- क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें : उपायुक्त
गोड्डा, संवाददाता। जिले में संचालित सरकारी एवं निजी स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त लोकेश मिश्रा ने क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में सरकारी एवं निजी क्लीनिक, नर्सिंग होम और अस्पतालों के संचालकों को एक्ट के सभी प्रावधानों और निर्धारित मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने कहा कि आम लोगों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और मानक अनुरूप स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसके लिए जिले में संचालित सभी चिकित्सीय संस्थानों का क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत पंजीकरण और नियमों का पालन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाएगा।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि जिला एवं प्रखंड स्तर पर संयुक्त जांच टीमों का गठन कर सभी सरकारी और निजी क्लीनिक, नर्सिंग होम तथा अस्पतालों की व्यापक जांच कराई जाए। जांच क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट की निर्धारित चेकलिस्ट के आधार पर की जाएगी, ताकि स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं, संसाधनों और मानकों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके।
उन्होंने विशेष रूप से ऐसे क्लीनिकों और चिकित्सीय संस्थानों को चिन्हित करने का निर्देश दिया, जो अब तक क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत पंजीकृत नहीं हैं। साथ ही बिना वैध प्रमाण पत्र के संचालित हो रहे क्लीनिक, नर्सिंग होम और अस्पतालों के विरुद्ध एक्ट के प्रावधानों के अनुसार विधिसम्मत कार्रवाई करने को कहा। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के प्रति किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
इसके अलावा जिन चिकित्सीय संस्थानों को पंजीकरण प्रमाण पत्र जारी किया जा चुका है, उनके द्वारा भी एक्ट के सभी प्रावधानों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में मानकों की अनदेखी मरीजों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है और इस मामले में जवाबदेही तय की जाएगी।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जिले में क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट के तहत पंजीकरण एवं निरीक्षण की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी। साथ ही स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक मानकों के पालन और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत बनाने पर भी चर्चा की गई।
बैठक में सिविल सर्जन डॉ. एस. सी. शर्मा, सदर अस्पताल गोड्डा के उपाधीक्षक डॉ. तारा शंकर झा, हॉस्पिटल मैनेजर मोनाली राय, विभिन्न प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
पीसीपीएनडीटी एक्ट के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक संपन्न
अल्ट्रासाउंड केंद्रों की नियमित जांच और निरीक्षण के दिए गए निर्देश
गोड्डा, संवाददाता। जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त श्री लोकेश मिश्रा की अध्यक्षता में पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत गठित जिला स्तरीय सलाहकार समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में लिंग चयन एवं भ्रूण लिंग जांच पर प्रभावी रोकथाम सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
उपायुक्त ने जिले में संचालित सभी अल्ट्रासाउंड क्लीनिकों का नियमित निरीक्षण एवं जांच के लिए निर्धारित शेड्यूल तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही सभी निबंधित अल्ट्रासाउंड केंद्रों से विगत अवधि में गर्भावस्था के दौरान की गई प्रसव पूर्व जांच से संबंधित विस्तृत प्रतिवेदन उपलब्ध कराने को कहा गया।
बैठक में अल्ट्रासाउंड जांच केंद्रों के माध्यम से जन्म पूर्व जांच संबंधी गतिविधियों की निगरानी के लिए सूचना तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर बल दिया गया। इसके अलावा, नियमों के अनुपालन की जांच के लिए अल्ट्रासाउंड केंद्रों का समय-समय पर औचक निरीक्षण करने का भी निर्देश दिया गया।
बैठक में सिविल सर्जन डॉ. एस. सी. शर्मा, सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. तारा शंकर झा, सदर अस्पताल प्रबंधक मोनाली राय, संबंधित प्रखंडों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी तथा स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
दोहरा कहर : बेटे के बाद पिता की भी हादसे में मौत
- बेटे के गम से उबर भी नहीं पाया था परिवार, सड़क हादसे ने छीन ली पिता की भी जिंदगी
- बसुआ चौक पर पिकअप वैन की चपेट में आए 60 वर्षीय चुनका रविदास की मौत, आक्रोशित ग्रामीणों ने दो घंटे तक किया सड़क जाम
महागामा, संवाददाता । प्रखंड क्षेत्र के बसुआ चौक स्थित गोविंद सैलून के समीप शनिवार की सुबह हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे में 60 वर्षीय चुनका रविदास की मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर बसुआ चौक को करीब दो घंटे तक जाम कर दिया। जाम के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह ठप हो गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह करीब 4:50 बजे एक तेज रफ्तार पिकअप वैन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे बिजली के पोल से टकराते हुए आगे बढ़ रही थी। इसी दौरान सड़क किनारे जा रहे चुनका रविदास उसकी चपेट में आ गए। हादसे में वे गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तत्काल महागामा रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया।
घटना की खबर मिलते ही परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में घटनास्थल पर जुट गए। आक्रोशित लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए सड़क जाम कर दिया तथा दोषी चालक की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की।
सूचना मिलने पर महागामा थाना प्रभारी मनोज कुमार पाल एवं इंस्पेक्टर उपेंद्र महतो पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से वार्ता कर उन्हें शांत कराया तथा आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया। आश्वासन के बाद जाम समाप्त हुआ और यातायात बहाल हो सका।
एक ही परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। दरअसल, चुनका रविदास का परिवार पहले से ही गहरे सदमे में था। कुछ दिन पूर्व ही उनके पुत्र की रेलवे क्रॉसिंग के समीप एक सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। बेटे की असमय मौत का दर्द अभी परिवार सह भी नहीं पाया था कि एक और सड़क हादसे ने परिवार के मुखिया की जान ले ली। लगातार दो सड़क दुर्घटनाओं में एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषी चालक की शीघ्र गिरफ्तारी, पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता तथा क्षेत्र में सड़क सुरक्षा के प्रभावी इंतजाम करने की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और दुर्घटनाग्रस्त पिकअप वैन की पहचान एवं चालक की तलाश की जा रही है।
प्रमाण-पत्र की परेशानी होगी दूर
- 15 से 17 जून तक जिलेभर में लगेंगे विशेष शिविर
- आय, जाति और आवासीय प्रमाण-पत्र से जुड़ी समस्याओं का होगा समाधान, लंबित आवेदनों के त्वरित निष्पादन के निर्देश
गोड्डा, संवाददाता। जिले के नागरिकों को आय, जाति, आवासीय (निवासी) समेत विभिन्न प्रमाण-पत्रों के निर्गमन में आ रही समस्याओं के समाधान के लिए 15 से 17 जून तक सभी प्रखंडों एवं नगर निकाय क्षेत्रों में तीन दिवसीय विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इस संबंध में शनिवार को जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त श्री लोकेश मिश्रा ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से प्रमाण-पत्र प्राप्त करने में आम लोगों को हो रही कठिनाइयों की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि आय, जाति एवं आवासीय प्रमाण-पत्र सहित अन्य महत्वपूर्ण प्रमाण-पत्रों के निर्गमन में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी या तकनीकी बाधा स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने लंबित आवेदनों का प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन सुनिश्चित करने और पात्र आवेदकों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर प्रमाण-पत्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने बताया कि विशेष शिविरों के दौरान लंबित मामलों की समीक्षा, नए आवेदनों की प्राप्ति, आवेदन पत्रों में त्रुटियों का सुधार, आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन तथा ऑनलाइन आवेदन से जुड़ी तकनीकी समस्याओं का समाधान किया जाएगा। साथ ही आवेदकों को आवेदन प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेजों के संबंध में मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।
उन्होंने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को शिविर का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा कि अधिक से अधिक लोग इस अभियान का लाभ उठा सकें। शिविर में आने वाले प्रत्येक आवेदक की समस्या का गंभीरतापूर्वक निराकरण करने और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी गोड्डा एवं महागामा को अपने-अपने क्षेत्र में आयोजित शिविरों की नियमित निगरानी और पर्यवेक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। वहीं नगर परिषद गोड्डा और नगर पंचायत महागामा के अधिकारियों को भी नगर क्षेत्रों में शिविरों के सफल आयोजन एवं व्यापक प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी सौंपी गई।
शिविरों के सुचारू संचालन के लिए जिला सूचना विज्ञान पदाधिकारी तथा सीएससी मैनेजर को आवश्यक तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया। वहीं अपर समाहर्ता को कार्यक्रम का वरीय पदाधिकारी नामित करते हुए सभी तैयारियां, समन्वय एवं प्रशासनिक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने को कहा गया।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि शिविर के दौरान प्राप्त आवेदनों, निष्पादित मामलों और लंबित प्रकरणों की दैनिक रिपोर्ट जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराई जाए, ताकि अभियान की सतत निगरानी और समीक्षा की जा सके। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों को सरकारी सेवाएं सरल, सुलभ और पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
बैठक में अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी गोड्डा एवं महागामा, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।
मदरसा व मध्यमा परीक्षा केंद्रों के 500 गज दायरे में धारा-163 लागू
- 16 से 23 जून तक चलेगी परीक्षा, पांच या अधिक लोगों के जमावड़े और लाउडस्पीकर के उपयोग पर प्रतिबंध
गोड्डा, संवाददाता। झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक), रांची द्वारा आयोजित वार्षिक मदरसा परीक्षा-2026 एवं मध्यमा परीक्षा-2026 के शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त संचालन को लेकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। अनुमंडल दंडाधिकारी (एसडीएम) बैद्यनाथ उरांव ने परीक्षा अवधि के दौरान सभी परीक्षा केंद्रों के 500 गज की परिधि में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा लागू करने का आदेश जारी किया है।
जारी आदेश के अनुसार वार्षिक मदरसा परीक्षा-2026 (वस्तानिया, फौकानिया एवं मौलवी) का आयोजन 16 जून से 23 जून तक महिला कॉलेज, गोड्डा तथा एम.ए.के. आजाद इंटर कॉलेज, बसंतराय परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। वहीं मध्यमा परीक्षा-2026 का आयोजन इसी अवधि में +2 उच्च विद्यालय, पोड़ैयाहाट परीक्षा केंद्र पर संपन्न होगा।
परीक्षाएं दो पालियों में आयोजित होंगी। प्रथम पाली सुबह 9:45 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक संचालित होगी।
क्या रहेगा प्रतिबंधित - 500 गज के दायरे में पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर रोक रहेगी।
- किसी प्रकार के नाजायज मजमा या भीड़ लगाने की अनुमति नहीं होगी।
- लाठी, भाला, गड़ासा, तीर-कमान, आग्नेयास्त्र, विस्फोटक पदार्थ अथवा अन्य घातक हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध रहेगा।
- ध्वनि विस्तारक यंत्र (लाउडस्पीकर) के उपयोग पर पूर्ण रोक रहेगी।
- परीक्षा केंद्रों के आसपास अनावश्यक आवाजाही और भीड़भाड़ की अनुमति नहीं होगी।
इन्हें मिलेगी छूट
यह आदेश परीक्षा कार्य में प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों, पदाधिकारियों, कर्मचारियों, पुलिस अधिकारियों एवं पुलिस बल पर लागू नहीं होगा। इसके अलावा शव यात्रा में शामिल लोग, अस्पताल ले जाए जा रहे मरीजों के साथ जाने वाले व्यक्ति, विद्यालय एवं महाविद्यालय जाने वाले छात्र-छात्राएं तथा परीक्षा में शामिल परीक्षार्थी भी इस निषेधाज्ञा से मुक्त रहेंगे।
शांति व अनुशासन की अपील
एसडीएम बैद्यनाथ उरांव ने कहा है कि परीक्षा की पवित्रता और निष्पक्षता बनाए रखना प्रशासन और समाज दोनों की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने आम नागरिकों से प्रशासन का सहयोग करने और परीक्षा केंद्रों के आसपास शांति एवं अनुशासन बनाए रखने की अपील की है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा-223 सहित अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा अवधि : 16 से 23 जून 2026
मदरसा परीक्षा केंद्र : महिला कॉलेज गोड्डा, एम.ए.के. आजाद इंटर कॉलेज बसंतराय
मध्यमा परीक्षा केंद्र : +2 उच्च विद्यालय, पोड़ैयाहाट
धारा-163 लागू : परीक्षा केंद्र से 500 गज की परिधि में
प्रतिबंध : भीड़, हथियार, लाउडस्पीकर एवं अनावश्यक आवाजाही
उल्लंघन पर : कानूनी कार्रवाई होगी
बाल मजदूरी रोकने में समाज की सहभागिता जरूरी : डालसा
- विधिक जागरूकता शिविर में बच्चों की शिक्षा, बाल श्रम और बाल तस्करी के प्रति किया गया जागरूक
गोड्डा, संवाददाता। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) के अध्यक्ष सह प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रमेश कुमार तथा सचिव दीपक कुमार के निर्देश पर झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) के 90 दिवसीय इंटेंसिव जागरूकता अभियान के तहत शनिवार को रौतारा स्थित न्यू आइडियल पब्लिक स्कूल परिसर में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में छात्र-छात्राओं, अभिभावकों एवं स्थानीय लोगों को बाल अधिकार, शिक्षा और बाल श्रम उन्मूलन के संबंध में जागरूक किया गया।
डालसा टीम के अधिकार मित्र नवीन कुमार ने कहा कि प्रत्येक अभिभावक को अपने बच्चों को विद्यालय भेजना चाहिए। उन्होंने कहा कि बाल मजदूरी न केवल कानूनी अपराध है, बल्कि यह बच्चों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास में भी बाधा उत्पन्न करती है। समाज के प्रत्येक व्यक्ति की जिम्मेदारी है कि वह बाल श्रम जैसी सामाजिक कुरीति को समाप्त करने में सक्रिय भूमिका निभाए।
विद्यालय के निदेशक नर्मदेश्वर झा ने कहा कि गरीबी, अशिक्षा और अवसरों की कमी के कारण कई बच्चे आज भी मजदूरी करने को विवश हैं। ऐसे बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाकर भी बाल श्रम को कम किया जा सकता है।
उन्होंने बाल तस्करी के बढ़ते मामलों पर चिंता जताते हुए कहा कि कई बिचौलिए ग्रामीण क्षेत्रों से नाबालिग बच्चों को नौकरी का झांसा देकर महानगरों में ले जाते हैं और उनका शोषण करते हैं। ऐसे मामलों से सावधान रहने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना प्रशासन को देने की अपील की गई।
शिविर में अभिभावकों को अपने बच्चों की गतिविधियों पर निगरानी रखने की भी सलाह दी गई। वक्ताओं ने कहा कि कई बार बच्चे गलत संगति में पड़कर नशे और अन्य बुरी आदतों के शिकार हो जाते हैं, जिससे उनका भविष्य प्रभावित होता है।
कार्यक्रम में ओमप्रकाश दीपक, नीलम कुमारी, गुड्डी कुमारी, संजय कुमार, सोनल शर्मा, रविता कुमारी सहित अन्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और बाल अधिकारों की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयासों पर बल दिया।