देवघर/संवाददाता
राजकीय श्रावणी मेला के दौरान देवघर के विभिन्न ओपी में प्रतिनियुक्त पुलिस पदाधिकारी, हवलदार एवं जवानों को उनके वर्तमान प्रतिनियुक्ति स्थल से निलंबित कर पुलिस केंद्र, देवघर में प्रतिनियुक्त किया गया है। इस संबंध में परिचारी प्रवर की ओर से आदेश जारी किया गया है। पुलिस केंद्र में प्रतिनियुक्त किए जाने वाले पुलिस पदाधिकारी, हवलदार एवं जवानों की संख्या 63 बतायी गयी है। इनमें देवघर जिला बल के पुलिसकर्मियों के अलावा श्रावणी मेला को लेकर राज्य के विभिन्न जिलों एवं पुलिस वाहिनियों से प्रतिनियुक्ति पर देवघर आए पुलिसकर्मी शामिल हैं। जारी आदेश के अनुसार विभिन्न जिलों एवं पुलिस वाहिनियों से आए पुलिसकर्मियों को अलग-अलग ओपी एवं अन्य प्रतिनियुक्ति स्थलों पर लगाया गया था। अब उन्हें वहां से हटाकर पुलिस केंद्र, देवघर में प्रतिनियुक्त किया गया है।
चतरा व पलामू जिला बल के पुलिसकर्मी
चतरा जिला बल से आरक्षी नरेंद्र कुमार दास, कपूर करमाली तथा आरक्षी मो. नसीम अंसारी को पुलिस केंद्र में प्रतिनियुक्त किया गया है। वहीं पलामू जिला बल से हवलदार जयजित पन्ना, आरक्षी मारकंडे सोय, सुरेश कुमार रवि, फुलजेम्स खलखो, आलोक विनित, साक्षर आरक्षी संजय दास, सोमाय बोदरा, महेंद्र मुर्मू, लाडले हसन, केदार सिंह, कृष्णा मांझी, विनोद कुमार महतो एवं विनित कुमार मिश्रा तथा हवलदार बंधु उरांव और असिसन टेटे को पुलिस केंद्र भेजा गया है।
गिरिडीह, खूंटी व अन्य जिलों के पुलिसकर्मी
गिरिडीह जिला बल से आरक्षी नीलकंठ महतो, पुलिस अवर निरीक्षक करम सिंह पूर्ति, आरक्षी गोविंद राय एवं जयराम महतो को हटाकर पुलिस केंद्र में प्रतिनियुक्त किया गया है। खूंटी जिला बल से सहायक अवर निरीक्षक हेमतन लाल रजवार को पुलिस केंद्र भेजा गया है। गढ़वा जिला बल के हवलदार लखीचंद्र विष्णु को भी वर्तमान प्रतिनियुक्ति स्थल से हटाकर पुलिस केंद्र में प्रतिनियुक्त किया गया है। सरायकेला-खरसावां जिला बल से आरक्षी विरेंद्र कुमार, मृत्युंजय नारायण सिंह, रवि कुमार एवं प्रिंस कुमार राम को पुलिस केंद्र भेजा गया है।
चाईबासा, लातेहार, सिमडेगा और गुमला से भी जवान
चाईबासा जिला बल से आरक्षी गोविंद राय, दिनेश तियु एवं फगुआ डुंगडुंग को पुलिस केंद्र में प्रतिनियुक्त किया गया है। वहीं लातेहार जिला बल से हवलदार गुरुआ भूमिज, महेश प्रसाद सिंह, मुकेश कुमार तथा आरक्षी मंगत राय मुंडू को पुलिस केंद्र भेजा गया है। सिमडेगा जिला बल से आरक्षी रोहित किस्कू, हवलदार सुशील तिडु एवं अन्य संबंधित बल को पुलिस केंद्र में प्रतिनियुक्त किया गया है। गुमला जिला बल से आरक्षी विनय केरकेट्टा को भी पुलिस केंद्र भेजा गया है।
पुलिस वाहिनियों और प्रशिक्षण केंद्रों से आये कर्मी भी शामिल
63 पुलिसकर्मियों की सूची में विभिन्न पुलिस वाहिनियों एवं प्रशिक्षण केंद्रों से श्रावणी मेला में प्रतिनियुक्त होकर आए पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। सीटीसी मुसाबनी के हवलदार माखनलाल मरांडी, आइआरबी गोड्डा के आरक्षी गोपीनाथ धीवर, जैप-पांच के हवलदार योगेश कुमार, जैप-तीन के आरक्षी राजीव रंजन एवं दिनेश कुमार मंडल, पदमा प्रशिक्षण केंद्र के सहायक अवर निरीक्षक शशि प्रताप सिंह एवं राजेश कुमार पांडेय को पुलिस केंद्र में प्रतिनियुक्त किया गया है। इसी तरह आइआरबी-चार के हवलदार धनंजय कुमार पाठक एवं बैद्यनाथ महरा, पदमा मुख्यालय के हवलदार उपेंद्र सिंह एवं अनुज कुमार सिंह, आइआरबी-चार की महिला आरक्षी दुलारी हेंब्रम, जैप-दो के आरक्षी विनय कुमार पासवान, जैप-आठ के आरक्षी धीरज कुमार मिश्रा, सूर्य नारायण मरांडी एवं बुद्धिनाथ तिमोथी हेंब्रम, आइआरबी-एक के आरक्षी समीर केरकेट्टा, जैप-आठ के आरक्षी सुनित सोरेन एवं विनय कुमार मरांडी को भी पुलिस केंद्र में प्रतिनियुक्त किया गया है।
देवघर जिला बल के पुलिसकर्मी भी सूची में
देवघर जिला बल से आरक्षी ललन मंडल, सहायक अवर निरीक्षक पातेलाल मुर्मू एवं आरक्षी सुजित श्याम सुंदर को भी उनके प्रतिनियुक्ति स्थल से हटाकर पुलिस केंद्र में प्रतिनियुक्त किया गया है। इसके अलावा जमशेदपुर जिला बल के हवलदार सुभाष चंद्र महतो तथा कोडरमा जिला बल के आरक्षी महेंद्र बाखला को भी पुलिस केंद्र में भेजा गया है। इस प्रकार श्रावणी मेला के दौरान विभिन्न जिलों एवं पुलिस वाहिनियों से देवघर में प्रतिनियुक्त रहे कुल 63 पुलिस पदाधिकारी, हवलदार एवं जवानों को उनके पूर्व प्रतिनियुक्ति स्थलों से हटाकर पुलिस केंद्र, देवघर में प्रतिनियुक्त किया गया है।
विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर नगर निगम में बैठक, दावा आपत्ति के निस्तारण पर दिया गया जोर
देवघर/नगर संवाददाता।
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत दावा आपत्ति, नोटिस तामिला एवं निस्तारण की प्रक्रिया को लेकर शुक्रवार को देवघर नगर निगम के सभाकक्ष में बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अतिरिक्त सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी सह सहायक नगर आयुक्त ने की। बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण से संबंधित विभिन्न कार्यों की विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए अधिकारियों एवं कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक में सभी संबंधित पदाधिकारी, बीएलओ एवं सुपरवाइजर उपस्थित रहे। इस दौरान विशेष गहन पुनरीक्षण के अंतर्गत मतदाता सूची से जुड़े दावा एवं आपत्तियों की प्रक्रिया, प्राप्त आवेदनों के सत्यापन, संबंधित मतदाताओं को नोटिस तामिला तथा मामलों के नियमानुसार निस्तारण को लेकर चर्चा की गई। अतिरिक्त सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी सह सहायक नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों एवं बीएलओ सुपरवाइजरों को निर्देशित किया कि पुनरीक्षण कार्य के दौरान प्राप्त दावा एवं आपत्तियों का निर्धारित प्रक्रिया के तहत गंभीरता से सत्यापन किया जाए। साथ ही नोटिस तामिला की कार्रवाई समय पर सुनिश्चित करने तथा निस्तारण से संबंधित सभी आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन करने पर जोर दिया गया। बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान बीएलओ और सुपरवाइजरों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए उन्हें अपने अपने क्षेत्र में मतदाताओं से संबंधित मामलों की जांच एवं आवश्यक कार्रवाई पूरी पारदर्शिता के साथ करने की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए और सभी प्रक्रियाओं का नियमानुसार निष्पादन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है। बैठक के दौरान उपस्थित सभी संबंधित पदाधिकारियों, बीएलओ एवं सुपरवाइजरों को दावा आपत्ति एवं नोटिस तामिला से संबंधित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने तथा निस्तारण की प्रक्रिया में आवश्यक दस्तावेज एवं अभिलेखों का उचित संधारण करने के संबंध में भी जानकारी दी गई। गौरतलब है कि झारखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 के तहत मतदाता सूची को अद्यतन एवं अधिक शुद्ध बनाने की प्रक्रिया चल रही है। इसी क्रम में मतदाताओं से संबंधित दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण को लेकर निर्वाचन कार्य से जुड़े पदाधिकारियों और कर्मियों को लगातार आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं। देवघर नगर निगम क्षेत्र में भी इस प्रक्रिया को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से बैठक आयोजित कर संबंधित कर्मियों को कार्यप्रणाली की विस्तृत जानकारी दी गई।
शाश्वतकुंज में 26 वर्षों से कांवरियों की सेवा, परिवार संग जुटे ईश्वर रॉय
देवघर/संवाददाता।
शाश्वतकुंज आध्यात्मिक केंद्र यहां कांवरियों की सेवा और श्रद्धा का अनूठा उदाहरण शाश्वतकुंज में देखने को मिल रहा है। कोलकाता निवासी ईश्वर रॉय अपनी धर्मपत्नी श्रीमती श्यामली रॉय के साथ पिछले 10 दिनों से लगातार कांवरियों की सेवा में जुटे हैं। इस पुनीत कार्य में उनके पुत्र, पुत्री, पुत्रवधू सहित परिवार के सभी सदस्य पूरे उत्साह और समर्पण के साथ सहयोग कर रहे हैं। पिछले 26 वर्षों से कांवरियों की सेवा की अपनी यात्रा को याद कर श्री रॉय भावुक हो उठते हैं। कांवरियों की सेवा के लिए सीतामढ़ी से धनंजय मिश्र, मुजफ्फरपुर से अजय कुमार, संजय कुमार, सरिता कुमारी, जीवेश कुमार सहित दर्जनों स्वयंसेवक भी शाश्वतकुंज में तन-मन-धन से जुटे हुए हैं। यहां कांवरियों के लिए चाय, पेयजल, चिकित्सा सुविधा और ठहरने की समुचित व्यवस्था की गई है। डाक कांवरियों की सेवा में शाश्वत कुमार सिंह और शाम्भवी प्रियंवदा भी पूरी लगन के साथ जुटे हैं। लोकहित सेवा संस्थान की सचिव अनामिका सिंह कांवरियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की लगातार निगरानी कर रही हैं, ताकि किसी भी श्रद्धालु को किसी प्रकार की असुविधा न हो। शाश्वतकुंज बिहार का अंतिम पड़ाव होने के कारण यहां बड़ी संख्या में कांवरिया पहुंचते हैं। सेवा में जुटे स्वयंसेवकों का उद्देश्य यही है कि लंबी यात्रा के बाद यहां पहुंचने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को राहत, सुविधा और अपनत्व का अनुभव मिले।
फर्जी ऐपीके और एयरटेल पेमेंट बैंक के नाम पर ठगी करने वाले 10 साइबर अपराधी गिरफ्तार
देवघर/संवाददाता।
पुलिस अधीक्षक देवघर प्रवीण पुष्कर के आदेशानुसार साइबर अपराधियों के विरुद्ध लगातार चलाए जा रहे अभियान के तहत देवघर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस उपाधीक्षक कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में 20 अगस्त 2026 को पथरड्डा ओपी क्षेत्र में छापेमारी कर साइबर अपराध करने के आरोप में 10 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पथरड्डा ओपी क्षेत्र में कुछ संदिग्ध साइबर अपराधी फर्जी तरीके से आम लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। गुप्त सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की। इस दौरान 10 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों के पास से कुल 22 मोबाइल फोन और 19 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। बरामद मोबाइल फोन एवं सिम कार्ड की प्रारंभिक जांच में आरोपियों की साइबर ठगी में संलिप्तता पाई गई है।
गिरफ्तार आरोपियों का नाम-पता
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में अजय कुमार दास गोयठाडीह थाना देवीपुर, राहुल कुमार डुमरतर थाना करौं, सफाउला अंसारी बसहाटांड़, अजीत दास खरवाजोरी, रमेश कुमार दास घाघरा, आशीष दास, लोबीन दास, बबलू कुमार दास, झुलन दास तथा सिंटु कुमार दास झुनाकी थाना पथरड्डा ओपी सभी जिला देवघर के रहने वाले हैं।
ऐसे करते थे साइबर ठगी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की अपराध शैली में लोगों के मोबाइल फोन तक पहुंच बनाने के लिए पीएम किसान योजना, बिजली बिल और आरटीओ चालान के नाम पर अढङ फाइल भेजना शामिल है। उक्त फाइल के माध्यम से मोबाइल का एक्सेस लेकर साइबर ठगी की जाती थी। इसके अलावा आरोपी फर्जी एयरटेल पेमेंट बैंक पदाधिकारी बनकर उपभोक्ताओं को झांसे में लेते थे। एयरटेल थैंक्स ऐप के माध्यम से एयरटेल पेमेंट बैंक कार्ड को बंद करने के बाद उपभोक्ताओं को कार्ड दोबारा चालू कराने के नाम पर झांसे में लिया जाता था। आम सहायता के नाम पर उपभोक्ताओं से संपर्क कर उन्हें विश्वास में लेने के बाद ठगी की जाती थी।
22 मोबाइल और 19 सिम कार्ड बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से 22 मोबाइल फोन और 19 सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस द्वारा बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड की तकनीकी जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में इनसे साइबर ठगी में संलिप्तता के संकेत मिले हैं। पुलिस के अनुसार तकनीकी जांच के उपरांत गिरफ्तार आरोपियों के पास से जब्त मोबाइल नंबर एवं आईएमईआई नंबर के विरुद्ध विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज पाए गए हैं। इससे पुलिस को साइबर ठगी के नेटवर्क के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है।
दो आरोपियों का पूर्व से आपराधिक इतिहास
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में अजय कुमार दास एवं रमेश कुमार दास का पूर्व से भी आपराधिक इतिहास रहा है। अजय कुमार दास पूर्व में देवघर साइबर थाना कांड संख्या 103/21 तथा रमेश कुमार दास साइबर थाना कांड संख्या 67/21 में आरोपित रह चुके हैं।
पुलिस की छापेमारी टीम
पूरे अभियान में पुलिस उपाधीक्षक कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में कार्रवाई की गई। छापेमारी दल में पुनि बिशेश्वर कुमार साइबर थाना देवघर, पुअनि मोतीराम देवगम, प्रभारी पथरड्डा ओपी एवं पथरड्डा ओपी की टीम शामिल रही। पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर के आदेशानुसार साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे इस अभियान के तहत हुई कार्रवाई से साइबर ठगी में संलिप्त संदिग्धों के बीच हड़कंप मचा है। बरामद मोबाइल फोन, सिम कार्ड, मोबाइल नंबर एवं आईएमईआई नंबरों की तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।