नोनीहाट डाक बंगला परिसर में 24 अगस्त को पंखे से लटका मिला था शव
सरैयाहाट/निज संवाददाता। हंसडीहा थाना क्षेत्र के नोनीहाट डाक बंगला परिसर में 24 अगस्त को 28 वर्षीय सोनू राउत का शव पंखे से लटका मिलने के मामले में पुलिस की जांच जारी है। मृतक के परिजनों ने घटना को आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या बताते हुए जरमुंडी विधायक देवेंद्र कुंवर, उनकी पत्नी, बेटा व बहु समेत 9 लोगों के खिलाफ हत्या कर साक्ष्य छिपाने का आरोप लगाते हुए नामजद प्राथमिकी दर्ज करवायी है। पुलिस के अनुसार आवेदन में नामजद जरमुण्डी विधायक समेत सभी आरोपी फिलहाल फरार चल रहे हैं और किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
हत्या कर शव को पंखे से लटकाने का आरोप
दुमका। मृतक के पिता अनिल राउत के बयान के आधार पर नामजद आरोपियों में जरमुंडी विधायक देवेंद्र कुंवर, उनकी पत्नी, पुत्र रवि कुमार, रवि कुमार की पत्नी, मिथिलेश कुमार सिंह, उनकी पत्नी, मिथिलेश कुमार सिंह का पुत्र, विधायक का निजी चालक और निजी स्टाफ शामिल हैं। परिजनों ने सभी पर एकमत से सोनू की हत्या करने और साक्ष्य को मिाटाने के लिए शव को पंखे से लटका कर आत्महत्या का रूप देने का प्रयास करने का आरोप लगाया है।
नाश्ता बनाने के बाद कमरे में गया था सोनू
दुमका। बताया गया कि सोनू राउत पिछले करीब 2 महीने से जरमुंडी विधायक के यहां खाना बनाने का काम करता था। मनसा पूजा के लिए वह अपने गांव गया था और शनिवार को नोनीहाट वापस लौटा था। 24 अगस्त की सुबह उसने नाश्ता बनाया और इसके बाद अपने कमरे में चला गया। दोपहर में खाना बनाने के लिए जब उसे खोजा गया तो कमरे में उसका शव पंखे से लटका मिला।
पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जुटाए साक्ष्य
दुमका। घटना की सूचना मिलते ही हंसडीहा पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाया। थाना प्रभारी अजित कुमार यादव और पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। बाद में एसडीपीओ नवल किशोर सिंह एवं एसपी पीतांबर सिंह खेरवार ने भी घटनास्थल का जायजा लिया था और फारेंसिक टीम ने घटनास्थल से घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए थे।
परिजनों को न्यायालय लेकर पहुंची पुलिस
मामले के अनुसंधानकर्ता अवर निरीक्षक जिमी हांसदा बुधवार को मृतक के परिजनों को न्यायालय लेकर पहुंचे। मृतक के पिता अनिल राउत, छोटा भाई करण कुमार, फुफेरा भाई बजरंगी राउत तथा गांव के विनोद राउत और प्रदीप राउत को लेकर आईओ इस मामले में बीएनएसएस की धारा 183 के तहत कोर्ट में बयान दर्ज करवाया जाना था। सभी दोयम तेलियाडीह गांव, थाना सारवां, जिला देवघर के निवासी हैं। जानकारी के मुताबिक गुरूवार को जोनल जज के इंस्पेक्सन निर्धारित होने के कारण बुधवार को परिजनों का कोर्ट में बयान नहीं हो पाया।
गिरफ्तारी के लिए पुलिस कर रही कार्रवाई
थाना प्रभारी अजित कुमार यादव एवं अनुसंधानकर्ता अवर निरीक्षक जिमी हांसदा ने बताया कि मामले की विधि-सम्मत तरीके से जांच की जा रही है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए अनुसंधान किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार मामले में नामजद सभी 9 आरोपी फिलहाल फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। सुत्र बताते हैं कि पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल गयी है जिसमें हत्या की पुष्टि हो गयी है जिस कारण पुलिस अब हत्या को लेकर दर्ज मामले में गिरफ्तारी की कार्रवाई के लिए कदम बढ़ा रही है और उसी के तहत गवाहों का कोर्ट में बयान दर्ज करवाने के लिए तैयारी कर ली गयी है।
होस्टल के छात्रों ने स्थगित किया प्रदर्शन
कल्याण विभाग की योजनाओं की डीसी ने की समीक्षा
छात्रावासों में मूलभूत सुविधाएं दुरुस्त रखने पर जोर
प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को नियमित निरीक्षण का निर्देश
दुमका/निज संवाददाता। 09 सितम्बर को जिला स्कूल के छात्रावास के छात्रों द्वारा समस्याओं और मांगों को लेकर होस्टल से रैली निकलने और उपायुक्त कार्यालय के समक्ष प्रदर्शन करने का कार्यक्रम तय था और इस कार्यक्रम को लेकर छात्राओं द्वारा सोसल मीडिया पर होस्टल की बदहाली के वीडियो के साथ प्रदर्शन में शामिल होने की अपील वायरल हो रही थी। इसपर संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन ने छात्रों को समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया और छात्रों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया। उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में योजनाओं की प्रगति, छात्रावासों के निर्माण एवं हैंडओवर, विद्यालयों के मरम्मत कार्य तथा बच्चों को उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
सभी पात्र बच्चों को मिले प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति
दुमका। उपायुक्त ने प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना की समीक्षा करते हुए जिले के सभी पात्र बच्चों तक इसका लाभ पहुंचाने का निर्देश दिया। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को छात्रवृत्ति से वंचित पात्र बच्चों की जानकारी जुटाकर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा, ताकि कोई भी योग्य विद्यार्थी योजना के लाभ से वंचित न रहे। उन्होंने सभी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी निर्धारित पात्रता रखने वाले योग्य लाभुकों तक समय पर पहुंचाने का निर्देश दिया।
छात्रावासों में सुविधाओं की नियमित निगरानी
दुमका। उपायुक्त ने छात्रावासों में बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं की नियमित निगरानी का निर्देश दिया। उन्होंने टॉयलेट, सेप्टिक टैंक, पेयजल, साफ-सफाई समेत अन्य आवश्यक सुविधाओं की लगातार मॉनिटरिंग करने को कहा। छात्रावासों में लंबित एवं आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने का भी निर्देश दिया, ताकि बच्चों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
छात्रावासों का लगातार निरीक्षण करें कल्याण पदाधिकारी
दुमका। सभी प्रखंड कल्याण पदाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र के छात्रावासों का लगातार निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि निरीक्षण के दौरान पदाधिकारी बच्चों के साथ समय बिताएं और उनसे बातचीत कर छात्रावास की छोटी-बड़ी समस्याओं की जानकारी लें। सामने आने वाली समस्याओं का संबंधित विभागों एवं पदाधिकारियों के साथ समन्वय कर समय पर समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया।
मरम्मत और स्वास्थ्य सुविधाएं समय पर हों सुनिश्चित
दुमका। बैठक में उपायुक्त ने छात्रावासों एवं विद्यालयों में आवश्यक मरम्मत कार्य समय पर पूरा कराने तथा बच्चों के लिए आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कल्याण विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए और योग्य लाभुकों को निर्धारित समय पर योजनाओं का लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाए। बैठक में उप विकास आयुक्त, सभी प्रखंड कल्याण पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।