाना टीम के कप्तान ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला लिया और यंग स्पोर्टिंग क्लब गंगटी को बल्लेबाजी के लिए मैदान में उतारा। गंगटी टीम ने निर्धारित निर्धारित 15 ओवर में 9 विकेट गंवाकर 160 रन बनाए। जिसमें सर्वाधिक जहांगीर ने 40 रन बनाए। वहीं गेंदबाजी में उत्तम कुमार ने तीन विकेट चटकाए। जवाब में जसीडीह थाना टीम ने चार विकेट खोकर 153 रन ही बना पाए और मैच हार गई। मैच में मैन ऑफ द मैच जहांगीर को दिया गया। जिन्होंने शानदार 40 रन बनाए। मैच में निर्णायक की भूमिका बिट्टू देव एवं गौतम वर्मा ने एवं स्कोरर की भूमिका ज्वाला और उद्घोषक की भूमिका अजय ने निभाई।
सर्दियों में तिल और गुड़ सेहत के लिए वरदान
- मौसमी परेशानियों से बचाने में बेहद कारगर
देवघर/नगर संवाददाता। सर्दियों का मौसम अपने साथ ठंडी हवाएं, कोहरा और सुहावना माहौल लेकर आता है, लेकिन साथ ही यह शरीर में सुस्ती, जोड़ों में अकड़न और ठंड से होने वाली कई स्वास्थ्य समस्याएं भी लाता है। ऐसे में तिल और गुड़ का कॉम्बिनेशन सेहत के लिए वरदान साबित हो सकता है।
सर्दी के मौसम में तिल और गुड़ खाना आपकी सेहत के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। ये दोनों कई मौसमी परेशानियों से बचने में आपकी मदद कर सकते हैं।
शरीर को गर्माहट देना : तिल और गुड़ दोनों ही गर्म तासीर के होते हैं। ये शरीर के अंदरूनी तापमान को बनाए रखने में मदद करते हैं। इन दोनों के कॉम्बिनेशन से शरीर को एनर्जी और गर्माहट मिलती है, जो सर्दी, जुकाम और ठंड से बचाव करती है। यही कारण है कि सर्दियों में तिल और गुड़ से बने लड्डू, चिक्की आदि खाना फायदेमंद माना जाता है।
एनर्जी का भंडार : सर्दियों के मौसम में शरीर को गर्म रखने और मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त रखने के लिए ज्यादा एनर्जी की जरूरत होती है। गुड़ एक नेचुरल एनर्जी बूस्टर है। यह जल्दी पच जाता है और ब्लड में शुगर के लेवल को धीरे-धीरे बढ़ाता है, जिससे तुरंत एनर्जी मिलती है और थकान दूर होती है। तिल प्रोटीन और हेल्दी फैट का अच्छा सोर्स है, जो एनर्जी देता है।
पाचन तंत्र को मजबूत बनाना : गुड़ पाचन क्रिया को दुरुस्त रखने में मददगार है। यह डाइजेस्टिव एंजाइम्स को एक्टिव करता है और कब्ज की समस्या से राहत दिलाता है। तिल में फाइबर की मात्रा अच्छी होती है, जो आंतों की सफाई करके पाचन तंत्र को स्वस्थ रखता है। सर्दियों में फिजिकल एक्टिविटी कम होने के कारण पाचन सुस्त हो जाता है, ऐसे में तिल और गुड़ खाना फायदेमंद रहता है।
हड्डियों और जोड़ों के लिए वरदान : ठंड के मौसम में जोड़ों में दर्द और अकड़न की समस्या आम हो जाती है। तिल कैल्शियम, जिंक, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स से भरपूर होता है, जो हड्डियों की मजबूती के लिए बेहद जरूरी हैं। नियमित रूप से तिल खाने से ऑस्टियोपोरोसिस और जोड़ों के दर्द से बचाव करने में मदद मिलती है।
इम्युनिटी बढ़ती है : तिल में जिंक, सेलेनियम, कॉपर, आयरन, विटामिन-बी6 और विटामिन-ई जैसे कई एंटीऑक्सीडेंट और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स पाए जाते हैं। ये सभी तत्व मिलकर इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाते हैं। गुड़ भी आयरन का अच्छा सोर्स है और यह खून की कमी को दूर करने में मदद करता है।
त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद : सर्दियों में त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है। तिल में मौजूद जिंक और फैटी एसिड्स त्वचा को अंदर से पोषण देते हैं, इसे मुलायम बनाए रखते हैं और समय से पहले एजिंग के लक्षणों को रोकते हैं।
ब्लड प्यूरिफिकेशन और डिटॉक्सिफिकेशन : गुड़ एक नेचुरल ब्लड प्यूरीफायर माना जाता है। यह ब्लड से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे त्वचा साफ होती है और शरीर बेहतर तरीके से काम करता है। - कभी जरूरतमंदों के सेवा केन्द्र में शुमार
इतिहास के पन्नों में खो गया मधुपुर का दत्ता चैरिटेबल अस्पताल
देवघर/वरीय संवाददाता। जिले के मधुपुर अनुमंडल की ऐतिहासिक पहचान से जुड़ा दत्ता चैरिटेबल अस्पताल, जिसे स्थानीय लोग 19वीं सदी का सामाजिक-चिकित्सीय धरोहर बताते हैं, आज अपनी पहचान खोता नजर आ रहा है। कभी जरूरतमंदों के लिए सेवा का केंद्र रहा यह अस्पताल अब न तो अपने मूल स्वरूप में दिखता है और न ही इसके ऐतिहासिक महत्व को लेकर कोई स्पष्ट सरकारी रिकॉर्ड सामने है।
स्थानीय बुजुर्गों और समाजसेवियों के अनुसार, ब्रिटिश काल के दौरान स्थापित यह अस्पताल मधुपुर के शुरुआती स्वास्थ्य संस्थानों में से एक था, जहां गरीबों और असहायों का नि:शुल्क इलाज किया जाता था। बताया जाता है कि दत्ता परिवार द्वारा स्थापित यह अस्पताल वर्षों तक क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवा का केंद्र बना रहा।
आज स्थिति यह है कि अस्पताल का मूल भवन जर्जर अवस्था में है, जबकि इसके स्थापना वर्ष, संस्थापक और ऐतिहासिक दर्जे को लेकर कोई पुख्ता सरकारी दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं। न तो इसे किसी राज्य या जिला स्तरीय धरोहर सूची में शामिल किया गया और न ही इसके संरक्षण की ठोस पहल दिखाई देती है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश : स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अगर यह अस्पताल सच में 19वीं सदी का है, तो यह मधुपुर ही नहीं बल्कि पूरे झारखंड की धरोहर है। प्रशासन की उदासीनता के कारण एक ऐतिहासिक संस्था धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है।
संरक्षण की उठी मांग : समाजसेवियों ने मांग की है कि
दत्ता चैरिटेबल अस्पताल के इतिहास की आधिकारिक जांच कराई जाए। पुराने दस्तावेजों, अभिलेखों और स्थानीय साक्ष्यों के आधार पर ऐतिहासिक दर्जा तय किया जाए। यदि यह विरासत सिद्ध होती है, तो इसे संरक्षित धरोहर घोषित कर पुनर्जीवित किया जाए।इस मामले में अब तक जिला प्रशासन और संस्कृति विभाग की ओर से कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है। सवाल यह है कि क्या मधुपुर एक और ऐतिहासिक धरोहर को यूं ही खो देगा, या समय रहते इसे बचाने की पहल होगी?
आठ लोगों पर बिजली चोरी की प्राथमिकी
मधुपुर/संवाददाता। बिजली आपूर्ति प्रशाखा मधुपुर के सहायक अभियंता दीपक कुमार ने आठ लोगों पर अवैध रूप से बिजली चोरी करने का मामला मधुपुर थाना में दर्ज कराया है। सहायक अभियंता की शिकायत पर मधुपुर थाना की पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर लिया है। दर्ज प्राथमिकी में जिक्र है कि वरीय पदाधिकारी के निर्देश पर सहायक अभियंता विभाग के कर्मी के साथ क्षेत्र में औचक निरीक्षण को निकले थे। इसी दौरान बूढ़ी बगीचा, कोरकट्टा व तेतरिया के कई घरों की बिजली जांच की गई। जिसमें अवैध रूप से आठ घरों में बिजली चोरी करते हुए पकड़ा गया है। बूढ़ी बगीचा गांव में ही सिर्फ 6 लोगों को विद्युत ऊर्जा चोरी करते पकड़ा गया। बताया गया कि उनके द्वारा बिजली चोरी किए जाने से विभाग को करीब एक लाख रुपए का राजस्व का क्षति पहुंचा है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
संडे ड्यूटी व ओटी की मांग को लेकर कोयला कर्मियों का गेट मीटिंग
- प्रबंधन के खिलाफ जताया रोष
चितरा/संवाददाता। चितरा कोलियरी में कार्यरत कोयला कर्मियों ने संडे ड्यूटी की मांग को लेकर शनिवार को कोलियरी वर्कशॉप के समीप गेट मीटिंग आयोजित कर कोलियरी प्रबंधन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। गेट मीटिंग के माध्यम से कर्मियों ने प्रबंधन से पूर्व की भांति संडे ड्यूटी एवं ओटी भुगतान बहाल करने की मांग की।
इस अवसर पर संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा के नेताओं पशुपति कोल, राजेश राय, योगेश राय, रामदेव सिंह, बलदेव महतो एवं बीरेंद्र मंडल ने संयुक्त रूप से कहा कि कोयला कर्मी दिन-रात कठिन परिस्थितियों में मेहनत कर कोयला उत्पादन करते हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रबंधन द्वारा संडे ड्यूटी और ओटी में कटौती कर मजदूरों का सीधा आर्थिक नुकसान किया जा रहा है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
नेताओं ने कहा कि चितरा कोलियरी के इतिहास में आज तक कभी भी मजदूरों की संडे ड्यूटी में कटौती नहीं की गई थी, लेकिन बीते कुछ दिनों से कोलियरी प्रबंधन द्वारा एकतरफा निर्णय लेकर कर्मियों की संडे ड्यूटी घटाई जा रही है। इससे न सिर्फ मजदूरों की आमदनी प्रभावित हो रही है, बल्कि उनके परिवारों पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि जल्द ही संडे ड्यूटी एवं ओटी को पूर्व की तरह बहाल नहीं किया गया, तो कोयला कर्मी आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे। गेट मीटिंग के दौरान प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। विरोध प्रदर्शन में डोमन दे, शमशुल अंसारी सहित दर्जनों कोयला कर्मी मौजूद थे।
चार बच्चे की मां आठ दिनों से रहस्यमय ढंग से गायब
मधुपुर/संवाददाता। एक नाबालिग पुत्र लापता अपनी मां का फोटो लिए आठ दिनों से खोज रहा है। नही मिली तब थकहार कर वह शनिवार को थाना पहुंचकर मां की सकुशल बरामदगी की पुलिस से गुहार लगायी।
घटना मधुपुर थाना क्षेत्र के दलहा गांव की है। जहां राज किशोर राउत रेल कर्मी की पत्नी रूपा देवी विगत 20 दिसंबर से रहस्यमय ढंग से गायब है। परिजन खोजबीन किए लेकिन कही सुराग नही मिला। गायब महिला के चार बच्चे है। पूरा परिवार परेशान हाल में है। बच्चे मां को खोज रहे हैं। रो-रोकर सभी का बुरा हाल है।
पुत्र ने पुलिस को बताया कि उसकी मां 19 दिसम्बर की रात छोटी बेटी के साथ सोयी हुई थी और 20 दिसंबर से गायब है। उसके बाद उसकी खोज खबर ली जा रही है लेकिन कुछ पता नहीं चल रहा है।
रंगदारी मांगकर की मारपीट, घायल
जसीडीह/संवाददाता। जसीडीह थानांतर्गत रोहिणी गांव में कतिपय लोगों ने एक व्यक्ति से रंगदारी की मांग कर मारपीट कर घायल करने का मामला प्रकाश में आया है। इस संबंध में रोहिणी गांव निवासी अशोक मिश्रा ने जसीडीह थाना में आवेदन देकर उक्त लोगों के खिलाफ शिकायत की। उन्होंने कहा कि 26 दिसंबर को दिन के करीब 10 बजे उसका पुत्र कुंदन कुमार मिश्रा घर में काम कर रहा था। इसी बीच विशाल राम, प्रमिला देवी ग्राम बावन बीघा थाना नगर जिला देवघर एवं साथ में अज्ञात आठ दस व्यक्ति अचानक उसके घर के बाउंड्री के अंदर घुस कर पुत्र कुंदन कुमार मिश्रा के साथ गाली गलौज करते हुए पांच साल रुपए रंगदारी की मांग करते हुए बोला कि सबीर मियां और सिराजुद्दीन ने रंगदारी लेने भेजा है। इस पर पुत्र कुंदन ने विरोध किया तो उक्त लोगों ने पुत्र के साथ मारपीट करने लगे। इसी बीच विशाल राम ने अपने हाथ में लिए धारदार हथियार से पुत्र कुन्दन के माथे का दाहिने तरफ जान मारने की नीयत से जोर से मार कर घायल कर दिया। साथ ही पॉकेट से 1800 रुपए छीन लिया और कहा कि रंगदारी नहीं देने पर जान मार देंगे। पुलिस ने अशोक के आवेदन पर जसीडीह थाना में मामला दर्ज कर नामजद सहित अज्ञात लोगों के खिलाफ कार्रवाई में जुटी है।