श्रद्धालुओं ने मां काली की आराधना व दंडवत प्रणाम के बाद की पूजा-अर्चना
चकाई। संवाददाता। बिहार-झारखंड की सीमा पर सरौन में अवस्थित प्रखंड के प्रख्यात सरौन काली मंदिर में आयोजित वार्षिक पूजनोत्सव का कार्यक्रम मंगलवार को संपन्न हुआ। वार्षिक पूजनोत्सव के मौके पर मंदिर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। अहले सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर परिसर में जुटने लगी। दोपहर होते ही पूरा मंदिर परिसर श्रद्धालुओं से पट गया। सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर के बगल में स्थित बड़का आहर में स्नान कर माता की चौखट तक दंडवत देते हुए पहुंचे। इससे पहले विद्वान पंडितों ने दुर्गा सप्तशती का पाठ संपन्न कराया। तत्पश्चात, वैदिक मंत्रोच्चार के साथ सैकड़ों की संख्या में ध्वजारोहण किया गया। इसके बाद ब्राह्मणों एवं कन्याओं को भोजन कराने के साथ ही बलि देने की शुरुआत हुई। इस दौरान पूजा अर्चना के साथ ही सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अपने बच्चों का चूड़ाकरन संस्कार भी कराया गया। मंदिर परिसर में भव्य मेला का भी आयोजन किया गया, जिसमें भक्तों के मनोरंजन के लिए झूला, तारामाची, मौत का कुआं, कठपुतली, रेलगाड़ी, मीनाबाजार मुख्य आकर्षण का केन्द्र था।
चकाई प्रखंड मुख्यालय से 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित सरौन काली मंदिर लगभग दो सौ वर्ष पुरानी है। यह मंदिर वर्षों से धार्मिक आस्था का केंद्र है। प्रत्येक वर्ष आषाढ़ माह में इस मंदिर में आयोजित होने वाले वार्षिक पूजनोत्सव की अपनी एक अलग ही पहचान है। यही कारण है कि मेले में लगभग 50 हजार से अधिक की संख्या में मां के भक्त यहां पहुंचते हैं।
वार्षिक पूजा एवं मेले में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। थानाध्यक्ष राकेश कुमार दल-बल के साथ सुबह से ही सुरक्षा-व्यवस्था पर पैनी नजर बनाए हुए थे। थानाध्यक्ष ने बताया कि मेले में भीड़ को ध्यान में रखते हुए चप्पे-चप्पे पर पुलिस की तैनाती की गई है। साथ ही, महिला श्रद्धालुओं के लिए महिला पुलिस की भी तैनाती की गई है। शांति-व्यवस्था भंग करने वालों पर कड़ी निगरानी रखी जा रहीं थी। इस बार मेला प्रबंधन एवं प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे।
सरौन मां काली की वार्षिक पूजा को लेकर श्रद्धालुओं में प्रबल आस्था है। झामझम बारिश में भी श्रद्धालुओं को मां दर्शन पूजन से डिगा नहीं सकी। बारिश के बाबजूद भी सोमवार रात को रात भर मां के जागरण में श्रद्धालु डटे रहे। वही मंगलवार को भी सुबह से ही रुक रुक कर हो रहीं झमाझम बारिश के बावजूद भी श्रद्धालु वार्षिक पूजनोत्सव के मौके पर मंदिर में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा।
पुलिस ने किया एक बुजुर्ग का शव बरामद, जांच जुटी पुलिस
चकाई। संवाददाता। चकाई थाना क्षेत्र के चकाई-गिरिडीह मुख्य मार्ग पर हाई स्कूल के पास सड़क किनारे निर्माणाधीन नाला के पास से चकाई पुलिस ने मंगलवार की सुबह एक 65 वर्षीय वृद्ध का शव बरामद किया है। शव मिलने की सूचना मिलने के बाद देखने के लिए आसपास के लोग बड़ी संख्या में भीड़ जमा हो गयी। घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दिया गया, जहां मौके पर पहुंची पुलिस ने शव की पहचान करने में जुटी। करीब 2 घंटे के बाद शव की पहचान कर ली गयी। मौत की खबर सुनते ही परिजन अस्पताल पहुंचकर रोने लगे। थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि शव की पहचान थाना क्षेत्र के नगड़ी गांव निवासी जागो महतो (65) वर्ष के रूप में की गयी है। घटना के संबंध में बताया जा रहा है कि मृतक जागो महतो किसी काम से रघुसर गए हुए थे। काम निपटाकर वापस वे अपने घर नगड़ी गांव लौट रहे थे। इसी क्रम में घटना घटी। इधर पुलिस कागजी प्रकिया पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जमुई भेज दिया।
जमुई के नए एसपी विश्वजीत दयाल ने किया पदभार ग्रहण
कहा : क्राइम कंट्रोल पर होगा फोकस, जनता दरबार रहेगा जारी
जमुई। संवाददाता। जमुई के नए पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने मंगलवार को अपना कार्यभार संभाल लिया। समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में 35वें एसपी के रूप में श्री दयाल का एसडीपीओ सतीश सुमन, डीएसपी मुख्यालय मो. आफताब अहमद, डीएसपी रक्षित सुरेश प्रसाद आदि पुलिस अधिकारियों ने उन्हें पुष्प गुच्छ देकर उनका अभिनंदन किया। कार्यभार संभालने के बाद श्री दयाल मौजूद पुलिस अधिकारियों से शिष्टाचार भेंट की और अतिविशिष्ट बिंदुओं पर संवाद किया।
नए पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने इस दरम्यान जमुई के पत्रकारों से कहा कि उनकी पहली प्राथमिकता लंबे समय से लंबित मामलों का निपटारा करना और नक्सलियों के साथ अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजना है। नक्सलवाद और अपराध नियंत्रण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। नक्सल और अपराध की रोकथाम को लेकर रणनीति जो बनी है, उस पर तेजी से काम होगा और अवांछित तत्वों को किसी भी हालत में बक्सा नहीं जाएगा। बेहतर पुलिसिंग के साथ बेहतर विधि व्यवस्था के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। जनता दरबार जारी रहेगा। नागरिकों की समस्याओं पर खास नजर रहेगी। वे पूर्वाह्न में नियमित रूप से कार्यालय में बैठेंगे और जनता के लिए हमेशा उपलब्ध रहेंगे। आर्थिक अपराध पर भी लगाम लगाया जाएगा। अवैध कारोबार की किसी को भी छूट नहीं दी जायेगी। आर्थिक अपराध के खिलाफ रणनीति तय कर दोषी लोगों के विरुद्ध विधि-सम्मत कार्रवाई की जाएगी। नक्सलियों और असामाजिक तत्वों को किसी भी सूरत में कानून को हाथ में लेने की इजाजत नहीं होगी। जनता को सुरक्षा मुहैया कराने के लिए और अधिक बेहतर कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने पत्रकारों के साथ जिला के निवासियों से सकारात्मक सहयोग की अपील की।
अंकित करने वाली बात है कि विश्वजीत दयाल मुजफ्फरपुर में नगर पुलिस अधीक्षक के पद पर पदस्थापित थे। वहां से उनका पदस्थापन जमुई पुलिस अधीक्षक के पद पर किया गया है। उन्होंने जमुई एसपी का सम्पूर्ण प्रभार ग्रहण कर लिया है।
बाबा कोकिलचंद धाम मंदिर के पुस्तकालय में श्रीभगवानवेद अर्पित
-धार्मिक वातावरण में सम्पन्न हुआ कार्यक्रम
गिद्धौर। संवाददाता। गिद्धौर प्रखंड अंतर्गत गंगरा गांव स्थित बाबा कोकिलचंद धाम मंदिर परिसर में आध्यात्मिक वातावरण में एक गरिमामय धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर हंसराज महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक एवं कुरुक्षेत्र (हरियाणा) निवासी खेमचंद जी अरोड़ा के सौजन्य से मंदिर परिसर के पुस्तकालय में श्रीभगवानवेद का अर्पण किया गया। श्रीभगवानवेद अर्पण से पूर्व विधिवत रूप से वैदिक रीति-रिवाज के तहत वेद की पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। संस्कृत विद्वान आशीष कुमार पांडेय ने मंत्रोच्चारण एवं वैदिक विधि से पूजा कराई गई, जिससे मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। मौके पर सत्यवती महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय के सहायक प्राध्यापक उत्तम कुमार भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, श्रद्धालु एवं बुद्धिजीवी वर्ग की उपस्थिति में श्रीभगवानवेद की पूजन करवाई गई। मौके पर उपस्थित सभी लोगों ने खेमचंद जी अरोड़ा के इस धार्मिक एवं ज्ञानवर्धक पहल की सराहना की और कहा कि श्रीभगवानवेद का अध्ययन नई पीढ़ी को हमारे सनातन वैदिक ज्ञान परंपरा से जोड़ने में सहायक होगा। इस तरह की पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने में निश्चय ही गति प्रदान करेगा। इस तरह की सोच और प्रयास से भारत निश्चित रूप से अपने खोए गौरव को प्राप्त करेगा और विश्वगुरु के पद को पुन: सुशोभित करेगा।
स्नातक पार्ट थ्री की परीक्षा दूसरे दिन भी शांतिपूर्ण आयोजित
चकाई। संवाददाता। फाल्गुनी प्रसाद यादव महाविद्यालय चकाई में स्नातक पार्ट-3 की परीक्षा मंगलवार को भी शांतिपूर्ण रूप से ली गईं। जानकारी देते हुए कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य सह केन्द्राधीक्षक डॉ. रविशंकर यादव ने बताया कि मंगलवार को प्रथम पाली पाली में 384 में से 380 परीक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया, जबकि 4 अनुपस्थित पाए गए। वही दूसरी पाली में 330 में 326 परीक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया जबकि 4 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। परीक्षा के सफल संचालन में परीक्षा नियंत्रक चंद्रशेखर पंडित, प्रो. रामनारायण यादव, शरदेंदु शेखर, विजय कुमार, प्रमोद कुमार बाजपेई, कृष्ण कुमार, करमचंद्र किस्कू, सुशीला कुमारी, संगीता कुमारी, रोहित यादव, शिव शक्ति कुमार, लाडली राज, रामकुमार सहित अन्य कॉलेज कर्मी मौजूद थे।
सूबे की पांच प्रमुख नदियों में बालू के पुनर्भरण का होगा अध्ययन
सोन, किऊल, फल्गू, मोरहर एवं चानन नदी चिह्नित
पटना। संवाददाता। इस अध्ययन के तहत प्रमुख नदियों में वर्षा ऋतु में बालू की जानकारी मिल सकेगी। इसके आधार पर पर्यावरण की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिला सर्वेक्षण प्रतिवेदन के आधार पर बालू की निकासी की जा सकेगी। इसके लिए केंद्रीय माईन प्लानिंग एंड डिजाइन इंस्टीट्यूट को दो करोड़ 58 लाख रुपए का भुगतान किया जाएगा।
राज्य मंत्रिमंडल ने चना, मसूर और सरसों का न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित कर दिया है। जिसके तहत चना के लिए 5650, सरसों के लिए 5950 और मसूर के लिए 6700 रुपए होगा। सरकार इन फसलों की खरीद भी करेगी।
इसके अलावा राज्य के माध्यमिक उच्च माध्यमिक विद्यालयों में विद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष के पद पर नियुक्ति के लिए बिहार राज्य विद्यालय पुस्तकालययाध्यक्ष संवर्ग नियमावली 2025 को स्वीकृति दी गई है। राज्य के माध्यमिक उच्च माध्यमिक विद्यालयों में विद्यालय परिचारी के पद पर नियुक्ति के लिए बिहार राज विद्यालय परिचारी संवर्ग नियमावली 2025 को स्वीकृति दी गई है। जिसके तहत शिक्षा विभाग में लिपिक और परिचारी संवर्ग के 50 प्रतिशत पदों पर अब अनुकंपा पर नियुक्ति होगी जबकि 50 प्रतिशत पद सीधी नियुक्ति से भरे जाएंगे।
बिहार पुलिस की प्रतिरोधक क्षमता में बढ़ोतरी और उग्रवादियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए बहाल किए गए भारतीय सेन के 1717 सेवानिवृत सैनिकों को 2025-26 के लिए विस्तारित करने की स्वीकृति दी गई है।
सुबह से तेज हवा के साथ हुई बारिश, गर्मी से मिली राहत
अलीगंज। संवाददाता। जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में मंगलवार की अहले सुबह से तेज हवा के साथ बारिश हुई। इसके बाद मौसम सुहाना हो गया। वहीं कई दिनों से लगातार आसमान से बरस रही आग रूपी गर्मी से भी लोगों को निजात मिली। सुबह आसमान में बादल छाए रहे। हालांकि दिन चढ़ने के साथ बढ़ती धूप व गर्मी ने एकबार फिर से लोगों की परेशानी बढ़ा दी। दिन का अधिकतम तापमान जहां 35 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश से गन्ना, मेंथा, उड़द, मूंग की फसलों को फायदा पहुंचा है, जबकि आम की फसलों को नुकसान हुआ है। वहीं रात्रि में तेज आंधी और पानी के कारण शहर के कई इलाकों की बत्ती गुल रही। विभाग के मुताबिक मंगलवार को तेज हवाओं के साथ मौसम में बदलाव की आशंका जताई गई थी। इसी अनुमान के मुताबिक मंगलवार की सुबह से ही मौसम सुहाना बना हुआ था।
हल्की बारिश से कई ग्रामीण क्षेत्र में कोई प्रभाव नही पडुा लेकिन सड़कों पर जलभराव हो गया, इससे लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ा। तेज हवा के कारण बड़ी तादाद में पेड़ एवं टहनियां टूट गईं। इससे राहगीरों को परेशानी हुई।
पांडवेश्वर क्षेत्र के एजीएम डीके सिंह ने कार्यभार संभाला
पांडवेश्वर। आसनसोल। संवाददाता। डीके सिंह ने पांडवेश्वर क्षेत्र के एजीएम के रूप में मंगलवार को पांडवेश्वर क्षेत्रीय कार्यालय में कार्यभार संभाल लिया। पांडवेश्वर क्षेत्र के एजीएम रॉबिन थोनौजा को सातग्राम श्रीपुर क्षेत्र का जीएम बन जाने के बाद पांडवेश्वर क्षेत्र का एजीएम पद खाली था। सातग्राम श्रीपुर क्षेत्र से पांडवेश्वर आए डीके सिंह पहले खुटाडीह कोलियरी में एजेंट का पद संभाल चुके हैं। पांडवेश्वर क्षेत्र के बारे में जानकारी रखने वाले डीके सिंह एक कर्मठ और कड़क अधिकारी के रूप में जाने जाते है। उनको पांडवेश्वर क्षेत्र का एजीएम पद संभालने से क्षेत्र में कोयला उत्पादन बढ़ने के साथ कार्य संस्कृति में भी सुधार होगा और उनका माइनिंग अनुभव क्षेत्र को आगे ले जाने में कारगर सिद्ध होगा। एजीएम का कार्यभार संभालने के बाद डीके सिंह ने कहा कि क्षेत्र की भूमिगत खदान खुटाडीह कोलियरी में कोयला उत्पादन बढ़ाने की दिशा में कार्य करने के साथ खुली खदान खुटाडीह ओसीपी, डालुरबांध, माधाईपुर ओसीपी समेत क्षेत्र के अन्य कोलियरियों से कोयला उत्पादन बढ़ाने को लेकर कार्य में तेजी लाने की जरूरत है, तभी हम अपने ईसीएल सीएमडी सतीश झा के सपनों को पूरा कर सकते हैं ।
डीएवी स्कूल प्रबंधन 15 प्रतिशत शुल्क किया कम, अभिभावकों की हुई जीत
कुमारधुबी। संेवाददाता। डीएवी स्कूल निरसा प्रबंधन की ओर से 17 जून मंगलवार को स्कूल में सूचना जारी कर बच्चों के नामांकन में वार्षिक शुल्क एवं मासिक शुल्क में 15 प्रतिशत की कमी करने का नोटिस जारी किया। स्कूल प्रबंधक स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों से सत्र 2024-25 का ही नामांकन के समय वार्षिक शुल्क एवं मासिक शुल्क लगेगा। इससे अभिभावकों में हर्ष है।
बताते चलें की डीएवी स्कूल प्रबंधन बच्चों के नामांकन में वार्षिक शुल्क एवं मासिक शुल्क में बगैर अभिभावकों से राय विचार किये 15 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी कर दी थी, जिसके विरोध में अभिभावकों ने आंदोलन किया था तथा स्कूल परिसर के बाहर लगभग एक महीने तक अनिश्चितकालीन धरना पर बैठे थे। इस संबंध में जानकारी देते हुए निरसा अभिभावक संघ के अध्यक्ष रोबिन धीवर एवं महासचिव श्याम कुमार ने बताया कि मंगलवार को डीएवी पब्लिक स्कूल मुगमा, निरसा के कार्यालय परिसर में कक्षा नर्सरी से कक्षा 11वीं तक की संशोधित फीस शुल्क को जारी किया गया है। जहां कक्षा नर्सरी से कक्षा आठवीं तक वर्ष 2025-26 की नयी फीस को निरस्त कर वर्ष 2024-25 की पुरानी फीस को ही लागू किया गया है। यह अभिभावकों की एकजुटता का परिणाम है।
उन्होंने बताया कि कक्षा नवम तथा कक्षा 11वीं की निर्धारित नयी फीस वर्ष 2025-26 का ही रखा गया है। जो कक्षा आठवीं के मुकाबले काफी बढ़ी हुई फीस है। इस विषय की गंभीरता को देखते हुए कक्षा 9वीं तथा कक्षा 11वीं की बढ़ी हुई फीस को लेकर बहुत जल्द एक अहम बैठक रखी जाएगी। जिसमें सभी अभिभावकों से विचार विमर्श कर आगे की रणनीति बनाकर उसे पर काम किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इससे पूर्व हम लोगों की लड़ाई का परिणाम यह रहा कि जो किताब विद्यालय परिसर से ही बच्चों को दिया जाता था, उसे सार्वजनिक दुकान से खरीदने की अभिभावकों की छूट मिली। यदि अभिभावक एकजुट रहे तो आगे और लंबी लड़ाई बाकी है।
शताक्षी महिला मंडल पांडवेश्वर की ओर से स्कूल को दिया गया वाटर प्यूरीफायर व अन्य सामग्री
पांडवेश्वर। आसनसोल। संवाददाता। शताक्षी महिला मंडल वेलफेयर एसोसिएशन, डिशेरगढ़ ईसीएल ऑफिसर्स वाइव्स सोसायटी के अंतर्गत पांडवेश्वर शाखा की ओर से मंगलवार को माधाईपुर कोलियरी के पास स्थित माधाईपुर प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक वाटर प्यूरीफायर एक्वागार्ड मशीन दिया गया। शताक्षी महिला मंडल पांडवेश्वर शाखा की अध्यक्षा कोयल भट्टाचार्य ने बताया कि हमारी ईसीएल की अध्यक्षा किरण झा, उपाध्यक्षा जीरक आलम, संचिता रॉय, अनुभा सिन्हा और गीता गिरीश की मार्ग दर्शन और दिशा निर्देश पर सामाजिक दायित्व को पूरा करते हैं और जरूरतमंदों को मदद भी करते हैं। मंगलवार को माधाईपुर प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वाटर प्यूरीफायर भेट किया गया है। इसके अलावा स्कूल को दो सीलिंग फैन, खेलने के क्रिकेट किट, फुटबॉल और छात्र-छात्राओं को 80 नाश्ता का पैकेट वितरण किया गया। शताक्षी महिला मंडल पांडवेश्वर से सामग्री पाकर स्कूल के सभी शिक्षक और छात्र-छात्राओं ने खुशी का इजहार किया। इस अवसर पर शताक्षी महिला मंडल की सभी सदस्या उपस्थित थी।
राज्य के छह छोटे हवाई अड्डे होंगे विकसित
- मधुबनी, वीरपुर, मुंगेर, बाल्मीकीनगर, मुजफ्फरपुर और सहरसा में एएआई के साथ समझौता-पत्र पर हुआ हस्ताक्षर
- कैबिनेट ने दी इसकी मंजूरी
पटना। संवाददाता। राज्य सरकार ने सूबे में सुगम और समुचित हवाई संपर्कता प्रदान करने के लिए छह हवाईअड्डों को विकसित करने की कवायद तेज कर दी है। इसके अंतर्गत मधुबनी, वीरपुर (सुपौल), मुंगेर, बाल्मीकीनगर (पश्चिमी चंपारण), मुजफ्फरपुर और सहरसा हवाई अड्डा को उड़ान योजना के तहत छोटे हवाई अड्डा का विकास करने के लिए नई दिल्ली स्थित भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) होने जा रहा है। इसकी स्वीकृति मंत्रिपरिषद ने दे दी है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में 20 एजेंडों पर मुहर लगी। इस बैठक के बाद लिए गए निर्णयों के बारे में मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने विस्तृत जानकारी दी। सूचना भवन के सभागार में इससे संबंधित आयोजित प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच होने वाले इस समझौते से हवाई अड्डा का निर्माण कार्य जल्द पूरा हो सकेगा। इससे स्थानीय निवासियों को हवाई आमागमन में सहूलियत होने के साथ ही आर्थिक विकास में मदद मिलेगी। इसके लिए 25 करोड़ रुपये प्रत्येक हवाई अड्डा के लिए दिया गया है। इस तरह सभी छह हवाई अड्डों के लिए 125 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
गवाही देने के लिए पुलिस कर्मियों को अब वेबसाइट से बुलाया जाएगा : डीजीपी
-गवाही के लिए ससमय कोर्ट में पेश नहीं होने वाले पुलिस कर्मियों का बंद कर दिया जाएगा वेतन
-सेवानिवृत और बीमार पुलिस कर्मियों को कोर्ट तक लाने के लिए वाहन व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगी पुलिस
पटना। संवाददाता। अब गवाह और गवाही के अभाव में स्पीडी ट्रायल के मामले लटकाए नहीं जा सकेंगे। बिहार पुलिस स्पीडी ट्रायल के लिए चयनित आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए फूलप्रूव सिस्टम तैयार कर रही है। इसमें गवाह चाहे निजी हो या फिर सरकारी, उन्हें हर हाल में गवाही के लिए कोर्ट में पेश होना पड़ेगा। किसी केस में पुलिस कर्मियों को गवाही देने के लिए एक खास वेबसाइट के माध्यम से समन जारी कर बुलाया जाएगा। इस मामले में पुलिस महानिदेशक विनय कुमार का कहना है कि गवाहों के ससमय कोर्ट में पेश न होने से स्पीडी ट्रायल के कई मामले लटक रह जाते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि पुलिस के भी कई अधिकारी और कर्मी मुकदमों की सुनवाई के दौरान गैर हाजिर हो जाते हैं, जिससे मुकदमें का ट्रायल प्रभावित होता है।
डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि अब ऐसा नहीं होगा। केस की सुनवाई के दौरान गवाही के लिए समय पर कोर्ट में पेश न होने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मियों का वेतन बंद कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आपराधिक मुकदमों में गवाह बनाए गए पुलिस अधिकारियों और कर्मियों के लिए बिहार पुलिस बहुत जल्द ही एक वेबसाइट लॉन्च करने जा रही है। जिसके माध्यम से पुलिस के वैसे अधिकारियों को कोर्ट में गवाही के लिए समन भेजा जाएगा, जिन्हें आपराधिक मुकदमों में गवाह बनाया गया है और उनका तबादला राज्य के किसी दूसरे जिले में हो चुका है। इतना ही नहीं, इस वेबसाइट के माध्यम से वैसे पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को भी समन भेजा जाएगा जो सेवानिवृत हो चुके हैं या बीमार हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे सरकारी गवाहों को गवाही के लिए कोर्ट तक लाना पुलिस की जिम्मेदारी है। उन्हें कोर्ट तक लाने के लिए वाहन की व्यवस्था खुद पुलिस करेगी। साथ ही, उनकी जरूरत के अनुसार अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।
डीजीपी ने कहा ने कहा कि त्वरित न्याय केवल पीड़ित पक्ष का ही मौलिक अधिकार नहीं है, बल्कि ऐसे मुकदमों में अभियुक्त बनाए गए लोगों का भी मौलिक अधिकार है। यदि ऐसे मुकदमों में अभियुक्त बनाए गए लोग बेगुनाह साबित होते हैं तो सुनवाई के बाद कोर्ट द्वारा उन्हें तत्काल बरी कर दिया जाएगा और यदि दोषी साबित होते हैं तो उन्हें उनके किये की सजा मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि कोर्ट में गवाही को लेकर हाल के दिनों में पुलिस ने अपनी सक्रियता दिखाई है। आपराधिक मामलों में गवाही के लिए कोर्ट में पेश होने वाले निजी गवाहों की संख्या में भी दोगुनी वृद्धि हुई है। विनय कुमार ने कहा कि आपराधिक मामलों की सुनवाई में होने वाली देरी से निजी गवाहों के मुकर जाने का भी खतरा बना रहता है।