जामताड़ा संवाददाता – नगर निकाय चुनाव के तहत नगर पंचायत जामताड़ा और नगर परिषद हिजाम में हुए मतदान के बाद अब शहर और कस्बों की फिजा में सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। मतदान संपन्न होते ही मतदाताओं और प्रत्याशियों के समर्थकों की नजरें परिणाम पर टिक गई हैं। जामताड़ा के चौक-चौराहों, चाय की दुकानों, पान-गुमटियों और सैलूनों में लोग चाय की चुस्कियों के साथ जीत-हार का गणित लगाने में जुटे नजर आ रहे हैं।
सुबह से शाम तक शहर के अजंता चौक, कोर्ट रोड, बाजार क्षेत्र और मोहल्लों की चाय दुकानों पर यही चर्चा सुनाई दे रही है कि आखिर किस प्रत्याशी के सिर जीत का ताज सजेगा और किसे जनता करारा जवाब देगी। मतदाता अपने-अपने अनुभव साझा करते हुए बता रहे हैं कि किस वार्ड में मतदान प्रतिशत कैसा रहा, किन मुद्दों पर लोगों ने ज्यादा ध्यान दिया और किन प्रत्याशियों की पकड़ मजबूत दिखाई दी।
इसी तरह नगर परिषद मिहिजाम में भी चुनावी समीक्षा का दौर जारी है। यहां के मुख्य बाजार, बस स्टैंड और मोहल्लों में लोग यह आकलन कर रहे हैं कि स्थानीय मुद्दों-जैसे जलापूर्ति, नाली-रोड, स्ट्रीट लाइट, सफाई व्यवस्था और रोजगार-पर किस प्रत्याशी की बात जनता को ज्यादा पसंद आई। कई जगहों पर समर्थक अपने-अपने उम्मीदवारों की जीत को लेकर आश्वस्त नजर आए, तो वहीं कुछ मतदाता परिणाम को लेकर अभी भी असमंजस में दिखे।
चाय दुकानदारों का कहना है कि मतदान के बाद से उनकी दुकानों पर भीड़ बढ़ गई है। लोग घंटों बैठकर चुनावी चर्चा कर रहे हैं, पुराने चुनावों से तुलना कर रहे हैं और अनुमान लगा रहे हैं कि इस बार जनता का मूड किस ओर है। पान दुकानों और सैलूनों में भी यही माहौल है, जहां बाल कटवाते या पान खाते हुए लोग वार्डवार समीकरण समझने की कोशिश कर रहे हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस बार चुनाव में स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ प्रत्याशियों की व्यक्तिगत छवि और जनता से सीधा संपर्क निर्णायक भूमिका निभा सकता है। मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद अब सभी की निगाहें मतगणना के दिन पर टिकी हैं।
कुल मिलाकर, जामताड़ा और मिहिजाम में मतदान के बाद जनचर्चाओं का बाजार गरम है। चाय की चुस्की के साथ चल रहा यह सियासी मंथन यह बताने के लिए काफी है कि नगर निकाय चुनाव को लेकर जनता कितनी जागरूक और उत्साहित है। अब देखना यह है कि जनता का यह आकलन परिणामों में कितना सटीक साबित होता है।
जनआकांक्षाओं को समर्पित है अबुआ दिशोम बजट : अशोक मंडल
जामताड़ा संवाददाता – राज्य के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मंगलवार को विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। बजट प्रस्तुत होते ही राजनीतिक हलकों में चर्चाओं और प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया। सत्तापक्ष के नेताओं ने इसे राज्य के विकास की नई रूपरेखा बताते हुए स्वागत किया। झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सह दुमका सांसद प्रतिनिधि अशोक मंडल ने बजट की सराहना करते हुए इसे अबुआ दिशोम बजट करार दिया। उन्होंने कहा कि यह बजट राज्य की जन आकांक्षाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है और इसमें सामाजिक सुरक्षा व शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उनके अनुसार शिक्षा में निवेश राज्य के भविष्य को मजबूत करेगा, जबकि सामाजिक सुरक्षा योजनाएं कमजोर वर्गों को संबल प्रदान करेंगी। मंडल ने कहा कि इस बजट में कृषि, पेयजल और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और आम लोगों को बुनियादी सुविधाएं सुलभ होंगी। उन्होंने यह भी कहा कि सभी विभागों को उनकी जरूरत के अनुरूप बजट आवंटित किया गया है, जो संतुलित और समावेशी विकास की दिशा में सकारात्मक कदम है। मुख्यमंत्री मंइयां सम्मान योजना के लिए 14,065 करोड़ रुपये तथा पेंशनधारियों के लिए 1,463 करोड़ 58 लाख रुपये के प्रावधान को उन्होंने साहसिक और जनहितकारी निर्णय बताया। श्री मंडल ने विश्वास जताया कि यह बजट झारखंड को आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
मिहिजाम के प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय, बेसिक स्कूल एवं प्राथमिक विद्यालय आम बागान में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के विशेष संरक्षक
मिहिजाम संवाददाता – डॉ पूनम माला कोण्डई छात्र छात्राओं का शैक्षणिक एवं मानवाधिकार के प्रति जागरूक एवं सर्वांगीण विकास को लेकर निरीक्षण के लिए उपस्थित हुई। इसी क्रम में आम बागान प्राथमिक विद्यालय एवं बेसिक स्कूल स्थित आंगनवाड़ियों का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान बच्चों से सवाल भी की जिसका उत्तर छात्र छात्राओं ने बखूबी दिया। आम बागान आंगनवाड़ी केंद्र में एक लाभुक का गोद भराई की रस्म अदा किया गया। साथ ही प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय में विद्यालय परिवार के द्वारा अतिथियों का भव्य स्वागत किया गया। स्वागत गान के साथ शुरू होकर पुष्पगुच्छ देकर अतिथियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डॉ पूनम माला कोण्डई ने बच्चों को पूर्व राष्ट्रपति डॉ अब्दुल कलाम के द्वारा बताए गए प्रेरित करने वाले वाक्यों को बच्चों के साथ चर्चा किया। साथ ही बच्चों से हम होंगे कामयाब गीत को बच्चों को गाने के लिए प्रेरित किया। मौके पर जिला शिक्षा पदाधिकारी चार्ल्स हेंब्रम, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कलानाथ, जिला शिक्षा अधीक्षक विकेश कुणाल प्रजापति समेत काफी संख्या में अन्य संबंधित कर्मी मौजूद थे।
मिहिजाम में खाद्य सुरक्षा विभाग की दबिश, दुकानों की हुई सघन जांच
मिहिजाम संवाददाता – मिहिजाम में आज बुधवार को खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी की टीम ने औचक निरीक्षण अभियान चलाया। टीम के पहुंचते ही बाजार क्षेत्र में हड़कंप मच गया। विभिन्न मिठाई दुकान, मुर्गा, एवं मांस दुकानों की सघन जांच की गई। इस दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई व्यवस्था, लाइसेंस की जांच की गई।
खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी अपूर्वा मिंज ने आज दोपहर करीब 2 बजे बताया कि आम लोगों को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिकता है। कुछ दुकानों से जांच के नमूने लिए गए हैं। इस दौरान एफएसओ ने बताया कि मिहिजाम के स्टेशन रोड, एक नंबर गेट के समीप मुर्गा,मांस की दुकानों का लाइसेंस की जांच की गई। साथ ही साथ कई बिंदुओं को लेकर महत्वपूर्ण दिशा निर्देश के साथ सुझाव भी दिया गया। इसके अलावा सरकार के द्वारा जारी किए गए गाइड लाइन का पालन करने की बात कही गई।
नारायणपुर प्रखंड के चार पंचायतों में मनरेगा का सोशल ऑडिट संपन्न
नारायणपुर संवाददाता – नारायणपुर प्रखंड अंतर्गत सबनपुर, टोपाटांड़, शहरपुर और रूपडीह पंचायतों में मनरेगा योजनाओं का सोशल ऑडिट कार्यक्रम आयोजित किया गया। सोशल ऑडिट के दौरान वित्तीय वर्ष में संचालित योजनाओं की समीक्षा करते हुए अभिलेखों का सत्यापन और स्थलीय जांच की गई।
सोशल ऑडिट टीम द्वारा योजनाओं से संबंधित मस्टर रोल, मापी पुस्तिका, भुगतान विवरण और कार्यस्थल की स्थिति का मिलान किया गया। इस दौरान कुछ स्थानों पर मजदूरी भुगतान में देरी, कार्य पूर्ण होने के बावजूद बोर्ड नहीं लगाए जाने तथा अभिलेखों में त्रुटि जैसी बातें सामने आईं। ग्रामीणों ने खुलकर अपनी समस्याएं रखीं और पारदर्शिता की मांग की।
जनसुनवाई में उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि सोशल ऑडिट का उद्देश्य योजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। जिन मामलों में गड़बड़ी पाई गई है, उनकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लंबित भुगतान को शीघ्र निष्पादित करने का आश्वासन दिया गया।
कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधि, पंचायत सचिव, रोजगार सेवक, मेट एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने कहा कि सोशल ऑडिट से योजनाओं की वास्तविक स्थिति सामने आती है और इससे व्यवस्था में सुधार की उम्मीद बढ़ती है।
भालको में धूमधाम से हुई चंडी पूजा
कुंडहित संवाददाता – बुधवार को कुंडहित प्रखंड के भालको गांव में देवी चंडी की वार्षिक पूजा अर्चना धूमधाम से किया गया। पुजा के दौरान भक्तों और श्रद्धालुओं द्वारा देवी चंडी की प्रतिमा को सिर पर रखकर भालको गांव का परिभ्रमण कराया गया। इस दौरान स्थानीय महिला और पुरूष भक्तों ने परिभ्रमण के दौरान श्रद्धा से पूजा अर्चना किया। पूजा को लेकर श्रद्धालु बूधवार को उपवास पर रहे। पूजा के उपरांत श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। पूजा को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी थी। मान्यता है कि पूजा में मन्नत मांगनेवालों की मुराद पूरी हो जाती है। जानकारी के अनुसार भालको में देवी चंडी की पूजा कई वर्षों से हो रही है।जहाँ हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी पुजा बड़े धूमधाम के साथ मनाया गया। चंडी पूजा को लेकर मंगलवार को भालको में श्रद्धालुओं की विशेष चहल-पहल और गहमा गहमी बनी रही।
मनरेगा योजनाओ की हुई पंचायत स्तरीय जनसुनवाई
कुंडहित संवाददाता – बुधवार को प्रखंड के पांच पंचायतो में मनरेगा योजनाओं के सामाजिक अंकेक्षण के तहत पंचायत स्तरीय जन सुनवाई कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान संबंधित पंचायतो में वर्ष 2024 से 2025 तक की अवधि में संचालित योजनाओं की जनसुनवाई की गयी। जनसुनवाई कर रही ज्यूरी टीम के बीआरपी ने बताया कि 5 पंचायतों की जनसुनवाई हुई। इस दौरान काफी योजनाओं में गड़बड़ियां पाई गयी है। कहीं बिना एमबी के निकासी, कहीं काम अधूरा, कहीं कार्य में बोर्ड नहीं होने सरीखे मामले सामने आये। मनरेगा संचालित योजनाओं में त्रुटियों पर मनरेगा नियम के अनुसार अर्थदंड लगाया गया। मौके पर सभी पंचायत में मुखिया, पंचायत सेवक, रोजगार सेवक आदि मौजूद थे।