चकाई। संवाददाता। चकाई प्रखंड अंतर्गत उत्क्रमित मध्य विद्यालय छाता में लंबे समय से प्रभारी प्रधानाध्यपक के पद पर कार्यरत अनिल कुमार सेवानिवृत हो गए। इस दौरान विद्यालय परिवार ने समारोह आयोजित कर उन्हें विदाई दी। विद्यालय के शिक्षकों एवं संकुल के अन्य शिक्षकों ने शॉल ओढ़ाकर, गुलदस्ता देकर तथा अन्य कई तरह के उपहार भेंटकर उन्हें सम्मानित किया। वहीं विदाई समारोह को संबोधित करते हुए शिक्षक मनोज कुमार यादव ने कहा कि अनिल कुमार बीते 9 फरवरी 2012 से 30 जून 2025 तक विद्यालय से जुड़े रहे। विद्वान, मृदुभाषी एवं कर्तव्य के प्रति समर्पण जैसे गुणों के कारण सभी लोग इनका काफी सम्मान करते थे। साथ ही, बच्चों के साथ गहरे लगाव के कारण वे बच्चों के बहुत प्रिय थे। ये न केवल शिक्षक अपितु विद्यालय परिवार के लिए एक अविभावक के रूप में कार्य करते थे। इनके सेवानिवृत हो जाने के कारण विद्यालय में एक सूनापन आ गया है। आयोजित समारोह में आयें वक्ताओं ने अपने अपने विचार प्रकट किया एवं अपने शुभ वाणी से कार्यक्रम को संबोधित किया और सेवानिवृत प्रभारी प्रधानाध्यापक के विद्यालय में शिक्षा के प्रति ईमानदारी पूर्वक किये कार्य, मधुर स्वभाव और कर्तव्य निष्ठा का बखुबी चर्चा व सराहना किया। कहा कि सेवा में आने वाला का सेवानिवृत होना एक परंपरा है जिसका हर किसी को पालन करना ही है। सबने उनकी दीर्घायु और अच्छे स्वस्थ्य जीवन की कामना किया। समारोह में उपस्थित तमाम शिक्षकगण, छात्राओं एवं आगंतुकों को संबोधित करते हुए सेवानिवृत्त प्रधानाध्याक अनिल कुमार ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में मुझे जहां भी जो जिम्मेदारी दी गयी, उसे मैंने पूरी ईमानदारी के साथ निभाते हुए अपने कर्तव्य का निर्वहन किया। कहा कि, आज मेरे लिए भावुकता का पल है। यहां के लोगों ने मुझे इतना प्यार और सम्मान दिया है कि मैं इसे भुला नहीं पाउंगा। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक त्रिपुरारी यादव ने किया।मौके पर बिहार राज्य प्राथमिक शिक्षक संघ गोप गुट के जिला अध्यक्ष वीरेंद्र प्रसाद रावत, अनिल कुमार सिंह, सुभाष प्रसाद सिंह, विनय कुमार राय, अमरेंद्र कुमार, गुंजन कुमार दुबे, संजय कुमार, राहुल प्रसाद राय, अशोक कुमार, अंजली कुमारी, संध्या कुमारी, किरण कुमारी, पल्लवी कुमारी, विभा कुमारी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं मौजूद थी।
चिहरा मैदान में किया गया हूल दिवस समारोह का आयोजन
चंद्रमंडी। संवाददाता। युवा संथाल समाज की ओर से प्रखंड के चिहरा मैदान में हूल दिवस समारोह का आयोजन किया गया। समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि पूर्व विधान पार्षद संजय प्रसाद ने सिद्धू कान्हु की तस्वीर पर माल्यार्पण के साथ किया। इस दौरान आदिवासी समुदाय की बच्चियों ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के बहाने आदिवासी बच्चियों ने अपनी सभ्यता संस्कृति से लोगों को अवगत कराया। वही सैकड़ो की संख्या में आदिवासी समुदाय के पुरुषों ने कुल्हाड़ी और परंपरागत हथियार के साथ कार्यक्रम में चार चांद लगाने का काम किया। कार्यक्रम के दौरान आयोजन समिति के रामलखन मुर्मू ने आदिवासियों को दश प्रतिशत आरक्षण देने, नक्सली केस में निर्दोष आदिवासियों को फंसाए जाने की उच्च स्तरीय जांच कर मुक्त करने, आदिवासी कल्याण छात्रावास का नाम बदलने के मामले की जांच कर पूर्व की भांति नामकरण करने तथा माडा योजना को फिर से चालू करने की मांग की। मुख्य अतिथि पूर्व विधान पार्षद संजय प्रसाद ने कहा कि आज हम लोग जो आजादी की जिंदगी जी रहे हैं उसका श्रेय सिद्धू कान्हू को जाता है। उन्हीं की बदौलत आज देश को आजादी मिली है। उन्होंने अपनी वीरता से अंग्रेजों के दांत खट्टे कर दिए थे और देश को आजाद करने के लिए अपनी कुर्बानी दी थी। इस दौरान पूर्व विधान पार्षद ने बिना किसी का नाम लिया अपने विरोधियों पर तीखा हमला बोला और कहा कि कुछ जनप्रतिनिधि जनता की आंखों में धूल झोंकने का काम कर रहे हैं, वैसे जनप्रतिनिधि को जनता समय पर जवाब देगी। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार आदिवासियों के लिए कई योजनाएं चला रही है। कार्यक्रम का संचालन अनिल मुर्मू ने किया जबकि अध्यक्षता राजेश मुर्मू ने की। इस अवसर पर संतोष मरांडी, हेमल हांसदा, जदयू प्रखंड अध्यक्ष विंदेश्वरी वर्मा, मोतीलाल जी, बालेश्वर दास, पाचू मियां, शंभू यादव, राजेश पांडे, अजय मुन्ना, भुनेश्वर पंडित, उमेश यादव, नंदन यादव, मालती देवी, अनंत पांडे, महेंद्र शाह, नकुल तुरी आदि मौजूद थे।
नई परंपरा की शुरुआत न करें ताजियादार : जिलाधिकारी
डीजे पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध
हुल्लड़बाजों को भुगतना होगा असहनीय परिणाम : एसपी
मुहर्रम को देखते हुए जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक
जमुई। संवाददाता। जिला कलेक्टर श्री नवीन की अध्यक्षता में समाहरणालय के सभा कक्ष में मंगलवाल को मोहर्रम के मद्देनजर जिला स्तरीय शांति समिति की महत्वपूर्ण बैठक आहूत की गई, जिसमें इस त्योहार को सौहार्दपूर्ण माहौल में मनाए जाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाने का निर्णय लिया गया।
डीएम ने लोगों से त्योहार को परंपरागत एवं शांतिपूर्ण ढंग से मनाने की अपील की। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि कोई नई परंपरा की शुरुआत नहीं होनी चाहिए। कोई ऐसा कार्य न करें जिससे किसी की भावना को ठेस पहुंचे। सुरक्षा की दृष्टिकोण से विवादितों की नकेल कसी जाएगी। किसी भी सूरत में माहौल नहीं बिगड़े, इसके लिए सजग और सचेत रहने की जरूरत है। पांच-छ: साल पूर्व के पंजी का अवलोकन किया जाएगा। इसमें दर्ज विवादित लोगों पर खास नजर रखी जाएगी। धारा 107 के तहत ज्यादा से ज्यादा निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, नामित लोगों से बंध पत्र भरवाया जाएगा। जिला साइबर सेल और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की टीम दिन-रात सोशल मिडिया पर नजर रखेगी। उपद्रवी और अफवाह फैलाने वाले लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। छोटी-बड़ी घटनाओं की जानकारी डीएम और एसपी को देना सुनिश्चित करें। मोहर्रम के मद्देनजर मस्जिदों के ईद-गिर्द विशेष तौर पर स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। धार्मिक स्थलों को जोड़ने वाली सड़कों की साफ-सफाई कराई जाएगी। उन्होंने विद्युत विभाग को ताजिया मार्गों के जर्जर तारों को बदलने और लटके तारों को दुरुस्त करने को कहा। साथ ही, सड़कों के गड्ढे भरने की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी को दिए जाने की बात कही। ताजियादारों ने कई स्थानों पर नाली के बहाव की बात बताई। उन्होंने इसे ठीक करने के लिए नगर परिषद को कहा। डीएम ने शांति समिति के सदस्यों से मोहर्रम पर्व को अमन के माहौल में संपन्न कराने के लिए जागरूक रहने का आग्रह किया। उन्होंने अद्यतन जानकारी के लिए वॉट्सएप ग्रुप बनाने की भी बात कही।
पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने कहा कि जिला के सभी थानों में स्थानीय शांति समिति की बैठकें की जा रही है। जितने भी जुलूस आयोजक हैं, वे पर्याप्त संख्या में वोलेंटियर नियुक्त करेंगे, जो पुलिस प्रशासन से कंधे से कंधा मिलाकर त्योहार को सकुशल संपन्न कराने में सहयोग देंगे। उन्होंने वोॅलेंटियर की सूची संबंधित थानों को उपलब्ध कराए जाने को कहा। जुलूस निर्धारित रूट से ही गुजरे, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाना है। ताजिया की ऊंचाई औसत से अधिक न हो। उन्होंने थानों में होने वाली शांति समिति की बैठकों में पिछले वर्षों के चिह्नित स्थानों के बारे में सावधानी बरतने का निर्देश दिया। शांति समिति के सदस्यों को सुरक्षा व अन्य व्यवस्था के मद्देनजर जरूरी सतर्कता बरतने की सलाह दी। बदमाशों पर खास नजर रहेगी। अगर अवांछित तत्व हुल्लड़बाजी करेंगे तो अंजाम असहनीय होगा। जुलूस के लिए लाइसेंस जरूरी है। इसके लिए निर्धारित मार्ग की जानकारी पूर्व में ही कर लिया जाना चाहिए। तय मार्ग से जुलूस का विचलन न हो, यह भी सुनिश्चित किया जाना जरूरी है। संवेदनशील, अति संवेदनशील जगहों को चिह्ति कर वहां पर्याप्त संख्या में पुलिस बलों की तैनाती की जाएगी। प्रतिनियुक्त जवान तय स्थान पर ससमय मुस्तैद रहना सुनिश्चित करेंगे। श्री दयाल ने जिलावासियों से अनुरोध करते हुए कहा कि मोहर्रम पर्व को मिल्लत के माहौल में संपन्न कराने में यथोचित सहयोग दें।
डीडीसी सुभाष चंद्र मंडल, एडीएम रविकांत सिन्हा, डीटीओ मो.इरफान, एसडीएम सौरभ कुमार, ओएसडी नागमणि कुमार वर्मा, सिविल सर्जन डॉ.अमृत किशोर, जमुई ईओ डॉ. प्रियंका गुप्ता, झाझा ईओ डॉ.जनार्दन वर्मा, सिकंदरा ईओ अनिशा कुमारी, एसडीपीओ सतीश सुमन, झाझा एसडीपीओ राजेश कुमार, डीएसपी रक्षित सुरेश प्रसाद, बीजेपी महामंत्री बृजनंदन सिंह, राजद जिलाध्यक्ष त्रिवेणी यादव, लोजपा रामबिलास जिलाध्यक्ष जीवन सिंह, जमुई जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स के महासचिव शंकर साह समेत जिला शांति समिति के अधिकांश सदस्य बैठक में उपस्थित थे।
उल्लेखनीय है कि 06 जुलाई को मोहर्रम पर्व निर्धारित है। इस दिन लोग ताजिया निकालेंगे और अखाड़ा का आयोजन करेंगे।
गिद्धौर निवासी धनंजय बने सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) के बिहार प्रदेश महासचिव
-243 सीटों पर पार्टी लड़ेगी चुनाव
-अगस्त में पटना में होगा राष्ट्रीय सम्मेलन
गिद्धौर। संवाददाता। जमुई जिलांतर्गत गिद्धौर निवासी और अनुभवी सामाजिक कार्यकर्ता धनंजय कुमार सिन्हा को सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) का बिहार प्रदेश महासचिव नियुक्त किया गया है। आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए पार्टी ने प्रदेश समिति का विस्तार करते हुए यह अहम निर्णय लिया है। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव संदीप पांडेय द्वारा जारी आधिकारिक पत्र में धनंजय कुमार सिन्हा के मनोनयन की जानकारी दी गई। उनके मनोनयन को पार्टी की आगामी रणनीति और बिहार में संगठन के सशक्त निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। धनंजय कुमार सिन्हा ने नियुक्ति के बाद पत्रकारों से बातचीत में बताया कि सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) बिहार की सभी 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी वैकल्पिक राजनीति के रास्ते पर चलते हुए समाज के वंचित और कमजोर वर्गों की आवाज बनने का काम करेगी। उन्होंने आगे बताया कि अगस्त माह में पटना में पार्टी का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें आगामी चुनावी रणनीति और जन मुद्दों पर फोकस तय किया जाएगा। धनंजय कुमार सिन्हा इससे पहले आम आदमी पार्टी के बिहार प्रदेश मीडिया प्रभारी और जनसुराज अभियान के प्रथम मुख्यालय प्रभारी जैसे महत्वपूर्ण पदों पर अपनी सेवाएं दे चुके हैं। उनकी सक्रियता, स्पष्ट दृष्टिकोण और सामाजिक-राजनीतिक मुद्दों पर गहरी समझ को देखते हुए सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी सूत्रों का मानना है कि श्री सिन्हा के नेतृत्व में संगठन को गांव-गांव तक विस्तार मिलेगा और वैकल्पिक राजनीति को गति मिलेगी। खुद धनंजय सिन्हा ने भी स्पष्ट किया कि वे संगठन को सामाजिक न्याय, पारदर्शिता और जनभागीदारी की दिशा में मजबूत बनाएंगे। वहीं धनंजय के मनोनयन पर उनके शुभचिंतकों और समर्थकों ने बधाई दी है। सोशलिस्ट पार्टी (इंडिया) द्वारा नवगठित बिहार प्रदेश समिति में धनंजय कुमार सिन्हा को प्रदेश महासचिव नियुक्त किए जाने के साथ-साथ अन्य प्रमुख पदाधिकारियों की भी घोषणा की गई है। पार्टी ने संगठन को सुदृढ़ और सक्रिय बनाने की दिशा में कई जिम्मेदारियों का वितरण किया है। घोषित सूची के अनुसार, ओम प्रकाश पोद्दार को भी महासचिव बनाया गया है। वहीं, दुखी लाल यादव और भिखारी पासवान को प्रदेश उपाध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया है। बिंदु कुमारी और बालेश्वर यादव को सचिव पद की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि नशूर अजमल को पार्टी का कोषाध्यक्ष बनाया गया है। प्रवक्ताओं की सूची में शशिकांत प्रसाद को प्रदेश प्रवक्ता नियुक्त किया गया है। मीडिया से तालमेल और प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी आलोक कुमार और अमिताभ कृष्ण को सौंपी गई है, जो प्रदेश मीडिया प्रभारी के रूप में काम करेंगे। इसके अतिरिक्त, सहयोगी संगठनों के समन्वय हेतु आशीष रंजन को सोशलिस्ट किसान सभा, राजीव कुमार को सोशलिस्ट युवजन सभा और इंद्रजीत को सोशलिस्ट स्टूडेण्ट्स यूनियन का समन्वयक नियुक्त किया गया है। पार्टी ने यह स्पष्ट किया है कि यह पूरी टीम राज्य में संगठन को मजबूत आधार देने और आगामी चुनावों में प्रभावशाली भूमिका निभाने के लिए मिलकर कार्य करेगी।
मुहर्रम को लेकर शान्ति समिति की बैठक आयोजित
अलीगंज। संवाददाता। चंद्रदीप थाना परिसर में मंगलवार को थानाध्यक्ष राजेन्द्र साह की अध्यक्षता में मुहर्रम त्योहार को शान्तिपूर्ण माहौल में मनाने को लेकर थाना क्षेत्र के विभिन्न गांव के बुद्धिजीवियों व समाजसेवियों तथा ग्रामीणों की बैठक आयोजित हुई। बैठक को संबोधित करते हुए बीडीओ अभिषेक कुमार भारती ने कहा कि मुहर्रम त्योहार शान्तिपूर्ण माहौल में मनाने का पैगाम देती है। यह समर्पण और बलिदान का प्रतीक है। अंचलाधिकारी रंजन कुमार दिवाकर ने कहा कि कोई भी पर्व शान्ति व आपसी भाई चारे का प्रतीक है। इसलिए त्योहार में कोई बाधा उत्पन्न नही करनी चाहिए। त्योहार सबके लिए बराबर होता है। त्योहार कोई भेदभाव और जातिवाद का संदेश नही देती है। इसलिए त्योहार शान्तिपूर्ण माहौल में मनाने की अपील किया। थानाध्यक्ष राजेन्द्र साह ने कहा कि सभी लोग डीजे पर पूर्ण पाबंदी है। जुलूस रूट सभी पहले ही बता दें ताकि उस समय कोई परेशानी नही हो। उन्होने कहा कि लोग अफवाह पर ध्यान न दें जो भी जानकारी मिले, उसे प्रशासन को सूचना अवश्य दें। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के निर्देश पर सभी जगह पुलिस की तैनाती किया जाएगा। मौके पर मनोज मेहता, नरेश शर्मा, रामाकांत सिंह, मो अनवर, मो एयूब, मो असलम मो शमशाद, मनोज कुमार, राकेश रौशन, सतीश कुमार, अवधेश कुमार, अखिलेश कुमार, आर्यन कुमार, मो नईम, सुनील कुमार के अलावे कई गणमान्य लोग व ग्रामीण मौजूद थे।
गिद्धौर प्रखंड के ढोलकटवा गांव में पेयजल संकट
ग्रामीणों ने चापानल की मांग को लेकर बीडीओ को सौंपा आवेदन
गिद्धौर। संवाददाता। प्रखंड अंतर्गत पूर्वी गुगुलडीह पंचायत के ढोलकटवा गांव में पेयजल संकट गहराता जा रहा है। गांव की वार्ड संख्या 6 की ग्रामीण जनता ने एक स्वर में सरकारी चापानल की मांग को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी, गिद्धौर को एक आवेदन पत्र सौंपा है। ग्रामीणों ने अपने आवेदन में लिखा है कि वे अत्यंत गरीब परिवारों से आते हैं और उनके घर के आस-पास एक भी सरकारी चापानल उपलब्ध नहीं है। मजबूरीवश उन्हें पड़ोसियों के निजी चापानल से पानी भरना पड़ता है, जिससे कई बार विवाद की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। पानी जैसी बुनियादी आवश्यकता के लिए उन्हें प्रतिदिन दर-दर भटकना पड़ रहा है। आवेदन में यह भी बताया गया है कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे खुद चापानल लगाने में असमर्थ हैं। ऐसे में सभी ग्रामीणों ने प्रशासन से अपील की है कि गांव में कम से कम एक सरकारी चापानल शीघ्र उपलब्ध कराया जाए, जिससे उनकी पीने के पानी की समस्या दूर हो सके। चापानल की मांग करने वाली फूल कुमारी देवी, सिंकू कुमारी, नंदकिशोर यादव, विनोद यादव, गौरी देवी, मीना देवी, रिंकू देवी, रूपा देवी सहित कई अन्य ग्रामीणों ने कहा कि हमें अब उम्मीद है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर शीघ्र कार्रवाई करेगा और हमें राहत प्रदान की जाएगी।
डीएम ने मतदान केंद्रों के प्रारूप का किया प्रकाशन, मांगा सुझाव
जमुई। संवाददाता। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह डीएम श्री नवीन ने विधानसभा आम निर्वाचन 2025 को देखते हुए निर्वाचन प्रक्रिया को अधिक निष्पक्ष, सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से मतदान केंद्रों के युक्तिकरण किए जाने के साथ इसके प्रारूप का प्रकाशन कर दिया है। डीआरओ ने बताया कि 240 सिकंदरा (सु.) विधानसभा क्षेत्र, 241 जमुई, 242 झाझा और 243 चकाई विधानसभा क्षेत्र के लिए 01 जुलाई 2025 की अहर्ता तिथि के आधार पर मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत मतदान केंद्रों का युक्तिकरण किया गया है। 1200 से अधिक मतदाताओं वाले मतदान केंद्रों को विभाजित कर नए मतदान केंद्र बनाए गए हैं। नए पोलिंग स्टेशन के प्रारूप का प्रकाशन कर दिया गया है। प्रारूप पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से 06 जुलाई तक सुझाव और आपत्तियां मांगी गई है। इसके बाद देय सुझाव पर विचार नहीं किया जाएगा। डीआरओ ने सभी नामित प्रतिनिधियों से समय पर वांछित सुझाव देने का आग्रह करते हुए कहा कि तय समय पर मतदाता सूची के प्रकाशन के लिए यह नितांत जरूरी है।
पुनौराधाम माता जानकी के मंदिर निर्माण के लिए 882 करोड़ जारी
-मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया निर्णय, कुल 24 एजेंडों पर लगी मुहर
-तीन चरणों में होगा मंदिर निर्माण, पुरानी मंदिर का उन्नयन, पर्यटन संबंधित आधारभूत संरचना और मंदिर का 10 वर्षों तक रखरखाव के लिए राशि
पटना। संवाददाता। राज्य सरकार ने सीतामढ़ी स्थित ऐतिहासिक पुनौराधाम में माता जानकी मंदिर का भव्य निर्माण कराने के लिए 882 करोड़ 87 लाख रुपये जारी किए गए हैं। मंदिर का निर्माण कार्य तीन चरणों में कराने का निर्णय लिया गया है। इसमें 137.34 करोड़ रुपये की लागत से पुनौराधाम स्थित पुराने मंदिर का उन्नयन कार्य, 728 करोड़ रुपये खर्च करके पर्यटन संबंधित आधारभूत संरचना का विकास तथा 10 वर्ष तक इसके रख-रखाव पर 16.62 करोड़ रुपये के खर्च का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में इस मुद्दे पर मुहर लगी। इसमें 24 एजेंडों पर मुहर लगी। इसकी जानकारी कैबिनेट मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने सूचना भवन के सभागार में आयोजित प्रेस वार्ता में दी।
अपर मुख्य सचिव डॉ. सिद्धार्थ ने कहा कि धार्मिक पर्यटन देश की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है। देवी सीता की जन्मस्थली पुनौराधाम का विशेष धार्मिक और पर्यटकीय महत्व है। इसके मद्देनजर अयोध्या में श्रीराम मंदिर की तर्ज पर पुनौराधाम में माता जानकी मंदिर का निर्माण कराया जा रहा है। योजना के क्रियान्वयन के लिए ईपीसी मॉडल पर निविदा का प्रकाशन, निष्पादन और योजना का क्रियान्वयन बिहार राज्य पर्यटन विकास निगम के स्तर पर कराया जा रहा है। यह स्थान रामायण सर्किट का प्रमुख हिस्सा है।
उन्होंने कहा कि देवी सीता की जन्मस्थली पुनौराधाम का विशेष धार्मिक और पर्यटकीय महत्व है। सरकार के इस तरह के प्रयास से अयोध्या धाम और पुनौराधाम के बीच सीधा संपर्क हो जाएगा। व्यापक जनहित में श्रद्धालुओं की भावना और पर्यटन के व्यापक विकास की संभावना को ध्यान में रखते हुए मौजूदा पुनौराधाम को रामायण सर्किट के तौर पर विकसित किया जाएगा।
केमिकल फैक्ट्री की जांच करने तेलंगाना जाएगी बिहार सरकार की टीम : संतोष सिंह
-श्रम संसाधन मंत्री ने कहा- जांच से पता चलेगा कि इस दुर्घटना में फैक्ट्री की लापरवाही तो नहीं
-मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना को मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलने पर सीएम का जताया आभार
पटना। तेलंगाना के संगारेड्डी जिले के औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक केमिकल फैक्ट्री में हुए विस्फोट में बिहार के दो श्रमिकों की मौत और 16 श्रमिकों के घायल होने के मामले को बिहार सरकार ने गंभीरता से लिया है। बिहार सरकार द्वारा गठित एक जांच दल को जल्द ही तेलंगाना के लिए रवाना किया जाएगा। यह जांच दल उस केमिकल फैक्ट्री की जांच करेगा, जहां हुए विस्फोट में बिहार के दो श्रमिकों की मौत हुई है।
बिहार के श्रम संसाधन मंत्री संतोष कुमार सिंह ने मंगलवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह पहला मौका है जब किसी राज्य की फैक्ट्री में हुई दुर्घटना में बिहारी श्रमिकों की मौत के बाद बिहार सरकार की जांच टीम मौके पर जाकर घटना की जांच करेगी। इस जांच टीम में विशेषज्ञों को शामिल किया जाएगा। श्री सिंह ने कहा कि हम जांच में यह सुनिश्चित करेंगे कि इस दुर्घटना में फैक्ट्री द्वारा कोई बड़ी लापरवाही तो नहीं की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर फैक्ट्री के स्तर पर कोई बड़ी लापरवाही पायी जाती है तो इस मामले में तेलंगाना सरकार के साथ-साथ केंद्र सरकार से भी बात की जाएगी। इस संवाददाता सम्मेलन में श्रम संसाधन विभाग के सचिव दीपक आनंद भी मौजूद थे। श्रम संसाधन मंत्री संतोष सिंह ने कहा कि इस तरह की दुर्घटना की बाद बिहार सरकार पहली बार अपनी टीम को घटना की जांच के लिए देश के किसी अन्य राज्य में भेज रही है। बता दें कि केमिकल विस्फोट में मरने वाले दोनों श्रमिकों के आश्रितों को बिहार सरकार ने चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि और घायल 16 श्रमिकों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। विभागीय सचिव दीपक आनंद ने कहा कि दोनों मृतकों के पार्थिव शरीर को आज शाम पटना लाया जा रहा है। यहां से दोनों शवों को उनके पैतृक गांव तक पहुंचाने की व्यवस्था बिहार सरकार करेगी।
श्रम संसाधन मंत्री संतोष कुमार सिंह ने मंगलवार को मंत्रिमंडल द्वारा मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना को मंजूरी दिए जाने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि बिहार देश का पहला राज्य है जहां युवाओं को रोजगार के लिए इस तरह प्रोत्साहित किया जा रहा है। कार्य अनुभव के अभाव में बिहार के युवाओं को देश के अन्य राज्यों में नौकरी पाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अगले पांच वर्षों में राज्य के कुल एक लाख, 5 हजार युवाओं इंटर्नशिप योजना से जोड़ा जाएगा। इसके लिए सरकार ने 685 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के साथ मिलेगी आर्थिक सहायता भी
- श्रम संसाधन विभाग के अंतर्गत नई योजना- मुख्यमंत्री प्रतिज्ञा योजना की हुई शुरुआत, पांच वर्ष में 1 लाख छात्रों को लाभ दिलाने का लक्ष्य
- 5 वर्ष में 1 लाख युवाओं को मिलेगा इस योजना का लाभ, इस वर्ष 5 हजार छात्रों को मिलेगा इसका लाभ
पटना।
राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री-प्रतिज्ञा योजना की शुरुआत की है। इसके अंतर्गत युवाओं को उन्नत कौशल, बेहतर रोजगार क्षमता, नेतृत्व विकास, सशक्त नेटवर्किंग और करियर संवर्धन के नए अवसर प्रदान किए जाएंगे। यह जानकारी मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस सिद्धार्थ ने मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में दी। उन्होंने कहा कि यह योजना युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में कार्य अनुभव प्राप्त करने में सहायक होगी। इसका लाभ 18 से 28 वर्ष की आयु के युवा ले सकेंगे। इस योजना के अंतर्गत प्रथम वर्ष 2025-26 में 5 हजार लाभार्थी के अलावा वित्तीय वर्ष 2026-27 से 20230-31 तक पांच वर्ष में एक लाख युवाओं को इससे लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना के तहत 12वीं पास, आईटीआई एवं डिप्लोमा पास छात्रों को मासिक इंटर्नशिप की रशि दी जाएगी। कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षित एवं 12वीं पास को प्रति महीने 4 हजार रुपये, आईटीआई एवं डिप्लोमा पास को 5 हजार रुपये और स्नातक एवं स्नातकोत्तर वालों को 6 हजार रुपये प्रति महीने इंटर्नशिप राशि मिलेगी। इसके अलावा अपने गृह जिले के अतिरिक्त दूसरे जिलों में कार्य करने के लिए आजीविका सहयोग राशि 2 हजार रुपये मासिक और राज्य के बाहर इंटर्नशिप करने वालों को 5 हजार रुपये प्रतिमाह अतिरिक्त राशि प्रदान की जाएगी। आजीविका सहयोग राशि तीन महीने तक दी जाएगी। सभी लाभुकों के खातों में डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के जरिए पैसे ट्रांसफर किए जाएंगे।
कलाकारों को मिलेगा पेंशन का लाभ
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना की स्वीकृति दी है। इसके अंतर्गत राज्य के वरिष्ठ एवं आजीविका संकट से जुझ रहे उत्कृष्ट कलाकारों को प्रत्येक महीने 3 हजार रुपये की पेंशन दी जाएगी। इसे मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना नाम दिया गया है। इसका लाभ उन्हीं कलाकारों को मिलेगा, जिनकी आयु 50 वर्ष या इससे अधिक और सालाना आय 1.20 लाख से अधिक नहीं हो। संबंधित कलाकार को चाक्षुस कला में 10 वर्ष का अनुभव होना चाहिए। इसके अतिरिक्त राज्य के दुर्लभ एवं विलुप्त कलाओं, लोक कलाओं, नाट्य, वाद्य यंत्र, पेंटिंग समेत अन्य के समुचित संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री गुरु-शिष्य परंपरा योजना शुरू की गई है। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1.11 करोड़ रुपये की स्वीकृति प्रदान की गई है। इसके तहत युवा प्रतिभाओं को इन क्षेत्रों में विशेषज्ञों और गुरुओं के मार्गदर्शन में योजना शुरू की गई है।
औद्योगिक क्षेत्रों को किया जाएगा विकसित
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में औद्योगिक गतिविधि को बढ़ावा देने के लिए एफएआर (फ्लोर एरिया रेशियो) में बदलाव किया गया है। इसमें बियाडा के अंतर्गत एकल कारखानों के लिए औसत भूमि हानि 41.8 प्रतिशत से घटकर 30.9 प्रतिशत, गैर-प्रदूषित उद्योगों के लिए अधिकतम एफएआर 1.5 से बढ़ाकर 2.0 और फ्लैटेड फैक्ट्री के लिए पार्किंग क्षेत्र को घटाकर 30 फीसदी से 14 फीसदी हो जाएगी। इसके अलावा गैर-प्रदूषित उग्योगों के लिए हॉस्टल और डोरमेटरी के निर्माण का प्रावधान किया गया है।
पंचायती राज प्रतिनिधि को मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष का लाभ
कैबिनेट के एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय के बाद राज्य के त्रिस्तरीय पंचायती राज जन प्रतिनिधि मुख्यमंत्री चिकित्सा सहायता कोष के जरिए इलाज करवा सकेंगे। इसके अनुसार, कैंसर से पीड़ित जनप्रतिनिधि उन्हें 80 हजार से 1.30 लाख रुपये शल्य चिकित्सा के लिए मिलेगी। ह्रदय रोगियों को 60 हजार से 1.80 लाख रुपये दी जाएगी, यह विभिन्न तरह की ह्रदय रोग के इलाज के लिए दिया जाएगा। इसी तरह मस्तिष्क की सर्जरी के लिए अधिकतम 3 लाख रुपये तक की सुविधा दी जाएगी। नेत्र रोग की सर्जरी के लिए 20 से 40 हजार रुपये दी जाएगी। किडनी प्रत्यारोपण के लिए अधिकतम 3 लाख रुपये, कुल्हा प्रत्यारोपण के लिए 1.70 लाख, घुटना बदलने के लिए 1.50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इन रोगों के साथ कुल 16 तरह के रोगों के लिए राशि मुहैया कराई जाएगी।
सेवानिवृत न्यायाधीशों को टेलिफोन, घरेलू सहायता भत्ता
राज्य सरकार अब पटना उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश, सेवानिवृत्त न्यायाधीशों और सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन न्यायाधीश को 55 हजार से 60 हजार रुपये प्रति महीने घरेलू सहायत भत्ता दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त 15 हजार रुपये टेलिफोन एवं इंटरनेट भत्ता के तौर पर दिया जाएगा।