ठनका से बचाव के लिए सतर्कता जरूरी : जिलाधिकारी
जमुई। संवाददाता। डिस्ट्रक्टि मजिस्ट्रेट श्री नवीन ने समाहरणालय परिसर से वज्रपात सुरक्षा रथ को झंडी दिखाकर रवाना किया। डीडीसी सुभाष चंद्र मंडल, एडीएम रविकांत सिन्हा, नजारत उप समाहर्ता भानू प्रकाश, ओएसडी सह आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रभारी पदस्थ नागमणि कुमार वर्मा समेत कई ओहदेदार मौके पर मौजूद थे।
श्री नवीन ने कहा कि आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने जिला के लोगों को ठनका से बचाने के लिए जन जागरूकता मुहिम चलाने का फैसला लिया है। इसी निर्णय के अंतर्गत जिले के चुनिंदा छह प्रखंडों के सभी ग्राम पंचायतों में वज्रपात सुरक्षा रथ घूमेगा और वहां के निवासियों को आकाशीय बिजली से बचाव के उपायों को सुझाएगा। उन्होंने आगे कहा कि हर साल तड़ित से कई लोग असमय काल के गाल में चले जाते हैं। लोगों के असामयिक निधन से परिवार के साथ राज्य को अपूरणीय क्षति होती है। प्राकृतिक आपदा रूपी विद्युतपात की आशंका जिन क्षेत्रों में ज्यादा महसूस की जाती है, वहां प्राथमिकता के तौर पर इस रथ को घुमाया जाएगा और जागरूकता फैलाई जाएगी।
जिलाधीश ने संदेश देते हुए कहा कि तड़ित की संभावना को देखते हुए इससे बचाव के लिए जब घर के भीतर रहें तब बिजली संचालित उपकरण से खुद को दूर रखें। तार वाले टेलीफोन के उपयोग से बचें। कपड़ा सुखाने के लिए तार की जगह जूट या सूत की रस्सी का प्रयोग करें। घर के बाहर हों तो वृक्ष के नीचे पनाह न लें। ऊंचे इमारत वाले क्षेत्रों में भी जाने से बचें। डीएम ने जागरूकता रथ से दी जा रही जानकारी को गंभीरता से लिए जाने का आग्रह करते हुए कहा कि खुद सतर्क रहें और दूसरों को भी सजग और सचेत रहने के लिए प्रेरित करें।
जिलाधिकारी ने प्राकृतिक आपदा के अंतर्गत नदियों, तालाबों, गड्ढों आदि जल श्रोतों में डूबने की घटना में वृद्धि की चर्चा करते हुए कहा कि खतरनाक घाटों पर जाकर स्नान न करें और बच्चों को भी वहां जाने से रोकें। उन्होंने पुल या पुलिया से कूदकर स्नान करने को भी खतरनाक बताते हुए कहा कि यह भी जानलेवा हो सकता है। श्री नवीन ने इससे भी परहेज किए जाने की अपील की। वज्रपात सुरक्षा रथ माइकिंग के जरिए निवासियों को तड़ित और डूबने से बचाव के लिए सतर्कता का संदेश देगा।
मवेशी चरा रहे बच्चों पर वज्रपात, एक की मौत, चार घायल
चंद्रमंडी थाना क्षेत्र के चोरकट्ठा माधोपुर गांव की घटना
चन्द्रमंडी। संवाददाता। चंद्रमंडी थाना क्षेत्र के माधोपुर पंचायत के चोरकटा गांव के पांच बच्चों के लिए मंगलवार का दिन अमगल साबित हुआ। दरअसल यहां के पांच बच्चे घर से थोड़ी दूर पर माधोपुर बाजार स्थित बहियार के समीप मवेशी चराने गए थे। तभी वज्रपात की चपेट में आने से एक बच्चे की मौत हो गई जबकि चार बच्चे घायल हो गए। बताया जाता है कि चोरकट्टा गांव के पांच बच्चे मवेशी चराने के लिए माधोपुर बाजार से सटे बहियार गए हुए थे। इसी दौरान दोपहर को बारिश होने लगी। सभी बच्चे बारिश से बचने के लिए अपने साथ लाये एक छाता के नीचे जमा होकर बैठ गए। इसी दौरान उन बच्चों पर वज्रपात हो गया, जिसमें अजय रजक, पिता पिंटू रजक, मोहन रजक पिता धनु रजक, विपुल रजक पिता जागो रजक, शिवम रजक पिता पंकज रजक एवं विकास रजक पिता पप्पू रजक घायल हो गए। घटना के बाद वहां चीख पुकार मच गई। सभी घायल बच्चे चीखने चिल्लाने लगे। स्थानीय लोगों द्वारा सूचना दिए जाने के बाद घायल बच्चों के परिवार के लोग घटनास्थल पर पहुंचे। सभी घायलों को स्थानीय लोगों के मदद से इलाज के लिए देवघर सदर अस्पताल में भर्ती कराया। यहां चिकित्सकों ने अजय रजक उम्र 10 साल पिता पिंटू रजक को मृत घोषित कर दिया, जबकि सभी घायल बच्चों का इलाज किया जा रहा है। घायलों में दो बच्चों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। इस घटना से पूरे गांव में मातम पसर गया। मृतक के माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। पोस्टमार्टम के बाद मृतक बच्चे के शव को स्वजनों को सौंप दिया गया है। इधर घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में गांव के लोग मृतक के घर पर पहुंचकर हिम्मत बंधा रहे है। पंचायत के मुखिया पंकज साह, पंचायत समिति प्रतिनिधि दिनेश पासवान ने भी मृतक के परिवार से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली तथा हर संभव मदद का भरोसा दिया।
बहुविध-कौशल प्रशिक्षण संस्थान का ईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) ने किया उद्घाटन
आसनसोल। संवाददाता। स्थानीय युवाओं को व्यावसायिक शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए, ईसीएल की ओर से मंगलवार को आसनसोल के धधका में बहुविध-कौशल प्रशिक्षण संस्थान का उद्घाटन किया गया। इस संस्थान का शुभारंभ ईसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) गुंजन कुमार सिन्हा ने किया, जिसमें राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के प्रतिनिधि, ईसीएल के वरिष्ठ अधिकारीगण एवं स्थानीय समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे।
इस अवसर पर गुंजन कुमार सिन्हा ने देश में बढ़ती बेरोजगारी पर चिंता व्यक्त करते हुए कौशल विकास की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा
कि बेरोजगारी हमारे देश की एक बड़ी समस्या है। यह केंद्र न केवल आवश्यक कौशल प्रदान करेगा, बल्कि युवाओं को भविष्य के लिए तैयार भी करेगा। सफलता निरंतर मेहनत से मिलती है और यह संस्थान उस दिशा में एक उत्प्रेरक का कार्य करेगा।
एनएसडीसी के प्रतिनिधि शांतनु घोष ने कहा कि एनएसडीसी भारत की सबसे बड़ी कौशल-आधारित संस्था है जो शिक्षा और रोजगार के बीच की खाई को पाटने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि अक्सर शिक्षा और रोजगार की आवश्यकता के बीच तालमेल की कमी होती है। यह कार्यक्रम उस अंतर को भरने के लिए तैयार किया गया है। विशेष बात यह है कि यहां दी जाने वाली समस्त प्रशिक्षण सेवाएं नि:शुल्क है और युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से चलाई जा रही है।
रेणु चतुर्वेदी, महाप्रबंधक (सीएसआर), कोल इंडिया लिमिटेड ने भी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रशिक्षुओं को इस अवसर का पूरा लाभ उठाने और अपने भविष्य की नींव मजबूत करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों द्वारा नामांकित विद्यार्थियों को प्रशिक्षण किट वितरित कर संस्थागत प्रशिक्षण की औपचारिक शुरुआत की गई। धधका में स्थित ईसीएल और एनएसडीसी के संयुक्त सहयोग से स्थापित किया गया है, जो भारत सरकार की स्किल इंडिया योजना के अनुरूप है। यह संस्थान विशेष रूप से कोयला क्षेत्रों के युवाओं को उच्च गुणवत्ता वाली, उद्योगोन्मुखी कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है, जिससे टिकाऊ आजीविका और समुदाय का समग्र विकास सुनिश्चित किया जा सके।
राज्य में लगेंगे 5 डेयरी संयंत्र, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
- राज्य कैबिनेट की बैठक में 41 एजेडों को मिली सहमति, सिडबी से मिलेगा लोन
-बिहार राज्य सफाई कर्मचारी आयोग का पहली बार किया गया गठन
पटना। संवाददाता। राज्य सरकार ने कृषि एवं इससे जुड़े अन्य कार्यों को बढ़ावा देकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सबल बनाने के लिए 5 डेयरी संयंत्र स्थापित करने जा रही है। ये संयंत्र दरभंगा, वजीरगंज (गया), गोपालगंज, डेयरी ऑन सोन (रोहतास) और सीतामढ़ी में स्थापित होंगे। इसमें दरभंगा एवं वजीरगंज (गया) में दो-दो लाख लीटर प्रतिदिन के अलावा गोपालगंज में 1 लाख लीटर दूध प्रतिदिन का प्रसंस्करण तथा डेयरी ऑन सोन (रोहतास) एवं सीतामढ़ी में 30-30 मिट्रिक टन प्रतिदिन दूग्ध पॉवडर का उत्पादन होगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। मंत्रिमंडल की बैठक में 41 एजेंडों पर मुहर लगी। इसमें लिए गए तमाम निर्णयों की जानकारी मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने सूचना भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने कहा कि सभी डेयरी प्लांट सिडबी क्लस्टर विकास निधि (एससीडीएफ) के अंतर्गत स्थापित किए जा रहे हैं।
डॉ. सिद्धार्थ ने कहा कि राज्य के प्रारंभिक और माध्यमिक या उच्चतर माध्यमिक स्कूलों के जीर्णोद्धार के लिए 546 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इसमें प्रारंभिक विद्यालयों के जीर्णोद्धार कार्य कराने की योजना है। इसमें 67 हजार 500 वर्ग कक्ष एवं अन्य कमरों में विद्युतीकरण के लिए प्रति कमरा 40 हजार रुपये की दर से योजना मद से 270 करोड़ रुपये व्यय का प्रावधान किया गया है। इसे वित्तीय वर्ष 2026-2 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। इसी तरह माध्यमिक या उच्चतर माध्यमिक स्कूलों में इन कार्यों को कराने के लिए 276 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे स्कूलों में नामांकन छात्रों को आधारभूत संरचना उपलब्ध हो सकेगा।
कैबिनेट ने राज्य में पहली बार बिहार राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के गठन की मंजूरी दी गई है। इससे सफाई कार्य में जुड़े समाज के वंचित वर्गों के लोगों को मुख्य धारा में जोड़ने एवं उनके सामाजिक एवं आर्थिक विकास के साथ ही उनके अधिकारों एवं हितों की सुरक्षा के लिए यह आयोग कार्य करेगा। यह आयोग इन कर्मियों के कल्याण, पुनर्वास, सामाजिक उत्थान और निगरानी का काम भी करेगा। इसके अलावा बिहार युवा आयोग में 6 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है।
राजधानी पटना में नेहरू पथ पर लोहिया पथ चक्र के निर्माण के लिए 675 करोड़ 50 लाख 70 हजार रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। इससे ट्रैफिक जाम की समस्या का समाधान हो सकेगा। इसके अलावा केंद्रीय सड़क निधि के तहत सारण जिला में छपरा के गांधी चौक से नगरपालिका चौक तक फ्लाई ओवर के निर्माण के लिए 696 करोड़ 26 लाख 71 हजार करोड़ रुपये व्यय की अनुमति दी गई है। इससे छपरा शहर को जाम से काफी राहत मिलेगी। वहीं, पटना में (एनएच-98) एम्स से दीघा रेल सह सड़क पुल के पटना छोर तक दो लेन सड़क और 4 लेन एलिवेटेड लेन के साथ ही दीघा रेल सह सड़क पुल से अशोक राजपथ तक अतिरिक्त संपर्कता प्रदान करने के लिए 1368 करोड़ 46 लाख रुपये की लागत से सड़क निर्माण की स्वीकृति दी गई है।
मंत्रिपरिषद में लिए गए अन्य अहम फैसलों में मोटरयान अधिनियम 1988 के नियमों में संशोधन की स्वीकृति दी गई है। इसके तहत सड़क दुर्घटना में पीड़ित व्यक्ति अपने दुर्घटना क्षेत्र में कोई मुकदमा दायर करता है, तो इसके लिए कोई शुल्क नहीं लगेगा।
राज्य की 1 लाख 15 हजार 9 आंगनबाड़ी केंद्रों पर बर्तन, फर्नीचर समेत अन्य उपस्कर के लिए 115 करोड़ 90 हजार रुपये जारी किए गए हैं।
वित्तीय वर्ष 2025-26 मे 2 लाख 49 100 मैट्रिक टन क्षमता के लिए 200, 500 और 1 हजार मैट्रिक टन क्षमता के गोदाम बनवाने के लिए समितियों को 50 फीसदी अनुदान और 50 फीसदी राशि कार्य संपन्न कराने की व्यवस्था की गई है। इसके लिए 180 करोड़ 19 लाख 77 हजार रुपये का प्रावधान किया गया है।
बिहार पत्रकार सम्मान पेंशन योजना नियमावली-2019 में संशोधन किया गया है। पेंशन की राशि को 6 हजार रुपये मासिक से बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रतिमाह कर दी गई है। इसी तरह लाभुक की मृत्यु के बाद उनके आश्रित पति या पत्नी को जीवनपर्यन्त प्रति महीने 3 हजार रुपये की राशि पेंशन के तौर पर देने की योजना में संशोधन करते हुए इसे 10 हजार रुपये प्रति माह कर दी गई है। यह लाभ उन्हें दिया जाएगा, जो किसी मीडिया संस्थान या सरकार सेवा में कार्यरत नहीं हो।
विस चुनाव को देखते हुए अवैध शराब की जांच-पड़ताल होगी तेज
-एडीजी (मद्य निषेध) ने दी जानकारी, दूसरे राज्यों के 305 तस्करों को किया गया चिन्हित
पटना। संवाददाता। इस वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए बिहार पुलिस खासकर मद्य निषेध इकाई ने तैयारी तेज कर दी है। अवैध शराब की सीमापार तस्करी से जुड़े मामलों पर शिकंजा कसने और इसमें शामिल तस्करों पर कार्रवाई के लिए व्यापक स्तर पर कवायद शुरू कर दी गई है। इसके लिए राज्य की सीमा से सटने वाले बिहार के 23 सीमावर्ती जिलों में 390 चेक पोस्ट स्थापित किए जा रहे हैं। अन्य राज्यों के सीमावर्ती जिलों में भी 161 चेक पोस्ट स्थापित करने के लिए स्थान चिन्हित किए गए हैं। यह जानकारी एडीजी (मद्य निषेध) अमित कुमार जैन ने दी। पुलिस मुख्यालय सरदार पटेल भवन स्थित सभागार में मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में दी।
एडीजी ने कहा कि बिहार में मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़, हरियाणा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, राजस्थान और अरुणाचल प्रदेश से विदेश शराब तस्करी होकर आ रही है। इन राज्यों के पुलिस महानिदेशक एवं उत्पाद आयुक्त से अपेक्षित कार्रवाई के लिए सहयोग मांगा गया है। इन राज्यों से तस्करी करके लाई गई शराब की जब्त खेपों की बैच नंबर और क्यूआर कोड के आधार पर दोषी रिटेलर या होलसेलर को चिन्हित किया गया है।
राज्य में मद्यनिषेध से जुड़े मामलों में अन्य राज्यों के 305 तस्करों या विभिन्न मामलों में अभियुक्तों को चिन्हित किया गया है। यह सूची संबंधित राज्यों से भी साझा किया जा रहा है। ताकि इन पर सख्त कार्रवाई की जा सके। वहीं, शराब के अवैध कारोबार से कमाई करने वाले 240 लोगों को बीएनएसएस (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 107 के तहत कार्रवाई की गई है। इसमें 76 लोगों के खिलाफ प्रस्ताव कोर्ट में समर्पित किए गए हैं। शेष के खिलाफ कार्रवाई जारी है। इसके अलावा इस वर्ष जून तक 8 हजार 546 आरोपियों के नाम गुंडा पंजी में दर्ज किए गए हैं। ये लोग शराब की तस्करी या इसके अवैध व्यापार में शामिल हैं। 1 हजार 394 लोगों की पहचान नियमित पीने वालों और 1344 लोगों को जिला बदर किया गया है। शराबबंदी कानून के लागू होने के बाद से अप्रैल 2016 से जून 2025 तक पुलिस ने राज्य के बाहर के 13 हजार 921 शराब कारोबारियों को बिहार में गिरफ्तार किया है।
मद्यनिषेध इकाई के स्तर से 10 विशेष अभियान दल का गठन कर निरंतर छापेमारी की जा रही है। इसके जरिए इस वर्ष जुलाई तक 5 लाख 22 हजार 96 लीटर अवैध शराब बरामद की गई है। शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने के मामले में 9 आरोपियों को मौत की सजा भी सुनाई जा चुकी है। जबकि 18 को आजीवन कारावास, 10 वर्ष से अधिक की सजा 222, 2 से 10 वर्ष तक की सजा 935 तथा 2 वर्ष से कम की सजा 621 आरोपियों को सुनाई जा चुकी है। शराबबंदी कानून के लागू होने के बाद अप्रैल 2016 से 3 जुलाई 2025 तक 5 लाख 36 हजार 921 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। इसकी सभी धाराओं में 6 लाख 40 हजार 379 लोगों को अलग-अलग श्रेणी में सजा सुनाई गई है।
अवैध आरा मिलों पर नकेल कसेगी सरकार
-दो दिवसीय सुनवाई के बाद मिलेगा लाइसेंस
-480 नए लाइसेंस भी दिए जाएंगे
पटना। संवाददाता। राज्य में 20 साल बाद आरा मिल संचालकों को लाइसेंस जारी किया जाएगा। इसके लिए पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग तेजी से काम कर रहा है। मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में वन मंत्री डॉ सुनील कुमार ने कहा कि दो दशक से लंबित आरा मिल संचालकों की समस्याओं के समाधान और लाइसेंस वितरण की प्रक्रिया दो दिवसीय शिविर के माध्यम से पूरी की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि औपबंधिक वरीयता सूची के अनुसार राज्य में लाइसेंस प्राप्त कुल 2720 आरा मिलें हैं। उन्होंने कहा कि दो दिन की सुनवाई के बाद पात्र मिल संचालकों को लाइसेंस प्रदान किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि बिना लाइसेंस के एक भी आरा मिल संचालित नहीं होंगी। सभी जिलों में अवैध रूप से चल रही मिलों को बंद किया जाएगा और यदि कोई मिल बिना वैध लाइसेंस के कार्यरत पाई जाती है तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
डॉ सुनील कुमार ने बताया कि हमारा मकसद है कि इस दो दिवसीय शिविर में लाइसेंस रिन्यूअल, ट्रांसफर और लोकेशन बदलाव जैसी प्रक्रियाओं को सरल बनाने के उद्देश्य से सभी लंबित मामलों का तेजी से निपटारा किया जाएगा। जो लाइसोंस धारी वर्षों से रिन्यूअल की प्रतिक्षा कर रहे हैं, उन्हें अब नई नीतियों के तहत सुविधा प्रदान की जाएगी।
सरकार ने इस कैंप के जरिए 480 नए आरा मिल लाइसेंस जारी करने का भी निर्णय लिया है। मंत्री ने कहा कि राज्य में कुल 3200 आरा मिलों को लाइसेंस देने की क्षमता है, और इस दिशा में विभाग पूरी गंभीरता से काम कर रहा है।
10वां आदि शक्ति प्रेमनाथ खन्ना स्मृति समारोह
ममता मेहरोत्रा की पुस्तक भारत एक खोज का विमोचन
तीन दिवसीय समारोह में सांस्कृतिक और साहित्यिक गतिविधियां की गई आयोजित
पटना। संवाददाता। कला संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार के सौजन्य से सामयिक परिवेश द्वारा आयोजित तीन दिवसीय साहित्य संगीत एवं नाट्य समागम 10 वां आदि शक्ति प्रेमनाथ खन्ना स्मृति समारोह कविगोष्ठी एवं नाटक अवलोकन के मंचन के साथ सम्पन्न हो गया| इस अवसर पर ममता मेहरोत्रा सम्पादित पुस्तक भारत एक खोज का विमोचन हुआ। ममता मेहरोत्रा की इस कहानी अवलोकन का नाट्य रूपांतरण मणिकांत चौधरी किया| रंग गुरूकुल के कलाकारों ने राजवीर गुंजन ने निर्देशन में इसे मंचित किया| प्रथम सत्र में लिट्रा पब्लिक स्कूल, पाटलीपुत्रा के बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत किए| दूसरे सत्र में काव्य पाठ का आयोजन हुआ। संध्या सत्र में ग्लोबल इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पारामेडिकल साइंस कॉलेज के छात्रों ने विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किए और नाटक अवलोकन का मंचन हुआ।मंच पर रंगोली पांडे, मणिकांत चौधरी, रेणु जी, विष्णु देव कुमार, राहुल पाठक, सौरभ सिंह, अनामिका, गौतम निराला एवं मनोज मयंक ने अभिनय किया| मंच परे कहानीकार – ममता मेहरोत्रा, नाट्यरूपांतरण- मणिकांत चौधरी, मेक अप – अंजू और मयंक, लाइट:- विनय कुमार, प्रोडक्शन कंट्रोलर- दीपक कुमार, सेट – सुनील कुमार शर्मा, मीडिया – रुपेश कुमार सिन्हा, कॉस्ट्यूम एवं प्रोडक्शन मैनेजर:- अनुपमा, म्यूजिक, डिज़ाइन एंड डायरेक्शन- राजवीर गुंजन ने किया| प्रेमचंद रंगशाला में आयोजित
कवि सम्मेलन का उद्घाटन ममता मेहरोत्रा, भगवती प्रसाद द्विवेदी,प्रेम किरण, ईश्वर चंद्र जायसवाल उत्तर प्रदेश, डॉ.कुमार विरल, डॉ. देव द्रव अकेला रहे।कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन कवयित्री सविता राज ने किया।उद्घाटन के बाद कवि सम्मेलन का आरंभ हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. मीना कुमारी परिहार के गणेश वंदना से किया गया। ममता मेहरोत्रा ने “दुनिया वाले क्या समझेंगे वाह के पीछे के ़गम को,किस किस दुख से गुजरी ममता अपने शेर सुनाने को” सुनाकर वाहवाही बटोरी।सविता राज ने “होठों पर मुस्कान दिखानी पड़ती है, पीर हृदय की रोज़ छुपानी पड़ती है”सुनाकर तालियां बटोरी। ईश्वर चंद्र जायसवाल ने “नाग देव को पूजिये, लेकर उनका नाम,नागेश्वर की ले दया, कर ईश्वर शुभ काम” ने खूब वाहवाही बटोरी।अंजनी कुमार पाठक ने “रिमझिम रिमझिम मेघा बरसे,पेड़ों पर हरियाली आये” सुनाकर दर्शकों का मन मोह लिया।, डॉ कुमारी अन्नू ने “पता नहीं कब किस पनघट पर भेंट किसी से हो जाए” सुनाकर तालियां बटोरी। डॉ. कुमार विरल ने “मिट्टी की गंध लिए,पुरवाई छंद लिए, अकुलाए शब्दों के पांव, दौड़ रहे नगर डगर गाँव” सुनाकर माहौल को खुशनुमा बना दिया।सुधांशु राज ने “सिक्का उछाल और देख ,
तेरी मेरी कितनी औकात बची है ?” को बहुत पसंद किय गया। अंशु कुमार ने “के आंखों को अंगार करो,
हृदय को हथियार करो,
लड़ना हो जो गिद्धों से तो पंजों को तैयार करो।” सुनाकर वाहवाही बटोरी। काव्यपाठ करने वालों में ईश्वर चंद्र जायसवाल,भगवती प्रसाद द्विवेदी,प्रेम किरण, सौरभ प्रभात डॉ. सुनील कुमार उपाध्याय,डॉ. कुमार विरल, अनुभव कुमार,डॉ. मीना कुमार परिहार, मीरा श्रीवास्तव, डॉ. प्रतिभा रानी, शिवेंद्र मालवीय,विद्यापति चौधरी,सिद्धेश्वर, डॉ. विजय गुंजन, मुकुंद, राजप्रिया रानी, मुकुंद, गोपाल ़फलक,गोपाल ़फलक आशा रघुदेव, कृष्णनंदन कनक, डॉ. बिंदेश्वर प्रसाद गुप्ता मुख्य रहे।कार्यक्रम का आभार ज्ञापन अंजनी कुमार पाठक ने किया।
अवलोकन की कहानी एक ऐसी लड़की पे आधारित है जो एक मध्ये वर्गीय परिवार में जन्मी है और पड़ाई में काफ़ी आगे है और अपने माता पिता की लाडली है , लड़की जो की उसका नाम मधु है वो जब कॉलेज जाना शुरू करती है तो वहाँ वो एक लड़के से प्यार कर बैठती है और प्यार इतना आगे बड़ जाता है की वो अपनी सिमाओ को भी भूल जाती है और एक दिन वो ग़लत कदम उठा लेती है।प्यार करना बुरी बात नहीं लेकिन प्यार में अंधा हो जाना और किसी पे अपने से ज़्यादा विश्वास करना ये ग़लत है जो उसके और उसके परिवार के लिए काफ़ी मुश्किल पैदा कर देती है।एक बड़े बाप के बेटे के प्यार में पड़कर एक मिडल क्लास में रहने वाली लड़की कैसे अपने आपको उस जगह तक ले जाती है जहाँ से वापस आना बड़ा ही मुश्किल हो जाती है । जब उसे अपने गलती का एहसास होता है तब तक बहुत देर हो जाती है और समाज में उसके पिता कहीं मुँह देखाने लायक नहीं रहते । परिवार की शर्मिंदगी और प्यार से मिला धोखा को मधु सह नहीं पाती और एक ऐसा कदम उठा लेती है जिससे उसकी ज़दिंगी ख़त्म हो जाती है पर उसके इस कदम से समाज पे एक सवाल छोड़ जाती है कि समाज के कुछ ऐसे सभ्रांत लोग जो अपने आप को समाज के अच्छे ठेकदार तो कहलाते है लेकिन वही ठेकेदार चुप हो के तमाशबीन बन जाते है ।
करोड़ की सड़क परियोजनाओं से समग्र विकास की दिशा में मिलेगी मजबूती: मंत्री नितिन नवीन
पटना, 29 जुलाई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ और आधुनिक बनाने के उद्देश्य से पथ निर्माण विभाग लगातार निर्णायक कदम उठा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को माननीय मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में हुई कैबिनेट बैठक में 2740 करोड़ की महत्त्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई। माननीय पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने इन निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह योजनाएं राज्य के समग्र विकास की दिशा में मजबूती प्रदान करेगी।
मंत्री श्री नवीन ने जानकारी दी कि सारण जिले के छपरा शहर में गांधी चौक से नगरपालिका चौक तक फ्लाईओवर निर्माण के लिए केंद्रीय सड़क निधि अंतर्गत 69626.71 लाख की प्रथम पुनरीक्षित स्वीकृति दी गई है। इसके पूरा होने से छपरा शहर की वर्षों पुरानी जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी।
मंत्री श्री नितिन नवीन ने आगे बताया कि आज की बैठक में पटना की भी कई योजनाओं को मंजूरी दी गई है। एम्स से दीघा रेल-सह-सड़क पुल के पटना छोर तक दो लेन सड़क, चार लेन एलिवेटेड लेन तथा एनएचएआई के अधूरे कार्यों को पूरा करने एवं दीघा से अशोक राजपथ को जोड़ने हेतु अतिरिक्त संपर्क मार्ग के लिए 1,36,846 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे जेपी गंगा पथ, एम्स व दीघा क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा।
इसके अलावा मंत्री नितिन नवीन कहा कि पटना शहर के नेहरू पथ पर डॉ. राम मनोहर लोहिया पथ चक्र के निर्माण के लिए 67,550.70 लाख की राशि को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। मंत्री ने कहा कि ये परियोजनाएं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के उस विजन को साकार करेंगी, जिसके तहत वर्ष 2027 तक राज्य के किसी भी हिस्से से पटना तक अधिकतम साढ़े तीन घंटे में पहुंचना संभव हो सकेगा।