- 20 जुलाई से पहले सभी कार्य पूरे करने का निर्देश
देवघर/नगर संवाददाता। आगामी राजकीय श्रावणी मेला 2026 को लेकर देवघर नगर निगम ने तैयारियों में तेजी ला दी है। श्रद्धालुओं को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुधवार को नगर आयुक्त ने पुलिस आवासन, कांवरिया रूट लाइन तथा मेला क्षेत्र का व्यापक स्थलीय निरीक्षण कर विभिन्न विकास एवं जनसुविधा कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों और अभियंताओं को स्पष्ट निर्देश दिया कि 20 जुलाई से पहले सभी कार्य हर हाल में पूर्ण कर लिए जाएं, ताकि मेले के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। नगर आयुक्त ने निरीक्षण के दौरान सड़क मरम्मत, साफ-सफाई, पेयजल आपूर्ति, सार्वजनिक शौचालयों की व्यवस्था, जल निकासी प्रणाली तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं का बारीकी से निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से विभिन्न कार्यों की प्रगति की जानकारी ली और जहां आवश्यकता महसूस हुई, वहां मौके पर ही आवश्यक सुधारात्मक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रावणी मेले में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचते हैं। ऐसे में नगर निगम की जिम्मेदारी है कि सभी मूलभूत सुविधाएं समय पर और बेहतर गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं। नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को प्रतिदिन कार्यों की समीक्षा करने और प्रत्येक परियोजना की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर कार्य धीमी गति से चल रहे हैं, वहां अतिरिक्त संसाधन लगाकर निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूरा कराया जाए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि श्रावणी मेला शुरू होने से पहले सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार रहनी चाहिए।
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित मेला क्षेत्र नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस निरीक्षण के दौरान सहायक नगर आयुक्त गौरव कुमार, सहायक अभियंता पारस कुमार, कनीय अभियंता वैदेही शरण सहित नगर निगम के अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने नगर आयुक्त को निर्धारित समय-सीमा के भीतर कार्य पूर्ण करने का भरोसा दिलाया। श्रावणी मेला 2026 की तैयारियों को लेकर नगर निगम की सक्रियता से यह स्पष्ट है कि इस वर्ष श्रद्धालुओं को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन पूरी गंभीरता के साथ कार्य कर रहा है।
श्रावणी मेला : श्रद्धालुओं की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता
- ओवरचार्जिंग और मिलावट पर होगी सख्त कार्रवाई : उपायुक्त
- होटल, भोजनालय, पेड़ा-चूड़ा व इलायचीदाना व्यवसायियों के साथ समीक्षा बैठक, गुणवत्ता, निर्धारित दर, स्वच्छता और समन्वय पर दिया जोर
देवघर/नगर संवाददाता। राजकीय श्रावणी मेला 2026 के सफल आयोजन और बाबा बैद्यनाथ धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर बुधवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में चैंबर ऑफ कॉमर्स के पदाधिकारी, रेडक्रॉस प्रतिनिधि, होटल संचालक, गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि, आईओसीएल, बीपीसीएल, एचपीसीएल के अधिकारी, पेड़ा, चूड़ा, इलायचीदाना एवं खाद्य सामग्री व्यवसायी तथा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि श्रावणी मेले में आने वाले देवतुल्य श्रद्धालु जब बाबा बैद्यनाथ का जलाभिषेक कर अपने गंतव्य लौटें तो वे देवघर से अच्छी अनुभूति लेकर जाएं। इसके लिए प्रशासन के साथ-साथ सभी व्यापारियों, होटल संचालकों, सामाजिक संस्थाओं और स्वयंसेवकों की भी महत्वपूर्ण भूमिका है। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि मेले के दौरान श्रद्धालुओं को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उचित एवं निर्धारित दर पर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि होटल, भोजनालय और प्रसाद की दुकानों पर किसी भी प्रकार की मिलावट या अधिक कीमत वसूलने की शिकायत मिलने पर संबंधित दुकानदारों के विरुद्ध कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी थोक एवं खुदरा व्यापारियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बनाए रखने, प्रतिष्ठानों के आसपास साफ-सफाई रखने तथा सभी पैक खाद्य सामग्री पर ‘यूज बाय डेट’ स्पष्ट रूप से अंकित करने का निर्देश दिया। साथ ही जिन दुकानदारों का फूड लाइसेंस समाप्त हो चुका है, उन्हें तत्काल उसका नवीनीकरण कराने को कहा गया। होटल और गैस एजेंसियां सुरक्षा मानकों का करें पालन
उपायुक्त ने होटल संचालकों और गैस एजेंसियों को सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने तथा गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि श्रावणी मेले के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही या सुरक्षा संबंधी चूक स्वीकार नहीं की जाएगी।
स्वच्छ मेला और बेहतर समन्वय पर विशेष जोर : बैठक में विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं एवं समितियों द्वारा श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई जाने वाली निशुल्क सेवाओं और सुविधाओं के बेहतर समन्वय पर भी विस्तार से चर्चा हुई। उपायुक्त ने सभी स्थायी एवं अस्थायी सेवा शिविरों में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित श्रावणी मेला बुकलेट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, ताकि श्रद्धालुओं को आवश्यक जानकारियां आसानी से मिल सकें। उन्होंने दुकानों एवं प्रतिष्ठानों के आसपास पर्याप्त संख्या में कूड़ेदान रखने तथा नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया, जिससे श्रद्धालुओं को स्वच्छ और व्यवस्थित मेला क्षेत्र का अनुभव हो।
कांवरिया पथ पर बड़े सांस्कृतिक आयोजनों से बचने की सलाह : बैठक के दौरान उपायुक्त ने कांवरिया पथ पर बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी संस्था को सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करना आवश्यक हो तो जनसंपर्क विभाग द्वारा चयनित कला दलों के माध्यम से ही कार्यक्रम आयोजित किए जाएं, ताकि व्यवस्थाओं पर प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।
यातायात व्यवस्था भी रहेगी सुचारु : उपायुक्त ने बताया कि सावन माह में शहर को जाममुक्त रखने के लिए जिला प्रशासन ने विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार किया है। भारी वाहनों के लिए अलग रूट निर्धारित किए गए हैं, जबकि दूसरे जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए भी अलग रूट लाइन बनाई गई है, ताकि यातायात सुचारु बना रहे और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में सिविल सर्जन, अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, ट्रैफिक डीएसपी, अंचलाधिकारी देवघर एवं मोहनपुर, फूड सेफ्टी अधिकारी, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं पुलिस पदाधिकारी उपस्थित थे। बैठक में प्राप्त सुझावों के आधार पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। - देवघर में डेंगू-चिकनगुनिया पर सख्ती
घर-घर चलेगा जांच अभियान, फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव के निर्देश - उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में जिला स्तरीय बैठक, अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड, जांच किट और प्लेटलेट्स की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश
देवघर/नगर संवाददाता। मानसून के आगमन के साथ जिले में डेंगू और चिकनगुनिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने व्यापक रोकथाम अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। बुधवार को समाहरणालय सभागार में उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में जिला स्तरीय अंतर्विभागीय बैठक सह उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की गई। बैठक में स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों को समन्वित कार्रवाई करते हुए बीमारी की रोकथाम के लिए व्यापक अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। घर-घर होगी जांच, लार्वा नष्ट करने पर रहेगा फोकस
बैठक में उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले के सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष ‘घर-घर जांच अभियान’ चलाया जाए। स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रत्येक घर में जाकर कूलर, पानी की टंकियों, पुराने टायर, फूलदान, छत पर रखे टूटे-फूटे बर्तन, ड्रम और अन्य स्थानों पर जमा पानी की जांच करेंगी। जहां भी एडिज मच्छर के लार्वा मिलने की संभावना होगी, वहां तत्काल आवश्यक कार्रवाई कर उसे नष्ट किया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि डेंगू और चिकनगुनिया की रोकथाम केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। इसके लिए नगर निकाय, पंचायती राज, शिक्षा विभाग और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा, ताकि अभियान अधिक प्रभावी बन सके।
संवेदनशील इलाकों में फॉगिंग और एंटी-लार्वा छिड़काव होगा तेज : उपायुक्त ने नगर निकाय और पंचायत स्तर पर सभी संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित फॉगिंग कराने तथा जलजमाव वाले स्थानों पर ब्लीचिंग पाउडर और टेमीफॉस जैसे एंटी-लार्वा रसायनों का युद्धस्तर पर छिड़काव करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि मच्छरों के प्रजनन को रोकना ही डेंगू नियंत्रण का सबसे प्रभावी उपाय है।
अस्पतालों को पूरी तरह तैयार रखने का निर्देश : बैठक में सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया कि सभी सरकारी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू आइसोलेशन वार्ड, आवश्यक दवाइयां, जांच किट तथा प्लेटलेट्स की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। साथ ही चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को किसी भी संभावित स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया।
जागरूकता अभियान भी चलेगा व्यापक स्तर पर : उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिलेभर में माइकिंग, बैनर, पोस्टर और सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए। इसके अलावा स्कूलों, कॉलेजों और नगर निगम के कचरा संग्रहण वाहनों के माध्यम से भी लोगों को डेंगू से बचाव के उपायों की जानकारी दी जाएगी। उन्होंने कहा कि लोगों को यह समझाना जरूरी है कि डेंगू फैलाने वाला एडिज मच्छर साफ और ठहरे हुए पानी में पनपता है, इसलिए घर और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें।
लक्षण दिखने पर तुरंत कराएं जांच : बैठक में आम नागरिकों से अपील की गई कि वे सप्ताह में कम से कम एक बार कूलर, गमले और पानी की टंकियों की सफाई अवश्य करें। पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें तथा मच्छरदानी या मच्छररोधी साधनों का उपयोग करें। यदि किसी व्यक्ति को अचानक तेज बुखार, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों या मांसपेशियों में तेज दर्द जैसे लक्षण दिखाई दें तो स्वयं दवा लेने के बजाय तुरंत नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच और उपचार कराएं। बैठक में सिविल सर्जन, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अधिकारी डॉ. गणेश, नगर निगम के अधिकारी, शिक्षा विभाग के अधिकारी, एम्स के चिकित्सक, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि डेंगू और चिकनगुनिया की रोकथाम में किसी भी स्तर पर लापरवाही बरतने वालों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बीडीओ की देखरेख में लगा जनता दरबार
पालोजोरी/संवाददाता। बीडीओ पार्थ नंदन की देखरेख में बुधवार को प्रखंड सह अंचल कार्यालय में जनता दरबार लगाया गया। जनता दरबार में आपूर्ति, जाति और निवासी प्रमाण पत्र से जुड़े आवेदन पहुंचे। आवेदन का डिस्पोजल जल्द से जल्द करवाने की बात कही गई। मौके पर प्रभारी बीपीआरओ सुभाष चंद्र राय, दिलीप किस्कू, तरुण कुमार आदि मौजूद थे।
मतदाता सत्यापन अभियान में तेजी लाने के निर्देश
- एसडीओ रवि कुमार बोले लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
- एसआईआर प्रक्रिया के तहत फॉर्म वितरण और डिजिटलीकरण कार्य की समीक्षा, सुपरवाइजरवार विशेष टीमें गठित करने का निर्देश
देवघर/नगर संवाददाता। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत मतदाता सूची के सत्यापन, इन्फॉर्मेशन फॉर्म (ईएफ) वितरण और डिजिटलीकरण कार्य को समयबद्ध एवं त्रुटिरहित ढंग से पूरा करने के उद्देश्य से बुधवार को निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अभियान की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को कार्य में तेजी लाने तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी ने कहा कि मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसलिए फॉर्म वितरण और डिजिटलीकरण का कार्य पूरी पारदर्शिता, सटीकता और समयबद्धता के साथ पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि अभियान को अधिक प्रभावी बनाने के लिए प्रत्येक सुपरवाइजर के अधीन विशेष टीमों का गठन किया जाए, जो क्षेत्र में जाकर फॉर्म वितरण और डिजिटल डेटा एंट्री के कार्य में तेजी लाएं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि भौतिक रूप से वितरित किए गए फॉर्म और डिजिटल पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों में किसी भी प्रकार की विसंगति नहीं होनी चाहिए। सभी सूचनाओं का मिलान पूरी सावधानी के साथ किया जाए, ताकि मतदाता सूची में किसी प्रकार की त्रुटि न रहे। एसडीओ रवि कुमार ने बताया कि पूरे अभियान की निगरानी स्वयं निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी स्तर से की जाएगी। उन्होंने कहा कि वे विभिन्न क्षेत्रों का औचक निरीक्षण करेंगे तथा फील्ड में पहुंचकर टीमों के कार्यों की समीक्षा भी करेंगे। यदि किसी अधिकारी या कर्मी द्वारा कार्य में लापरवाही, शिथिलता या अनियमितता बरती गई तो उसके विरुद्ध सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने और अभियान को सफल बनाने की अपील करते हुए कहा कि मतदाता सूची का शुद्ध एवं अद्यतन होना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मजबूती के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी और कर्मी अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा और गंभीरता के साथ निभाएं। बैठक में सभी सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (एईआरओ), अतिरिक्त सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई), जिला परियोजना पदाधिकारी (डीपीओ), यूआईडीएआई तथा 15-देवघर विधानसभा क्षेत्र से जुड़े संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। बैठक में सभी अधिकारियों को अभियान में तेजी लाकर निर्धारित समय के भीतर शत-प्रतिशत कार्य पूरा करने का लक्ष्य दिया गया।
सहज समाधि ध्यान कार्यक्रम का सफल समापन
- साधकों ने किया गहन ध्यान और आंतरिक शांति का अनुभव
देवघर/नगर संवाददाता। परम पूज्य गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी की असीम कृपा से आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा आयोजित सहज समाधि ध्यान कार्यक्रम का आज श्री श्री निवास में सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में साधकों ने भाग लिया और ध्यान की गहराई, आंतरिक शांति, सकारात्मक ऊर्जा तथा आत्मिक आनंद का अनुभव प्राप्त किया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को सहज समाधि ध्यान की विधि का अभ्यास कराया गया, जिससे मानसिक तनाव से मुक्ति, मन की स्थिरता और जीवन में संतुलन स्थापित करने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी मिली। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धा, उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बना रहा। साधकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि नियमित ध्यान से जीवन में शांति, आत्मविश्वास और प्रसन्नता का संचार होता है।
आयोजन की सफलता में उमेश, संदीप, शिप्रा, गौतम, सोनू, रामशंकर सहित अनेक गुरु भक्तों ने सेवा, समर्पण और सहयोग की भावना के साथ महत्वपूर्ण योगदान दिया। आयोजकों ने सभी स्वयंसेवकों और सहयोगियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सामूहिक सेवा और सहभागिता से ही ऐसे आध्यात्मिक कार्यक्रम सफल हो पाते हैं।
समापन अवसर पर सभी प्रतिभागियों से नियमित साधना, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास निरंतर जारी रखने का आग्रह किया गया, ताकि वे अपने जीवन में शांति, प्रसन्नता और सकारात्मकता को बनाए रखते हुए समाज में भी इन मूल्यों का प्रसार कर सकें। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के आध्यात्मिक कार्यक्रम लोगों के जीवन में तनावमुक्त, स्वस्थ और आनंदमय जीवनशैली विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का समापन “जय गुरुदेव” के उद्घोष के साथ हुआ।
सड़क दुर्घटना में युवक की मौत, दूसरा जख्मी
मधुपुर/संवाददाता। मधुपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चोंगाखार गांव निवासी 24 वर्षीय अफरोज अंसारी की सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई। वहीं बाइक पर पीछे बैठा सरफराज गंभीर रूप से जख्मी हो गया। घटना के संबंध में बताया जाता है कि अफरोज और सरफराज गांव से कुछ दूरी पर बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान उनकी बाइक अनियंत्रित होकर रेलिंग से टकरा गई और वे दुर्घटनाग्रस्त हो गए। इस हादसे में अफरोज अंसारी की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि जख्मी सरफराज को इलाज के लिए अनुमंडल अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। इधर घटना की सूचना पर परिजन पहुंच गए। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कुछ देर तक हो हंगामा किया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। हंगामा कर रहे परिजनों को पुलिस ने समझा-बुझाकर शांत कराया।
पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। मामले की जांच की जा रही है।