- करौं के रानी मंदाकिनी उच्च विद्यालय में विज्ञान प्रयोगशाला का किया उद्घाटन
मधुपुर/संवाददाता। विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने एवं विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री हफीजुल हसन ने बुधवार को करौं प्रखंड मुख्यालय स्थित रानी मंदाकिनी उच्च विद्यालय प्लस टू में विज्ञान, भौतिकी एवं रसायन विज्ञान प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। इस दौरान विद्यालय के शिक्षक एवं विद्यार्थियों ने मंत्री का स्वागत किया। मंत्री हफीजुल हसन ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र का सर्वांगीण विकास उनकी पहली प्राथमिकता है। क्षेत्र के सभी प्रखंडों में विकास योजनाओं को धरातल पर उतारने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में विज्ञान प्रयोगशाला की सुविधा उपलब्ध होने से छात्र-छात्राओं को विज्ञान विषय की व्यावहारिक शिक्षा प्राप्त करने में काफी सहूलियत होगी। इससे विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच एवं प्रयोगात्मक ज्ञान को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार किया जाएगा तथा सरकारी विद्यालयों में आवश्यक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। मंत्री ने विद्यालय के विभिन्न अभिलेखों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कुछ व्यवस्थाओं पर असंतोष जताते हुए उन्होंने प्रधानाध्यापक को आवश्यक सुधार करने का निर्देश दिया।
मौके पर जिला परिषद सदस्य ललन कुमार सिंह, मंत्री प्रतिनिधि गुलाम अशरफ उर्फ राजू, मीडिया प्रभारी समीर आलम, झामुमो महिला मोर्चा अध्यक्ष अंजली कुमारी, प्रधानाध्यापक उदय शंकर पाठक, जितेंद्र प्रसाद यादव, भागीरथ गोस्वामी, प्रणव, स्वरूप, नवीन कुमार सहित अन्य मौजूद थे।
जयंती पर भारतेन्दु हरिश्चन्द्र समेत कई विभूतियों को किया याद
- रामवृक्ष बेनीपुरी के योगदान पर भी हुई चर्चा
मधुपुर/संवाददाता। स्थानीय भेड़वा स्थित राहुल अध्ययन केंद्र में प्रख्यात लेखक भारतेन्दु हरिश्चन्द्र, क्रांतिकारी कवि अवतार सिंह ‘पाश’ एवं श्यामलाल गुप्त की जयंती तथा साहित्यकार रामवृक्ष बेनीपुरी के स्मृति दिवस पर कार्यक्रम आयोजित कर उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। मौके पर उपस्थित लोगों ने विभूतियों के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। केंद्र के संरक्षक धनंजय प्रसाद ने कहा कि भारतेन्दु हरिश्चन्द्र युग निर्माता, हिंदी साहित्य के प्रवर्तक तथा आधुनिक हिंदी गद्य, नाटक एवं हिंदी पत्रकारिता के जनक थे। उन्होंने अपनी लेखनी के माध्यम से हिंदी भाषा और राष्ट्रीय चेतना को नई दिशा दी। उनकी रचनाओं ने हिंदी साहित्य को समृद्ध करने के साथ आधुनिक हिंदी के विकास की मजबूत आधारशिला रखी।
उन्होंने कहा कि अवतार सिंह ‘पाश’ क्रांतिकारी विचारधारा के कवि थे और पंजाब के महत्वपूर्ण कवियों में उनका स्थान रहा है। उन्होंने भगत सिंह को अपना आदर्श माना और उनके विचारों से प्रेरणा ली। श्यामलाल गुप्त के साहित्यिक योगदान पर भी चर्चा की गई। रामवृक्ष बेनीपुरी को याद करते हुए उन्होंने कहा कि वे प्रसिद्ध साहित्यकार होने के साथ स्वतंत्रता सेनानी भी थे। उन्होंने 1919 में रॉलेट एक्ट के विरोध से राजनीतिक जीवन की शुरुआत की और कई बार जेल गए। 1942 के आंदोलन में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कई पत्र-पत्रिकाओं का संपादन किया तथा अनेक महत्वपूर्ण साहित्यिक कृतियों की रचना की। मौके पर अन्य लोगों ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
घरेलू विवाद में पत्नी की हत्या, शव खेत में दफनाया
- आरोपी पति गिरफ्तार, निशानदेही पर बरामद हुआ शव
चितरा/संवाददाता। थाना क्षेत्र के सिमला पंचायत अंतर्गत करमचंद गांव में घरेलू विवाद को लेकर पत्नी की हत्या कर शव दफनाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना सात सितंबर की रात की बताई जा रही है। मृतका की पहचान 30 वर्षीय सोनामुनि मुर्मू, पति हीरालाल मरांडी के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलने के बाद चितरा पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। संदेह के आधार पर मृतका के पति हीरालाल मरांडी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर हत्या की बात स्वीकार की। इसके बाद उसकी निशानदेही पर गांव से कुछ दूरी पर झाड़ियों के बीच जमीन में दफनाया गया शव बरामद किया गया। शव बरामदगी की कार्रवाई दंडाधिकारी सह अंचल निरीक्षक विभाष कुमार की निगरानी में की गई। पुलिस निरीक्षक सुकांत त्रिपाठी, थाना प्रभारी प्रियरंजन कुमार सहित पुलिस बल की मौजूदगी में दफन स्थल की खुदाई कर शव बाहर निकाला गया। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई।
शव को कब्जे में लेने के बाद पुलिस ने पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए देवघर भेज दिया। आरोपी पति को हिरासत में रखकर पुलिस घटना के कारणों समेत हत्या में प्रयुक्त संभावित हथियार और अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। शव बरामदगी के मौके पर एसआई शेतलाल बारला, एएसआई निर्भय कुमार सिंह समेत पुलिस जवान शामिल थे।
पीएम श्री उच्च विद्यालय पहाड़िया में बच्चों को मृदा परीक्षण का प्रशिक्षण
- मिट्टी की जांच के बाद ही करें संतुलित उर्वरक का प्रयोग
सारवां/संवाददाता। प्रखंड क्षेत्र के पीएम श्री उच्च विद्यालय पहाड़िया में बुधवार को आत्मा, देवघर के सौजन्य से नेशनल सॉयल हेल्थ एंड फर्टिलिटी मिशन योजना के तहत स्कूली बच्चों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें मृदा नमूना संग्रहण, मृदा परीक्षण एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड के महत्व की जानकारी दी गई।
प्रशिक्षक राहुल कुमार, एग्री क्लिनिक देवघर ने छात्र-छात्राओं को खेत में ले जाकर मिट्टी का नमूना संग्रह करने की व्यावहारिक विधि की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मृदा स्वास्थ्य कार्ड के माध्यम से किसानों को खेत की मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों की कमी अथवा अधिकता की जानकारी मिलती है। इसके आधार पर फसलों में आवश्यक मात्रा में उर्वरक का प्रयोग किया जा सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को मृदा परीक्षण की उपयोगिता और स्वस्थ मिट्टी के महत्व के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम में प्रभारी बीएओ राकेश रोशन, बीटीएम आशीष कुमार दुबे, एटीएम सुषमा कुमारी, शिक्षक रवि प्रकाश समेत विद्यालय के छात्र-छात्राएं मौजूद थे।
पति की मौत के मुआवजे के लिए एक वर्ष से भटक रही महिला
- मंत्री हफीजुल हसन ने दिया हरसंभव मदद का भरोसा
मधुपुर/संवाददाता। करौं प्रखंड के जसोबांध गांव निवासी खुशबू कुमारी अपने पति की मौत के बाद मिलने वाले मुआवजे के लिए पिछले एक वर्ष से बिजली विभाग के कार्यालयों का चक्कर लगा रही हैं। पीड़िता का कहना है कि एक वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक विभाग की ओर से उन्हें मुआवजा राशि नहीं मिली है। खुशबू कुमारी के अनुसार, उनके पति विकास कुमार मंडल की 17 जून 2025 को जसोबांध गांव में बिजली का तार गिरने से करंट की चपेट में आने के कारण मौत हो गई थी। पति की मौत के बाद परिवार आर्थिक संकट से जूझ रहा है। मुआवजे के लिए वह मधुपुर सहित विभिन्न कार्यालयों का चक्कर लगा चुकी हैं, लेकिन अब तक मामले का समाधान नहीं हुआ। बुधवार को मंत्री हफीजुल हसन के करौं पहुंचने की जानकारी मिलने पर पीड़िता ने उनसे मुलाकात कर मांग पत्र सौंपा और अपनी समस्या से अवगत कराया। उन्होंने पति की मौत के एवज में नियमानुसार मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई। मंत्री ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक पहल करने तथा मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। मंत्री के हस्तक्षेप के बाद पीड़ित परिवार को अब न्याय मिलने की उम्मीद जगी है।
फाड़ासिमल आंगनबाड़ी केंद्र में नए बच्चों का हुआ प्रवेश
- खेल और गीत के माध्यम से दी जाएगी स्कूल पूर्व शिक्षा
पालोजोरी/संवाददाता। पालोजोरी प्रखंड के भुरकुंडी पंचायत स्थित फाड़ासिमल आंगनबाड़ी केंद्र में बुधवार को स्कूल पूर्व शिक्षा के तहत नए बच्चों का प्रवेश कराया गया। आंगनबाड़ी केंद्र की सेविका जवा कुमारी एवं सहायिका प्रिया कुमारी ने विधिवत रूप से बच्चों का स्वागत करते हुए उन्हें वेलकम किट प्रदान किया। सेविका ने बताया कि बाल विकास परियोजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में तीन से छह वर्ष तक के बच्चों का नामांकन स्कूल पूर्व शिक्षा के लिए किया जाता है। बच्चों को खेल, गीत एवं मनोरंजक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा दी जाती है। उन्होंने बताया कि स्कूल पूर्व शिक्षा केंद्र एक तरह से प्ले स्कूल की तरह कार्य करता है, जहां बच्चों को प्राथमिक विद्यालय में जाने के लिए तैयार किया जाता है। होंने कहा कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उन्हें शुरुआती स्तर से ही सीखने का बेहतर वातावरण देना जरूरी है। स्कूल पूर्व शिक्षा को प्रभावी बनाने के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में समय-समय पर जागरूकता अभियान भी चलाया जाता है। कार्यक्रम के दौरान बच्चों में उत्साह देखा गया।
ठनका गिरने से ट्रांसफार्मर जला, गांव में छाया अंधेरा
- ग्रामीणों ने पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख से लगाई बिजली बहाल कराने की गुहार
सारवां/संवाददाता। प्रखंड क्षेत्र की बैजूकुरा पंचायत के ठाढ़ी गांव में ठनका गिरने से 63 केवीए का बिजली ट्रांसफार्मर जल गया है। ट्रांसफार्मर खराब होने के बाद गांव में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप है। इससे ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। समस्या के समाधान की मांग को लेकर ग्रामीण पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख से मिलने उनके कुशमाहा स्थित आवास पहुंचे। ग्रामीणों ने उन्हें गांव की स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि बिजली नहीं रहने के कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं, गांव के जंगली क्षेत्र में स्थित होने के कारण रात में जहरीले जीव-जंतुओं का भी भय बना रहता है। ग्रामीणों ने पूर्व मंत्री से खराब पड़े 63 केवीए के ट्रांसफार्मर को बदलकर नया ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि बिजली के अभाव में घरेलू कार्य और दैनिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है। बादल पत्रलेख ने ग्रामीणों की समस्या गंभीरता से सुनने के बाद संबंधित विभाग के अधिकारियों से बात कर शीघ्र समाधान का भरोसा दिया। मौके पर मंटू सिंह, उपेंद्र राय, नवीन राय, गौरव सिंह, मिथिलेश सिंह, सुनील दास, संतोष दास, भागीरथ दास, उमेश ठाकुर, संजीत ठाकुर समेत अन्य ग्रामीण मौजूद थे।
पीएम श्री केजीबीवी में गणित-विज्ञान सर्किल के दूसरे चरण का आयोजन
- प्रयोग और पहेलियों के माध्यम से छात्राओं ने सीखे जटिल विषय
सारठ/संवाददाता। सारठ स्थित पीएम श्री कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में गणित एवं विज्ञान सर्किल गतिविधियों के द्वितीय चरण का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं की तार्किक क्षमता एवं वैज्ञानिक सोच को मजबूत करना था। इसमें कक्षा छह, सात एवं आठ की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मुख्य रिसोर्स पर्सन मो. सिकंदर एवं मो. दिलकश असारी तथा प्रशिक्षकों ने गणित के सूत्रों और विज्ञान के जटिल सिद्धांतों को रोचक प्रयोगों, पहेलियों और दैनिक जीवन के उदाहरणों के माध्यम से सरल तरीके से समझाया। इस दौरान छात्राओं ने विभिन्न समूहों में बंटकर विज्ञान मॉडल एवं गणितीय सिद्धांतों पर स्वयं प्रयोग कर सीखने का प्रयास किया। विद्यालय की वार्डेन करुणा राय ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से छात्राओं के आत्मविश्वास में वृद्धि होती है। साथ ही उनमें नवाचार एवं प्रयोगात्मक सोच विकसित होती है। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं के अलावा छात्राएं मौजूद थीं।
मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन पर सीएचसी में शोकसभा
- दो मिनट का मौन रखकर दी गई श्रद्धांजलि
सारठ/संवाददाता। झारखंड सरकार के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, नगर विकास, आवास, खेलकूद एवं पर्यटन विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन पर सारठ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शोकसभा आयोजित की गई। चिकित्सा प्रभारी डॉ. गुड़ाकेश की अगुवाई में स्वास्थ्यकर्मियों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत मंत्री को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उनके चित्र पर माल्यार्पण कर आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। डॉ. गुड़ाकेश ने कहा कि सुदिव्य कुमार सोनू का अचानक हम सबके बीच से चले जाना झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके निधन से राज्य ने एक कर्मठ जनप्रतिनिधि और मंत्री खो दिया है। मौके पर डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. कल्याण पंडित, डॉ. प्रज्ञा भगवती, डॉ. यशोधरा नायक, रवि कुमार सिन्हा, स्वास्थ्यकर्मी संजय कुमार, अनिकेत तिवारी, राजीव कुमार तिवारी, अवधेश कुमार यादव, अमर ज्योति, अमित ओझा, निरंजन प्रसाद राय, सागरिका तिवारी समेत एएनएम, सहिया साथी एवं सहिया मौजूद थीं।
पीएम श्री केजीबीवी की छात्राओं को दिया गया मृदा परीक्षण का प्रशिक्षण
- स्वस्थ फसल के लिए मिट्टी की जांच जरूरी : शशांक शेखर
सारठ/संवाददाता। सारठ प्रखंड स्थित पीएम श्री कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में नेशनल मिशन ऑन सॉयल हेल्थ एंड फर्टिलिटी योजना के तहत स्कूल सॉयल हेल्थ मिशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्राओं को मृदा नमूना संग्रहण, मृदा परीक्षण एवं मृदा स्वास्थ्य कार्ड के महत्व की विस्तार से जानकारी दी गई।
प्रशिक्षक सह प्रखंड तकनीकी प्रबंधक एवं प्रखंड कृषि पदाधिकारी शशांक शेखर ने छात्राओं को बताया कि जिस प्रकार बीमारी की स्थिति में मनुष्य के रक्त की जांच की जाती है, उसी प्रकार बेहतर एवं स्वस्थ फसल उत्पादन के लिए मिट्टी की जांच आवश्यक है। मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों की जानकारी मिलने के बाद फसल की आवश्यकता के अनुसार उर्वरक एवं अन्य पोषक तत्वों का प्रयोग किया जा सकता है। उन्होंने किसानों को जैविक खाद के उपयोग के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया। कहा कि मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने के लिए संतुलित एवं वैज्ञानिक तरीके से खेती करना जरूरी है। मौके पर सहायक तकनीकी प्रबंधक गौतम कुमार, वार्डेन करुणा राय, शिक्षिका बबीता कुमारी मंडल, खुशबू कुमारी समेत विद्यालय परिवार के सदस्य एवं छात्राएं मौजूद थीं।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में 103 गर्भवतियों की हुई जाँच
- स्वास्थ्य जांच के साथ हुई काउंसलिंग
- हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की हुई पहचान
पालोजोरी/संवाददाता। प्रत्येक माह की 9 तारीख को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत बुधवार को पालोजोरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में गर्भवतियों की प्रसव पूर्व जांच की गई। प्रसव पूर्व जांच के तहत हीमोग्लोबिन टेस्ट, बीपी जांच, वजन सहित प्रावधान के तहत होने वाली सभी तरह की जांच तो की ही गई, साथ में हाई रिस्क प्रेगनेंसी की पहचान भी की गई। पालोजोरी में प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर लियाकत के निर्देश पर कई गर्भवतियों को पीपीपी मोड के तहत अल्ट्रासाउंड के लिए रेफर किया गया। वही आज अभियान को लेकर पालीजोरी प्रखंड क्षेत्र के दूर दराज के गांव से लिंक वर्कर सहिया के साथ आये 103 गर्भवतियों ने अपना प्रसव पूर्व जांच कराया। प्रसव पूर्व जांच गुणवत्ता के साथ हो सके, इसके लिए डॉक्टर लियाकत खुद मौजूद रहते हुए मॉनिटर कर रहे थे। उन्होंने सभी कर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश दे रखा था, ताकि गर्भवतियों को जांच में किसी तरह की परेशानी ना हो। आज के अभियान को लेकर डॉक्टर लियाकत ने बताया कि प्रत्येक महीने की 9 तारीख को और महीने के अंतिम बुधवार को गर्भवतियों की जांच कर हाई रिस्क प्रेगनेंसी की पहचान की जाती है। ताकि समय रहते उन्हें स्वास्थ्य सुविधा से जोड़ा जा सके और पोषण की सही जानकारी दी जा सके, जिससे सुरक्षित प्रसव का रास्ता प्रशस्त हो सके। मौके पर रोहित कुमार, आशुतोष कुमार, रोशन साह, अजय यादव आदि मौजूद थे।