महागामा। संवाददाता महागामा प्रखंड कार्यालय सभागार में सोमवार को विदाई समारोह का आयोजन किया गया। बीडीओ सह सीओ रंजन यादव को भावभीनी विदाई दी गई। प्रखंड कर्मियों ने विदाई समारोह का आयोजन किया। सभी कर्मियों ने बीडीओ यादव को माला व बुक्के देकर सम्मानित किया। कर्मियों ने उन्हें शॉल ओढ़ा कर सम्मानित किया। प्रखंड कर्मियों ने बताया कि रंजन यादव मेहनती पदाधिकारी थे। उनके साथ जितने दिन का भी कार्यकाल रहा काम करके उन्हें कुछ सीखने को मिला। कर्मियों ने ईश्वर से उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना की। वहीं बीडीओ यादव ने कहा कि वे जितने दिन कार्यकाल में रहे कर्मियों व जनता का सहयोग मिलता रहा। मौके पर नये बीडीओ खगेन महतो को भी माला, बुक्के व शॉल देकर सम्मानित किया गया।
पर्यटक पहाड़ी की तलहटी में चल रहा अवैध उत्खनन का खेल, प्रशासन पर मौन रहने का आरोप
मेहरमा। संवाददाता ठाकुरगंगटी प्रखंड अंतर्गत पर्यटन स्थल खरहरी मोपहाड़ी पर प्रशासन के नाक के नीचे अवैध उत्खनन का खेल खुलेआम चल रहा है। माफिया मिट्टी और पत्थर की जेसीबी से खुदाई कर पहाड़ी की प्राकृतिक सुंदरता को बिगाड़ रहे हैं। जिसकी वजह से इस पर्यटन स्थल के प्राकृतिक सौंदर्य को मिटाने का कार्य किया जा रहा है। एक तरफ जहां समाजसेवी मोपहाड़ी स्थित खरहरी स्थान के सौंदर्यीकरण और विकसित करने के लिए तरह-तरह का प्रयास कर रहे हैं तो वहीं कुछ लोग निजी स्वार्थ के लिए पहाड़ी की मिट्टी और पत्थर खोदकर खुलेआम बेच रहे हैं। जिसके कारण मोपहाड़ी की सुंदरता बिगड़ती जा रही है। अक्सर पत्थर निकालते देखा जा सकता है। मोपहाड़ी ठाकुरगंगटी अंचल एवं मेहरमा थाना अंतर्गत पड़ता है। हालांकि कई सामाजिक लोगों द्वारा इस पर आपत्ति की जाती रही है। लेकिन पहाड़ी की खुदाई करने वाले सीधे तौर पर कहते हैं कि निजी जमीन की खुदाई करते हैं। आजतक लोगों को ये पता नहीं चल पाया है कि ये जमीन किसकी है। इस संबंध में एक सामाजिक कार्यकर्ता ने बताया कि ठीक है एक बात मान लिया जाए यह उत्खनन स्थल निजी ही है तो अपने जमीन के अंदर से यूं पत्थर, मिट्टी निकाल कर कारोबार कर सकते हैं। क्या यह माइनिंग के नियम का उलंघन नहीं है ? आखिर उत्खनन के लिए सरकार द्वारा लीज क्यों दिया जाता है? प्रशासन के द्वारा इस अवैध उत्खनन कारोबारी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है तो मोपहाड़ी पहाड़ी स्थित पर्यटन स्थल खरहरी स्थान के विकसित होने का सपना यूं ही रह जाएगा। जिसके लिए क्षेत्र के सैकड़ों समाजसेवी वर्षों से प्रयासरत हैं। और सरकार पर्यटक स्थल को विकसित करने के लिए करोड़ों रुपए अब तक खर्च कर चुकी है। लेकिन निजी स्वार्थ से मतलब रखने वाले पर्यटक स्थल का प्राकृतिक सुंदरता बिगाड़ने का कार्य कर रहे हैं।
क्या कहते हैं डीएमओ
इस संबंध में डीएमओ मेघलाल टुडू ने मीडिया को बताया कि मामले की जानकारी मिली है। जांच के लिए मेहरमा थाना प्रभारी को बोला गया था। उन्होंने बताया कि पहाड़ी के नीचे खेल मैदान बन रहा है। अब जो जानकारी खनन पदाधिकारी को उपलब्ध कराया गया है। यह तो स्थल जांच का विषय है कि खेल मैदान बन रहा है या फिर पहाड़ी की तलहटी में अवैध उत्खनन का कार्य किया जा रहा है। पहाड़ी की मिट्टी और पत्थर खोद कर खुलेआम इधर-उधर ट्रैक्टर से बेचते हुए देखा जा सकता है।
युवक पर धारदार हथियार से बच्ची की हत्या करने का आरोप
गोड्डा। संवाददाता देवडांड़ थाना अंतर्गत कर्णपुरा रस्सी टोला में एक चार वर्षीय बच्ची की हत्या बीते रविवार को धारदार हथियार से युवक ने कर दी। बच्ची के पिता के आवेदन पर देवडांड़ थाना कांड संख्या 32/2023 के तहत युवक परमेश्वर मुर्मू, पिता बाबूजी मुर्मू, साकिन कर्णपुरा-रस्सी टोला, थाना देवडांड़, जिला-गोड्डा को हत्या का आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर आरोपी को पूछताछ के लिए गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से पूछताछ में यह बात सामने आयी कि बच्ची की बड़ी बहन से उसका प्रेम-प्रसंग था। उसके द्वारा शादी से इनकार कर दिया गया। इसी बात को लेकर आरोपी ने बच्ची की सब्जी काटने वाले हसुआ से हत्या कर दी। आरोपी के निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हथियार को बरामद कर लिया गया है। आरोपी को निरुद्ध कर न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
बीडीओ ने किया पदभार ग्रहण
महागामा। संवाददाता महागामा प्रखंड कार्यालय में सोमवार को नये बीडीओ खगेन महतो ने पदभार ग्रहण किया। वहीं खगेन महतो को ठाकुरगंगटी प्रखंड के बीडीओ का भी प्रभार सौंपा गया है। बीडीओ सह सीओ रंजन यादव ने निवर्तमान बीडीओ को बुक्के देकर स्वागत किया। बीडीओ महतो ने कहा कि सरकार की हर वर्तमान योजनाओं को निचले पायदान तक हर लाभुकों तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होगी।
डीसी ने बस पड़ाव का किया औचक निरीक्षण
-पुराने बस पड़ाव को नये बस पड़ाव के रूप में विकसित करने का दिया निर्देश
गोड्डा। संवाददाता जिला मुख्यालय स्थित बस पड़ाव का सोमवार को डीसी ने औचक निरीक्षण किया। उन्होंने पुराने बस पड़ाव स्थल को नये बस पड़ाव के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से चिह्नित करते हुए कानाडीह में स्थल निरीक्षण कर कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। डीसी ने स्थल निरीक्षण कर नए बस पड़ाव में जमीन की मापी, सुरक्षा के दृष्टिकोण से चहारदीवारी निर्माण, पीसीसी पथ निर्माण, शौचालय एवं पेयजल की उपलब्धता के संबंध में संबंधित अधिकारियों से विचार-विमर्श किया गया। डीसी ने आमजनों एवं यात्रियों की सुविधाओं को देखते हुए नए बस पड़ाव के लिए चिन्हित स्थल पर यातायात की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए संबंधित विभागों से विचार-विमर्श कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। नए बस स्टैंड को आधुनिक रूप से तैयार किया जाएगा। जिससे यहां आने वाली बसों के लिए सुविधा, उन्हें खड़ा रखने का नियत स्थान, इसके अलावा यहां यात्रियों को बेहतर सुविधाएं दी जाएंगी। जिससे किसी भी तरह की कोई परेशानी यात्रियों को न हो। मौके पर अनुमंडल पदाधिकारी, गोड्डा बैद्यनाथ उरांव, कार्यपालक दंडाधिकारी जेसी विनीता
केरकेट्टा, सीओ गोड्डा सहित राष्ट्रीय राजमार्ग-133 के अधिकारी गण मौजूद थे।
सदर विधायक समेत पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से किया सात दिवसीय शिल्प और बुनाई महोत्सव का उद्घाटन
-महोत्सव के माध्यम से लोगों में वोकल फॉर लोकल के प्रति जागरूकता बढ़ेगी : एसडीएम
गोड्डा। संवाददाता जिला मुख्यालय के गोढ़ी स्थित विवाह भवन में विकास आयुक्त हस्तशिल्प, वस्त्र मंत्रालय, भारत सरकार की ओर से आयोजित सात दिवसीय शिल्प एवं बुनाई महोत्सव का उद्घाटन मुख्य अतिथि सदर विधायक अमित मंडल, विशिष्ट अतिथि एसडीएम बैद्यनाथ उरांव, डीपीआरओ, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, गोड्डा एवं सहायक निदेशक हस्तशिल्प ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। अतिथियों का स्वागत सहायक निदेशक भुवन भास्कर ने स्मृति चिन्ह एवं अंग वस्त्र देकर किया। इस शिल्प प्रदर्शनी में क्षेत्रीय हस्तशिल्पी एवं बुनकर अपनी कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। महोत्सव का उद्घाटन करते हुए मुख्य अतिथि अमित मंडल ने कहा कि इस तरह के महोत्सवों से क्षेत्रीय हस्त शिल्पियों एवं बुनकरों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ ही क्षेत्रीय सभ्यता एवं संस्कृति को बढ़ावा मिलता है। सरकार की कोशिश है कि क्षेत्रीय स्तर पर ऐसे आयोजन कर आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिले ताकि लोगों में उद्यमशीलता का विकास हो। एसडीएम बैद्यनाथ उरांव ने समूह में कार्य करने पर जोर दिया और कहा कि गोड्डा जैसे छोटे शहर में ऐसे आयोजन करना एक सराहनीय प्रयास है। निश्चित ही इस महोत्सव के माध्यम से लोगों में वोकल फॉर लोकल के प्रति जागरूकता बढ़ेगी। डीपीआरओ अविनाश कुमार ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों के आयोजन से हस्त शिल्पियों एवं बुनकरों को अच्छा बाजार उपलब्ध कराने में सहायक होगी। कार्यपालक पदाधिकारी गोपी कृष्ण ने कहा कि नगर परिषद सफल आयोजन के लिए हरसंभव मदद करेगी। इस महोत्सव में गोड्डा, दुमका, देवघर, धनबाद, हजारीबाग और साहेबगंज से कुल 25 हस्तशिल्पी एवं बुनकर अपने हस्तनिर्मित उत्पाद प्रदर्शित कर रहे हैं। यह कार्यक्रम 29 अक्टूबर से 04 नवंबर, 2023 से प्रतिदिन पूर्वाह्न 11:30 बजे से रात्रि 08:30 बजे तक आयोजित किया जा रहा है। मौके पर विभाग के प्रशिक्षण अधिकारी विकास कुमार, रविरंजन रोशन, गौरव कुमार, आदित्य कुमार आदि मौजूद थे।
स्कूल बस बिजली के खंभे से टकरायी, कोई हताहत नहीं
-प्रबंधन पर मनमानी ढंग से स्कूल संचालित करने का आरोप
मेहरमा। संवाददाता ठाकुरगंगटी प्रखंड के सीमावर्ती खैरवा पंचायत स्थित संत थॉमस धनबासा स्कूल की बस सोमवार सुबह ठाकुरगंगटी थाना क्षेत्र के भेला काली मंदिर के समीप एक बिजली के खंभे से अचानक टकरा गया। जिससे स्कूली बस का आगे वाला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और दुर्घटना के बाद देखने के लिए आसपास के ग्रामीणों की भीड़ लग गयी। घटना उस वक्त का बताया जा रहा है जब स्कूली बस श्रीपुर गांव की तरफ से मंडरो की तरफ स्कूली बच्चों को लेकर आ रही थी। उसी वक्त अनियंत्रित होकर बिजली के खंभे में जा टकरायी हालांकि दुर्घटना में कोई भी हताहत नहीं हुई है। लेकिन दुर्घटना स्थल के आसपास मौजूद ग्रामीणों ने मीडिया को बताया कि अक्सर स्कूली बस चालक को देखा जाता है कि तेज रफ्तार में बस चलाते हैं। इस तरह का हादसा पूर्व में भी हुई है। बताया जा रहा है कि जिस स्कूली बस से दुर्घटना हुई उस स्कूल बस का निबंधन संख्या जेएच 17जे 4812 है। और जिस वक्त बस दुर्घटना हुई उस समय स्कूल बस में क्षमता से अधिक बच्चे सवार थे। अगर कोई बड़ा हादसा होता तो इसके जिम्मेदार आखिर कौन होते। इस संबंध में संत थॉमस स्कूल के प्रिंसिपल से पूछे जाने पर उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल में पहली घटना है। बस में तकनीकी खराबी आ जाने के कारण दुर्घटना घटी है। वहीं बस में सवार बच्चों के कई अभिभावक ने बताया कि स्कूल की बैठक के दौरान इन सभी समस्या को रखने पर अभिभावक को ही धमकाया जाता है कि अपने बच्चों को लाने और पहुंचने का कार्य खुद से करें। अन्यथा आप अपने बच्चों को जहां पढ़ाना चाहते हैं वहां पढ़ा सकते हैं। आपके मुताबिक स्कूल संचालित नहीं होगा। आखिर यह गंभीर सवाल खड़ा हो रहा है कि स्कूल संचालित करने के लिए सरकार के द्वारा कोई भी नियम या शर्त लागू किया गया है या नहीं या फिर स्कूल प्रबंधन अपनी मनमानी ढंग से स्कूल का संचालन करेंगे।