- बैंक अधिकारी बनकर अज्ञात मोबाइल धारक ने मांगी कार्ड की जानकारी, ऑनलाइन प्रोसेस कराते ही दो मोबाइल किए हैक
देवघर/संवाददाता। जिले के मारगोमुंडा थाना क्षेत्र के बैजूटांड़ गांव निवासी तौसीफ अहमद की पत्नी साइबर ठगी की शिकार हो गईं। उनके नाम से क्रेडिट कार्ड आया था, जिसे उन्होंने अभी चालू नहीं किया था। इसी का फायदा उठाकर एक अज्ञात मोबाइल धारक ने बैंक अधिकारी बनकर उन्हें फोन किया और क्रेडिट कार्ड चालू करने के नाम पर कार्ड से संबंधित सारी जानकारी हासिल कर ली। बताया गया कि फोन करने वाले ने क्रेडिट कार्ड को चालू करने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कराने की बात कही। उसके बताए अनुसार ऑनलाइन प्रोसेस करते ही साइबर अपराधी ने उनके दो मोबाइल को हैक कर लिया। इसके बाद अलग-अलग तरीके से करीब एक लाख रुपये की साइबर ठगी कर ली गयी। जानकारी के अनुसार साइबर ठग ने क्रेडिट कार्ड से 59 हजार रुपये की निकासी की, जबकि शेष राशि एक अलग बैंक खाते से निकाली गयी। मोबाइल हैक होने और खाते से राशि की निकासी की जानकारी मिलने के बाद पीड़िता के परिजनों को साइबर ठगी का एहसास हुआ।
घटना की जानकारी मिलने के बाद मामले की शिकायत दर्ज कराने के लिए पीड़ित पक्ष साइबर थाना पहुंचा। पुलिस से मामले की जांच कर साइबर ठगी में शामिल अज्ञात मोबाइल धारक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गयी है। फिलहाल साइबर थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
आर्ट ऑफ गिविंग झारखंड रत्न से देवघर यूनिट को मिला बेस्ट जिला का अवॉर्ड
- शिक्षा, समाजसेवा और सशक्तिकरण के क्षेत्र में बेहतर कार्य के लिए देवघर को मिला सम्मान
देवघर/संवाददाता। शिक्षा, समाजसेवा एवं सशक्तिकरण के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने के लिए आर्ट ऑफ गिविंग झारखंड रत्न से देवघर यूनिट को बेस्ट जिला का अवॉर्ड प्रदान किया गया। इस अवसर पर शिक्षा, समाजसेवा एवं सशक्तिकरण के क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर बेहतर कार्य कर रहे 20 लोगों को भी आर्ट ऑफ गिविंग झारखंड रत्न से सम्मानित किया गया। देवघर यूनिट के सचिव नवीन शर्मा को आर्ट ऑफ गिविंग के संस्थापक प्रो. डॉ. अच्युत सामंत, झारखंड के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री झारखंड सरकार सुबोध कांत सहाय, राज्यसभा सांसद महुआ मांझी तथा झारखंड के सचिव शेखर बोस ने मोमेंटो एवं अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया।
देवघर यूनिट के सामूहिक प्रयास का परिणाम : अवार्ड मिलने के बाद देवघर यूनिट के सचिव नवीन शर्मा ने कहा कि यह सम्मान देवघर जिला के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों के सामूहिक प्रयास का नतीजा है। उन्होंने इसके लिए अध्यक्ष आशीष झा, चेयरमैन डॉ. सुनील खवाड़े, मुख्य संरक्षक ध्रुव सिंह, डॉ. जेसी राज, उपाध्यक्ष मधु रंजन मालवीय, संजय मालवीय, रितेश केसरी, जोगिंद्र तिवारी, राकेश पाण्डेय, आशुतोष कुमार, सुधाकर चौधरी, मुन्ना पासवान सहित सभी सदस्यों के प्रयास को श्रेय दिया।
देने की भावना को बढ़ावा देना है आर्ट ऑफ गिविंग का संदेश : आर्ट ऑफ गिविंग ओडिशा के प्रसिद्ध शिक्षाविद् एवं समाजसेवी प्रो. डॉ. अच्युत सामंत द्वारा प्रचारित सामाजिक दर्शन एवं अभियान है। इसका मूल विचार देने की भावना को बढ़ावा देना है। समय, ज्ञान, सहयोग या संसाधन के माध्यम से दूसरों की मदद करने से समाज में खुशी, शांति एवं सकारात्मकता लाने का संदेश दिया जाता है। सरल शब्दों में इसका संदेश है कि सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि दूसरों के लिए भी कुछ करना चाहिए।
किट और किश से भी जुड़ा है अभियान : आर्ट ऑफ गिविंग, किअ और किश तीनों का संबंध प्रो. डॉ. अच्युत सामंत से है। कीट यानी कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी तथा किश यानी कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस भुवनेश्वर स्थित प्रमुख संस्थानों में शामिल हैं। किश का मुख्य फोकस आदिवासी एवं वंचित बच्चों की शिक्षा एवं सशक्तिकरण पर है। संस्थान में बच्चों को शिक्षा के साथ रहने, भोजन, स्वास्थ्य, खेल एवं कौशल विकास जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाता है। इसके बैनर तले पूरे भारत में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिनमें खेलकूद, गरीबों को भोजन कराना तथा सामाजिक कार्य प्रमुख हैं। दी गई जानकारी के अनुसार वर्तमान में करीब 40 हजार बच्चे संस्था का लाभ ले रहे हैं। कुछ महीने पूर्व मुकेश अंबानी की पत्नी नीता अंबानी भी संस्था में पहुंची थीं और संस्था के कार्यों की जमकर तारीफ की थी।
20 लोगों को मिला झारखंड रत्न सम्मान : शिक्षा, समाजसेवा एवं सशक्तिकरण के लिए विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर कार्य करने वाले 20 लोगों को आर्ट ऑफ गिविंग झारखंड रत्न से सम्मानित किया गया। इसी क्रम में देवघर यूनिट को जिले में बेहतर कार्य करने के लिए बेस्ट जिला आर्ट ऑफ गिविंग झारखंड रत्न अवॉर्ड से नवाजा गया। सम्मान मिलने पर देवघर यूनिट से जुड़े सदस्यों में खुशी है।
दोबघाट पुल पर भूसा लदा ट्रक पलटा, मलबे में दबे मजदूर की मौत
- स्टेयरिंग फेल होने से हुआ हादसा, पांच लोग दबे, एनएच-333 पर एक घंटे तक ठप रहा आवागमन
देवघर/संवाददाता। शनिवार रात दुमका से धान का भूसा लादकर लखीसराय जा रहा एक ट्रक चकाई-जमुई मुख्य मार्ग एनएच-333 स्थित दोबघाट पुल पर अनियंत्रित होकर पलट गया। बताया गया कि ट्रक का स्टेयरिंग फेल होने के कारण यह हादसा हुआ। दुर्घटना में चालक समेत पांच लोग भूसा और ट्रक के मलबे के नीचे दब गए। घटना की सूचना मिलते ही चकाई और चंद्रमंडीह थाना की पुलिस दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। मलबे और भूसे के नीचे दबे लोगों को बाहर निकालने के लिए तत्काल जेसीबी मंगाई गई। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से मलबा और भूसा हटाकर सभी लोगों को बाहर निकाला। इसके बाद डायल-112 वाहन और एंबुलेंस से घायलों को चकाई रेफरल अस्पताल पहुंचाया गया। दुर्घटना में घायल लोगों की पहचान लखीसराय जिले के साम टोला निवासी चालक रामप्रवेश पासवान, कृष्ण पासवान, संजय पासवान, पप्पू पासवान, किशोर पासवान और मिंटू मंडल के रूप में हुई है। चकाई रेफरल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल पप्पू पासवान और किशोर पासवान को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल जमुई रेफर किया गया।
घटना में गंभीर रूप से घायल लखीसराय जिले के श्याम टोला निवासी किशोर कुमार पासवान को शनिवार देर रात इलाज के लिए देवघर सदर अस्पताल पहुंचाया गया। यहां जांच के बाद ऑन ड्यूटी डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद सदर अस्पताल स्थित बैद्यनाथ धाम ओपी पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।
श्रावण मास के कारण इस मार्ग पर वाहनों का अत्यधिक दबाव था। दोबघाट पुल पर ट्रक पलटने के बाद एनएच-333 पर करीब एक घंटे तक आवागमन पूरी तरह ठप रहा। इससे सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से मलबा हटाए जाने के बाद आवागमन सामान्य कराया गया।
झारखंड के सांस्कृतिक दूत थे स्वर्गीय डॉ. रामदयाल मुंडा
- जयंती पर कांग्रेस सेवादल के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष अजय कुमार ने अर्पित की श्रद्धांजलि
देवघर/वरीय संवाददाता। कांग्रेस सेवादल के झारखंड प्रदेश के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष अजय कुमार ने पद्मश्री स्वर्गीय डॉ. रामदयाल मुंडा की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि डॉ. रामदयाल मुंडा झारखंड के महान शिक्षाविद, लोक कलाकार और आदिवासी संस्कृति के महानायक थे। उन्होंने झारखंड की लोक कलाओं और आदिवासी संस्कृति को देश-दुनिया में पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। अजय कुमार ने कहा कि डॉ. रामदयाल मुंडा ने विश्व पटल पर आदिवासी संस्कृति, उसके गौरव और दर्शन को मजबूती से प्रस्तुत किया। वे बहुआयामी व्यक्तित्व के धनी थे और आदिवासी समाज तथा उसकी समृद्ध संस्कृति को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि डॉ. मुंडा ने झारखंड की लोक परंपराओं, कला, संगीत और आदिवासी जीवन-दर्शन को व्यापक मंच प्रदान किया। उनके प्रयासों से झारखंड की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूती मिली। अजय कुमार ने कहा कि डॉ. रामदयाल मुंडा का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने आदिवासी समाज की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य किया। ऐसे महान व्यक्तित्व को याद करना और उनके विचारों को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि स्वर्गीय डॉ. रामदयाल मुंडा झारखंड के वास्तविक सांस्कृतिक दूत थे।
जयंती पर स्वतंत्रता सेनानी राजकुमार शुक्ल को श्रद्धांजलि
- किसानों की पीड़ा को लेकर महात्मा गांधी को चंपारण लाने में निभायी थी निर्णायक भूमिका
देवघर/वरीय संवाददाता। कांग्रेस सेवादल के झारखंड प्रदेश के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष अजय कुमार ने स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय राजकुमार शुक्ल की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि राजकुमार शुक्ल देशप्रेम, राष्ट्रवाद और देशसेवा की जीती-जागती प्रतिमूर्ति थे। किसानों की पीड़ा और अंग्रेजों के शोषण के खिलाफ उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। अजय कुमार ने कहा कि अंग्रेजों द्वारा किसानों पर किये जा रहे अत्याचार और नील की खेती के लिए मजबूर किये जाने के खिलाफ राजकुमार शुक्ल ने आवाज उठायी। किसानों को शोषण से मुक्ति दिलाने के उद्देश्य से उन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को चंपारण आने के लिए प्रेरित किया। महात्मा गांधी के चंपारण पहुंचने के बाद किसान आंदोलन ने व्यापक रूप लिया और आगे चलकर यह देश के स्वतंत्रता आंदोलन का महत्वपूर्ण अध्याय बना। उन्होंने कहा कि चंपारण पहुंचने के कुछ ही समय बाद किसानों को नील की खेती की मजबूरी से मुक्ति मिली। चंपारण किसान आंदोलन ने देश के राजनीतिक इतिहास में महत्वपूर्ण स्थान बनाया और स्वतंत्रता आंदोलन को नयी दिशा देने में योगदान दिया। अजय कुमार ने कहा कि राजकुमार शुक्ल ने किसानों के अधिकारों के लिए जिस दृढ़ता और साहस के साथ संघर्ष किया, वह आज भी प्रेरणादायी है। दुर्भाग्य से भारतीय राजनीतिक इतिहास में उन्हें वह स्थान नहीं मिल सका जिसके वे हकदार थे। उनके प्रयासों के कारण चंपारण किसान आंदोलन देश की आजादी के संघर्ष का मजबूत प्रतीक बना। उन्होंने कहा कि वर्तमान और भावी पीढ़ी को राजकुमार शुक्ल के जीवन से राष्ट्रवाद, देशप्रेम और देशसेवा की प्रेरणा लेनी चाहिए। किसानों के हित और देश की स्वतंत्रता के लिए उनके संघर्ष को हमेशा याद किया जाना चाहिए।
सारठ में नौ साइबर अपराधकर्मी गिरफ्तार, 18 मोबाइल व 17 सिम बरामद
- फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर कैशबैक का झांसा देने और एपीके फाइल भेजकर मोबाइल का एक्सेस लेकर ठगी करने का आरोप
देवघर/संवाददाता। पुलिस अधीक्षक देवघर प्रवीण पुष्कर के आदेशानुसार साइबर अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे लगातार अभियान के तहत पुलिस उपाधीक्षक कैलाश प्रसाद महतो के नेतृत्व में 22 अगस्त 2026 को सारठ थाना क्षेत्र से नौ संदिग्ध साइबर अपराधकर्मियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना मिली थी कि सारठ थाना क्षेत्र में कुछ संदिग्ध साइबर अपराधी विभिन्न फर्जी तरीकों से आम लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। सूचना के आलोक में छापेमारी कर नौ आरोपितों को गिरफ्तार किया गया।
फर्जी कस्टमर केयर अधिकारी बनकर करते थे ठगी
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपितों के पास से बरामद मोबाइल फोन व सिम कार्ड की प्रारंभिक जांच में साइबर ठगी में संलिप्तता पाई गई है। गिरफ्तार आरोपित फर्जी गूगल-पे, फोन-पे और पेटीएम कस्टमर केयर पदाधिकारी बनकर उपभोक्ताओं को कैशबैक का झांसा देते थे। इसके अलावा पीएम किसान योजना, बिजली बिल और आरटीओ चालान आदि के नाम पर एपीके फाइल भेजकर मोबाइल का एक्सेस लेने के बाद ठगी करने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, आरोपित उपभोक्ताओं को सहायता देने अथवा कार्ड को दोबारा चालू कराने के नाम पर भी झांसे में लेकर साइबर ठगी करते थे।
18 मोबाइल और 17 सिम कार्ड बरामद : छापेमारी के दौरान गिरफ्तार आरोपितों के पास से 18 मोबाइल फोन और 17 सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। पुलिस की तकनीकी जांच के बाद पकड़े गए आरोपितों के पास से जब्त मोबाइल नंबर एवं आईएमईआई नंबरों के विरुद्ध विभिन्न राज्यों में साइबर ठगी से संबंधित शिकायतें दर्ज पाए जाने की बात कही गई है।
गिरफ्तार आरोपितों के नाम-पते : पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों में निरंजन महरा, निवासी फूलचुवां, आदर्श महरा, निवासी नयाखरना; दीपक कुमार, निवासी सगरूबाद, शुभम कुमार दास निवासी नयाखरना, थाना सारठ, राहुल कुमार दास, निवासी दुधवाजोरी, सौरभ कुमार दास निवासी बभनकुण्ड, सुमित कुमार दास एवं कुन्दन दास, निवासी उबिया, थाना सारठ (पथरड्डा ओपी) तथा उत्तम कुमार दास, निवासी दुमदुमी, थाना चितरा, सभी जिला देवघर शामिल हैं।
दो आरोपितों का आपराधिक इतिहास भी मिला : पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपितों में सौरभ कुमार दास और राहुल कुमार दास पूर्व में क्रमश: देवघर साइबर थाना कांड संख्या 53/25 एवं 36/25 में आरोपित हैं।
इनकी रही छापेमारी में भूमिका : छापेमारी दल में पुलिस निरीक्षक संतोष कुमार मंडल साइबर थाना देवघर पुलिस अवर निरीक्षक दीपक कुमार साह, थाना प्रभारी सारठ थाना एवं सारठ थाना की टीम शामिल थी। पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपितों के विरुद्ध आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पतंजलि परिवार ने चलंत कांवरिया सेवा शिविर लगाकर की श्रद्धालुओं की सेवा
- खीर-पूड़ी व आम जूस का किया वितरण, थके और घायल कांवरियों को दवा व तेल से दी राहत
देवघर/नगर संवाददाता। भारत स्वाभिमान पतंजलि योगपीठ के जिला अध्यक्ष अनुज कुमार त्यागी के नेतृत्व एवं संरक्षक संजय मालवीय के मार्गदर्शन में पतंजलि परिवार देवघर की ओर से सावन के चौथे रविवार को नि:शुल्क चलंत कांवरिया सेवा शिविर का आयोजन किया गया। बैजू धाम स्थित बाघमारा योग कक्षा, कुंडा योग कक्षा, नवदुर्गा और जसीडीह बरनवाल धर्मशाला योग कक्षा के सहयोग से आयोजित शिविर का शुभारंभ अंजुला मेंशन होटल से हुआ। जिला योग विस्तारक हरेंद्र कुमार और रंजीत बरनवाल ने झंडी दिखाकर सेवा वाहन को रवाना किया। चलंत सेवा शिविर बरमसिया, बीएड कॉलेज, रामकृष्ण मिशन होते हुए तिवारी चौक तक पहुंचा। इस दौरान देवतुल्य कांवरिया श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद के रूप में खीर-पूड़ी और आम जूस का वितरण किया गया। सेवा शिविर में पतंजलि परिवार के दर्जनों कार्यकर्ता रातभर श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे रहे। लंबी पैदल यात्रा के कारण थकान, दर्द और चोट से परेशान कांवरियों को कार्यकर्ताओं ने पतंजलि बाम, महलम, स्प्रे, पीड़ांतक तेल समेत अन्य सामग्री उपलब्ध कराकर राहत पहुंचायी। लाचार और घायल श्रद्धालुओं की सेवा में कार्यकर्ता लगातार सक्रिय रहे। इधर, पतंजलि परिवार की मातृशक्ति की ओर से सावन महोत्सव का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि राजश्री मालवीय, सावित्री देवी और अंजली बाला ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अतिथियों का माला पहनाकर स्वागत किया गया। महोत्सव में महिलाओं ने सावन से जुड़े कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। सेवा शिविर को सफल बनाने में कोषाध्यक्ष शंभू कुमार बरनवाल, महामंत्री संजीव कुमार सिंह, डॉ. रविश सिन्हा, अभय बरनवाल गुड्डू, रामेश्वर मोदी, आशीष कश्यप, सुमित सौरव, गणेश शंकर, राजेश कुमार, पीयूष होमियो हॉल, तरुण गुप्ता, खुबलाल मांझी, भ्रमेश्वर झा, निर्मला देवी, संजय यादव, दिनेश कुमार, अर्जुन यादव, गुड्डू बरनवाल, सुभाष प्रसाद, श्रीकांत जायसवाल, मनोरंजन सिंह, बीएल मुकेश, सरिता बरनवाल समेत अन्य ने सहयोग किया। विहंगम योग से अनिता कुमारी, सावित्री देवी, अंजली बाला, विभा और शिप्रा केसरी समेत अन्य सदस्यों ने भी सेवा कार्य में योगदान दिया।
रक्तदान से बड़ा कोई जीवनदान नहीं : 34 लोगों ने किया रक्तदान
- दादी प्रकाशमणि की 19वीं पुण्यतिथि पर आनंद भवन में लगा रक्तदान शिविर, एम्स देवघर के ब्लड बैंक का पहला आउटडोर रक्तदान आयोजन
देवघर/नगर संवाददाता। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि की 19वीं पुण्यतिथि (विश्व बंधुत्व दिवस) के अवसर पर रविवार को झोंसागढ़ी स्थित ब्रह्माकुमारी सेवा केंद्र ‘आनंद भवन’ में विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। ब्रह्माकुमारी देवघर, एम्स देवघर और इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, देवघर शाखा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित शिविर में कुल 34 रक्तदाताओं ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया।
रक्तदान महाअभियान के तहत आयोजित इस शिविर की खास बात यह रही कि 2 जून को एम्स देवघर के ब्लड बैंक के उद्घाटन के बाद यह एम्स देवघर की ओर से आयोजित पहला आउटडोर रक्तदान शिविर था। शिविर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक चला। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इसमें ब्रह्माकुमारी देवघर सेवा केंद्र की मुख्य संचालिका बीके रीता दीदी, एम्स देवघर ब्लड बैंक के प्रमुख डॉ. इंद्रनील, झारखंड दिगंबर जैन धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष ताराचंद जैन, चेतना विकास मंच देवघर के रंजन, रेड क्रॉस के चेयरमैन जितेश राजपाल, वाइस चेयरमैन पीयूष जायसवाल, संगीता सुल्तानिया और संजय मिश्रा शामिल हुए। मौके पर बीके रीता दीदी ने कहा कि रक्तदान मानवता की महान सेवा है। एक व्यक्ति द्वारा किया गया रक्तदान तीन लोगों का जीवन बचाने में सहायक हो सकता है। रक्त का कृत्रिम विकल्प तैयार नहीं किया जा सकता, इसलिए जरूरतमंदों तक रक्त पहुंचाने के लिए स्वैच्छिक रक्तदान बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि किसी जरूरतमंद का जीवन बचाने की भावना व्यक्ति के भीतर सकारात्मकता और शांति का भाव भी पैदा करती है। रेड क्रॉस के चेयरमैन जितेश राजपाल ने रक्तदान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नियमित रक्तदान से शरीर में आयरन का स्तर संतुलित रखने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि रक्तदान से अस्थि मज्जा सक्रिय होकर नई लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण की प्रक्रिया को गति देता है।
युवाओं से नियमित रक्तदान की अपील
रेड क्रॉस के वाइस चेयरमैन पीयूष जायसवाल ने कहा कि रक्तदान ही सबसे बड़ा जीवनदान है। आपातकाल में किसी जरूरतमंद मरीज को समय पर रक्त मिलना उसके जीवन की रक्षा कर सकता है। उन्होंने युवाओं समेत सभी स्वस्थ नागरिकों से रक्तदान को लेकर फैली भ्रांतियों से दूर रहने और नियमित रूप से रक्तदान के लिए आगे आने की अपील की।
34 लोगों ने किया रक्तदान
शिविर में गोपाल ठाकुर, आदित्य, कार्तिक, नेहा दुबे, रविकांत मिश्रा, अमित, सतीश, रीता, रजनीश, राजेश सुल्तानिया, शिव मंडल, अभिषेक मिश्रा, सुधीर, अंजली, रोचल डोकानिया, मनीष, बिट्टू गुप्ता, अनंत सुल्तानिया, जितेश राजपाल, प्रकाश साहू, मनीष सुल्तानिया, अक्षत, आदित्य, रौशन, डॉ. राजीव, श्रावत वर्णवाल, राहुल कुमार, चंदन केसरी, श्याम सुल्तानिया, आर्यन वर्मा, सीए सुनील सुल्तानिया, जानकी देवी, काजल कुमारी, बिरजू शर्मा और आयुष कुमार ने रक्तदान किया। इस अवसर पर रेड क्रॉस के आजीवन सदस्य राकेश सिंघानिया और ज्योति कुमारी तथा कार्यकारिणी सदस्य सुरेशानंद झा, अजय नारायण मिश्रा, दीपक सिंह राजपूत और सुधांशु वर्णवाल उपस्थित रहे।
एम्स ब्लड बैंक टीम ने निभाई अहम भूमिका
शिविर के सफल संचालन में एम्स देवघर ब्लड बैंक टीम के डॉ. अरविंदन, रोजी दास (मेडिकल सोशल वर्कर), कल्पना शर्मा एवं अश्वनी डोंगरे (नर्सिंग ऑफिसर), सुशीला एवं ओम कुमार पांडे (लैब टेक्नीशियन) का विशेष योगदान रहा।
आयोजन को सफल बनाने में अभियान के मुख्य संयोजक बीके सत्यनारायण भाई, सुनील भाई, शिल्पी बहन, किरण बहन, संगीता बहन, मेघा बहन, रंजना बहन, श्रवण भाई, आशीष भाई सहित ब्रह्माकुमारी परिवार के दर्जनों सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। शिविर के माध्यम से आयोजकों ने समाज में स्वैच्छिक रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंद मरीजों के लिए पर्याप्त रक्त उपलब्ध कराने का संदेश दिया।