देवघर/वरीय संवाददाता। राजकीय श्रावणी मेला-2026 में जिला प्रशासन की तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता का एक और उदाहरण सामने आया। मेला क्षेत्र में माता-पिता से बिछड़े तीन वर्षीय मासूम ‘छोटू बम’ को सूचना सह सहायता केंद्र की त्वरित पहल से कुछ ही समय में सुरक्षित उसके परिजनों से मिला दिया गया। जानकारी के अनुसार, मेला क्षेत्र में भ्रमण के दौरान तीन वर्षीय बच्चा अचानक अपने माता-पिता से बिछड़ गया। अकेले और रोते हुए बच्चे पर मेला ड्यूटी में तैनात कर्मियों की नजर पड़ी। कर्मियों ने बच्चे को अपनी सुरक्षा में लेकर उसे ढांढस बंधाया और सूचना सह सहायता केंद्र पहुंचाया। इसके बाद सहायता केंद्र से लगातार उद्घोषणा कराई गई, ताकि बच्चे के परिजन तक सूचना पहुंच सके। उद्घोषणा की जानकारी मिलते ही बच्चे को बदहवासी में तलाश रहे माता-पिता सहायता केंद्र पहुंचे। आवश्यक सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद प्रशासन ने मासूम को सुरक्षित उसके माता-पिता को सौंप दिया। बच्चे को सकुशल अपनी गोद में पाकर परिजनों की आंखें छलक उठीं। उन्होंने जिला प्रशासन, सूचना सह सहायता केंद्र की टीम और मेला प्रबंधन के प्रति आभार जताया। मेला क्षेत्र में बिछड़े श्रद्धालुओं को उनके परिजनों से मिलाने में सूचना सह सहायता केंद्र लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
श्रावणी मेला बाद भू-अर्जन व मुआवजा मामलों के लिए लगेंगे विशेष कैंप
देवघर/वरीय संवाददाता। जिलावासियों की समस्याओं के त्वरित समाधान और शिकायतों के निष्पादन को लेकर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इसमें जिले के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने भू-अर्जन व मुआवजा भुगतान, झारखंड मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना, पेंशन, आवास, राशन कार्ड और राजस्व से संबंधित समस्याएं उपायुक्त के समक्ष रखीं। उपायुक्त ने लोगों की समस्याओं को एक-एक कर सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया। जनता दरबार में कई मामलों का संबंधित विभागों द्वारा ऑन द स्पॉट निराकरण भी किया गया। इसमें राशन कार्ड में नाम जोड़ने, मंईयां सम्मान योजना, पेंशन तथा राजस्व से जुड़े मामले शामिल रहे। उपायुक्त ने कहा कि श्रावणी मेला समाप्त होने के बाद भू-अर्जन, मुआवजा वितरण और जमीन से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए विशेष कैंप लगाए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि रैयतों को मुआवजा राशि प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों की सुविधा के लिए मेला बाद विशेष नागरिक सेवा कैंप लगाने की तैयारी करने का निर्देश दिया गया। इन कैंपों में छूटे हुए लोगों का जन्म-मृत्यु निबंधन, प्रमाण पत्र बनाने के साथ नए आधार कार्ड बनाने, बायोमेट्रिक अपडेट तथा नाम-पता में सुधार की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। उपायुक्त ने संबंधित विभागीय अधिकारियों और प्रखंड विकास पदाधिकारियों को मेला समाप्ति के बाद कैंपों का कार्यक्रम जारी करने तथा इसका व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी इसका लाभ मिल सके। जनता दरबार में प्राप्त सभी शिकायतों की भौतिक जांच कर शीघ्र समाधान करने का निर्देश भी अधिकारियों को दिया गया। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों से एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई की प्रतिपुष्टि कार्यालय को उपलब्ध कराने को कहा, ताकि शिकायतों के निष्पादन की नियमित निगरानी की जा सके।
एमएमडीआर संशोधन बिल पर कांग्रेस आक्रामक : ब्रजेंद्र
- 27 अगस्त से आंदोलन का निर्ण
देवघर/वरीय संवाददाता। केंद्र सरकार द्वारा लाए गए खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) यानी एमएमडीआर संशोधन बिल को लेकर झारखंड में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। कांग्रेस ने इसे राज्य की वित्तीय स्वायत्तता और खनिज अधिकारों पर हमला बताते हुए आंदोलन का ऐलान किया है। मंगलवार को कांग्रेस की राज्य समन्वय समिति के सदस्य ब्रजेंद्र सिंह ने प्रेसवार्ता कर केंद्र सरकार से जवाब मांगने के लिए 10 तीखे सवाल तैयार किए जाने की जानकारी दी।
ब्रजेंद्र सिंह ने कहा कि इस संशोधन का सीधा संबंध झारखंड के करीब 14 हजार करोड़ रुपये के संभावित राजस्व से है। झारखंड के वर्ष 2026-27 के बजट में मिनरल बियरिंग लैंड सेस से करीब 14 हजार करोड़ रुपये का राजस्व अनुमानित है। उनका आरोप है कि केंद्र सरकार कानून में संशोधन कर राज्यों के इस अधिकार को सीमित करना चाहती है।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2024 में सुप्रीम कोर्ट की नौ सदस्यीय संविधान पीठ ने राज्यों को मिनरल बियरिंग लैंड पर कर लगाने का अधिकार माना था। इसके बावजूद केंद्र सरकार संसद में कानून लाकर राज्य की शक्ति कम करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पीआरएस ने भी संशोधन को लेकर संवैधानिक अधिकार क्षेत्र से जुड़े सवाल उठाए हैं। ब्रजेंद्र सिंह ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा से समृद्ध राज्य है और खनन से प्रभावित क्षेत्रों में विकास, विस्थापन तथा पर्यावरण से जुड़ी जिम्मेदारी भी राज्य सरकार की है। ऐसे में राजस्व के अधिकार को सीमित करना राज्य के हितों के खिलाफ है। उन्होंने भाजपा के झारखंड से निर्वाचित सांसदों से भी स्पष्ट रुख बताने की मांग की कि वे राज्य के 14 हजार करोड़ रुपये और संवैधानिक अधिकार के साथ हैं या केंद्र के फैसले के साथ। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का तर्क है कि खनन से जुड़े कुल टैक्स और वैधानिक भुगतान का करीब 90 प्रतिशत पहले से राज्यों को मिलता है और आगे भी मिलता रहेगा। लेकिन वास्तविक सवाल यह है कि क्या राज्य अपने अधिकार से अतिरिक्त कर या सेस लगा सकते हैं। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि दोनों मुद्दों को मिलाकर जनता को भ्रमित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खनन प्रभावित इलाकों में सड़क, पानी, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए अधिक संसाधनों की जरूरत है। राज्य के राजस्व अधिकार कमजोर होने का सीधा असर इन्हीं क्षेत्रों पर पड़ेगा। कांग्रेस झारखंड की खनिज संपदा और राज्य के अधिकारों के मुद्दे पर सड़क से संसद तक आंदोलन करेगी।
उन्होंने बताया कि 27 अगस्त को सभी जिला मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन, 7 सितंबर को राजभवन के समक्ष धरना देकर ज्ञापन तथा 9 से 16 सितंबर तक प्रखंड मुख्यालयों में धरना दिया जाएगा। मौके पर जिलाध्यक्ष राजेंद्र दास, अमरेंद्र सिंह सोना, गणेश दास, रवि केशरी सहित अन्य कांग्रेस नेता मौजूद थे।
श्रावणी मेले के 27वें दिन उमड़ा आस्था का सैलाब
- बोल बम के जयकारों से गूंजती रही बाबा नगरी
देवघर/वरीय संवाददाता। राजकीय श्रावणी मेला के 27वें दिन मंगलवार को भी बाबाधाम में शिवभक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। मेला अब समापन की ओर बढ़ रहा है, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं आई है। सुबह से रिमझिम बारिश के बावजूद कांवरियों का उत्साह देखते ही बन रहा था। बाबा बैद्यनाथ मंदिर में प्रात: 4:14 बजे गर्भगृह का पट खुलते ही कतारबद्ध कांवरियों ने जलार्पण शुरू किया।
सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल लेकर पहुंचे कांवरियों से पूरा कांवरिया रूट केसरिया रंग में रंगा नजर आया। रास्ते भर बोल बम और हर-हर महादेव के जयघोष से देवघर नगरी गुंजायमान रही। लंबी दूरी तय करने के बावजूद कांवरियों के चेहरे पर थकान की जगह बाबा के दर्शन की उत्सुकता और भक्ति का भाव नजर आया। प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था के बीच कांवरिया बीएड कॉलेज से कतारबद्ध होकर बाबाधाम की ओर बढ़ते रहे। रूट लाइन के संवेदनशील एवं प्रमुख स्थानों पर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार मुस्तैद रहे। कतार की निगरानी करते हुए श्रद्धालुओं को सुगम जलार्पण कराने का प्रयास किया जाता रहा।
बाबा मंदिर परिसर में भी दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ बनी रही। जलार्पण के बाद श्रद्धालुओं को मंदिर परिसर से बाहर निकालने में पुलिस जवानों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। मंदिर क्षेत्र में बढ़ी भीड़ के कारण आसपास की सड़कों पर यातायात भी प्रभावित रहा और वाहन रेंगते नजर आए। उधर, सुल्तानगंज से बाबाधाम की ओर बढ़ रहे कांवरियों से कांवरिया पथ लगातार बोल बम के जयघोष से गूंजता रहा। विभिन्न स्थानों पर सेवा शिविरों के माध्यम से स्वयंसेवकों द्वारा श्रद्धालुओं को पानी, शरबत, फल सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती रहीं।
खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच जारी, गुणवत्ता और स्वच्छता पर विभाग की नजर
देवघर/वरीय संवाददाता। राजकीय श्रावणी मेला-2026 के मद्देनजर श्रद्धालुओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण अभियान लगातार जारी है। मंगलवार को विभाग की टीम ने सर्कुलर रोड, विलियम्स टाउन एवं सत्संग चौक क्षेत्र में विभिन्न होटल, रेस्टोरेंट, मिठाई दुकानों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, भंडारण व्यवस्था, प्रतिष्ठानों की स्वच्छता तथा खाद्य सुरक्षा लाइसेंस एवं पंजीकरण की जांच की गई। इसके अलावा खाद्य पदार्थों के निर्माण और उपयोग की अंतिम तिथि भी जांची गई।
अभियान के दौरान डोसा प्लाजा, बटाटा ब्रॉस कैफे, बेल्जियम वेफ्फल्स, अमूल आइसक्रीम पार्लर/क्विक बाइट, डोमिनोज पिज्जा, चौपाटी (बॉम्बे कुल्फी)/बॉम्बे बाइट, ठाकुर मिष्ठान, खुशबू स्वीट्स, अंबिका स्वीट्स एंड रेसिडेंसिज, न्यू सत्संग होटल, कोजी स्वीट्स, नटखट कैफे एंड आइसक्रीम पार्लर तथा होटल ग्रैंड सोना सहित अन्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। जांच के दौरान हल्दी पाउडर, गरम मसाला, दाल, पनीर, चिली सॉस, टोमैटो सॉस, चटनी, सांभर, पका हुआ भोजन, सब्जी, आलू मसाला, जलेबी, बूंदी, मोतीचूर लड्डू, मूंग लड्डू, बेसन लड्डू सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की गई। प्रतिष्ठानों से जल की गुणवत्ता संबंधी जांच रिपोर्ट और कीट प्रबंधन से जुड़े अभिलेख भी मांगे गए। खाद्य कारोबारियों को खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण, प्रतिष्ठानों में स्वच्छता बनाए रखने तथा वैध खाद्य सुरक्षा लाइसेंस या पंजीकरण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। विभाग ने स्पष्ट किया कि अवसान तिथि पार कर चुके अथवा गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने वाले खाद्य पदार्थों का विक्रय या उपयोग नहीं किया जाए। विभाग ने चेतावनी दी कि खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की स्थिति में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। श्रावणी मेला अवधि में खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच और निगरानी का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
ईद मिलादुन्नबी को लेकर नगर थाना में शांति समिति की बैठक
- सौहार्दपूर्ण माहौल में पर्व मनाने का निर्णय
- जुलूस-ए-मोहम्मदी के रूट व विधि-व्यवस्था पर हुई चर्चा
देवघर/संवाददाता। देवघर नगर थाना में बुधवार को मुस्लिम धर्मावलंबियों के पर्व ईद मिलादुन्नबी को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र के गणमान्य लोगों सहित शांति समिति के सदस्य शामिल हुए। इस दौरान ईद मिलादुन्नबी का पर्व आपसी सौहार्द एवं शांतिपूर्ण माहौल में मनाने का निर्णय लिया गया। बैठक में पर्व के दौरान निकलने वाले जुलूस-ए-मोहम्मदी के रूट, समय एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। नगर थाना प्रभारी पुनि रवि कुमार ठाकुर ने कहा कि पर्व आपसी भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक है। सभी समुदाय के लोग मिल-जुलकर इसे शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं। थाना प्रभारी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जुलूस के दौरान किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान नहीं दें। किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दें। उन्होंने कहा कि पर्व को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। बैठक में मौजूद गणमान्य लोगों ने भी अपने-अपने सुझाव रखे और पर्व के दौरान प्रशासन को हरसंभव सहयोग करने का आश्वासन दिया। सभी ने एक स्वर में कहा कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी ईद मिलादुन्नबी का पर्व शांतिपूर्ण तरीके से मनाया जाएगा। मौके पर नगर थाना प्रभारी रवि कुमार ठाकुर, एसआई ओमप्रकाश सिंह, मुर्शीद आलम, सद्दाक हुसैन, आजाद खान, मो. मुबारक, सुभास पंडित, मो. इमरान सहित कई शांति समिति के सदस्य मौजूद थे।
18 वर्षों से कांवरियों की सेवा में जुटा ममता महिला कल्याण ट्रस्ट
देवघर/वरीय संवाददाता। पवित्र सावन माह और राजकीय श्रावणी मेला के दौरान ममता महिला कल्याण ट्रस्ट की ओर से लगातार कांवरियों की सेवा की जा रही है। ट्रस्ट की सचिव ममता गुप्ता के नेतृत्व में पूरी टीम विभिन्न सेवा शिविरों के माध्यम से बाबा बैद्यनाथ के भक्तों को फल, पानी और शरबत उपलब्ध करा रही है। ट्रस्ट की ओर से तिवारी चौक, ईश्वर पार्क सहित विभिन्न स्थानों पर सेवा शिविर लगाए गए हैं। इन शिविरों में कांवरियों को गर्मी से राहत दिलाने के लिए ठंडा पानी और शरबत के साथ फल वितरित किए जा रहे हैं। सेवा कार्य में ट्रस्ट की महिला सदस्यों सहित अन्य कार्यकर्ता भी सक्रिय रूप से जुटे हैं। ममता गुप्ता ने कहा कि ट्रस्ट पिछले 18 वर्षों से सावन मेले के दौरान कांवरियों की सेवा करता आ रहा है। बाबा के भक्तों की सेवा करने का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है। श्रद्धालुओं की सेवा से मन को परम आनंद की अनुभूति होती है। उन्होंने कहा कि आगे भी ट्रस्ट की ओर से कांवरियों की सेवा का यह सिलसिला जारी रहेगा। सेवा शिविर में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को आवश्यकतानुसार पानी, शरबत और फल उपलब्ध कराया जा रहा है। ट्रस्ट के सदस्यों ने कहा कि बाबा बैद्यनाथ की नगरी में आने वाले श्रद्धालुओं की सेवा करना ही उनके लिए सबसे बड़ा सौभाग्य है।
अंतिम सोमवारी पर सनातन फाउंडेशन ने कांवरियों की सेवा की
देवघर/वरीय संवाददाता। राजकीय श्रावणी मेला की अंतिम सोमवारी के अवसर पर खिजुरिया पथ के समीप भूत बंगला के पास सनातन फाउंडेशन एवं महादेव कृपा की ओर से सेवा शिविर आयोजित किया गया। शिविर में कांवरियों को पानी, शरबत, केला, सेब और जूस का वितरण किया गया। सेवा शिविर के दौरान बड़ी संख्या में कांवरियों ने पहुंचकर पेयजल और फल ग्रहण किया। संस्था के सदस्यों ने श्रद्धालुओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखते हुए उन्हें गर्मी और थकान से राहत दिलाने के लिए पानी व शरबत उपलब्ध कराया। मौके पर सनातन फाउंडेशन के निदेशक सह महादेव कृपा के संरक्षक विजय प्रताप सनातन, ललन मिश्रा, सुप्रीती सिंह, खुशी देव, महादेव कृपा के संस्थापक बीरू राज शाही, गीता सिंह, प्रभाकर, नेहा सिंह, नकुल प्रजापति, कृष्णा यादव, रेशम वर्णवाल, बंधन शाही, अभय शाही, सजल मिश्रा, मंटू सिंह, उत्तम राय, प्रेरणा गुप्ता, खुशी कुमारी, मुन्ना राउत, सर्वेश राजपूत, राहुल राज व मिठू सहित अन्य सदस्य मौजूद थे। संस्था के सदस्यों ने कहा कि सावन के दौरान देवघर पहुंचने वाले कांवरियों की सेवा करना उनका उद्देश्य है। अंतिम सोमवारी पर आयोजित सेवा शिविर में कार्यकर्ताओं ने पूरे उत्साह के साथ श्रद्धालुओं की सेवा की और उन्हें बाबा बैद्यनाथ के दर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं।
ओणम प्रेम और भाईचारे का संदेश देने वाला पर्व : डॉ. जेसी राज
संत माइकल एंग्लो विद्यालय में ओणम को लेकर पुष्प सजावट प्रतियोगिता आयोजित, ब्लू हाउस रहा विजेता
देवघर/संवाददाता। ओणम पर्व के अवसर पर मंगलवार को देवघर के अग्रणी शिक्षण संस्थानों में शामिल संत माइकल एंग्लो विद्यालय में स्कूली छात्र-छात्राओं के बीच पुष्प सजावट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने फूलों की पंखुड़ियों से आकर्षक रंगोली तैयार कर अपनी कला एवं प्रतिभा का प्रदर्शन किया। रंगोली में ओणम पर्व की विशेषताओं को भी दर्शाया गया।
प्रतियोगिता में विद्यालय के रेड हाउस, ब्लू हाउस, ग्रीन हाउस एवं यलो हाउस की टीमों ने हिस्सा लिया। चारों टीमों के छात्र-छात्राओं ने फूलों की पंखुड़ियों को आकर्षक ढंग से सजाकर विभिन्न कलाकृतियां तैयार कीं। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता और रचनात्मक प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
ब्लू हाउस ने मारी बाजी : प्रतियोगिता के निर्णायक ने चारों टीमों की पुष्प सजावट एवं रंगोली का अवलोकन किया। इसके बाद ब्लू हाउस टीम को प्रथम स्थान के लिए विजेता घोषित किया गया। वहीं रेड हाउस ने द्वितीय तथा ग्रीन हाउस ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। यलो हाउस को सांत्वना पुरस्कार के लिए चुना गया।
प्रेम और भाईचारे का संदेश देता है ओणम : संत माइकल एंग्लो ग्रुप के चेयरमैन डॉ. जे.सी. राज ने बताया कि छात्र-छात्राओं के बीच चार ग्रुप बनाकर प्रतियोगिता आयोजित की गयी। रंगोली सुगंधित फूलों की पंखुड़ियों से तैयार की गयी थी। उन्होंने कहा कि ओणम प्रेम और भाईचारे का संदेश देने वाला पर्व है। इस पर्व को लोग मिल-जुलकर मनाते हैं। किसानों के अलावा अन्य लोग भी 10 दिनों तक इस पर्व की खुशियां आपस में बांटते हैं। डॉ. राज ने कहा कि मान्यता है कि राजा महाबली के धरती पर आने की खुशी में लोग अपने घरों को आकर्षक रंगोली से सजाते हैं और अपने राजा का स्वागत करते हैं। इसी परंपरा का निर्वाह करते हुए ओणम पर्व के दौरान रंगोली बनाने की परंपरा है। उन्होंने बताया कि इसी परंपरा और सांस्कृतिक भावना को बच्चों तक पहुंचाने के उद्देश्य से विद्यालय में प्रत्येक वर्ष ओणम के अवसर पर विद्यार्थियों के बीच आकर्षक रंगोली एवं पुष्प सजावट प्रतियोगिता आयोजित की जाती है। प्रतियोगिता के माध्यम से बच्चों को अपनी रचनात्मक प्रतिभा दिखाने के साथ-साथ भारतीय संस्कृति और पर्व-त्योहारों की परंपराओं को समझने का अवसर भी मिलता है।