देवीपुर/संवाददाता। प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र देवीपुर में शनिवार को आयुष्मान भव: कार्यक्रम के तहत आयुष स्वास्थ्य मेले का आयोजन किया गया। जिसका उद्घाटन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. कुमार अभय प्रसाद, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ नवनीता सिंह, डॉ राजमंगल सिंह, एम्स के चिकित्सक डॉ महेश कुमार, डॉ वैभव मिश्रा, डॉ स्वाहा पाण्डा, डॉ वृज भारती सिंह, डॉ प्रिया एवं डॉ अभिषेक आदि ने संयुक्त रूप से किया। स्वास्थ्य मेला में प्रखंड क्षेत्र से सभी विभागों में से कुल 629 मरीजों का इलाज किया गया। मौके पर बीपीएम राजकुमार, बीडीएम मनोज कुमार, एमपीडब्ल्यू सोमनाथ रामानी आदि सहित सैकड़ो लोग मौजूद थे।
बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं, उसे निखारने की जरूरत : सरिता
- दिव्यांग बच्चों के बीच प्रतियोगिता का आयोजन
सोनारायठाढ़ी/संवाददाता। समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्रखंड के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय केनखपरा में शनिवार को दिव्यांग बच्चों के बीच ड्राइंग, नृत्य व कविता लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसका नेतृत्व प्रखंड के रिसोर्स टीचर सरिता कुमारी व फिजियोथेरेपिस्ट मनीष कुमार पांडे ने किया। इस प्रतियोगिता में 3 से 18 वर्ष के छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया। मौके पर रिसोर्स टीचर सरिता कुमारी ने कहा कि बच्चों में कला की कमी नही है सिर्फ उसे निखारने की जरूरत है। कार्यक्रम के तहत बच्चों में शैक्षिक के साथ साथ बौद्धिक विकास होगा। इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले दिव्यांग छात्र-छात्राओं के बीच पुरस्कार वितरण किया गया।
सेवानिवृत्त शिक्षक को दी गयी विदाई
मधुपुर/संवाददाता। अनुमंडल के करौं प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित उच्च विद्यालय जोड़ामोड़ के सहायक अध्यापक असित कुमार दास के सेवानिवृत्त होने पर उन्हें विदाई दी गई। इस अवसर पर दर्जनों विद्यालय के सहायक अध्यापक एवं सरकारी शिक्षक उपस्थित होकर उन्हें सेवानिवृत्त होने पर विदाई दी। इस अवसर पर सहायक अध्यापक संघ के प्रखंड अध्यक्ष किशोर कुमार यादव ने कहा कि आशीष कुमार दास एक नेक इंसान होने के साथ ईमानदार व्यक्ति हैं। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान विद्यालय के बच्चों को बहुत ही मेहनत के साथ पठन-पाठन कराया। मौके पर विद्यालय परिवार के किशोर कुमार यादव, पंचानन दास, बलराम यादव संतोष यादव शिकारी रवानी शंकर रवानी धीरेंद्र राय, कन्हैया रवानी सुकू हंसदा, रामदेव यादव संतोष यादव, अलावा दिनेश कुमार चौधरी, शिबू महतो, रघु रजवार, जर्मन तुरी आदि मौजूद थे।