भगवान बिरसा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया श्रद्धा सुमन अर्पित
जामताड़ा। पंच टीम। भगवान बिरसा मुंडा के जन्म जयंती एवं झारखंड स्थापना दिवस के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी के तत्वावधान में भगवान बिरसा मुंडा को पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित किये। मौके पर भाजपा के वरिष्ठ नेता वीरेंद्र मंडल ने अपने संबोधन में बताया कि भारतीय जनता पार्टी की ओर से आज के इस दिवस को गौरव दिवस के रूप में मना रहे हैं। पार्टी के माध्यम से बूथ स्तर पर भी पुष्प अर्पित कर श्रद्धा सुमन अर्पित कर रहे हैं। हम झारखंड वासियों के लिए बड़ा ही गौरव का विषय है। आज की ही तिथि को देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने झारखंड अलग राज्य दिया था। हम झारखंड वासियों को गौरवान्वित होना चाहिए कि पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र भाई मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा के जन्म जयंती पर झारखंड आकर भगवान बिरसा मुंडा के गांव उलिहातु जाकर उनके परिजनों से मिलकर इस राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए ढेर सारी विकास की सौगात भी दिए है।
झारखंड वासियों से अपील करता हूं कि देश और इस राज्य की सर्वांगीण विकास के लिए नरेंद्र भाई मोदी को फिर से इस देश का प्रधानमंत्री और इस राज्य में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी की बहुमत की सरकार बने, इसके लिए अपना बहुमूल्य वोट भाजपा को ही दें। मौके पर जिला अध्यक्ष सोमनाथ सिंह, जिला उपाध्यक्ष सुकुमार सरखेल, चंदन रावत, के नायक, मुरारी भूषण सिंह, मोहन शर्मा, अशोक, रंजीत राणा के साथ-साथ काफी संख्या में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता उपस्थित थे।
भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर डीसी ने किया माल्यार्पण
भगवान बिरसा मुंडा जयंती एवं राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर कोर्ट मोड़ स्थित भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर डीसी शशि भूषण मेहरा, एसपी अनिमेष नैथानी, डीडीसी अनिलसन लकड़ा, एसी सुरेन्द्र कुमार, एसडीओ अनंत कुमार माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया। डीसी ने कहा कि भारतीय इतिहास में भगवान बिरसा मुंडा एक ऐसे नायक थे। जिन्होंने अपने क्रांतिकारी चिंतन से 19वीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में आदिवासी समाज की दशा व दिशा बदलकर नवीन सामाजिक एवं राजनीतिक युग का सूत्रपात किया। उन्होंने अंग्रेजों के दमनकारी नीति के खिलाफ आंदोलन किया। उनकी जयंती पर भारत सरकार की ओर से जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाया जाता है। मौके पर डीएसओ कीर्तिबाला लकड़ा, डीइओ डॉ गोपाल कृष्ण झा, डीएसई दीपक राम, सीओ अबिश्वर मुर्मू, डीएसडब्लूओ कलानाथ सहित अन्य उपस्थित थे।
फतेहपुर संवाददाता के अनुसार, फतेहपुर प्रखंड कांग्रेस कार्यालय में प्रखंड अध्यक्ष जलालुद्दीन अंसारी की अध्यक्षता में महान क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर जयंती मनाया गया। उनके बलिदान को याद किया गया। उनके अधुरे सपने को साकार करने का शपथ लिया। साथ ही, झारखंड स्थापना दिवस की सभी झारखंड वासियों को बधाई दी गई। सरकार के जन कल्याणकारी योजनाओं को आम जनों तक पहुंचाने का संकल्प लिया। मौके पर धनराज किस्कू, रशीद अंसारी, इसाद अंसारी, इस्लाम मियां, हियात मियां, सुनिल कुमार हांसदा, स्टेफन हेम्ब्रम, किरन बाला हांसदा आदि उपस्थित रहे।
झामुमो पार्टी कार्यालय में मनाया गया झारखण्ड स्थापना दिवस व बिरसा मुंडा जयंती
नाला संवाददाता के अनुसार, जेएमएम पार्टी कार्यालय जामताड़ा में झारखंड स्थापना दिवस व बिरसा मुंडा की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जेएमएम पार्टी के जिला उपाध्यक्ष रबिन्द्रनाथ दुबे ने किया। इस अवसर पर सबों ने भगवान बिरसा मुंडा की चित्रपट पर मल्हार पहनकर श्रद्धा सुमन अर्पित की तथा उनके जीवनी पर प्रकाश डालते हुए उनके मार्ग पर चलने का संकल्प लिया। आज के इस कार्यक्रम में केंद्रीय समिति सदस्य रबिन्द्रनाथ दुबे, जिला उपाध्यक्ष प्रो कैलाश प्रसाद साव, केंद्रीय समिति सदस्य अशोक मंडल, जिला सचिव परेश यादव, अल्पसंख्यक मोर्चा जिला अध्यक्ष डॉ अब्दुल मन्नान अंसारी, अल्पसंख्यक मोर्चा जिला सचिव सह सोशल मीडिया प्रभारी मों सफीक अंसारी सहित अन्य ने अहम भूमिका निभाया।
कुंडहित में दिखी भाई दूज की धूम
कुंडहित। संवाददाता। बुधवार को कुंडहित मुख्यालय के अलावे बाबूपुर, गड़जुड़ी, पालाजोड़ी, बागडेहरी, अंबा, सालूका, तुलसीचौक, बनकाटी, रामपुर, भंगाहिड़, नाटुनताला, सुद्राक्षीपुर, लाइकापुर, नगरी, बेंलडंगाल, गायसावड़ा सहित प्रखंड के तमाम गांवों में भाई बहन का त्यौहार भाई दूज धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने भाईयों के कपाल में चंदन का तिलक लगाया। इस दौरान कहा कि भायेर कपाले दिलाम फोटा, जमेरे द्वारे पड़लो काटा, जमुना देय जम के फोटा, आमि दी आमार भाई के फोटा। यह त्यौहार भाई फोटा के नाम से भी जाना जाता है। इस पर्व बंगाली समुदाय के लोग रक्षाबंधन की तरह मनाते हैं। एक तरह से यह रक्षाबंधन की तरह ही त्यौहार है। जो कार्तिक मास में मनाया जाता हैं। इसे भातृ द्वितीया के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व बहन और भाई के स्नेह का प्रतीक है। भाई दूज के दिन बहनें अपने भाईयों को तिलक लगाती है और बहन भाई को मिठाई भी खिलाकर उनके लंबे उम्र की कामना करती है। इससे भाई बहन का रिश्ता मजबूत होता है। जहां बहन अपने भाई की लंबी उम्र की कामना करती है। वहीं भाई अपने बहन के मान सम्मान की रक्षा करने का वचन देता है। बहरहाल बुधवार को पूरे प्रखंड में भाई फोटा के धूम में गांव और गलियां गुलजार दिखी।
काली पूजा व भाईदूज के अवसर पर तीन दिवसीय सांस्कृतिक व खेलकूद प्रतियोगिता आयोजित
नाला। संवाददाता। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी पाथरघाट गांव में स्वामी विवेकानंद युवा समिति के तत्वावधान में दीपावली तथा भाई दूज के पावन अवसर पर विभिन्न सांस्कृतिक एवं खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया। मालूम हो कि सांस्कृतिक व खेलकूद प्रतियोगिता के पारितोषिक वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ उप मुखिया विवेक मंडल ने विधिवत रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर स्थानीय कलाकारों ने नृत्य गीत तथा अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। इस अवसर पर सुप्रिया बाउरी, फुलटुसी दास, सुमन मंडल, अरिजीत मंडल, मेघला भंडारी, उमा दास, पूजा मंडल, प्रतिमा दास, चैताली दास, लक्खी भंडारी, सीमा दास आदि प्रतिभागी के रूप में शामिल हुए। वहीं आवृत्ति प्रतियोगिता में आयुष माजी, अन्वेष चौधरी, अहाना पाल, अर्पिता सेन आदि सबों ने प्रतिभागी के रूप में शामिल हुए। शंख वादन प्रतियोगिता में राखी बाउरी तथा बरनाली दास तथा अन्य प्रतिभागी शामिल हुए। मालूम हो की विशिष्ट मुख्य अतिथि तथा विशिष्ट अतिथियों ने सभी उत्कृष्ट प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया।
विधानसभाध्यक्ष ने किया तीन दिवसीय फुटबाल टूर्नामेंट का उद्घाटन
टुर्नामेंट का आयोजन से प्रतिभा को दिखाने का मिलता है अवसर
कुंडहित। संवाददाता। बुधवार को कुंडहित प्रखंड के बनकाटी पंचायत अन्तर्गत बनियाडंगाल फुटबॉल मैदान में आदिवासी सु:सार गांवता क्लब महेशपुर की ओर से तीन दिवसीय फुटबॉल टुर्नामेंट का आयोजन किया गया। टूर्नामेंट का उद्घाटन स्थानीय विधायक सह विधानसभा अध्यक्ष रविंद्रनाथ महतो ने फीता काटकर तथा खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर किया। बताते चलें कि उद्घाटन मैच फाराकुसुम बनाम आरएफसी फुटबॉल टीम के बीच खेला गया। निधारित समय पर दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने रोमाचंक खेल का प्रदर्शन किया। अंत में फाराकुसुम फुटबॉल टीम ने आरएफसी टीम को पेनाल्टी में एक गोल से पराजित किया।
मौके पर स्थानीय विधायक सह विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने उपस्थित खिलाड़ियों एवं खेल प्रेमियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि पढ़ाई के साथ साथ खेलकूद भी बहुत जरुरी है। उन्होंने कहा ग्रामीण क्षेत्र में इस तरह के टुर्नामेंट का आयोजन होने से युवाओं को अपने प्रतिभा को दिखाने का अवसर मिलता है। उन्होंने खिलाड़ियों का हौसला अफजाई किया। उन्होंने उपस्थित खिलाड़ियों को अच्छे और शांतिपूर्वक ढंग से खेल प्रदर्शन करने की बात कही। वही कमेटी के सदस्यों को अगले साल और बेहतर आयोजन करने की बात कही। इस दौरान क्लब के राजीव बास्की ने बताया टुर्नामेंट में 16 टीमों ने भाग लिया है। वही आगामी 17 नवंबर को फाईनल खेल के बाद विजयी एवं उप विजयी टीम के साथ साथ अच्छे प्रदर्शन करने वाले खिलाडियों को पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा। मौके पर पूर्व जिला परिषद सदस्य भजहरी मंडल, प्रखंड अध्यक्ष जयेश्वर मुर्मू, कुतुबुद्दीन खान, ऑफिसर हेंब्रम, शंकर मंडल, संतोष सिन्हा, कुंडहित थाना प्रभारी दयाशंकर राय, क्लब के राजीव बास्की, लोगेन हेम्ब्रम, अजय सोरेन, उज्जवल सोरेन, रामसाधु टुडु सहित अन्य मौजूद थे।
छठ की तैयारी का डीसी ने किया निरीक्षण
जामताड़ा। संवाददाता। छठ महापर्व की तैयारी को लेकर डीसी शशि भूषण मेहरा, एसपी अनिमेष नैथानी ने बुधवार को सतसाल अजय नदी स्थित छठ घाट का निरीक्षण किया। इस दौरान डीसी ने घाट पर चल रहे साफ सफाई का जायजा लिया। उन्होंने छठ पूजा के दिन अस्थाई चेंजिंग रूम की व्यवस्था डेंजर जोन चिन्हितीकरण, विद्युतीकरण, पहुंच पथ मरम्मती, पार्किंग, सुरक्षा एवं विधि व्यवस्था संधारण को लेकर निर्देश दिया। वहीं छठ पर्व के अवसर पर घाटों में छठव्रतियों एवं श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इसको लेकर मौके पर मौजूद पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिया। कहा कि भीड़भाड़ वाले स्थानों पर ड्रॉप गेट लगाएं, छठ घाट की ओर जाने वाले सभी पहुंच पथ की आवश्यक मरम्मतीकरण कार्य ससमय सुनिश्चित करें। उन्होंने जिले के सभी छठ घाटों, तालाबों आदि की साफ सफाई एवं अन्य व्यवस्थाओं को आपस में समन्वय सुनिश्चित करते हुए संपन्न करने का निर्देश दिया। वहीं एसपी अनिमेष नैथानी ने कहा कि छठ महापर्व पर घाटों पर सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था के लिए सभी थाना प्रभारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया है। मौके पर डीडीसी अनिलसन लकड़ा, एसडीओ अनंत कुमार सहित अन्य मौजूद थे।
हर्षोल्लास के साथ मनाया गया प्रकृति व सुख समृद्धि का पर्व सोहराय
नाला। संवाददाता। नाला प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत इंदुरहीर सहित विभिन्न गांव में मंगलवार को सोहराय पर्व धूमधाम से मनाया गया। पांच दिन से चले आ रहे इस पर्व का बरद खूंटा के साथ सम्पन्न हुआ। समूचे झारखंड में यह पर्व दिवाली के दूसरे दिन से आदिवासी रीति रिवाज व परंपराओं के तहत मनाया जाता है।
संथाल परगना में इस समय कुड़मी जाति विशेष कर इस पर्व को मानते है। समाजसेवी बबलु महतो ने बताया कि सोहराय मुख्यत: इस प्रदेश की आदिम कृषक समाज फसल पकने के उल्लास में मनाया जाता है। चुकीं फसलों को तैयार करने पशुधन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसलिए स्पर्म में पशुओं के सम्मान के साथ धन्यवाद दिया जाता है तथा गाय बैलों के विशेष पूजा की जाती है। अपने पूर्वजों को प्रसाद तथा भगवान चढ़ाया जाता है जिससे उनका आशीर्वाद हमेशा प्राप्त होते रहे। पहले सभी पशुओं को नहा धुला कर साफ सफाई की जाती है। उनके चरण पखारे जाते हैं, सिंह में तेल और सिंदूर लगाया जाता है और अच्छे घास को पकवान खिलाया जाता है। शाम को सभी पशुओं के बाहर से घर लौटते समय घर के मुख्य द्वार से गोहाल तक रास्ता चौक (चावल गुड़ी) बनाकर सजाया जाता है तथा अच्छे पौष्टिक घास देकर उसका स्वागत किया जाता है। पांचवें दिन सभी किसान अपने घर के सामने बैलों को अच्छी तरह सजाकर एक बड़े खूंटे से बांध देते हैं और उनकी चुस्ती फुर्ती का प्रदर्शन कराया जाता है। इसे ही बरद खूंटा कहते हैं। जो एक बहुत ही आकर्षक कार्यक्रम होता है। बबलू महतो ने बताया कि सरकार को सोहराई पर्व को संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रयास करना चहिए। यह पर्व झारखंड बंगाल और ओड़िशा में प्राचीन काल से मनाया जा रहा है। संथाल परगना में कुड़मी समाज और संताल समाज पहले साथ साथ मनाते थे। ढोल, मांदर, ढैसा और नगाड़ा के साथ अहिरा और धीगुवान गाते हैं। साथ ही, झूमर भी गाते है और नाचते हैं।
यह पर्व आस पास के सभी गांव आसनगुड़ा, निंमबेड़ा, आमलचतर, कटनकी, बरजोरा, आसनचुवा, सभी कुड़मी बहुल क्षेत्र जोर शोर से मनाया जाता है। मौके पर रंजन महतो, सीमा महतो, हराधान महतो, सत्यानंद महतो, ममता देवी, गुलठन महतो, राजु महतो, कंचन महतो, सत्यानंद महतो, खगेन महतो, रामचंद्र महतो, बैद्यनाथ महतो, साधन महतो, अर्जुन महतो, सुबोध महतो, समर महतो, उपेंद्र महतो, नेबू प्रसाद महतो, गोपाल महतो, गणेश महतो, बाली महतो आदि मौजूद थे।