पटना। संवाददाता। 21 जुलाई से प्रारंभ हो रहे बिहार विधान मंडल के आगामी सत्र के दौरान सुरक्षा, ट्रैफिक व्यवस्था, चिकित्सा, सफाई, पार्किंग सहित अन्य सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से करने के उद्देश्य से बुधवार को बिहार विधानसभा अध्यक्ष नन्द किशोर यादव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित हुई। अध्यक्ष ने कहा कि यह बैठक इस सत्र से ठीक पूर्व आयोजित की जा रही है, जो वर्तमान विधान सभा का अन्तिम सत्र है। हमलोग सत्रहवीं बिहार विधानसभा के पन्द्रहवें सत्र की तैयारियों के संबंध में इकट्ठा हुए हैं। 21 से 25 जुलाई, 2025 तक चलने वाला यह पांच दिवसीय सत्र संक्षिप्त भले ही हो लेकिन बहुत महत्वपूर्ण है। इस सत्र में कुल 05 बैठकें होंगी। इसमें प्रश्न, वित्तीय कार्य, गैर सरकारी संकल्प सहित अन्य महत्वपूर्ण विधायी कार्य संपन्न होंगे। वर्तमान विधानसभा के अंतिम सत्र होने के कारण यह जन प्रतिनिधियों के लिए जनता के प्रति जवाबदेही दर्शाने का अंतिम अवसर है। विधानसभा बिहार की जनता की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। सदन में जितना सार्थक विमर्श होगा, विधायिका जनकार्य में उतना ही महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेगी। विधानसभा अध्यक्ष श्री यादव ने कहा कि प्रश्नों के उत्तर सत्रावधि में ही ससमय प्राप्त हों, इसके लिए कार्यपालिका को प्रतिबद्ध एवं संवेदनशील होकर अपनी जिम्मेदारी का निर्वह्न करना होगा। साथ ही, उन्होंने उपस्थित पदाधिकारियों को सरकार की ओर से सभी विधायी दस्तावेज सभा सचिवालय को ससमय प्राप्त कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विभिन्न विभागों के नोडल पदाधिकारी विधानसभा सचिवालय के साथ सामंजस्य स्थापित कर कार्यों का ससमय एवं सुचारू रूप से निष्पादन कराएं। अध्यक्ष ने विधानसभा एवं परिषद् में अधिष्ठापित सीसीटीवी कैमरों, सुरक्षा, ट्रैफिक व्यवस्था, चिकित्सा, सफाई, पार्किंग सहित अन्य सभी व्यवस्थायें चाक-चौबंद कर लेने का निर्देश दिया। साथ ही, सदस्यों की सुविधा के लिए उपयुक्त स्थल चयन कर एक रैंप लगाने का निर्देश भवन निर्माण विभाग को दिया। संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने आश्वस्त किया कि सरकार विधानमंडल के प्रति अपनी जिम्मेवारी के निर्वहन के प्रति सदा मुस्तैद है। उन्होंने कहा कि यह सत्र विधायी कार्यों के दृष्टिकोण से काफी अहम है क्योंकि इसमें हाल ही में लिये गये सरकार के कई महत्वपूर्ण निर्णयों को सदन पटल पर रखा जायेगा। सरकार सत्र संचालन में पूरा सहयोग देगी।
बैठक में बिहार विधान परिषद् के सभापति अवधेश नारायण सिंह, संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, सरकार के मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, गृह विभाग की विशेष सचिव के सुहिता अनुपम, अपर पुलिस महानिदेशक केके सिंह, भवन निर्माण विभाग के संयुक्त सचिव शिव रंजन सहित कई विभागों के पदाधिकारी एवं पटना के जिलाधिकारी डॉ त्यागराजन एस एम, वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा तथा नगर आयुक्त अनिमेष कुमार पराशर, सिविल सर्जन डा अविनाश कुमार सिंह सहित ख्याति सिंह, प्रभारी सचिव, बिहार विधानसभा एवं अखिलेश कुमार झा, सचिव, बिहार विधान परिषद् उपस्थित रहे ।
सेवानिवृत शिक्षक व उनकी पत्नी को बंधक बनाकर 10 लाख की डकैती
चकाई बाजार से सटे सहाना कॉलोनी की घटना
दो नकाबपोश बदमाशों ने दिया घटना को अंजाम, जांच मे जुटी पुलिस
चकाई। संवाददाता। चकाई थाना क्षेत्र अंतर्गत सहाना कॉलोनी स्थित सेवानिवृत शिक्षक भीम लाल वर्णवाल के घर नकाबपोश बदमाशों ने मंगलवार की रात्रि में गृहस्वामी एवं उनकी पत्नी को बंधक बनाकर बड़ी लूट की घटना को अंजाम दिया है। इस दौरान बदमाशों ने 60 हजार नगद सहित 10 लाख रुपए मूल्य की संपत्ति को ले जाने में सफल रहा। मामले की जानकारी देते हुए पीड़ित गृहस्वामी ने बताया कि वे तथा उनकी पत्नी रात्रि भोजन करके सोये हुए थे। तभी दीवार में सेंधमारी कर बदमाश घर में प्रवेश कर गया। घर में प्रवेश करने के बाद दो की संख्या में नकाबपोश बदमाशों ने पहले दोनों को अपने कब्जे में लेकर बंधक बना लिया। उसके बाद बदमाशों ने गोदरेज में रखे 60 हजार नगद सहित 8 जोड़ा सोने की कनबाली, दो जोड़ा सोने का कंगन, सोने का एक चैन, 8 जोड़ा चांदी का पायल, सोने का 10 अंगूठी सहित अन्य सामानों को लेकर आसानी से फरार हो गया। लूटे हुए सामानों की कुल कीमत लगभग 10 लाख रुपए है। वहीं घटना को अंजाम देने के बाद बदमाश फरार हो गया। इधर घटना के बाद गृहस्वामी के हो हल्ला करने के बाद आसपास के लोग जुटे तथा मामले की जानकारी चकाई थाने को दी। सूचना मिलते ही दलबल के साथ चकाई पुलिस घटनास्थल पर पहुंची एवं मामले की छानबीन शुरू कर दी। साथ ही, घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना कैद हो जाने के बाद पुलिस अहम सुराग के रूप में सीसीटीवी कैमरे की गहन जांच में जुट गई है।
विदित हो कि सेवानिवृत शिक्षक के दो पुत्र बैंक में अधिकारी हैं। चकाई स्थित घर में केवल सेवानिवृत शिक्षक एवं उनकी पत्नी ही रहती है। इधर चकाई बाजार से बिल्कुल सटे इस महत्वपूर्ण आवासीय कॉलोनी में इस प्रकार की घटना के हो जाने के बाद लोगों के बीच दहशत का माहौल है। वहीं थाना अध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि पीड़ित ने मामले की लिखित जानकारी थाने को दी है। पुलिस सीसीटीवी कैमरे में कैद रिकार्ड सहित अन्य तरह से मामले की छानबीन में जुट गई है। जल्द ही मामले का उद्भेदन कर लिया जाएगा।
डाटा एंट्री ऑपरेटर, प्रोग्रामर और आईटी कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू
आउटसोर्सिंग के नाम पर उपेक्षा और वेतन पुनरीक्षण न होने से नाराज कर्मियों ने किया हड़ताल का ऐलान जमुई। संवाददाता। बैल्ट्रॉन के राज्य स्तरीय डाटा एंट्री एकता मंच (गोप गुट) के आह्वान पर जमुई जिले के विभिन्न सरकारी कार्यालयों में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर, प्रोग्रामर, आईआरटी बाय, एवं आईटी गर्ल्स आज से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे। इन कर्मियों ने लंबे समय से वेतन पुनरीक्षण, सेवा स्थायित्व और सरकारी मान्यता की मांग की है, जिसे लेकर सरकार की अनदेखी के खिलाफ यह कदम उठाया गया है।
संघ के जिला अध्यक्ष रिंकू सिंह और सचिव मिथुन साह ने बताया कि बीते 25 वर्षों से ये कर्मी जिले में समाहरणालय से लेकर पंचायत स्तर तक महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यों का निष्पादन कर रहे हैं। बावजूद इसके, सरकार इन्हें सिर्फ आउटसोर्स कर्मी मानकर किसी प्रकार की स्थायी सुविधा या लाभ नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि वेतन पुनरीक्षण की वर्षों से मांग की जा रही है। वर्तमान में मिलने वाला मानदेय अत्यंत कम है, जिससे परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल होता जा रहा है। सरकार को 11 सूत्रीय मांग पत्र पहले ही सौंपा जा चुका है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इस अनिश्चितकालीन हड़ताल में जिला परिवहन कार्यालय, वाणिज्य कर कार्यालय, पीएचईडी, आपदा प्रबंधन कार्यालय, पंचायत कार्यालय, चुनाव शाखा, आईसीडीएस , शिक्षा विभाग, उद्योग विभाग, जिला समाहरणालय के सभी कार्यालय, प्रखंड एवं अंचल कार्यालय के कर्मी हैं। हड़ताल के कारण इन कार्यालयों के डिजिटल डाटा प्रविष्टि कार्य, टकर रिपोर्टिंग, पोर्टल अपडेशन और विभागीय रिपोर्टिंग कार्यों पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है। कर्मियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सरकार सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
दो महीने में छह गुना बढ़ी पिंक बस में महिला यात्रियों की संख्या
सिर्फ जून में 28 हजार से अधिक महिलाओं ने किया पिंक बस में सफर
पटना जिला में सबसे अधिक 21 हजार महिलाएं कर रहीं पिंक बस का इस्तेमाल
पटना। संवाददाता। राज्य में पिंक बस सेवा आधी आबादी के बीच तेजी से लोकप्रिय होती जा रही है। इसकी बढ़ती मांग का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि विगत दो महीनों में पिंक बस में सफर करने वाली महिलाओं की संख्या छह गुना बढ़ गई है। मई 2025 में जहां करीब पांच हजार महिलाओं ने पिंक बस में सफर किया। वहीं जून में यह आकंड़ा बढ़कर 28 हजार से अधिक हो गया। इन दो महीनों में प्रदेश की 33 हजार से अधिक महिलाओं ने पिंक बस में सफर किया है। इसमें पटना प्रमंडल 21 हजार से अधिक महिला यात्रियों के साथ अग्रणी है।
बिहार राज्य पथ परिवहन निगम के अनुसार, भागलपुर, पूर्णिया, गया और दरभंगा प्रमंडल में दो महीने में सात हजार से अधिक कामकाजी महिलाओं और छात्राओं ने पिंक बस में सफर किया। इनकी संख्या हर महीने बढ़ रही है। सूबे में महिलाओं के लिए 20 सीएनजी पिंक बसें चलाई जा रही है, जिनमें आठ बसें पटना, चार मुजफ्फरपुर, दो-दो भागलपुर, गया, दरभंगा और पूर्णिया में संचालित हो रही हैं। निगम सभी जिला मुख्यालयों को जोड़ने के लिए 80 और पिंक बसों के परिचालन की तैयारी कर रहा है, जिनमें से 35 बसें पटना में चलेंगी। ये बसें अगस्त महीने के अंत तक राज्य में पहुंच जाएंगी। इनके संचालन के लिए दो चरणों में महिला चालकों को आवासीय प्रशिक्षण देने की योजना है।
पिंक बसों में महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सेनेटरी पैड वेंडिंग मशीन, मेडिसीन किट की व्यवस्था रहेगी। इनमें पहले से ही पैनिक बटन, जीपीएस, सीसीटीवी कैमरा, चार्जिंग पॉइंट, महिला संवाहक की व्यवस्था मौजूद है। पिंक बस पास बनवाने के लिए निगम जल्द ही राजधानी के सभी कॉलेजों में कैंप आयोजित करेगा।
वन महोत्सव में 5 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य
-राज्यभर में तीन महीने तक चलाया जाएगा यह वन महोत्सव
-अकेले वन विभाग की तरफ से लगाए जाएंगे 1 करोड़ 7 लाख पौधे
-प्रत्येक छात्र को 2, सरकारी स्कूल और कॉलेज में मुफ्त दिए जायेंगे पौधे
पटना। संवाददाता। राज्य में सावन के मौके पर वन महोत्सव का आगाज हुआ है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इसकी शुरुआत 13 जुलाई को पौधे लगा कर की है। इसके तहत आगामी तीन महीने में व्यापक स्तर पर 5 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें सागवान, महोगनी, सेमल, जामुन, अर्जुन समेत विभिन्न प्रजाति के पौधें लगाए जाएंगे। इसका मुख्य उदेश्य वनों का संरक्षण, पौधरोपण और हरित आवरण को विस्तार करना है।
पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, इतनी बड़ी संख्या में पौधरोपण के लक्षय को पाने के लिए ग्रामीण विकास विभाग, जीविका समूह, मनरेगा, सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों के अलावा विभिन्न सामाजिक संगठनों के स्तर भी पौधे लगाने की योजना तैयार की गई है। अकेले वन विभाग के स्तर से 1 करोड़ 7 लाख पौधे लगाए जाएंगे। वहीं, जीविका से 57 लाख, मनरेगा से 1.93 लाख, सरकारी स्कूल एवं कॉलेज से 37.16 लाख और कृषकों से 56 लाख पौधे लगाये जाने का लक्ष्य है। जुलाई में अबतक 30 लाख पौधे लगाए गए हैं। विभाग ने लगाए गए इन पौधों का संरक्षण के लिए किसानों को प्रति पौधे 10 रुपये देने का प्रस्ताव रखा है। इन पौधों का संरक्षण अगले 3 साल तक करना होगा। तीन वर्ष पूरा होने पर विभाग उन्हें प्रत्येक पेड़ के लिए 60 रुपये तथा पूर्व में लिए गए प्रति पेड़ पर 10 रुपये सब्सिडी के तौर पर देगा।
प्रत्येक स्कूल के छात्र को 2-2 पौधे के अलावा सरकारी स्कूल और कॉलेज को मुफ्त पौधे दिए जायेंगे। राज्य के विभिन्न जिलों में स्थापित पौधशालाओं में कई प्रजातियों के पौधे उपलब्ध हैं, जिन्हें वहां से प्राप्त किये जा सकते हैं। इससे जुड़ी जानकारियां कॉल सेंटर के फोन नंबर 0612-2226911 से प्राप्त किए जा सकते हैं। वर्ष 1950 से प्रत्येक वर्ष वन महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसके तहत आगामी कुछ महीने में व्यापक स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाने का लक्ष्य रखा गया है।