मृतक बाइक से घूम-घूम कर साबुन-सर्फ की करता था बिक्री
चंद्रमंडी। संवाददाता। चंद्रमंडी थाना क्षेत्र के चकाई-देवघर मुख्य मार्ग पर बिशनपुर गांव के समीप बुधवार की दोपहर स्कॉर्पियो की ठोकर से मोपेड सवार एक व्यक्ति की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान लखीसराय जिले के रायपुरा गांव निवासी रामाशीष साहनी, 49 वर्ष के रूप में हुई है। घटना के बाद सूचना पाकर पहुंचे मृतक के पुत्र डब्लू कुमार ने मृतक की पहचान की। मृतक के इकलौता पुत्र डब्लू ने बताया कि पिता-पुत्र जसीडीह इलाके में रहकर सीमावर्ती एरिया में फेरी करके साबुन सर्फ बेचने का काम करते थे। मूलत: वे लोग लखीसराय जिले के रहने वाले हैं। इसी दौरान पिताजी सर्फ साबुन बेचने मोपेड से माधोपुर की ओर आ रहे थे, तभी पीछे से देवघर की ओर से आ रहे अज्ञात स्कार्पियो ने ठोकर मार दी और काफी दूर तक रगड़ते चल गया, जिससे घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना के बाद सूचना पाकर चंद्रमंडी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जमुई सदर अस्पताल भेज दिया है। मृतक की बाईक को जब्त कर लिया है। जबकि घटना के बाद स्कॉर्पियो चकाई की ओर भागने में सफल रहा। घटना के बाद मृतक के पुत्र डब्लू कुमार का रो-रो कर बुरा हाल था। अपर थाना अध्यक्ष लक्ष्मण प्रसाद सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम के बाद शव को मृतक के स्वजनों को सौंप दिया जाएगा।
अखंड रामधुनि यज्ञ को लेकर निकली भव्य कलश शोभा यात्रा
अलीगंज। संवाददाता। अलीगंज प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत कोदवरिया पंचायत के कोदवरिया गांव में भव्य कलश शोभा यात्रा निकाली गई। कोदवरिया गांव में गायत्री परिवार के वेदाचार्य सुरेश प्रसाद यादव ने वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ 24 घंटा अखंड रामधुनी यज्ञ को लेकर 351 कुमारी कन्याओं व महिलाओं ने अपने माथे पर कलश लेकर गांव से निकलकर अमृत सरोवर में जल भरी और पुन: यज्ञ स्थल पर पहुंचकर रामधुनि यज्ञ की शुरुआत हुई। कलश यात्रा में ढोल नगाडे़ और गाजे बाजे के साथ जय माता दी तथा भक्ति गीत संगीत से डीजे की धुन पर युवा व युवती तथा ग्रामीण महिलाएं व पुरूष थिरकते नजर आये। ग्रामीण शंभु यादव, शशिभूषण यादव, पैक्स अध्यक्ष मकेश्वर यादव, अवधेश यादव, किशोरी व्यास, पारो यादव, कैलाश यादव, जोगी यादव, पारो यादव आदि लोगों ने बताया कि ग्रामीणों के सहयोग से 24 घंटा अखंड रामधुनि यज्ञ की शुरुआत हुई और हरे कृष्ण हरे राम मधुर आवाज से पूरा इलाका गुंजायमान हो रहा है। बड़ी संख्या मंे लोग ढोलक व झाल के साथ यज्ञ स्थल पर पहुंच कर यज्ञ शाला की परिक्रमा कर हरे कृष्ण हरे राम जयकारे से गूंज रहा है। चहुंओर भक्तिमय माहौल बना हुआ है।
मुहर्रम को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित
चकाई। संवाददाता। बुधवार को चन्द्रमंडीह थाना परिसर में मुहर्रम पर्व को लेकर स्थानीय बुद्धिजीवियों, समाजसेवियों व जनप्रतिनिधियों के साथ शांति समिति की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता प्रभारी थानाध्यक्ष लक्ष्मण प्रसाद ने की। इस दौरान थाना प्रभारी थानाध्यक्ष ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि आगामी मुहर्रम पर्व शांतिपूर्ण व सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न करना है। उन्होंने कहा कि मुहर्रम जुलूस के दौरान डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध है। वहीं मुहर्रम पर्व को शांति व्यवस्था के साथ संपन्न कराना हम सब की जिम्मेवारी है। पुलिस आपलोगों के सहयोग के लिए हमेशा तत्पर है। मुहर्रम के दौरान यदि किसी असामाजिक तत्वों के द्वारा किसी प्रकार का भ्रामक फैलाया जाता है तो इसकी सूचना तुरंत थाना को दें। जुलूस के दौरान गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सब आपस में मिलकर भाईचारे के साथ पर्व मनाएं। कहा कि ताजिया को लेकर लाइसेंस लेना जरूरी है। बैठक में एसआई सन्नी कुमारी, चंद्रमल्लेश्वरी राय, श्याम सुंदर यादव, मो सरफुद्दीन, राजेंद्र यादव, भूदेव यादव, मो अब्बास अंसारी, विनोद राय, कामेश्वर राय, मो रियाज सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद थे।
सुपात्र छूटे नहीं, अपात्र जुटे नहीं : जिला निर्वाचन पदाधिकारी
मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान जारी
बिहार देश का प्रथम राज्य है, जहां पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा
जमुई। संवाददाता। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला कलेक्टर श्री नवीन ने समाहरणालय के सभा कक्ष में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण 2025 से संबंधित प्रेस ब्रीफिंग किया। श्री नवीन ने इस दरम्यान पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि बिहार में आगामी विधानसभा आम निर्वाचन 2025 की तैयारियों के मद्देनजर भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर निर्वाचक सूची विशेष गहन पुनरीक्षण 2025 का कार्य तीव्र गति से चल रहा है। यह प्रक्रिया 25 जून 2025 से प्रारंभ हुई है, जिसके अंतर्गत मतदान केन्द्र पदाधिकारी द्वारा घर-घर जाकर गणना प्रपत्र का वितरण किया जा रहा है। भारत निर्वाचन आयोग के नेतृत्व में बिहार देश का प्रथम ऐसा राज्य है, जहां पर मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इस प्रक्रिया के तहत मतदान केंन्द्र पदाधिकारियों को प्रशिक्षण देकर उन्हें घर-घर जाकर सत्यापन और गणना फॉर्म के वितरण संकलन की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मतदाताओं तक गणना प्रपत्र को सुलभता से उपलब्ध कराने के लिए तथा निर्वाचन मशीनरी को पूर्ण मनोयोग और मनोबल के साथ इस कार्य में समर्पित बनाए रखने के लिए सभी निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी और सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी स्वयं क्षेत्र भ्रमण कर रहे हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में सभी राजनीतिक दलों से सक्रिय भागीदारी की अपील की गई है। भारत निर्वाचन आयोग ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को सलाह दी है कि वे समय रहते प्रत्येक मतदान केन्द्र पर अपने बीएलए नियुक्त करें ताकि बाद में मतदाता सूची में त्रुटियों की शिकायत करने की आवश्यकता ही न पड़े। आयोग का स्पष्ट मत है कि सही समय पर सहभागिता से ही लोकतांत्रिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रह सकती है। यदि किसी मतदाता के माता या पिता में से कोई एक व्यक्ति 01.01.2003 तक मतदाता सूची में शामिल रहा है तो ऐसे व्यक्ति को इस विशेष गहन पुनरीक्षण 2025 के दौरान नामांकन के लिए उनसे संबंधित किसी भी दस्तावेज को प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी, चाहे उस व्यक्ति की जन्मतिथि कुछ भी हो। विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की नियमित गतिविधियों को देखने के लिए जिला के सोशल मीडिया हैंडल मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के फेसबुक, ट्विटर एवं इंस्टाग्राम हैंडल को फॉलो किया जा सकता है। इसके साथ ही भारत निर्वाचन आयोग के सोशल मीडिया हैंडल्स में भी सभी अपडेट प्रेषित किए जा रहे हैं। कार्य को गति देने को लेकर निर्देश दिया गया है कि स्थानीय स्तर पर आंगनबाड़ी सेविकाओं, विकास मित्रों, जीविका दीदियों, नेहरू युवा केंन्द्र आदि के स्वयंसेवकों की सहायता लें। नामित स्वयंसेवक न केवल मतदाताओं को फॉर्म भरने में सहायता करेंगे बल्कि मतदान केंन्द्र पदाधिकारियों को वितरण व संग्रहण कार्य में भी सहयोग प्रदान करेंगे। सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सशक्त बनाने में सक्रिय सहभागिता निभाएं। आग्रह है कि समय रहते अपना गणना प्रपत्र भरें, ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन माध्यम से सत्यापन सुनिश्चित करें एवं इस ऐतिहासिक पुनरीक्षण प्रक्रिया का हिस्सा बनें। किसी भी प्रकार की जानकारी अथवा सहायता के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क किया जा सकता है। डीआरओ ने विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि घर-घर सर्वेक्षण का कार्य 25 जून से 26 जुलाई तक किया जाएगा। मतदाता सूची के प्रारूप का प्रकाशन 01 अगस्त को निर्धारित है। वांछित जन दावा और आपत्ति 01 अगस्त से 01 सितम्बर तक कर सकेंगे। मतदाता सूची का अंतिम रूप से प्रकाशन 30 सितंबर को किया जाना है।
डीआरओ ने कहा कि इस विशेष पुनरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी सुपात्र नागरिकों का नाम निर्वाचक सूची में शामिल हों और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में न रहे। इसके माध्यम से निर्वाचक सूची को और ज्यादा त्रुटिरहित, पारदर्शी और विश्वशनीय बनाया जाएगा। बिहार में 2003 के बाद पहली बार व्यापक स्तर पर गहन पुनरीक्षण किया जा रहा है। श्री नवीन ने कहा कि बिहार में तेजी से जारी शहरीकरण, बढ़ता प्रवासन, युवा मतदाताओं की बढ़ती संख्या, मृतकों की जानकारी देरी से मिलना और अवैध विदेशी नागरिकों का नाम निर्वाचक सूची में दर्ज होना जैसी चुनौतियों के चलते यह मुहिम आवश्यक हो गया है। भारत निर्वाचन आयोग संविधान के अनुच्छेद 326 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 16 के प्रावधानों के अंतर्गत वोटरों की पात्रता तय करेगा। डीएम ने बताया कि 01 जुलाई 1987 से पूर्व जन्मे नागरिक अपने जन्म तिथि या स्थान से जुड़े कोई एक प्रमाण पत्र देंगे। 01 जुलाई 1987 से 02 दिसंबर 2004 के बीच अवतरित स्वयं या माता-पिता में से किसी एक के दस्तावेज यदि माता-पिता भारतीय नहीं हैं, तब उन्हें वैध पासपोर्ट और वीजा की प्रति भरे हुए फॉर्म के साथ देना होगा। किसी निर्वाचक का नाम अहर्ता तिथि 01 जनवरी 2003 के आधार पर निर्मित निर्वाचक सूची में अंकित है, तब वैसे निर्वाचक द्वारा भरे हुए इनयुमिरेशन फॉर्म के साथ निर्वाचक सूची की स्व. अभिप्रमाणित छाया प्रति संलग्न कर जमा किया जाना है। उन्होंने नागरिकों से जारी मुहिम को सफल बनाने का आग्रह किया।
जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी राम दुलार राम, उप निर्वाचन पदाधिकारी मो. नजरूल हक और जिला सूचना एवं जनसंपर्क अधिकारी भानू प्रकाश कथोपकथन के वक्त मौजूद थे।
गेनाडीह मोड़ से काली मंदिर तक वन वे में तब्दील सड़क
दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ी
- प्रशासन और बालू ठेकेदारों की लापरवाही से आम लोग परेशान
गिद्धौर। संवाददाता। गिद्धौर प्रखंड एवं थाना क्षेत्र अंतर्गत गेनाडीह मोड़ से लेकर काली मंदिर तक की मुख्य सड़क इन दिनों अवैध रूप से खड़े दर्जनों बालू लदे ट्रकों की वजह से वन वे में तब्दील हो चुकी है। सिंगल रूट होने के कारण दोनों ओर से आने वाली गाड़ियों को एक-दूसरे का सामना करना पड़ता है, जिससे रोजाना जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है। यही नहीं, इस हालात में कभी भी बड़ी सड़क दुर्घटना होने की आशंका बनी हुई है। इस इलाके में बालू डंपिंग की वजह से सड़क किनारे भारी संख्या में ट्रकों की कतार लगी रहती है, जिससे रास्ता संकरा हो गया है। खास बात यह है कि इस गंभीर समस्या पर ना तो प्रशासनिक अधिकारियों की नजर जा रही है और ना ही संबंधित बालू ठेकेदार कोई समाधान की पहल कर रहे हैं। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि इस मार्ग से रोजाना सैकड़ों लोगों का आना-जाना होता है, जिसमें स्कूल जाने वाले बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और मरीज तक शामिल हैं। लेकिन अव्यवस्थित ट्रक खड़े होने से सभी को जान जोखिम में डालकर गुजरना पड़ता है। ग्रामीणों में इस स्थिति को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि अविलंब सड़क से ट्रकों को हटवाया जाए, बालू डंपिंग की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए और इस मार्ग पर ट्रैफिक व्यवस्था को सुदृढ़ किया जाए ताकि आम जनता को राहत मिल सके। यदि जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो ग्रामीण आंदोलन करने को बाध्य हो जाएंगे।
ईंट और पत्थर से आकांक्षाओं को मिल रहा आकार
-पारंपरिक विरासत और आधुनिकता का अद्भुत संगम हैं ये भवन
-बापू टावर की वास्तुकला है आकर्षण का केंद्र
पटना। संवाददाता। बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक विकास की तस्वीर में भवन निर्माण विभाग एक स्तंभ के रूप में उभरकर सामने आया है। बीते वर्षों में इस विभाग ने कई ऐसे भवनों का निर्माण कराया है जो आधुनिक वास्तुकला और परंपरा का संगम है। विगत 20 वर्षों में आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर एक से बढ़कर एक आइकॉनिक भवनों का निर्माण कर रहा है। यह विभाग सिर्फ ईंट और पत्थर से इमारतें नहीं बना रहा, बल्कि वह बिहार की आकांक्षाओं को आकार दे रहा है। यह न केवल प्रशासनिक और सार्वजनिक उपयोग के भवनों का निर्माण करता है बल्कि राज्य की पहचान को भी नई ऊंचाइयां दे रहा है। बदलते समय और जरूरतों को देखते हुए भवन निर्माण विभाग ने तकनीकी दक्षता और नवाचार का उपयोग करते हुए कई भव्य और अत्याधुनिक भवनों का निर्माण कराया है।
सरदार पटेल भवन, जो अब पुलिस मुख्यालय और आपदा प्रबंधन विभाग का केन्द्र है, इसका प्रमुख उदाहरण है। अत्याधुनिक और भूकंपरोधी तकनीक से निर्मित यह भवन आपात स्थिति में संचालन केंद्र के रूप में कार्य करता है और बिना विद्युत आपूर्ति के 14 दिनों तक संचालन की क्षमता रखता है।
पटना समाहरणालय के पुराने जर्जर भवनों की जगह अब एकीकृत और व्यवस्थित नया समाहरणालय भवन तैयार किया गया है, जो राज्य की वास्तुकला का एक अद्भुत उदाहरण बन चुका है। इसमें 38 कार्यालय, जिला परिषद और अनुमंडल कार्यालय एक ही परिसर में सुचारू रूप से कार्य कर रहे हैं।
छात्रों के लिए भी भवन निर्माण विभाग ने बड़ी पहल की है। प्रतियोगिता परीक्षाओं के सफल संचालन के लिए शहर में 25,000 क्षमता वाला अत्याधुनिक बापू परीक्षा परिसर बनाया गया है। यहां एक साथ 5000 विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन परीक्षा की सुविधा भी मौजूद है।
सबसे आकर्षक निर्माण में शामिल है बापू टावर, जिसकी वास्तुकला अपने आप में अद्वितीय है। शंकु आकार में निर्मित इस भवन के बाहरी हिस्से में लगाया गया तांबे का विशेष आवरण इसे राष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट बनाता है। इसकी पर्यावरण-अनुकूल संरचना इसे वास्तुकला प्रेमियों और पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र बना रही है।
दो माह में ही बिहार आर्टिस्ट रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर आए हजारों आवेदन
पटना। संवाददाता। बिहार में कलाकारों को सशक्त बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक अहम पहल करते हुए बिहार आर्टिस्ट रजिस्ट्रेशन पोर्टल की शुरुआत की है। पोर्टल को लॉन्च हुए अभी ढाई महीने ही हुए हैं, लेकिन इतने कम समय में ही यह कलाकारों के बीच अत्यंत लोकप्रिय हो गया है। राज्य भर से अब तक कुल 1368 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें से 65 आवेदनों को तकनीकी त्रुटियों के कारण अस्वीकार कर दिया गया है।
पंजीकरण के मामले में मधुबनी जिला सबसे आगे है, जहां से 225 कलाकारों ने आवेदन किया है। सहरसा जिला 166 आवेदनों के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि राजधानी पटना से 41 कलाकारों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। यह पहल राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और कलाकारों को सशक्त मंच उपलब्ध कराने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है।
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना शुरू की है। इस योजना के तहत 50 वर्ष से अधिक आयु के उन कलाकारों को पेंशन दिया जाएगा, जिनकी सालाना आय 1.20 लाख रुपये से कम है। इस योजना का लाभ लेने के लिए कलाकारों का बिहार आर्टिस्ट रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। साथ ही उन्हें अपनी कला विधा में प्राप्त अनुभव का प्रमाण भी प्रस्तुत करना होगा। यह पहल न केवल कलाकारों को पहचान दिलाने का माध्यम है, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक विरासत को भी नई ऊर्जा प्रदान करने वाला कदम है।
लंबी कतारों में लगकर नहीं करें समय बर्बाद, नीतीश सरकार में घर बैठे ऑनलाइन बन रहा राशन कार्ड
राज्य में राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया हुई आसान
पटना। संवाददाता। बिहार में नीतीश सरकार ने आम लोगों के जीवन को आसान बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। पहले की सरकार में जहां जरूरी दस्तावेज बनवाने के लिए घंटों कतार में खड़े रहने की मजबूरी थी। वहीं अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में जरूरी दस्तावेज घर बैठे ऑनलाइन ही बनवाए जा रहे हैं। आवासीय, आय, चरित्र और जाति सहित अन्य जरूरी दस्तावेजों के अलावे अब आप घर बैठे ऑनलाइन राशन कार्ड बनवा सकते हैं। यह सुविधा न केवल समय की बचत करेगी बल्कि लोगों को दफ्तरों के चक्कर और लंबी कतारों से भी मुक्ति दिलाएगी। अब योग्य लाभार्थी अब घर बैठे आसानी से अपना राशनकार्ड बनवा सकते हैं।
सरकार ने नया राशन कार्ड बनवाने के लिए आवेदन की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी बनाया है। इसके आवेदन के लिए वेबसाइट पर जाना होगा। वहां न्यू यूजर साइन अप फॉर मेरी पहचान पर क्लिक कर रजिस्ट्रेशन करना होगा। यहां परिवार के किसी सदस्य के नाम से फॉर्म भरने के बाद मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के जरिए रजिस्ट्रेशन पूरा होगा। इसके बाद नई आईडी और पासवर्ड से लॉगिन कर आवेदन पत्र भरा जा सकता है।
वन नेशन वन राशन कार्ड’ के तहत राशन कार्ड धारक बिहार में या राज्य के बाहर किसी भी राशन की दुकान से खाद्यान्न प्राप्त कर सकते हैं। अब तक बिहार के 89 लाख से ज्यादा राशन कार्ड धारकों ने वन नेशन वन राशन कार्ड योजना का लाभ उठाया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत आने वाले सभी पात्र लाभार्थी ‘वन नेशन वन राशन कार्ड’ के तहत पोर्टेबिलिटी के माध्यम से राज्य के अंदर किसी भी जन वितरण प्रणाली की दुकान से या राज्य के बाहर किसी भी जन वितरण प्रणाली की दुकान से इसका लाभ ले सकते हैं।
ऑनलाइन राशन कार्ड बनवाने के लिए आवेदन प्रक्रिया में परिवार के सदस्यों की जानकारी दर्ज कर आवश्यक दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, बैंक पासबुक, निवास प्रमाण पत्र, परिवार का फोटो, आवेदक के हस्ताक्षर का फोटो तथा यदि शर्तें लागू हो तो दिव्यांगता, आय या जाति प्रमाण पत्र की स्वहस्ताक्षरित फोटोकॉपी अपलोड करनी होगी। आवेदन जमा करने के बाद रेफरेंस नंबर मोबाइल पर एसएमएस के जरिए प्राप्त होगा, जिससे आवेदन की स्थिति को ट्रैक किया जा सकेगा।
ऑनलाइन राशन कार्ड बनवाने की सुविधा आम लोगों के समय और संसाधनों की बचत करेगी, साथ ही राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाएगी। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने सभी पात्र लोगों से इस सुविधा का लाभ उठाने की अपील की है।