पूजा स्थल एवं मेला क्षेत्र का किया निरीक्षण, दिए कई निर्देश
आगमी 17 जून को सरौन काली मंदिर में होगी वार्षिक पूजा
चकाई। संवाददाता। आगमी 17 जून को चकाई प्रखंड के सरौन में स्थित प्रख्यात काली मंदिर में आयोजित होने वाले वार्षिक पूजा के सफल आयोजन को लेकर झाझा एसडीपीओ राजेश कुमार ने बुधवार को मंदिर परिसर एवं मेला क्षेत्र का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि कारू राय सहित पूजा कमिटी के सदस्यों एवं ग्रामीणों के साथ लंबी बैठक कर पूजा एवं मेला के सफल आयोजन को लेकर विस्तार से चर्चा की। मौके कर मौजूद पूजा समिति के सदस्यों सहित स्थानीय लोगों ने मंदिर परिसर एवं मेला परिसर में जुटने वाली भीड़ के संबंध में उन्हें अवगत कराया, जिसके बाद एसडीपीओ ने कहा कि पूजा स्थल एवं मेला परिसर में सुरक्षा की चाक-चौबंद व्यवस्था की जाएगी। पूजा स्थल पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए एक सौ की संख्या में पुरुष एवं 50 की संख्या में महिला पुलिस बल की तैनाती की जाएगी। साथ ही, उचक्कों पर नजर रखने के लिए सादे लिबास में जगह-जगह पुलिस बल तैनात रहेगी। उन्होंने कहा कि भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए पूजा के दिन सुबह में सरौन आहर, खिरिया वस्त्रालय, घुठिया मोड़ एवं दक्षिण बिहार ग्रामीण बैंक के समीप बेरियर लगाकर चार पहिया वाहनों के अंदर प्रवेश पर रोक लगाई जाएगी ताकि पूजा के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को किसी तरह की असुविधा नहीं हो। साथ ही, जगह-जगह दीवाल पर बीडीओ, सीओ एवं थानाध्यक्ष का मोबाइल नंबर चिपकाया जाएगा ताकि पूजा के लिए आए लोगों को किसी भी तरह की असुविधा होने पर वे उनसे तत्काल संपर्क कर सके। इसके अतिरिक्त चप्पे-चप्पे पर पूजा समिति की ओर से नामित वोलेंटियर मौजूद रहकर पूजा एवं मेला के सफल आयोजन में सहयोग करेंगे। साथ ही, उन्होंने कहा कि मेला में आर्केस्ट्रा पर पूर्ण रूपेण प्रतिबंध रहेगा। जबकि संपूर्ण परिसर की निगरानी के लिए एक दर्जन से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। विदित हो कि सरौन काली मंदिर में प्रत्येक वर्ष धूमधाम से वार्षिक पूजा में न केवल जमुई जिले अपितु झारखंड एवं पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में लोग पूजा अर्चना के लिए पहुंचते हैं। लगभग दस हजार से अधिक बकरे की बलि भी दी जाती है। मौके पर बीडीओ कृष्ण कुमार सिंह, सीओ राजकिशोर साह चकाई थानाध्यक्ष राकेश कुमार, बिचकोड़वा थानाध्यक्ष राहुल कुमार, चिहरा थानाध्यक्ष कुंज बिहारी कुमार, मुखिया प्रतिनिधि कारू राय, बालमुकुंद राय, दिवाकर राय, तपस्वी पांडेय, रामरक्षा पांडेय, दशरथ पांडेय, धुरो पांडेय, हरिकिशोर यादव, बंगटू यादव, विशुनदेव राय, उमेश यादव सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
भाजपा की ओर से मनायी गई अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती
चकाई। संवाददाता। चकाई शक्ति केंद्र के बूथ संख्या 196 पर बुधवार को भाजपा जिला मंत्री शालिग्राम पांडेय की अध्यक्षता में अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती समारोह पूर्वक मनायी गई। जयंती कार्यक्रम में भाजपा की जिला उपाध्यक्ष साधना सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थी। इस दौरान सर्वप्रथम स्व होल्कर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मौके पर उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए साधना सिंह ने कहा कि जनता के प्रति समर्पण और अटूट प्रेम रखने वाली लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर को उनकी वीरता, कुशल नेतृत्व एवं सादगी के लिए हमेशा स्मरण किया जाएगा। वे नारी शक्ति की प्रतिमूर्ति एवं शासन व्यवस्था में जनकल्याण को प्रोत्साहित करने वाली लोकमाता थी। वहीं भाजपा जिला मंत्री शालिग्राम पांडेय ने कहा कि हम सभी को उनके द्वारा किए गए संघर्षों से सीख लेते हुए भारत माता की सेवा में अपना हरसंभव योगदान देना चाहिए। तभी जयंती के माध्यम से उन्हें याद करना सार्थक सिद्ध होगा। मौके पर जिला प्रवक्ता धर्मवीर आनंद, किसान मोर्चा के जिला महामंत्री अमित कुमार दुबे, महिला मोर्चा की गीता देवी, अमरनाथ तिवारी, पवन वर्णवाल, कन्हैया सिंह, अनीता पांडेय, लीलो साह, संयोग केशरी, सुमन केशरी मौजूद थे। वहीं कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि साधना सिंह को अनीता पांडेय एवं गीता देवी ने अंग वस्त्र देकर सम्मानित किया।
विधानसभाध्यक्ष ने किया अहमदाबाद में विमान दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना पर गहरा दु:ख व्यक्त
पटना। संवाददाता। बिहार विधानसभा अध्यक्ष नन्द किशोर यादव ने अहमदाबाद में एयर इंडिया के यात्री विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना पर गहरा दु:ख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह दुर्घटना अत्यंत पीड़ादायक है। ईश्वर से प्रार्थना है कि हादसे में हताहत यात्रियों की आत्मा को शान्ति तथा शोक संतप्त परिजनों को असीम धैर्य प्रदान करे। माननीय अध्यक्ष महोदय ने हादसे में घायल यात्रियों के यथा शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है।
एक विक्षिप्त की हुई मौत
चंद्रमंडी। संवाददाता। पिछले कई महीनों से चंद्रमंडी थाना क्षेत्र के बासुकीटांड़ और उसके आसपास के इलाकों में घूम रहे एक विक्षिप्त की गुरुवार सुबह मौत हो गई। उसका शव बासुकीटांड़ चौक स्थित आहार किनारे बने एक अर्ध निर्मित घर में पड़ा हुआ है। सुबह जब अगल-बगल के लोग उधर शौच के लिए गए तो देखा कि अर्धनिर्मित घर में विक्षिप्त का शव पड़ा हुआ है। शव से दुर्गंध आ रहा है। जिसके बाद मामले की सूचना चंद्रमंडी पुलिस को दी गई। चंद्रमंडी पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है। पुलिस शव का अंतिम संस्कार करने की तैयारी में जुट गई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि विक्षिप्त की उम्र लगभग 42 वर्ष के आसपास है। वह पिछले कई महीनों से इस इलाके में घूम रहा था और मांग कर खाना खाता था।
बाल श्रम एक अभिशाप है और राष्ट्र की प्रगति में बाधक है : जिलाधिकारी
विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर जागरूकता वाहन रवाना
जमुई। संवाददाता। जिला कलेक्टर श्री नवीन ने समाहरणालय परिसर से विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर बाल श्रम के विरूद्ध जागरूकता बढ़ाने को लेकर प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। नामित वाहन जिले के सभी प्रखंडों का भ्रमण कर बाल श्रम की रोकथाम के लिए लोगों का क्षमतावर्धन करेगा। एडीएम रविकांत सिन्हा, एसडीएम सौरभ कुमार, सिविल सर्जन डॉ. अमृत किशोर, श्रम अधीक्षक रतीश कुमार आदि अधिकारी इस अवसर पर उपस्थित थे।
जिला कलेक्टर ने मौके पर कहा कि बाल श्रम एक अभिशाप है और यह राष्ट्र की प्रगति में बाधक है। बच्चे राष्ट्र के भविष्य हैं। बाल श्रम से बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास बाधित होता है। आज हम सभी को यह संकल्प लेना चाहिए कि हम बाल श्रम के विरुद्ध आवाज उठाएंगे और बच्चों को उचित शिक्षा और सुरक्षित वातावरण प्रदान करने का प्रयास करेंगे। उन्होने कहा कि बाल श्रम रोकने के लिए कड़े कानून बनाए गए हैं। श्रम संसाधन विभाग का धावा दल इसके विरुद्ध लगातार छापेमारी अभियान चला रहा है। बच्चों से मजदूरी कराने वाले पकड़े भी जा रहे हैं। डीएम ने कहा कि बाल श्रम की रोकथाम के लिए समाज में जागरूकता फैलाने की जरूरत है। श्री नवीन ने इस अवसर पर उपस्थित जनों को शपथ दिलाकर बाल श्रम रोकने के लिए प्रेरित किया। शपथ ग्रहण का कार्य अनुमंडल और प्रखंड कार्यालयों में भी किया गया। यहां भी लोगों ने बाल श्रम निषेध शपथ पत्र भरा और इससे दूर रहने का संकल्प लिया।
उधर श्रम संसाधन विभाग ने विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। जिलाधीश ने अग्नि ज्योति प्रज्ज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कहा कि जिला प्रशासन श्रमिकों के उत्थान के लिए सतत प्रयत्नशील है। उन्होंने नियोजकों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी सूरत में बाल मजदूरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को शिक्षित बनाने का आग्रह करते हुए कहा कि वे राष्ट्र के भविष्य हैं। उन्हें खेलने और खिलने दें। स्वयंसेवी संस्था, बुद्धिजीवी, श्रम संगठन और आम नागरिक इसे रोकने में अग्रिम भूमिका निभाएं।
श्रम अधीक्षक रतीश कुमार ने कार्यशाला में आगत अतिथियों का सत्कार करते हुए कहा कि सरकार और कई संगठन बाल श्रम रोकने के लिए सघन अभियान चला रहा है। बाल श्रमिकों को शिक्षा के साथ अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। बाल एवं किशोर श्रम अधिनियम 1986 के तहत विमुक्त 14 वर्ष से कम उम्र के बाल श्रमिकों को पुनर्वास के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 25 हजार रुपए अनुग्रह राशि दिए जाने का प्रावधान है। उन्होंने बाल श्रम निषेध अधिनियम की विस्तार से चर्चा की।
एडीएम रविकांत सिन्हा समेत कई अधिकारियों ने कार्यशाला को संबोधित किया और बाल श्रम को समाज के लिए कलंक करार दिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।
बिजली चोरी के खिलाफ अभियान में छह पर मुकदमा
टीम को धमकाने की भी कोशिश
सोनो। संवाददाता। बिजली चोरी के खिलाफ अभियान में बुधवार को बिजली विभाग ने प्रखंड के सारेबाद क्षेत्र में सघन छापेमारी की। कनीय विद्युत अभियंता प्रीतम राज के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में छह उपभोक्ताओं के खिलाफ बिजली चोरी के मामले उजागर हुए, जिन पर मुकदमा दर्ज किया गया है। छापेमारी दल में विद्युत विभाग के मिथिलेश कुमार, प्रमोद कुमार, रामदेव कुमार और रीतेश कुमार समेत अन्य कर्मी शामिल थे। अगहरा के नंदकिशोर यादव ने छापेमारी टीम को अपने पुराने मकान का बिजली कागजात दिखाय, लेकिन नए मकान में एलटी मेन लाइन से अवैध टोका पाया गया, जिससे विभाग को 51,754 का नुकसान हुआ। अगहरा का ही रमेश कुमार निर्माणाधीन मकान में अवैध रूप से 0.373 किलोवाट बिजली का उपयोग करता मिला, जिससे 20,918 की क्षति हुई। सारेबाद के शिव पंडित ने स्मार्ट मीटर से छेड़छाड़ कर अवैध टोका लगाया, जिससे 13,105 की चोरी और 2,879 की बकाया राशि मिली। कुल 15,984 का नुकसान आंका गया। सारेबाद का मुरारी पंडित भी अवैध कनेक्शन से बिजली उपयोग करता मिला, जिससे 7,755 की क्षति हुई। सबेजोर के मुकेश कुमार ने 0.147 किलोवाट बिजली चोरी की और उन पर 23,067 की बकाया राशि भी है। कुल 27,717 की क्षति आंकी गई। सबेजोर के गोकुल यादव पर भी बिजली चोरी और 8,971 की बकाया राशि के साथ कुल 13,621 का नुकसान दर्ज किया गया। छापेमारी के दौरान कुछ उपभोक्ताओं ने कार्रवाई टीम को झूठे केस में फंसाने की धमकी भी दी, लेकिन टीम ने सभी मामलों में उपयोग किए गए तार जब्त कर कानूनी प्रक्रिया पूरी की। विद्युत विभाग ने स्पष्ट किया है कि बिजली चोरी के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
नवोत्साह साहित्य संगम की जिला इकाई का गठन
सोनो। संवाददाता। नवोत्साह साहित्य संगम की ओर से जमुई जिला इकाई का गठन प्रखंड के महेश्वरी गांव स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर प्रांगण में संपन्न हुआ। राष्ट्रीय संयोजक अविनाश कुमार पाण्डेय और प्रांतीय संयोजक उत्पल भारद्वाज की उपस्थिति में सैकड़ों साहित्यप्रेमियों की सहभागिता ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। कार्यक्रम की शुरुआत मंगलाचरण एवं दीप प्रज्वलन से हुई, जिसे मंदिर के पुजारी व कथा वाचक मुकेश शास्त्री, अविनाश कुमार पाण्डेय और उत्पल भारद्वाज ने संयुक्त रूप से संपन्न किया। विवेकानंद पाण्डेय ने पहले सत्र का संचालन करते हुए सभी आमंत्रित कवियों का अंगवस्त्र से सम्मान किया। तत्पश्चात जिला इकाई के गठन की औपचारिक घोषणा की गई। विवेकानंद पाण्डेय को जिला अध्यक्ष, मुकेश शास्त्री एवं बबलू आकाश पाण्डेय को जिला संरक्षक,विकास पांडेय एवं आशुतोष कुमार को सक्रिय सदस्य व दीपक कुमार सिंह संरक्षक की जिम्मेदारी दी गई। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में प्रांतीय मीडिया प्रभारी नितेश कपूर ने कवि सम्मेलन का संचालन किया। सरस्वती वंदना से आरंभ हुए सम्मेलन में मुकेश शास्त्री ने उद्घाटन काव्य पाठ किया। नवादा से आए गीतकार गौतम कुमार सरगम ने अपने गीतों और मुक्तकों से श्रोताओं को खूब आनंदित किया। वहीं विकास और आशुतोष जैसे नवोदित कवियों की प्रस्तुतियां भी सराही गईं। हमारी संस्कृति कोचिंग के छात्र-छात्राओं ने भी समूहिक कविता पाठ कर वातावरण को साहित्यिक रंग में रंग दिया। कार्यक्रम में प्रांतीय संयोजक उत्पल भारद्वाज ने अपनी ग़ज़लों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया, जबकि युवा कवि नितेश कपूर ने वीर रस की ओजपूर्ण कविताओं से जनसमूह को रोमांचित किया। अंत में राष्ट्रीय संयोजक ने संस्कृत में काव्य पाठ कर साहित्यिक गरिमा को शिखर तक पहुंचाया। कार्यक्रम के अंत में यह घोषणा की गई कि जिले में प्रत्येक रविवार बच्चों के लिए काव्य प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
ईंट भट्टो व होटलों में बाल श्रमिकों से करवाया जा रहा काम
अलीगंज। संवाददाता। बाल श्रम रोकने के तमाम सरकारी दावे प्रखंड में खोखले साबित हो रहे हैं। क्षेत्र के ईंट भट्टो चिमनियों तथा छोटे-बडे़ होटलों में बाल मजदूर काम करते दिखते हैं। खेलने पढ़ने की उम्र वाले बच्चे ईंट भट्टो व होटलों में मजदुरी कर अपना जीवन का अमूल्य उम्र को बेकार कर रहे हैं। गुरूवार को अलीगंज प्रखंड क्षेत्र में जो हकीकत देखने को मिली वह सरकार के बालश्रम रोकने को झुठलाने के लिए काफी है। चिलचिलाती धूप की परवाह किए बगैर बच्चे चिमनियों से टैक्टर पर ईंट लोडकर ग्रामीण क्षेत्र में पहुंचाकर ईंट उतारने का कार्य करते पाए गए। पूछने पर बच्चों ने कहा कि मां-पिता की आर्थिक स्थिति खराब रहने पर घर चलाने के लिए ईंट भट्टा पर पर कार्य कर मां-पिता को आर्थिक सहयोग करता हुं। इस कम उम्र के बच्चों को अक्षर ज्ञान है, परंतु गरीबी के कारण माता पिता के साथ काम करने की मजबूरी है।
बता दें की राज्य सरकार बाल श्रम रोकने के लिए कानून बना रखा है। श्रम कर रहे बच्चों को विद्यालय से जोड़ने के खातिर के कई कार्यक्रम चला रखा है। लेकिन संबंधित विभाग उसे पालन कराने में बहुत कारगर नहीं दिखता।
जाम के जंजाल से जूझ रहा गिद्धौर
- ट्रेन छूटने की समस्या से यात्री परेशान
- जाम में फंस रहे एम्बुलेंस
गिद्धौर। संवाददाता। गिद्धौर बाजार से होकर गुजरने वाला एनएच-333 इन दिनों भीषण जाम की समस्या से जूझ रहा है। यह सड़क गिद्धौर को झाझा और जमुई से जोड़ती है लेकिन गिद्धौर बाजार स्थित लॉर्ड मिंटो टावर चौक पर प्रतिदिन कई बार लंबा जाम लग जाता है। यह जाम कई बार घंटों तक बना रहता है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इस जाम का सबसे बुरा असर उन यात्रियों पर पड़ रहा है, जो गिद्धौर या झाझा रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़ने के लिए समय से निकलते हैं लेकिन जाम में फंसकर स्टेशन तक देर से पहुंचते हैं। कई यात्रियों को समय पर ट्रेन न मिलने के कारण अपनी यात्रा रद्द करनी पड़ती है। जाम के चलते ट्रेन छूटने की यह समस्या अब आम हो चुकी है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह और शाम के समय, जब यात्री ट्रेन पकड़ने के लिए जल्दी में होते हैं, तब जाम की स्थिति और भी भयावह हो जाती है। कई बार रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए महज 10-15 मिनट का रास्ता एक से डेढ़ घंटे में पूरा होता है। इसके अलावा, इस जाम में आम लोग, सरकारी अधिकारियों की गाड़ियां, स्कूल वाहनों और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाएं भी बुरी तरह फंस जाती है। कई बार एंबुलेंस को जाम में घंटों इंतजार करना पड़ता है, जिससे मरीजों की जान संकट में पड़ जाती है। गर्मी के इस मौसम में तेज धूप में यात्रियों और राहगीरों की परेशानी दोगुनी हो गई है। पैदल चलने वालों को तेज धूप के साथ-साथ जाम में फंसी गाड़ियों के धुएं से भी कठिनाई झेलनी पड़ रही है। गिद्धौर बाजार के दुकानदारों का कहना है कि जाम के कारण ग्राहक समय पर दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे उनके व्यापार पर सीधा असर पड़ रहा है। कई बार ग्राहक जाम की वजह से रास्ते से ही लौट जाते हैं। स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और यात्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि भारी मालवाहक वाहनों और बालू लदे ट्रकों के दिन में प्रवेश पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा यातायात व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए।
शराब के नशे में हो हंगामा कर रहे चार गिरफ्तार
चंद्रमंडी। संवाददाता। चंद्रमंडी पुलिस की ओर से शराब और शराबियों की घर पकड़ के लिए चलाए गए अभियान में दो अलग-अलग गांव से शराब के नशे में हो हंगामा करते चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। थाना अध्यक्ष गजेंद्र कुमार ने बताया कि गिरफ्तार लोगों में कर्णगढ़ के उपेश झा, कर्मगढ़ मुशहरी के डब्लू मांझी, छाता के बाबू लाल हेंब्रम एवं सुंदर हेंब्रम शामिल है । सभी लोग शराब के नशे में हो हंगामा कर रहे थे, जिसकी सूचना मिलते ही पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया और ब्रेथ एनालाइजर मशीन से जांच के बाद शराब पीने की पुष्टि होने पर मद्य निषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज करते हुए चारों को जमुई जेल भेज दिया गया। थाना अध्यक्ष ने बताया कि लगातार अभियान चलाकर शराबियों को गिरफ्तार किया जा रहा है। अभियान में अवर निरीक्षक दीपक कुमार, विजय कुमार शामिल थे
अमृत सरोवर से मछली पालन और जल संरक्षण को मिल रहा बल
जल संरक्षण के साथ आजीविका संवर्धन को भी मिली नई दिशा
पटना। संवाददाता। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य का सर्वांगीण विकास हो रहा है। राज्य सरकार की दूरदर्शी योजनाओं ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के साथ-साथ जल संरक्षण और आजीविका संवर्धन को भी एक नई दिशा दी है। गांवों में में निर्मित अमृत सरोवर अब महज जलाशय नहीं, बल्कि समग्र विकास के केंद्र तब्दील हो रहे हैं। इन सरोवरों के माध्यम से एक ओर जहां वर्षा के जल के संचयन से फसलों की सिंचाई की जा रही है, वहीं इन सरोवरों में मछली पालन से जीविका दीदियों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
राज्य सरकार द्वारा जीविका दीदियों को प्रतिवर्ष 5,000 रुपये की सहायता राशि दी जा रही है, जिससे वे अमृत सरोवरों में मछली पालन कर अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बना रही हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी भी सशक्त रूप से सामने आ रही है। 15वें वित्त आयोग के टाइड फंड की 30 प्रतिशत राशि से राज्य की ग्राम पंचायतों में पंचायती राज प्रतिनिधियों एवं पदाधिकारियों की देखरेख में इन सरोवरों का निर्माण किया गया है। प्रत्येक नए सरोवर का क्षेत्रफल 2 एकड़, 30 डिसमिल निर्धारित किया गया है। इससे भूजल के स्तर में सुधार हुआ है और लोगों को स्थानीय जल संकट से राहत मिली है।
इन सरोवरों के चारों ओर मियाकायी (जर्मन) पद्धति से बरगद और पीपल जैसे छायादार वृक्षों के पौधे लगाए जा रहे हैं। जिससे लोगों को गरमी से तो राहत मिल ही रही है, साथ ही शाम के समय सरोवरों के किनारे लोग अपने परिवार के साथ समय भी गुजार रहे हैं। गौरतलब है कि अब तक राज्य में कुल 2,613 अमृत सरोवरों का विकास किया जा चुका है, जिसकी जानकारी भारत सरकार के पोर्टल ँ३३स्र२://ंे१्र३२ं१ङ्म५ं१.ॅङ्म५.्रल्ल/ पर उपलब्ध है। ये सरोवर सौंदर्यीकरण, जल प्रबंधन, मखाना उत्पादन, स्थानीय पर्यटन और रोजगार सृजन में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं।
गांवों को जलसंकट का नहीं करना होगा सामना
राज्य के गांवों में रहने वाले लोगों को स्वच्छ जल के संकट का सामना न करना पड़े, इसके लिए जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में पारंपरिक जलस्रोतों के संरक्षण और संवर्धन को प्राथमिकता दी जा रही है। अबतक राज्य की विभिन्न पंचायतों में 25,262 सार्वजनिक कुओं का जीर्णोद्धार तथा 18,526 सोख्ता निर्माण कार्य संपन्न हो चुका है।
इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर भूजल रिचार्ज को बढ़ावा देना और जल के सतत उपयोग को सुनिश्चित करना है। वित्तीय दृष्टिकोण से यह योजना 15वीं वित्त आयोग द्वारा उपलब्ध कराई गई राशि से संचालित की जा रही है। इसके अंतर्गत न केवल सार्वजनिक जलस्रोतों का पुनरुद्धार किया जा रहा है, बल्कि पंचायत सरकार भवनों, जिला पंचायत संसाधन केंद्रों तथा अन्य सरकारी भवनों में वर्षाजल संचयन संरचनाओं का निर्माण भी सुनिश्चित किया गया है।
भवन निर्माण विभाग की ओर से वर्षाजल संचयन के लिए दो मॉडल प्राक्कलन उपलब्ध कराए गए हैं। इसमें ‘सैंडी सॉयल’ के लिए 65,600 रुपए और ‘अदर दैन सैंडी सॉयल’ के लिए 95,000 रुपए की अनुमानित लागत है। पंचायती राज विभाग के अधीन सभी सरकारी भवनों में कम से कम एक वर्षाजल संचयन संरचना का निर्माण अनिवार्य रूप से किया गया है। बिना इस प्रावधान के कोई भी प्राक्कलन विभागीय स्वीकृति प्राप्त नहीं कर सकता। साथ ही, जिन त्रिस्तरीय पंचायत भवनों में अभी तक वर्षाजल संचयन की व्यवस्था नहीं की गई है, उनके लिए ग्राम पंचायत विकास योजना, प्रखंड पंचायत विकास योजना तथा जिला पंचायत योजना के अंतर्गत नई योजनाएं बनाकर संरचना निर्माण के निर्देश जारी किए गए हैं।
यह पहल न केवल जलसंकट से निपटने की दिशा में एक ठोस कदम है, बल्कि जल संरक्षण की संस्कृति को भी ग्राम स्तर पर मजबूत करने में सहायक सिद्ध हो रही है। पंचायती राज विभाग का यह प्रयास जल-जीवन-हरियाली अभियान को जमीनी स्तर पर प्रभावशाली रूप देने की दिशा में एक अनुकरणीय उदाहरण है।
हाथी के अंदर हाथी: फिरंगी लाल के हाथ का करिश्मा
-बिहार के कैमूर जिले के रहने वाले ये शिल्पकार जाने जाते हैं अपने अनोखे कला के लिए
पटना
बिहार में आज भी ऐसे कई शिल्पकार हैं, जो पारंपरिक कलाओं को संजोय कर रखे हुए हैं। इस फेहरिस्त में शामिल एक करिश्माई कलाकार का नाम फिरंगी लाल गुप्ता है। इन्होंने अपनी कलाओं की बदौलत खास पहचान स्थापित की है। इस कलाकार ने अपनी लगन और मेहनत से नयी परंपराएं स्थापित की हैं।
कैमूर के रहने वाले फिरंगी लाल गुप्ता आज किसी पहचान के मोहताज नहीं हैं। अंडरकट तकनीक से मुलायम पत्थर को काट और तराश कर उसे हाथी, कछुआ और अन्य मूर्तियों का आकार देते हैं। फिरंगी लाल गुप्ता बिहार में अंडरकट तकनीक से कलाकृतियां गढ़ने वाले ख्याति प्राप्त शिल्पकार हैं, जो पटना के पाटलिपुत्र इलाके में स्थित उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान में बच्चों को प्रशिक्षण दे रहे हैं।
अपनी पत्थर कला के बारे में फिरंगी लाल बताते हैं कि सबसे पहले मुलायम पत्थर को आरी से काटते हैं, कटर से उसे तराशते हैं और तब जाकर उसे कछुआ, हाथी, मेंढ़क, बैल और अन्य जानवरों का आकार देते हैं। फिरंगी लाल ने कहा कि बिहार सरकार का बहुत सहयोग मिला है और आगे भी उम्मीद करते हैं। उन्होंने बताया कि सरकार की बदौलत चाइना, मॉरीशस जैसे जगहों पर जा कर अपना प्रदर्शन करने का मौका मिला।
फिरंगी लाल जिन कलाकृतियों को मार्बल स्टोन में गढ़ते हैं, उनमें हाथी, कछुआ, बत्तक समेत अन्य नाना प्रकार के पशु-पक्षी शामिल हैं। उनकी कला को राज्य सरकार और केंद्र सरकार ने सम्मानित और प्रोत्साहित भी किया है। उद्योग विभाग के सहयोग और प्रेरणा से उन्हें अपनी कलाकृति को स्थापित करने में काफी सहायता मिली है। उन्हें देश-विदेश में अपनी कला प्रदर्शित करने का मौका दिया है। बिहार सरकार, भारत सरकार और फिक्की के सहयोग से फिरंगी लाल को 2008 में चीन में अपनी कला प्रदर्शित करने का मौका मिला और वहां से लौटने के बाद उन्हें वर्ष 2009-10 के लिए राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उनकी बनायी कलाकृतियों में तीन फीट का हाथी कैमूर समाहरणालय में प्रदर्शित है जिसे उन्होंने करीब दस क्विंटल के एक मार्बल पत्थर को तराशकर बनाया है।
2012 में उन्होंने उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान के निमंत्रण पर संस्थान में अपनी कला का प्रदर्शन किया, जिसने वहां के कलाप्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया। 2017 में उन्हें बिहार सरकार की तरफ से मॉरिशस में भी अपनी कला का प्रदर्शन करने का मौका मिला है।
वर्तमान समय में फिरंगीलाल गुप्ता बिहार सरकार के अंतर्गत उद्योग विभाग के उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधन संस्थान में अंशकालिक प्रशिक्षक के तौर पर युवा कलाकारों को मूर्तिकला का प्रशिक्षण दे रहे हैं।
: ऊइळ योजनाओं को प्रभावी बनाने के लिए विभागीय समन्वय पर जोर
ऊइळ योजनाओं की समीक्षा बैठक संपन्न, विभागीय नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश
लाभार्थियों को समय पर सूचना देने के लिए टोल-फ्री नंबर होगा जारी
पटना, डीबीटी से संबंधित आंकड़ों को उपलब्ध कराने और अन्य आवश्यक कार्यों के सुचारू संचालन के लिए प्रत्येक विभाग की तरफ से एक विभागीय नोडल पदाधिकारी नामित किया जाएगा। इन नोडल पदाधिकारियों की सूचना तुरंत वित्त विभाग को उपलब्ध करानी होगी।
राज्य में प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और लाभार्थियों तक समय पर सूचना पहुंचाने के उद्देश्य से वित्त विभाग के विशेष सचिव मुकेश कुमार लाल की अध्यक्षता में पुराने सचिवालय स्थित सभा कक्ष में एक अहम बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में विभिन्न संबंधित विभागों के आईटी प्रबंधक (आईटी मैनेजर), आंतरिक वित्तीय सलाहकार (आईएफए) और नोडल पदाधिकारियों ने भाग लिया।
उल्लेखनीय है कि मुख्य सचिव की ओर से सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव को पहले ही यह निर्देश दिया जा चुका है कि वे डीबीटी से संबंधित आंकड़े शीघ्र उपलब्ध कराएं। बैठक के बाद वित्त विभाग की तरफ से एक प्रपत्र उपलब्ध करवाया गया, जिसमें उपस्थित पदाधिकारियों से उनके विभागों के नोडल पदाधिकारी की जानकारी साझा की गई।
वित्त विभाग के विशेष सचिव ने सभी विभागीय अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे शीघ्र ही एक टोल-फ्री नंबर वित्त विभाग को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। इस टोल-फ्री नंबर के माध्यम से लाभार्थियों को डीबीटी से संबंधित जानकारी समय पर मिल सकेगी। लाभार्थियों की जानकारी प्राप्त होने पर उन्हें व्हाट्सएप और एसएमएस के माध्यम से भी सूचना दी जाएगी।
डीबीटी से संबंधित योजनाओं के संबंध में संदेश प्रेषण के लिए सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा चयनित एजेंसियों के माध्यम से और निर्धारित दर पर कंटेंट बनाने का कार्य वित्त विभाग की तरफ से किया जाएगा।
यह पहल राज्य सरकार की डीबीटी योजनाओं में पारदर्शिता और दक्षता लाने तथा लाभार्थियों तक समय पर लाभ सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।