=अधिकारियों को दिये आवश्यक निर्देश
पटना/संवाददाता। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटेल भवन पहुंचकर गृह विभाग एवं आपदा प्रबंधन विभाग का निरीक्षण किया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने आपदा प्रबंधन विभाग तथा राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र का निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं तथा कार्य पद्धतियों की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में वर्षापात की स्थिति, नदियों के जलस्तर तथा फसल आच्छादन की स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान विकास आयुक्त सह आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने राज्य में वर्षापात की स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले 24 घंटों मे राज्य में अच्छी बारिश हुई है। राज्य के 222 प्रखंडों में 25 मिमी अथवा इससे अधिक बारिश दर्ज की गई है। गंगा, कोशी तथा बूढ़ी गंडक नदियों का जलस्तर बढ़ा है, पानी का स्तर खतरे के निशान के आसपास है लेकिन स्थिति अभी नियंत्रण में है। राज्य में धान की फसल का आच्छादन प्रतिशत 3 अगस्त तक 79.43 प्रतिशत है, गत वर्ष इस समय तक यह 67.38 प्रतिशत था। राज्य में अच्छी वर्षा हो रही है जिससे भू-जलस्तर भी बेहतर हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र बहुत उपयोगी केंद्र है। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा 24 घंटे संचालित यह केंद्र बेहतर ढंग से कार्य कर रहा है जिसका लाभ राज्य के लोगों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में अच्छी वर्षा होने से किसानों को रोपनी कार्य में फायदा हो रहा है। नदियों के बढ़ते जलस्तर को लेकर संबंधित अधिकारी अलर्ट मोड में रहें तथा एसओपी के अनुरूप सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण रखें।
निरीक्षण के दौरान विकास आयुक्त सह आपदा प्रबंधन विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ एस सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार, आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव डॉ चंद्रशेखर सिंह, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, गृह विभाग के सचिव प्रणव कुमार, पटना के जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एसएम सहित गृह विभाग एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
सहकारिता से जुड़ी योजनाओं की जानकारी सुगम कॉल सेंटर पर
=हेल्पलाइन नंबर 1800 1800 110 पर किसान दर्ज करा सकते हैं अपनी शिकायतें
=किसानों को सहकारिता विभाग की सभी योजनाओं की जानकारी इससे मिल सकती है
=इस टॉल फ्री नंबर पर किसान सुबह 6 बजे से रात के 10 बजे तक कर सकते हैं कॉल
पटना/संवाददाता। बिहार सरकार का सहकारिता विभाग किसानों की सुविधा और उनके कल्याण के लिए लगातार काम कर रहा है। विभाग का आईवीआरएस (इंटरैक्टिव वॉयस रिस्पॉन्स सिस्टम) कॉल सेंटर (सुगम कॉल सेंटर) हर दिन किसानों की मदद कर रहा है। यह किसानों को सहकारिता विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देता है। सुगम कॉल सेंटर किसानों को योजनाओं की जानकारियां देने के साथ ही उनकी समस्याओं का समाधान भी कर रहा है। विभाग ने इस कॉल सेंटर के लिए मुफ्त टॉल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 18001800110 जारी किया है, जिसके माध्य से सेवाएं प्रदान की जाती हैं।
यह सेवा सुबह 06 बजे से रात 10 बजे तक उपलब्ध रहती हैं। इस आईवीआरएस कॉल सेंटर का मुख्य उद्देश्य किसानों को सहकारिता विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी देना, उनके सवालों के जवाब देना और समस्याओं का समाधान करना है।
इस कॉल सेंटर के जरिए किसान खाद्यान्न की खरीदारी, बिहार राज्य फसल सहायता योजना, पैक्स सदस्यता, सहकारी बैंक द्वारा संचालित योजना, बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण योजना, मुख्यमंत्री हरित कृषि संयंत्र योजना एवं विपणन योजना आदि के संबंध में आवश्यक जानकारी ले सकते हैं। साथ ही इनसे जुड़ी अपनी शिकायतें भी बता सकते हैं। इसके माध्यम से किसानों की शिकायतों का निवारण समय सीमा के अंदर होता है।
इस सेवा का लाभ उठाने के लिए किसानों को टोल-फ्री नंबर 1800 1800 110 पर कॉल करना होगा। सहकारिता विभाग का यह कदम किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने और उनकी समस्याओं को त्वरित गति से हल कर रहा है। यही कारण है कि राज्य भर के किसानों के बीच इस सुविधा को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।
अब सरकारी योजनाओं की जानकारी और सहायता के लिए किसानों को दूर-दूर भटकना नहीं पड़ रहा है। सहकारिता विभाग की इस पहल से बिहार के किसान सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ उठा रहे हैं। विभाग ने किसानों से इस सेवा का भरपूर उपयोग करने की अपील की है।
अब सिर्फ आईएसआई मार्क वाले हेलमेट का ही करें उपयोग
=दोपहिया वाहनों के हादसों में सिर की चोटें सबसे बड़ा खतरा
पटना/संवाददाता। सड़क हादसों में सिर की गंभीर चोटें और मौतें रोकने के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है। राज्य में अभी भी कई दोपहिया चालक इस नियम की अनदेखी कर रहे हैं। दोपहिया चालकों और सवारी की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (मोर्थ) ने आईएसआई मार्क वाले गुणवत्तापूर्ण हेलमेट को अनिवार्य किया है। यह नियम बिहार में भी लागू है। मोर्थ के अनुसार, दोपहिया वाहनों के हादसों में सिर की चोटें सबसे बड़ा खतरा हैं, गुणवत्तापूर्ण हेलमेट इन जोखिमों को काफी हद तक कम कर देता है।
हेलमेट न लगाने पर ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन का प्रावधान
मोटर वाहन अधिनियम की धारा 129 के तहत बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाना दंडनीय अपराध है। पकड़े जाने पर एक हजार रुपये का जुर्माना, वाहन जब्ती, ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन और तीन महीने तक की सजा हो सकती है। इसके अलावा हेलमेट स्ट्रैप न बांधने पर धारा 194डी के तहत एक हजार रुपये का चालान काटा जा सकता है। यह नियम चालक के साथ-साथ पीछे बैठे व्यक्ति पर भी लागू है।
हेलमेट लगाने के लिए जागरूकता अभियान
प्रदेश में ट्रैफिक नियमों का उलंघन करने वालों को पकड़ने के लिए ट्रैफिक पुलिस नियमित चेकिंग और जागरूकता अभियान चला रही है। परिवहन विभाग भी साथ मिलकर चौक-चौराहों पर पोस्टर, होर्डिंग्स, अनाउंसमेंट और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए हेलमेट पहनने की अपील कर रही है।
आईएसआई मार्क हेलमेट ही अनिवार्य : डीटीओ
जिला परिवहन पदाधिकारी (डीटीओ) उपेंद्र कुमार पाल ने हेलमेट को जीवन रक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि हेलमेट केवल चालान से बचने के लिए नहीं है, बल्कि यह दुर्घटना में सिर में चोट लगने से काफी बचाव करता है। उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों और सवारियों से आईएसआई मार्क वाले हेलमेट का उपयोग करने की अपील की।