-मांग को लेकर पार्टी का महाधरना कार्यक्रम कल
गोड्डा/संवाददाता। झारखंड मुक्ति मोर्चा की केंद्रीय समिति के निर्देशानुसार शुक्रवार पूर्वाह्न 11 बजे अशोक स्तंभ परिसर में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन कार्यक्रम करने का निर्णय लिया गया है। धरना-प्रदर्शन का मुख्य विषय यह है कि भारत सरकार जबतक सरना धर्म कोड, आदिवासी धर्म कोड लागू नहीं करेगी तबतक झारखंड प्रदेश में जातिगत जनगणना नहीं करने दिया जाएगा। इससे संबंधित ज्ञापन डीसी के माध्यम से प्रधानमंत्री को भेजा जाएगा। इस कार्यक्रम की सफलता के लिए बुधवार को जिला समिति के पदाधिकारियों, केंद्रीय समिति के सदस्यों और जिला के सभी प्रखंडों के अध्यक्ष एवं सचिवों की बैठक जिला अध्यक्ष प्रोफेसर प्रेमनंदन कुमार की अध्यक्षता में परिसदन में संपन्न हुई। बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि उक्त धरना कार्यक्रम में पार्टी कार्यकर्ता और समर्थक भाग लेंगे। जिला अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को कहा कि जनगणना में सभी धर्मों जैसे हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई का कोड रहता है, लेकिन आदिवासियों का अपना कोई धर्म कोड नहीं है। जबकि आदिवासी समाज सरना धर्म मानता है, इसलिए आदिवासियों की अलग धार्मिक पहचान बनाए रखने के लिए सरना धर्म कोड लागू करना निहायत जरूरी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अबुआ सरकार ने विगत 05 वर्ष पहले झारखंड विधानसभा से सरना धर्म कोड लागू करने के लिए विधेयक पास करा कर भेजने का काम किया है। भारत सरकार के कानों में जूं तक नहीं रेंगता है। इसे बंद बस्ते में रखने का काम किया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा इसे किसी कीमत पर बर्दाशत नहीं करेगा। बुधवार की बैठक में जिला सचिव वासुदेव सोरेन, जिला कोषाध्यक्ष महेंद्र उरांव, केंद्रीय समिति सदस्य राजेंद्र दास, पुष्पेंद्र टुडू, सिमोन मालतो, मेरी सोरेन, इंद्रजीत पंडित, श्रवण कुमार मंडल, अवध किशोर हांसदा, इरफान आलम, प्रखंड अध्यक्ष युसूफ अंसारी, सुल्तान अहमद, विनोद मुर्मू, सुनील सोरेन, ताला बाबू हांसदा, शत्रुघन सिंह, अजीमुद्दीन, रामचंद्र मरांडी, लंबोदर महतो, राजकुमार दास, आजाद, रामजी मुर्मू, ताला टुडू, किनकर चौहान, सिकन्दर अंसारी, लखी राम मरांडी, सुबल मुर्मू, फिरदौस आलम, सिकंदर अंसारी, दाउद अंसारी, संतलाल मरांडी सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
दादी-श्याम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के तीसरे दिन श्री श्याम अखंड ज्योत पाठ से हुई कार्यक्रम की शुरूआत
गोड्डा/संवाददाता। झुंझुनूं की दादी जी और खाटू श्याम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम के तीसरे दिन बाबा श्याम का अखंड ज्योत पाठ मंदिर प्रांगण में किया गया। जिसमें 500 से अधिक महिलाओं ने बाबा श्याम का पाठ किया। मुख्य बाजार स्थित बजरंगबली मंदिर से 56 भोग कमेटी के अध्यक्ष अरूण टेकरीवाल के नेतृत्व में ढोल, नगाड़े के साथ मंदिर लेकर आया गया। साथ में मुरारी अग्रवाल, पंकज गाडिया और प्रीतम गाडिया सपरिवार साथ में नाचते-गाते बाबा के श्रृंगार का सामान लेकर मंदिर आए। एक ही रंग के परिधान में महिलाओं और पुरुषों ने नाच-गाकर बाबा श्याम का पाठ और भजन-कीर्तन किया। मंदिर में खाटू श्याम जी, राणी सती दादी, शिव परिवार, हनुमान जी और शीतला माता की प्रतिमा स्थापित हो रही है। मंदिर में राजस्थान से आए आचार्य उमेश शास्त्री और पंडितों की ओर से प्रतिदिन विधिवत पूजन करवाया जाता है, जिसमें यजमान के तौर पर प्रीतम गाडिया, ओमप्रकाश टेकरीवाल, पियूष खेमानी, आकाश बजाज और राकेश अग्रवाल शामिल हैं। अखंड ज्योत पाठ में सचिव मुकेश गाडिया, अनुप सरावगी, प्रकाश अग्रवाल, विकास गाडोदिया, अविनाश गाडिया, सुनील टेकरीवाल, सुमित टेकरीवाल, पंकज गाड़िया, सचिन गाड़िया, मीठू टेकरीवाल, अविनाश अग्रवाल, रितेश टेकरीवाल, अंकित गाड़िया, विक्की गाड़िया, पियूष बजाज, अमित बजाज आदि सैकड़ों महिलाएं और पुरुष शामिल हुए।
माता पार्वती की प्रतिमा प्राण प्रतिष्ठा को लेकर निकली कलश शोभा यात्रा
मेहरमा/संवाददाता। ठाकुरगंगटी प्रखंड क्षेत्र के कजरेल नदी किनारे स्थित शिव मंदिर में पार्वती माता प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर बुधवार को कलश शोभा यात्रा निकाली गई। उक्त कलश यात्रा बनारस से पधारे आचार्य शंकर के निर्देशन में प्रारंभ की गई जिसमें झंडा, बैनर, ढोल, बाजे के साथ 551 कलश शामिल थे। इस दौरान जिला परिषद सदस्य सह पूर्व चेयरमैन निरंजन कुमार पोद्दार सहित इलाके के कई शिक्षाविद, बुजुर्ग, समाजसेवी, सामाजिक कार्यकर्ता, सैकड़ों श्रद्धालु कलश यात्रा में शामिल हुए। आयोजन स्थल से कलश यात्रा प्रारंभ होकर निकट के कौवा खर्रा नदी में जल भरा गया। पीतांबरकित्ता, गझंडा, बेलवा, धरमपुर, धकनसार, तेतरिया माल, बरैयाचक, बढ़ईटोला, कजरेल, मनियानकला आदि गांव का भ्रमण किया और वापस कलश यात्रा आयोजन स्थल पर पहुंची। यज्ञ मंडप में विधिवत कलश स्थापित किया गया और फिर पूजा पाठ का कार्य प्रारंभ हुआ। गुरुवार को फलादिवास, जलादिवास, अन्नाधिवास, फुलाधिवाद, जलाधिवास होगा। फिर पार्वती माता की प्रतिमा को लेकर नगर भ्रमण किया जाएगा। प्रत्येक संध्या से लेकर देर रात्रि तक कीर्तन भजन, शिव चर्चा आदि का कार्यक्रम होगा। शुक्रवार को नव निर्मित मंदिर में पार्वती माता की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा होगी। इस कार्य में शिक्षक अमर रजक, सुचित कुमार, निरंजन पासवान, जलधर साह, मुकेश यादव, विनोद साह, कमलेश यादव, सौरभ पोद्दार, दशरथ ठाकुर, घनश्याम पोद्दार, राहुल पोद्दार, छट्टू ठाकुर, संतोष पोद्दार, प्रदीप ठाकुर, किशोर पोद्दार, किशन ठाकुर, प्यारे रजक, छोटू कुमार सहित संपूर्ण ग्रामीण सहयोग कर रहे हैं।
जो देश की ओर आंख उठायेगा, उसे मिटा दिया जाएगा : दीपिका
गोड्डा/कार्यालय संवाददाता। पहलगाम में आतंकवादी हमले के प्रतिशोध में भारतीय सेवा की ओर से पाकिस्तान के अनेक आतंकवादी ठिकानों पर किए गए एयर स्ट्राइक से सभी क्षेत्रों में खुशी की लहर है। सेना की कार्रवाई की हर और प्रशंसा हो रही है। भारत की ओर से पाकिस्तान के नौ आतंकवादी ठिकानों पर की गई एयर स्ट्राइक पर झारखंड सरकार की ग्रामीण विकास मंत्री एवं महागामा विधायक दीपिका पांडेय सिंह ने सेना के शौर्य को सलाम करते हुए कहा है कि जो देश की ओर आंख उठाएगा, उसे मिटा दिया जाएगा। भारत माफ नहीं करता। दीपिका पांडेय सिंह ने एक्स हैंडल पर बयान जारी करते हुए लिखा कि हमारी सेना सिर्फ बंदूक नहीं चलाती, बल्कि इंसाफ की आखिरी लकीर खींचती है। यह बदला नहीं, बल्कि एक कड़ा संदेश है कि भारत शांत है, लेकिन कमजोर नहीं। उन्होंने कहा कि पूरे देश को भारतीय सेना पर गर्व है। अंत में उन्होंने भारत माता की जय के नारे के साथ अपनी बात समाप्त की।
गोड्डा में तीन स्थानों पर किया गया आपातकालीन तैयारियों का अभ्यास
- मॉक ड्रिल के दौरान आग से बचाव और रेस्क्यू ऑपरेशन का दिया गया प्रशिक्षण
गोड्डा/कार्यालय संवाददाता। पहलगाम में आतंकवादी हमले को लेकर भारत एवं पाकिस्तान के बीच व्याप्त तनाव एवं युद्ध की आशंका के बीच भारत के गृह मंत्रालय के निर्देश पर बुधवार को देश भर में ढाई सौ से अधिक स्थानों पर मॉक ड्रिल किया गया। जिले में तीन प्रमुख स्थानों अडानी परिसर, जिला मुख्यालय के प्रोफेसर कॉलोनी और महागामा के ऊर्जानगर पार्क में व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस अभ्यास में स्थानीय पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने हिस्सा लिया। मॉक ड्रिल में आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रशिक्षण दिया गया। इसमें आग से बचाव, क्षतिग्रस्त इमारतों से लोगों को निकालना और किसी हमले की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाना शामिल था। फायर ब्रिगेड की कार्य प्रणाली का भी प्रदर्शन किया गया। सुरक्षा कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें मुख्य द्वार पर आने वाले व्यक्तियों की पहचान और उनके आने के उद्देश्य की जांच करने के निर्देश दिए गए। कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरणों के महत्व और उनके अनिवार्य उपयोग के बारे में भी बताया गया। जिला मुख्यालय में आयोजित मॉक ड्रिल में गोड्डा के डीसी जिशान कमर, एसपी अनिमेष नैथानी और मेडिकल स्टॉफ उपस्थित थे।
अदाणी पावर प्लांट परिसर में मॉक ड्रिल का आयोजन
अदाणी पावर प्लांट परिसर में केंद्र सरकार और जिला-प्रशासन के निर्देशानुसार बुधवार को मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। मॉक ड्रिल शाम 4 बजे से शुरू होकर 4:25 तक चला। इस अभ्यास में अदाणी पावर के सभी कर्मचारियों और अधिकारियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया। मॉक ड्रिल को तीन चरणों में संपन्न किया गया, जिसका उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में त्वरित और सुरक्षित प्रतिक्रिया देनी थी। पहले चरण में सायरन बजाकर कर्मचारियों को सतर्क किया गया और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। दूसरे चरण में आग लगने की काल्पनिक घटना के जरिए आग पर काबू पाने का प्रदर्शन किया गया। इसके साथ ही धमाकों में घायल हुए कर्मचारियों को प्राथमिक उपचार के लिए चिकित्सा केंद्र तक पहुंचाया गया और आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने का अभ्यास किया गया। तीसरे और अंतिम चरण में गंभीर रूप से घायल लोगों को एम्बुलेंस की सहायता से नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। इस दौरान सुरक्षा और राहत कार्यों का सजीव प्रदर्शन किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान सिक्योरिटी हेड सुब्रत देवनाथ और सेफ्टी हेड रणधीर कुमार ने कर्मचारियों को आपातकालीन स्थिति में अपनायी जाने वाली सावधानियों और सुरक्षा उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। अदाणी पावर के स्टेशन हेड प्रसून चक्रवर्ती ने अपने संबोधन में बताया कि इस प्रकार की ड्रिल न केवल कर्मचारियों को सतर्क करती है, बल्कि किसी भी आकस्मिक स्थिति में जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। इस कार्यक्रम में स्थानीय मोतिया ओपी के प्रभारी महावीर पंडित और उनकी टीम के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
महागामा में युद्ध जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए मॉक ड्रिल
भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए बुधवार को महागामा अनुमंडल क्षेत्र के ऊर्जानगर स्थित आवासीय कॉलोनी में एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। यह अभ्यास अनुमंडल पदाधिकारी आलोकवरण केसरी और ईसीएल के अधिकारियों के नेतृत्व में किया गया। गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार देश भर में चल रहे नागरिक सुरक्षा अभियान के तहत इस मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस दौरान बीडीओ सोना राम हांसदा, सीओ डॉ. खगेन महतो, नगर पंचायत कर्मी, पुलिस निरीक्षक, सभी थाना प्रभारी, अग्निशमन विभाग की टीम, आपदा प्रबंधन कर्मी एवं स्थानीय कॉलेज के छात्र उपस्थित रहे। मॉक ड्रिल में युद्ध की स्थिति में नागरिकों की ओर से अपनाए जाने वाले बचाव एवं राहत उपायों का लाइव डेमो प्रस्तुत किया गया। अपराह्न चार बजे से रात सात बजे तक इलाके में ब्लैकआउट घोषित किया गया, ताकि नागरिकों को अंधेरे में सुरक्षा और तैयारी के महत्व से अवगत कराया जा सके। अग्निशमन विभाग ने बम हमले के बाद की स्थिति, आग से निपटने के उपाय और प्राथमिक चिकित्सा का प्रदर्शन किया। बैंक, रेलवे स्थिति को एंबुलेंस से डॉक्टर की टीम ने इलाज कराया साथ ही जहां आग लगाया हुआ दिखाया गया था वहां अग्निशमन वाहन से आग को बुझाया गया। मौके पर बताया गया कि आपात स्थिति में कौन-कौन सी सामग्री घर में रखनी चाहिए और किन सावधानियों का पालन करना चाहिए। यह मॉक ड्रिल नागरिकों, संस्थानों और बुनियादी ढांचे को संभावित शत्रुतापूर्ण हमलों से निपटने की तैयारी के उद्देश्य से किया गया था। स्थानीय प्रशासन का मानना है कि ऐसे अभ्यासों से नागरिकों की त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया देने की क्षमता में वृद्धि होगी।
भारतीय सेना का पराक्रम अद्भुत : सौरभ
मेहरमा/संवाददाता। जिस प्रकार से भारत के खूबसूरती कश्मीर के पहलगाम में निर्दोष हिंदू सैलानियों को धर्म पूछ कर केवल पुरुषों को मारा गया, जिसमें आम जनता सहित भारतीय नौसेना के जांबाज सिपाही तक को निर्ममता से मारा गया। उसके जवाबी कार्रवाई में भारतीय सेना के ऑपरेशन “सिंदूर” का सराहना करते हैं ये थोड़ी ही सही किंतु उन जख्मों पर मरहम का कार्य आवश्य करेगी। ऑपरेशन “सिंदूर” उन सभी बहनों, माताओं के खोए हुए सिंदूर को समर्पित है। भारतीय सेना का शौर्य व पराक्रम अत्यंत गौरवशाली है हम भारतीय सेना के पराक्रम और जज्बे को प्रणाम करते हैं। देश में खुशी का माहौल है ये अत्यंत सुखद क्षण है जैसे पहलगाम हमले के बाद मातम पर ये मरहम है।
बाजितपुर-भगैया सड़क निर्माण में जमीन के मुआवजे को लेकर रैयतों ने किया विरोध प्रदर्शन
मेहरमा/संवाददाता। प्रखंड अंतर्गत सिंघाड़ी के रैयतों की जमीन पीडब्ल्यूडी द्वारा बाजितपुर-भगैया मुख्य मार्ग में जाने पर उन्हें अब तक मुआवजा नहीं मिलने पर रैयतों ने मंगलवार को विरोध जताया। इसकी अगुआई रैयत मुख्तार अली कर रहे थे। इस दौरान रैयतों ने निर्माणाधीन सड़क पर खड़ा होकर अपना विरोध जताया। विरोध-प्रदर्शन के दौरान रैयत मुख्तार अली ने बताया की पीडब्ल्यूडी की ओर से बाजितपुर भगैया सड़क का निर्माण कराया जाना था, इसके लिए भू अर्जन विभाग की ओर से बाजितपुर से भगैया तक हो रहे सड़क निर्माण के दौरान सैकड़ों रैयतों की जमीन ली गयी थी। इसके लिए भू- अर्जन विभाग की ओर से तीन वर्ष पूर्व जमीन का कागजात भी जमा ले लिया गया। जमा होने के बावजूद भी तीन साल होने के बाद भी अभी तक मुआवजा नहीं मिल पाया है। वहीं इस संबंध में जब भू-अर्जन विभागों के अधिकारियों व कर्मचारियों तथा संवेदक से पूछा जाता है, तो उनके द्वारा सिर्फ आजकल कह कर आश्वासन दिया जाता है, लेकिन अभी तक जमीन का मुआवजा नहीं मिल पाया है। जहां एक स्वर में रैय्यतों ने विरोध जताते हुए कहा कि जब तक मुआवजा नहीं, तब तक सभी रैय्यत मिल कर काम नहीं होने देंगे। वहीं रैय्यत गुजिया देवी का कहना है कि वे सभी कृषि पर आधारित थे। जमीन में अच्छे तरीके से खेती कर अपना घर चला रहे थे, सड़क निर्माण में सारा जमीन जाने के कारण परिवार भुखमरी के कगार पर है और अब तक जमीन का मुआवजा नहीं मिलने के कारण सभी परिवार के ऊपर कर्ज का बोझ बढ़ते जा रहा है। मौके पर सियावती देवी, युनूस अंसारी, ऋषिकेश कुमार, सीमा देवी, अंजु देवी आदि उपस्थित थीं।