85 शिवभक्तों ने सुल्तानगंज से देवघर तक 105 किमी की पदयात्रा कर किया बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक, मार्ग के विभिन्न पड़ावों पर हजारों कांवड़ियों की नि:शुल्क सेवा
देवघर/नगर संवाददाता। बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष के बीच मद्रास कांवड़ संघ, चेन्नई की रजत जयंती वर्ष 2026 की कांवड़ यात्रा श्रद्धा, सेवा और शिवभक्ति के साथ संपन्न हुई। संघ के 85 शिवभक्तों ने सुल्तानगंज के गंगाधाम से पवित्र गंगाजल लेकर करीब 105 किलोमीटर की पदयात्रा की और 8 अगस्त को बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचकर ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक किया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने बाबा वासुकीनाथ धाम पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। मद्रास कांवड़ संघ के लिए इस वर्ष की यात्रा विशेष रही, क्योंकि संघ ने कांवड़ यात्रा के 25 वर्ष पूरे किए हैं। रजत जयंती वर्ष के अवसर पर धार्मिक यात्रा के साथ सेवा कार्यों को भी विशेष प्राथमिकता दी गई। सुल्तानगंज से देवघर तक विभिन्न पड़ावों पर देशभर से आने वाले कांवड़ियों के लिए नि:शुल्क सेवा शिविर लगाए गए।
विभिन्न पड़ावों पर हजारों कांवड़ियों की सेवा
असरगंज, मनिया मोड़, जिलेबिया मोड़, अबरखा, गोड़ियारी और देवघर द्वार सहित विभिन्न पड़ावों पर संघ की ओर से भोजन प्रसादी, फल, नींबू शिकंजी, लाल शरबत, शीतल जल, बाम और प्राथमिक चिकित्सा समेत कई सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। संघ के स्वयंसेवक सुबह से देर रात तक सेवा कार्यों में जुटे रहे। यात्रा के अंतिम चरण में डाक बम कांवड़ियों के लिए फल, नींबू शिकंजी, लाल शरबत और बाम सेवा की विशेष व्यवस्था की गई। तेज गति से यात्रा करने वाले डाक बम श्रद्धालुओं को इससे तत्काल राहत और आवश्यक सहयोग मिला।
भजन संध्या ने बांधा समां
रजत जयंती यात्रा का प्रमुख आकर्षण प्रतिदिन आयोजित होने वाली भजन संध्या रही। राजस्थान के लक्ष्मणगढ़ के भजन गायक पवन शर्मा ‘निर्मल’ अपनी संगीत मंडली के साथ पूरी यात्रा में शामिल रहे। असरगंज से अंतिम पड़ाव तक प्रतिदिन शाम को शिव भजनों की प्रस्तुति हुई। भजन संध्या में बड़ी संख्या में कांवड़िए शामिल हुए और देर रात तक भक्ति रस में झूमते रहे। हर पड़ाव पर बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण शिवमय बना रहा।
सेवा को यात्रा का मुख्य उद्देश्य बताया
मद्रास कांवड़ संघ के चेयरमैन ओम प्रकाश डागा ने कहा कि रजत जयंती वर्ष की यात्रा संघ के लिए गौरव और भावनात्मक अवसर रही। पिछले 25 वर्षों से बाबा बैद्यनाथ की कृपा से संघ कांवड़ यात्रा और सेवा की परंपरा को आगे बढ़ा रहा है। इस वर्ष भी उद्देश्य केवल यात्रा पूरी करना नहीं, बल्कि सुल्तानगंज से देवघर तक आने वाले अधिक से अधिक शिवभक्तों की सेवा करना था। संघ के अध्यक्ष संजय मूंदड़ा ने बताया कि यात्रा को सेवा-प्रधान और सुव्यवस्थित बनाने के लिए पहले से व्यापक तैयारियां की गई थीं। प्रत्येक पड़ाव पर भोजन, विश्राम और अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था की गई थी। उन्होंने कहा कि संघ का संकल्प था कि यात्रा के दौरान कोई भी शिवभक्त सेवा से वंचित न रहे।
सदस्यों ने संभाली अलग-अलग जिम्मेदारियां
कोषाध्यक्ष राजेश भौतिका ने बताया कि पूरी यात्रा के दौरान संघ के सदस्यों ने अलग-अलग जिम्मेदारियां संभालते हुए सेवा व्यवस्थाओं को सुचारु बनाए रखा। भोजन, पेयजल, फल वितरण, शिकंजी और शरबत सहित सभी व्यवस्थाएं पूरी निष्ठा से संचालित की गईं। संयोजिका मीना डागा ने कहा कि यात्रा में महिलाओं, वरिष्ठ श्रद्धालुओं और सभी कांवड़ियों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया। भजन संध्या और सेवा कार्यक्रमों ने यात्रा को आध्यात्मिक वातावरण प्रदान किया।
जलाभिषेक के साथ पूरी हुई रजत जयंती यात्रा
कई दिनों की पदयात्रा के बाद 8 अगस्त को 85 शिवभक्तों ने बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचकर पवित्र गंगाजल से ज्योतिर्लिंग का जलाभिषेक किया। इस दौरान श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और परिवार, समाज तथा देश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद बाबा वासुकीनाथ धाम में दर्शन-पूजन के साथ रजत जयंती वर्ष की यात्रा पूर्ण हुई। मद्रास कांवड़ संघ की यह यात्रा धार्मिक आस्था के साथ सेवा, समर्पण और सामाजिक सद्भाव का संदेश भी दे गई। सुल्तानगंज से देवघर तक हजारों कांवड़ियों को नि:शुल्क भोजन, फल, पेयजल, शिकंजी, शरबत और अन्य सेवाएं उपलब्ध कराकर संघ ने अपनी 25 वर्षों की सेवा परंपरा को और मजबूत किया। यात्रा के सफल समापन पर संघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने भविष्य में भी सेवा और शिवभक्ति की इस परंपरा को जारी रखने का संकल्प लिया।
पूजा करने के दौरान मोटरसाइकिल की चोरी
सारवां/संवाददाता। थाना क्षेत्र के डंगाल कुरेवा गांव निवासी विकास कुमार के द्वारा थाने में आवेदन देकर गोला बाजार दुबे बाबा मंदिर परिसर में पूजा करने के दौरान मोटरसाइकिल के चोरी की शिकायत को लेकर थाने में आवेदन दिया है। दिए गए आवेदन में कहा गया है कि 10 अगस्त को आवेदक बाबा दुबे का पूजा मोटरसाइकिल से करने गए थे। सुबह करीब 8:30 बजे अपनी मोटरसाइकिल को भारतीय स्टेट बैंक शाखा सारवां के बगल में खड़ा कर पूजा करने गया। वापस आकर देखा कि उनका मोटरसाइकिल उक्त स्थान पर नहीं है अगल-बगल खोज काफी खोज बिन किया पर कुछ पता नहीं चल पाया जिसे लेकर थाने में आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है दिए गए आवेदन में गाड़ी पंजीयन संख्या जेएच 15 भी 1786 लिखा गया है आवेदन के आधार पर पुलिस आगे के जांच में जूटी है।
खाद्य सुरक्षा विभाग का सघन निरीक्षण अभियान जारी, घोरमारा में 25 पेड़ा दुकानों और आईएसबीटी बाघमारा में 18 भोजनालयों की जांच
देवघर/संवाददाता उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी के निर्देशानुसार श्रावणी मेला-2026 के दौरान श्रद्धालुओं एवं आम उपभोक्ताओं को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग की गठित टीमों द्वारा सघन निरीक्षण एवं जांच अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी क्रम में घोरमारा क्षेत्र में करीब 25 पेड़ा दुकानों की जांच की गई। निरीक्षण के दौरान दुकानदारों को पेड़ा एवं खोवा की खरीद से संबंधित बिल एवं आवश्यक दस्तावेज सुरक्षित रखने तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। घोरमारा क्षेत्र में माँ गंगा पेड़ा भंडार, ललित पेड़ा भंडार, प्रियंका पेड़ा भंडार, सुधा पेड़ा भंडार, गुड्डू पेड़ा भंडार एवं ओम पेड़ा भंडार सहित विभिन्न पेड़ा दुकानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि घोरमारा क्षेत्र के कुछ पेड़ा दुकानों के संचालक खाद्य सुरक्षा टीम के निरीक्षण के दौरान दुकानें बंद कर जांच से बचने का प्रयास करते हैं।
ऐसे संचालकों को सख्त चेतावनी दी गई कि भविष्य में निरीक्षण के दौरान दुकान बंद कर जांच से बचने का प्रयास किए जाने पर संबंधित पेड़ा दुकानों को सील करते हुए नियमानुसार अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी। लगभग सभी पेड़ा दुकानों में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत एफएसएसएआई खाद्य लाइसेंस/पंजीकरण पाया गया। जिन दुकानों में खाद्य लाइसेंस/पंजीकरण नहीं पाया गया, उन्हें यथाशीघ्र खाद्य लाइसेंस/पंजीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया गया। निरीक्षण के दौरान सुखाड़ी मंडल, घोरमारा एवं गोवर्धन, घोरमारा से पेड़ा के दो विधिक नमूने संग्रहित किए गए, जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। जांच प्रतिवेदन आने के बाद अग्रेतर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा सुखाड़ी गार्डन एवं रूबी रेस्त्राँ में पनीर एवं विभिन्न मसालों की ऑन-द-स्पॉट जांच की गई। जांच किए गए खाद्य पदार्थ प्रथम दृष्टया संतोषजनक पाए गए। वहीं, आईएसबीटी वाघमारा बस स्टैंड क्षेत्र में करीब 18 भोजनालयों का निरीक्षण किया गया। इनमें होटल राज प्रियांश, अनुराग होटल, गणपति भोजनालय एंड मिष्ठान तथा होटल स्वास्तिक एंड फैमिली रेस्टोरेंट शामिल हैं। इस दौरान भोजनालयों में सॉस, अचार, मसाले, पापड़ एवं खाद्य तेल आदि की ऑन-द-स्पॉट जांच की गई। जांच के दौरान हल्दी के दो नमूनों में मिलावट की पुष्टि हुई। इसके बाद दो अलग-अलग दुकानों से कुल 03 किलोग्राम मिलावटी हल्दी को मौके पर ही नष्ट कराया गया। जिन प्रतिष्ठानों में अनियमितता पाई गई, उनमें होटल राज प्रियांश एवं अनुराग होटल शामिल हैं। निरीक्षण के दौरान खाद्य प्रतिष्ठानों के संचालकों के बीच जागरूकता पर भी बल दिया गया, ताकि किसी भी तरह की खाद्य विषाक्तता की संभावनाओं को शून्य किया जा सके।
रातभर कांवरियों की सेवा में जुटे रहे यूथ वॉइस के कार्यकर्ता
देवघर/नगर संवाददाता।
पवित्र श्रावण माह में बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले कांवरियों की सेवा के लिए यूथ वॉइस, देवघर के कार्यकर्ताओं ने रविवार की रात से सोमवार की सुबह तक सेवा अभियान चलाया। संगठन के सदस्यों ने रातभर विभिन्न स्थानों पर उपस्थित रहकर दूर-दराज से आए कांवरियों को पेयजल, गर्म पानी, नींबू चाय और प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई। साथ ही श्रद्धालुओं को विश्राम में सहयोग और आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया। सेवा अभियान के दौरान यूथ वॉइस के कार्यकर्ताओं ने पूरी रात सेवा भाव के साथ कांवरियों की सहायता की। लंबी दूरी की यात्रा कर बाबा नगरी पहुंच रहे श्रद्धालुओं को तत्काल आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ उनकी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया गया। संगठन के सदस्य शुभम कुमार ने कहा कि बाबा नगरी देवघर की पहचान केवल धार्मिक आस्था से ही नहीं, बल्कि सेवा और समर्पण की परंपरा से भी है। सावन में शिवभक्तों की सेवा करना सामाजिक दायित्व के साथ पुण्य का कार्य भी है। इसी भावना के साथ यूथ वॉइस के कार्यकर्ता आगे भी जनसेवा और सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे। सेवा अभियान में अनुज राय, अभिजीत सिंह, प्रीतम राय, बंटी राय, विशाल, धीरज तिवारी, कुंदन, चंदन, रूपेश कुमार, रितेश कुमार, अभिषेक सिंह, सिंटू कुमार, अंकित पाण्डेय, लव कश्यप, पीयूष शर्मा, प्रियांशु, प्रीतम भारद्वाज, अंकित राय और केशव सहित संगठन के कई कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई।
आसमान से दिख रहा बाबा नगरी का अद्भुत नजारा, हेलीकॉप्टर में बैठकर श्रद्धालु कर रहे बाबा बैद्यनाथ का हवाई दीदार
सुनील झा/देवघर। सावन की भीड़, हर-हर महादेव के जयघोष और कांवरियों की लंबी कतारों के बीच इन दिनों बाबा नगरी देवघर का नजारा जमीन के साथ-साथ आसमान से भी देखने को मिल रहा है। बाबा बैद्यनाथ के दरबार में जलार्पण करने के बाद श्रद्धालु अब हेलीकॉप्टर में सवार होकर बाबा मंदिर, त्रिकूट पर्वत और देवघर के आसपास के पर्यटन स्थलों को आसमान से निहार रहे हैं। श्रावणी मेले के दौरान झारखंड सरकार की ओर से शुरू की गई हवाई परिदर्शन सेवा श्रद्धालुओं के लिए आस्था के साथ रोमांच और पर्यटन का नया अनुभव बन गई है। देवघर के हथगढ़ मैदान से संचालित हो रही इस सेवा को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। देश के अलग-अलग राज्यों से बाबा बैद्यनाथ का दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु पूजा-अर्चना के बाद इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। कई श्रद्धालुओं के लिए हेलीकॉप्टर की यह यात्रा सिर्फ एक सवारी नहीं, बल्कि बाबा नगरी को एक अलग नजरिए से देखने का यादगार अनुभव बन रही है।
जमीन से आसमान तक बाबा नगरी का आकर्षण
सुल्तानगंज से गंगाजल लेकर पैदल बाबा धाम पहुंचने वाले कांवरियों के लिए श्रावणी मेला स्वयं में आस्था और तपस्या का पर्व है। वहीं, दूसरे श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के साथ देवघर की प्राकृतिक और धार्मिक विरासत को भी करीब से महसूस करना चाहते हैं। ऐसे में हवाई परिदर्शन सेवा उन्हें एक अलग अनुभव दे रही है। हेलीकॉप्टर के उड़ान भरते ही नीचे दिखाई देने वाला बाबा मंदिर परिसर, देवघर शहर, आसपास का प्राकृतिक क्षेत्र और दूर तक फैला भू-दृश्य श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहा है। निर्धारित सेक्टर के अनुसार त्रिकूट पर्वत और बाबा बासुकीनाथ धाम का भी हवाई परिदर्शन कराया जा रहा है।
295 यात्रियों ने अब तक लिया हवाई परिदर्शन का अनुभव
झारखंड सरकार के नागर विमानन विभाग के विशेष कार्य पदाधिकारी मदन नारायण प्रसाद ने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर श्रावणी मेले के दौरान हवाई परिदर्शन सेवा शुरू की गई है। 4 अगस्त से शुरू हुई इस सेवा के तहत शनिवार तक 295 यात्री हेलीकॉप्टर से हवाई परिदर्शन कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि सेवा आगामी 28 अगस्त तक प्रस्तावित है। हालांकि उड़ान पूरी तरह मौसम की स्थिति और एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) के निर्देश पर निर्भर करेगी। यात्रियों की उपलब्धता को भी ध्यान में रखा जाएगा। हवाई परिदर्शन सेवा सुबह 10 बजे से शाम 5:30 बजे तक संचालित की जा रही है। खराब मौसम अथवा एटीसी से अनुमति नहीं मिलने के कारण उड़ान रद्द होने की स्थिति में यात्रियों को उनका किराया वापस कर दिया जाता है।
अलग-अलग सेक्टर के लिए निर्धारित है शुल्क
हवाई परिदर्शन के लिए अलग-अलग सेक्टर के अनुसार शुल्क निर्धारित किया गया है। देवघर के लिए 2850 रुपये और बाबा बासुकीनाथ धाम के लिए 3750 रुपये शुल्क रखा गया है। विभाग की ओर से अन्य सेक्टरों के लिए भी निर्धारित दर के अनुसार सेवा उपलब्ध कराई जा रही है। मदन नारायण प्रसाद के अनुसार बिहार, झारखंड, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश सहित देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालु इस सुविधा का लाभ उठा रहे हैं। सेवा के संचालन के लिए नौ पदाधिकारी और आवश्यक कर्मचारियों को लगाया गया है। यात्रियों से लगातार फीडबैक भी लिया जा रहा है और अब तक लोगों की प्रतिक्रिया संतोषजनक रही है।
सोशल मीडिया से मिली जानकारी, बाबा का हवाई दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु
छत्तीसगढ़ के शक्ति जिले के रहने वाले सुमित अग्रवाल के लिए देवघर की यात्रा में हेलीकॉप्टर की सवारी एक नया अनुभव है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से उन्हें झारखंड सरकार की हवाई परिदर्शन सेवा की जानकारी मिली। देवघर पहुंचने के बाद शहर में सेवा की जानकारी मिलने पर उन्होंने अधिकारियों से संपर्क किया और हेलीकॉप्टर से बाबा मंदिर का हवाई नजारा देखने का निर्णय लिया। सुमित अग्रवाल ने कहा कि श्रद्धालुओं के लिए इस तरह की सुविधा उपलब्ध कराना अच्छी पहल है। बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के साथ देवघर को आसमान से देखने का अनुभव उनके लिए खास रहेगा। इसी तरह शक्ति जिले के जयजयपुर गांव से आए अभिषेक अग्रवाल ने भी इस सुविधा का लाभ उठाया। उन्होंने बताया कि हवाई सेवा की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने वेबसाइट पर इसके बारे में जानकारी हासिल की।
वैष्णवी दुबे बाबा मंदिर में वार्षिक उत्सव का आयोजन
सारवां/संवाददाता।
प्रखंड क्षेत्र के वैष्णवी दुबे बाबा मंदिर गोला बाजार में वार्षिक पूजा का आयोजन समिति की देखरेख में आयोजित किया गया। इस अवसर पर पूजा अर्चना कर श्रद्धालुओं ने सुख समृद्धि की कामना बाबा दुबे से की। मान्यता है कि बाबा दुबे की पूजा करने से जहरीले जीव जंतुओं से लोगों की रक्षा के साथ फसलों की रक्षा होती है और इसी को लेकर बरसों पूर्व से मंदिर की स्थापना के बाद से पूजा निर्वरत जारी है। पहले सुबह से ही पूजा अर्चना को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ उम्र पड़ी लोगों के द्वारा पुजार चना कर परिवार के सुख समृद्धि और फसलों की रक्षा की कामना बाबा दुबे से की। वही सावन की दूसरी सोमवारी के अवसर पर प्रखंड क्षेत्र के बाबा दु:ख हरणनाथ मंदिर सारवां, बाबा मनकेश्वर नाथ, बैजनाथपुर बाबा, बाबा देव पहरीनाथ शिव मंदिरों के अलावा शिवालयों में पूजा अर्चना को लेकर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। श्रद्धालुओं ने बाबा की पूजा कर अपने परिवार की श्री समृद्धि की कामना की। मौके पर क्षेत्र के महतोडीह, गोला बाजार, भजलपुर, बिशनपुर, बैजनाथपुर, सकरिया, भंडारो, पांचूडीह, गादी, मोहडार, मंझीलाडीह, राउतडीह, नारंगी, सुड़ियाडीह, निकतपुर, दलदली, छिट पांचूडीह आदि दर्जनों गांवो से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पूजा को लेकर उमड़ पड़े। लोगों बाबा को अक्षत, पुष्प, गंगाजल, जनेऊ, पान, सुपाड़ी अर्पित कर बाबा से परिवार की रक्षा की कामना की। मौके पर पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने पहुंच कर माथा टेक क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर सहायक अवर निरीक्षक मुकेश मिश्रा, राजेश कुमार सिंह, बबलू राय, शीत बसंत कुमार बलराम पोद्दार, निवास बरनवाल, कार्तिक वर्मा, पुजारी धनंजय मिश्रा, शंभू पांडे, पुड़की मीरहा सहित बंधु रवानी, शिवा दत्ता व अन्य उपस्थित थे। मौके पर ग्रामीणों के द्वारा लाए गए दूध से खीर बना कर ब्राह्मण भोजन जेवनार कराया गया।
देवघर के नन्हे शतरंज खिलाड़ियों का जलवा
देवघर/संवाददाता
भागलपुर में 8 एवं 9 अगस्त को आयोजित फर्स्ट रिवल ऑफ अंग ओपन रैपिडरेटिंग चेस टूर्नामेंट -2026 में देवघर के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया। एफआईडीई , एआईसीएफ एवं ऑल बिहार चेस एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में बिहार सहित विभिन्न राज्यों के 365 से अधिक खिलाड़ियों ने भाग लिया।प्रतियोगिता में देवघर के उभरते खिलाड़ी आरुष कुमार ने अंडर-10 वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पुरस्कार सूची में स्थान बनाया। वहीं युवेन ड्रोलिया ने अंडर-14 वर्ग में शानदार खेल का प्रदर्शन कर पुरस्कार प्राप्त किया। दोनों खिलाड़ियों ने कड़े मुकाबलों में अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का परिचय दिया। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि की जानकारी उनके कोच सौरभ सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि दोनों खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान आत्मविश्वास, अनुशासन और धैर्य के साथ खेलते हुए उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि यह सफलता खिलाड़ियों की मेहनत, समर्पण और निरंतर अभ्यास का परिणाम है। देवघर जिला शतरंज संघ के अध्यक्ष डॉ सुनील खवाड़े ने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि देवघर के नन्हे शतरंज खिलाड़ियों का जलवा यह बता रहा है कि जिले में चेस का भविष्य उज्जवल है। संघ के सचिव आशीष कुमार ने कहा कि जिले के खिलाड़ी लगातार राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। यह देवघर में शतरंज के बढ़ते स्तर और खिलाड़ियों की प्रतिभा को दर्शाता है। संघ के समन्वयक नवीन शर्मा, कोषाध्यक्ष प्रणव शंकर, संयुक्त सचिव बिट्टू सिंह, सौरभ सिंह, हेमंत दत्ता, शंकर लाल, अनंत एवं रौनक ने भी दोनों खिलाड़ियों को शानदार उपलब्धि पर बधाई देते हुए भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए शुभकामनाएं दीं।
दूसरी सोमवारी पर भी जारी रही कुरमी महासभा की सेवा, कांवरियों को बांटे फल-शरबत और साबूदाना खीर
देवघर/नगर संवाददाता।
श्रावणी मेले में बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंच रहे कांवरियों की सेवा के लिए झारखंड कुरमी महासभा, देवघर की ओर से संचालित बोल बम सेवा शिविर में लगातार सेवा कार्य जारी है। दूसरी सोमवारी को भी महासभा के पदाधिकारियों और सदस्यों ने शिविर में श्रद्धालुओं की सेवा की। कांवरियों के बीच फल, शरबत, ठंडा पानी, गर्म पानी, शीतल पेय, साबूदाना खीर और जलेबी का वितरण किया गया। लंबी दूरी की पदयात्रा के दौरान चोटिल हुए कई कांवरियों को दर्दनिवारक मलहम और स्प्रे लगाकर उन्हें राहत पहुंचाने का प्रयास किया गया। सेवा शिविर में सुबह से ही कांवरियों की आवाजाही बनी रही। तपती गर्मी और लंबी पैदल यात्रा से थके श्रद्धालुओं को ठंडा पानी और शरबत उपलब्ध कराया गया, जबकि आवश्यकता के अनुसार गर्म पानी की भी व्यवस्था की गई। फल और साबूदाना खीर के साथ जलेबी का वितरण कर कांवरियों को अल्पाहार उपलब्ध कराया गया। शिविर में महासभा के सदस्य लगातार श्रद्धालुओं की जरूरतों का ध्यान रखते रहे। महासभा के सदस्यों ने बताया कि सावन के दौरान बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले शिवभक्तों की सेवा करना संगठन के लिए सामाजिक दायित्व के साथ आस्था का विषय भी है। कांवरियों की कठिन यात्रा में छोटी-सी सहायता भी उन्हें राहत देती है। इसी उद्देश्य से महासभा के सदस्य पिछले कई दिनों से लगातार सेवा कार्य में जुटे हुए हैं। इस पुनीत सेवा कार्य में देवघर के महापौर रवि कुमार राउत, झारखंड कुरमी महासभा देवघर के अध्यक्ष डॉ राजीव रंजन, महासचिव मनोज कुमार राव, डब्लू कुमार राउत, संजय कुमार राउत, बमबम राउत, राज कुमार राव, रवि कांत, मुकेश कुमार, देवेंद्र कुमार, बीरेंद्र प्रसाद रावत, प्रहलाद रावत, सचिन कुमार राउत, मनोज राउत, जितेंद्र राउत, दीवाशंकर राउत, दीपक कुमार राउत, विक्की कुमार, परमेश राव, विकास कुमार और मीडिया प्रभारी राजीव कांत सहित महासभा के कई सक्रिय सदस्यों ने योगदान दिया। महासभा के सदस्यों ने कहा कि सेवा का यह सिलसिला श्रावणी मेले के दौरान लगातार जारी रहेगा। उनका प्रयास है कि बाबा नगरी पहुंचने वाले किसी भी कांवरिए को आवश्यकता के समय यथासंभव सहायता और राहत मिल सके।
12वां वेतन बोर्ड लागू करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा का धरना-प्रदर्शन
चितरा/संवाददाता।
12वां वेतन बोर्ड लागू करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा के बैनर तले कोलियरी के क्षेत्रीय कार्यालय मुख्य द्वार के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान मजदूर नेताओं एवं कोल कर्मियों ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि मजदूरों की जायज मांगों को लंबे समय तक लंबित रखना उचित नहीं है। 12वां वेतन बोर्ड जल्द लागू नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। मौके पर मजदूर नेता श्याम सुंदर तिवारी, संदीप शंकर, रामदेव सिंह, योगेश राय, होपना मरांडी, अभिषेक कुमार, दिनेश महतो, बलदेव महतो, जनार्दन मंडल, डोमन दे समेत अन्य मौजूद थे।
बाबा मंदिर में पूजा के बाद महिला कांवरिया की मौत
देवघर/संवाददाता। बाबा बैद्यनाथ मंदिर में पूजा करने के बाद रिखिया स्थित स्टैंड में अपनी गाड़ी के पास पैदल जा रही बिहार के बक्सर जिले की 65 वर्षीय महिला कांवरिया सोनामति देवी अचानक चक्कर आने से गिरकर बेसुध हो गयीं। साथ चल रहे कांवरियों की मदद से उनके बेटे रामसागर चौधरी इलाज के लिए उन्हें देवघर सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां ऑन ड्यूटी डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतका सोनामति देवी बक्सर जिले के सिमरी थाना क्षेत्र के गंगोली गांव की रहने वाली थीं। डॉक्टर द्वारा महिला कांवरिया को मृत घोषित किए जाने की सूचना मिलने पर बैद्यनाथधाम ओपी की पुलिस सदर अस्पताल पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
सावन की सोमवारी पर शिवालयों में उमड़ी भीड़
पालोजोरी/संवाददाता। सावन माह की सोमवारी पर पालोजोरी के विभिन्न शिवालयों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। ब्रह्ममुहूर्त से ही हजारों शिवभक्त मंदिरों में पहुंचने लगे और भगवान शिव का विधि-विधान से जलाभिषेक किया। पूरा दिन मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से गूंजता रहा, जबकि भक्ति और आस्था का माहौल पूरे क्षेत्र में देखने को मिला। पालोजोरी बाजार स्थित शिवालय, फतेहनाथ, खागा, बगदाहा, सगराजोर, पालोजोरी और जरमुंडी की सीमा पार स्थित जामधारा में शिवभक्तों का ताँता लगा रहा। स्थानीय मंदिर कमिटी के सदस्य श्रद्धालुओं की सेवा में लगे रहे। वहीँ स्थानीय मंदिर कमिटी द्वारा शिवालयों को आकर्षक तरीके से सजाया गया है।
इंटक ने किया कांवरियों के बीच फल व पानी वितरण
देवघर/वरीय संवाददाता। दूसरी सोमवारी के दिन झारखंड प्रदेश इंटक एवं देवघर जिला इंटक द्वारा कांवरियों के बीच हदहदिया पुल के समीप फल एवं पानी का वितरण किया गया। फल एवं पानी वितरण कार्यक्रम में देवघर जिला इंटक के जिला अध्यक्ष अनंत मिश्रा, झारखंड प्रदेश इंटक के प्रदेश सचिव अजय कुमार, देवघर जिला ओबीसी के जिला सचिव रमाकांत यादव , देवघर जिला इंटक के उपाध्यक्ष सुभाष, जिला इंटक के परिमल भोक्ता, मनीष, क्षितिज भोक्ता एवं सिल्की सहित कई अन्य इंटक के कार्यकर्ता शामिल थे। उक्त अवसर पर झारखंड प्रदेश इंटक के प्रदेश सचिव अजय कुमार ने कहा कि श्रावण मास में कांवरियों की सेवा करने का मौका मिलना न सिर्फ सौभाग्य की बात है बल्कि कांवरियों की सेवा निश्चित रूप से शिव की उपासना के समान है।
पुण्यतिथि पर हरिशंकर परसाई को श्रद्धांजलि
देवघर/वरीय संवाददाता। बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन के पूर्व प्रवक्ता अजय कुमार ने पुण्यतिथि पर स्वर्गीय हरिशंकर परसाई को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि हिंदी के प्रतिबद्ध व्यंग्यकार के रूप में स्वर्गीय परसाई अद्वितीय माने जाते थे। जीवन के सभी क्षेत्रों में व्याप्त विसंगतियों पर तीव्र प्रहार करने वाले निर्भीक किंतु बेहतर मानवीय समाज के स्वप्न द्रष्टा स्वर्गीय परसाई अपनी व्यंग्यात्मक रचनाओं के लिए सदैव याद किए जाते रहेंगे।
सावन की दूसरी सोमवारी को मंदिरों में भक्तों की जुटी भीड़
सारठ/संवाददाता। श्रावण मास के दूसरे सोमवारी को सारठ प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गंावों के मंदिरों में पूजा-अर्चना करने के लिए भक्तों की देर तक मंदिरों में भीड़ जुटती रही।वहीं सारठ स्थित बाबा दुखहरण नाथ मंदिर के पंडित जयप्रकाश राजहंस और राजेश राजहंस बताते है कि श्रावण मास में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है।इस माह में पूजा करने से भगवान शिव अपने भक्तों से ज्यादा प्रसन्न रहते हैं।इनकी पूजा विधि-विधान के साथ करने पर भक्तों की सभी मनोकामनाऍ पूरी होती है और जीवन में सुख-समृद्वि आती है।धार्मिक मान्यताओं से मिली जानकारी के अनुसार बताया जाता है कि समुद्र मंथन के दौरान भगवान शिव ने विष पाण किये थे और उस विष को शांत करने के लिए देवी-देवताओं ने उन पर जल चढ़ाया था और तभी से सावन के महीनें में जलाभिषेक की परम्परा शुरू हुई थी।वहीं श्रावण मास के प्रत्येक सोमवार को महिलाऍ अपने परिवार की सुख-समृद्वि के लिए पूजा-अर्चना कर उपवास भी रखती हैं।