- त्वरित होगा समस्या का निराकरण
देवघर/वरीय संवाददाता। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार राजकीय श्रावणी मेला, 2026 के अवसर पर श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और उनकी आवश्यकता पर विशेष रूप से ध्यान केंद्रित किया गया है, ताकि देवतुल्य श्रद्धालु बाबा बैद्यनाथ की नगरी से एक अच्छी अनुभूति प्राप्त कर अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करें। साथ ही मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं की सुविधा के अनुरूप विभिन्न नई तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। इस कड़ी में मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा होने पर क्यूआर कोड स्कैन करने की सुविधा सुनिश्चित की गई है।श्रावणी मेला के दौरान मेला क्षेत्र में असुविधा या कमी दिखने पर क्यू आर कोड को स्कैन कर तस्वीर के साथ समस्या को साझा कर सकते हैं, जिसके पश्चात त्वरित समस्या का समाधान किया जाएगा। साथ ही समस्या के मोनेटरिंग हेतु कंट्रोल रूम में एक विशेष सेल बनाया गया है, ताकि मॉनीटर पर समस्या दिखते ही उस पर तत्काल कार्य करते हुए समस्या का समाधान किया जा सके। इसके अलावा शौचालय, पानी, होल्डिंग प्वाइंट, प्रशासनिक शिविर और स्वास्थ्य शिविर में सुविधा नहीं मिल रही है। साफ-सफाई नहीं है या आप सुविधा से असंतुष्ट हैं अथवा कोई सुधार चाहते हैं या कांवरिया रूटलाइन या होल्डिंग प्वाइंट पर परेशानी है तो तत्काल उस जगह लगे क्यूआर कोड को स्कैन कर तस्वीर के साथ समस्या को साझा कर सकते हैं। इस सुविधा हेतु बारकोड स्कैन करते ही गूगल पेपर खुलेगा। उसमें शिकायत करने का ऑप्शन आएगा। शिकायत भरने के बाद जरूरत हो तो तस्वीर भी साझा कर दें। आपकी ओर से किया गया शिकायत और अपलोड किया गया फोटो कंट्रोल रूम के सिस्टम में डाउनलोड होते ही उस पर संबंधित विभाग को टैग कर उसके समाधान का निर्देश दे दिया जाएगा, जिसके पश्चात मेला में प्रतिनियुक्त टीम वहां पहुंच जाएगी। सिस्टम को इस तरह विकसित किया गया है कि जल्द से जल्द समस्या का समाधान हो जाना है, ताकि मेला में आने वाले श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना नहीं करना पड़े।
श्रावणी मेला रंग-बिरंगी रोशनी से सराबोर
- भव्य सजावट बनी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र
देवघर/वरीय संवाददाता। राजकीय श्रावणी मेला-2026 के अवसर पर बाबा बैद्यनाथ की नगरी देवघर रंग-बिरंगी रोशनी से जगमगा उठी है। जिला प्रशासन ने मेला क्षेत्र को आकर्षक विद्युत सज्जा से सुसज्जित कर श्रद्धालुओं के लिए भक्ति, सौंदर्य और सुरक्षा से भरपूर वातावरण तैयार किया है। पूरे मेला क्षेत्र में आधुनिक स्पाईरल लाइट, डेकोरेटिव एवं डिजाइनर लाइटों के साथ रंग-बिरंगे विद्युत बल्बों की लड़ियां लगाई गई हैं, जिससे रात के समय पूरा परिसर मनमोहक दिखाई दे रहा है।
श्रद्धालुओं के आवागमन को सुगम और आकर्षक बनाने के लिए मेला क्षेत्र के सभी प्रमुख मार्गों, कांवरिया पथ तथा विद्युत पोलों को स्पाईरल लाइटों से सजाया गया है। वहीं, विभिन्न प्रवेश मार्गों और प्रमुख चौक-चौराहों पर बनाए गए भव्य तोरण द्वार विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इन स्वागत द्वारों की आकर्षक विद्युत सज्जा श्रद्धालुओं का ध्यान सहज ही अपनी ओर खींच रही है। मंदिर परिसर के आसपास, शिवगंगा तट, नेहरू पार्क, बाजार क्षेत्र, रूटलाइन और अन्य प्रमुख स्थानों पर की गई रोशनी से पूरा मेला क्षेत्र उत्सवमय वातावरण का एहसास करा रहा है। रात्रि के समय जगमगाती रोशनी के बीच श्रद्धालुओं को ऐसा अनुभव होता है मानो वे किसी भव्य धार्मिक उत्सव का हिस्सा हों। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचने वाले लाखों कांवरियों को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और दिव्य वातावरण का अनुभव हो। प्रशासन का मानना है कि मेला क्षेत्र की आकर्षक सजावट और भव्य रोशनी श्रद्धालुओं के मन में देवघर की सुखद एवं अविस्मरणीय छवि अंकित करेगी। रंग-बिरंगी रोशनी से सजा श्रावणी मेला न केवल श्रद्धालुओं की आस्था को और प्रगाढ़ बना रहा है, बल्कि बाबा नगरी की धार्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा को भी नई पहचान दे रहा है।
दूसरी सोमवारी को लेकर जिला प्रशासन ने कसी कमर
- उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को उपायुक्त ने दिये कई निर्देश
- सुगम जलार्पण को लेकर पुख्ता सुरक्षा और क्राउड मैनेजमेंट के निर्देश
- भीड़ नियंत्रण, रूट लाइनिंग, यातायात, साफ-सफाई और निर्बाध बिजली-पानी की व्यवस्था दुरुस्त रखने पर विशेष जोर
देवघर/वरीय संवाददाता। राजकीय श्रावणी मेला के अवसर पर आगामी दूसरी सोमवारी को मेला क्षेत्र में सुचारू, सुरक्षित, और श्रद्धालुओं के लिए सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुधवार को समाहरणालय कक्ष में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि बाबा नगरी आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। प्रशासन और पुलिस के सभी अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए श्रद्धालुओं को सुखद एवं सुरक्षित जलार्पण का अनुभव कराएं। बैठक के दौरान उपायुक्त ने आगामी सोमवारी को होने वाली भारी भीड़ के पूर्वानुमान को देखते हुए मंदिर परिसर, नेहरू पार्क एवं सभी प्रमुख होल्डिंग पॉइंट्स पर कड़ा भीड़ प्रबंधन लागू करने का निर्देश दिया। साथ ही श्रद्धालुओं के कतारबद्ध आवाजाही के लिए संपूर्ण रूट लाइनिंग को पूरी तरह से सुरक्षित, बैरिकेडिंग और सुगम बनाने का निर्देश दिया। आगे उपायुक्त ने मेला क्षेत्र तथा देवघर जिले की सभी प्रवेश सीमाओं पर यातायात व्यवस्था को दुरुस्त रखने के निर्देश दिया ताकि शहर में कहीं भी जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। साथ ही संवेदनशील एवं भीड़भाड़ वाले स्थलों पर पुलिस अधिकारियों और दंडाधिकारियों को 24़7 मोड में मुस्तैद रहने का सख्त निर्देश दिया गया। इसके अतिरिक्त पूरे मेला रूट, होल्डिंग पॉइंट्स और मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं के लिए स्वच्छ शौचालय, निर्बाध विद्युत आपूर्ति तथा पर्याप्त मात्रा में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने का जिम्मा संबंधित विभागीय अधिकारियों को सौंपा गया। साथ ही स्वच्छता पर विशेष जोर देते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि मेला क्षेत्र में कचरे का उठाव नियमित समय अंतराल पर 24 घंटे किया जाए, जिससे पूरा क्षेत्र स्वच्छ और स्वच्छ वातावरण बना रहे।
श्रावणी मेले में वज्रपात व बारिश से सुरक्षा के निर्देश : समीक्षा बैठक के दौरान उपायुक्त ने बाबा मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं की सहूलियत के लिए बाह्य अरघा के माध्यम से जलार्पण की व्यवस्था को और अधिक सुलभ और व्यावहारिक बनाने का निर्देश दिया गया। साथ ही पार्वती मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करते हुए जलार्पण व्यवस्था को सुचारू बनाने हेतु अतिरिक्त बल तैनात करने की बात कही गई। इसके अलावा उपायुक्त ने वर्तमान मौसम और संभावित बारिश तथा वज्रपात के खतरे को देखते हुए आपदा प्रबंधन के तहत सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय करने के निर्देश दिए। साथ ही शिवगंगा, मंदिर प्रांगण एवं खुले रूट में वज्रपात से बचाव हेतु अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी गई। आगे उपायुक्त ने बैठक के दौरान कहा कि राजकीय श्रावणी मेला में आने वाले देवतुल्य श्रद्धालुओं की सेवा, सुरक्षा और सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। ऐसे में दूसरी सोमवारी को जुटने वाली अपार भीड़ के सफल प्रबंधन के लिए सभी प्रशासनिक व पुलिस पदाधिकारी पूरी निष्ठा और मुस्तैदी से अपना दायित्व निभाएं, ताकि देवतुल्य श्रद्धालु बाबा नगरी देवघर से एक अच्छी अनुभूति लेकर अपने गंतव्य की ओर रवाना हो।
बैठक में पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर, उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, नगर आयुक्त सुलोचना मीना, अपर समाहर्ता हीरा कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी -सह-प्रभारी पदाधिकारी, बाबा बैद्यनाथ मंदिर रवि कुमार, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक मुख्यालय/यातायात/सीसीआर., प्रतिनियुक्त सभी पुलिस उपाधीक्षक, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी, डीएमएफटी की टीम व संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
जयंती पर शिवमंगल सिंह सुमन को श्रद्धांजलि
देवघर/वरीय संवाददाता। बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन के पूर्व प्रवक्ता अजय कुमार ने जयंती पर स्वर्गीय शिवमंगल सिंह सुमन को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि हिंदी के शीर्ष कवियों में एक शिवमंगल सिंह सुमन प्रखर चिंतक और विचारक भी थे। अपनी लेखनी के जरिए उन्होंने कविता को नई विधा वह दिशा तथा एक नया आयाम प्रदान किया। अपनी एक से एक कृतियों के चलते वे साहित्य प्रेमियों के साथ सामान्य लोगों की जागृति में भी छाए रहेंगे।
डॉ. डीवाई पाटिल के निधन पर गहरा शोक
देवघर/वरीय संवाददाता। झारखंड प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष अजय कुमार ने पूर्व राज्यपाल, प्रख्यात शिक्षाविद एवं समाजसेवी डॉ. डी.वाई. पाटिल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि डॉ. पाटिल ने शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में जो अमूल्य योगदान दिया, वह सदैव प्रेरणास्रोत और अविस्मरणीय रहेगा। अजय कुमार ने कहा कि डॉ. डी.वाई. पाटिल ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के विस्तार तथा सामाजिक सरोकारों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके निधन से देश ने एक दूरदर्शी शिक्षाविद और समाजसेवी को खो दिया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिजनों को इस दुख की घड़ी में संबल प्रदान करने की ईश्वर से प्रार्थना की।
श्रावणी मेला के सातवें दिन बाबा मंदिर में उमड़ा शिवभक्तों का सैलाब
देवघर/वरीय संवाददाता। राजकीय श्रावणी मेला के सातवें दिन बुधवार को बाबा बैद्यनाथ धाम में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही लाखों शिवभक्तों ने बाबा बैद्यनाथ के दरबार में जलार्पण एवं पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। पूरा मंदिर परिसर ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजता रहा। प्रात: 4:09 बजे बाबा मंदिर का पट खुलने के बाद सरकारी पूजा संपन्न हुई। इसके उपरांत श्रद्धालुओं के लिए जलार्पण प्रारंभ किया गया। सुबह के समय श्रद्धालुओं की कतार तिवारी चौक से आगे बरमसिया चौक तक पहुंच गई थी। जलार्पण की प्रक्रिया तेज होने के साथ कतार धीरे-धीरे सिमटती गई और श्रद्धालुओं को जलसार प्रवेश द्वार, नेहरू पार्क एवं क्यू कॉम्प्लेक्स के रास्ते गर्भगृह तक पहुंचाया गया। श्रावणी मेले के अवसर पर बाबा मंदिर सहित आसपास के सभी मंदिरों को रंग-बिरंगी विद्युत सज्जा से भव्य रूप दिया गया है, जो श्रद्धालुओं को विशेष आध्यात्मिक अनुभूति करा रहा है। केसरिया वस्त्र धारण किए कांवरियों से मंदिर परिसर पूरी तरह गुलजार रहा और हर ओर भक्ति एवं आस्था का अनुपम दृश्य देखने को मिला। सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर पैदल आने वाले कांवरियों की भीड़ लगातार बाबा धाम पहुंचती रही। कांवरिया पथ पर विभिन्न सेवा शिविरों में श्रद्धालुओं के लिए भोजन, पेयजल, चिकित्सा और विश्राम की व्यवस्था की गई, जहां स्वयंसेवक ‘अतिथि देवो भव:’ की भावना के साथ सेवा में जुटे रहे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं सुगम दर्शन को लेकर रूट लाइन में पुलिस एवं प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। प्रशासनिक अधिकारी दिनभर मेला क्षेत्र का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहे, जिससे श्रद्धालुओं को सुचारु रूप से जलार्पण कराने में सफलता मिली।
बाबाधाम में शिवभक्ति का विराट स्वरूप : जहां सेवा ही सबसे बड़ी साधना है
देवघर/नगर संवाददाता। श्रावणी मेला में यदि आस्था का सबसे सुंदर और जीवंत स्वरूप कहीं दिखाई देता है तो वह बाबा बैद्यनाथ की नगरी बाबाधाम में। यहां शिवभक्ति केवल मंदिरों और जलार्पण तक सीमित नहीं रहती, बल्कि मानव सेवा के रूप में हर कदम पर साकार होती नजर आती है। झारखंड की सीमा में प्रवेश करते ही कांवरियों का स्वागत जिस आत्मीयता और समर्पण के साथ होता है, वह इस धार्मिक यात्रा को एक अविस्मरणीय अनुभव बना देता है।
श्रावणी पथ पर जगह-जगह स्थापित सेवा शिविर श्रद्धा और सेवा के प्रतीक बने हुए हैं। सामाजिक संगठनों, धार्मिक संस्थाओं, व्यापारिक प्रतिष्ठानों और स्थानीय लोगों के सहयोग से संचालित इन शिविरों में हर वर्ग के लोग पूरे मनोयोग से कांवरियों की सेवा में जुटे हैं। युवा और युवतियां व्यवस्था संभाल रहे हैं, महिलाएं भोजन और शरबत परोस रही हैं, बुजुर्ग श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देते हुए उनका उत्साह बढ़ा रहे हैं, तो छोटे-छोटे बच्चे भी मुस्कुराते हुए “बोल बम” का उद्घोष कर कांवरियों का स्वागत कर रहे हैं। कहीं शीतल पेयजल और शरबत की व्यवस्था है तो कहीं भोजन, फल, चाय और प्राथमिक उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। कई शिविरों में थके हुए कांवरियों के लिए विश्राम स्थल बनाए गए हैं, जहां स्वयंसेवक उनके पैरों की मालिश करते, दवा उपलब्ध कराते और आवश्यकतानुसार चिकित्सकीय सहायता दिलाते दिखाई देते हैं। यह सेवा किसी औपचारिकता का हिस्सा नहीं, बल्कि भगवान शिव के प्रति श्रद्धा और मानवता के प्रति समर्पण का जीवंत उदाहरण है।
पूरे मार्ग में “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के गगनभेदी जयघोष गूंजते रहते हैं। केसरिया वस्त्रों से सजा श्रावणी पथ, शिवभक्ति में डूबे लाखों श्रद्धालु और उनकी सेवा में समर्पित हजारों हाथ—यह दृश्य किसी आध्यात्मिक महाकुंभ से कम नहीं लगता। देश के विभिन्न राज्यों से आने वाले कांवरिये भी बाबाधाम की इस सेवा परंपरा की मुक्तकंठ से सराहना करते हैं। उनका कहना है कि यहां मिलने वाला अपनापन, सम्मान और नि:स्वार्थ सेवा उन्हें हर वर्ष बाबा बैद्यनाथ के दरबार तक खींच लाती है। बाबाधाम का श्रावणी मेला केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की उस महान परंपरा का जीवंत उदाहरण है, जहां “नर सेवा ही नारायण सेवा” का भाव व्यवहार में दिखाई देता है। यही कारण है कि बाबा बैद्यनाथ की नगरी में शिवभक्ति और मानव सेवा एक-दूसरे की पूरक बनकर श्रद्धालुओं के हृदय में अमिट छाप छोड़ जाती हैं।
- हर हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा श्री मंगलधाम
वैदिक मंत्रों के बीच उमड़ रही अटूट शिवभक्ति - प्रदीप भैया जी महाराज के सान्निध्य में छठे वर्ष जारी मासव्यापी रुद्राभिषेक अनुष्ठान, सातवें दिन अनेक श्रद्धालुओं ने यजमान बनकर किया अभिषेक
देवघर/नगर संवाददाता। श्रावण मास में शिव की नगरी देवघर पूरी तरह भोलेनाथ की भक्ति में सराबोर है। चारों ओर गूंजते हर हर महादेव के जयघोष, वैदिक मंत्रों का मधुर स्वर तथा भक्ति रस से सराबोर वातावरण श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति करा रहा है। इसी दिव्य माहौल के बीच सेवा फाउंडेशन के तत्वावधान में देवघर-दुमका मुख्य मार्ग स्थित तीउरनगर के समीप श्री मंगलधाम में प्रसिद्ध हनुमान कथा वाचक प्रदीप भैया जी महाराज के सान्निध्य में आयोजित मासव्यापी रुद्राभिषेक अनुष्ठान श्रद्धा, आस्था और भक्ति के साथ निरंतर जारी है। लगातार छठे वर्ष आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव का रुद्राभिषेक कर सुख, समृद्धि और विश्व कल्याण की कामना कर रहे हैं। पूरे श्रावण मास चलने वाले इस अनुष्ठान में प्रतिदिन भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप, विशेष पूजन एवं भव्य महाआरती संपन्न कराई जा रही है। वृंदावन से पधारे आचार्य सुधीर शर्मा के नेतृत्व में आचार्य सोहित भारद्वाज, एचडी मिश्रा, कुणाल शर्मा एवं विकास कुमार वैदिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना संपन्न करा रहे हैं। रुद्र मंत्रों और वैदिक ऋचाओं की गूंज से पूरा श्री मंगलधाम शिवमय हो उठता है और श्रद्धालु गहन भक्ति भाव से पूजा में सहभागी बन रहे हैं।
सातवें दिन अनेक श्रद्धालु बने यजमान : मासव्यापी अनुष्ठान के सातवें दिन देवघर के निरंजन सिंह सहित अनेक श्रद्धालुओं ने यजमान बनकर भगवान भोलेनाथ का रुद्राभिषेक किया। सभी ने वैदिक परंपरा के अनुसार पूजन-अर्चना कर परिवार, समाज, राष्ट्र और विश्व के मंगल की कामना की। पूरे परिसर में गूंजते हर-हर महादेव के जयघोष ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया।
पूरे सावन जारी रहेंगे धार्मिक आयोजन : आयोजन समिति के अनुसार पूरे श्रावण मास में प्रतिदिन रुद्राभिषेक, महामृत्युंजय जाप, शिव पूजन, भजन-कीर्तन और महाआरती का आयोजन होगा। श्रद्धालुओं के लिए पूजा सामग्री, प्रसाद, पेयजल एवं बैठने की समुचित व्यवस्था की गई है। समिति ने सभी श्रद्धालुओं से परिवार सहित श्री मंगलधाम पहुंचकर भगवान शिव की आराधना में सहभागी बनने की अपील की है।
सेवा और श्रद्धा का अद्भुत संगम : इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में सेवा फाउंडेशन के सचिव प्रवीर कुमार के नेतृत्व में स्वयंसेवकों की टीम पूरी निष्ठा से सेवा में जुटी हुई है। मीनू दीदी, शीलू दीदी, कोमल कुमारी, खुशबू केसरी, खुशबू भंडारी, राकेश झा, वैभव शर्मा सहित अन्य स्वयंसेवक श्रद्धालुओं के मार्गदर्शन, प्रसाद वितरण एवं व्यवस्थाओं का संचालन कर रहे हैं। आयोजकों का कहना है कि श्री मंगलधाम में आयोजित यह मासव्यापी रुद्राभिषेक केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि श्रद्धा, सेवा और सनातन संस्कृति का जीवंत उत्सव है, जहां प्रतिदिन उमड़ रही भक्तों की आस्था भगवान शिव के प्रति अटूट विश्वास का प्रमाण बन रही है।