- गुप्त सूचना पर मोहनपुर पुलिस ने की कार्रवाई, एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज की प्राथमिकी
मोहनपुर/संवाददाता। मोहनपुर पुलिस ने ब्राउन शुगर रखने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान थाना क्षेत्र के चितरपोका गांव निवासी रूपन कुमार के रूप में हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि एक युवक ब्राउन शुगर लेकर घूम रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए युवक को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से ब्राउन शुगर बरामद होने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर थाने लाया।
इस मामले में आरोपी के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि आरोपी के पास मादक पदार्थ कहां से आया था और इस कारोबार में अन्य लोग भी शामिल हैं या नहीं।
बुढ़ई में 1200 लीटर अवैध स्प्रिट जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार
- तिलैया मोड़ पर वाहन जांच के दौरान दो बोलेरो पकड़े गए, एक आरोपी फरार
मधुपुर/संवाददाता। नकली शराब बनाने और उसकी तस्करी करने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बुढ़ई पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने तिलैया मोड़ के समीप वाहन जांच अभियान के दौरान दो बोलेरो से 1200 लीटर अवैध स्प्रिट जब्त किया है। मौके से दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक आरोपी भागने में सफल रहा। घटना के संबंध में बुढ़ई पुलिस ने बताया कि गुप्त सूचना मिली थी कि गिरिडीह की ओर से दो सफेद रंग की बोलेरो में भारी मात्रा में स्प्रिट लेकर देवीपुर थाना क्षेत्र के हथवारी गांव ले जाया जा रहा है। इसका इस्तेमाल नकली शराब बनाने में किया जाना था। सूचना मिलते ही पुलिस ने मध्य रात्रि में तिलैया मोड़ के समीप वाहन जांच अभियान शुरू किया।
इसी दौरान गिरिडीह की ओर से दोनों बोलेरो आती दिखाई दीं। पुलिस ने वाहनों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन चालक तेजी से भागने लगे। पुलिस ने पीछा कर दोनों वाहनों को रोक लिया। जांच के दौरान दोनों बोलेरो से कुल 1200 लीटर स्प्रिट बरामद किया गया। पुलिस ने मौके से दो तस्करों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीसरा आरोपी फरार हो गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मधुपुर थाना क्षेत्र के लालगढ़ निवासी अकबर अली और बुढ़ई थाना क्षेत्र के सुग्गापहाड़ी गांव निवासी दिवाली राय के रूप में हुई है। फरार आरोपी देवीपुर थाना क्षेत्र के हथवारी गांव का निवासी बताया गया है। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त बोलेरो संख्या जेएच-04ई-4414 और जेएच-15ई-7080 को जब्त कर लिया है। जांच में आरोपियों के पास स्प्रिट से संबंधित कोई वैध कागजात नहीं मिले। पुलिस के अनुसार, स्प्रिट नकली शराब बनाने के उद्देश्य से ले जाया जा रहा था। इस संबंध में बुढ़ई थाना कांड संख्या 49/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
ट्रक की चपेट में आने से बाइक सवार महिला गंभीर रूप से घायल
- जैप-5 कैंप के सामने हुआ हादसा, पुलिस ने घायल को सदर अस्पताल पहुंचाया
मोहनपुर/संवाददाता। मोहनपुर थाना क्षेत्र के देवघर-दुमका मुख्य मार्ग पर जैप-5 कैंप के सामने शुक्रवार को सड़क दुर्घटना में बाइक सवार एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल महिला की पहचान बरियोड़ी गांव निवासी सिया देवी के रूप में हुई है। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
मिली जानकारी के अनुसार, महिला बाइक पर सवार होकर देवघर की ओर जा रही थी। इसी दौरान सड़क पर बने ब्रेकर के पास बाइक की रफ्तार धीमी हो गई। तभी पीछे से तेज गति से आ रहे एक ट्रक ने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगने के बाद महिला सड़क पर गिर गई और ट्रक का पहिया उसके पैर पर चढ़ गया। हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर मौके से निकल गया। घटना के बाद आसपास मौजूद राहगीरों ने इसकी सूचना मोहनपुर पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और घायल महिला को अपने वाहन से देवघर सदर अस्पताल पहुंचाया। वहां महिला का इलाज चल रहा है।
इधर, पुलिस ने दुर्घटना में शामिल ट्रक को जब्त कर थाना ले आई है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोगों ने मुख्य सड़क पर वाहनों की तेज रफ्तार और यातायात सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है।
पुराने जमीन विवाद में प्रमोद राउत पर जानलेवा हमला, दो आरोपित पकड़े गए
- लाठी-डंडे और तलवार से हमले में बायां हाथ गंभीर रूप से जख्मी, एम्स में चल रहा इलाज
देवीपुर/संवाददाता। थाना क्षेत्र के रामसागर गांव निवासी प्रमोद राउत पर पुराने जमीन विवाद को लेकर जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। घटना में प्रमोद राउत गंभीर रूप से घायल हो गए। हमले के दौरान उनका बायां हाथ बुरी तरह जख्मी हो गया। ग्रामीणों की मदद से दो आरोपितों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया है। घायल का इलाज देवघर एम्स में चल रहा है। घटना के संबंध में रामसागर निवासी लखन राउत ने देवीपुर थाना में आवेदन देकर आरोप लगाया है कि उनका भतीजा प्रमोद राउत किसी काम से भोजपुर गया था। वहां से लौटने के दौरान रास्ते में काले रंग की स्कॉर्पियो और दो-तीन मोटरसाइकिल पर सवार कुछ लोगों ने उसे घेरकर रास्ता रोक दिया। आरोप है कि सभी लोग पहले से घात लगाकर बैठे थे और पुराने जमीन विवाद को लेकर प्रमोद के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट करने लगे। आवेदन के अनुसार, हमलावरों ने प्रमोद की कनपटी पर पिस्तौल सटा दी और तलवार से हमला कर दिया। इससे उनका बायां हाथ गंभीर रूप से कट गया और वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिरकर बेहोश हो गए। आरोप है कि इस दौरान उनके गले से करीब एक भर सोने की चेन और पॉकेट से चार हजार रुपये भी छीन लिए गए। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो हमलावर भागने लगे। इसी दौरान ग्रामीणों ने दो लोगों को खदेड़कर पकड़ लिया। उनकी पहचान रिखिया थाना क्षेत्र के रक्सा गांव निवासी उमेश पुजहर और बिहार के मुंगेर जिले के धरहरा थाना क्षेत्र के दुर्गापुर निवासी धीरज कुमार के रूप में हुई है। बाद में दोनों को देवीपुर पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने इस संबंध में कांड संख्या 132/26 दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। आवेदन में कई अन्य लोगों की संलिप्तता का भी आरोप लगाया गया है।
शिक्षिका के गले से सोने की चेन झपटकर फरार हुए बाइक सवार बदमाश
- अंची देवी स्कूल के समीप हुई घटना, करीब डेढ़ लाख रुपये की चेन लेकर भागे अपराधी
मधुपुर/संवाददाता। शहर में चेन छिनतई की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बाइक सवार बदमाशों ने गुरुवार सुबह एक निजी विद्यालय की शिक्षिका को निशाना बनाते हुए उनके गले से सोने की चेन झपट ली और फरार हो गए। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से शहर की महिलाओं में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, पाथलचपटी मोहल्ला निवासी शिक्षिका सोनाली गोस्वामी गुरुवार सुबह अपने घर से स्कूल जाने के लिए निकली थीं। इसी दौरान अंची देवी स्कूल के समीप बाइक सवार दो बदमाश तेज गति से उनके पास पहुंचे। इससे पहले कि शिक्षिका कुछ समझ पातीं, बदमाशों ने झपट्टा मारकर उनके गले से सोने की चेन छीन ली और तेजी से फरार हो गए। घटना के बाद शिक्षिका ने मधुपुर थाना पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और आसपास के लोगों से पूछताछ की। बताया गया कि छीनी गई सोने की चेन का वजन करीब 12 ग्राम था, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग डेढ़ लाख रुपये है। पुलिस आसपास के प्रतिष्ठानों और मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, ताकि बदमाशों की पहचान की जा सके। उल्लेखनीय है कि शहर में इससे पहले भी चेन छिनतई की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। अब तक मामलों का खुलासा नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। स्थानीय लोगों ने पुलिस से नियमित गश्ती बढ़ाने और अपराधियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है।
विद्यालयों के मूल्यांकन में मूलभूत सुविधाओं और शैक्षणिक स्तर की हुई जांच
- ‘मेरा विद्यालय, निपुण विद्यालय 2.0’ के तहत चोरबरिया उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण
मधुपुर/संवाददाता। करौं प्रखंड क्षेत्र के सरकारी विद्यालयों का मूल्यांकन कार्य इन दिनों जोर-शोर से चल रहा है। समग्र शिक्षा परियोजना के निर्देश पर मूल्यांकनकर्ताओं की प्रतिनियुक्ति कर विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता और आधारभूत सुविधाओं की स्थिति का आकलन किया जा रहा है। इस दौरान विद्यालयों का भौतिक निरीक्षण करने के साथ छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक स्तर, सरकारी पंजियों, अभिलेखों और आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जा रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को ‘मेरा विद्यालय, निपुण विद्यालय 2.0’ कार्यक्रम के तहत उत्क्रमित प्राथमिक विद्यालय चोरबरिया का मूल्यांकन किया गया। मूल्यांकनकर्ता संजय कुमार सिंह एवं कृष्ण प्रकाश ने विद्यालय पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालय में अध्ययनरत कुल 25 छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक स्तर का आकलन किया गया। मूल्यांकनकर्ताओं ने विद्यालय में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं, शैक्षणिक संसाधनों, सरकारी अभिलेखों और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की भी जांच की। साथ ही विद्यालय के संचालन और अभिलेखों के रखरखाव को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद मूल्यांकन से संबंधित रिपोर्ट ऑनलाइन समग्र शिक्षा अभियान, रांची को भेजी गई। बताया गया कि झारखंड शिक्षा परियोजना, रांची की ओर से प्रत्येक वर्ष विद्यालयों के शैक्षणिक और आधारभूत स्तर का मूल्यांकन कराया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य विद्यालयों की वास्तविक स्थिति का पता लगाना, कमियों को चिह्नित करना और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना है। मौके पर सहायक अध्यापक सुरेश दास, विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्य तथा दर्जनों ग्रामीण उपस्थित थे।
बिना स्वीकृत नक्शे और ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट के अस्पताल संचालन पर नगर परिषद का नोटिस
- दो निजी अस्पतालों को तीन दिनों में दस्तावेज प्रस्तुत करने का निर्देश, नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई की चेतावनी
मधुपुर/संवाददाता। शहर में भवन निर्माण के लिए स्वीकृत नक्शा और आवश्यक अधिभोग प्रमाणपत्र (ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट) के बिना निजी अस्पतालों के संचालन का मामला सामने आया है। इस संबंध में नगर परिषद ने दो निजी अस्पतालों को नोटिस जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने और निर्धारित नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। नोटिस जारी होने के बाद शहर में निजी अस्पतालों के भवन निर्माण और संचालन से जुड़े नियमों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
नगर परिषद की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि संबंधित दोनों अस्पतालों का संचालन स्वीकृत भवन नक्शे और ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट के बिना किया जा रहा है। इसे नगरपालिका अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन मानते हुए अस्पताल प्रबंधन से आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि सार्वजनिक सूचना के बाद तीन दिनों के भीतर यदि अस्पताल प्रबंधन आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराता है और नियमों का अनुपालन सुनिश्चित नहीं करता है, तो नगर परिषद की ओर से नगरपालिका अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग की अनुमति पर भी उठे सवाल : इस मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि संबंधित अस्पतालों के पास भवन का स्वीकृत नक्शा और ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट उपलब्ध नहीं है, तो उन्हें अस्पताल संचालन की अनुमति किस आधार पर दी गई। हालांकि, इस संबंध में स्वास्थ्य विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।
क्या होता है ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट : ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) नगर निकाय या संबंधित विकास प्राधिकरण की ओर से जारी किया जाने वाला महत्वपूर्ण प्रमाणपत्र है। इसके माध्यम से प्रमाणित किया जाता है कि भवन का निर्माण स्वीकृत नक्शे और निर्धारित भवन निर्माण एवं सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया गया है तथा वह उपयोग के लिए उपयुक्त है। यह प्रमाणपत्र भवन के वैध उपयोग से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज है। भवन में पानी, बिजली और सीवरेज जैसी सुविधाओं के वैध कनेक्शन सहित कई कानूनी एवं वित्तीय कार्यों में भी इसकी आवश्यकता पड़ सकती है। अब देखना होगा कि नगर परिषद की ओर से जारी नोटिस के बाद संबंधित अस्पताल प्रबंधन क्या दस्तावेज प्रस्तुत करता है और नगर परिषद एवं स्वास्थ्य विभाग इस मामले में आगे क्या कदम उठाते हैं।
दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर में बच्चा और किशोरी समेत चार घायल
सारवां/संवाददाता। सोनारायठाढ़ी थाना क्षेत्र के पोरखवा गांव के समीप दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर में एक बच्चा और एक किशोरी समेत चार लोग घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सारवां लाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज और आवश्यक जांच के लिए सभी को सदर अस्पताल देवघर रेफर कर दिया गया।
मिली जानकारी के अनुसार, मोहनपुर थाना क्षेत्र के मोरने रंगा गांव निवासी साहिल, रकिबा, सैयद अंसारी और काशिब अंसारी एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान मोहनपुर थाना क्षेत्र के सिलवे घोरमारा दोंदिया निवासी नीरज कुमार राय की मोटरसाइकिल से उनकी बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में चारों लोग घायल हो गए। घटना की जानकारी मिलने पर पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे और घायलों के बेहतर इलाज को लेकर आवश्यक पहल की। उन्होंने घायलों के परिजनों को फोन कर दुर्घटना की जानकारी दी और उन्हें आश्वस्त किया कि बेहतर उपचार के लिए सदर अस्पताल देवघर रेफर कराने के साथ इलाज की समुचित व्यवस्था को लेकर समन्वय किया जा रहा है। घटना के बाद घायलों के परिजनों और स्थानीय लोगों में चिंता का माहौल रहा।
सारवां प्रखंड स्तरीय स्टेडियम के जीर्णोद्धार की जगी उम्मीद
- पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख की पहल पर खेल विभाग के सचिव ने डीसी को दिया भौतिक स्थिति और प्राक्कलन उपलब्ध कराने का निर्देश
सारवां/संवाददाता। प्रखंड क्षेत्र के जर्जर प्रखंड स्तरीय स्टेडियम के जीर्णोद्धार की उम्मीद जगी है। स्टेडियम की बदहाल स्थिति के कारण स्थानीय खिलाड़ियों को खेल अभ्यास में हो रही परेशानियों को देखते हुए पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने पहल की है। उन्होंने स्टेडियम की मरम्मत, रंग-रोगन और आवश्यक सुविधाओं के विकास को लेकर झारखंड सरकार के पर्यटन, कला एवं खेलकूद विभाग के सचिव को पत्र लिखकर समस्या से अवगत कराया था। इस मामले में विभागीय सचिव ने संज्ञान लेते हुए देवघर के उपायुक्त को आवश्यक निर्देश जारी किया है। निर्देश में स्टेडियम की वर्तमान भौतिक स्थिति का आकलन कराने और उसके जीर्णोद्धार के लिए सक्षम पदाधिकारी के माध्यम से प्राक्कलन तैयार कर विभाग को उपलब्ध कराने को कहा गया है। इससे स्टेडियम की मरम्मत और विकास कार्य शुरू होने की संभावना बढ़ गई है। बताया जाता है कि प्रखंड स्तरीय स्टेडियम लंबे समय से जर्जर अवस्था में है। इसके कारण प्रखंड क्षेत्र के सुदूरवर्ती गांवों के खिलाड़ियों को अभ्यास और खेल गतिविधियों के संचालन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण खिलाड़ियों ने इस समस्या से पूर्व कृषि मंत्री को अवगत कराते हुए समाधान की मांग की थी। बादल पत्रलेख ने खिलाड़ियों की मांग पर त्वरित पहल करते हुए संबंधित विभाग के समक्ष मामला उठाया। सरकार की ओर से कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू होने पर युवा खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने प्रसन्नता जताई है। उन्होंने पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख, झारखंड सरकार के उच्चाधिकारियों और देवघर उपायुक्त के प्रति आभार व्यक्त करते हुए स्टेडियम के जीर्णोद्धार का कार्य जल्द शुरू कराने की मांग की है।
पल्स पोलियो अभियान को लेकर सुपरवाइजरों को दिया गया प्रशिक्षण
- 22 से 24 नवंबर तक चलेगा अभियान, पहले दिन बूथों पर 90 प्रतिशत बच्चों को दवा पिलाने का लक्ष्य
मधुपुर/संवाददाता। आगामी 22 नवंबर से शुरू होने वाले तीन दिवसीय पल्स पोलियो अभियान की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. मोहम्मद शाहिद की अध्यक्षता में पोलियो सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें अभियान के सफल संचालन, वैक्सीन के रखरखाव और अधिक से अधिक बच्चों तक पोलियो की खुराक पहुंचाने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अस्पताल उपाधीक्षक ने बताया कि पल्स पोलियो अभियान 22 से 24 नवंबर तक संचालित होगा। अभियान के पहले दिन शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों में बनाए गए बूथों पर शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की दो बूंद दवा पिलाई जाएगी। इसके बाद दूसरे और तीसरे दिन स्वास्थ्यकर्मी घर-घर जाकर बूथ पर दवा पीने से छूट गए बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगे। प्रशिक्षण के दौरान सुपरवाइजरों को वैक्सीन वायल मॉनिटर (वीवीएम) के उपयोग और उसकी स्थिति की पहचान करने की जानकारी दी गई। इसके अलावा टैली शीट भरने की प्रक्रिया भी समझाई गई। उपाधीक्षक ने निर्देश दिया कि अभियान के पहले दिन बूथों पर ही कम से कम 90 प्रतिशत बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने सभी सुपरवाइजरों को प्रत्येक पोलियो बूथ का जियो-टैगिंग युक्त फोटो पोलियो व्हाट्सएप ग्रुप में भेजने का निर्देश दिया। साथ ही पर्याप्त मात्रा में वैक्सीन उपलब्ध रखने के लिए कोल्ड बॉक्स साथ रखने को कहा, ताकि किसी क्षेत्र में दवा की कमी होने पर वैक्सीनेटर को तत्काल वैक्सीन उपलब्ध कराई जा सके। उपाधीक्षक ने कहा कि अभियान के दौरान किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि दो नवंबर से पोलियो कार्यकर्ताओं और वैक्सीनेटरों का प्रशिक्षण शुरू होगा। इसमें सभी सुपरवाइजर अपने-अपने वैक्सीनेटर के साथ उपस्थित रहेंगे। मौके पर प्रशिक्षक डॉ. संजीत, डब्ल्यूएचओ मॉनिटर जितेंद्र झा, प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधक आलोक नाथ, प्रशांत सौरभ, बीटीटी सहित सभी पोलियो सुपरवाइजर उपस्थित थे।
काउंटर प्राथमिकी के बाद मोहनपुर में माले का आक्रोश मार्च, पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
- गीता मंडल के नेतृत्व में जयपुर मोड़ से प्रखंड परिसर तक निकला मार्च, मुख्यमंत्री के नाम सौंपा मांग-पत्र
मोहनपुर/संवाददाता। मोहनपुर थाना क्षेत्र में छेड़छाड़ और एससी-एसटी एक्ट से जुड़े मामले को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। मामले में दोनों पक्षों की ओर से आवेदन दिए जाने के बाद पुलिस द्वारा काउंटर प्राथमिकी दर्ज किए जाने के विरोध में शुक्रवार को भाकपा माले की केंद्रीय कमेटी सदस्य गीता मंडल के नेतृत्व में आक्रोश मार्च निकाला गया। मार्च जयपुर मोड़ से शुरू होकर मोहनपुर प्रखंड परिसर पहुंचा, जहां मुख्यमंत्री के नाम मांग-पत्र सौंपा गया। मामला शंभू कुमार तुरी समेत नौ लोगों के खिलाफ दर्ज छेड़छाड़ की प्राथमिकी से जुड़ा है। इस मामले में प्रियंका कुमारी की ओर से पुलिस को आवेदन दिया गया था। वहीं, अमित तुरी एवं अन्य की ओर से भी आवेदन देकर एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य आरोप लगाए गए थे। दोनों पक्षों के आवेदन के आधार पर पुलिस ने काउंटर प्राथमिकी दर्ज की है। भाकपा माले की ओर से शंभू कुमार तुरी समेत अन्य के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को गलत और साजिशपूर्ण बताया जा रहा है। मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की गई। इस संबंध में गीता मंडल ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ था और मामला आपसी समझौते से सुलझाया जा सकता था। लेकिन एक महिला के माध्यम से गलत प्राथमिकी दर्ज कराकर विधायक प्रत्याशी एवं भाकपा माले नेता शंभू तुरी तथा रोहित तुरी को फंसाया गया है। उन्होंने कहा कि मोहनपुर में सामाजिक सौहार्द बनाए रखने के लिए सभी पक्षों को आपस में बैठकर विचार-विमर्श करना चाहिए, ताकि क्षेत्र में अशांति की स्थिति उत्पन्न नहीं हो। मार्च के दौरान पूर्व थाना प्रभारी सालो हेम्ब्रम को दोबारा मोहनपुर थाना प्रभारी बनाने की मांग भी उठाई गई। हालांकि, इस मांग और पूर्व में उनके कार्यकाल को लेकर लगाए जा रहे आरोपों पर कोई आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से दर्ज प्राथमिकी और आंदोलन के बाद मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।