गोपीकांदर/निज संवाददाता। गोपीकांदर थाना क्षेत्र के खजूरडंगाल जंगल में एक विवाहिता के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पीड़िता गंभीर हालत में अपने घर पहुंची, जिसके बाद परिजनों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने महिला को गोपीकांदर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बुधवार देर रात दुमका रेफर कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, पीड़िता जोलो गांव की रहने वाली है और उसकी शादी वर्ष 2019 में डूमरतला गांव में हुई थी। वह कुछ दिनों से अपने मायके जोलो में रह रही थी। बुधवार शाम उसके गोतिया के देवर ने फोन कर उसे मिलने के लिए बुलाया था। आरोप है कि इसके बाद उसे खजूरडंगाल जंगल की ओर खींचकर लेकर गया, जहां आरोपी देवर बाबूलाल देहरी और उसके एक अन्य साथी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। पीड़िता की मां के अनुसार रात करीब सात बजे उनकी बेटी किसी तरह घर वापस लौटी। उसके कपड़े खून से सने हुए थे और उसकी हालत काफी गंभीर थी। वह बार-बार बेहोश हो रही थी। परिजन तत्काल उसे लेकर गोपीकांदर सीएचसी पहुंचे और घटना की जानकारी पुलिस को दी। घटना की सूचना मिलने के बाद गोपीकांदर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, दोनों नामजद आरोपी अपने घर से फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। बताया जा रहा है कि पीड़िता के दो बच्चे हैं, जबकि उसका पति मजदूरी के सिलसिले में दूसरे राज्य में गया हुआ है।
जीवनपुर के समीप पेड़ से टकराई बाइक, चालक और सवार घायल
रानेश्वर/निज संवाददाता। रघुनाथपुर-बारमसिया मुख्य पथ पर जीवनपुर के समीप गुरुवार को बाइक का संतुलन बिगड़ने से पेड़ से टकरा गई। हादसे में बाइक चालक एवं पीछे बैठे युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बाइक पर सवार दोनों युवक आसनबनी की ओर जा रहे थे। जीवनपुर के समीप पहुंचने पर अचानक बाइक का संतुलन बिगड़ गया और बाइक सड़क किनारे पेड़ से जा टकराई। दुर्घटना में बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों ने रानेश्वर थाना पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। बताया जा रहा है कि दोनों युवक शिकारीपाड़ा प्रखंड के कुलकुलीडांगाल गांव के रहने वाले हैं।
यामाहा मोटर्स इंडिया के प्रबंध निदेशक समेत 3 के खिलाफ गैर-जमानती वारंट
दुमका/निज संवाददाता। यामाहा मोटर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक समेत कंपनी के 3 अधिकारियों के खिलाफ धोखाधड़ी के मामले में न्यायालय ने गैर-जमानती अधिपत्र जारी किया है। गुरुवार को न्यायिक दंडाधिकारी नेहा झा की अदालत ने परिवादी एवं यामाहा कंपनी के दुमका डीलर दिलीप कुमार पटवारी के अधिवक्ता के अनुरोध पर यह आदेश जारी किया। जानकारी के अनुसार, मामला पूर्व में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अनूप तिर्की की अदालत में विचाराधीन था। उक्त न्यायालय ने मामले में संज्ञान लेते हुए आरोपितों के खिलाफ जमानतीय अधिपत्र जारी किया था। पिछली तिथि पर यामाहा कंपनी के निदेशक समेत 3 आरोपितों के खिलाफ जारी जमानतीय अधिपत्र चेन्नई के पुलिस महानिदेशक और कोलकाता के पुलिस महानिदेशक को न्यायालय से रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से भेजा गया था। अधिपत्र जुलाई माह में ही संबंधित कार्यालयों को प्राप्त हो चुका था, जिसकी ट्रैकिंग रिपोर्ट भी न्यायालय में प्रस्तुत की गयी थी। इसके बावजूद आरोपितों के न्यायालय में उपस्थित नहीं होने पर गुरुवार को न्यायिक दंडाधिकारी नेहा झा ने कंपनी के प्रबंध निदेशक, कार्यकारी निदेशक और आशीष इकबाल खान के खिलाफ गैर-जमानती अधिपत्र जारी किया। मामला 16 नवंबर 2024 को दायर शिकायत पर आधारित है। शिकायतकर्ता दिलीप कुमार पटवारी ने आरोप लगाया है कि यामाहा मोटर इंडिया सेल्स प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारियों ने उनके साथ धोखाधड़ी की। उनका आरोप है कि कंपनी की ओर से ली गयी करीब 6 लाख रुपये की सिक्योरिटी मनी और इंसेंटिव की राशि का भुगतान नहीं किया गया, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ।
मिनी गन फैक्ट्री से पिस्टल व मैगजीन समेत 55 तरह के सामान बरामद, एक गिरफ्तार
हंसडीहा/निज संवाददाता। वरीय पदाधिकारी से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने 9 सितंबर को हंसडीहा थाना क्षेत्र के पीताम्बर लाइन होटल के समीप रामगढ़ मोड़ स्थित सिलठा मौजा में छापेमारी कर कथित रूप से हथियार बनाने के ठिकाने का खुलासा किया है। पुलिस ने एक पक्के मकान के अलग-अलग कमरों से हथियार बनाने में प्रयुक्त मशीनों एवं लोहे के विभिन्न सामान सहित कुल 55 प्रकार की सामग्री बरामद की है। छापेमारी हंसडीहा पुलिस निरीक्षक के नेतृत्व में हंसडीहा थाना प्रभारी, रामगढ़ थाना प्रभारी, जामा थाना प्रभारी, पुलिस अवर निरीक्षक दिलीप हांसदा तथा सशस्त्र बल के जवानों के साथ की गयी। पुलिस के अनुसार बरामद सामान में लोहे का लेथ मशीन, मिलिंग मशीन, ड्रिल मशीन, कटऑफ आरा मशीन, विभिन्न प्रकार के ग्राइंडर, वेल्डिंग मशीन, ड्रिल बिट, लोहे के पाइप, प्लेट, रॉड, हथियार के विभिन्न आकार के कटे हुए हिस्से तथा पिस्टल के बैरल और मैगजीन जैसे दिखाई देने वाले लोहे के हिस्से शामिल हैं। बरामद सामान में कई मशीनों पर कंपनियों के नाम एवं नंबर भी अंकित हैं। पुलिस ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज करते हुए अक्षय कुमार, उम्र करीब 25 वर्ष, पिता दीपक मरिक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। वहीं, अन्य प्राथमिकी अभियुक्तों के खिलाफ छापेमारी कर उनकी गिरफ्तारी का प्रयास किया जा रहा है। छापेमारी दल में हंसडीहा प्रभारी पुलिस निरीक्षक प्रियंका आनंद, हंसडीहा थाना प्रभारी अजीत कुमार यादव, जामा थाना प्रभारी अजीत कुमार, रामगढ़ थाना प्रभारी मनीष कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक दिलीप हांसदा, दुमका जिला तकनीकी शाखा के कर्मी तथा सशस्त्र बल के हवलदार एवं आरक्षी शामिल थे। पुलिस की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध हथियार निर्माण को लेकर चर्चाएं तेज हो गयी हैं। पुलिस मामले की जांच कर बरामद सामान के उपयोग और इस गतिविधि से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
कोल ब्लॉक के विरोध में बैठक की सूचना पर कैंप करती रही पुलिस
दुमका/निज संवाददाता। जिले के शिकारीपाड़ा में कोल ब्लॉक क्षेत्र के रूप में चिन्हित इलाके में कोल कंपनी द्वारा बोरिंग-टेस्टिंग के विरोध में 12 गांवों के रैयतों की बैठक होने की सूचना पर एसडीपीओ दिलीप खालको और शिकारीपाड़ा थाना प्रभारी अमित कुमार लकड़ा शाम के पांच बजे तक पुलिस फोर्स के साथ कैम्प करते रहे और इसके बाद वापस लौट गये। पुलिस को तेलंगापाड़ा में ग्रामीणों के द्वारा कोल ब्लॉक के विरोध में बैठक किये जाने और उसके लिए भोजन के रूप में खिचड़ी तैयार किये जाने की सूचना मिली थी। काफी प्रयास के बावजूद पुलिस न तो बैठक स्थल का पता कर पाये और न ही खिचड़ी तैयार किये जाने का स्थान तलाश सके। देर शाम एसडीओ कौशल कुमार भी शिकारीपाड़ा प्रखण्ड मुख्यालय पहुंचे थे। यहां बता दें कि कोल कंपनी के द्वारा कोयला कितना है और किस क्वालिटी का है, यह जानने के लिए कोल क्षेत्र में टेस्टिंग बोरिंग लाया गया था जिसके बाद से ग्रामीणों का विरोध तेज हो गया था। ग्रामीणों के विरोध को भाकपा माले का समर्थन मिलने के बाद से जिला प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गयी हैं। दूसरी ओर सीपीआईएम भी कोल ब्लॉक के आवंटन से लेकर कोयला उत्खनन के तरीकों को लेकर केन्द्र सरकार की नीतियों के खिलाफ हमलावर है और लगातार धरना प्रदर्शन कर रहा है।
सीपीआईएम के जिला सचिव एहतेशाम अहमद ने बताया कि 2025 में देश के सर्वोच्च अदालत ने अपने फैसले में कहा है कि खनिज रैयत की है। ऐसे में यदि कोयला निकालना है तो रैयतों एवं कंपनी के बीच सरकार को भी पक्षकार बनना चाहिये। उन्होंने कहा कि केन्द्र की नीति का पार्टी विरोध कर रही है जिसके तहत बिजली कंपनी को कोल ब्लॉक आवंटित कर दिया जाता है। बिजली कंपनी कोयला उत्खनन का काम आउटसोर्सिंग कंपनी को सौंप देती है और आउटसोर्सिंग कंपनी पेटी कॉन्ट्रेक्टर के माध्यम से कोयला निकालती है। पैनम का उदाहरण सामने है। पलायन, प्रदूषण, विस्थापन और शोषण का खतरा मंडरा रहा है। कंपनी कोयला लूट कर चली जायेगी, रैयतों को उनके जमीन से बेदखल कर दिया जायेगा और वादे पूरे नहीं किये जाएंगे, इसको लेकर 12 गांवों के रैयत डरे हुए हैं।
झारखंड की सीमा में घुसकर खनन कर रहा बंगाल का खदान संचालक
शिकारीपाड़ा/निज संवाददाता। दुमका जिले के शिकारीपाड़ा प्रखंड में पश्चिम बंगाल सीमा से सटे कुलकुलीडांगाल गांव में पत्थर खदान संचालक पर झारखंड की सीमा में प्रवेश कर अवैध रूप से पत्थरों की खुदाई और विस्फोट करने का आरोप लगा है। ग्रामीणों का कहना है कि पश्चिम बंगाल के मोहम्मद बाजार थाना क्षेत्र के बेरेपाड़ा गांव में संचालित पत्थर खदान को विस्तारित करते हुए खदान संचालक ने झारखंड सीमा में कुलकुलीडांगाल गांव की ओर खुदाई शुरू कर दी है। स्थानीय लोग इस खदान को मुन्ना खदान के नाम से जानते हैं। ग्रामीणों के अनुसार खदान में डायनामाइट से विस्फोट कर पत्थर तोड़े जाने के कारण आसपास के इलाके में तेज कंपन होता है और इसका सीधा असर गांव में रहने वाले सैकड़ों लोगों पर पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि जब वे खदान के कर्मचारियों से विस्फोट नहीं करने का आग्रह करते हैं तो उनके साथ मारपीट और गाली-गलौज की जाती है। आरोप है कि खदान कर्मी ग्रामीणों को धमकाते हुए कहते हैं कि जो करना है कर लो। मामले को लेकर काफी संख्या में ग्रामीणों ने शिकारीपाड़ा के अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी को आवेदन देकर शिकायत की है। ग्रामीणों ने अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कर झारखंड की सीमा में हो रही कथित खुदाई और विस्फोट पर तत्काल रोक लगाने तथा उन्हें इस समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
जोरिया और तालाब में डूबने से युवक-युवती की मौत
गोपीकांदर/निज संवाददाता। गोपीकांदर थाना क्षेत्र की टांयजोर पंचायत में लगातार दो दिनों में पानी में डूबने से एक युवक और एक युवती की मौत हो गयी। मृतकों की पहचान चिरापत्थर गांव निवासी 46 वर्षीय परिवील बेसरा और मुहालो गांव निवासी 45 वर्षीय दुलड़ सोरेन के रूप में हुई है। ग्रामीणों के अनुसार दोनों मिर्गी की बीमारी से पीड़ित थे। पूर्व मुखिया नंद मितेश मुर्मू ने बताया कि बुधवार सुबह परिवील बेसरा नहाने के लिए गांव के समीप स्थित जोरिया गया था। करीब एक घंटे बाद ग्रामीणों ने उसे जोरिया के पानी में डूबा हुआ देखा। ग्रामीणों ने उसे पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परिजनों ने गुरुवार को उसका अंतिम संस्कार कर दिया। वहीं गुरुवार सुबह मुहालो गांव में गोपीकांदर-खरौनी मुख्य मार्ग के किनारे स्थित तालाब में दुलड़ सोरेन का शव तैरता मिला। ग्रामीणों ने शव को तालाब से बाहर निकाला और इसकी सूचना परिजनों को दी। मृतका के पति कुबराज हांसदा ने बताया कि उनकी पत्नी मिर्गी की बीमारी से पीड़ित थी। गुरुवार सुबह करीब 10 बजे वह नहाने के लिए तालाब गयी थी। ग्रामीणों से सूचना मिलने के बाद जब परिजन तालाब पहुंचे तो उसकी मौत हो चुकी थी। लगातार दो दिनों में हुई इन घटनाओं से दोनों गांवों में शोक का माहौल है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों के अनुसार दुलड़ सोरेन का अंतिम संस्कार शुक्रवार को किया जाएगा।
बारिश में मिट्टी के दो मकान ढहे
मसलिया/निज संवाददाता। मसलिया प्रखंड के कठलिया पंचायत अंतर्गत सीतासाल गांव में लगातार हो रही बारिश के कारण मिट्टी के 2 मकान ढह गये। हादसे में छत्तीस हेम्ब्रम और मोलिन्द हेम्ब्रम के घर क्षतिग्रस्त हो गये। गनीमत रही कि मकान गिरने के दौरान परिवार के किसी सदस्य को चोट नहीं आयी। घटना की जानकारी मिलने पर गुरुवार को कठलिया पंचायत की मुखिया बिंदूशिला मरांडी पीड़ित परिवारों के घर पहुंचीं और क्षतिग्रस्त मकानों का निरीक्षण कर बारिश से हुए नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से घटना की जानकारी ली तथा हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
101 मतदाताओं के दावा-आपत्ति पत्र मिले पूर्ण
गोपीकांदर/निज संवाददाता। विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के तहत मुसना पंचायत के उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय, मुसना में दावा-आपत्ति की सुनवाई निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी विजय प्रकाश मरांडी की अध्यक्षता में हुई। सुनवाई के दौरान गोपीकांदर प्रखंड के मतदान केंद्र संख्या 247, 248 एवं 249 से संबंधित कुल 330 मतदाताओं में चिन्हित मतदाताओं के दावे एवं आपत्तियों की सूची के आधार पर प्रस्तुत आवेदन एवं संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन किया गया। जांच के दौरान 101 मतदाताओं के दस्तावेज पूर्ण पाए गये। वहीं, शेष मतदाताओं को संपूर्ण दस्तावेजों के साथ आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाले शिविर में उपस्थित होने का निर्देश दिया गया। मौके पर प्रधान लिपिक अनूप कुमार कोल, शिक्षक दिलीप कुमार तिवारी, कंप्यूटर ऑपरेटर बारीश मरांडी, अमित कुमार आदि मौजूद थे।
स्कूल में 75 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी
सरैयाहाट/निज संवाददाता। प्लस टू उच्च विद्यालय, सरैयाहाट के प्रशाल में बुधवार को शिक्षक-अभिभावक बैठक विद्यालय प्रबंधन समिति की अध्यक्ष लक्ष्मी कुमारी की अध्यक्षता में हुई जिसमें उपाध्यक्ष अरविंद मंडल भी मौजूद थे। विद्यालय प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि न्यूनतम 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य है। निर्धारित उपस्थिति पूरी नहीं करने वाले छात्र-छात्राओं को वार्षिक माध्यमिक एवं इंटर परीक्षा 2027 का परीक्षा फॉर्म भरने में परेशानी हो सकती है।बैठक में परीक्षा फॉर्म एवं पंजीयन प्रक्रिया के लिए पैन नंबर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया। अभिभावकों से अपने बच्चों का पैन नंबर समय पर विद्यालय में उपलब्ध कराने को कहा गया। साथ ही विद्यार्थियों को प्रतिदिन स्कूल बैग, लंच बॉक्स और पानी की बोतल के साथ विद्यालय आने की हिदायत दी गयी। विद्यालय परिसर में मोबाइल फोन लाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है।
एनटीईपी कर्मचारी संघ दुमका का पुनर्गठन
दुमका/निज संवाददाता। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत कार्यरत कर्मचारियों के हितों, अधिकारों एवं समस्याओं को मजबूती से उठाने के उद्देश्य से एनटीईपी कर्मचारी संघ, दुमका का पुनर्गठन किया गया। पुनर्गठन के दौरान सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें सीमांत हांसदा को अध्यक्ष, दोयल दे को उपाध्यक्ष, फ्रांसिस बबलू सोरेन को महासचिव, आशीष पंजीयरा को सचिव, उज्जवल सोरेन को उपकोषाध्यक्ष तथा कुंवर मुर्मू को कोषाध्यक्ष बनाया गया। वहीं, अन्य कर्मचारियों को कार्यकारी सदस्य तथा आनंद हांसदा को मीडिया प्रभारी की जिम्मेदारी दी गयी।
एक सप्ताह में बनाएं जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र: उपायुक्त
दुमका/निज संवाददाता। उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने जिले के सभी अंचल अधिकारियों को अपने-अपने अंचलों में प्राप्त जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र से संबंधित लंबित आवेदनों का मिशन मोड में निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि सभी अंचल अधिकारी एक सप्ताह के अंदर लंबित सभी आवेदनों का नियमानुसार निष्पादन सुनिश्चित करें, ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति को जाति एवं आवासीय प्रमाण पत्र के अभाव में अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। उपायुक्त ने सभी अंचलों में लंबित आवेदनों की प्राथमिकता के आधार पर समीक्षा करने तथा आवश्यक जांच एवं सत्यापन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया
पीडीएस दुकानों में एक्सपायरी दाल के वितरण का आरोप
गोपीकांदर/निज संवाददाता। गोपीकांदर प्रखंड के विभिन्न जन वितरण प्रणाली दुकानों में लाभुकों के बीच ऐसी दाल का वितरण किए जाने का मामला सामने आया है, जिसकी उपयोग की निर्धारित अवधि समाप्त हो चुकी है। दाल के पैकेट पर पैकिंग की तारीख 23 अप्रैल 2026 अंकित है और स्पष्ट रूप से लिखा है कि पैकिंग के 3 माह के भीतर ही इसका उपयोग किया जाना है। इसके बावजूद सितंबर माह में भी उक्त दाल का वितरण लाभुकों के बीच किए जाने का आरोप है। पैकेट पर अंकित विवरण के अनुसार अप्रैल में पैक की गयी दाल का उपयोग जुलाई तक किया जाना था, लेकिन निर्धारित अवधि समाप्त होने के करीब 2 माह बाद भी पीडीएस दुकानों के माध्यम से इसका वितरण जारी है। इस मामले को लेकर संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। लाभुकों का कहना है कि खाद्यान्न की गुणवत्ता और उसकी उपयोग की अवधि की जांच करने के बाद ही उसका वितरण किया जाना चाहिए। वहीं, इस संबंध में प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी ने कहा कि विभाग की ओर से जो दाल भेजी गयी है, उसी का वितरण पीडीएस दुकानों के माध्यम से किया जा रहा है। इधर, निर्धारित अवधि समाप्त हो चुकी दाल के वितरण से लाभुकों के स्वास्थ्य को लेकर चिंता बढ़ गयी है। ग्रामीणों ने मामले की जांच कर उपयोग की अवधि समाप्त हो चुकी दाल के वितरण पर तत्काल रोक लगाने तथा इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
समस्याओं का समाधान तलाशने वाले मॉडल बनाएं: डीईओ
पाथरा/निज संवाददाता। भारत सेवाश्रम संघ, प्रणवानंद विद्या मंदिर, पाथरा के प्रांगण में पहली बार अंतर विद्यालय विज्ञान एवं नवाचार प्रदर्शनी-2026 का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी में 6 विद्यालयों के छात्रों ने 19 मॉडल प्रस्तुत किए। मुख्य अतिथि जिला शिक्षा पदाधिकारी संजीत कुमार ने कहा कि विद्यालय से संबंधित किसी भी समस्या को उनके संज्ञान में लाया जाए, ताकि उसके समाधान का प्रयास किया जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी में प्रस्तुत अधिकांश मॉडल हरित ऊर्जा एवं पर्यावरण संरक्षण पर आधारित हैं, जो वर्तमान समय की आवश्यकता है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों को अपने आसपास उपलब्ध स्थानीय संसाधनों का उपयोग करते हुए वास्तविक समस्याओं का समाधान करने वाले मॉडल तैयार कराने तथा उनके व्यावहारिक उपयोग पर जोर देने का आग्रह किया। प्रदर्शनी में स्वामी प्रणवानंद विद्या मंदिर, पाथरा के रोपवे कार्यशील मॉडल को प्रथम स्थान मिला। इसी विद्यालय के हाइड्रोलिक आर्म मॉडल ने द्वितीय स्थान हासिल किया, जबकि एआई प्रोटीन संरचना दृश्य मॉडल को तृतीय स्थान मिला। वहीं कन्या मध्य विद्यालय, रघुनाथपुर के होम अलार्म सिस्टम को विशेष पुरस्कार प्रदान किया गया। विद्यार्थियों के साथ उनके मार्गदर्शक शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी पुरस्कार, मेडल एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। मॉडलों के मूल्यांकन के लिए कन्या मध्य विद्यालय, रघुनाथपुर के प्रधानाचार्य विश्वनाथ गोराई, प्रणवानंद विद्या मंदिर, पाथरा के प्रधानाचार्य अभिनन्दन मुर्मू, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, रानीश्वर की शिक्षिका बनश्री कुमारी तथा प्लस टू उच्च विद्यालय, आसनबनी के अनूप कुमार घोष ने किया। स्वागत भाषण भारत सेवाश्रम संघ, प्रणवानंद विद्या मंदिर, पाथरा के सचिव स्वामी नित्यव्रतानंद ने किया, जबकि संचालन विद्यालय के प्रधानाचार्य अभिनन्दन मुर्मू ने किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. अशोक भट्टाचार्य, डॉ. गोपाल प्रसाद साह एवं रंजना भट्टाचार्य उपस्थित थे।