सब मिलकर आदतें सुधारें तो और बड़ी बनेगी पहचान : नीतू नवगीत
पटना। संवाददाता। राष्ट्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण में पटना नगर निगम को मिले सम्मान से हर्षित पटना नगर निगम की स्वच्छता ब्रांड एंबेसडर डॉ नीतू कुमारी नवगीत ने सभी पटनावासियों को बधाई देते हुए कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर स्वच्छता सर्वेक्षण में भागीदारी के लिए तथा बिहार में सबसे बेहतर स्वच्छता के लिए पटना नगर को मिला सम्मान पटना के हर व्यक्ति का सम्मान है। स्वच्छता के क्षेत्र में सभी ने मिलकर काम किया है जिससे पटना की रैंकिंग में सुधार आया है। फिर भी हमें बहुत काम करना बाकी है। हम सबको संयुक्त रूप से अपनी आदतों में सुधार लाना होगा। घर पर ही गीला कचरा और सूखा कचरा अलग-अलग करना होगा ताकि उनका आसानी से डिस्पोजल हो सके। इसी तरह इधर-उधर थूकने और मलमूत्र त्यागने की आदत बंद करनी होगी। समेकित प्रयासों से ही शहर स्वच्छ और सुंदर होगा।
पुलिस ने किया भारी मात्रा में देशी शराब जब्त
फूला हुआ महुआ तथा शराब में निर्मित उपरकण किया विनष्ट
सोनो। संवाददाता। पुलिस कप्तान जमुई के निर्देश पर गुप्त सूचना के आधार पर बीते बुधवार की देर रात चरकापत्थर थाना की पुलिस एवं एएलटीएफ टु के टीम के साथ गढ़टांड़ गांव की घेराबंदी करते हुए सुरेश रविदास की पत्नी प्रमीला देवी के घर छापामारी कर जावा महुआ से तैयार की गई तकरीबन 35 लीटर देशी शराब जब्त किया गया है।
चरकापत्थर थाना अध्यक्ष विशाल कुमार सिंह ने बताया कि छापामारी के बाद घर से सटे आस पास के झाड़ियों में छुपाकर रखा तकरीबन 700 लीटर फूला हुआ जावा महुआ एवं शराब उपकरण में लगे सामग्री और बर्तनों को विनष्ट कर दिया गया। थाना अध्यक्ष ने आगे बताया कि इस मामले पर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है तथा शराब निर्माण में संलिप्त अन्य लोगों की जांच की जा रही है। ज्ञात हो कि एक ही घरों से इतनी बड़ी संख्या में देशी शराब की जब्ती और शराब निर्माण में लगे भारी मात्रा में सामग्रियों का विनष्टिकरण चरकापत्थर पुलिस की बहुत बड़ी उपलब्धि है।
शहीद दिवस को लेकर खुटाडीह ओसीपी में टीएमसी का श्रमिक सभा
पांडवेश्वर। आसनसोल। संवाददाता। शहीद दिवस को लेकर 21 जुलाई को कोलकाता चलने का आवाहन करने के लिए खुटाडीह ओसीपी में तृणमूल कांग्रेस की ओर से एक श्रमिक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें तृणमूल कांग्रेस के पांडवेश्वर ब्लॉक युवा अध्यक्ष नरोतम मंडल, छोरा पंचायत के प्रधान और वरिष्ठ टीएमसी नेता रामचरित्र पासवान, श्यामला पंचायत के प्रधान असित मंडल, केंद्रा अंचल के टीएमसी नेता जमुना धीवर समेत भारी संख्या में ओसीपी कर्मी उपस्थित थे। हरिपुर पंचायत के सदस्य सह विधायक प्रतिनिधि रूपचंद मंडल ने अतिथियों को अंग वस्त्र और फूल का गुलदस्ता देकर स्वागत किया। अपने संबोधन में युवा तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष ने कहा कि राज्य की मां माटी मानुष की सरकार में सभी को अपनी आवाज उठाने की आजादी मिली है, जनता के हर दुख सुख में रहने वाले हमारे तृणमूल कर्मी और बड़े नेता शामिल होते है लेकिन विपक्षी दल भाजपा को सिर्फ चुनाव में ही बंगाल की जनता याद आती है। उन्होंने अपने नेता के आह्वान पर 21 जुलाई को कोलकाता चल कर भीड़ का इतिहास बनाने का आह्वान किया। श्यामला के प्रधान ने भी उपस्थित श्रमिकों से कोलकाता के शहीद दिवस पर शामिल होने की बाद कही। इस अवसर पर गंगेश्वर मंडल, लख्खी पाल, निताई मंडल, अनिरुद्ध सिंह, श्रीकान्त साव समेत श्रमिक उपस्थित थे।
टैंकर चालक हत्याकांड में जसीडीह पुलिस ने तीन को लिया हिरासत में
चंद्रमंडी। संवाददाता। जसीडीह थाना क्षेत्र के दिघरिया पहाड़ के समीप टैंकर चालक बेगूसराय निवासी मुन्ना कुमार राय की हत्या मामले में शक के आधार पर छापेमारी करते हुए चंद्रमंडी थाना क्षेत्र के अडीडीह गांव से तीन युवक को हिरासत में लेकर अपने साथ जसीडीह ले गई है जिससे पुलिस पूछताछ कर रही है। जसीडीह पुलिस की कार्रवाई के दौरान चंद्रमंडी थाने की पुलिस भी मौजूद थी। पुलिस के मुताबिक बुधवार, रात जसीडीह पुलिस ने यह कार्रवाई की है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जिन युवक को हिरासत में लिया गया है, उस युवक के मोबाइल पर ही मृतक का अंतिम कॉल पर बातचीत होने की बात सामने आई है, जिसके आधार पर पुलिस ने हिरासत में लेकर पछताछ शुरू कर दी है। मालूम हो कि दो दिन पूर्व जसीडीह थाना क्षेत्र के जसीडीह चकाई मार्ग पर दीघरिया पहाड़ के समीप से झाड़ी से एक व्यक्ति का शव बरामद हुआ था। शव की पहचान बेगूसराय जिले के भगवानपुर थाना क्षेत्र के जगदीशपुर गांव निवासी मुन्ना कुमार राय 45 के रूप में हुई थी, जो टैंकर चालक था।
मतदाता सूची में सुधार को लेकर बीएलओ-बीएलए समन्वय, मृत और दोहरी प्रविष्टियों पर शुरू हुई कार्रवाई
जमुई। संवाददाता। बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 को स्वच्छ, निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम 2025 के तहत मतदाता सूची के अद्यतन एवं त्रुटियों के निवारण की प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है। इसी क्रम में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिलाधिकारी, जमुई श्री नवीन के निर्देश पर 17 जुलाई को जिले के समस्त मतदान केंद्र स्तरीय पदाधिकारियों ने अपने-अपने संबंधित मतदान केंद्र स्तरीय पर्यवेक्षकों को मृत मतदाताओं, दोहरी प्रविष्टियों एवं स्थायी रूप से स्थानांतरित निर्वाचकों की अद्यतन सूची विधिवत रूप से उपलब्ध कराई गयी। इन सूचियों के आधार पर मतदाता सूची में सुधारात्मक कार्रवाई शुरू की गई, जिसमें मृतकों की प्रविष्टियों को हटाने, एक से अधिक बार दर्ज मतदाताओं की प्रविष्टियों को एकीकृत करने और स्थायी रूप से स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं का नाम विलोपित करने की प्रक्रिया शामिल है। इस प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है और किसी भी प्रकार की लापरवाही के लिए संबंधित कर्मियों को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
जिलाधिकारी श्री नवीन ने बताया कि इस विशेष अभियान का उद्देश्य है कि आगामी विधानसभा चुनाव में मतदाता सूची त्रुटिरहित हो, ताकि कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदान न कर सके और योग्य मतदाता को उसका अधिकार पूर्ण रूप से प्राप्त हो सके। इस प्रक्रिया के तहत बीएलओ घर-घर जाकर सत्यापन किया है और सभी प्राप्त सूचनाओं को निर्धारित प्रारूप में संधारित किया गया है। यह कार्य संबंधित बीएलए की निगरानी में पूर्ण हुआ है।
जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यह विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम चुनाव की घोषणा तक चरणबद्ध ढंग से जारी रहेगा ताकि समय रहते मतदाता सूची में सुधार कर लिया जाए। इस अभियान में निर्वाचक नामावली के संक्षिप्त पुनरीक्षण, पात्र युवाओं के नाम जोड़ने, अपात्र नामों को हटाने तथा लिंगानुपात और मतदाता-जनसंख्या अनुपात में सुधार जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है।
जिला प्रशासन ने सभी मतदाताओं से अपील की है कि यदि उन्हें मतदाता सूची में कोई त्रुटि दिखाई देती है या उन्हें नाम जोड़ने, हटाने या संशोधन से संबंधित कोई कार्य कराना है, तो वे अपने संबंधित बीएलओ से संपर्क कर सकते हैं अथवा निर्वाचन आयोग के ऑनलाइन पोर्टल या वोटर हेल्पलाइन ऐप के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।
ई शिक्षा कोष पर हाजरी नहीं बनाने पर शिक्षकों से पूछा स्पष्टीकरण
चंद्रमंडी। संवाददाता। शिक्षा विभाग की सख्ती के बावजूद कई विद्यालयों के शिक्षक इन दिनों की ई शिक्षा कोष एप पर हाजिरी नहीं बना रहे है। ताजा मामला प्रखंड के नवीन प्राथमिक विद्यालय मोरियाडीह का है। यहां के शिक्षकों ने ई शिक्षा कोष एप पर हाजिरी नहीं बनाने को लेकर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी शिक्षा विभाग योजना एवं लेखा जमुई ने विद्यालय के प्रधानाध्यापक प्रभारी प्रधानाध्यापक एवं शिक्षकों से स्पष्टीकरण पूछा है। इस संबंध में जारी पत्र में कहा है कि प्रतिदिन शिक्षा विभाग की ओर से स्कूल टीचर अटेंडेंस की जांच की जाती है। जांच के क्रम में पाया गया है कि आपके विद्यालय के किसी भी शिक्षक द्वारा विगत कई दिनों से ई शिक्षा कोष एप पर अपनी उपस्थिति दर्ज नहीं की जा रही है, जो विभागीय आदेश की अभेलना है। अत : निर्देश दिया जाता है कि पत्र निर्गत तिथि के 48 घंटे के अंदर इस संबंध में स्पष्टीकरण समर्पित करें अन्यथा स्पष्टीकरण नहीं देने की स्थिति में संबंधित शिक्षक संबंधित विद्यालय प्रधान के निलंबन की अनुशंसा किए जाने की बाध्यता होगी। पत्र की प्रतिलिपि संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी संबंधित विद्यालय प्रधान एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी को दी गई है। यह वही नवीन प्राथमिक विद्यालय मोरियाडीह है जहां पिछले महीने यहां के सभी विद्यालयों के शिक्षकों का शिक्षा विभाग द्वारा एक साथ तबादला कर दिया गया था, जिसके बाद मामला काफी तूल पकड़ने पर आनन फानन में शिक्षा विभाग ने दो शिक्षकों को प्रति नियुक्त कर विद्यालय में पठन-पाठन का कार्य प्रारंभ किया था। वर्तमान में इस विद्यालय में शिक्षक सीताराम दास एवं शैलेश चौधरी पठन-पाठन का कार्य कर रहे हैं।
सड़क दुर्घटना में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत
चंद्रमंडी। संवाददाता। सड़क दुर्घटना में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना से मृतक के घर में मातम पसर गया। साथ ही, पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार, चंद्रमंडी थाना क्षेत्र के बानाडीह गांव निवासी सरयू यादव के पुत्र गुड्डू कुमार 17 वर्ष मंगलवार की शाम देवघर के कुंडा मोड़ पर दो बाइक की टक्कर में गंभीर रूप से घायल हो गया था। गंभीर अवस्था में उसे बेहतर इलाज के लिए रांची रिम्स में भर्ती कराया गया था। गुरुवार की दोपहर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक पढ़ने में काफी तेज था और होनहार छात्र में उसकी गिनती होती थी। उसकी मौत से पिता माता सहित पूरे परिवार के लोग सदमे में है। गुरुवार देर शाम उसका शव एंबुलेंस से घर लाया गया, जहां शव पहुंचते ही पूरा परिवार दहाड़ मारकर रोने लगा और गांव के लोग गमगीन हो गए।
125 यूनिट बिजली फ्री करने का फैसला स्वागत योग्य
चंद्रमंडी। संवाददाता। बिहार सरकार की ओर से 125 यूनिट बिजली फ्री करने की घोषणा से विभिन्न तबके के लोगों में खुशी की लहर देखी जा रही है। लोगों ने सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है। जनता दल यू के जिला उपाध्यक्ष बालेश्वर दास, प्रखंड अध्यक्ष विंदेश्वरी वर्मा, भाजपा मंडल अध्यक्ष कृष्ण कुमार गुप्ता, जेपी सेनानी अंगराज राय, सामाजिक कार्यकर्ता अनिल मिश्रा ने बताया कि सरकार के इस निर्णय से आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों को इसका समुचित लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि बिहार की एनडीए सरकार लगातार जनहित में कई महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। अनिल मिश्रा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उपभोक्ताओं का बकाया बिजली बिल माफ करने तथा ऋण के बोझ तले दबे किसानों का केसीसी ऋण भी माफ करने की मांग की है।
स्टेट बैंक ने दीदियों के संग किया बैठक, दी अद्यतन जानकारी
जीविका को सशक्त करना एसबीआई की प्राथमिकता : क्षेत्रीय प्रबंधक
जमुई। संवाददाता। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया जमुई के परिसर में एसबीआई ने जीविका के साथ समन्वय बैठक किया। इस बैठक में दोनों संस्थाओं ने वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने और महिला स्वयं सहायता समूहों को बैंकों से जोड़ने पर सहमति व्यक्त की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देना और महिला स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार के साथ आत्मनिर्भर बनाने में मदद करना था। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए दोनों पक्षों के बीच सहयोग और समन्वय को मजबूत करना भी इस बैठक के एजेंडे में शामिल था। बैठक में दोनों पक्षों ने फील्ड स्तर की चुनौतियों और समाधानों पर भी चर्चा की और आगे की कार्य योजनाओं पर विस्तार बात की। कुल मिलाकर यह बैठक जीविका और स्टेट बैंक के बीच सहयोग को मजबूत करने और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के क्षेत्रीय प्रबंधक संतोष कुमार सिन्हा ने अग्नि ज्योति प्रज्जविलत कर बैठक का शुभारंभ करते हुए कहा कि जीविका को और ज्यादा सशक्त बनाना एसबीआई की प्राथमिकता है। दीदियों को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
इस दिशा में बैंक स्वयं सहायता समूह को संबद्ध कर उन्हें आसानी से ऋण दे रहा है, जिसके अच्छे परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने छूटे हुए परिवारों को समूह से जोड़ने का आग्रह करते हुए कहा कि इनके सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए बैंक कार्य कर रहा है। आधी आबादी के सशक्तिकरण से परिवार और समाज मजबूत बनेगा। श्री सिन्हा ने दीदियों को हर संभव सहयोग दिए जाने का ऐलान किया।
मुख्य प्रबंधक क्रेडिट मलय सौरभ ने कहा कि जीविका के माध्यम महिलाएं सशक्त हो रही है। घर की चहारदीवारी से निकल कर अपने हित के लिए काम कर रही है। नियमित बैठक, आपस में ऋण का लेन-देन, लेखांकन, समय पर ऋण अदायगी आदि का कार्य कर वह अपनी संस्था को और ज्यादा सबल तथा सशक्त बना रही हैं। उन्होंने दीदियों को निष्ठा के साथ कार्य करने का पाठ पढ़ाया।
एसबीआई जमुई के मुख्य प्रबंधक सह नोडल अधिकारी सौरभ कुमार ने आगत मेहमानों का अमूल्य अल्फाजों से इस्तकबाल किया वहीं राज्य उद्घोषक डॉ. निरंजन कुमार ने साहित्यिक उद्घोषणा से कार्यक्रम में चार चांद लगा दिया। गिद्धौर शाखा प्रबंधक राजुल कुमार ने ध्यानवाद ज्ञापन किया।
माइक्रो फाइनेंस के अधिकारी वीरेंद्र कुमार, बीपीएम सुजीत कुमार, स्वीटी कुमारी, वीणा दीदी, ललिता दीदी, पाबिता दीदी, पिंकी दीदी आदि ने समन्वय बैठक को संबोधित किया और अपने-अपने अनुभवों से एक-दूसरे को अवगत कराया। बैठक में दर्जनों दीदी, कई प्रखंडों के बीपीएम आदि जन मौजूद थे। कार्यक्रम के अंत में बेहतर कार्य के लिए उपस्थित सभी बीपीएम और दीदी को सम्मानित किया गया।
वन्यजीव अपराधों के खिलाफ संयुक्त ऑपरेशन
कोलकाता और जमुई वन प्रमंडल की ओर से 01.09 किलोग्राम पैंगोलिन स्केल्स की जब्ती
जमुई। संवाददाता। जमुई वन प्रमंडल पदाधिकारी तेजस जायसवाल ने बताया कि वन्यजीव अपराधों को रोकने के लिए वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो और जमुई वन प्रमंडल ने एक संयुक्त गुप्त ऑपरेशन में बड़ी सफलता हासिल की है।
नामित ऑपरेशन के दौरान 01.09 किलोग्राम बजरकिट के खाल (पैंगोलिन स्केलस) की जब्ती जमुई सदर से की गई, जो वन्यजीव संरक्षण अधिनियम का उल्लंघन कर अवैध रूप से झारखंड के जंगल से संग्रहीत किए गए थे। इसमें शामिल तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार भी किया गया है। श्री जायसवाल ने कहा कि वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो और जमुई वन प्रमंडल ने गुप्त जानकारी के आधार पर इस ऑपरेशन को अंजाम दिया, जिसमें वन्यजीवों के संरक्षण के लिए कड़ी कार्रवाई की गई। पैंगोलिन को संकटग्रस्त प्रजाति के रूप में सूचीबद्ध किया गया है और इसका शिकार या इसके अंगों का व्यापार वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के तहत अवैध है।
वनों के क्षेत्र पदाधिकारी रवि कुमार, वनपाल अभिषेक कुमार, मिथिलेश कुमार समेत वन विभाग के वनरक्षी इस कार्रवाई में शामिल थे। वन प्रमंडल पदाधिकारी ने अधिकारियों और कर्मियों के नेक कार्य के लिए तारीफ की है।
डीईओ ने ईवीएम प्रदर्शन केंद्र का किया उद्घाटन
मतदाता ईवीएम में मॉक ड्रील कर इसके रहस्य को जानेंगे और अपना क्षमतावर्धन करेंगे
जमुई। संवाददाता। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को देखते हुए जमुई अनुमंडल कार्यालय में ईवीएम प्रदर्शन केंद्र की स्थापना की गई है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधीश श्री नवीन ने फीता काटकर और ईवीएम बटन दबाकर प्रदर्शन केंद्र का शुभारंभ करते हुए कहा कि निर्वाचकों को यहां इसके प्रयोग की भौतिक और डिजिटल रूप में जानकारी दी जाएगी।
मतदाता ईवीएम को छेड़कर इसके रहस्य को जानेंगे और अपना क्षमतावर्धन करेंगे। श्री नवीन ने मौके पर स्वयं बैलेट यूनिट का बटन दबाकर मत डाला। उन्होंने इस दरम्यान डमी चुनाव चिन्ह का वीवीपैट के प्रिंटेड पर्ची से मिलान भी किया। उन्होंने बताया कि भारत चुनाव आयोग आसन्न विधानसभा चुनाव के मद्देनजर ईवीएम जागरुकता को लेकर विशेष मुहिम चला रहा है। इसका उद्देश्य जनता को ईवीएम के प्रयोग की जानकारी देना और वीवीपैट की पर्ची से अपना वोट जांचने और परखने के गूर को बताना है। इससे उनकी विश्वसनीयता मजबूत होगी। साथ ही, पारदर्शिता और निष्पक्षता भी खुलकर सामने आएगा। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर ईवीएम जागरूकता अभियान चुनाव की घोषणा होने तक चलाया जाएगा। प्रदर्शन केंद्र हर कार्य दिवस को पूर्वाह्न 10:00 बजे से अपराह्न 05:00 बजे तक खुला रहेगा। इस दरम्यान गाइडलाइंस का अक्षरश: अनुपालन किया जाना है। उन्होंने बताया कि वोटर ट्रेनिंग-अवेयरनेस के लिए पृथक की गयी मशीनों का ही प्रयोग होगा। इसके लिए पर्याप्त संख्या में बीयू, सीयू और वीवीपैट को चिन्हित कर पृथक किया गया है। केंद्र पर मॉक वोटिंग के दौरान पंजी पर आगंतुकों के हस्ताक्षर लिए जाएंगे। प्रत्येक दिन कुल डाले गए मतों की गिनती, फोटोग्राफ आदि का प्रतिवेदन संबंधित नोडल के माध्यम से जिला निर्वाचन पदाधिकारी के द्वारा आयोग को प्रेषित किया जाएगा। वीवीपैट की पर्ची को विनिष्ट कर दिया जाएगा। जिला कलेक्टर ने निर्वाचकों से आग्रह करते हुए कहा कि प्रदर्शन केंद्र पर आकर ईवीएम के क्रिया-कलापों से रूबरू हों और यथोचित ज्ञानवर्धन के साथ क्षमतावर्धन करें। एसडीएम सौरभ कुमार, जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी मो. नजरूल, अवर निर्वाचन पदाधिकारी डॉ.मेनका कुमारी आदि नामित जन इस अवसर पर उपस्थित थे।
डाटा एंट्री ऑपरेटर और प्रोग्रामरों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का सरकारी कार्यों पर असर
जमुई। संवाददाता। जमुई जिले में गुरुवार से विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर, प्रोग्रामर, स्टेनोग्राफर एवं आईटी कर्मियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। हड़ताल के पहले ही दिन से जिले के कई महत्वपूर्ण कार्यालयों में कामकाज ठप हो गया है, जिससे आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हड़ताली कर्मियों ने बताया कि वे बीते कई दिनों से अपनी 11 सूत्री मांगों को लेकर सरकार से संवाद कर रहे थे, लेकिन जब उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया गया, तो उन्हें मजबूर होकर कामकाज ठप कर हड़ताल पर जाना पड़ा। हड़ताल का सीधा असर जिले के परिवहन विभाग, वाणिज्य कर, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग , पशुपालन विभाग, साथ ही समाहरणालय स्थित आपदा, कल्याण, बंदोबस्त, राजस्व, पंचायतीराज और कोषागार कार्यालयों पर देखने को मिला। इसके अलावा सभी प्रखंड और अंचल कार्यालयों का कार्य भी प्रभावित हुआ है।
इस हड़ताल में रिंकू सिंह, कौशलेंद्र कुमार, विवेक कुमार, पंकज कुमार, अमित कुमार, मुकेश कुमार, कौशल कुमार, सुभाष कुमार, रूपेश कुमार, अरविंद कुमार और विकास कुमार प्रमुख रूप से शामिल रहे।
बिहार में अब आम लोगों को 125 यूनिट बिजली मुफ्त
- मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक्स पोस्ट के जरिए दी पूरे मामले की जानकारी
- इससे राज्य के 1 करोड़ 67 लाख परिवारों को होगा लाभ, 1 अगस्त से मिलेगा लाभ
पटना। संवाददाता। राज्य में अब आम लोगों को 125 यूनिट बिजली मुफ्त मुहैया कराई जाएगी। लोगों को इस निर्धारित सीमा के बाद ही बिजली का बिल देना होगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने सोशल मीडिया एकाउंट एक्स पर इससे संबंधित पोस्ट कर यह जानकारी दी है। राज्य सरकार ने शुक्रवार को विशेष कैबिनेट की एक बैठक भी बुलाई है। इसमें इससे संबंधित प्रस्ताव पर मुहर लगने की संभावना है। इसके बाद यह सुविधा राज्यभर में लागू हो जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अपने पोस्ट पर लिखा है कि हमलोग शुरू से ही सस्ती दरों पर सभी को बिजली उपलब्ध करा रहे हैं। अब यह किया गया है कि 1 अगस्त 2025 से यानी जुलाई महीने के बिल से ही राज्य के सभी घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक बिजली का कोई पैसा नहीं देना पड़ेगा। इससे राज्य के कुल 1 करोड़ 67 लाख परिवारों को लाभ होगा। यह तय किया गया है कि अगले तीन वर्षों में इन सभी घरेलू उपभोक्ताओं से सहमति लेकर उनके घर की छतों पर अथवा नजदीकी सार्वजनिक स्थल पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाकर लभा दिया जाएगा।
सीएम ने लिखा है कि कुटीर ज्योति योजना के तहत जो अत्यंत निर्धन परिवार होंगे, उनके लिए सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के लिए पूरा खर्च राज्य सरकार करेगी तथा शेष के लिए भी सरकार उचित सहयोग करेगी। इससे घरेलू उपभोक्ताओं को अब बिजली का 125 यूनिट तक कोई खर्च नहीं लगेगा। साथ ही राज्य में अगले तीन वर्षों में एक अनुमान के आधार पर 10 हजार मेगावाट तक सौर ऊर्जा उपलब्ध हो जाएगी।
बिहार में यह पहला मौका है, जब आम लोगों को 125 यूनिट बिजली मुफ्त मिलने जा रही हैं। मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद ऊर्जा विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। 125 यूनिट के बाद प्रति यूनिट बिजली क्या दर लागू होगी, इस पर व्यापक स्तर पर मंथन शुरू हो गया है। कैबिनेट में इससे जुड़ी सभी बातों को प्रस्तुत कर पास कराया जाएगा। इसके बाद यह नई सुविधा राज्यभर में लागू हो जाएगी।
50 लाख से अधिक जमीन दस्तावेज जुलाई अंत तक होंगे ऑनलाइन
पहले चरण में 1990 से 1995 के बीच जमीन संबंधित सभी दस्तावेजों को किया जा रहा अपलोड
चार करोड़ 17 लाख से अधिक दस्तावेजों को ऑनलाइन करने का रखा गया है लक्ष्य
पटना। संवाददाता। भूमि से संबंधित तमाम दस्तावेजों को डिजिटल रूप से सहेजने की मुहिम शुरू हो गई है। इससे दस्तावेजों की पारदर्शिता बढ़ने के साथ ही निबंधन कार्यालयों में रखे सभी पुराने भू-अभिलेख समेत तमाम तरह के दस्तावेजों को संजोए कर रखने की मुहिम चल रही है। सुरक्षा बढ़ाने के लिए रजिस्ट्री कार्यालयों में रखे पुराने निबंधित अभिलेख ऑनलाइन अपलोड किए जा रहें हैं। जुलाई अंत तक दस्तावेजों के डिजिटाइजेशन का काम पूरा कर लिया जाएगा।
मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अनुसार, पहले चरण में वर्ष 1990 से 1995 के बीच मौजूद 50 लाख से अधिक दस्तावेजों को जल्द डिजिटाइज कर लिया जाएगा। इसके लिए अप्रैल 2025 से पांच एजेंसियां काम कर रहीं हैं। इस पहल के बाद नागरिकों के लिए जमीन की जानकारी ऑनलाइन आसानी से उपलब्ध हो जाएगी।
विभाग ने करीब चार करोड़ 17 लाख दस्तावेजों को डिजिटाइज करने का महत्वपूर्ण लक्ष्य रखा है, जिसे तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। इसके तहत पहले चरण का काम जारी है। दूसरे चरण में वर्ष 1948 से 1990 के बीच के करीब दो करोड़ 23 लाख दस्तावेज डिजिटाइज किए जाएंगे। वहीं, तीसरे और आखिरी चरण में वर्ष 1908 से 1947 के बीच के एक करोड़ 44 लाख से अधिक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड होंगे।
विभाग के पास वर्ष 1796 से लेकर अबतक के जमीन संबंधित दस्तावेज कागजी तौर पर उपलब्ध हैं, जिनमें 99 प्रतिशत से अधिक दस्तावेज जमीन-जायदाद से संबंधित हैं। इन दस्तावेजों को सहेजना चुनौतीपूर्ण है। समय पर दस्तावज नहीं मिलने पर भूमि विवाद के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। डिजिटाइजेशन से न केवल इन्हें सुरक्षित रखा जाएगा, बल्कि आसानी से इन्हें ढूंढा भी जा सकेगा।
आबकारी आयुक्त सह महानिरीक्षक निबंधन रजनीश कुमार सिंह ने बताया कि निबंधित जमीन के दस्तावेजों और अभिलेखों के डिजिटाइजेशन से लोग घर बैठे इसे देख और डाउनलोड कर सकेंगे। इस सुविधा से खासतौर पर वरिष्ठ नागरिकों को राहत मिलेगी। इसके लिए विभाग युद्धस्तर पर काम कर रहा है।
जमीन संबंधी दस्तावेजों को डिजिटाइज करने की तीन प्रिक्रियाएं होती हैं। पहली प्रक्रिया में दस्तावेजों को स्कैन किया जाता है, फिर उसकी जानकारी अपलोड की जाती है। अंत में इसे नागरिकों के लिए सार्वजनिक किया जाता है। इससे भू अभिलेखों को खोजने में आसानी होगी, नागरिकों और रजिस्ट्री कर्मचारियों दोनों के समय और संसाधनों की बचत होगी। इसके साथ ही विवादों का समाधान और अभिलेखों में छेड़छाड़ की आशंका कम हो जाएगी। इससे भू-माफियाओं पर अंकुश लगेगा।
भू-माफियाओं और तस्करों पर होगी सख्त कार्रवाई: मुख्य सचिव
ड्ट मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने चुनाव को लेकर 7 सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षक के साथ ही समीक्षा बैठक
पटना, 17 जुलाई आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा ने कानून व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाए रखने और विधि-व्यवस्था की तैयारी को लेकर समीक्षा बैठक की। उन्होंने कहा कि भू-माफियाओं और तस्करों से जुड़ी तमाम जानकारियों को जुटाकर इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। इसके लिए पुलिस अधीक्षक स्तर पर स्पेशल सेल गठित कर विभिन्न कार्यालयों से अपराधियों की जानकारी इकठ्ठा की जाए। फरार चल रहे तमाम कुख्यात अपराधियों की कुर्की कराएं और व्यापक अभियान चलाकर इनकी गिरफ्तारी करें। उन्होंने अपराधियों की धरपकड़ तेज करने, वाहनों की जांच करने, अवैध शराब के खिलाफ निरंतर छापेमारी अभियान, कुख्यात अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ सीसीए लगाकर सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया।
मुख्य सचिव ने चुनाव के पहले सभी जिलों में शस्त्र लाइसेंस और शस्त्रों की दूकानों के सत्यापन की दिशा में तेजी लाने के लिए कहा। पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने आर्म्स एक्ट के दोषियों पर एक महीने के अन्दर नोटिस जारी करते हुए कड़ी कार्रवाई करने के लिए कहा। उन्होंने दोषी हथियार विक्रेताओं के लाइसेंस को रद्द करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई ना होने पर दूसरे मामलों में इसका खामियाजा देखने मिलता है। साथ ही अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति काण्ड के लंबित मामलों पर चिंता जाहिर करते हुए पुलिस अधीक्षक को अपने स्तर से मिशन मोड में इसे चलाने और पीक आवर्स में वाहनों की जांच तेज करने का निर्देश दिया।
श्री मीणा ने सुपौल, कटिहार, पूर्णिया, मधेपुरा, सहरसा, अररिया और किशनगंज जिले के अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी चुनाव केंद्रों पर पेयजल, शौचालय, बिजली, फर्नीचर, रैम्प जैसी सुविधाएं ससमय सुनिश्चित की जाएं। चुनाव के दौरान अर्द्धसैनिक बलों(सीएपीएफ) के ठहरने के लिए चिन्हित भवनों में सभी व्यवस्था दुरुस्त हो। बैठक में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविन्द कुमार चौधरी, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) कुंदन कृष्णन समेत अन्य मौजूद थे।
चकबंदी वाले गांवों में वास्तविक कब्जाधारी को ही मिलेगा मुआवजा
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग का अहम फैसला
अपर मुख्य सचिव ने सभी जिलों के समाहर्ताओं को जारी किया निर्देश
अधिनियम संशोधन तक अंतरिम व्यवस्था लागू
पटना। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने चकबंदी किए गए गांवों में भू-अर्जन की प्रक्रिया के दौरान उत्पन्न जटिलताओं के समाधान की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार सिंह ने सभी जिलों के समाहर्ताओं को निर्देश जारी करते हुए स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में जहां खतियान, जमाबंदी और दखल कब्जा में अंतर है, वहां वास्तविक कब्जाधारी रैयत को ही मुआवजा दिया जाएगा।
बिहार चकबंदी अधिनियम, 1956 के तहत राज्य के 5657 गांवों में चकबंदी की कार्रवाई प्रारंभ की गई थी। इनमें से 2158 गांवों में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अधिसूचना भी जारी कर दी गई है। बावजूद इसके कई स्थानों पर रैयतों का कब्जा अब भी पुराने सर्वे खतियान (सीएस/आरएस) के आधार पर बना हुआ है जबकि चकबंदी खतियान एवं पंजी-2 की जमाबंदी अद्यतन हो चुकी है।
अपर मुख्य सचिव के अनुसार ऐसे कई मामलों में चकबंदी खतियान, ऑनलाइन जमाबंदी और जमीन पर वास्तविक कब्जा, इन तीनों में मेल नहीं होने के कारण भू-अर्जन के भुगतान में अड़चनें आ रही हैं। इससे विभिन्न विकास परियोजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
इस स्थिति के समाधान के लिए जारी निर्देश में कहा गया है कि जिस खेसरे या खेसरा अंश का भू-अर्जन किया जा रहा है, उस पर वास्तविक रूप से कब्जा रखने वाले व्यक्ति को ही हितबद्ध रैयत मानते हुए भुगतान किया जाएगा। बशर्ते वह अतिक्रमणकर्ता न हो और उसका दावा पूर्ववर्ती खतियान या उसपर आधारित लेन-देन से प्रमाणित हो।
जिला भू-अर्जन पदाधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे ऐसे मामलों में आत्मभारित आदेश पारित करें, जिसमें स्पष्ट किया जाए कि किन आधारों पर वास्तविक कब्जाधारी को भुगतान किया गया है, भले ही वह खतियान या जमाबंदी से मेल न खाता हो।
इस पर विधिक परामर्श भी प्राप्त कर लिया गया है और संबंधित अधिनियमों में संशोधन की प्रक्रिया जारी है। संशोधन की प्रतीक्षा किए बिना फिलहाल यह अंतरिम समाधान लागू किया गया है ताकि विकास कार्यों की गति प्रभावित न हो।