प्रसिद्ध लोक गायिका नीतू कुमारी नवगीत को नमामि गंगे अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनी
पटना। संवाददाता। बिहार शहरी अवसंरचना विकास निगम ने लोक गायिका नीतू कुमारी नवगीत को गंगा स्वच्छता मिशन के तहत ब्रांड एंबेसडर बनाया है। बुडको के प्रबंध निदेशक अनिमेष कुमार पराशर ने राज्य की प्रसिद्ध लोक गायिका नीतू कुमारी नवगीत को नमामि गंगे अभियान के तहत गंगा नदी की स्वच्छता को लेकर प्रचार-प्रसार करने के लिए अभियान का ब्रांड एंबेसडर बनाया है जिसका प्रमाण पत्र नीतू कुमारी नवगीत को सौंपा गया है। इस दायित्व को मिलने के बाद मीडिया कर्मियों से बातचीत करते हुए नीतू कुमारी नवगीत ने कहा कि लोकगीत एक ऐसा सशक्त माध्यम है जिससे समाज के सभी वर्गों को किसी उद्देश्य विशेष के लिए आसानी से जागरूक किया जा सकता है। बिहार में लोकगीतों की समृद्ध परंपरा रही है। अनेक लोकगीत मां गंगा को भी समर्पित है। भारतीय जीवन दर्शन में प्रकृति की पूजा का विशेष महत्व है। हम प्राचीन काल से नदियों की पूजा भी करते आए हैं जिनमें गंगा नदी सबसे प्रमुख है। नीतू कुमारी नवगीत ने कहा कि गंगा नदी न सिर्फ देश की जीवन रेखा है बल्कि विभिन्न तीर्थ में सर्वोत्तम तीर्थ का स्थान भी इस नदी को प्राप्त है। हरिद्वार, काशी और पटना जैसे धार्मिक महत्व के अनेक नगर इस नदी के तट पर बसे हुए हैं। पूरी आर्य सनातन वैदिक संस्कृति का विकास गंगा नदी के तट पर ही हुआ और इसीलिए यह नदी भारतीय संस्कृति का मूलाधार बनी। गंगा नदी को स्वच्छ बनाए रखना हम सब का कर्तव्य है क्योंकि यह मोक्षदायिनी भी है और सुरसरिता भी। गंगा जी की महिमा अपरंपार है। बुडको और इसके प्रबंध निदेशक को धन्यवाद देते हुए नीतू कुमारी नवगीत ने कहा कि जो यह बड़ी जिम्मेदारी मुझे मिली है, उसे पूरा करने के लिए सबकी भागीदारी और सबका सहयोग लेते हुए वह काम करेंगी।
आपसी सहमति से शिक्षकों की पारदर्शी तबादला नीति से हजारों शिक्षकों को मिली खुशियां
-अबतक 17,242 शिक्षकों का पारस्परिक सहमति से किया जा चुका है स्थानांतरण
-12 वर्ष बाद मिली ससुराल में तैनाती से शिक्षिकाओं की खुशी से नम हो गई आंखें
पटना। संवाददाता। जब नीति में पारदर्शिता हो और नेतृत्व में संवेदना, तो समाज में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट रूप से दिखने लगता है। बिहार सरकार की तरफ से आपसी सहमति के आधार पर शिक्षकों के तबादले की नीति ने न केवल राज्य के हजारों शिक्षकों के चेहरों पर मुस्कान बिखेरी है बल्कि उनके परिवार के लिए भी खुशियों के रंग बिखेर दिए हैं। राज्य में अबतक 17,242 शिक्षकों को उनकी इच्छा के अनुसार उनके पसंदीदा स्थानों पर स्थानांतरित किया जा चुका है। विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने पहली बार इसके लिए विशेष नीति तैयार करके इस जटिल कार्य को सहज तरीके से कर दिया। यह बड़ी उपलब्धि के तौर पर सामने आई है।
बारह वर्षों की प्रतीक्षा और संघर्ष के बाद सुमन कुमारी और शिल्पी वर्णवाल को अपने-अपने ससुराल के क्षेत्र में स्थित स्कूलों में पदस्थापना मिली है। विगत गुरुवार को उन्होंने क्रमश: उच्च माध्यमिक विद्यालय, चन्दवारा (जमुई) तथा प्राथमिक विद्यालय, तारडीह (गिद्धौर) में योगदान देकर एक नए जीवन की शुरुआत की है। शिक्षा विभाग की म्यूचुअल ट्रांसफर नीति से 12 वर्ष बाद मिली ससुराल में तैनाती से इन दोनों शिक्षिकाओं की आंखें खुशी से नम हो गईं। यह कहानी सिर्फ इन्हीं दोनों शिक्षिकाओं की नहीं है, बल्कि ऐसी सैकड़ों शिक्षिकाओं को इससे काफी फायदा हुआ है।
ज्ञात हो कि पिछले दिनों शिक्षा विभाग की ओर से म्यूचुअल ट्रांसफर नीति को प्रभावी रूप से लागू किया गया है। इसी नीति के अंतर्गत दोनों शिक्षिकाओं ने ई-शिक्षा कोष मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से म्यूचुअल ट्रांसफर के लिए आवेदन किया था। दोनों शिक्षिकाओं के लिए हैरानी की बात यह रही कि मात्र पांच दिनों में ही उनके स्थानांतरण से सम्बंधित आदेश जारी कर दिए गए। जो कभी असंभव प्रतीत होता था, आज वह एक प्रेरक सच्चाई बनकर सामने है।
शिक्षा विभाग की आपसी सहमति (म्युचुअल) नीति से तबादले के तहत सभी समूह के शिक्षक एक ही कैटेगरी यथा नियमित से नियमित शिक्षक, विशिष्ट शिक्षक से विशिष्ट शिक्षक, एक विद्यालय अध्यापक से विद्यालय अध्यापक और एक ही विषय जैसे गणित से गणित, भौतिक शास्त्र से भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र से रसायन शास्त्र इत्यादि के हैं। शिक्षा विभाग की इस तबादला नीति में कहा गया है कि जो भी शिक्षक स्थानांतरण चाहते हैं, वे ई-शिक्षाकोष में लॉग इन कर अपने जिले में स्थानांतरण के इच्छुक शिक्षकों की सूची देख सकते हैं। वे अपने विषय और कैटेगरी के स्थानांतरण के इच्छुक पूरे पंचायत, प्रखंड, अनुमंडल, जिला की सूची भी देख सकेंगे।
इस प्रक्रिया में कोई शिक्षक दो या दो से अधिक अधीनस्थ दस वैसे शिक्षकों तक का चयन कर सकते हैं, जो पारस्परिक स्थानांतरण के इच्छुक हैं। ओटीपी के माध्यम से संबंधित शिक्षकों का मोबाइल नंबर प्राप्त हो सकेगा, जिनसे संपर्क कर वह अपने इच्छित विद्यालय का चयन कर सकते हैं। शिक्षकों के स्थानांतरण की पूरी प्रक्रिया में पादर्शिता के लिए उनके आवेदन ई-शिक्षाकोष के माध्यम से मांगे गए थे। ई-शिक्षाकोष में ओटीपी के माध्यम से सत्यापन होने के बाद स्थानांतरण आदेश निर्गत किया गया है।
जनता दरबार में दर्जनों मामलों का ऑन स्पॉट निष्पादन, लोगों को मिली राहत
जमुई। संवाददाता। जमुई समाहरणालय परिसर में शुक्रवार को आयोजित जनता दरबार में जिले भर से आए नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान किया गया।
जिलाधिकारी श्री नवीन के निर्देश पर आयोजित इस दरबार की अध्यक्षता विशेष कार्य पदाधिकारी नागमणि वर्मा और जिला पंचायत राज पदाधिकारी वीरेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से की।
जनता दरबार में भूमि विवाद, वृद्धावस्था व विधवा पेंशन, आवास योजना, स्वास्थ्य सेवा, राशन कार्ड, शिक्षा और राजस्व से जुड़े मामलों को लेकर बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। अधिकारियों ने समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए कई मामलों का मौके पर ही समाधान कर राहत दी।
इस अवसर पर विशेष कार्य पदाधिकारी नागमणि वर्मा ने कहा कि जनता दरबार का उद्देश्य लोगों की समस्याओं का पारदर्शी और त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। जिला प्रशासन हर शुक्रवार को इस पहल के माध्यम से आम लोगों तक सीधे पहुंचने का प्रयास कर रहा है।
अधिकारियों ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि वे प्राप्त आवेदनों पर समयबद्ध और संवेदनशील कार्रवाई करें, ताकि जनता का भरोसा कायम रह सके। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे हर शुक्रवार को आयोजित होने वाले जनता दरबार में भाग लें और अपनी समस्याओं को सीधे अधिकारियों के समक्ष रखें। जनता दरबार में कई विभागों के पदाधिकारी मौजूद रहे और समस्याओं के समाधान के लिए तत्परता दिखाई।
यह जनकल्याणकारी पहल प्रशासन और जनता के बीच संवाद और विश्वास की मजबूत कड़ी बनती जा रही है।
सरकारी अनुशंसा के विपरीत बन रहा है ठाढ़ी पंचायत सरकार भवन
भाकपा-माले ने जताया विरोध
जमुई। संवाददाता। चकाई प्रखंड अंतर्गत ठाढ़ी पंचायत में पंचायत सरकार भवन के निर्माण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सरकारी आदेशों और ग्रामसभा की अनुशंसा के विरुद्ध भवन निर्माण के खिलाफ भाकपा-माले के नेतृत्व में जिला मुख्यालय स्थित अंबेडकर प्रतिमा के समक्ष एक दिवसीय धरना आयोजित किया गया। धरने की अध्यक्षता पार्टी के वरिष्ठ नेता बासुदेव रॉय ने की। मौके पर उपस्थित माले नेता राहुल यादव ने आरोप लगाया कि चकाई प्रखंड में सरकारी नियमों और प्रक्रियाओं की खुलेआम अनदेखी की जा रही है और इसमें सरकारी कर्मियों और बिचौलियों की मिलीभगत है। उन्होंने बताया कि पंचायत सरकार भवन के लिए ग्रामसभा और अंचलाधिकारी द्वारा खाता संख्या 40, खसरा संख्या 117, रकवा युक्त भूमि को चिन्हित किया गया था, लेकिन उसे नजरअंदाज कर अन्यत्र निर्माण कराया जा रहा है, जो सुशासन के दावों पर सीधा सवाल खड़ा करता है।
माले नेता मनोज कुमार पांडेय ने कहा कि डबल इंजन की सरकार में भ्रष्टाचार, अपराध और सांप्रदायिकता चरम पर है। वहीं युवा नेता ने भी सरकार की जनविरोधी नीतियों पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि चकाई सहित जिले भर में मनरेगा, स्वास्थ्य, शिक्षा, पंचायत भवन निर्माण सहित तमाम योजनाओं में खुली लूट मची है।
धरना के उपरांत माले प्रतिनिधिमंडल ने जिला पदाधिकारी को चार सूत्री मांग पत्र सौंपा और ठाढ़ी पंचायत सरकार भवन के निर्माण में हो रहे नियमविरोधी कार्यों पर अविलंब रोक लगाने की मांग की। डीएम ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
भाकपा-माले नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि नियम के अनुरूप कार्य नहीं हुआ और भ्रष्टाचार पर लगाम नहीं लगी, तो पार्टी अनिश्चितकालीन आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
धरने को मोहम्मद हैदर, दिलीप गुप्ता, बासुदेव हांसदा, खुबलाल राणा ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में कलेप टुडू, कुसमी देवी, शोभी पुजहर, कामदेव टुडू, श्याम टुडू, मुन्ना टुडू, बबलू पुजहर, पवन यादव, चेतन यादव, बंगाली पुजहर, किशोर मुर्मू, शांति देवी, मनुआ देवी, अनीता देवी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
अन्नदाताओं की बैठक 02 को, सिंचाई की समस्याओं पर होगा मंथन
जमुई। संवाददाता। जमुई स्थित जल संसाधन विभाग के कार्यालय परिसर में जिले के अन्नदाताओं की अहम बैठक 02 अगस्त को आहूत की गई है, जिसमें सिंचाई की सुगम व्यवस्था किए जाने से जुड़े विषय पर विस्तार से चर्चा की जाएगी और सकारात्मक सुझाव लिए जाएंगे।
कार्यपालक अभियंता ई.गौतम कुमार ने इस आशय की जानकारी देते हुए बताया कि बिहार सरकार, जल संसाधन विभाग के निर्देश पर 02 अगस्त को अन्नदाताओं की अहम बैठक कार्यालय परिसर में होगी। जिले के किसानों के साथ विभागीय और प्रशासनिक पदाधिकारी बैठक में शिरकत कर अपने-अपने विचार रखेंगे ताकि सिंचाई के लिए सुगमता के साथ कृषकों के खेतों तक जल पहुंचाया जा सके। ई.गौतम कुमार ने आगे कहा कि बैठक में नहरों, जलाशयों आदि की संरचनाओं पर भी मंथन होगा और इससे जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए सुझाव लिए जाएंगे। समय पर किसानों के खेतों तक पर्याप्त मात्रा में जल पहुंचाए जाने के लिए नहरों के संचालन को और बेहतर बनाना भी एजेंडे में शामिल है। किसान सिंचाई से जुड़ी जरूरतों और चुनौतियों को कार्यपालक अभियंता के समक्ष रखेंगे ताकि सीधा संवाद के जरिए इसका त्वरित और कारगर निदान किया जा सके। कार्यपालक अभियंता ने जिले के अन्नदाताओं से आग्रह करते हुए कहा कि आप अंकित बैठक में भाग लेकर सिंचाई व्यवस्था को और ज्यादा सुगम बनाने में यथोचित सहयोग करें।
यहां जिक्र करना जरूरी है कि एक लंबे अरसे बाद जल संसाधन विभाग ने अन्नदाताओं की बैठक आहूत की है, जिसमें किसानों को खुलकर अपनी बात रखने का मौका मिलेगा। अब कृषकों को नहर के अंतिम छोर तक सिंचाई जल पहुंचाए जाने की भी आश जगी है।
झांझी नदी से युवक का शव बरामद, जांच में जुटी पुलिस
सोनो। संवाददाता। सोनो प्रखंड के बटिया थाना क्षेत्र के दहियारी पंचायत अंतर्गत बदगांवा गांव के पास शुक्रवार को झांझी नदी से एक युवक का शव बरामद हुआ। मृतक की पहचान नीमा रंग निवासी स्वर्गीय संजय सिंह के पुत्र सोनू कुमार सिंह (उम्र लगभग 30 वर्ष) के रूप में हुई है। शव मिलने की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग घटनास्थल पर उमड़ पड़े। बताया गया कि गांव के कुछ लोग मवेशी चराने नदी की ओर गए थे, तभी उनकी नजर पानी में तैरते शव पर पड़ी। इसके बाद ग्रामीणों ने बटिया थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंच कर शव को कब्जे में ले लिया और एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया।
पुलिस के अनुसार, युवक शर्ट और जांघिया पहने हुए था। प्रारंभिक जांच में मौत के कारणों की स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी है। पोस्टमार्टम के लिए शव को जमुई भेज दिया गया है, और पुलिस मामले की हर पहलु से जांच में जुट गई है।
परिजनों से मिली जानकारी के मुताबिक, सोनू अपने चचेरे भाई के साथ उसके ससुराल ग्राम बुची आया हुआ था और बुधवार की रात से ही लापता था। मृतक के चचेरे भाई सत्यम कुमार सिंह समेत अन्य स्वजनों में गोरेलाल सिंह, रंजय सिंह, बीरबल सिंह, सुमित सिंह, बिट्टू सिंह आदि ने बताया कि सोनू की पत्नी की एक वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी है और वह दो जुड़वा बच्चों का पिता था। घटनास्थल पर बटिया थाना अध्यक्ष सुजाता कुमारी, एएसआई रामप्रकाश राम, एसआई हरेराम कुमार यादव सहित पुलिस बल तैनात रहे। पुलिस घटना की तह तक जाने और वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।
चुनाव के लिए नई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, ऑनलाइन चेक कर सकते हैं निर्वाचक अपना नाम
विशेष शिविर के जरिए 01 सितंबर तक दाखिल किया जाएगा दावा-आपत्ति
छूटे हुए पात्र फॉर्म 06 के जरिए बन सकते हैं निर्वाचक
डीईओ ने मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ की बैठक
जमुई। संवाददाता। बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता गहन पुनरीक्षण के बाद नई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी कर दिया है। शुक्रवार को मतदाता सूची के प्रारूप को जमुई जिला में भी जारी किया गया। इसे चुनाव आयोग के वोटर सर्विस पोर्टल पर भी अपलोड कर दिया गया है। आधिकारिक वेबसाइट से मतदाता ऑनलाइन भी वोटर लिस्ट में अपना नाम चेक कर सकते हैं। अगर उसमें कोई गलती है या नाम नहीं जोड़ा गया है तो उस पर शनिवार से दावा और आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम श्री नवीन ने समाहरणालय के सभा कक्ष में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर निर्वाचक सूची के प्रारूप को उन्हें हस्तगत कराया। उन्होंने जिले के सभी ईआरओ, एईआरओ और बीएलओ को भी प्रारुप सूची सौंप दिए जाने की बात कही। श्री नवीन ने कहा कि मतदाता ऑनलाइन भी वोटर लिस्ट ड्राफ्ट में अपना नाम चेक कर सकते हैं।
जिला निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि दो अगस्त से हर दिन जिला के सभी प्रखंड कार्यालयों और नगर निकायों में निर्वाचक सूची में छुटे हुए पात्र लोगों का नाम जोड़ने, अपात्र का नाम हटाने और स्थानांतरण या संशोधन के लिए विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यहां पात्र नागरिक फॉर्म 06 के साथ जरूरी दस्तावेज संलग्न कर निर्वाचक सूची में नाम जुड़वा सकते हैं। वहीं फॉर्म 08 के माध्यम से स्थानांतरण या संशोधन का दावा कर सकते हैं। उन्होंने पहली सितंबर तक दावा आपत्ति दाखिल किए जाने की बात-बताते हुए कहा कि विशेष शिविर में सुरक्षा का खास प्रबंध किया जा रहा है। फोटोग्राफी के साथ वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। डीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से विशेष शिविर को सफल बनाए जाने का आग्रह करते हुए कहा कि कोई भी पात्र निर्वाचक छूटे नहीं इसका ख्याल किया जाना है और अपात्र का नाम हटाने के लिए भी नामित लोगों को सचेत करना है।
डीडीसी सुभाष चंद्र मंडल, एडीएम रविकांत सिन्हा, डीसीएलआर सुजीत कुमार, उप निर्वाचन पदाधिकारी मो.नजरूल हक, अवर निर्वाचन पदाधिकारी डॉ. मेनका कुमारी, जेडीयू जिलाध्यक्ष शैलेंद्र महतो, राजद प्रतिनिधि मुरारी राम, रालोसपा के जिलाध्यक्ष रामाधीन पासवान आदि संबंधित जन बैठक में उपस्थित थे।
जल जीवन हरियाली के संगम से बदलेगी बिहार की तस्वीर
-वर्ष 2019 में अभियान की हुई थी शुरूआत
-2025-26 में 5 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे
पटना। संवाददाता। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की ओर से आगामी 05 अगस्त को जल जीवन हरियाली अभियान के अंतर्गत पौधशाला सृजन एवं सघन वृक्षारोपण विषय पर परिचर्चा किया जाना है। बिहार सरकार ने वर्ष 2019 में जल जीवन हरियाली अभियान की शुरूआत की थी। इस अभियान का उद्देश्य राज्य में जलवायु परिवर्तन से निपटना, हरित आवरण बढ़ाना, जल स्रोतों का संरक्षण और ऊर्जा बचत को प्रोत्सहित करना है। इस अभियान के तहत राज्य के सभी क्रियान्वयन विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक माह के पहले मंगलवार को जल जीवन हरियाली दिवस मनाया जाए। इस वर्ष यह आयोजन 05 अगस्त को मनाया जाएगा। इस अभियान का कार्यान्वयन पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग 15 अन्य हितधारक विभागों के साथ मिलकर कर रहा है। विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के लिए ग्रामीण विकास विभाग को नोडल विभाग नामित किया गया है। इस योजना के कुल 11 अवयवों पर काम किया जा रहा है।
विभाग के प्रधान मुख्य वन संरक्षक पी के गुप्ता ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष 2025-26 में 5 करोड़ पौधारोपण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसके विरूद्ध अबतक कुल 1 करोड़ पौधारोपण हो चुका है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में यह लक्ष्य 4.67 करोड़ था जिसके विरूद्ध 4.14 करोड़ पौधारोपण हो चुका था। इस प्रकार लक्ष्य का 90 प्रतिशत हासिल किया गया था।