जसीडीह/संवाददाता। देवघर विधान सभा के निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी सह अपर आयुक्त चंद्र भूषण सिंह ने प्रखंड विकास पदाधिकारी जितेंद्र कुमार यादव के साथ शनिवार को देवघर प्रखंड अंतर्गत कई मतदान केन्द्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान देवघर प्रखंड अंतर्गत मतदान केंद्र संख्या 67, 68, 70, 60 एवं 61 में मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन का औचक निरीक्षण किया। साथ ही कई दिशा निर्देश दिए। इस अवसर पर बीएलओ सुपरवाइजर शशांक शेखर, गिरधर गोपाल तिवारी एवं बीएलओ नीलू कुमारी, सरस्वती कुमारी, मरियम आदि बीएलओ उपस्थित थे। अपर आयुक्त चंद्र भूषण सिंह ने कहा कि 27 अक्टूबर से 9 दिसंबर तक सभी मतदान केंद्रों पर मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशन किया जाएगा। जिसमें मतदाता सूची में नाम जोड़ने, नाम हटाने, खराब फोटो को रंगीन फोटो में बदलने, आधार नंबर, एड्रेस, मृत मतदाताओं का नाम सूची से हटाने एवं सुधार करने के लिए मतदाता आपत्ति बीएलओ द्वारा प्राप्त किया जाएगा। जबकि 28 एवं 29 अक्टूबर एवं दिनांक 4 एवं 5 नवंबर 2023 को विशेष कैंप का आयोजन सभी बूथों पर किया जाएगा।
हर्षोल्लास के साथ हुई मां लखी पूजा
पालोजोरी/संवाददाता। धन-धान्य की देवी मां लखी की पूजा पालोजोरी प्रखंड क्षेत्र में शनिवार की शाम हर्षोल्लास के साथ की गई। पालोजोरी ब्लॉक रोड, बरमसिया, दुधानी सहित अन्य कई गाँवों में स्थित लखी मंदिर में पूजा की गई। बंग समुदाय ने अपने घरों में विधि-विधान के साथ माँ लखी की पूजा की। ऐसी मान्यता है कि माँ लखी की पूजा सच्चे मन से करने से कभी किसी चीज की कमी नहीं होती है। माँ लखी का आशीर्वाद बना रहता है। बरमसिया गाँव में तीन दिनों तक लखी पूजा का आयोजन होता है। आज रविवार को पालोजोरी में महाप्रसाद का वितरण और कल सोमवार को बरमसिया में मेला का आयोजन किया गया है।
रामजानकी मंदिर पुरुषोत्तमधाम मंदिर की प्रतिमा का विसर्जन
सारठ/संवाददाता। सारठ स्थित रामजानकी मंदिर पुरूषोतम धाम मंदिर का दुर्गा माता की प्रतिमा का विसर्जन पूर्व की भांति शनिवार को पूर्णिमा के दिन ढोल, गाजे-बाजे के साथ शोभा यात्रा निकालकर किया गया। इस शोभा यात्रा में स्थानीय ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। वहीं शोभा यात्रा में विधि-व्यवस्था बनाये रखने के लिए एसआई प्रवीण कुमार दलबल के साथ निगरानी बनाये हुए थे। मौके पर मंदिर के महंत रामदास, आचार्य राधाकांत तिवारी, पंडित कार्तिक राजहंस, राजेश राजहंस, पूजक पवन कुमार सिन्हा, पूजा समिति के सदस्य भूपाल प्रसाद, रामदेव प्रसाद साह, शिवशंकर मंडल, जगदानंद पत्रलेख, प्रदीप कुमार सिन्हा, परमेश्वर मंडल, परशुराम राउत, टिंकू राउत, प्रकाश पंडित समेत दर्जना श्रद्धालु शोभा यात्रा में शामिल थे।
जयदेव पर नहीं होता सांप के काटने का असर
सारठ/संवाददाता। सारठ प्रखंड के बगडबरा पंचायत के भटहरिया गांव के निवासी जयदेव मंडल को कोई भी विषैला सांप काट ले उसे कोई असर नहीं होता है। सुखजोरा गांव निवासी हराधन मंडल बताते हैं कि जयदेव मंडल को बचपन से ही विषैले जंतुओं का कोई डर नहीं है। किसी तरह का विषैला सांप को निर्भीक होकर उसे अपने हाथों से पकड़ लेते हैं। ग्रामीण बताते हैं कि उन्हें कोई भी सांप के काटने से कोई असर उनके शरीर में नहीं होता है। इसकी जानकारी आसपास के गांवों के ग्रामीणों के मिलने पर देखने के लिए भीड़ भी लग जाती है। वहीं सबेरे-सबेरे एक विषैला सांप को अपने घर आंगन से पकड़ने पर आसपास के ग्रामीणों का इस दृश्य को देखने के लिए भीड़ जुट गई और सब लोग देखकर हैरान हो गये। मौके पर टहलु मंडल, सुरेश मंडल, अंग्रेज मंडल, निर्मल मंडल, गहन मंडल, भागीरथ मंडल, नंदलाल मंडल, रामदेव मंडल समेत दर्जनों ग्रामीण मौजूद थे।
मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण को लेकर बूथों पर लगाया गया शिविर
सारठ/संवाददाता। सारठ बालक मध्य विद्यालय में शनिवार को बीएलओ द्वारा मतदाता सूची विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर दूसरे दिन भी बूथों पर शिविर का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में मतदाताओं का पंजीकरण, दर्ज विवरणों का संसोधन, वोटर कार्ड का अद्यतीकरण को लेकर मतदाताओं को जागरूक किया तथा लोगों से अपील की गई कि त्रुटिमुक्त एवं समावेशी मतदाता सूची बनाने में सहयोग करें। वहीं वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांगजनों मतदाताओं के लिए भी आसान और सुलभ मतदाता सूची में पंजीकरण एवं शुद्धिकरण के विषय पर भी प्रकाश डाला गया। मौके पर बीएलओ शीला दे, गीता देवी, शैल झा, प्रमिला देवी, महाजनी आरा समेत दर्जनों मतदाता भी उपस्थित थे।
नबी बख्श रोड में गौसुलवरा कांफ्रेंस का आयोजन
मधुपुर/संवाददाता। 11वीं शरीफ के मौके पर नबी बख्श रोड स्थित पीरे तरीकत शकील खान कादरी के खानकाह में गौसुलवारा कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। जिसमें बिहार बंगाल और झारखंड केकई उलेमाउपस्थित हुए। कांफ्रेंस की शुरुआत कुराने पाक की तिलावत से की गई इसके बाद देश में अमन शांति और आपस में भाईचारा बना रहे इस्की दुआएं मांगी गई। शायरों ने एक से बढ़कर एक नात पढ़ा। कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए हजरत शकील खान कादरी ने कहा हमारे नबी सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने अपने किसी जाति मुफाद या मसलेहत लिए किसी वसूल में बदलाव नहीं किया बल्कि इन वसूलों के लिए जानू माल और दूसरी तमाम अपने अजीज चीजों को कुर्बान कर दी। जिस वजह से आज पूरी दुनियां में इस्लाम जगमगाता है। कॉन्फ्रेंस में मौलाना मुबारक रिजवी, मौलाना नईम कादरी, हाफिज व कारी शाहिद राजा, हाफिज कारी फहीमुद्दीन मिस्बाही,मौलाना मोइनुद्दीन मिस्बाही बंगाल, हाफिज व कारी जमशेद आलम, शाह फरीद रफकती साबरी, समेत कई उलेमाओं ने अपनी तकरीर सुनाया महफिल को सजाने में सरफराज अशरफी, मुस्ताक निजामी, मुमताज निजामी, अख्तर निजामी समेत कई लोग लगे रहे।
मेदनीडीह पंचायत भवन में ग्रामसभा का आयोजन
- पंचायत के विकास को लेकर मुखिया ने लिये दो अहम फैसले
मोहनपुर/संवाददाता। पंचायत भवन मेदनीडीह के सभागार में शनिवार को ग्राम पंचायत मुखिया सोनी कुमारी की अध्यक्षता में ग्राम सभा का आयोजन किया गया। बैठक में कार्यकारिणी समिति के सदस्यों ने महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए पंचायत की विकास को लेकर दो अहम कदम उठाए हैं। जिसमें नल जल योजना के कनेक्शन के लिए 310 रुपए एवं सुव्यवस्थित संचालन के लिए प्रत्येक माह 62 रुपया की शुल्क लगेगा तथा स्ट्रीट लाइट के रख-रखाव के मरम्मति के लिए प्रत्येक परिवार से 10 का शुल्क का निर्णय लिया गया है।
मुखिया सोनी कुमारी ने कहा कि कार्यकारिणी ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया है जिसे पंचायत कि विकास में हम फैसला एवं मरम्मति के लिए यह सहायता राशि लिया गया। इस राशि से पंचायत में पंचायत में स्ट्रीट लाइट एवं नल जल योजना की मरम्मती को इस फंड से किया जायेगा
प्रसूता को माणिक ने किया रक्तदान
पालोजोरी/संवाददाता। जुड़वा बच्चों को जन्म देने के बाद एक प्रसूता का हिमोग्लोबिन लेवल लो हो गया। इसकी जानकारी होने के बाद पालोजोरी बाजार के युवा समाजसेवी माणिक कर ने पालोजोरी पंचायत के मुखिया अंशुक साधु के सहयोग से रक्तदान किया। उक्त प्रसूता का ब्लड ग्रुप ओ नेगेटिव है, जो रेयर ब्लड ग्रुप माना जाता है। माणिक ने मानवता का परिचय देते हुए रक्तदान कर विषम परिस्थिति में उक्त प्रसूता की मदद की।
शरद पूर्णिमा का त्यौहार मनाने जुटे लोग
पालोजोरी/संवाददाता। पालोजोरी में शनिवार की शाम शरद पूर्णिमा का त्यौहार मनाया गया। बौद्धिक सत्र में जिला से आए राजकुमार ने शरद पूर्णिमा के त्यौहार का महत्व बताया और कई जानकारियाँ दी। ऐसा माना जाता है कि शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है। शरद पूर्णिमा में बना खीर अमृत के समान होता है। चंद्रमा की रोशनी के संपर्क में आने के बाद खीर में अमृत का गुण आ जाता है। बौद्धिक सत्र के बाद सैकड़ों लोगों ने प्रसाद के रूप में खीर ग्रहण किया।
मैक्स मूलर और निवेदिता आज भी पूरे विश्व में अपने कृतित्व के लिए याद किये जाते हैं : डॉ. प्रदीप
देवघर/वरीय संवाददाता। शनिवार को जर्मन संस्कृत वेत्ता तथा भाषाशास्त्री फ्रीडरिक मैक्स मूलर की पुण्यतिथि तथा शिक्षक व सामाजिक कार्यकर्ता सिस्टर निवेदिता की जयंती है। आज ही के दिन 28 अक्टूबर, 1900 को मूलर की मृत्यु हुई थी जबकि सिस्टर निवेदिता का जन्म 28 अक्टूबर, 1867 को हुआ था। मौके पर स्थानीय विवेकानंद शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा संस्थान के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव ने दोनों महान विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा-फ़्रीडरिक मैक्स मूलर प्रसिद्ध जर्मन संस्कृतवेत्ता, प्राच्य विद्या विशारद, लेखक तथा भाषाशास्त्री था। वह ब्रिटिश ‘ईस्ट इण्डिया कम्पनी’ में कर्मचारी था। जन्म से जर्मन होने के बावजूद भी मैक्स मूलर ने अपने जीवन का अधिकांश समय इंग्लैण्ड में व्यतीत किया था। उसका संबंध अनेक यूरोपीय तथा एशियाई संस्थाओं से था। मैक्स मूलर ने ‘भारतीय दर्शन’ पर कई रचनाएं की थीं। अंतिम दिनों वह बौद्ध दर्शन में अधिक रुचि रखने लगा था तथा जापान में मिले अनेक बौद्ध दार्शनिक ग्रंथों की गवेषणा में दत्तचित्त था। उनका सर्वाधिक महत्वपूर्ण कार्य 51 जिल्दों में ‘सैक्रेड बुक्स ऑफ दि ईस्ट’ का संपादन है। यह कार्य 1875 में आरंभ किया गया था, तथा तीन जिल्दों के अतिरिक्त समग्र कार्य मैक्स मूलर के जीवनकाल में ही प्रकाशित हो चुका था। उन्होंने ‘भारतीय दर्शन’ पर भी रचनाएं की थीं। अंतिम दिनों वह बौद्ध दर्शन में अधिक रुचि रखने लगा था तथा जापान में मिले अनेक बौद्ध दार्शनिक ग्रंथों की गवेषणा में दत्तचित्त था। डॉ. देव ने निवेदिता के संदर्भ में कहा- सिस्टर निवेदिता का पूरा नाम ‘मार्ग्रेट एलिज़ाबेथ नोबल’ था। इन्हें 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना और राष्ट्रीय चेतना, एकता, पुनर्जागरण व राष्ट्रीय स्वाधीनता के नए विचार, जो 1947 में भारत की स्वतंत्रता में फलीभूत हुए, को बढ़ावा देने वाले प्रखर वक्ताओं में से एक माना जाता है। भारत में विधिवत दीक्षित होकर वह स्वामी जी की शिष्या बन गई और उन्हें रामकृष्ण मिशन के सेवाकार्य में लगा दिया गया। इस प्रकार वह पूर्णरूप से समाजसेवा के कार्यों में निरत हो गई और कलकत्ता में भीषण रूप से प्लेग फैलने पर भारतीय बस्तियों में प्रशंसनीय सुश्रुषा कार्य उसने एक आदर्श स्थापित कर दिया। उत्तरी कलकत्ता के उस भाग में एक बालिका विद्यालय की स्थापना उन्होंने की, जहाँ पर घोर कट्टरपंथी हिन्दू बहुसंख्या में थे। प्राचीन हिन्दू आदर्शों को शिक्षित जनता तक पहुँचाने के लिए अंग्रेज़ी में पुस्तकें लिखीं और सम्पूर्ण भारत में घूम-घूमकर अपने व्याख्यानों के द्वारा उनका प्रचार किया। वह भारत की स्वतंत्रता की कट्टर समर्थक थीं और अरविंदो घोष सरीखे राष्ट्रवादियों से उनका घनिष्ठ सम्पर्क था।
पंचायतों को बालू घाटों का अधिकार दिए जाने बाद भी नहीं हो रहा है बालू का खनन व परिवहन
- सरकारी तंत्र के मुलाजिमों व जनप्रतिनिधियों के लिए अवैध कमाई का जरिया साबित होकर नहीं रह जाए सरकार की घोषणा
- जान जोखिम में डालकर बालू माफिया दो से पांच हजार रुपए प्रति ट्रैक्टर बेच रहे हैं बालू
देवघर। नगर संवाददाता। झारखंड में एनजीटी की पाबंदी हठ जाने के बाद भी नदी घाटों से बालू की अवैध तस्करी जारी है। बावजूद इसके गृह निर्माण सहित अन्य कार्यों के लिए हाय तौबा मचा हुआ है। इन तमाम झंझावातों को सहते हुए बालू माफिया दो से तीन हजार प्रति ट्रैक्टर के हिसाब से नदियों का चीरहरण कर अवैध बालू खनन, परिवहन व बिक्री कर रहे हैं। सरकार की ओर से कुछ बालू घाट से वैध तरीके से बालू खनन व परिवहन का अधिकार 16 अक्टूबर 2023 से पंचायतों को दिए जाने की विभाग की ओर से कही गई थी। सूत्र बताते हैं कि किसी किसी प्रखंड में दो या तीन बालू घाट है तो कम कम एक बालू घाट हर प्रखंड को आवंटित किया गया है। जहां बालू घाट का स्रोत नहीं है वैसे प्रखंड के लोग समीप के वैध घाट से बालू उठाव और परिवहन कर सकते हैं। पंचायत के कुछ मुखिया खुद ट्रैक्टर के मालिक हैं। पुलिस व खनन विभाग द्वारा पकड़े जाने के बाद पैरवी का दौर भी शुरू होता है। पुलिस जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में अवैध बालू लदे वाहन से परिवहन करने वाले ट्रैक्टर व पुलिस की रैकी करने में इस्तेमाल बाईक को जप्त कर मामला दर्ज कर रही है। प्रतिदिन जिला खनन कार्यालय में जिला खनन पदाधिकारी का आदेश लेने व जुर्माना वसूली के प्रतिवेदन आ रहा है। खुद जिला खनन पदाधिकारी राजेश कुमार द्वारा भी लगातार अभियान चलाया जा रहा है। कई वह तेज रफ्तार ट्रैक्टर की चपेट में आने से बच चुके हैं तो कई ट्रैक्टर चालक द्वारा जान बूझकर ट्रैक्टर की चपेट में लेने का प्रयास किया गया है। अवैध बालू तस्करी में शामिल गिरोह के लोग प्रतिदिन देर रात से ही पाली में बट कर विभिन्न स्थानों पर पुलिस व खनन विभाग के अधिकारी के आने-जाने की निगरानी करते हैं। इस दौरान किसी प्रकार का भनक लगते ही चलंत दूरभाष के माध्यम से सभी को सावधान कर दिया जाता है। अब सवाल उठता है कि क्या पंचायतों को बालू घाट आवंटित किए जाने के बाद भी खनन विभाग की सूची में शामिल वैध बालू घाटों बालू का खनन व परिवहन क्यों हो रहा है? क्यों पुलिस व खनन विभाग को बालू माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करनी पड़ रही है? आज से 13 दिन पहले बालू घाट आवंटित पंचायतों से निर्धारित शुल्क लेकर चलान दिए जाने के बाद बालू को लेकर होने वाली परेशानी दूर क्यों नहीं हो रही है। सरकारी घोषणा कहीं यह सरकारी तंत्र के मुलाजिमों व जनप्रतिनिधियों के लिए अवैध कमाई का जरिया न बनकर रह जाए।