-पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर भेजा जेल, अन्य की तलाश जारी
ललमटिया/संवाददाता। पुलिस ने ट्रांसफॉर्मर चोरी मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बीते 12 मई को ईसीएल के हुर्रासी सीएचपी साइड से चोरों ने ट्रांसफॉर्मर चोरी कर लिया था। जिसके अगले दिन साइट इंचार्ज ने ललमटिया थाने में मामला दर्ज कराया था। वहीं उक्त मामले को लेकर एसपी अनिमेष नैथानी के निर्देश पर गठित टीम ने छापेमारी कर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपियों ने कुछ अन्य लोगों के भी शामिल होने की बात कही। गिरफ्तार आरोपियों में महागामा के खदारा माल निवासी 59 वर्षीय साहिद अंसारी और ललमटिया के हरकट्ठा निवासी 27 वर्षीय साहेब राम टुडू शामिल हैं। वहीं आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने 63 केवीए का ट्रांसफॉर्मर और 07 किलोग्राम तांबा का तार बरामद किया और दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया। वहीं बताया गया कि गिरफ्तार दो अभियुक्तों में से एक शाहिद अंसारी का पूर्व में आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। वह पहले हत्या, आर्म्स एक्ट और चोरी के मामलों में जेल जा चुका है। इस मामले में संलिप्त आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। छापेमारी दल में ललमटिया थाना प्रभारी रौशन कुमार सिंह, पुलिस अवर निरीक्षक अश्विनी कुमार, पुअनि सुभाष दास, पुअनि सुरेंद्र कुमार और ललमटिया थाने के सशस्त्र बल शामिल थे।
शहीद चानकु के 169वां शहादत दिवस पर दी गयी श्रद्धांजलि
गोड्डा/संवाददाता। सदर प्रखंड अंतर्गत रंगमटिया स्थित स्मारक पर हूल फाउंडेशन के तत्वावधान में हूल क्रांतिवीर शहीद चानकु महतो के 169वां शहादत दिवस पर उन्हें फूल माला पहना कर श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान कुड़मी विकास मोर्चा के जिलाध्यक्ष दिनेश कुमार महतो ने बताया कि शहीद चानकु महतो का जन्म 09 फरवरी, 1816 को रंगमटिया गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम कारू महतो, माता का नाम बड़की महताइन था। शहीद चानकु महतो का नारा था आपोन माटी, आपोन दाना पेट काटी निहिं देब खजाना से लोगों के बीच मशाल जलाये रखने का काम किया था। शहीद चानकु महतो कुड़मी स्वशासन व्यवस्था में रंगमटिया गांव के प्रधान व इलाके के परगनैत थे। उन्होंने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध गोड्डा और आसपास के इलाकों में 1853-54 के आसपास समय से ही स्थानीय लोगों को एकजुट कर अंग्रेजों की दमनकारी नीतियों का विरोध कर संथाल हूल 1855-56 में सिद्धू कान्हू को नेतृत्वकर्ता मानते हुए विद्रोह का समर्थन किए थे जो 30 जून, 1855 के बाद हूल नाम से जाना गया और इतिहास में दर्ज हुआ। 15 मई, 1856 को अंग्रेजों ने सरेआम राजकचहरी के समीप कझिया नदी के किनारे एक पेड़ में फांसी पर लटका कर मार दिया। झारखंड सरकार से मांग करते हैं शहीद चानकु महतो की जीवनी को स्कूल व कॉलेज के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए ताकि उनके इतिहास को बच्चे से लेकर बड़े तक जान सकें। मौके पर उपस्थित हूल फाउंडेशन के किशोर कुमार महतो, कुड़मी विकास मोर्चा के जिला कोषाध्यक्ष दीपक कुमार महतो, छात्र सचिव सोनू महतो, रमेश महतो, दयानंद भारती, संदीप महतो, मिथुन महतो, कुंदन महतो, गौतम महतो, अनुज महतो, मदन महतो, रंजित महतो, मुन्ना महतो आदि लोग उपस्थित हुए।
महिला महाविद्यालय के शिक्षकों ने कुलपति से मुलाकात कर की चर्चा
गोड्डा/संवाददाता। महिला महाविद्यालय गोड्डा के शिक्षकों का प्रतिनिधि मंडल प्रभारी प्राचार्य डॉ. सुमन लता के नेतृत्व में गुरुवार को सिद्धू-कान्हू मुर्मू यूनिवर्सिटी के कुलपति से मिला। इस औपचारिक मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति का अभिनंदन किया और महाविद्यालय की शैक्षणिक प्रगति और विस्तार को लेकर सकारात्मक विमर्श किया। इस दौरान मुख्य रूप से महाविद्यालय में संथाली, भूगोल और वाणिज्य विषयों की संबद्धता को लेकर चर्चा की गई। वहीं प्रतिनिधिमंडल ने इन विषयों की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि छात्राओं के लिए विषयों के कई विकल्प एवं विषयों की मांग को देखते हुए इन संकायों की शुरूआत बेहद आवश्यक है। कुलपति ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुना और विषयों के संदर्भ में जल्द सकारात्मक कदम उठाने का आश्वासन दिया। उक्त प्रतिनिधि मंडल में प्रो. ब्रजेश मिश्रा, प्रो. साबरा तबस्सुम, डॉ. बिपिन बिहारी एवं डॉ. सुधीर कुमार भी शामिल थे।
अध्यात्म और विज्ञान के अद्भुत संगम हैं प्रभु हनुमान : पं. नितेश
-प्रभु हनुमान के स्वरूप और कार्य को विज्ञान के माध्यम से स्पष्ट करने का प्रयास
गोड्डा/संवाददाता। सनातन धर्म की विशेषता यह रही है कि उसने जीवन के प्रत्येक आयाम को न केवल आत्मिक दृष्टिकोण से देखा, बल्कि ब्रह्मांडीय एवं वैज्ञानिक चेतना से भी उसे समझने का प्रयास किया। सनातन धर्म में आस्था, विश्वास व गूढ़ जानकारी रखने वाले पंडित नितेश कुमार मिश्रा ने प्रभु हनुमान के स्वरूप व कार्य को विज्ञान के माध्यम से स्पष्ट करने का एक प्रयास किया है। नितेश मिश्रा के अनुसार हनुमान चालीसा में एक बहुत महत्वपूर्ण चौपाई है-सूक्ष्म रूप धरि सियहिं दिखावा, विकट रूप धरि लंक जरावा। हनुमान जी की यह विराट और सूक्ष्म रूप धारण करने की शक्ति उनकी अष्ट सिद्धियों में से दो महत्वपूर्ण सिद्धियां हैं- महिमा (विशाल रूप) और अणिमा (सूक्ष्म रूप) है। यह क्षमता उन्हें हर प्रकार की परिस्थिति का सामना करने और भगवान राम के कार्यों को सफलता पूर्वक संपन्न करने में सहायक सिद्ध हुई। हनुमान जी का सूक्ष्म और विराट रूप मानव चेतना और ऊर्जा की उच्चतम संभावनाओं का प्रतीक है। वास्तव में अणिमा और महिमा सिद्धियां, क्वांटम युग की कल्पनाओं से भी परे है जो यह दर्शाती है कि सनातन ऋषियों का विज्ञान अपने अनुभव, ध्यान और साधना से आज के विज्ञान से हजारों वर्ष पहले ही इन क्षमताओं को समझ चुका था। ब्रह्मांड में मौलिक कण वास्तव में ऊर्जा की अति सूक्ष्म स्ट्रिंग हैं जो निरंतर कंपन कर रही हैं। इन स्ट्रग्सिं की कंपन की आवृत्ति और तरंग रूप ही यह निर्धारित करते हैं कि कोई कण क्या है। अर्थात कंपन का तरीका बदलने से कण की प्रकृति बदल जाएगी। हनुमान यदि अपने शरीर की स्ट्रग्सिं की कंपन आवृत्ति बदलते हैं तो वे अपने शरीर का आकार, द्रव्यमान, घनत्व और यहां तक कि आयाम तक नियंत्रित कर सकते हैं। वे अपनी स्ट्रग्सिं की कंपन आवृत्तियों को बदल कर ही सूक्ष्म बनते हैं, विराट बनते हैं, अदृश्य हो जाते हैं या अद्भुत वेग से विचरण करते हैं। हनुमान जी की यह शक्ति केवल चमत्कार मात्र ही नहीं बल्कि ऊर्जा नियंत्रण की पराकाष्ठा है। उनकी चेतना इतनी उच्च स्तरीय है कि वे अपने ऊर्जात्मक कंपन को बदल कर किसी भी रूप या आयाम को धारण कर सकते हैं। प्रभु हनुमान का यह विराट व सूक्ष्म स्वरूप वेव-पार्टिकल डुअलिटी (प्रकृति में कुछ कणों की प्रकृति दोहरी होती है, वे कण और तरंग दोनों रूपों में कार्य करते हैं) से मेल खाता हुआ माना जा सकता है, जो यह दर्शाता है कि एक ही अस्तित्व को दो विभिन्न रूपों में देखा जा सकता है। राम नाम और हनुमान जी के बीच की चेतन प्रतिक्रिया का वैज्ञानिक रूप से सबसे निकटतम समकक्ष क्वांटम एंटैंगलमेंट है। क्वांटम एंटैंगलमेंट एक ऐसी अवस्था है, जब दो या अधिक कण आपस में इतनी गहराई से जुड़े होते हैं कि चाहे वे कितनी भी दूरी पर हों यदि एक कण में कोई परिवर्तन होता है तो दूसरे में भी तुरंत वैसा ही परिवर्तन हो जाता है। हमारे प्रभु श्री राम व हनुमान जी भी ऐसे जुड़ें हैं कि जब भी कोई राम भक्त संकट में राम या हे राम नाम का उच्चारण करता है तो प्रभु हनुमान जी उसके पुकार को अवश्य सुनते हैं। भले ही यह विज्ञान कणों तक सीमित हो, लेकिन सनातन सिद्धांतों में यह चेतनाओं तक फैला हुआ है, जो यह दर्शाता है कि ब्रह्मांडीय नियम केवल भौतिक ही नहीं, आध्यात्मिक भी हैं।
विज्ञान और अध्यात्म प्रतिस्पर्धा नहीं, परस्पर पूरक हैं
सनातन धर्म कभी भी विज्ञान से विरोध में नहीं रहा, बल्कि वह तो ऋषियों के अनुभव जन्य विज्ञान पर आधारित रहा है। हमारे ऋषियों ने ध्यान, योग, और तपस्या के माध्यम से जो अनुभव प्राप्त किए, वे आज आधुनिक विज्ञान की सीमाओं को छूने लगे हैं। हनुमान जी की शक्तियां इसी ऋषि विज्ञान की पराकाष्ठा हैं। वे चेतन, ऊर्जा, और आयामों के मध्य संबंधों को इस प्रकार प्रयोग करते हैं जैसे आज कोई वैज्ञानिक क्वांटम कंप्यूटर में क्यूबिट्स का व्यवहार समझना चाहता है। हनुमान जी केवल एक चरित्र नहीं, वे आध्यात्मिक विज्ञान की जीवंत प्रतिमा हैं। उनका स्वरूप हमें सिखाता है कि मनुष्य चेतना असीम है। वह जब साधना, सेवा और समर्पण से जुड़ती है, तो वह समय, आयाम, और पदार्थ की सीमाओं को पार कर सकती है।
पति की प्रताड़ना से तंग महिला ने की खुदकुशी का प्रयास
गोड्डा/संवाददाता। बसंतराय थाना क्षेत्र अंतर्गत सुस्ती पंचायत के जहाज कित्ता गांव में पत्नी पर अवैध संबंध का शक होने पर पति ने प्रताड़ित करते हुए मारपीट कर दी। जिसके बाद पत्नी ने खुद के गले में रस्सी का फंदा लगा कर आत्महत्या करने की कोशिश की। फिलहाल उपचार के बाद वह खतरे से बाहर है। वहीं आस पड़ोस के लोगों ने महिला को खुदकुशी करने से बचाया। बेहोशी की हालत में महिला को आनन-फानन में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया। प्राप्त जानकारी के अनुसार रामानंद यादव की पत्नी चांदनी देवी ने गले में रस्सी का फंदा लगा कर आत्महत्या करने की कोशिश की। प्रत्यक्षदर्शियों ने आरोप लगाते हुए बताया है कि पति ने पत्नी के किसी गैर के साथ अवैध संबंध के शक होने पर पत्नी के साथ मारपीट की। बताया कि अक्सर घर में आकर रामानंद यादव अपनी पत्नी से मारपीट करता था। रामानंद यादव की लगातार मारपीट और प्रताड़ना से तंग आकर पीड़िता के परिजनों ने पूर्व में भी बसंतराय थाना में शिकायत दर्ज करायी थी। उक्त मामले में मिली जानकारी के अनुसार रामानंद यादव पत्नी चांदनी देवी से अवैध संबंध के बारे में दबाव डाल कर पूछ रहा था। जिसका चांदनी देवी ने विरोध किया, जिस वजह से रामानंद यादव गुस्से में आ गया और उसने पत्नी के साथ मारपीट कर दी। इससे चांदनी देवी मानसिक रूप से तनाव में आ गयी और दु:खी होकर खुदकुशी करने के लिए दरवाजा बंद कर रस्सी का फंदा बना कर गले में डाल लिया। कमरे की खिड़की से घर के किसी सदस्य को चांदनी को फंदा में झूलते देखा गया। हो-हल्ला करने पर परिवार के अन्य सदस्यों ने दरवाजा खोल कर उसको मूर्छित अवस्था में नीचे उतारा। तत्काल ग्रामीण डॉक्टर को बुला कर इलाज कराया गया। बाद में उसे गाड़ी से अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने महिला का इलाज कर घर भेज दिया। जानकारी के अनुसार चांदनी देवी को तीन बच्चे हैं, जिसमें दो लड़का और एक लड़की है। चांदनी देवी की शादी 2017 में हुई थी। शादी के कुछ दिन तक पति-पत्नी में संबंध अच्छे रहे। धीरे-धीरे दोनों में कुछ बातों को लेकर आपसी मतभेद होने लगा। इसको लेकर कुछ वर्ष पहले चांदनी देवी के परिजनों ने उसके पति रामानंद यादव पर बसंतराय थाना में मारपीट कर दहेज प्रताड़ना की शिकायत भी लगायी थी। बताया कि रामानंद यादव उसे कभी भी खुश नहीं रखता है।
जिले में ऑपरेशन सिंदूर के समर्थन में निकली तिरंगा यात्रा
-देशभक्ति के नारों से गूंजा शहर
गोड्डा/संवाददाता। जिला नेटबॉल संघ की ओर से शुक्रवार को ऑपरेशन सिन्दूर में भारतीय सेना की वीरता, शौर्य और आतंकवाद के खिलाफ साहसिक कार्रवाई के समर्थन में तिरंगा यात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा शहर के गांधी मैदान से शुरू होकर मिशन चौक, गंगटा चौक, आसनबनी होते हुए अशोक स्तंभ परिसर तक पहुंची। तिरंगा यात्रा में बड़ी संख्या में नेटबॉल खिलाड़ी, स्थानीय युवा और गणमान्य लोग शामिल हुए। यात्रा के दौरान पूरे शहर में वंदे मातरम और भारत माता की जय के गगनभेदी नारों से वातावरण देशभक्ति से सराबोर हो गया। इस अवसर पर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) वैद्यनाथ उरांव ने युवाओं में जोश भरते हुए कहा कि कुछ दिन पहले पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 मासूम नागरिकों की जान गई थी, जिसका भारतीय सेना ने मुंहतोड़ जवाब दिया। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत सेना ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया, जो वीरता और पराक्रम का प्रतीक है। उन्होंने कहा, इस तिरंगे की शान कभी झुकनी नहीं चाहिए। यह देश का अभिमान है, और हमें हमेशा इसके सम्मान में खड़ा रहना चाहिए। कार्यक्रम में जिला खेल पदाधिकारी डॉ. प्राण महतो, एसबीआई पीबीबी ब्रांच मैनेजर सोमेस कुमार, फील्ड ऑफिसर विकास कुमार, साज म्यूजिकल ट्रस्ट के इस्लाम, सौरभ सुमन समेत कई गणमान्य लोग शामिल रहे। राष्ट्रीय खिलाड़ी मोनालिसा, संघ के सचिव गुंजन झा, नरेंद्र कुमार गांधी, वैद्यनाथ देहरी, ललन कुमार लड्डू, मनोज कुमार, नीरज कुमार, कृष्णा कुमारी, पुतुल देवी, ममता कुमारी, रीना सेन, ममता ठाकुर, विनालिशा कुमारी सहित अनेक खिलाड़ी और सामाजिक कार्यकर्ता भी तिरंगा यात्रा में शामिल हुए। यह आयोजन युवाओं में देशभक्ति की भावना को सशक्त करने और सेना के साहस को सलामी देने का प्रतीक बन गया।
ट्रैक्टर चलाना सीख रहे मजदूर की मौत
गोड्डा/संवाददाता। मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के लोबंधा गांव में एक ट्रैक्टर दुर्घटना ग्रस्त हो गया। इस हादसे में चालक राकेश लैया की मौत हो गई। राकेश अपने घर से करीब 500 मीटर की दूरी पर ट्रैक्टर चलाना सीख रहा था। मृतक राकेश के पिता का नाम संतोष लैया है। वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। राकेश की शादी पिछले साल हुई थी। वह लेबर का काम करता था और दूसरे के ट्रैक्टर से चलाना सीख रहा था। हादसे में राकेश के सिर पर गंभीर चोट लगी और मौके पर ही उनकी मृत्यु हो गई। घटना गुरुवार की है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने मुफस्सिल थाना को जानकारी दी। मुफ्फसिल थाना प्रभारी आनंद साहा मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।