चकाई थाने का भी किया औचक निरीक्षण
चकाई। संवाददाता। पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल शनिवार को चकाई के सहाना कॉलोनी जाकर दो दिन पूर्व हुए लूटकांड की जांच पड़ताल की। घटना के बारे में उन्होंने पीड़ित सेवानिवृत शिक्षक भीम लाल वर्णवाल से विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने गहनता से घटनास्थल का मुआयना भी किया तथा आस पास के लोगों एवं पड़ोसियों से भी घटना की जानकारी ली। इसके उपरांत वे चकाई थाना पहुंचे तथा थाने का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने चकाई थानाध्यक्ष राकेश कुमार को चोरी एवं लूट की घटनाओं की रोकथाम करने एवं सभी घटनाओं का उद्भेदन करने का निर्देश दिया। इसके अलावे वारंटियों एवं अपराधियों की धर पकड़ करने तथा लंबित कांडो का जल्द से जल्द निष्पादन करने का निर्देश दिया। वहीं नियमित वाहन जांच अभियान चलाकर शराब तस्करों पर नकेल कसने पर भी जोर दिया। इसके अलावे कांवरिया यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी उन्होंने विशेष ध्यान देने की बात कही। वहीं लूटकांड के बारे में पूछे जाने पर एसपी ने कहा कि पुलिस गहनता से इस लूटकांड मामले की जांच कर रही है। जल्द ही इस मामले का उद्भेदन कर लिया जायेगा तथा लुटेरे पकड़े जायेंगे। मौके पर पुलिस अधीक्षक के अलावे चकाई थानाध्यक्ष सहित बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद थे।
अज्ञात वाहन ने स्कूटी में मारा टक्कर, स्कूटी चालक की ईलाज के दौरान मौत
कांवरिया यात्रियों ने घायल को पहुंचाया अस्पताल
चकाई। संवाददाता। चकाई थाना क्षेत्र अंतर्गत बिहार-झारखंड सीमा पर सरौन मोड़ के समीप शुक्रवार की रात्रि लगभग साढ़े 8 बजे एक स्कूटी सवार के एक अज्ञात वाहन की चपेट में आ जाने से उसकी मौत हो गई। मृतक 32 वर्षीय शंकर विश्वकर्मा, पिता ब्रह्मदेव विश्वकर्मा सरौन गांव का निवासी था। मिली जानकारी के अनुसार, शंकर झारखंड के चतरो में एक शोरुम में काम करता था। रोज की तरह ड्यूटी खत्म होने के बाद वह चतरो से अपना घर वापस लौट रहा था। इसी दौरान रात्रि लगभग साढ़े आठ बजे चकाई-गिरिडीह मुख्य मार्ग पर सरौन मोड़ के समीप किसी अज्ञात वाहन की चपेट में आकर बुरी तरह दुर्घटनाग्रस्त हो गया। टक्कर इतना जोरदार था कि वह सड़क से काफी दूर जाकर गिर गया। इसके कारण उसके सिर में गहरी चोट आ गई थी। वहीं दुर्घटना के तत्काल बाद गिरिडीह की ओर से चार पहिया वाहन पर सवार होकर गुजर रहे कुछ कांवरियों ने जब उसे घायल अवस्था में सड़क किनारे पड़ा देखा तो उनलोगों ने तत्काल उसे अपने वाहन से चकाई रेफरल अस्पताल पहुंचाया, जहां प्रारंभिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सक ने बेहतर उपचार के लिए देवघर रेफर कर दिया। इस दौरान कांवरियों ने उसकी सलामती की कामना भी भगवान भोले से की। लेकिन सिर में गहरी चोट आने एवं बहुत अधिक रक्त स्राव हो जाने के कारण देवघर में इलाज के क्रम में उसकी मौत हो गई। इधर घटना की सूचना मिलने के बाद चकाई पुलिस दलबल के साथ मृतक के घर पहुंची तथा शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जमुई भेज दिया। वहीं घटना के बाद बड़ी संख्या में लोग मृतक के घर पहुंचे तथा शोक संतप्त परिवार को ढाढस बंधाया।
सफाई के दौरान 10 फीट ऊंचाई से गिरा सफाईकर्मी, पटना रेफर
कर्मी को सीने में आई गंभीर चोट, थाना परिसर में हुआ हादसा
जमुई। संवाददाता। जमुई टाउन थाना परिसर में शनिवार की सुबह नगर परिषद के सफाईकर्मी के साथ एक गंभीर हादसा हो गया। शिवनडीह निवासी बजरंगी कुमार (30 वर्ष) पिता अजीत मेहतर, थाना परिसर की सफाई के दौरान करीब 10 फीट की ऊंचाई से गिर पड़ा, जिससे उसे गंभीर चोटें आई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बजरंगी सफाई के क्रम में एक ऊंचे स्थान पर चढ़ा हुआ था, तभी पैर फिसल गया और वह सीधे नीचे गिर पड़ा। गिरते ही उसके सीने और शरीर के अन्य हिस्सों में गहरी चोटें आई। घटना के तुरंत बाद टाउन थाने में तैनात दारोगा और पुलिसकर्मियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायल को जिला सदर अस्पताल पहुंचाया। मेडिकल जांच के बाद डॉ. मृत्युंजय कुमार ने बताया कि बजरंगी के सीने में गंभीर चोट आई है और उसकी हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर किया जा रहा है। जैसे ही घटना की खबर फैली, नगर परिषद के अन्य सफाईकर्मी बड़ी संख्या में सदर अस्पताल पहुंच गए। सभी ने साथी कर्मी की गंभीर हालत पर चिंता जताते हुए जल्द इलाज की मांग की।
टाउन थानाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि सफाई कार्य के दौरान कर्मी के पैर फिसलने से यह हादसा हुआ। घायल को समय रहते अस्पताल पहुंचा दिया गया है।
इस घटना ने नगर परिषद कर्मियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। कई कर्मियों ने बताया कि ऊंचाई पर काम करते समय सुरक्षा उपकरण और सावधानी की अनदेखी आम बात बन चुकी है।
जमुई में बिहार आइडिया फेस्टिवल-2025 के अंतर्गत एक दिवसीय आउटरीच कार्यक्रम आयोजित
नवाचार, स्टार्टअप और आत्मनिर्भर भारत पर विद्यार्थियों को मिला मार्गदर्शन।
जमुई। संवाददाता। बिहार सरकार के उद्योग विभाग की ओर से संचालित बिहार आइडिया फेस्टिवल-2025 के तहत सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेज, जमुई में एक दिवसीय आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन जिला उद्योग केंद्र, जमुई के महाप्रबंधक के निर्देशानुसार सम्पन्न हुआ। इस कार्यक्रम में स्थानीय तकनीकी विद्यार्थियों के बीच नवाचार और स्टार्टअप की समझ विकसित करने पर विशेष बल दिया गया। कार्यक्रम में 60 से अधिक छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और विशेषज्ञों से सीधा संवाद किया। कार्यक्रम के दौरान प्रोजेक्ट मैनेजर, स्टार्टअप कोऑर्डिनेटर और एमएसएमइ मित्र की उपस्थिति रही। उन्होंने विद्यार्थियों को नवाचार, स्टार्टअप की संभावनाएं, उद्यमिता के प्रारंभिक चरण, और सरकार की विभिन्न योजनाओं के बारे में जानकारी दी। साथ ही, यह भी बताया गया कि कैसे युवा देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
स्टार्टअप कोऑर्डिनेटर ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा किहर विचार जो किसी समस्या का समाधान करता है, वह एक स्टार्टअप का बीज बन सकता है। आज का युवा सिर्फ नौकरी पाने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला भी बन सकता है। कार्यक्रम का उद्देश्य जिले के युवाओं में रचनात्मकता, जोखिम उठाने का साहस और नवाचार की भावना को प्रोत्साहित करना था। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने भी अपने विचार साझा किए और स्टार्टअप से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनका विशेषज्ञों ने सहज और प्रेरक उत्तर दिया। कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ और प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए गए।
एडवोकेट गोल्डन अम्बेडकर का जनसंपर्क अभियान फिर होगा तेज
20 जुलाई को मिर्चा पाठकचक पंचायत में आपके द्वार चौपाल
जमुई। संवाददाता। सिकंदरा विधानसभा क्षेत्र में राजनीतिक सक्रियता को नई गति देने वाले जुझारू नेता एडवोकेट गोल्डन अम्बेडकर एक बार फिर अपने लोकप्रिय जनसंवाद अभियान आपके द्वार, गोल्डन अम्बेडकर के तहत 20 जुलाई 2025 को मिर्चा पाठकचक पंचायत के विभिन्न गांवों में पहुंचेंगे। इस जनचौपाल का उद्देश्य आम लोगों से सीधे संवाद करना, उनकी समस्याएं सुनना और उन्हें समाधान का भरोसा दिलाना है।
पूर्व में भी गोल्डन अम्बेडकर नियमित रूप से गांव-गांव जाकर जनता से मिलते रहे हैं। वे न सिर्फ जनता की समस्याओं को समझते हैं बल्कि प्रशासन व पार्टी के स्तर पर उनके निराकरण की कोशिशें भी करते हैं। वे क्षेत्र की सामाजिक, शैक्षणिक और राजनीतिक समझ रखने वाले युवा नेता हैं, जिन्हें पार्टी के वफादार और ज़मीनी कार्यकर्ता के रूप में भी पहचाना जाता है।
जनचौपाल के माध्यम से वे इंडिया गठबंधन सरकार की नीतियों और तेजस्वी यादव के नेतृत्व में बिहार में हो रहे विकास कार्यों की जानकारी ग्रामीण जनता तक पहुंचा रहे हैं। अबकी बार तेजस्वी, इंडिया गठबंधन सरकार का नारा लेकर वे क्षेत्र में राजनीतिक चेतना और बदलाव की हवा बहा रहे हैं। इस जनसंपर्क कार्यक्रम में उनके साथ बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं की भी भागीदारी तय मानी जा रही है।
बैंक ऑफ बड़ौदा ने धूमधाम से मनाया 118वां अवतरण दिवस
ग्राहकों की पूर्ण संतुष्टि बैंक की सर्वोच्च प्राथमिकता : रवि शंकर
जमुई। संवाददाता। बैंक ऑफ बड़ौदा, जंगलिया बाबा मार्केट, जमुई ने बैंक का 118वां अवतरण दिवस उल्लास और उमंग के माहौल में मनाया। प्रबंधक रवि शंकर प्रसाद ने बैंक परिसर में अवतार दिवस पर आयोजित समारोह का अग्नि ज्योति प्रज्ज्वलित कर और केक काटकर शुभारंभ करते हुए कहा कि ग्राहकों की पूर्ण संतुष्टि बैंक ऑफ बड़ौदा की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने आगे कहा कि 20 जुलाई 1908 को महाराजा सयाजीराव गायकवाड़ तृतीय ने गुजरात राज्य के बड़ौदा शहर में बैंक ऑफ बड़ौदा की स्थापना की थी। यह बैंक सफलता के इतिहास का लेखन करते हुए आज 118वां जन्मदिन मना रहा है जो अपनी उपमा आप है। बैंक ऑफ बड़ौदा देश-दुनिया में विश्व स्तरीय सेवाओं के लिए प्रसिद्ध है।
श्री प्रसाद ने डिजिटल इंडिया अभियान में बैंक के योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि आज ग्राहक मोबाइल बैंकिंग, यूपीआई, नेट बैंकिंग, एटीएम आदि सुविधाओं का उपयोग कर रहे हैं जो बैंक की नई गाथा में शामिल है। यह एक सदी से ज्यादा समय से अपने ग्राहकों के विश्वास की नींव पर निर्मित विश्वस्तरीय वित्तीय सेवा संस्थान बनने के बैंक के दृष्टिकोण को रेखांकित करता है। उन्होंने ग्राहकों से पूर्व की तरह बैंक से जुड़ाव कायम रखने का आग्रह करते हुए लोगों को अवतरण दिवस की अशेष बधाई और अनंत शुभकामना दी।
बैंक अधिकारी अमरनाथ कुमार ने अभ्यागतों का अभिनंदन करते हुए कहा कि बैंक ऑफ बड़ौदा सामाजिक कार्यों में भी बढ़चढ़ कर भागीदारी निभा रहा है। वृक्षारोपण, रक्तदान शिविर आदि गतिविधियां आयोजित कर जहां बैंक अलग पहचान कायम कर रहा है। वहीं लोग भी इसके पहल की तारीफ कर रहे हैं। उन्होंने ने भी ग्राहकों को अवतार दिवस की शुभकामना दी।
बैंक अधिकारी रौशन कुमार, प्रियरंजन, लैंड लॉर्ड सदानंद सिंह, राजीव कुमार सिंह उर्फ पप्पू जी, पुट्टी जी आदि ने भी अवतरण दिवस पर आयोजित समारोह को संबोधित किया और बैंक की उपलब्धियों को गिनाया। बैंक कर्मी राकेश कुमार, सुरक्षा गार्ड जसवीर सिंह आदि ने अवतरण दिवस पर आयोजित समारोह को सफल बनाने में अग्रिम भूमिका निभाई।
विधानसभा चुनाव को लेकर जन सुराज ने किया जनसंपर्क अभियान तेज
बिहार में बदलाव की बहने लगी है बयार : श्रवण कुमार
जमुई। संवाददाता। बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए जन सुराज पार्टी ने जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। सिकंदरा विधानसभा क्षेत्र के पार्टी के संभावित प्रत्याशी सह पटना हाईकोर्ट के विद्वान अधिवक्ता श्रवण कुमार ने दलीय समर्थकों के संग घोष, मंजोश, खैरा, हरनी, कोनन, नारायणपुर, भंडारी, धधौर, चारण, बलुआडीह, ईंटासागर, राननह आदि गांवों का परिभ्रमण किया और वहां सघन जनसंपर्क अभियान चलाकर लोगों को जन सुराज की नीतियों एवं कार्यक्रमों से अवगत कराया। उन्होंने इस दरम्यान खैरा में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार में बदलाव की बयार बहने लगी है। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर का जलवा दिखने लगा है। हितकारी नीतियों और कार्यक्रमों के चलते जन सुराज पार्टी पीछे और जनता आगे दौड़ने लगी है। प्रशांत किशोर के जयघोष से समूचा विधानसभा क्षेत्र गुंजायमान हो रहा है। श्रवण कुमार ने पार्टी के वादों की चर्चा करते हुए कहा कि कमाऊ खेती को बढ़ावा देना, युवाओं का पलायन रोकना, 15 साल तक के बच्चों को विश्व स्तरीय शिक्षा मुहैया कराना, बुजुर्गों को 2000 मासिक पेंशन देना और अन्नदाताओं की आय बढ़ाना आदि प्राथमिकता के तौर पर शामिल है। उन्होंने आधी आबादी की चर्चा करते हुए कहा कि महिलाओं को सस्ता ऋण देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना भी दल के सिद्धांतों में शामिल है। संभावित उम्मीदवार श्री कुमार ने प्रशांत किशोर की भावनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जन सुराज जब आएगा तो युवाओं का पलायन बंद होगा। किसानों को नकदी खेती करने के लिए मनरेगा के मजदूरों की व्यवस्था की जाएगी। बिहारियों को बिहार में ही रोजगार देने के साथ स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, पेयजल, बिजली आदि व्यवस्थाओं को सुलभ किया जाएगा।
उन्होंने जन सुराज को दलित, शोषित, वंचित और दबे-कुचले लोगों की आवाज बताते हुए कहा कि इन्हें मुख्य धारा में शामिल कराना दल के सिद्धांतों में शामिल है। आज प्रशांत किशोर के इन्हीं सोच के चलते बिहार में पार्टी की अलग पहचान बनी है। उन्होंने लोगों से जन सुराज से जुड़ने का आह्वान किया। जन संपर्क अभियान में मो. अब्दुल्लाह, मो. सिराज, मिथिलेश, जितेंद्र, दीपक तांती, अजय तांती, रंजीत, महेश राम, प्रकाश, सनोज तांती, मीना देवी, रेखा देवी, किरणलता, सीमा देवी आदि जन शामिल थे। सबों ने प्रशांत किशोर के साथ श्रवण कुमार के नेतृत्व में पूर्ण आस्था प्रकट की। जन सुराज का जन संपर्क अभियान सतत् जारी है।
बिहार बना निवेश का नया हॉटस्पॉट, नीतीश सरकार के प्रयासों से उद्योगों को लग रहे पंख
-विशेष अनुदान और सुविधाएं दे रही सरकार
पटना। संवाददाता। बिहार अब केवल कृषि आधारित राज्य नहीं रहा, बल्कि देश का एक नया औद्योगिक केंद्र बनकर उभर रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य में तेजी से औद्योगिक विकास हो रहा है। 13 करोड़ से अधिक आबादी और देश के सबसे युवा राज्य होने के कारण बिहार का कंज्यूमर मार्केट बहुत बड़ा है और सरकार इसे और विस्तारित करने के लिए सतत प्रयास कर रही है।
पहले यह धारणा थी कि बिहार में बड़े पैमाने पर निवेश संभव नहीं है लेकिन नीतीश सरकार की स्पष्ट और अनुकूल औद्योगिक नीतियों की वजह से ये धारणा बदल गई है। आज बिहार फूड प्रोसेसिंग, कपड़ा, पर्यटन, आईटी और बायोफ्यूल्स जैसे क्षेत्रों में निवेश का पसंदीदा स्थल बन चुका है। बिहार बिजनेस कनेक्ट 2024 इसका बड़ा उदाहरण है, जिसमें 1 लाख 80 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर हुए और 423 कंपनियों ने भाग लिया। बिहार स्टार्टअप नीति युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित कर रही है। इस नीति के तहत 10 वर्षों के लिए 10 लाख रुपये तक की ब्याजमुक्त सहायता दी जा रही है। राज्य सरकार भूमि अधिग्रहण के लिए भी सहायता दे रही है जिससे गया और पटना जैसे शहर इंडस्ट्री हब के रूप में तेजी से विकसित हो रहे हैं।
बिहार में उद्योग लगाने की प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए सरकार ने सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम लागू किया है। निवेशकों को मात्र 7 दिनों के भीतर भूमि आवंटन किया जा रहा है। साथ ही, प्लग एंड प्ले इंडस्ट्रियल शेड जैसे सुविधाएं दी जा रही हैं, जिससे उद्योग जल्द शुरू किए जा सकें।
बिहार सरकार निवेशकों को पूंजी सब्सिडी, बिजली शुल्क में छूट, रोजगार सृजन अनुदान, टैक्स राहत, ब्याज प्रतिपूर्ति, पेटेंट सहायता जैसी सुविधाएं ओर विशेष अनुदान जैसे लाभ भी प्रदान कर रहा है।
बिहार इथेनॉल उत्पादन प्रोत्साहन नीति लागू करने वाला देश का पहला राज्य है। यहां 8 इकाइयों में उत्पादन शुरू हो चुका है और 60 और इकाइयां भविष्य में शुरू होने वाली हैं। बॉयोफ्यूल्स को प्रोत्साहन देने के लिए नीति बनाई गई है जिसके तहत 5 करोड़ तक की सब्सिडी दी जाती है। बिहार की लेदर एंड टेक्स्टाईल नीति के तहत 10 करोड़ रुपये, और लॉजिस्टिक्स सेक्टर के लिए नीति के तहत उद्यमियों को 25 करोड़ तक की सब्सिडी और 60 करोड़ तक की ब्याजमुक्त प्रतिपूर्ति देती है। टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, आईटी और पर्यटन के क्षेत्र में भी राज्य सरकार विशेष सब्सिडी और नीतियों से निवेश को बढ़ावा दे रही है।
पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना को मिलेगी रफ्तार
भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया में तेजी, एमवीआर का होगा विशेष पुनरीक्षण
पटना। संवाददाता। भारत सरकार की महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना के तहत पटना से पूर्णिया तक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनाने की योजना है लिहाजा भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने प्रारंभिक अधिसूचना से पूर्व प्राक्कलित न्यूनतम मूल्य (एमवीआर) के विशेष पुनरीक्षण का निर्देश दिया है।
वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा और पूर्णिया जिलों के समाहर्ताओं को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने स्पष्ट किया गया है कि केन्द्रीय मूल्यांकन समिति से स्वीकृति प्राप्त करने के बाद ही प्रारंभिक अधिसूचना प्रकाशित करने की कार्रवाई की जाए।
अपर मुख्य सचिव ने पत्र में उल्लेख किया है कि भूमि अधिग्रहण अधिनियम, 2013 की धारा 26 (3) के अनुसार जिला समाहर्ता को किसी क्षेत्र में अधिग्रहण की प्रक्रिया आरंभ करने से पूर्व वहां के प्रचलित बाजार मूल्य के आधार पर पुनरीक्षित मूल्य निर्धारण की कार्रवाई करनी होती है। इसी क्रम में मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की अधिसूचना के आलोक में बिहार स्टॉम्प (संशोधन) नियमावली, 2013 के उपनियम-7 के तहत एमवीआर के विशेष पुनरीक्षण का अधिकार दिया गया है।
यह निर्देश 17 जुलाई 2025 को मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद जारी किया गया है, जिसमें परियोजना से जुड़ी भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में पारदर्शिता, त्वरित क्रियान्वयन और लाभकारी मुआवजा सुनिश्चित करने पर बल दिया गया।
इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसान व भू-स्वामी को उनकी भूमि के बदले उचित एवं वर्तमान बाजार दर पर आधारित मुआवजा प्राप्त हो और भारतमाला परियोजना जैसी बुनियादी संरचना परियोजनाओं में कोई अनावश्यक विलंब न हो। यह निर्णय अधिग्रहण की प्रत्येक प्रक्रिया को न्यायसंगत, पारदर्शी एवं जनहितकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
देश के लिए मिसाल है बिहार में महिलाओं का सशक्तिकरण : ललन सिंह
-महिला सहभागिता से विकसित बिहार की परिकल्पना विषयक सम्मेलन को तीन केन्द्रीय मंत्रियों ने किया संबोधित
-ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा- अब अस्पतालों व प्रखंड कार्यालयों के अलावा आवासीय विद्यालयों की रसोई भी संभालेंगी जीविका दीदियां
पटना। संवाददाता। केन्द्रीय पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के बिना किसी भी परिवार, समाज, राज्य या देश के विकास की परिकल्पना नहीं की जा सकती। बिहार आज विकास के रास्ते पर इसलिए अग्रसर है कि जब नीतीश कुमार ने वर्ष 2005 में बिहार के मुख्यमंत्री का पद संभाला तो उन्होंने सबसे पहले राज्य में महिला सशक्तिकरण की नींव रखी थी।
पंचायती राज मंत्री ललन सिंह शनिवार को सचिवालय स्थित अधिवेशन भवन में महिला सहभागिता से विकसित बिहार की परिकल्पना विषय पर आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। सम्मेलन का आयोजन भारतीय लोक प्रशासन संस्थान और जीविका ने संयुक्त रूप से किया। मौके पर केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी व पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह, केन्द्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह और बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने भी सम्मेलन को संबोधित किया। इस अवसर पर बिहार सरकार के विकास आयुक्त प्रत्यय अमृत, भारतीय लोक प्रशासन संस्थान, नई दिल्ली के महानिदेशक एसएन त्रिपाठी, ग्रामीण विकास विभाग के सचिव लोकेश कुमार सिंह समेत राज्य व केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी और राज्यभर से आयीं जीविका समूह की दीदियां मौजूद थीं। केन्द्रीय मंत्री ललन सिंह ने कहा कि आज देशभर में 9.2 प्रतिशत की विकास दर के साथ बिहार तीसरे स्थान पर है। इसका मुख्य कारण है महिला सशक्तिकरण। उन्होंने कहा कि महिलाओं की आबादी 50 प्रतिशत है। महिलाओं की शक्ति को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सबसे पहले पहचाना और उन्हे न केवल समाज की मुख्यधारा में लाने के प्रयास तेज किए बल्कि उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए उन्हें आर्थिक रूप से सम्पन्न बनाने का बीड़ा भी उठाया। उन्होंने सबसे पहले पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान किया। बाद के दिनों में नीतीश कुमार ने स्वयं सहायता समूहों के जरीये महिलाओं को सशक्त करने की रणनीति बनाई। आज बिहार में 11 लाख स्वयं सहायता समूह हैं और इन समूहों से राज्य की 1.40 करोड़ से भी अधिक महिलाएं जुड़ी हैं। ललन सिंह ने कहा कि बिहार की लड़कियों को शिक्षा से जोड़ने के लिए उन्होंने स्कूली छात्राओं के लिए साइकिल और पोशाक योजना की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि महिलाओं की मांग पर ही मुख्यमंत्री ने वर्ष 2016 में बिहार में पूर्ण शराबबंदी का फैसला लिया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि बिहार में महिला सशक्तिकरण एक सक्सेस स्टोरी के रूप में देश के सामने है। उन्होंने महिला सशक्तिकरण को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि महिला उत्थान योजना के तहत देशभर की महिलाओं के लिए उज्ज्वला और मुद्रा जैसी योजनाओं की शुरुआत की। आज बिहार में तीन करोड़ दीदियां लखपति हो चुकी हैं। सम्मेलन को संबोधित करते हुए केन्द्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि यदि वर्ष 2047 तक देश की महिलाओं को सशक्त नहीं किया गया तो भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का सपना पूरा नहीं हो सकेगा। बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि महिला सशक्तिकरण का जो काम बिहार में किया गया है, वह देश के लिए एक उदाहरण है। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों में मरीजों और उनके परिजनों के लिए सस्ते दर पर भोजन उपलब्ध करने का काम अब जीविका दीदियां करेंगी। इतना ही नहीं, जीविका दीदियों के द्वारा जिला अस्पतालों और राज्य के सभी प्रखंड कार्यालयों में भी कैंटीन का संचालन जीविका दीदियों द्वारा किया अब आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों की पोशाक भी जीविका दीदियों द्वारा सिला जाएगा। साथ ही, आवासीय विद्यालयों की रसोई भी जीविका दीदियां ही संभालने वाली हैं। इसके लिए उन्हे विशेष प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है।
इंटर-सिटी टीम ने इंडिया क्विज जीता
पटना माइंड फेस्ट शुरू, सामान्य क्विज, क्रॉसवर्ड आज
पटना। संवाददाता। कैल्विन, बैबास्वता और आनंद की एक इंटर-सिटी टीम ने शनिवार को दो दिवसीय पटना माइंड फेस्ट (पीएमएफ) 2025 के पहले आयोजन के रूप में आयोजित इंडिया क्विज़ जीता। यह फेस्ट यहाँ बिहार संग्रहालय में आयोजित किया जा रहा है। पीयूष केडिया और समन्वय बनर्जी की टीम दूसरे स्थान पर रही, जबकि अरुणोदय चौधरी, निखिल सरकार और शाश्वत चक्रवर्ती की टीम तीसरे स्थान पर रही।
कॉलेज श्रेणी में आईजीआईएमएस के सोहम, उत्पल और अमन की टीम प्रथम स्थान पर रही, जबकि डीपीएस, पटना के हर्षिल सागर, कुशाग्र किशन और उत्कर्ष आर्य की टीम ने स्कूल श्रेणी में शीर्ष स्थान हासिल किया।
वर्ड बी के अंतिम परिणाम, जिसमें 144 टीमें शामिल थीं और हिंदी व अंग्रेजी में रचनात्मक लेखन, जिसमें 160 व्यक्तिगत प्रतिभागी शामिल थे, रविवार को घोषित किए जाएँगे। प्रेस में भेजे जाने के समय ये प्रतियोगिताएँ अभी भी जारी थी। इस आयोजन में तीन श्रेणियां हैं -ओपन, कॉलेज और स्कूल। प्रतिभागी अकेले या अधिकतम तीन सदस्यों की टीमों के रूप में भाग ले सकते हैं।
राज्य की शिक्षण विरासत और युवाओं व वयस्कों में अन्वेषण की भावना को प्रदर्शित करने के लिए हर साल आयोजित होने वाला पीएमएफ 2025 इसका सातवाँ संस्करण है, जिसकी शुरुआत 2018 में हुई थी। महामारी के कारण हुए लॉकडाउन के कारण 2020 का आयोजन नहीं हो सका था। आयोजन के पहले दिन शैक्षणिक संस्थानों और आम जनता के 1,500 से अधिक प्रतिभागियों ने तीन कार्यक्रमों में अपनी बौद्धिक क्षमता का प्रदर्शन किया।
फेस्ट के शुभारंभ पर, सामान्य प्रशासन विभाग की सचिव रचना पाटिल ने कहा कि पीएमएफ प्रतिभागियों और दर्शकों को उत्कृष्ट स्तर का रचनात्मक अनुभव प्रदान करेगा। रेरा के अध्यक्ष विवेक कुमार सिंह ने विभिन्न शहरों से आए प्रतिभागियों का स्वागत किया और उन्हें दो दिनों के अद्भुत मानसिक व्यायाम की शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि पीएमएफ शहर के सांस्कृतिक कैलेंडर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है और इसने बिहार के अन्य शहरों जैसे दरभंगा और पूर्णिया में भी इसी तरह के प्रयासों को जन्म दिया है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए, आईएएस (सेवानिवृत्त) आर.यू. सिंह ने कहा कि वे दर्शकों, जिनमें स्कूली बच्चे, कॉलेज के छात्र और आम जनता शामिल थी, के बीच इतना जबरदस्त उत्साह देखकर बहुत खुश हैं। फेस्ट के अंतिम दिन क्रिप्टिक क्रॉसवर्ड और सामान्य प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएँ होंगी।