एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं का उद्घोष हमारी राष्ट्रभक्ति की नींव है : विरेन्द्र
जामताड़ा। संवाददाता। भारतीय जनसंघ के संस्थापक, महान शिक्षाविद् एवं प्रखर राष्ट्रवादी विचारक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन भाजपा नगर अध्यक्ष गौउर बाउरी की अध्यक्षता में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष सह भाजपा वरिष्ठ नेता वीरेंद्र मंडल ने डॉ. मुखर्जी के विचारों और उनके राष्ट्र के प्रति योगदान को याद करते हुए कहा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी न सिर्फ एक महान शिक्षाविद् थे, बल्कि उन्होंने भारतीय राजनीति को नई दिशा देने का कार्य किया। एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे, यह उनका उद्घोष आज भी हमारी राष्ट्रभक्ति की नींव है। उनके बलिदान ने जम्मू-कश्मीर को भारत से पूर्णत: जोड़ने की राह प्रशस्त की। हमें उनके विचारों और सिद्धांतों को अपनाते हुए राष्ट्रहित में कार्य करना चाहिए।
कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों एवं स्थानीय नागरिकों ने भी भाग लिया और पुष्प अर्पण कर डॉ. मुखर्जी को श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। मौके पर मुख्य रूप से पूर्व जामताड़ा ग्रामीण मंडल अध्यक्ष रंजीत राणा, पबिया भाजपा मंडल महामंत्री राजेंद्र मंडल, भीम महतो समेत तमाम भाजपा कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।
व्यक्ति नहीं विचारधारा थेे डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी : माधव
कुंडहित। संवाददाता। रविवार को कुंडहित मुख्यालय स्थित भारतीय जनता पार्टी के कार्यालय में डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 126वीं जयंती मनाई गई। कार्यक्रम में मुख्य रूप से भाजपा के प्रदेश मंत्री सह गांडेय प्रत्याशी दिलीप वर्मा, वरिष्ठ नेता माधव चंद्र महतो उपस्थित थे। कार्यक्रम के दौरान नेताओं और कार्यकर्ताओं में डॉ मुखर्जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें याद किया और उनके आदर्शों पर चलते हुए सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के रास्ते देश को परम वैभव तक ले जाने का भाजपा का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए गांडेय सीट से चुनाव लड़ने वाले भाजपा के नेता श्री वर्मा ने कहा कि जनसंघ के पहले संस्थापक अध्यक्ष रहे डॉ मुखर्जी ने स्वतंत्र भारत की पहली सरकार में गैर कांग्रेसी कोटे से वित्त एवं उद्योग मंत्री के रूप में चितरंजन में रेल कारखाना, विशाखापट्टनम में जहाज का कारखाना स्थापित करने के साथ अनेक कार्यो के माध्यम से देश के विकास की नींव रखी। उन्होंने बगैर परमिट के कश्मीर जाकर देश में दो विधान दो निशान और दो प्रधान का विरोध किया। कश्मीर में उनकी गिरफ्तारी के बाद रहस्यमय स्थितियों में मृत्यु हो गई। उनकी मृत्यु का सच भी देशवासी नहीं जान सके। उन्होंने कहा कि हम प्रत्येक वर्ष उनकी जयंती मनाकर उनके दिखाए रास्ते पर चलते हुए उनके सपनों को पूरा करने का प्रयास कर रहे हैं। कार्यकर्ताओ को संबोधित करते हुए वरिष्ठ नेता माधव चंद्र महतो ने कहा कि डॉ मुखर्जी की प्रेरणा से ही आज भारतीय जनता पार्टी सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की विचारधारा के माध्यम से भारत को परम वैभव तक ले जाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि डॉ मुखर्जी सिर्फ एक व्यक्ति नहीं बल्कि एक विचारधारा है, उनके जीवन संघर्ष आज भी हमें प्रेरित करते हैं। मौके पर उक्त नेताओं के अलावा भाजपा के जिला अध्यक्ष सुमित शरण, पूर्व जिप सदस्य सुभद्रा बाउरी, विष्णु मंडल, मनोज गोस्वामी, ननीगोपाल गोराई के अलावे कुंडहित, नाला और फतेहपुर तीनों प्रखंडो के पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता की उपस्थित थे।
“या अली, या हुसैन” के नारों से गूंज उठी फिजा
पूरे जिला में शांतिपूर्ण ढंग से मना मुहर्रम
ताजिया जुलूस में डीसी-एसपी ने लाठी भांजी
जामताड़ा। संवाददाता। त्याग, बलिदान और सच्चाई की राह पर अडिग रहने की सीख देने वाला पर्व मुहर्रम बुधवार को जामताड़ा में पूरी आस्था, श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जिले भर से ताजिया जुलूस और अखाड़ा प्रदर्शन की एक अनुपम झलक देखने को मिली, जिसने पूरे नगर को धर्म, संस्कृति और शौर्य के रंग में रंग दिया। सुबह से ही जिले के सरखेलडीह, पाकडीह, राजबाड़ी, रहमुडंगाल, मियांडीह, बुधुडीह, दुलाडीह, मोहड़ा, नाराडीह सहित कई गांवों की ताजिया और अखाड़ा समितियां अपनी-अपनी पारंपरिक साज-सज्जा के साथ जुलूस निकालते हुए सुभाष चौक की ओर बढ़ीं। सड़कों पर “या अली, या हुसैन” के नारों से गूंज उठी फिजा ने माहौल को इमाम हुसैन की शहादत की याद में भावुक कर दिया।
अखाड़ा खिलाड़ियों ने पेश किया शौर्य का प्रदर्शन
जुलूस का मुख्य आकर्षण विभिन्न अखाड़ों द्वारा प्रस्तुत लाठी, तलवार, भाला, गड़ासा और आग के हैरतअंगेज करतब रहे। युवा खिलाड़ियों ने अपने जुझारूपन, संतुलन और परंपरागत युद्धकला से उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। दर्शकों की तालियों और जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठा। इन करतबों के माध्यम से कर्बला की लड़ाई और इमाम हुसैन के त्याग को मैदान-ए-जंग की रूपरेखा में जीवंत किया गया।
धार्मिक सौहार्द का बना अद्भुत दृश्य
मुहर्रम के इस जुलूस में केवल इस्लाम धर्म के अनुयायी ही नहीं, बल्कि हिंदू, सिख, ईसाई सहित अन्य धर्मों के लोगों ने भी भाग लिया, जिससे यह पर्व धार्मिक सौहार्द और भाईचारे का प्रतीक बनकर उभरा। सभी ने मिलकर न सिर्फ ताजिया को कंधा दिया बल्कि अखाड़ा प्रदर्शन में भी सहभागिता की।
प्रशासन रहा पूरी तरह चौकस
इस विशाल आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की थी। मौके पर उपायुक्त रवि आनंद, पुलिस अधीक्षक राजकुमार मेहता, अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार, सीडीपीओ विकास आनंद लांगोरी, बीडीओ प्रवीण चौधरी, सीओ अबिश्वर मुर्मू, थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह सहित भारी संख्या में पुलिस बल व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। एक विशेष आकर्षण का केंद्र वह क्षण रहा, जब डीसी और एसपी स्वयं लाठी खेल में शामिल हुए और उन्होंने अपने खेल कौशल से उपस्थित जनसमूह को चौंका दिया। उनके इस सहभागिता ने न केवल खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाया बल्कि “प्रशासन और जनता के बीच के रिश्ते” को भी और मजबूत किया।
राजनीतिक व सामाजिक प्रतिनिधियों ने दी उपस्थिति
इस अवसर पर विभिन्न राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। समाजसेवी सफीक अंसारी, इरशाद उल हक अर्शी, चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष संजय अग्रवाल सहित कई गणमान्य लोगों ने अखाड़ा कमेटियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने का संदेश दिया। इन सभी ने मिलकर मुहर्रम के आयोजन को एक सामूहिक लोक उत्सव का स्वरूप प्रदान किया।
सांस्कृतिक धरोहर के रूप में स्थापित होता पर्व
मुहर्रम अब केवल शोक और श्रद्धा का पर्व नहीं रह गया है, यह सांस्कृतिक परंपरा, साहस, समर्पण और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक बन चुका है। जामताड़ा में यह आयोजन न केवल इतिहास की याद दिलाता है, बल्कि नई पीढ़ी को धर्म, कर्तव्य और मानवता का वास्तविक अर्थ भी सिखाता है। इस भव्य आयोजन के साथ जामताड़ा ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि चाहे पर्व कोई भी हो, जब समाज साथ आता है, तो हर आयोजन एक लोक संस्कृति का उत्सव बन जाता है।
नात और निशान के साथ मर्सिहा गाते हुए मनाया गया मातमी त्यौहार मुहर्रम
इस्लाम में बेहद खास है माहे मुहर्रम : मौलाना इसहाक आलम
कुंडहित। फतेहपुर। संवाददाता। रविवार को कुंडहित मुख्यालय के अलावे प्रखंड क्षेत्र के बाघाशोला, महेशपुर, विक्रमपुर, पांचकुड़ी, बनकाठी, नवडीहा सहित तमाम मुस्लिम बहुल गांवों में सादगी पूर्ण ढंग से मातमी त्यौहार मुहर्रम मनाया गया। कुंडहित मुख्यालय में मुहर्रम माह के 10वीं तारीख के दिन रविवार को इमाम हुसैन को याद करते हुए हर साल की भांति इस साल भी नात और निशान के साथ मर्सिहा गाते हुए, मातमी जुलूस निकाला गया। मुहर्रम का जुलूस बाघाशोला से निकालकर पुराना बैंक मोड़ होते हुए पुराना थाना पहुंच कर अखाड़े में तब्दील हो गई। अखाड़े में बाघाशोला के मुहर्रम कमेटी के सदस्य ने एक से एक करतब दिखा कर हसन-हुसैन को याद किया गया। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने यादगारे हसन-हुसैन में अस्थाना, मस्जिद और अपने घर में शिरनी का फतियाखानी किया। हसन-हुसैन की याद में रोजा रखकर शुक्रवार की रात को नमाज अदा की गई और कुरान-ए-खानी की गई। इधर मुहर्रम के शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर पुलिस प्रशासन की चुस्त-दुरुस्त दिखी। मुख्यालय के विभिन्न स्थानों के अलावे चिन्हित मुस्लिम बहुल गांवो में दंडाधिकारियों के नेतृत्व में पुलिस बल की तैनाती की गई थी।
बाघाशोला के इमाम मौलाना इसहाक आलम ने कहा कि इस्लामिक धर्म में मुहर्रम एक अहम महीना है। इसमें नबी पाक सलल्लाहो ताआला अलेही वसल्लमा के नवासो ने करबला की धरती पर अपनी जान कुर्बान कर दी लेकिन मजहबे इस्लाम पर आंच आने नहीं दिया। उन्होंने अपने खानदान को लुटा दिया मगर दीन-ए-मोहम्मदी को लूटने नहीं दिया। इस माहे मुबारक की एक तारीख है जिसको यौमे आशूरा कहा जाता है। अल्लाह के नबी ने फरमाया है कि उस दिन की फजीलत बेशुमार है। अल्लाह रब्बुल इज्जत ने बेशुमार खुबियां इनायत की है। इस माह की 9वीं और 10वीं तारीख में रोजे रखे जाते हैं, जिसे आशूरा का रोजा कहा जाता है।
फतेहपुर संवाददाता के अनुसार, रविवार को मोहर्रम पर्व को लेकर जुलूस निकाला गया, जिसमें बनगड़ी और खिजुरिया मोहर्रम कमेटी के खिलाड़ियों ने कई प्रकार के खेल का प्रदर्शन किया। फतेहपुर हटिया, बस स्टैंड, फतेहपुर मोड़ से ही अखाड़ा समाप्त किया गया। इस दौरान जुलूस को लेकर पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह से एक्टिव मोड पर रही। अखाड़ा स्थल के साथ साथ चौक चौराहा पर जिला प्रशासन की ओर से विशेष पुलिस बल मुहैया कराया गया था। इसके इलावा मजिस्ट्रेट की तैनाती भी किया गया था। जुलूस निगरानी के लिए पुलिस प्रशासन ने ड्रोन कैमरा भी लगाया था। ताकि किसी भी प्रकार के शरारती तत्वों पर खास नजर रखा जा सके।
मौके पर विधि व्यवस्था को लेकर सीओ हिम्मत लाल महतो, पुलिस इंस्पेक्टर फारूक, थाना प्रभारी कुंदन वर्मा सहित पुलिस बल तैनात दिखे।