ग्रामीणों ने की संवेदक पर कार्रवाई की मांग
महेशपुर। संवाददाता। प्रखंड के गोबिंदपुर गांव में लैंप्स गोदाम भवन का निर्माण कार्य पिछले चार वर्षों से अधूरा पड़ा है। यह भवन बरमसिया जाने वाली सड़क के किनारे स्थित है। भवन की वर्तमान स्थिति काफी खराब है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इस भवन का निर्माण करने वाले संवेदक की पहचान और उनके बारे में कोई जानकारी नहीं है। संवेदक ने मनमाने तरीके से काम करते हुए निर्माण कार्य को बीच में ही छोड़ दिया। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग और सिस्टम पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। भवन को अधूरा छोड़कर लाखों रुपये बर्बाद कर दिए गए हैं। स्थानीय लोगों की शिकायत है कि अब तक कोई भी अधिकारी इस निर्माण कार्य की जांच करने नहीं आया। न ही कोई कार्रवाई की गई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि संवेदक के खिलाफ कार्रवाई की जाए और भवन का निर्माण कार्य पूरा कराया जाए।
72 घंटे से कोयला का उत्खनन व परिवहन कार्य है ठप
त्रिस्तरीय वार्ता भी हुई विफल
अमड़ापाड़ा। संवाददाता। थाना क्षेत्र में पचुवाड़ा नॉर्थ कोल ब्लॉक में ग्रामीणों ने कोयला उत्खनन और परिवहन कार्य 72 घंटे से रोक रखा है। ग्रामीणों की मांग है कि विस्थापित हुए ग्रामीणों को बुनियादी सुविधा शत प्रतिशत मुआवजा के साथ एमओयू के तहत सुविधा उपलब्ध करवाया जाए। वही ग्रामीणों के द्वारा कोयला का उत्खनन और परिवहन कार्य बंद किए जाने की सूचना के बाद जिला प्रशासन के निर्देश पर सिविल एसडीओ साइमन मरांडी, एसी जेम्स सुरीन महेशपुर एसडीपीओ विजय कुमार, अमड़ापाड़ा बीडीओ चिलगो फुटबॉल मैदान पहुंचे और वहां त्रिपक्षीय वार्ता किया। जमीन पर बैठकर हुई इस वार्ता में बंगाल पावर कॉरपोरेशन के अधिकारी रामाशीष चटर्जी, कोल प्रबंधन की ओर से अनिल रेड्डी समेत ग्रामीणों की ओर से आंद्रियास मुर्मू, सुरेश टुडू, रमेश मुर्मू, नजीर सोरेन, मुंशी टुडू समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।
वही वार्ता के क्रम में ग्रामीणों ने कोल कंपनी के प्रतिनिधियों से एमओयु के दस्तावेज दिखाने और दस्तावेज में उल्लेख किए गए शर्त की जानकारी देने को कहा तो कंपनी की ओर से एमओयु के दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए 30 जून की समय देने की मांग की। इस पर ग्रामीण भड़क गए और उन्हें समय देने से इनकार कर दिया। वहीं एमओयु के दस्तावेज नहीं दिखाने को लेकर ग्रामीण अपने मांग पर अड़े रहे और कोयला का उत्खनन और परिवहन को बंद रखने का निर्णय लिया। 72 घंटे से ग्रामीणों की ओर से किए जा रहे आंदोलन और वार्ता के विफल को लेकर सिविल एसडीओ साइमन मरांडी ने कहा कि इस मुद्दे को लेकर त्रिपक्षीय वार्ता किया गया। वहीं ग्रामीणों की ओर से मांग किया गया कि कंपनी के साथ जो समझौता किया गया है, उसके अनुसार ग्रामीणों को मुआवजा का भुगतान किया जाए। वहीं कोल कंपनी के पास वर्तमान में समझौता की कॉपी नहीं है जिसके कारण वार्ता स्थगित हो गई। समझौता की कॉपी मिलने के बाद ग्रामीणों के साथ बैठक कर समस्या का समाधान किया जाएगा। बीजीआर कंपनी के पीआरओ संजय बेसरा ने कहा कि प्रशासन की मौजूदगी में त्रिपक्षीय वार्ता हुई लेकिन कुछ मुद्दे को लेकर बात नहीं बनी। उन्होंने कहा कि वार्ता का रास्ता खुला हुआ है ग्रामीणों के साथ एक बार फिर वार्ता किया जाएगा। वही कोयला के परिवहन और उत्खनन के कारण सरकारी राजस्व को भारी क्षति हो रही है।
अंचल निरीक्षक के घर में हुई डकैती
एसपी मौके पर पहुंचकर लिया जाएगा
पाकुड़। निसं। नगर थाना क्षेत्र के लड्डू बाबू आम बगान के पास स्थित प्रभारी अंचल निरीक्षक शिवाशीष वात्सयान के घर में सोमवार देर रात डकैती होने से सनसनी फैल गई। मामले की सूचना मिलते ही मौके पर नगर थाना की पुलिस पहुंचकर मामले की छानबीन में जुट गई है। बताया गया कि प्रभारी अंचल निरीक्षक शिवाशीष अपने घर में नहीं थे। इसी बीच लगभग 20 की संख्या में नकाबपोश लोग पहुंचे और घर के बाहर खड़े शिवाशीष की रिश्तेदार आदित्य कुमार को बुलाया और धारदार हथियार से उनके सर पर वार कर दिया, जिससे वह लहूलुहान हो गए। वहीं सभी नकाबपोशों ने मिलकर उन्हें घर के अंदर ले गए और घर के अंदर मौजूद शिवाशीष की पत्नी और उनके रिश्तेदारों को धमकाते हुए एक कमरे में ले गए और इसके बाद घर के अंदर रखे लगभग 5 से 7 लाख नगद और सोना चांदी के जेवर लेकर भाग गए। सभी लुटेरे के भागने के बाद मौके पर हो हल्ला सुनकर लोग जमा हो गए और इसकी सूचना नगर थाने को दी गई। वहीं नगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन में जुट गई है। वहीं इस बाबत प्रभारी अंचल निरीक्षक शिवाशीष ने बताया कि घर में रखे नगद रुपए के साथ मेरी पत्नी का लगभग 5 से 7 लाख रुपए के गहने लेकर भाग गए। इसके साथ घर में रखे कई सामान को भी तोड़ दिया है। वहीं सभी का मोबाइल भी लुटेरे ने ले लिया था और भागते समय घर के बाहर मोबाइल को फेंक दिया था। उन्होंने कहा कि सभी लुटेरे के चेहरे ढके हुए थे और उनके हाथ में लाठी डंडा लोहे का हथियार और बंदूक था।
इसी बीच प्रखंड विकास पदाधिकारी सह प्रभारी अंचल अधिकारी समीर अल्फ्रेड मुर्मू भी पहुंचे और घटना की जानकारी लिया। वहीं थाना प्रभारी प्रयागराज ने बताया कि एक घर में डकैती की घटना घटी है और मामले की छानबीन किया जा रहा है, जल्द ही कांड का उद्भेदन किया जाएगा। मामले की खबर मिलते ही एसपी निधि द्विवेदी, पाकुड़ एसडीपीओ दयानंद आजाद, नगर थाना प्रभारी प्रयागराज अंचल निरीक्षक के घर पहुंचे और मामले की जानकारी ली। एसपी निधि द्विवेदी ने मौके पर थाना प्रभारी को आवश्यक दिशा निर्देश दिया। एसपी निधि द्विवेदी ने बताया कि डकैती की घटना हुई है और कुछ इनपुट प्राप्त हुए हैं, जल्द ही मामले का उद्भेदन किया जाएगा।
दिल्ली में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने लुत्फल हक को किया सम्मानित
पाकुड़। निसं। दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित भारत की उड़ान कार्यक्रम में पाकुड़ के समाजसेवी लुत्फल हक को विशेष सम्मान मिला। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने उन्हें समाजसेवा का अवार्ड प्रदान किया। कार्यक्रम में देश भर से 250 प्रमुख उद्योगपति शामिल हुए। मिजोरम के राज्यपाल वीके सिंह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, सतीश चंद्र दुबे, हरीश मल्होत्रा, एसपी सिंह बघेल और ज्वेल ओरम समेत कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहनवाज हुसैन भी कार्यक्रम में उपस्थित थे। लुत्फल हक ने यह सम्मान पाकुड़ के गरीब और असहाय लोगों को समर्पित किया। वे पिछले तीन वर्षों से पाकुड़ रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन लगभग 300 लोगों को नि:शुल्क भोजन उपलब्ध करा रहे हैं। उनकी सेवाएं केवल पाकुड़ तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे अन्य राज्यों में भी जरूरतमंद लोगों की मदद करते हैं। सम्मान प्राप्त करने के बाद लुत्फल हक ने कहा कि इतने बड़े मंच पर सम्मानित होकर वे गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इतने बड़े मंच पर सम्मानित होकर खुद को गौरवशाली जरुर महसूस कर रहा हुं। लेकिन यह सम्मान मुझे उन गरीबों के लिए मिला है, जिनकी दुआओं ने मुझे यहां तक पहुंचाया है। पाकुड़ की जनता का भी आभार व्यक्त करता हुं, जिन्होंने मुझे मोटिवेटेड किया। पाकुड़ प्रशासन ने समाजसेवा के कार्यों में साथ दिया और मेरा मनोबल बढ़ाया। लुत्फल हक ने कहा कि गरीबों के लिए हर संभव काम करता रहुंगा।
लिट्टीपाड़ा व हिरणपुर में 193 आवेदन मिले, 88 का मौके पर निपटारा
लिट्टीपाड़ा। हिरणपुर। संवाददाता। प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान और धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत मंगलवार को दो अलग-अलग स्थानों पर शिविर आयोजित किए गए। लिट्टीपाड़ा प्रखंड के बड़ाघघरी पंचायत भवन में आयोजित शिविर में छह गांवों के लोग शामिल हुए। इन गांवों में बड़ा घघरी, जोरडीहा, कलदम, धनघरा, कदवा और हाथीबथान शामिल थे। शिविर में विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े स्टॉल लगाए गए। हिरणपुर प्रखंड के कालाझोर गांव में भी इसी तरह का शिविर लगाया गया। दोनों शिविरों में आधार कार्ड, राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, स्थानीय प्रमाण पत्र और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी सुविधाएं दी गईं। इसके अलावा पीएम किसान योजना, जन-धन खाता, विधवा पेंशन, विकलांग पेंशन और प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जुड़ी सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। बीडीओ संजय कुमार ने बताया कि सरकार का उद्देश्य दूरदराज और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदाय को बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है। इनमें बिजली, सड़क, जल, आवास और स्वास्थ्य सेवाएं शामिल हैं। शिविर में कुल 193 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 88 आवेदनों का निपटारा मौके पर ही कर दिया गया। हिरणपुर में 17 से 25 जून तक विभिन्न गांवों में इस तरह के शिविर लगाए जाएंगे। दोनों शिविरों में बीडीओ, सीओ, बीपीओ, पंचायत सचिव और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
एक व्यक्ति को अज्ञात बाइक ने मारी टक्कर, घायल
लिट्टीपाड़ा। संवाददाता। थाना क्षेत्र के लिट्टीपाड़ा-धरमपुर मुख्य सड़क पर तसर सेंटर के पास साप्ताहिक हटिया से अपने घर लौट रहे 35 वर्षीय व्यक्ति को एक अज्ञात मोटरसाइकिल ने पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर मारने के बाद बाइक सवार मौके से फरार हो गया। घायल व्यक्ति सड़क किनारे पड़ा हुआ था। झामुमो के वरिष्ठ नेता दानिएल किस्कू ने घटना की सूचना तुरंत एम्बुलेंस और पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने एम्बुलेंस की मदद से घायल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लिट्टीपाड़ा पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने घायल का प्राथमिक उपचार किया।
घर-घर जाकर स्वास्थ्य कर्मी भर रहे लोगों का डेटा, 30 जून तक चलेगा अभियान
हिरणपुर। संवाददाता। स्वास्थ्य विभाग का इंटीग्रेटेड एक्टिव केस सर्च अभियान चल रहा है। मंगलवार को बीडीओ दिलीप टुडू, सीओ मनोज कुमार और चिकित्सा पदाधिकारी सुनील कुमार सिंह ने अभियान का निरीक्षण किया। बीडीओ और सीओ ने डांगापाड़ा गांव में स्वास्थ्य कर्मियों के कार्य की समीक्षा की। चिकित्सा पदाधिकारी ने प्रतापपुर और मुर्गाडांगा गांवों में सर्वे कार्य का जायजा लिया। पदाधिकारियों ने ग्रामीणों से स्वास्थ्य कर्मियों को सहयोग करने की अपील की। स्वास्थ्य विभाग प्रखंड के सभी गांवों में घर-घर जाकर सर्वे कर रहा है। इसमें परिवार के सदस्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। स्वास्थ्य कर्मी 14 दिन से अधिक बुखार और खांसी से पीड़ित मरीजों की पहचान कर रहे हैं। साथ ही, शरीर में दाग-धब्बे, उच्च रक्तचाप, एनीमिया और मधुमेह से पीड़ित लोगों का डेटा भी एकत्र किया जा रहा है। आयुष्मान कार्ड की जानकारी भी सर्वे में शामिल है। अगर किसी मरीज को तत्काल चिकित्सा की जरूरत होगी, तो क्यूआरटी टीम उसे स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। यह सर्वे अभियान 30 जून तक चलेगा।
भाजपा सरकार जनगणना से बच रही है : उदय
पाकुड़। निसं। कांग्रेस प्रदेश महासचिव उदय लखमानी ने जातीय जनगणना पर महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि हर 10 वर्ष में जनगणना कराना केंद्र सरकार का कर्तव्य है। लखमानी ने कहा कि भाजपा सरकार जनगणना से बच रही थी। उनका आरोप है कि सरकार आदिवासी, दलित, अल्पसंख्यक और पिछड़ा वर्ग को उनका अधिकार नहीं देना चाहती थी। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने इन वर्गों के अधिकारों के लिए लंबी लड़ाई लड़ी। इसी का नतीजा है कि केंद्र सरकार ने जनगणना के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। कांग्रेस महासचिव ने कहा कि राहुल गांधी ने सड़क से लेकर संसद तक इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने संविधान को इस जीत का श्रेय दिया। लखमानी ने दावा किया कि जब भी संवैधानिक मूल्यों और सामाजिक न्याय पर खतरा आया, कांग्रेस पार्टी सबसे पहले सामने आई। उन्होंने कहा कि पार्टी हमेशा जनता के अधिकारों और नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ती रही है।
डीसी ने काशीला चेकपोस्ट का किया औचक निरीक्षण
अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश
पाकुड़। निसं। उपायुक्त मनीष कुमार ने मंगलवार को काशीला चेकपोस्ट का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने चेकनाका में तैनात मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि बड़े वाहनों की जांच अनिवार्य है। माइनिंग चालान के बिना किसी भी वाहन को नहीं छोड़ा जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय से काम करने का निर्देश दिया। अवैध खनन और परिवहन पर रोक लगाने के लिए टीम वर्क पर जोर दिया गया। इससे कानूनी कार्रवाई त्वरित और उचित धाराओं के तहत की जा सकेगी। डीसी ने चेतावनी दी कि ड्यूटी में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही करने वाले मजिस्ट्रेट और पुलिस पदाधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने अधिकारियों को ड्यूटी के दौरान पूरी तरह चौकस रहने और अवैध वाहनों पर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने रात्रि चौपाल में ली ग्रामीणों की जांच की जानकारी
पाकुड़। निसं। जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से इंटीग्रेटेड एक्टिव केस सर्च अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान 16 जून से 30 जून तक चलेगा। उपायुक्त मनीष कुमार ने सोमवार की देर रात सदर प्रखंड के बहिरग्राम गांव का दौरा किया। उन्होंने रात्रि चौपाल में ग्रामीणों से स्वास्थ्य जांच के बारे में जानकारी ली। ग्रामीणों ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मियों ने उनकी जांच की है। उपायुक्त ने गर्भवती महिलाओं से मिलकर उनकी प्रसव पूर्व जांच की स्थिति जानी। उन्होंने बताया कि एक ही जांच में कालाजार, फाइलेरिया, एनीमिया, कुष्ठ रोग, टीबी, मलेरिया, बीपी, हिमोग्लोबिन और सुगर जैसी बीमारियों का पता लगाया जाएगा। उपायुक्त ने स्वास्थ्य विभाग और क्षेत्रीय स्वास्थ्य कर्मियों के कार्य की सराहना की। उन्होंने निर्देश दिया कि अभियान को तत्परता से जारी रखा जाए। साथ ही, सिविल सर्जन डॉ मंटू कुमार टेकरीवाल, जिला मलेरिया पदाधिकारी डॉ अमित कुमार और प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी पाकुड़ को नियमित फील्ड विजिट का निर्देश दिया। उन्होंने अभियान की शत-प्रतिशत निगरानी सुनिश्चित करने को कहा।
दो संस्थाओं के सचिवों को रांची में मिला सम्मान
पाकुड़। निसं। दो प्रमुख संस्थाएं इंसानियत फाउंडेशन और लाइफ सेवियर्स समूह रक्तदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रही है। इन संस्थाओं की पहचान अब झारखंड से बाहर भी बन चुकी है। इंसानियत फाउंडेशन के सचिव बनीज शेख और लाइफ सेवियर्स के सचिव नफीसुल आलम को रांची में सम्मानित किया गया। दोनों संस्थाएं न केवल रक्तदान में सक्रिय है बल्कि गरीब और जरूरतमंद लोगों की मदद भी करती है। इन संस्थाओं ने कई लोगों को नया जीवन दिया है। गंभीर स्थिति में भी कई मरीजों की जान बचाने में ये संस्थाएं सफल रही है। अल्प समय में ही दोनों संस्थाओं ने राज्य स्तर पर पहचान बनाई है। संस्थाओं के सदस्यों की मदद से कई युवाओं में सामाजिक सेवा की भावना जागृत हुई है। दोनों संस्थाएं जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए हमेशा तत्पर रहती हैं। इनकी सेवाओं का लाभ पाकुड़ के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी मिल रहा है।