- राशन दुकानदारों ने उधार देने से किया इनकार, बच्चों की फीस और बुजुर्गों की दवा के लिए भी पैसे नहीं, कर्मियों ने उपायुक्त से लगाई गुहार
देवघर/नगर संवाददाता। देवघर सदर अस्पताल में एजेंसी के तहत कार्यरत कर्मियों की आर्थिक स्थिति लगातार खराब होती जा रही है। कर्मियों का आरोप है कि उनसे लगातार काम लिया जा रहा है, लेकिन पिछले करीब पांच माह से वेतन अथवा मानदेय का भुगतान नहीं किया गया है। इससे उनके सामने परिवार चलाने का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है।बकाया वेतन की मांग को लेकर शुक्रवार को बड़ी संख्या में कर्मी संबंधित एजेंसी के कार्यालय पहुंचे। इस दौरान महिला कर्मियों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि कई माह से वेतन नहीं मिलने के कारण घर का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। स्थिति यह है कि राशन दुकानदारों ने भी अब उधार राशन देने से इनकार कर दिया है। बच्चों की स्कूल फीस जमा नहीं हो पा रही है, जबकि घर के बुजुर्गों की दवा तक खरीदने के लिए पैसे नहीं हैं। कर्मियों ने कहा कि अस्पताल में उनसे नियमित रूप से काम लिया जा रहा है, लेकिन भुगतान नहीं किया जा रहा। मौके पर कई महिला कर्मी अपनी पीड़ा बताते हुए भावुक हो गईं। एक महिला कर्मी अपने बच्चे को गोद में लेकर रो पड़ी, जिससे माहौल बेहद मार्मिक हो गया। इधर कर्मियों ने आरोप लगाया कि एक तरफ पुराने कर्मियों का करीब पांच माह का वेतन लंबित है, वहीं दूसरी तरफ एजेंसी की ओर से नए कर्मियों की बहाली भी जारी है। इसको लेकर उन्होंने एजेंसी के कर्मचारी अजीत कुमार राय की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है। कर्मियों का कहना है कि विभागीय निर्देश के अनुसार बिना सिविल सर्जन की अनुमति के एजेंसी द्वारा बहाली नहीं की जा सकती। उन्होंने पूरे मामले की जांच, लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान और दोषियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए उपायुक्त से तत्काल संज्ञान लेने की अपील की है।
जहरीले सांप के डंसने से पूर्व मुखिया की मौत
देवघर/संवाददाता। मोहनपुर थाना क्षेत्र के चकरमा गांव में गुरुवार की देर शाम जहरीले सांप के डंसने से 38 वर्षीय महिला पूजा देवी की इलाज के दौरान देवघर सदर अस्पताल में मौत हो गई। मृतका चकरमा पंचायत की पूर्व मुखिया रही थीं। वर्तमान में वह बीस सूत्री सदस्य के रूप में कार्यरत थीं। परिजनों के अनुसार, गुरुवार की शाम पूजा देवी घर के बगल स्थित शिव मंदिर में बेल पेड़ की पूजा करने गई थीं। इसी दौरान उन्हें जहरीले सांप ने डंस लिया। घटना के बाद परिजन उन्हें इलाज के लिए देवघर सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सकों की देखरेख में उनका इलाज शुरू किया गया, लेकिन कुछ देर बाद ही इलाज के क्रम में उनकी मौत हो गई। इधर, घटना की जानकारी मिलने के बाद शुक्रवार की सुबह सदर अस्पताल स्थित बैद्यनाथधाम ओपी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। सदर अस्पताल परिसर में शव पहुंचने के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। घटना से पूरे परिवार में मातम पसरा रहा और माहौल गमगीन हो गया।
सत्संग नगर वेटिंग हॉल से ओडिशा की महिला अनुयायी का मोबाइल चोरी
- चार्जिंग में लगाया था मोबाइल, इसी दौरान चोरी होने का आरोप, शिकायत लेकर नगर थाना पहुंची पीड़िता
देवघर/संवाददाता। सत्संग नगर स्थित वेटिंग हॉल से ओडिशा से आयी एक महिला अनुयायी का मोबाइल चोरी होने का मामला सामने आया है। पीड़ित महिला की पहचान सत्यभामा दास, निवासी सुंदरगढ़ जिला, ओडिशा के रूप में हुई है। महिला अपने परिजन के साथ मोबाइल चोरी की शिकायत लेकर नगर थाना पहुंची। पीड़िता ने बताया कि उसने अपना मोबाइल वेटिंग हॉल में चार्जिंग पर लगाया था। इसी दौरान किसी ने उसका मोबाइल चोरी कर लिया। मोबाइल गायब होने का पता चलने के बाद उसने अपने परिजन के साथ नगर थाना पहुंचकर शिकायत देने का प्रयास किया। पीड़िता के अनुसार, थाना में उनसे मोबाइल खोने संबंधी फॉर्म भरवाया गया और इसके बाद उन्हें वापस भेज दिया गया। महिला ने बताया कि वह सत्संग के सिलसिले में ओडिशा से देवघर आयी थी। वेटिंग हॉल में मोबाइल चार्जिंग के दौरान चोरी होने से वह परेशान है।
तीन साल से फरार नाबालिग अपहरण मामले का आरोपी गिरफ्तार, लड़की भी बरामद
देवघर/संवाददाता। नाबालिग के अपहरण मामले में करीब तीन वर्ष से फरार चल रहे एक आरोपी को नगर थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान पवन कुमार उर्फ पवन दास, निवासी गृहजोरी, थाना आनंदपुर, बांका, बिहार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी नगर थाना कांड संख्या 304/24 में नाबालिग के अपहरण मामले का आरोपी था और घटना के बाद से फरार चल रहा था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की। इसके बाद शुक्रवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। वहीं पुलिस ने मामले से संबंधित लड़की को भी बरामद कर लिया है। मामले में पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
मुंगेर से हथियार लाकर देवघर में सप्लाई करने वाला अपराधी कार्बाइन के साथ गिरफ्तार
- कार्बाइन मशीनगन, दो मैगजीन व मोबाइल बरामद, एसपी प्रवीण पुष्कर ने प्रेसवार्ता में दी जानकारी
देवघर/संवाददाता। मुंगेर से हथियार लाकर देवघर में सप्लाई करने वाले एक आरोपी को पुलिस ने कार्बाइन मशीनगन और दो मैगजीन के साथ गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सूरज कुमार सिंह, निवासी रोहिणी परमेश्वर चौक, जसीडीह थाना क्षेत्र, के रूप में हुई है। वह मूल रूप से बिहार का रहने वाला बताया गया है। गिरफ्तारी की जानकारी पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर ने शुक्रवार को प्रेसवार्ता के दौरान दी। एसपी ने बताया कि कुंडा थाना क्षेत्र के कोरियासा मैदान के आसपास अवैध हथियार की खरीद-बिक्री की मंशा से कुछ अपराधियों के बैठे होने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर एसडीपीओ सदर कुलदीप कुमार के नेतृत्व में टीम गठित कर कार्रवाई का निर्देश दिया गया। टीम ने कार्रवाई करते हुए सूरज को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक कारबाइन मशीनगन, दो कार्बाइन की मैगजीन और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया।
दीपक झा के लिए काम करने का आरोप : पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार सूरज कुमार सिंह कुंडा थाना क्षेत्र के बाबूपुर गुरुकुल निवासी बालू कारोबारी दीपक झा के लिए काम करता था। बताया गया कि वर्ष 2022 में दीपक झा ने जसीडीह स्थित बसतपुर बालू घाट का टेंडर लिया था। निविदा प्राप्त करने के बाद दीपक को बाबा परिहस्त गैंग की ओर से धमकी मिलने लगी। इसके बाद सूरज ने मुंगेर से हथियार लाकर दीपक को सप्लाई किया। इसमें पिस्टल के अलावा बाद में कार्बाइन मशीनगन भी सप्लाई करने की बात सामने आयी है। पुलिस के अनुसार, कुछ दिन पहले दीपक ने कार्बाइन मशीनगन सूरज को वापस कर दी थी और कहा था कि उसे इस हथियार की जरूरत नहीं है। इसके बाद सूरज कार्बाइन लेकर वापस चला गया।
कार्बाइन पर पेंट कर ग्राहक की तलाश में था सूरज : पुलिस के अनुसार, दीपक से कार्बाइन वापस लेने के बाद सूरज ने उस पर पेंट किया और हथियार का खरीदार तलाशने लगा। ग्राहक की तलाश में वह कोरियासा मैदान पहुंचा था। इसी दौरान पुलिस को इसकी भनक लग गयी। पुलिस टीम के पहुंचने पर सूरज भागने का प्रयास करने लगा, लेकिन टीम ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास मौजूद झोले से कार्बाइन मशीनगन और दो मैगजीन बरामद हुई।
पहले भी आपराधिक मामलों में जा चुका है जेल : पुलिस के अनुसार, सूरज का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। उसकी संलिप्तता लूट और शराब तस्करी के मामलों में रही है। देवीपुर थाना क्षेत्र में हथियार के साथ शराब दुकान में लूट की घटना को अंजाम देने तथा उत्पाद थाना बांका के शराब तस्करी मामले में उसके जेल जाने की बात पुलिस ने बतायी है।
डिमांड पर हथियार सप्लाई करने का आरोप : पुलिस के अनुसार, सूरज मुंगेर से डिमांड के अनुरूप हथियार लाकर देवघर में सप्लाई करता था। जिसे जैसा हथियार और जितनी संख्या में हथियार चाहिए होता था, उसी अनुरूप वह हथियार लाकर देने का काम करता था। पुलिस का दावा है कि उसके द्वारा एक दर्जन से अधिक हथियारों की सप्लाई की जा चुकी है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस अन्य हथियारों की बरामदगी को लेकर भी प्रयास कर रही है।
दीपक झा से भी पूछताछ जारी : हथियार खरीदने समेत अन्य मामलों को लेकर पुलिस दीपक झा को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि उसके द्वारा अब तक कितने और किस तरह के हथियार खरीदे गये। साथ ही हथियारों का इस्तेमाल किन घटनाओं में किया गया, इस संबंध में भी जानकारी जुटायी जा रही है।
छापेमारी टीम में थे शामिल : कार्रवाई में एसडीपीओ सदर कुलदीप कुमार के नेतृत्व में जसीडीह थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक दीपक कुमार, कुंडा थाना प्रभारी प्रशांत कुमार, सहायक अवर निरीक्षक शिवयतन मुर्मू, आरक्षी रियाजुल हक, चंदन कुमार साहा, प्रवीण कुमार तथा चौकीदार अनिल मंडल और सच्चिदानंद मंडल शामिल थे।
चाय दुकान पर रंगदारी मांगने का आरोप, पिस्टल सटाकर 4500 रुपये छीने
- विरोध करने पर मारपीट कर जान से मारने की धमकी, तीन नामजद समेत आठ अज्ञात पर शिकायत
देवघर/संवाददाता। मोहनपुर थाना क्षेत्र के लेटवावरण गांव निवासी 55 वर्षीय नरेश यादव ने गांव के तीन लोगों समेत आठ अज्ञात व्यक्तियों पर रंगदारी मांगने, पिस्टल सटाकर रुपये छीनने और मारपीट करने का आरोप लगाया है। घटना आठ सितंबर की शाम करीब पांच बजे टाटा शोरूम के सामने स्थित चाय दुकान की बतायी गयी है। मामले को लेकर नरेश यादव ने मोहनपुर थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मामले में नरेश यादव ने कहा है कि वह चाय दुकान में बैठे थे। इसी दौरान उनके गांव के अंग्रेज यादव उर्फ राजन (35), पिता गोविन्द महतो और राजेश यादव (32), पिता महेंद्र यादव, दोनों ग्राम लेटवावरण, आठ अज्ञात लोगों के साथ उनके पास पहुंचे। आरोप है कि अंग्रेज यादव उर्फ राजन ने उनसे पीने-खाने के लिए 1000 रुपये रंगदारी की मांग की। नरेश यादव के अनुसार, रुपये देने से इनकार करने पर सभी लोग उनके साथ गाली-गलौज करने लगे। इसी दौरान संजय यादव (35), पिता मोहन यादव, ग्राम लेटवावरण भी वहां पहुंचा। शिकायत के मुताबिक संजय यादव ने सभी को आदेश दिया कि इसे जान से मार दो। आरोप है कि इसके बाद अंग्रेज यादव उर्फ राजन ने पिस्टल निकालकर नरेश यादव की कनपट्टी पर सटा दिया और उनकी जेब से 4500 रुपये निकाल लिये। इसके बाद पिस्टल के बट से उनके बायें गाल पर वार किया गया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सभी लोगों ने उन्हें जमीन पर पटक दिया और लात-घूंसों से बेरहमी से मारपीट की। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी। नरेश यादव ने दर्ज कराये मामले में आरोप लगाया है कि उक्त लोग दबंग, लड़ाकू और अपराधी किस्म के हैं। उन्होंने आशंका जतायी है कि आरोपित उनके साथ कभी भी अप्रिय घटना कर सकते हैं। उन्होंने थाना प्रभारी से मामले की छानबीन कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की गुहार लगायी है।
फसल में कीट-व्याधि से बचाव के वैज्ञानिक तरीकों की दी गयी जानकारी
- कृषक वैज्ञानिक अंतर मिलन कार्यक्रम में किसानों को समेकित कीट प्रबंधन, बीजोपचार और सुरक्षित रसायन प्रयोग की दी जानकारी
देवघर/नगर संवाददाता। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी सौरभ भुवानियां के निर्देश पर शुक्रवार को फसल सुरक्षा योजना के तहत कृषक वैज्ञानिक अंतर मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को फसलों में होने वाले विभिन्न कीट एवं व्याधियों की पहचान, रोकथाम और नियंत्रण के लिए तकनीकी एवं वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध कराना था। कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र देवघर की वरीय वैज्ञानिक सह प्रधान पूनम सोरेन, कृषि निरीक्षक विजय कुमार साहू, आत्मा देवघर के उप परियोजना निदेशक अरविंद कुमार राय सहित कृषि विभाग के पदाधिकारी-कर्मी, कृषि वैज्ञानिक और बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान कृषि वैज्ञानिकों ने जिले में प्रमुख रूप से उत्पादित फसलों में लगने वाले विभिन्न प्रकार के कीट एवं व्याधियों की पहचान और उनके प्रभावी प्रबंधन के संबंध में किसानों को विस्तार से जानकारी दी। वैज्ञानिकों ने किसानों को फसल की नियमित निगरानी करने तथा समय रहते कीट एवं रोग की पहचान कर आवश्यक नियंत्रण उपाय अपनाने की सलाह दी। किसानों को समेकित कीट प्रबंधन के तहत जैविक, यांत्रिक और रासायनिक विधियों के उचित उपयोग की जानकारी दी गई। इसके साथ ही बीजोपचार, फसल की निगरानी तथा कीट एवं व्याधि के आर्थिक क्षति स्तर के आधार पर नियंत्रण उपाय अपनाने पर विशेष जोर दिया गया। कृषि रक्षा रसायनों के प्रयोग को लेकर भी किसानों को सावधान किया गया। वैज्ञानिकों ने अनुशंसित मात्रा में ही रसायनों का उपयोग करने और उनके सुरक्षित प्रयोग से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। किसानों को बताया गया कि बिना आवश्यकता या निर्धारित मात्रा से अधिक रसायनों का प्रयोग फसल, मिट्टी और पर्यावरण के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इस दौरान किसानों ने फसल उत्पादन और फसल सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न समस्याओं एवं जिज्ञासाओं को कृषि वैज्ञानिकों के समक्ष रखा। वैज्ञानिकों ने किसानों की समस्याओं को सुनकर उनके तकनीकी समाधान और आवश्यक सुझाव दिए। कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाकर फसल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए जागरूक किया गया। साथ ही विभाग की ओर से समय-समय पर जारी तकनीकी अनुशंसाओं और दिशा-निर्देशों के अनुरूप फसल प्रबंधन करने की अपील की गई।
देवघर की समस्याओं से प्रमंडलीय आयुक्त को कराया अवगत
- झामुमो नेता सरोज कुमार सिंह के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात
जसीडीह/संवाददाता। झारखंड मुक्ति मोर्चा के नेता सरोज कुमार सिंह के नेतृत्व में जसीडीह के गणमान्य लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को संताल परगना प्रमंडल के प्रमंडलीय आयुक्त शैलेन्द्र कुमार लाल से औपचारिक मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल की ओर से आयुक्त को पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।
मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने देवघर जिले से जुड़ी विभिन्न समस्याओं एवं जनहित के मुद्दों से प्रमंडलीय आयुक्त को अवगत कराया। झामुमो नेता सरोज कुमार सिंह ने बताया कि बातचीत के दौरान क्षेत्र में संचालित सरकारी योजनाओं की स्थिति और आम लोगों को मिल रही सुविधाओं को लेकर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने तथा जनसमस्याओं के समाधान की दिशा में प्रशासन से अपेक्षा है। प्रतिनिधिमंडल की बात सुनने के बाद प्रमंडलीय आयुक्त शैलेन्द्र कुमार लाल ने आश्वस्त किया कि वे जल्द ही देवघर आकर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन एवं क्षेत्र की समस्याओं का जायजा लेंगे। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्राथमिकता होनी चाहिए। झामुमो नेता श्री सिंह ने कहा कि प्रमंडलीय आयुक्त से हुई मुलाकात सकारात्मक रही और उन्हें उम्मीद है कि क्षेत्र की समस्याओं के समाधान की दिशा में जल्द पहल होगी। मौके पर डॉ. नंदन दूबे, राजद नेता मनोरंजन कुमार, मोहम्मद इलियास, सुकुल मरांडी सहित अन्य लोग मौजूद थे।
देवघर में बैंककर्मियों की हुंकार, पांच दिवसीय बैंकिंग समेत मांगों को लेकर प्रदर्शन
- देशव्यापी बैंक हड़ताल का देवघर में दिखा असर, एसबीआई मुख्य शाखा के बाहर जुटे कर्मचारी अधिकारी, पीएलआई में असमानता का लगाया आरोप
देवघर/नगर संवाददाता। देशव्यापी बैंक हड़ताल के तहत गुरुवार को देवघर में भी बैंक कर्मचारी और अधिकारी एकजुट होकर सड़क पर उतरे। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आ”ान पर बैंककर्मियों ने भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया और जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग प्रमुख रही। बैंक यूनियनों का कहना है कि 8 मार्च 2024 को हुए 12वें द्विपक्षीय वेतन समझौते और संयुक्त नोट में पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने पर सहमति बनी थी। इसके बावजूद अब तक इसे लागू नहीं किए जाने से कर्मचारियों में नाराजगी है। बैंककर्मियों ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था से कर्मचारियों के कार्य-जीवन संतुलन में सुधार के साथ बैंकिंग कार्यक्षमता भी बेहतर होगी।
पीएलआई व्यवस्था में असमानता का आरोप : धरना-प्रदर्शन में परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। यूएफबीयू ने प्रस्तावित पीएलआई व्यवस्था में बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच असमानता की आशंका जताई। संगठन के अनुसार प्रस्तावित व्यवस्था में स्केल-चार और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर अधिकतम 365 दिनों के मूल वेतन तक पीएलआई का प्रावधान बताया गया है, जबकि स्केल-तीन तक के कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए अधिकतम 15 दिन के मूल वेतन एवं महंगाई भत्ते की व्यवस्था प्रस्तावित है। बैंक यूनियनों ने इस अंतर पर आपत्ति जताते हुए कहा कि प्रोत्साहन व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिसमें किसी भी संवर्ग के साथ भेदभाव की स्थिति पैदा न हो।
पेंशन से जुड़े मुद्दे भी उठाए : प्रदर्शन के दौरान पेंशन में सुधार एवं अपडेट, सभी पेंशनभोगियों के लिए समान महंगाई भत्ता फार्मूला लागू करने तथा राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना में आने का विकल्प देने की मांग भी उठाई गई। कर्मचारियों ने कहा कि वर्षों से लंबित इन मुद्दों का समाधान केवल आश्वासन से नहीं, बल्कि ठोस निर्णय से होना चाहिए। यूएफबीयू के संयोजक मुन्ना कुमार झा ने कहा कि बैंक कर्मचारी किसी व्यक्ति या संस्था के विरोध में आंदोलन नहीं कर रहे हैं, बल्कि न्यायसंगत और समान व्यवस्था की मांग को लेकर अपनी आवाज उठा रहे हैं। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लंबे समय से लंबित है, जबकि प्रस्तावित पीएलआई व्यवस्था में असमानता को लेकर कर्मचारियों में चिंता है। सरकार को बैंक यूनियनों के साथ सार्थक बातचीत कर समाधान निकालना चाहिए।
28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल का एलान : बैंक यूनियनों ने चेतावनी दी कि यदि लंबित मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। यूएफबीयू की ओर से 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय देशव्यापी बैंक हड़ताल का आह्वान किया गया है। इसके बाद भी मांगों का समाधान नहीं होने पर 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का कार्यक्रम घोषित किया गया है। बैंक कर्मचारियों ने कहा कि आंदोलन उनका पहला विकल्प नहीं है। बातचीत के माध्यम से समस्याओं का समाधान उनकी प्राथमिकता है, लेकिन मांगों पर लगातार देरी होने की स्थिति में संगठन अपने घोषित कार्यक्रम के तहत आंदोलन जारी रखने के लिए मजबूर होगा। देवघर में हुए प्रदर्शन से साफ है कि बैंककर्मियों में लंबित मांगों को लेकर असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है।