बिहार विधानसभा अध्यक्ष ने वैभव सूर्यवंशी को दी बधाई
पटना। संवाददाता। बिहार विधानसभा के अध्यक्ष नंदकिशोर यादव ने आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स की ओर से खेलते हुए गुजरात टाइटंस के खिलाफ सिर्फ 35 गेंदों पर शतक बनाने वाले बिहार के वैभव सूर्यवंशी को हार्दिक बधाई दी और कहा कि वैभव सूर्यवंशी क्रिकेट जगत में बिहार की नयी पहचान हैं। इतनी कम उम्र में आईपीएल में शतक बनाकर वैभव सूर्यवंशी ने नया इतिहास रचा है। इसमें कोई संदेह नहीं कि वैभव सूर्यवंशी आनेवाले समय में देश के क्रिकेट को नयी ऊंचाई पर ले जाएंगे।
श्री यादव ने कहा कि बिहार के इस लाल ने जो कमाल किया है, इससे क्रिकेट दुनिया के बड़े-बड़े दिग्गज अचंभित हैं। हमारी कामना है कि वैभव सूर्यवंशी इसी तरह का प्रदर्शन कर अपने परिवार, प्रदेश और पूरे देश का नाम रौशन करते रहें।
नगर निकायों में बनेंगे नए प्रशासनिक भवन
-आदेश जारी, सुव्यवस्थित होगा नए नगर निकायों में कार्यालय संचालन
नगर परिषद और पंचायत में प्रशासनिक भवनों का जल्द होगा निर्माण
पटना। संवाददाता। राज्य के नवगठित नगर निकायों में कार्यालय संचालन को सुचारू एवं व्यवस्थित करने के उद्देश्य से नगर विकास एवं आवास विभाग ने प्रशासनिक भवन/नगर सरकार भवन बनाने की योजना को स्वीकृति देनी शुरू कर दी है। विभाग ने 120 नए नगर निकायों में से 15 नगर निकायों में प्रशासनिक भवन के निर्माण का आदेश जारी कर दिया है। हालांकि, इसमें तीन पुराने नगर परिषद-तेघड़ा, बलिया एवं शिवहर भी शामिल हैं, जिनके पास अभी तक अपना कार्यालय भवन उपलब्ध नहीं था।
विभाग की तरफ से जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नगर निकायों का कार्य व्यवस्थित तरीके से संचालित करने के लिए उनके पास स्थायी कार्यालय भवन का होना जरूरी है। विभाग ने नए नगर निकायों को आदेश दिया है कि यदि कार्यालय किसी अन्य भवन या किराये के मकान में संचालित हो रहा है, तो निर्धारित मॉडल प्राक्कलन के अनुरूप नई भूमि का चयन कर अंचलाधिकारी से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करते हुए उसे विभाग को उपलब्ध कराया जाए, ताकि भवन निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जा सके।
नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री जिवेश कुमार ने कहा कि शहरी विकास को गति देने के लिए नए नगर निकायों में जल्द ही स्थायी प्रशासनिक भवनों का निर्माण शुरू कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिन भी नए नगर निकायों का कार्यालय समुदायिक भवन में, प्रखंड कार्यालय में, किराये पर या किसान भवन अथवा अन्य भवन में चल रहा है, उन नगर निकायों को भूमि की विवरणी, नजरी नक्शा एवं अनापत्ति सहित प्रस्ताव विभाग को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
तीन नगर परिषद के अलावा जिन नए नगर पंचायतों में प्रशासनिक भवन के निर्माण का आदेश जारी किया गया है उनमें अकबरनगर, पावापुरी, कटोरिया, शेखोपुर सराय, परबत्ता, हसनपुरा, इटाढ़ी, काको, मुरौल, घोसी, चण्डी और सरैया शामिल हैं।
विभाग के सचिव अभय कुमार सिंह ने कहा कि नगर सरकार भवन/प्रशासनिक भवन निर्माण के लिए नगर परिषद के लिए 16 हजार वर्गफीट और नगर पंचायत के लिए 10,760 वर्गफीट जमीन की आवश्यकता होती है। उन्होंने बताया कि नगर पंचायत क्षेत्र में बनने वाले प्रशासनिक भवन के लिए लगभग ढाई करोड़ (2.49 करोड़ रुपये) की लागत से निर्माण कार्य होगा। वहीं नगर परिषद में बनने वाले प्रशासनिक भवन के लिए लगभग पांच करोड़ (4.98 करोड़ रुपये) की लागत से निर्माण कार्य किया जायेगा। इसके लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की समस्याओं के निष्पादन के लिए की स्ट्रक्चर्ड वेबसाइट की स्थापना
ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर शिक्षकों को अपनी शिकायत दर्ज करने का मिला विकल्प
अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र लिखकर जारी किया निर्देश
पटना। संवाददाता। शिक्षकों की समस्याओं के त्वरित निष्पादन के लिए शिक्षा विभाग ने एक स्ट्रक्चर्ड वेबसाइट की स्थापना की है। इसके अंतर्गत ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर शिक्षकों को अपनी शिकायत दर्ज करने का विकल्प दिया गया है। इस पोर्टल पर राज्य सरकार के अधीन कार्यरत कोई भी शिक्षक अपने लॉगइन के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कर सकता है।
शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ ने राज्य के सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को पत्र लिखकर कहा है कि शिक्षकों की शिकायतों के निराकरण के लिए विभाग ने कई तरह की व्यवस्था कर रखी है, जिसमें जिला और प्रखंड स्तर पर इनकी समस्याओं के निष्पादन के लिए प्रत्येक शनिवार को जनता दरबार का आयोजन भी शामिल है। ताकि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर ही किया जाए। लेकिन उनकी समस्याओं का स्थानीय स्तर निवारण नहीं होने से शिक्षक मुख्यालय में स्थापित कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में अपनी शिकायत दर्ज कराने लगे हैं। जबकि शिक्षकों द्वारा कमांड एंड कंट्रोल सेंटर में समर्पित आवेदनों को जिला शिक्षा पदाधिकारी को भेजकर उनका निष्पादन कराया जाता है। अपर मुख्य सचिव का कहना है कि स्थानीय स्तर पर शिक्षकों की समस्याओं का समाधान नहीं होने से बड़ी संख्या में शिक्षक राज्य मुख्यालय पहुंच जाते हैं। कभी-कभी तो ऐसा भी देखा गया है कि वे अपने पूरे परिवार के साथ अपनी समस्याएं लेकर वरीय पदाधिकारियों से मिलने सचिवालय पहुंच जाते हैं। इससे शिक्षकों को व्यक्तिगत कठिनाई तो होती ही है, वहीं राज्य मुख्यालय का कार्य भी बाधित होता है। उन्होंने कहा कि बार-बार क्षेत्रीय पदाधिकारियों को कहा गया है कि वे स्थानीय स्तर पर ही शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने अपने पत्र में यह भी कहा है कि ऐसा लगता है कि इसे गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि अब सारी शिकायतें स्ट्रक्चर्ड वेबसाइट पर दर्ज करने पर जिला शिक्षा पदाधिकारी, प्राथमिक शिक्षा निदेशक, माध्यमिक शिक्षा निदेशक, निदेशक मध्याह्न भोजन योजना के साथ-साथ अपर मुख्य सचिव इन शिकायतों को एक साथ देख सकेंगे। जबकि भ्रष्टाचार संबंधी शिकायत केवल प्राथमिक व माध्यमिक शिक्षा निदेशक और अपर मुख्य सचिव ही देख सकेंगे। उन्होंने कहा कि जिला शिक्षा पदाधिकारी का यह दायित्व है कि शिकायतों का निष्पादन कर अनुपालन प्रतिवेदन इसी ई-शिक्षा कोष पर अपलोड करेंगे, ताकि अपर मुख्य सचिव के जन शिकायत कोषांग द्वारा समय-समय पर अनुपालन की समीक्षा हो सके। शिक्षक भी दर्ज की गई अपनी शिकायत को लेकर की गई कार्रवाई को ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर देख सकते हैं।
अपर मुख्य सचिव ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह वेबसाइट मूल आवेदन के लिए नहीं है। शिक्षक अपना मूल आवेदन अभी भी स्थानीय प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा पदाधिकारी को ही समर्पित करेंगे। यदि उनके स्तर पर कार्रवाई नहीं की जाती है तो वे अपनी शिकायत इस पोर्टल में दर्ज कर सकते हैं। जबकि आम जनता पूर्व की तरह अपनी शिकायत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से दर्ज कर सकते हैं। अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि शिक्षा विभाग की इच्छा है कि शिक्षक विद्यालयों में रहकर शैक्षणिक कार्य करेंगे और अनावश्यक रूप से विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाकर अपना समय व्यर्थ नहीं करेंगे।
प्रशांत किशोर जमुई आएंगे 30 को, जनसभा को करेंगे संबोधित
जमुई। संवाददाता। जन सुराज उद्घोष यात्रा के तहत बुधवार यानी 30 अप्रैल को जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर जमुई आएंगे। श्री किशोर जमुई भ्रमण के दरम्यान शहर स्थित श्री कृष्ण सिंह स्टेडियम में जनसभा को संबोधित करेंगे। जमुई आगमन के क्रम में उनका सिकंदरा चौक, महादेव सिमरिया बाज़ार, अगहरा-बरूअट्टा चौक आदि जगहों पर स्वागत किया जाएगा। जन सुराज के सूत्रधार के आगमन को लेकर पूरे जिले के कार्यकर्ताओं में उत्साह है। जिलाध्यक्ष धर्मदेव यादव ने इस आशय की जानकारी देते हुए कहा कि बिहार में बदलाव के लिए आमजन 30 अप्रैल को जमुई आएं और प्रशांत किशोर के विचारों को आत्मसात करें। जनसभा की तैयारी जारी है।
उधर जन सूराज के सक्रिय नेता रूपेश कुमार सिंह, अशोक कुमार सिन्हा, झुन्ना सिंह आदि लोग निर्धारित जनसभा को सफल बनाने में जुटे हुए हैं।
नगर परिषद ने जेसीबी से हटाया नाले पर बना अवैध कब्जा
लोगों को हो रही परेशानी को लेकर चलाया गया अतिक्रमण हटाओ अभियान
झाझा। संवाददाता। मंगलवार को नगर परिषद क्षेत्र के मुख्य बाजार में सरकारी सड़क के किनारे बने नाला पर अबैध कब्जा किए जाने से हो रही परेशानी पर नगर परिषद कार्यालय की ओर से शहर में अतिक्रमण हटाने के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया। हालांकि दो दिन पूर्व नप कार्यालय की ओर से माइकिंग के माध्यम से अतिक्रमणकारियों को चेतावनी जारी की थी कि वे स्वेच्छा से अपना सामान हटा लें। लेकिन बाजार में दुकानदार इस आदेश को हल्का में ले रखा था, जिसके बाद स्वच्छता एवं अवशिष्ट पदाधिकारी मोनिका सिंह की निगरानी में अतिक्रमण हटाओ अभियान की शुरुआत की। यह कार्रवाई उन दुकानदारों के विरुद्ध की गई, जिन्होंने सड़क किनारे नाले पर अवैध रूप से कब्जा कर दुकान सजाकर रखे थे। इससे न केवल यातायात में बाधा उत्पन्न हो रही थी, बल्कि नाले की नियमित सफाई भी प्रभावित हो रही थी। स्वच्छता एवं अवशिष्ट पदाधिकारी ने कहा कि पुरानी बाजार होते हुए फांड़ी चौक तक यह अभियान चलेगा और शहर में अतिक्रमण को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। वही बाजार में अतिक्रमण हटाने का कार्य होते देखकर नाला पर दुकान सजाकर चला रहे दुकानदार के बीच हड़कम्प मच गया और नाला पर सजी दुकान को हटाने लगा। अभियान के दौरान नगर परिषद की टीम ने जेसीबी मशीन की मदद से नाले पर बनाए गए अस्थायी ढांचे, छप्पर को हटाया। वही शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा।
डीएसएम कॉलेज में एसबीआई की ओर से लगाया शुद्ध शीतल पेयजल मशीन
झाझा। संवाददाता। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने अपने सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत शिक्षा के क्षेत्र में एक सराहनीय पहल करते हुए शहर स्थित डीएसएम कॉलेज में शुद्ध शीतल पेयजल मशीन की स्थापना की है। इस सुविधा का उद्घाटन मंगलवार को मुंगेर आरबीओ के मुख्य प्रबंधक मनीष दत्ता, कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजफर शमशी और एसबीआई झाझा शाखा के मुख्य प्रबंधक चंदन कुमार आमियार ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया। मौके पर मुख्य प्रबंधक ने कहा कि एसबीआई केवल बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन भी गंभीरता से करता है। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में विद्यार्थियों को स्वच्छ और ठंडा पेयजल मिल सके, इसके लिए यह मशीन लगाई गई है। यह पहल छात्रों के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजफर शमशी ने इस जनोपयोगी कार्य के लिए एसबीआई का आभार प्रकट करते हुए कहा कि कॉलेज में लंबे समय से शुद्ध पेयजल की समस्या थी, जिसका समाधान इस मशीन के माध्यम से हो गया है। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई में किसी तरह की असुविधा नहीं होगी और वे बेहतर वातावरण में शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। शाखा प्रबंधक ने कहा कि यह कॉलेज काफी पुराना है और आसपास के दूर दराज ग्रामीण क्षेत्र से छात्र-छात्रा स्नातक की शिक्षा ग्रहण करने के लिए यहां आते हैं, ऐसे में उनके बीच यह सुविधा उपलब्ध होना उन विद्यार्थियों के लिए लाभाकारी है। बैंक हमेशा परोपकारी कार्य करते रहते है। कार्यक्रम के दौरान सभी ने इस पहल की सराहना की और एसबीआई के प्रयास को समाज के लिए प्रेरणादायक बताया। इस अवसर पर बैंक के वरीय सहायक मनोज कुमार, कॉलेज के शिक्षक संजय चौधरी, प्रो. राकेश पासवान सहित अन्य कर्मचारी एवं अन्य लोग मौजूद थे।
स्वच्छ तरीके से होगा होमगार्ड की बहाली : अपर मुख्य सचिव
अपर मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए किया समीक्षा
जमुई डीएम ने निर्देशों को किया आत्मसात
जमुई। संवाददाता। गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव ने पटना से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए होमगार्ड बहाली प्रक्रिया की समीक्षा की और जरूरी निर्देश दिए।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि स्वच्छ एवं पारदर्शी ढंग से होमगार्ड की बहाली प्रक्रिया को पूरा किया जाना है। उन्होंने पदस्थों को बहाली को लेकर कई टिप्स दिए। डीएम अभिलाषा शर्मा ने समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ से वीडियो कांफ्रेंसिंग में भाग लिया और जरूरी निर्देशों को आत्मसात किया। मौके पर नामित ओहदेदार उपस्थित थे।
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि गैर आरक्षित वर्ग, अनुसूचित जाति वर्ग, अनुसूचित जनजाति वर्ग, अत्यंत पिछड़ा वर्ग वर्ग, पिछड़ा वर्ग, पिछड़ा वर्ग की महिलाओं और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिये होमगार्ड बहाली प्रक्रिया में पद शामिल है। इन सभी आरक्षण कोटियों में संबंधित कोटि की महिलाओं के लिए 35 प्रतिशत आरक्षण अनुमान्य है। इन रिक्तियों के विरुद्ध गृह रक्षकों के स्वच्छ नामांकन की प्रक्रिया के तहत शारीरिक दक्षता परीक्षण में आधुनिक तकनीक का उपयोग किया जायेगा। यूएचएफ आरएफआईडी आधारित तकनीक का सहारा रेस की टाइमिंग रिकॉर्ड करने के लिए लिए जाएंगे। दौड़ में बैगर किसी मानवीय हस्तक्षेप के तकनीक के सहारे सभी आंकड़े रिकॉर्ड किये जायेंगे। इसमें अभ्यर्थियों का बायोमैट्रिक डाटा एवं फोटो कैप्चर, अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन, सीसीटीवी का उपयोग, यूएचएफ आरएफआईडी आधारित रेस टाइमिंग सिस्टम, डिजिटल फिजिकल स्टैंडर्ड टेस्ट मशीन का ऑटोमेटेड हाइट और चेस्ट मेजरमेंट के लिये उपयोग, लेजर बेस्ड डिजिटल लॉन्ग जंप, शॉट पुट मेजरमेंट सिस्टम का उपयोग आदि तकनीकों का इस्तेमाल सुनिश्चित किया जायेगा। अपर मुख्य सचिव ने स्पष्ट रूप से कहा कि शारीरिक दक्षता के परीक्षण के क्रम में अभ्यर्थियों का सत्यापन, वेट, हाइट, लेंथ एवं टाइम मेजरमेंट की प्रक्रिया को डिजिटल एवं ऑटोमेटेड माध्यम से सुनिश्चित किया जाएगा। इससे कम से कम मैन्युअल हस्तक्षेप होगा तथा प्रक्रिया पारदर्शी होगी। वहीं परीक्षण स्थल पर चिकित्सीय सहायता व्यवस्था, जांच एवं बायोमेट्रिक सिस्टम, वीडियोग्राफी, सीसीटीवी की व्यवस्था एवं जांच के लिए आधुनिक तकनीकी उपकरणों की व्यवस्था की जाएगी। शारीरिक दक्षता परीक्षा के दौरान विधि व्यवस्था के संधारण के लिए आवश्यक मानव संसाधन का आंकलन करना सुनिश्चित करेंगे।
डीडीसी सुभाष चंद्र मंडल, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सतीश सुमन, जिला कल्याण पदाधिकारी, वरीय जिला समादेष्टा, नजारत उपसमाहर्त्ता अमु आमला, जिला खेल पदाधिकारी समेत अन्य नामित पदस्थ बैठक में उपस्थित थे।