- भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में सैकड़ों विद्यार्थियों ने लिया भाग
जसीडीह/संवाददाता। अखिल विश्व गायत्री परिवार, देवघर की ओर से मंगलवार को जिले के विभिन्न विद्यालयों में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा में देवघर जिले के अलग-अलग प्रखंडों के सैकड़ों विद्यार्थियों ने भाग लिया। बीएसजीपी देवघर के जिला संयोजक आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि परीक्षा का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में व्यक्तित्व विकास के साथ पारिवारिक, सामाजिक और राष्ट्रीय मूल्यों का पुनर्स्थापन एवं संवर्धन करना है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ युवा से सबल राष्ट्र, शालीन युवा से श्रेष्ठ राष्ट्र, स्वावलंबी युवा से संपन्न राष्ट्र और सेवाभावी युवा से सुखी राष्ट्र का निर्माण संभव है। इसी विचार को केंद्र में रखकर विद्यार्थियों को जीवन जीने की कला और भारतीय संस्कृति के आदर्शों से परिचित कराने का प्रयास किया जा रहा है। परीक्षा के आयोजन में कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय रोहिणी, कस्तूरबा विद्यालय सारवां, कस्तूरबा विद्यालय सारठ, संत जेलो स्कूल, देवघर पब्लिक स्कूल, देवघर सेंट्रल स्कूल, श्री अरविंदो स्कूल जसीडीह, स्टार साइनिंग स्कूल कुंडा, मैत्रेय स्कूल, संदीपनी स्कूल और शुभप्रभात स्कूल सहित अन्य विद्यालयों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम के सफल संचालन में देवघर से ब्रह्मचारी जी और निशा जी, पालोजोरी से मुन्ना कापरी, मधुपुर से दिवाकर जी एवं रतन सिंह, रामानुज जी सहित अन्य लोगों का सहयोग रहा।
कृषि विज्ञान केंद्र में पांच दिवसीय माली प्रशिक्षण शुरू
- बागवानी के जरिए स्वरोजगार से जुड़ेंगे ग्रामीण युवा
जसीडीह/संवाददाता। जसीडीह के सूजानी गांव स्थित कृषि विज्ञान केंद्र, देवघर में मंगलवार को पांच दिवसीय माली प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू हुआ। प्रशिक्षण सभागार में आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन जिला उद्यान पदाधिकारी हिमांशु राज, केवीके की वरीय वैज्ञानिक सह प्रमुख डॉ. पूनम सोरेन, कार्यक्रम समन्वयक डॉ. विवेक कश्यप और वैज्ञानिक डॉ. राजन कुमार ओझा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य किसानों और ग्रामीण युवाओं को बागवानी के क्षेत्र में तकनीकी रूप से दक्ष बनाना तथा स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। जिला उद्यान पदाधिकारी हिमांशु राज ने कहा कि बागवानी के क्षेत्र में रोजगार और उद्यमिता की अपार संभावनाएं हैं। वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर किसान एवं ग्रामीण युवा पौधशाला प्रबंधन, फलदार और सजावटी पौधों के उत्पादन सहित अन्य गतिविधियों के माध्यम से अपनी आय बढ़ा सकते हैं। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से विभागीय योजनाओं का लाभ उठाने और प्रशिक्षण में मिली जानकारी को व्यवहार में लाने की अपील की। वरीय वैज्ञानिक सह प्रमुख डॉ. पूनम सोरेन ने कहा कि कौशल विकास आधारित प्रशिक्षण ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य केवल तकनीकी जानकारी देना नहीं, बल्कि प्रतिभागियों में व्यावहारिक दक्षता विकसित करना भी है, ताकि वे अपना उद्यम स्थापित कर सकें। डॉ. विवेक कश्यप ने बताया कि पांच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान पौधशाला एवं बीज प्रबंधन, बीज बुआई, पौध प्रवर्धन, खाद एवं उर्वरक प्रबंधन, कटाई-छंटाई, सिंचाई तथा पौधों में कीट एवं रोग प्रबंधन की जानकारी दी जाएगी। डॉ. राजन कुमार ओझा ने पौधों के स्वस्थ विकास और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के लिए वैज्ञानिक प्रबंधन को जरूरी बताया। मौके पर केवीके के वैज्ञानिक एवं कर्मचारी चंदन कुमार रमानी, रोहित कुमार दास, मृत्युंजय राउत सहित दर्जनों प्रशिक्षणार्थी मौजूद थे।
अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत, साथी गंभीर
- देवघर-हंसडीहा मुख्य मार्ग पर जमुनियां गांव के पास हुआ हादसा, चालक फरार
देवघर/संवाददाता। देवघर-हंसडीहा मुख्य मार्ग पर मोहनपुर थाना क्षेत्र के जमुनियां गांव के पास मंगलवार की शाम सड़क हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौत हो गयी, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान मोहनपुर थाना क्षेत्र के झालर गांव निवासी 22 वर्षीय रुपेश कुमार के रूप में हुई है। घायल रमेश कुमार भी उसी गांव का रहने वाला है। घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, रुपेश कुमार और रमेश कुमार दोस्त थे। मंगलवार की शाम दोनों एक ही बाइक पर सवार होकर झालर गांव से रुपेश की बहन के घर जा रहे थे। इसी दौरान जमुनियां गांव के पास तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों सड़क पर गिर पड़े। हादसे में रुपेश कुमार की मौके पर ही मौत हो गयी, जबकि रमेश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना में बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गयी। घटना के बाद अज्ञात वाहन का चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गयी। ग्रामीणों की मदद से घायल रमेश कुमार को इलाज के लिए देवघर सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार किया जा रहा है। घटना के बाद मृतक के परिजनों में शोक का माहौल है। अज्ञात वाहन की टक्कर से हुई इस दुर्घटना ने एक परिवार को गहरा दुख पहुंचाया है।
महीनों से खराब है हाई मास्ट लाइट, टेढ़ी मोड़ पर अंधेरा
- दुकानदारों और राहगीरों को हो रही परेशानी, मरम्मत की मांग
चितरा/संवाददाता। चितरा के टेढ़ी मोड़ स्थित हाई मास्ट लाइट महीनों से खराब पड़ी है। इसके कारण शाम ढलते ही टेढ़ी मोड़ और आसपास का क्षेत्र अंधेरे में डूब जाता है। पर्याप्त रोशनी नहीं रहने से स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सार्वजनिक स्थान पर रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से हाई मास्ट लाइट लगाई गई थी, लेकिन लंबे समय से खराब रहने के बावजूद इसकी मरम्मत नहीं कराई गई है। टेढ़ी मोड़ से दिनभर छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। शाम और रात में भी इस रास्ते से लोगों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में लाइट खराब रहने से सड़क के तीखे मोड़ पर पर्याप्त रोशनी नहीं मिलती। इससे वाहन चालकों को सड़क की स्थिति और आसपास से गुजर रहे लोगों को देखने में परेशानी होती है। अंधेरे के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हाई मास्ट लाइट लगने से रात में आवागमन सुविधाजनक होने की उम्मीद जगी थी, लेकिन इसके खराब रहने से लोगों को इसका लाभ नहीं मिल रहा है। खासकर पैदल चलने वाले राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों को अधिक सतर्कता बरतनी पड़ती है। लोगों ने संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन से जल्द हाई मास्ट लाइट की मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक स्थलों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था रहने से आवागमन सुरक्षित और सुविधाजनक हो सकेगा।
एम्स के चिकित्सकों को भेंट की ब्लड ग्रुप पर आधारित पुस्तक
सारवां/संवाददाता। एम्स देवघर में एसकेपी विद्या विहार के जीव विज्ञान शिक्षक, पर्यावरणविद् एवं भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी की बांका जिला इकाई की प्रबंध समिति के सदस्य डॉ. प्रवीण कुमार प्रणव ने चिकित्सक डॉ. ग़ज़ल अहमद और डॉ. अंकित कुमार को अपनी लिखित पुस्तक ‘ब्लड ग्रुप’ सप्रेम भेंट की। इस दौरान उन्होंने पुस्तक में ब्लड और ब्लड ग्रुप से संबंधित विभिन्न जानकारियों के बारे में बताया। डॉ. प्रवीण कुमार प्रणव ने बताया कि पुस्तक में अलग-अलग ब्लड ग्रुप से जुड़ी जानकारियों के साथ खानपान, उपयुक्त और परहेज वाले खाद्य पदार्थों तथा उनसे संबंधित संभावित बीमारियों का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा माता-पिता के ब्लड ग्रुप के आधार पर संतान में संभावित ब्लड ग्रुप की जानकारी भी पुस्तक में दी गयी है। इस अवसर पर डॉ. अंकित कुमार ने पुस्तक में दी गयी कुछ जानकारियों का मिलान संबंधित तथ्यों से किया। वहीं, एम्स देवघर के वरिष्ठ त्वचा रोग विशेषज्ञ, वेनेरोलॉजिस्ट एवं एसटीडी विशेषज्ञ प्रोफेसर डॉ. ग़ज़ल अहमद ने पुस्तक लेखन की सराहना करते हुए लेखक को बधाई दी। मौके पर डॉ. प्रवीण कुमार प्रणव ने डॉ. अंकित कुमार को पुस्तक भेंट करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और आगे बढ़ने के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान अभिनव प्रणव सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
शस्त्र पूजन के साथ राष्ट्र सेविका समिति ने मनाया विजयादशमी उत्सव
- मॉडर्न पब्लिक स्कूल परिसर में नारी शक्ति, शौर्य और सांस्कृतिक चेतना का दिया संदेश
देवघर/नगर संवाददाता। शौर्य, साहस, संस्कार और राष्ट्रभक्ति के संकल्प के साथ राष्ट्र सेविका समिति की ओर से मंगलवार को मॉडर्न पब्लिक स्कूल परिसर में विजयादशमी उत्सव सह शस्त्र पूजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शाम 3:45 बजे आयोजित कार्यक्रम में समिति की सदस्याओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार शस्त्र पूजन कर भारतीय संस्कृति और परंपराओं के प्रति अपनी आस्था प्रकट की। कार्यक्रम में विजयादशमी के आध्यात्मिक महत्व के साथ नारी शक्ति, आत्मबल, आत्मरक्षा और राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध का संदेश दिया गया। नवरात्र के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में सदस्याएं अपने घरों से पारंपरिक शस्त्र लेकर पहुंचीं और विधि-विधान के साथ पूजन किया।
शौर्य और संस्कारों का प्रतीक है शस्त्र पूजन : विजयादशमी को असत्य पर सत्य और अन्याय पर न्याय की विजय का प्रतीक माना जाता है। इसी परंपरा के अनुरूप शस्त्र पूजन का विशेष महत्व है। आयोजन के माध्यम से शौर्य, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा जैसे मूल्यों को रेखांकित किया गया। साथ ही नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने तथा उनमें संस्कार, आत्मविश्वास और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर जोर दिया गया।
नारी शक्ति और सांस्कृतिक चेतना पर जोर : कार्यक्रम में राष्ट्र सेविका समिति की सदस्याओं की सहभागिता के माध्यम से नारी शक्ति और आत्मबल का संदेश दिया गया। शस्त्र पूजन को साहस, सजगता और आत्मरक्षा के संकल्प से जोड़ते हुए सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण का आह्वान किया गया। नवरात्र के भक्तिमय वातावरण में संपन्न इस आयोजन में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक गौरव और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना देखने को मिली। मौके पर विनिता पासवान, ऋचा कुमारी, बबिता देवी, विनिता देवी सहित अन्य सदस्याएं उपस्थित थीं।
भूकंप आया तो कैसे बचेंगे यात्री? देवघर हवाई अड्डे पर एनडीआरएफ ने कराया मॉक ड्रिल
- अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस पर टर्मिनल भवन खाली कराने का अभ्यास, 25 जवानों ने कर्मचारियों को सिखाये बचाव के तरीके
देवघर/नगर संवाददाता। भूकंप जैसी आपदा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और आपात स्थिति में हवाई अड्डे के टर्मिनल भवन को सुरक्षित तरीके से खाली कराने की तैयारियों को परखने के लिए मंगलवार को देवघर हवाई अड्डे पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण की अग्निशमन टीम और हवाई अड्डे से जुड़ी विभिन्न एजेंसियों ने संयुक्त रूप से भूकंप संबंधी अभ्यास किया। इस दौरान आपातकालीन प्रतिक्रिया, सुरक्षित निकासी और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की तैयारियों का आकलन किया गया। संयुक्त राष्ट्र की पहल पर प्रत्येक वर्ष 13 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य आपदाओं के खतरों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, बचाव की तैयारियों को मजबूत करना और जान-माल के नुकसान को कम करना है। इसी उद्देश्य से देवघर हवाई अड्डे पर प्रशिक्षण और व्यावहारिक अभ्यास आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सहायक कमांडेंट के नेतृत्व में एनडीआरएफ के 25 जवान शामिल हुए।
पहले प्रशिक्षण, फिर टर्मिनल खाली कराने का अभ्यास : कार्यक्रम की शुरुआत करीब एक घंटे के प्रशिक्षण सत्र से हुई। इसमें हवाई अड्डे के कर्मचारियों और विभिन्न एजेंसियों के प्रतिनिधियों को आपदा के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों, सुरक्षित निकासी की प्रक्रिया और त्वरित कार्रवाई के बारे में जानकारी दी गयी। इसके बाद भूकंप की काल्पनिक स्थिति बनाकर टर्मिनल भवन खाली कराने का अभ्यास किया गया। एनडीआरएफ और अग्निशमन दल ने आपसी समन्वय के साथ बचाव प्रक्रिया को अंजाम दिया।
कई एजेंसियों ने लिया हिस्सा : मॉक ड्रिल में झारखंड पुलिस, इंडिगो विमानन कंपनी, एसडब्ल्यूएमसीएलएलपी, ईंधन आपूर्ति एजेंसी और अन्य संबंधित संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। एनडीआरएफ की टीम आवश्यक बचाव उपकरणों के साथ मौजूद रही। अभ्यास के माध्यम से हवाई अड्डे जैसे संवेदनशील परिसर में यात्रियों, कर्मचारियों और आधारभूत संरचनाओं की सुरक्षा के लिए सामूहिक प्रयास तथा बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर जोर दिया गया।
समीक्षा बैठक में सुधार पर जोर : अभ्यास के बाद हवाई अड्डा निदेशक के नेतृत्व में समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। इसमें अभ्यास के दौरान सामने आयी कमियों और सुधार की जरूरत वाले पहलुओं पर चर्चा की गयी। निदेशक ने अभ्यास के सफल आयोजन में सहयोग के लिए एनडीआरएफ, अग्निशमन दल, झारखंड पुलिस, परिचालन टीम और अन्य सहभागी एजेंसियों की सराहना की। साथ ही आपदा प्रबंधन की तैयारियों और आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली को और मजबूत बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने पर जोर दिया गया।
10 साल पुराने नापी मामले में कार्रवाई का इंतजार, अंचल कार्यालय पर आवेदक ने उठाये सवाल
- एसडीओ के निर्देश के बाद फिर नापी की उम्मीद, प्रदीप कुमार लाल ने जांच प्रतिवेदनों पर जताया विरोध
सारठ/संवाददाता। सारठ अंचल के करीब दस वर्ष पुराने जमीन नापी मामले में अब तक कार्रवाई नहीं होने को लेकर आवेदक प्रदीप कुमार लाल ने अंचल कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाये हैं। उनका आरोप है कि अंचल अधिकारी द्वारा नापी का आदेश जारी किये जाने और वरीय पदाधिकारियों के निर्देश के बावजूद नापी की प्रक्रिया बाधित की जा रही है। उन्होंने जांच प्रतिवेदनों में तथ्यों की अनदेखी किये जाने का आरोप लगाते हुए मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इन आरोपों पर अंचल कार्यालय का पक्ष सामने नहीं आया है। मामला सारठ अंचल के विविध वाद संख्या 07/2015-16, प्रदीप कुमार लाल बनाम बिरजू मंडल से संबंधित है। आवेदक के अनुसार, इस मामले में अंचल अधिकारी ने राजस्व उपनिरीक्षक, प्रभारी अंचल निरीक्षक और थाना स्तर से कई बार जांच कराने के बाद जमीन की नापी का आदेश दिया था। इसके लिए उन्होंने अमीन शुल्क भी जमा किया और नाजिर रसीद कटवायी। चार मई 2016 और सात मई 2025 को नापी से संबंधित पत्र जारी किये जाने का भी उन्होंने उल्लेख किया है।
एसडीओ और डीसी से की शिकायत : प्रदीप कुमार लाल के अनुसार, नापी नहीं होने पर उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी, मधुपुर से शिकायत की। इसके बाद 19 मई 2025 को कार्यालय के पत्रांक 432 के माध्यम से सारठ अंचल को जमीन का परिसीमन कराने का निर्देश दिया गया। आवेदक का आरोप है कि इसके बावजूद अंचल कार्यालय की ओर से भेजे गये जांच प्रतिवेदन में ऐसे तथ्यों को शामिल किया गया, जिनसे नापी की प्रक्रिया प्रभावित हुई। आवेदक ने इस प्रतिवेदन पर आपत्ति जताते हुए पुन: शिकायत की। इसके बाद उन्होंने उपायुक्त, देवघर से भी गुहार लगायी। उनके मुताबिक, उपायुक्त ने दो जुलाई 2025 को पत्रांक 300 के माध्यम से सारठ अंचल अधिकारी को नापी के लिए आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। उनका आरोप है कि इस आदेश के अनुपालन में भी अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई और अंचल कार्यालय ने 23 सितंबर 2025 को पत्रांक 903 के तहत फिर जांच प्रतिवेदन भेज दिया।
न्यायालय के आदेश का भी दिया हवाला : आवेदक ने अपने दावे के समर्थन में जिला एवं सत्र न्यायाधीश-प्रथम, मधुपुर की अदालत में सिविल अपील संख्या 68/2024 में पारित आदेश का हवाला दिया है। उनके अनुसार, जनता दरबार में आवेदन देने के बाद उपायुक्त ने एसडीओ, मधुपुर को आवश्यक निर्देश दिया। इसके आलोक में एसडीओ कार्यालय ने छह अक्टूबर 2026 को पत्रांक 390 के माध्यम से सारठ अंचल को संबंधित न्यायालय के आदेश के आलोक में स्थलीय और अभिलेखीय जांच करते हुए नापी का आदेश निर्गत करने का निर्देश दिया है। प्रदीप कुमार लाल का कहना है कि उनके और विपक्षी के बीच जमाबंदी संख्या 36/ख तथा 97/क से संबंधित विवाद है। उनका आरोप है कि जांच प्रतिवेदनों में तीसरे रैयत को शामिल कर मामले के वास्तविक तथ्यों से अलग निष्कर्ष प्रस्तुत किया गया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में संबंधित पदाधिकारियों को कई बार लिखित आवेदन देकर आपत्ति दर्ज करायी गयी है।
कागजात उपलब्ध कराने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने का आरोप : आवेदक ने अपने दावे के समर्थन में विभिन्न न्यायालयों के आदेश, पुराने नामांतरण वाद के दस्तावेज, लगान भुगतान की रसीदें, नापी शुल्क की नाजिर रसीद और अंचल कार्यालय के पत्रों सहित कई अभिलेख उपलब्ध कराने की बात कही है। उन्होंने सूचना के अधिकार के तहत मांगी गयी जानकारी उपलब्ध नहीं कराने का आरोप भी लगाया है। अब एसडीओ के ताजा निर्देश के बाद आवेदक की नजर सारठ अंचल कार्यालय की अगली कार्रवाई पर टिकी है। उन्होंने मांग की है कि मामले में निष्पक्ष जांच कर नियमानुसार जमीन की नापी करायी जाये, ताकि विवाद का समाधान हो सके।