सोनो। संवाददाता। वज्रपात की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। मृतक सोनो प्रखंड क्षेत्र के केशोफरका पंचायत अंतर्गत बोगैया गांव निवासी बोढ़न यादव का 50 वर्षीय पुत्र लक्ष्मण यादव के रूप में हुई है। बताया गया कि लक्ष्मण यादव रविवार की देर शाम बहियार में मवेशी चराने जा रहा था, तभी अचानक तिलकपुर गांव के समीप स्थित बहियार में पहुंचते ही तेज गरज के साथ ठनका गिरा, जिसकी चपेट आने से उसकी मौत हो गई। घटना की सुचना पाकर मौके पर अपने जवानों के साथ पहुंची चरका पत्थल थाना अध्यक्ष विशाल कुमार सिंह ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्ट मार्टम के लिए जमुई सदर भेज दिया।
मृतक अपने पीछे 18 वर्षीय पुत्र रंजन कुमार एवं तीन पुत्री सहित भरा पुरा परिवार छोड़कर इस दुनिया से सदा के लिए विदा हो गए। इधर परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। परिजनों के विलाप को सुन अन्य लोगों की आंखों में आंसू छलक पड़े।
बताया गया कि लक्ष्मण यादव अपने घर का एकमात्र कमाउ व्यक्ति था जिसकी मौत से बाल बच्चों के मुंह का निवाला छीन गया।
सावन की पहली सोमवार पर नि:शुल्क कांवरिया सेवा शिविर आयोजित
तीन हजार से अधिक श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराई गई सेवा
सिकन्दरा। संवाददाता। सावन के पावन अवसर पर साईिकल यात्रा एक विचार, जमुई, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एवं भारतीय कला महाविद्यालय के सदस्यों के संयुक्त प्रयास से जमुई जिले के सिकन्दरा प्रखंड अंतर्गत महादेव सिमरिया स्थित धनेश्वर धाम में नि:शुल्क कांवरिया सेवा शिविर का आयोजन किया गया। वहीं आयोजकों ने बताया कि सावन की प्रत्येक सोमवार को जमुई सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु पैदल चलकर महादेव सिमरिया पहुंचते हैं। इन श्रद्धालुओं को पेयजल और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराने की पहल साईिकल यात्रा एक विचार, जमुई द्वारा पिछले सात वर्षों से लगातार की जा रही है।
इस बार पहली सोमवार को लगभग 3,000 श्रद्धालुओं की सेवा शिविर के माध्यम से की गई। शिविर में ठंडा पानी, नींबू पानी और शरबत की नि:शुल्क व्यवस्था की गई थी, जिससे कांवरियों को राहत मिली।
शिविर का उद्घाटन भारतीय कला महाविद्यालय के निदेशक टिंकु पासवान एवं बिकु कुमार ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि युवाओं द्वारा की जा रही सेवा न सिर्फ सराहनीय है, बल्कि यह प्रशासन व समाज के लिए भी प्रेरणादायक है। सावन सेवा, आस्था और पुण्य का प्रतीक है और इसमें भागीदारी से मनुष्य को आत्मिक संतोष की अनुभूति होती है।”
शिक्षाविदों ने डीईओ से किया शिष्टाचार मुलाकात
जमुई। संवाददाता। पत्रकार डॉ. निरंजन कुमार की अगुआई में जमुई के शिक्षाविदों ने शिक्षा भवन में नव पदस्थ जिला शिक्षा पदाधिकारी से शिष्टाचार मुलाकात कर भगवान महावीर की पावन धरा पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। साथ ही, उनके स्वर्णिम कार्यकाल की शुभकामनाएं अर्पित की। जिला शिक्षा पदाधिकारी दया शंकर ने मुलाकात के क्रम में शिष्टमंडल को आश्वस्त करते हुए कहा कि जमुई जिला में शिक्षा से जुड़े हर उचित कार्य को पूरी तत्परता से किया जाएगा। इसके लिए किसी भी लोगों को अनावश्यक परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। शिक्षाविदों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी के सकारात्मक सोच के लिए उनका धन्यवाद ज्ञापित किया तथा जिले में शैक्षणिक वातावरण में सुधार सहित अन्य सभी कार्यों में उनका हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल के निदेशक डॉ. मनोज कुमार सिन्हा, मणिद्वीप एकेडमी के निदेशक डॉ. बी. अभिषेक समेत कई नामी-गिरामी लोगों ने भी नव पदस्थ डीईओ का जमुई की धरती पर स्वागत किया और उनके सफल कार्यकाल की कामना की।
नाग पंचमी को लेकर बाजारों में खरीदारों की उमड़ी भीड़
आम व कटहल की रही जबरदस्त मांग
अलीगंज। संवाददाता। सावन के प्रथम पक्ष की पंचमी तिथि पर आज नाग पंचमी का पर्व पूरे अलीगंज प्रखंड क्षेत्र में श्रद्धा और परंपरा के साथ मनाया जा रहा है। पर्व को लेकर सोमवार को अलीगंज बाजार सहित चंद्रदीप, आढ़ा, सोनौत, भंवराडीह आदि ग्रामीण बाजारों में खरीदारों की जबरदस्त भीड़ देखी गई। मुख्य रूप से आम और कटहल की खरीदारी को लेकर महिलाओं में खासा उत्साह रहा।
बताया जाता है कि नाग पंचमी के मौके पर क्षेत्र के हर घर में आम और कटहल के साथ पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं। इसी को लेकर बीते कई दिनों से बाजार में फल विक्रेताओं द्वारा तैयारियां की जा रही थी। अलीगंज बाजार, जो कि करीब 65 गांवों का केंद्रीय बाजार माना जाता है, वहां दुकानदारों ने जगह-जगह कटहल के ढेर लगाकर बिक्री की।
महिलाओं ने की नाग देवता की पूजा, मांगी वर्षा की कामना
नाग पंचमी के दिन सुबह से ही महिलाएं पारंपरिक पोशाक में नहा-धोकर नाग देवता की पूजा-अर्चना में जुट जाती है। मान्यता है कि धान रोपनी के दौरान खेतों में काम कर रहे पुरुषों की सुरक्षा के लिए महिलाएं नाग देवता से प्रार्थना करती है कि वे किसी प्रकार की हानि न पहुंचाएं। पूजन के बाद नाग देवता को धान का लावा और दूध का भोग अर्पित किया जाता है। बाद में लावे को घर के चारों ओर बिखेर दिया जाता है ताकि नाग देवता घर में प्रवेश न करें और किसी को नुकसान न पहुंचे।
ग्रामीण जनों की मान्यता है कि धान रोपनी नाग पंचमी के बाद ही आरंभ की जाती है। हालांकि, इस वर्ष लगातार तीन वर्षों से बारिश नहीं होने के कारण क्षेत्र में सूखे जैसी स्थिति है और किसान मायूस नजर आ रहे हैं।
इस बार नाग पंचमी के दिन श्रद्धालु महिलाओं ने विशेष पूजा कर अच्छी वर्षा की कामना की है ताकि खेतों में धान की रोपनी संभव हो सके और अन्न संकट की स्थिति से बचा जा सके।
बाइक पर शराब ले जा रहे दो तस्कर गिरफ्तार
चंद्रमंडी। संवाददाता। चंद्रमंडी पुलिस ने बाइक पर शराब लेकर जा रहे दो तस्कर को गुप्त सूचना के आधार पर गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही, शराब भी जब्त कर लिया है चंद्रमंडी थाना अध्यक्ष गजेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली कि देवघर की ओर से बाइक पर बोरी में शराब लेकर कुछ लोग चंद्रमंडी की ओर आ रहे हैं जिसके बाद पुलिस टीम ने दवा मोड़ पर सघन वाहन जांच अभियान प्रारंभ किया। इसी दौरान उधर से आ रहे एक बाइक सवार को रुकने का इशारा किया तो बाइक सवार दहवा गांव की ओर जाने वाले सड़क में भागने लगा तथा अनियंत्रित होकर कीचड़ में फिसल कर गिर गया, जिससे बाइक सवारों को हल्की चोट भी लगी है। पुलिस ने दोनों बाइक सवार को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो गिरफ्तार युवकों ने अपना नाम मंटू मुर्मू, पिता कमल किशोर मुर्मू, ग्राम बेला लक्ष्मीपुर जमुई एवं अर्जुन मुर्मू, पिता शिवनाथ मुर्मू गोढोबा खड़गपुर मुंगेर बताया। पुलिस ने उसके पास से बोरी की जांच की तो विभिन्न अंग्रेजी कंपनी का 29 बोतल शराब बरामद किया, जिसकी मात्रा 21 लीटर 750 मिलीलीटर पाई गई। पुलिस ने इस मामले में शराब को जब्त करते हुए दोनों को जमुई जेल भेज दिया। इस अभियान में पुलिस अवर निरीक्षक दीपक कुमार एवं अन्य पुलिस के जवान और पदाधिकारी शामिल थे।
तीन शराबी गिरफ्तार
चंद्रमंडी पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर तीन पियक्कड़ को गिरफ्तार कर थाना लाया और जांच कर जमुई न्यायिक हिरासत में भेज दिया। थाना अध्यक्ष गजेंद्र कुमार ने बताया कि गोपी साह, बह्मदेव साह गोला चकाई एवं रोहित साह चकाई बाजार तीनों युवक झारखंड से शराब पीकर हो हंगामा करते हुए आ बाइक से आ रहा था, जिसे गिरफ्तार कर ब्रेथ एनालाइजर्स मशीन से जांच के बाद शराब पीने की पुष्टि होने पर जेल भेज दिया गया।
सिकंदरा में लगातार जारी है राजद जनसंपर्क अभियान
तेजस्वी यादव की घोषणाओं को लेकर गांव-गांव पहुंच रहा है संदेश
सिकंदरा। संवाददाता। सिकंदरा प्रखंड के भुल्लो पंचायत अंतर्गत विभिन्न गांवों में लगातार हर रविवार को हर पंचायत, हर बूथ, हर गांव अभियान के तहत जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। बारिश के मौसम में भी पार्टी कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर मतदाताओं से संवाद कर रहे हैं और राजद नेता एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की घोषणाओं को जनता तक पहुंचा रहे हैं। कार्यकर्ताओं ने गांवों में घर-घर जाकर माताओं, बहनों, युवाओं और किसानों को तेजस्वी यादव की बिहार बचाओ, भविष्य बनाओ सोच से अवगत कराया। साथ ही, लोगों से इंडिया गठबंधन को समर्थन देने और सिकंदरा विधानसभा से राजद के चुनाव चिन्ह लालटेन को जिताने की अपील की गई।
हर महिला को माई-बहिन मान योजना के तहत 2500 मासिक सहायता दी जाएगी। 200 यूनिट तक बिजली बिल माफ किया जाएगा। डोमिसाइल नीति लागू कर स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार कर पारदर्शिता लाई जाएगी।
कांवरिया मार्ग पर नि:शुल्क डाक बम सेवा शिविर शुरू
चंद्रमंडी। संवाददाता। विश्व प्रसिद्ध श्रावणी मेला प्रारंभ हो गया है। इसी क्रम में चकाई नि:शुल्क डाक बम सेवा शिविर भी कांवरिया पथ पर अबरखा में लगाया गया है। सोमवार दोपहर को इसका शुभारंभ किया गया। शिविर आयोजन समिति के प्रमुख सुमन केसरी, पिंटू सिन्हा, मंटू सिन्हा, धर्मवीर आनंद, गोलू सिंहा, पवन बरनवाल ने बताया कि एक महीने तक प्रत्येक सोमवार को चकाई नि:शुल्क डाक बम सेवा शिविर द्वारा डाक कांवरियों की सेवा की जाएगी। शिविर में नि:शुल्क पानी, चाय, नींबू पानी, फल, दवाई मालिश, गर्म पानी, सूखा फल सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध है। यहां दिन-रात शिविर से जुड़े सदस्यों द्वारा कांवरियों की सेवा की जा रही है। शिविर में कांवरियों के मनोरंजन के लिए भक्ति गीतों का भी आयोजन किया गया है। शिविर समिति के सदस्य पवन बरनवाल, अभय तिवारी, सुरो राय, संजय राय, प्रमोद पांडे, अजय राय, प्रवीण राय, समर राय, हेमंत कुमार सहित दर्जनों सदस्य दिन रात कांवरियों की सेवा में जुटे हुए हैं।
सीबीएसई से अशोका पब्लिक स्कूल को मिली मान्यता
जमुई। संवाददाता। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से अशोका पब्लिक स्कूल जमुई को निर्धारित शर्तों को पूरा करने और जरूरी जांच के बाद 10 प्लस 2 तक की मान्यता दे दी है। नामित विद्यालय को संबद्धता मिलने के बाद पाठशाला परिवार गौरवांवित है।
चेयरमैन अशोक कुमार सिंह ने स्कूल को संबद्धता मिलने की जानकारी देते हुए कहा कि अब अशोका पब्लिक स्कूल सीबीएसई मान्यता प्राप्त विद्यालय के रूप में जाना जाने लगा है। इस स्कूल का नंबर 67116 है जबकि इसकी संबद्धता संख्या 331283 होगी। उन्होंने कहा कि यहां योग्य और प्रशिक्षित शिक्षक के साथ लायक कर्मचारी अपनी सेवा दे रहे हैं। बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम और शिक्षण सामग्री का विद्यालय में उपयोग किया जा रहा है। उधर प्राचार्य डॉ.अर्नब मुखर्जी ने सीबीएसई से अशोका पब्लिक स्कूल को 10+2 तक की संबद्धता मिलने पर खुशी का इजहार करते हुए कहा कि अल्प समय में विद्यालय ने बोर्ड से मान्यता हासिल किया है जो अपनी उपमा आप है।
एकदिवसीय पशु चिकित्सा शिविर का सफल आयोजन
चंद्रमंडी। संवाददाता। प्रखंड के माधोपुर में एकदिवसीय पशु चिकित्सा शिविर का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। यह शिविर जेके ट्रस्ट जेएम फाइनेंसियल फाउंडेशन की ओर से अपने सामाजिक सेवा उत्तरदायित्व के तहत ग्रामीण विकास कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य ग्रामीण पशुपालकों को उनके पशुओं की स्वास्थ्य समस्याओं का समाधान और नि:शुल्क दवाईयों की सुविधा प्रदान करना था। शिविर में ट्रस्ट के प्रबंधक प्रदीप वर्मा और डा दिवेश के मार्गदर्शन में गांव के सभी पशुओं का स्वास्थ्य जांच कर दवा दी गई। इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में जेके ट्रस्ट के सीइओ रामभटनागर भी उपस्थित रहे। उन्होंने भी पशुपालकों को कई महत्वपूर्ण जानकारी दी। साथ ही, शिविर का गहन निरीक्षण किया। शिविर के दौरान पशु चिकित्सक डा पंकज तिवारी, आरडीओ रुपेशकान्त राठौर, हरेराम जी, गोपाल, प्रवीण कुमार की टीम ने मिलकर 40 पशुपालकों का कुल-410 पशुओं का उपचार किया। डा पंकज तिवारी ने पशुओं के स्वास्थ्य प्रबंधन और देखभाल के लिए उपयोगी सुझाव भी दिए, जिससे पशुपालकों को भविष्य में पशुओं की बेहतर देखभाल करने में मदद मिलेगी। यह शिविर ग्रामीण क्षेत्र में पशुधन स्वास्थ्य सेवाओं की अत्यधिक आवश्यकता को पूरा करता है।
डीएम ने किया सदर प्रखंड कार्यालय का औचक निरीक्षण, दिए निर्देश
जनता के हितकारी कार्यों को पारदर्शी ढंग से करें निस्तारित : जिलाधिकारी
जमुई। संवाददाता। जिला कलेक्टर श्री नवीन ने जमुई सदर प्रखंड कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। डीएम ने इस दरम्यान बाल विकास परियोजना कार्यालय, आपूर्ति कार्यालय समेत अन्य महत्वपूर्ण कार्यालयों का भ्रमण किया और वहां मौजूद संचिका के साथ व्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने उपस्थिति पंजी का भी अवलोकन किया। श्री नवीन ने मनरेगा, इंदिरा आवास आदि गतिमान विकास योजनाओं की समीक्षा की और कई बिंदुओं पर आपत्ति जताते हुए वांछित सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने प्राप्त शिकायतों को भी खंगाला और इनके निस्तारण की जानकारी ली। डीएम ने कार्यालय परिसर समेत आस-पास के क्षेत्रों की साफ-सफाई और सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान देने पर जोर दिया। डीएम ने दाखिल-खारिज, परिमार्जन जैसे लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए लक्ष्य निर्धारित करने और विधि सम्मत कार्रवाई किए जाने का निर्देश देते हुए कहा कि जनता के हितकारी कार्यों को पारदर्शी ढंग से निस्तारित करें।
सीडीपीओ को आंगनबाड़ी केंद्रों का नियमित संचालन और निरीक्षण करने का निर्देश दिया। डीएम ने जनता से जुड़ी सेवाओं जैसे प्रमाण पत्र जारी करना, आधार अपडेट, पेंशन योजनाओं आदि का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिए जाने की बात कही ताकि नागरिकों को अनावश्यक देरी का सामना करना नहीं पड़े। बीडीओ अभिनव मिश्रा, सीडीपीओ आभा कुमारी आदि संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर उपस्थित थे।
उधर डीएम ने समाहरणालय स्थित पुराने गोदाम और भवन का अवलोकन किया। उन्होंने जरूरत के मुताबिक भवनों का जीर्णोद्धार किए जाने का संकेत देते हुए कहा कि यहां साफ सफाई को प्राथमिकता देना है।
पुलिस ने बाइक सहित बड़ी मात्रा में विदेशी शराब की खेप की बरामद
बाइक से मिली 65 बोतल विदेशी शराब, तस्कर अंधेरे का उठाया फायदा
सोनो। संवाददाता। चरकापत्थल थाना की पुलिस को रविवार की देर शाम एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने एक सफेद रंग की अपाची बाइक से 65 बोतल विदेशी शराब बरामद की है। बरामद शराब की कुल मात्रा लगभग 25 लीटर बताई जा रही है।
थाना अध्यक्ष विशाल कुमार सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि एक संदिग्ध व्यक्ति काले बैग में शराब भरकर बाइक से असरखो जंगल की ओर आ रहा था। संदेह होने पर जब पुलिस ने बाइक को रोकने की कोशिश की, तो अंधेरे का लाभ उठाकर चालक मौके से फरार हो गया। बाइक की तलाशी लेने पर उसमें अलग-अलग ब्रांड की 375 एमएल की कुल 65 बोतल विदेशी शराब पाई गई। पुलिस ने बाइक और शराब को जब्त कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। थाना अध्यक्ष ने कहा कि शराब तस्करों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और जल्द ही फरार अभियुक्त की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जाएगा।
लोकगायिका डॉ. नीतू कुमारी नवगीत ने दी भोलेनाथ और माता पार्वती पर आधारित भक्ति गीतों की शानदार प्रस्तुति
बाबा गरीबनाथ की भूमि पर सामयिक परिवेश के कलाकारों ने कांवरियों को झुमाया
पटना। संवाददाता। मुजफ्फरपुर शहर के राम दयालु सिंह महाविद्यालय में पर्यटन विभाग, बिहार सरकार की ओर से टेंट सिटी लगाया गया है। बाबा गरीबनाथ की पावन धरती पर श्रावणी मेला-2025 में कला संस्कृति एवं युवा विभाग के तत्वावधान में सामयिक परिवेश की विशेष प्रस्तुति ने समां बांध दिया। शिव भजनों की भावपूर्ण प्रस्तुति से श्रद्धालु कांवरिया झूमने लगे। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना ‘आहो गणनायक देवता, सुमिरन में होई न सहाय…’ से हुई। तत्पश्चात शिव भजनों की प्रस्तुति शुरू हुई और भोलेनाथ और माता पार्वती पर आधारित एक से बढ़कर एक भक्ति गीतों की प्रस्तुति लोकगायिका डॉ. नीतू कुमारी नवगीत ने दी। भक्ति जगाके मन में पेंह ल केसरिया चल हो सखियां, बाबा गरीबनाथ के नगरिया चल हो सखियां…। भोले नाथ के नचारी गीत ‘का ले के शिव के मनाइब हो, शिव मानत नाही…’ को भक्तों ने बेहद पसंद किया। नीतू नवगीत ने माता पार्वती पर आधारित भी गीत भी गाये। छोटी सी मेरी पार्वती शंकर जी की पूजा करती थीं…। गौरा करीके सिंगार अंगना में पीसेली हरदिया…। बाबा बैजनाथ हम आयल छी भिखरिया, भोला के देखेल बेकल भईले जियारा…, डिम डिम डमरू बजाबे ला हमार जोगिया…, खोली नाहीं मातल हो नयनवां शिव शंकर दानी…, कोहबर गीत एवं अन्य गीतों को दर्शकों ने बहुत पसंद किया।
सामयिक परिवेश की ओर से सविता राज ने भी भजनों और गजलों की अपनी शानदार प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोहा । डॉ. नीतू कुमारी नवगीत ने दर्शकों की फरमाइश पर संस्था की अध्यक्षा एवं वरिष्ठ साहित्यकार श्रीमती ममता मेहरोत्रा के गजलों का भी पाठ किया। वादक कलाकारों ने भी बखूबी संगत दिया। ढोलक पर धनंजय कुमार, पैड पर प्रिंस कुमार और कीबोर्ड पर मनीष कुमार ने गायिका नीतू नवगीत एवं सविता राज का साथ दिया।
लोक शिकायत निवारण की मदद से जवान बेटे को खो चुके पिता को मिला न्याय
-5 जून 2016 से बिहार में लागू इस अधिनियम से अब तक 17 लाख से अधिक को मिल चुका न्याय
-इस अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त लोक शिकायतों का 60 कार्यदिवसों के अंदर होता है निवारण
पटना। संवाददाता। लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के माध्यम से बिहार में हर दिन अनेकों जन-समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। बिहार में गवर्नेंस एवं प्रशासनिक सुधार के क्षेत्र में न्याय के साथ विकास के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विजन को यह अधिनियम साकार कर रहा है। यह अधिनयम 5 जून 2016 को राज्य में लागू किया गया था। अब तक इसके जरिए 17 लाख लोगों को न्याय मिल चुका है।
इस अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त लोक शिकायतों का नियत समय 60 कार्यदिवस में लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के माध्यम से निपटारा होता है। ऐसा ही एक मामला पटना के अनीसाबाद में रहने वाले कामेश्वर प्रसाद आर्य का है। बीमा कंपनी से निराश होने के बाद इस अधिनियम का उन्होंने सहारा लिया और इसके बाद उन्हें न्याय मिला। उनकी कहानी एक बीमा भुगतान की नहीं, बल्कि शासन की संवेदनशीलता, जनकल्याण के प्रति प्रतिबद्धता और एक पिता के संघर्ष की असाधारण विजय की कहानी है।
कामेश्वर प्रसाद आर्य ने अपने दिवंगत पुत्र प्रभात शंकर को खोने के बाद न केवल अपार दुख सहा, बल्कि न्याय के लिए लंबा और धैर्यपूर्ण संघर्ष भी किया। प्रभात शंकर, बख्तियारपुर प्रखंड में पंचायत रोजगार सेवक के पद पर कार्यरत थे और 14 अगस्त 2023 को ड्यूटी पर जाते समय एक दुर्भाग्यपूर्ण रेल दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई।
दुख की इस घड़ी में, परिवार को एकमात्र सहारा बीमा ही था। कर्माचारियों को इस तरह की सुविधा देने का प्रावधान बिहार रूरल डेवलपमेंट सोसायटी (बीआरडीएस) और एचडीएफसी बैंक के बीच हुए समझौते में किया गया था। कामेश्वर प्रसाद ने समय पर बीमा दावा प्रस्तुत किया, लेकिन महीनों तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
इस मामले को जब विभागीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया, तब सुनवाई शुरू हुई और बीआरडीएस से इस मामले की रिपोर्ट मांगी गई। अपनी रिपोर्ट में बीआरडीएस ने बैंक को बीमा भुगतान के लिए अनुरोध पत्र भेजा। जब यह मामला ग्रामीण विकास विभाग के संज्ञान में लाया गया, तब आयुक्त मनरेगा ने इसे गंभीरता से लेते हुए बीआरडीएस और एचडीएफसी बैंक के शीर्ष अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वर्गीय प्रभात शंकर के आश्रितों को शीघ्र लाभ पहुंचाया जाए।
लोक शिकायत निवारण में सुनवाई के परिणामस्वरूप, अंत में एचडीएफसी बैंक की तरफ से प्रभात शंकर के आश्रितों के बैंक खाते में 10 लाख रूपये की बीमा राशि का भुगतान कर दिया गया। यह न केवल कामेश्वर प्रसाद के लिए आर्थिक राहत थी, बल्कि यह एक उदाहरण भी बन गया कि शिकायत निवारण प्रणाली समय पर हस्तक्षेप करें तो आम नागरिक के शिकायत का निवारण शीघ्रता से संभव है। लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के सशक्त प्रावधानों के प्रभावकारी क्रियान्वयन से कामेश्वर प्रसाद आर्य को अंत में न्याय मिल पाया।
बिहार में स्टार्ट-अप को अनोखा मंच देगा बिहार आइडिया फेस्टिवल
- उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा ने किया इससे जुड़े पोर्टल का उद्घाटन
- बिहार आइडिया फेस्टिवल पोर्टल लांच, 10 हजार नए विचारों की होगी तलाश
पटना। संवाददाता। राज्य के उद्योग मंत्री नीतीश मिश्रा ने सोमवार को बिहार आइडिया फेस्टिवल के नए पोर्टल का शुभारम्भ किया। इस ऑनलाइन मंच पर सूबे के छात्र, युवा, उद्यमी और स्टार्ट-अप टीमें अपने नवाचारी विचार अपलोड कर सकेंगे और सरकार की मदद सीधे पा सकेंगे। सूचना भवन के सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री ने कहा कि हर बिहारी में एक आइडिया छिपा है, जरूरत है बस इसे पहचान और दिशा देने की। इसी दिशा में यह पोर्टल मील का पत्थर साबित होगा।
सरकार का लक्ष्य कम से कम 10 हजार आइडिया इस पोर्टल पर जमा हो। विशेषज्ञ टीम इन प्रस्तावों की जांच करेगी और चुने हुए विचारों को बाजार और निवेशक से जोड़ेगी। पोर्टल मोबाइल फ्रेंडली भी है। इसलिए गांव-कस्बों के युवा भी आसानी से पंजीकरण कर सकेंगे। मंत्री के मुताबिक, इस महोत्सव की शुरुआत 24 जुलाई से जिला स्तरीय कार्यशाला के साथ होगी और अगस्त के अंतिम सप्ताह में पटना में दो-दिवसीय मेगा इवेंट के साथ समापन होगा।
उद्योग मंत्री ने कहा कि भारत में लगभग 1.5 लाख स्टार्ट-अप पंजीकृत हैं और बिहार तीसरे पायदान पर है। पिछले एक वर्ष में बिहार के एक हजार नए स्टार्ट-अप्स का चयन किया है। 10 अगस्त तक आइडिया आमंत्रित किए जाएंगे और अगस्त के अंत में विजेताओं की घोषणा होगी।
चयनित स्टार्ट-अप को स्टार्ट-अप बिहार नीति के तहत 10 लाख रुपये तक की फंडिंग दी जाएगी। ट्रॉफी सलाहकार सेवाएं और राज्य-स्तरीय पहचान दी जाएगी। उन्होंने कहा कि स्टार्ट-अप दीदी बनकर जीविका की तरह हजारों महिलाएं भी उद्यमिता के पथ पर आगे बढ़ेंगी।
उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव मिहिर कुमार सिंह ने बताया कि यह पहल शहरी केंद्रित स्टार्ट-अप संस्कृति को तोड़ते हुए ग्रामीण समुदायों, कारीगरों, किसानों और वंचित वर्गों तक पहुंचेगी। इस कार्यक्रम में निदेशक (उद्योग) मुकुल गुप्ता, निदेशक (हथकरघा एवं रेशम) निखिल धनराज निप्पणिकर, राज्य-भर के इनक्यूबेशन केंद्रों के प्रतिनिधि और स्टार्ट-अप बनाने वाले उपस्थित रहे।
36,372 किमी से अधिक ग्रामीण सड़कों का हुआ कायाकल्प, पूर्वी चंपारण में सर्वाधिक
बिहार ग्रामीण पथ अनुरक्षण नीति 2018 की बदौलत ग्रामीण सड़कों की बदली तस्वीर
पटना। संवाददाता। राज्य में ग्रामीण सड़कों की तस्वीर लगातार बदल रही है। बिहार ग्रामीण पथ अनुरक्षण नीति 2018 के लागू होने के बाद ग्रामीण सड़कों की मरम्मति का काम पूरे राज्य में तेज गति से हो रहा है। अब तक ग्रामीण कार्य विभाग ने 40 हजार 250 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत और अनुरक्षण की प्रशासनिक स्वीकृति दी है, जिसमें से 36 हजार 372 किलोमीटर से अधिक सड़कों का अनुरक्षण किया जा चुका है। इस योजना के तहत अब तक 16 हजार 166 ग्रामीण सड़कों को दुरुस्त करने की मंजूरी दी गई है, जिनकी कुल लंबाई 40 हजार 250 किलोमीटर से अधिक है। इसपर 18,963 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जा रहे हैं। इनमें से 15 हजार 342 सड़कों की प्रारंभिक मरम्मत पूरी हो चुकी है, जिनकी कुल लंबाई 36 हजार 855 किलोमीटर से अधिक है।
बिहार ग्रामीण पथ अनुरक्षण नीति 2018 के तहत पूर्वी चंपारण में सर्वाधिक 2363 किलोमीटर से अधिक सड़कों के अनुरक्षण का कार्य पूरा हो चुका है। वहीं, दूसरे पायदान पर पश्चिम चंपारण है, जहां अबतक 1979 किलोमीटर से अधिक सड़कों का अनुरक्षण पूर्ण हो चुका है। इसके बाद मुजफ्फरपुर में 1626.65 किलोमीटर, सारण में 1560.84 किलोमीटर, समस्तीपुर में 1389.73 किलोमीटर, रोहतास में 1358.90 किलोमीटर, गया में 1358.69 किलोमीटर, वैशाली में 1346.46 किलोमीटर, पटना में 1327.37 किलोमीटर, मधुबनी में 1223.01 किलोमीटर सड़कों का अनुरक्षण हो चुका है।
ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि बिहार ग्रामीण पथ अनुरक्षण नीति 2018 के तहत राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क को मजबूती देने के हमारे संकल्प ने ठोस रूप लिया है। यह सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण सशक्तिकरण का माध्यम है। 36 हजार किलोमीटर से अधिक सड़कों का अनुरक्षण इस बात का प्रमाण है कि हम गांव-गांव तक विकास की रोशनी पहुंचाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहे हैं। यह नीति गांवों को शहरों से जोड़ने का सेतु बन चुकी है।
बिहार कृषि ऐप से किसानों की जरूरतों का हो रहा डिजिटल समाधान
- सरकारी योजनाओं से लेकर मौसम तक की जानकारी दे रहा मोबाइल ऐप
पटना। संवाददाता। बिहार सरकार के कृषि विभाग ने चतुर्थ कृषि रोडमैप के तहत राज्य के किसानों को सशक्त बनाने के लिए बिहार कृषि मोबाइल ऐप लांच किया है। यह ऐप किसानों को सभी सरकारी योजनाओं, फसल प्रबंधन, बाजार मूल्य, और तकनीकी सलाह जैसी सभी आवश्यक सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराएगा। पिछले दिनों इसका लोकार्पण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कर चुके हैं। यह मोबाइल ऐप किसानों के लिए एकीकृत योजना पोर्टल के तौर पर काम करेगा, जहां किसान ऐप के माध्यम से विभिन्न कृषि योजनाओं में आवेदन कर सकते हैं और उनकी स्थिति, अनुदान विवरण तथा स्वीकृति की वास्तविक समय पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
इस ऐप में किसानों के लिए डिजिटल किसान पासबुक की सुविधा दी गई है, जिसमें बैंक पासबुक की तरह ही किसानों को कृषि संबंधी सुविधाएं मिलेगी। इसका इस्तेमाल करने वाले किसान सरकार की विभिन्न योजनाओं से मिले अनुदान और लाभों को देख सकेंगे। साथ ही, वे इस जानकारी को डिजिटल रिकॉर्ड के रूप में सहेज सकते हैं।
यह ऐप डिजिटल तरीके से किसानों की सहायता कर उन्हें समृद्ध बना रहा है। इस ऐप से किसानों की पहुंच विभिन्न सरकारी योजनाओं तक और भी आसान होगी। किसानों को आवश्यक तकनीकी जानकारी भी आसानी से मिलेगी। इस एप को गूगल प्ले से भी डॉउनलोड कर सकते हैं।
ऐप में प्रमुख फसलों (धान, गेहूं, दलहन, तिलहन) और बागवानी उत्पादों (आम, केला) से संबंधित कीटनाशक प्रबंधन, रोग नियंत्रण और आधुनिक खेती के तरीकों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध है। बिहार कृषि मोबाइल ऐप से किसान अपनी मिट्टी के स्वास्थ्य कार्ड को डॉउनलोड कर सकते हैं और मौसम पूर्वानुमान (तापमान, वर्षा) के आधार पर खेती की योजना बना सकते हैं। इसके जरिये उन्हें समय-समय पर मौसम का अपडेट मिलता रहेगा। इस ऐप पर फसलों के वर्तमान और पिछले बाजार भाव, मंडियों, कोल्ड स्टोरेज और कृषि विज्ञान केंद्रों की लोकेशन जैसी उपयोगी जानकारियां उपलब्ध हैं। किसान कृषि संबंधित समस्याओं को ऐप पर दर्ज कर सकते हैं और पीएम किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं की जानकारी एआई चैटबॉट के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं।
बढ़े बजट ने बदली बिहार में शिक्षा की तस्वीर
-जहां कभी था ब्लैक बोर्ड, अब है स्मार्ट क्लास
-2005 के बाद ही बच्चियों की शिक्षा पर दिया गया ध्यान
पटना। संवाददाता। बिहार में शिक्षा की मौजूदा तस्वीर को समझना हो, तो इसकी तुलना 2005 के पहले की स्थिति से करना जरूरी है। वह दौर था जब राज्य की बेटियों के लिए शिक्षा की पहुंच सीमित थी और स्कूलों की हालत खस्ताहाल। महिला साक्षरता दर मात्र 33.57 प्रतिशत थी। लेकिन 2005 के बाद जब राज्य की कमान नीतीश कुमार के हाथों में आई, तब सबसे पहले ध्यान गया शिक्षा की ओर उसमें भी खासकर लड़कियों की शिक्षा को प्राथमिकता दी गई।
नीतीश सरकार ने यह शुरू से ही माना कि जब तक बेटियां स्कूल नहीं जाएंगी तब तक समाज में बड़े स्तर पर बदलाव संभव नहीं है। इसी सोच के तहत मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना, ड्रेस योजना, छात्रवृत्ति, और दोपहर का भोजन योजना जैसी योजनाएं लागू की गईं। इसका असर यह हुआ कि राज्य की महिला साक्षरता दर 73.91 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।
नीतीश कुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद स्कूलों की संख्या में भी काफी वृद्धि की गई। 2005 के पहले बिहार में सिर्फ 53,993 स्कूल थे, वहीं अब इनकी संख्या बढ़कर 75,812 हो गई है। शिक्षकों की संख्या में भी बड़ा विस्तार हुआ। पहले 2.25 लाख शिक्षक थे, अब यह संख्या 5.97 लाख हो चुकी है। इससे न बच्चों में शैक्षणिक गुणवत्ता का सुधार तो हुआ ही शिक्षा की पहुंच भी व्यापक हुई।
इतना ही नहीं तकनीकी शिक्षा की अगर बात करें तो 2005 के बाद से ही राज्य में डिजिटल कक्षाओं, स्मार्ट क्लास और ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म की शुरुआत हुई। इससे पहले पढ़ाई केवल ब्लैकबोर्ड और किताबों तक सीमित थी।