मेजबान बिहार ने मारी बाजी
पटना। संवाददाता। भारत में ई-स्पोर्ट्स उद्योग को उस समय एक बड़ी पहचान मिली, जब खेलो इंडिया यूथ गेम्स के सातवें संस्करण के लिए इसे एक डेमो गेम के रूप में शामिल किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन की मेजबानी करते हुए बिहार ने विभिन्न इवेंट्स में शीर्ष-3 में स्थान हासिल किए, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि राज्य ई-स्पोर्ट्स के तेजी से बढ़ते क्षेत्र में एक प्रमुख शक्ति के रूप में उभर रहा है। इस डेमो गेम में कुल आठ राज्यों ने भाग लिया, जिसमें बीजीएमआई, शतरंज, स्ट्रीट फाइटर 6 और ई-फुटबॉल जैसे खेल शामिल थे। यह आयोजन भारत में ई-स्पोर्ट्स को पारंपरिक खेलों के समान दर्जा दिए जाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम था।
सभी कैटेगरीज में बीजीएमआई ने एक बार फिर भारत के सबसे लोकप्रिय ई-स्पोर्ट्स का स्थान बनाए रखा। कुल 16 टीमों में प्रत्येक राज्य से दो ने इस प्रतिस्पर्धा में भाग लिया। बिहार की ए और बी टीमों ने पहला और तीसरा स्थान हासिल किया, जबकि तमिलनाडु की ए टीम ने दूसरे स्थान पर रहते हुए उनके बीच जगह बनाई।
ई-फुटबॉल कंसोल श्रेणी में तमिलनाडु के अर्णव राजीव पारिख विजेता बने, जबकि बिहार के तनव राज दूसरे स्थान पर और महाराष्ट्र के रोनित सागर सप्तम तीसरे स्थान पर रहे। शतरंज में भी बिहार के खिलाड़ियों का दबदबा रहा, जिसमें रुपेश बी रामचंद्र और अमृत रौनक ने क्रमश: पहला और दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि महाराष्ट्र के मोहित कमलेश थानवी तीसरे स्थान पर रहे।
स्ट्रीट फाइटर 6 में तेलंगाना के मंडलापु श्रीजेश ने पहला स्थान हासिल किया। दूसरे स्थान पर महाराष्ट्र के पार्थ स्वप्निल पवार रहे, जबकि बिहार के रोहित कुमार ने तीसरे स्थान पर रहते हुए राज्य को एक और पदक दिलाया।
ई-फुटबॉल मोबाइल श्रेणी का फाइनल नागालैंड के लैमगूहाओ किपगेन और अरुणाचल प्रदेश के जिपिन गोंगो के बीच खेला गया। महाराष्ट्र के पार्थ वरेकर ने तीसरा स्थान हासिल किया।
इस आयोजन को राज्य सरकार और भारतीय खेल प्राधिकरण का समर्थन प्राप्त था। फेडरेशन ऑफ इलेक्ट्रॉनिक स्पोर्ट्स एसोसिएसंस ऑफ इंडिया ने इस आयोजन की रूपरेखा तैयार की, जिसकी योग्यता प्रतियोगिता 25 अप्रैल को राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित की गई थी।
इस संयुक्त प्रयास की सराहना करते हुए एफईएआई के संस्थापक वैभव डांगे ने कहा कि यह एक शानदार पहल है और मैं भारतीय खेल प्राधिकरण, बिहार सरकार, उनके खेल विभाग और पूरी टीम का धन्यवाद करता हुं कि उन्होंने ई-स्पोर्ट्स को खेलो इंडिया अभियान का हिस्सा बनाया, जिसे एफईएआई पिछले कुछ वर्षों से सफलतापूर्वक आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि खेलो इंडिया पहल ने भारत में प्रतिस्पर्धी खेलों को स्कूल और कॉलेज स्तर तक पहुंचाया है। यह न केवल युवाओं की क्षमता को निखारता है, बल्कि प्रतिभा को पहचानने का एक बेहतरीन मंच भी है। ऐसे में ई-स्पोर्ट्स को इसमें शामिल किया जाना एक बेहद स्वागत योग्य कदम है।
इसे लेकर आगे की दिशा और दशा पर बात करते हुए एफईएआई के सह-संस्थापक अभिषेक इस्सर ने कहा कि 2027 में प्रस्तावित ई-स्पोर्ट्स वर्ल्ड कप के मद्देनजर, केआईवीजी मंच हमारे लिए नई प्रतिभाओं की पहचान करने और उन्हें वैश्विक प्रतियोगिता के लिए तैयार करने में मदद कर सकता है।
नीरा उत्पादन के लिए 2 लाख ताड़ के पेड़ चिन्हित, 20 हजार टैपर्स को फायदा
वर्तमान ताड़ सीजन में 3 करोड़ 90 लाख लीटर नीरा उत्पादन का लक्ष्य
टैपर्स को 10 ताड़ से नीरा उत्पादन पर 15 हजार 600 रुपये की प्रोत्साहन राशि का भुगतान
ताड़ पेड़ के मालिक को 10 पेड़ के लिए 5 हजार 850 रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलेगी
पटना। संवाददाता। ताड़ के पेड़ मालिकों और टैपर्स (पेड़ से नीरा रस निकालने वाला व्यक्ति) को रोजगार और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री नीरा संवर्धन योजना की शुरुआत की है। मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग और जीविका के संयुक्त पहल से यह योजना इस वर्ष अप्रैल से जुलाई तक (लगभग 65 दिन) के ताड़ी के मौसम के लिए लागू की गई है। इस काम के लिए 20 हजार टैपर्स को 8 रुपये प्रति लीटर उत्पादित नीरा की दर से प्रोत्साहन राशि सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से दी जाएगी।
प्रदेश में सबसे अधिक टैपर व ताड़ के पेड़ नालंदा, गया, मुजफ्फरपुर एवं वैशाली जिले में चिन्हित किये गये हैं। जीविका के माध्यम से टैपर का सत्यापन कर अनुज्ञप्ति मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग की तरफ से निर्गत किया जाता है।
नीरा के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ताड़ के पेड़ मालिकों को 3 रुपये प्रति लीटर उत्पादित नीरा की दर से अधिकतम 10 पेड़ों के लिए अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसमें ताड़ के पेड़ मालिक को 585 रुपये प्रति पेड़ की दर से अधिकतम दस पेड़ों के स्वामित्व एवं टैपिंग के लिए 5850 रुपये प्रोत्साहन राशि का भुगतान किया जाएगा।
मुख्यमंत्री नीरा संवर्धन योजना के तहत 10 पेड़ की टैपिंग करने पर टैपर्स को 15 हजार 600 रुपये और 10 ताड़ के पेड़ के मालिक को 5 हजार 850 रुपये की प्रोत्साहन राशि जीविका समूह की तरफ से सीधे उनके बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भुगतान किया जाएगा। 10 से कम ताड़ पेड़ों के लिए समानुपातिक प्रोत्साहन राशि देय होगा। वहीं, ताड़ के पेड़ को चिन्हित कर मार्किंग के लिए भी टैपर्स को अलग से प्रति पेड़ 30 रुपये की राशि दी जाएगी।
नीरा की बिक्री के लिए नीरा बिक्री केंद्र बनाए गए हैं। सबसे ज्यादा नीरा बिक्री केंद्र नालन्दा जिला में स्थापित।
नीरा को स्वास्थ्य के लिए काफी लाभकारी बताया गया है। यही कारण है कि राज्य सरकार इसे बढ़ावा दे रही है। नीरा में कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम, सोडियम और फास्फोरस जैसे खनिज प्रचूर मात्रा में पाए जाते हैं। साथ ही, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट, शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है। यह प्राकृतिक प्रोबायोटिक है एवं हीमोग्लोबिन बढ़ाने में सहायक है।
अंचल व स्वच्छता कार्यालय में 4 साल से एक ही जगह पदस्थापित है डाटा इंट्री ऑपरेटर
रेयतों ने किया मनमानी की शिकायत
अलीगंज। संवाददाता। इन दिनों इस्लामनगर अलीगंज अंचल व स्वच्छता कार्यालय में डाटा इट्री ऑपरेटर चार साल से भी अधिक दिनों से एक ही जगह जमे हैं। ज्यादा दिनों से एक ही जगह रहने से कार्यो में शिथिलता और मनमानी चरम पर है। बिचौलिए का बोलबाला होकर रह गया है। अंचल कार्यालय में कार्यरत डाटा ऑपरेटर वीरेन्द्र कुमार की मनमानी व अवैध वसूली की शिकायत आम हो चुकी है। डाटा ऑपरेटर ऑफिस में दलाल बिचौलिए का अड्डा बनकर रह गया है।
वही स्वच्छता कार्यालय में भी डाटा ऑपरेटर अजय कुमार भी चार वर्षो से अधिक दिनों से जमे हैं। दोनों कार्यालय में बिना बिचौलिए का कोई काम होना नामुमकिन हो गया है। ग्रामीण मंटु सिंह, गरीब यादव, राजकुमार पासवान, मो एयूब, अवधेश यादव, मनोज यादव, उमेश यादव, विनोद गुप्ता, सुनील कुमार, राकेश मांझी, संतोष राम, राजकुमार पासवान, मंटु सिंह, नवल कुमार, बबुआ सिंह सहित कई रैयतों ने बताया कि अंचल कार्यालय में डाटा ऑपरेटर के द्वारा जमीन मोटेशन से लेकर परिमार्जन प्लस तक बिना सुविधा शुल्क का कोई काम नही कर रहा है। स्वच्छता कार्यालय में शौचालय निर्माण के बाद लाभुकों को मिलने वाली अनुदान राशि में भी 12 हजार में दो हजार की अवैध वसूली करने की शिकायत है, जो कभी भी देखा जा सकता है।
एक ओर सरकार लाभुकों व रैयतों के सुविधाओं को सुसज्जित व आसान करने के लिए ऑनलाइन आवेदन प्राप्त करने का काम करवा रही है। लेकिन डाटा ऑपरेटर की मनमानी से काफी परेशान है। पीड़ित लाभुकों ने बताया कि ऑनलाइन के बावजूद भी बुलाकर अवैध वसूली किया जाता है। नही देने पर येन-केन-प्रकारेण रद्द कर दिया जाता है। वही दलाल बिचौलिए के माध्यम से काम बिना चक्कर लगाये सुविधा शुल्क उपलब्ध कराने वाले का काम हो जाता है। नाम नही छापने के शर्त पर बताया कि कई हल्का राजस्व कर्मचारी का डोगल भी डाटा ऑपरेटर के पास ही रहता है और मोटेशन से लेकर परिमार्जन प्लस तक सभी कार्य इन्ही के द्वारा किया जाता है। जानकारी के अनुसार बताया जाता है कि डाटा ऑपरेटर के द्वारा ऑनलाइन खाता खेसरा चढ़ाने के नाम पर जमकर वसूली किये जाने की भी शिकायत है।
प्रभारी डीएम सह डीडीसी सतीश मंडल ने बताया कि अधिक दिनों से एक जगह पदस्थापित रहने की शिकायत मिली है। जांचकर विधि सम्मत कार्रवाई किया जाएगा।
विश्व रेड क्रॉस दिवस पर पर्यावरण भारती की ओर से पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित
जमुई। संवाददाता। विश्व रेड क्रॉस दिवस के अवसर पर शिवांगन फिजियोथैरेपी सेंटर, बोधवन तालाब, जमुई में पर्यावरण भारती की ओर से भव्य पौधारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रख्यात फिजियोथैरेपिस्ट डॉ ए मोदी ने किया। इस अवसर पर पर्यावरणविद् डॉ. बी. मोदी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हम सभी की प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों के आस-पास कम से कम दस पेड़ अवश्य लगाएं। उन्होंने कहा कि आज का मानव स्वार्थवश पेड़ लगाना तो दूर, उन्हें काटने से भी नहीं हिचकता। यही कारण है कि ओजोन परत में छिद्र बढ़ रहे हैं और ग्लोबल वार्मिंग का संकट दिन-ब-दिन गहराता जा रहा है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि हम पेड़ लगाएंगे, तो ही मानव जीवन को बचा पाएंगे। पर्यावरण भारती के संस्थापक रामबिलास शाण्डिल्य ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मानव सेवा ही ईश्वर सेवा है और यही मानव धर्म है। उन्होंने रेड क्रॉस दिवस का इतिहास बताते हुए कहा कि इस दिवस की शुरुआत 8 मई 1948 को हुई थी। यह दिन रेड क्रॉस के संस्थापक हेनरी ड्यूनां का जन्मदिवस भी है, जिनका जन्म 8 मई 1828 को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में हुआ था। उन्हें 1901 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। रेड क्रॉस संस्था आज 192 देशों में कार्यरत है और इसके सात प्रमुख सिद्धांत — मानवता, निष्पक्षता, तटस्थता, स्वतंत्रता, स्वैच्छिक सेवा, एकता एवं सार्वभौमिकता-इसके मूल आधार हैं। हेनरी ड्यूनां ने 1859 में इटली के सोलफेरिनो युद्ध के दौरान घायल सैनिकों की दुर्दशा देखकर इस संस्था की नींव रखी। यह एक गैर-सरकारी संस्था है जो युद्ध, महामारी, भुखमरी और आपदा के समय लोगों को सहायता प्रदान करती है, और बिना किसी जाति, धर्म, रंग या राष्ट्रीयता के भेदभाव के मानव सेवा में समर्पित है। इस विशेष अवसर पर आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में डॉ. बी. मोदी, डॉ. ए. मोदी के साथ अनीशा कुमारी, नेहा कुमारी, सोनी कुमारी, भोला मिस्त्री, अंकित मोदी, राजीव भगत, सुमित कुमार, बबलू सिंह, अमित, अजीत, जयराम, श्रीराम, पिंकू, प्रवीण, पवन, निरंजन सहित कई स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में योगदान दिया।
जिला में 57 के विरुद्ध 15 नए चापाकल गाड़े गए व कुल 913 खराब चापाकलों की हुई मरम्मती
जमुई। संवाददाता। पीएचईडी ने नए चापाकल लगाने और पुराने चापाकलों के मरम्मती से जुड़ा प्रतिवेदन समर्पित किया। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता ई. प्रिंस कुमार ने नए चापाकल के गाड़े जाने और पुराने चापाकलों के मरम्मती से संबंधित समेकित प्रतिवेदन समर्पित किया।
ई. प्रिंस कुमार ने कहा कि जमुई जिला के सभी 10 प्रखंडों में 16509 सरकारी चापाकल अधिसूचित है। इसमें 14414 चालित चापाकल है। वहीं 2395 चापाकल तकनीकी रूप से बाधित है। 07 मई यानी बुधवार तक 913 चापाकलों को पानी उगलने लायक बनाया जा चुका है। वैसे अब तक कुल 913 चापाकलों को दुरुस्त किया गया है, जिसका आमजन इस्तेमाल कर रहे हैं। कार्यपालक अभियंता ने जमुई जिला में 57 के विरुद्ध 15 नए चापाकल के गाड़े जाने की जानकारी देते हुए कहा कि बाकी बचे खराब चापाकलों को युद्ध स्तर पर जल उगलने लायक बनाया जा रहा है। नए चापाकल के गाड़े जाने का काम भी नियमबद्ध तरीके से जारी है। सभी अधीनस्थों को निर्देश दिया गया है कि पूरे जिले में कहीं भी पेयजल की समस्या उत्पन्न न हो, इसका पुख्ता इंतजाम करें। उन्होंने साफ-साफ कहा कि मरम्मति में किसी भी प्रकार की बाधा आती है तो नामित अभियंता सीधे उनसे संपर्क करें। वे खुद उसका समाधान करेंगे। ई.प्रिंस कुमार ने अभियंताओं को निष्ठा के साथ देय दायित्वों का निर्वहन किए जाने का निर्देश दिया। पारदर्शिता भी बनाए रखने की बात कही।
नियोजन सह व्यवसायिक मार्गदर्शन मेले में 20 नियोजक लेंगे भाग
जमुई में नियोजक आपके द्वार की तर्ज पर 22 मई को लगेगा रोजगार मेला
जमुई। संवाददाता। श्रम संसाधन विभाग, जिला नियोजनालय जमुई के तत्वावधान में आगामी 22 मई को शहर के श्रीकृष्ण सिंह स्टेडियम के मैदान पर नियोजक आपके द्वार की तर्ज पर एक दिवसीय जिला स्तरीय नियोजन सह व्यवसायिक मार्गदर्शन मेला का आयोजन किया जा रहा है। विभागीय स्तर पर मेला की तैयारी जारी है।
जिला नियोजन पदाधिकारी शिखा राय ने इस आशय की जानकारी देते हुए बताया कि इस बहुउद्देशीय मेला में 20 नियोजकों ने भाग लेने की सहमति दी है। नामित नियोजक 1500 से ज्यादा युवाओं को रोजगार देने के साथ उनका यथोचित मार्गदर्शन करेंगे। महिला और दिव्यांगजनों को मेला में खास तबज्जो दिया जाना है। नियोजन सह मार्गदर्शन मेला पूर्णत: नि:शुल्क है। इस दरम्यान नामित नियोजक किसी भी तरह का कोई शुल्क नहीं लेंगे। एनसीएस पोर्टल पर निबंधन की सुविधा उपलब्ध है। सुपात्र मेला में बायोडाटा, योग्यता संबंधी प्रमाण पत्र की छाया प्रति पासपोर्ट साइज फोटो आदि वांछित कागजात साथ लेकर आएंगे। श्रम संसाधन विभाग, उद्योग विभाग, जीविका, आरसेटी, डीआरसीसी आदि विभाग मेला में स्टॉल लगाकर सुपात्रों को विभागीय योजनाओं की जानकारी देंगे और उनका क्षमतावर्धन करेंगे। शिखा राय ने इसी संदर्भ में निजी क्षेत्र के स्कूल, बैंक, हॉस्पिटल, मॉल, होटल, ऑटोमोबाइल सेक्टर आदि के संचालकों से आग्रह करते हुए कहा कि वे सभी तीन दिनों के भीतर उपलब्ध रिक्ति की सूचना जिला नियोजनालय को हस्तगत कराएं ताकि बेरोजगारों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया जा सके। उन्होंने बेरोजगार युवा और युवतियों से आग्रह करते हुए कहा कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में 22 मई को श्रीकृष्ण स्टेडियम आकर मेला का लाभ लें।
अज्ञात वाहन की आमने सामने की टक्कर से बाइक सवार दो युवक घायल, रेफर
सोनो। संवाददाता। प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत थाना क्षेत्र के एनएच 333 सोनो-चकाई मार्ग के डुमरी में गुरुवार को बाइक और अज्ञात वाहन की टक्कर में बाइक सवार दो युवक घायल हो गए। दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनो से प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल जमुई रेफर किया गया है। घायल युवकों की पहचान डुमरी के रंजीत चंद्रवंशी के पुत्र दीनदयाल चंद्रवंशी (30) और बमबम चंद्रवंशी के पुत्र अभिराम चंद्रवंशी (35) के रूप में हुई है। बताया जाता है कि दीनदयाल चंद्रवंशी और अभिराम चंद्रवंशी एक ही बाइक से सोनो से अपने घर डुमरी जा रहा था। इसी दौरान डुमरी शिव मंदिर के समीप पीछे से जा रही एक अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक में ठोकर मार दी और फरार हो गया। हादसे में बाइक अनियंत्रित हो गई और दोनों सड़क पर गिरकर घायल हो गए। स्थानीय लोगों व डायल 112 की टीम ने दोनों घायलों को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनो लाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल जमुई रेफर कर दिया गया है।
जनसुराज की सरकार बनते ही जनता का राज कायम होगा और युवाओं का पलायन रुकेगा : राहुल
चकाई। संवाददाता। चकाई के कियाजोरी पंचायत घाघरा गांव में जनसुराज पार्टी का एक दिवसीय कार्यकर्ता सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम मेें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए, जिसकी अध्यक्षता राहुल कुमार ने की जबकि मंच संचालन युवा प्रखण्ड अध्यक्ष रणजीत वर्मा ने किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से मुंगेर और जमुई जिले के पर्यवेक्षक ई.उत्तम सिंह, जिला महासचिव जमादार सिंह, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य राहुल कुमार, जिला युवा अध्यक्ष रमाकांत पासवान, जिला उपाध्यक्ष रमाकांत सिंह, प्रदीप चौधरी उपस्थित थे। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए महासचिव जमादार सिंह ने कहा जनसुराज बिहार में तेजी से अपना पांव पसार रहा है और बिहार की जनता जनसूराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर के ऊपर टकटकी लगाकर शुभघड़ी का इंतजार कर रही है। वहीं उत्तम सिंह ने कहा बिहार में बदलाव का बयार चल चुका है। कार्यक्रम को संबंधित करते हुए राहुल ने कहा आज घाघरा में दर्जनों युवाओं ने जनसुराज का दामन थामते हुए बिहार में बदलाव का संकल्प भी लिया और जनसुराग की सरकार बनते ही जनता का राज कायम होगा और सबसे पहले सूबे से पलायन रुकेगा, बिहार में ही रोजगार सृजन की व्यवस्था की जाएगी। वृद्धा पेंशन 2000 रुपए किए जाएंगे। वहीं विश्वस्तरीय स्वास्थ्य और शिक्षा मुहैया कराई जाएगी। कार्यक्रम में मौजूद प्रिंस कुमार पांडेय, सुधीर यादव, नीलेश कुमार सिंह, नीतीश कुमार आदि दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना में बिहार का देश में तीसरा स्थान
- वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश में लोन के लिए स्वीकृत किए गए 8 हजार 77 आवेदन
स्वीकृति प्रदान करने में बिहार देश में अव्वल
पटना। संवाददाता। बिहार ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना (पीएमईजीपी) के अंतर्गत उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। इस योजना के क्रियान्वयन में देश में बिहार ने तीसरा स्थान हासिल की है। पहले स्थान पर जम्मू-कश्मीर और दूसरे स्थान पर तमिलनाडू है।
सूबे ने वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश भर से 35 हजार 406 लोन लेने के लिए आवेदन आए। इन आवेदनों को उद्योग विभाग की तरफ से बैंक को भेजे गए, जिनमें 8 हजार 77 आवेदनों को स्वीकृति प्रदान की गई है। स्वीकृत किए गए इन आवेदनों के अंतर्गत 14 हजार 899 लाख रुपये की राशि स्वीकृति प्रदान की गई है।
बिहार को पीएमईजीपी आवेदनों की जांच स्वीकृति प्रदान करने में देश में पहला स्थान प्राप्त हुआ है, जबकि आवेदन स्वीकृति के मामले में राज्य तीसरे स्थान पर रहा। सबसे खास बात यह रही कि बिहार ने 115 प्रतिशत की सैंक्शन दर हासिल की है, जो योजना के सफल क्रियान्वयन को दर्शाता है।
प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना का उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना है। इसके तहत उन्हें स्वयं का व्यवसाय शुरू करने के लिए 20 लाख से 50 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। योजना में आवेदन करने के लिए व्यक्ति की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। आवेदनकर्ता की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 8वीं पास होनी चाहिए। वैसे युवा इस योजना के पात्र नहीं होंगे, जिन्होंने पूर्व में किसी सरकारी ऋण सब्सिडी का लाभ प्राप्त किया हो।
इस योजना का लाभ नए प्रोजेक्ट के तहत ही खासतौर से लिया जाता है। पहले से चल रही परियोजनाओं को इसमें शामिल नहीं किया जाता है। इस योजना के अंतर्गत सामान्य कोटि के लाभार्थियों को शहरी क्षेत्र में 15 प्रतिशत तथा ग्रामीण क्षेत्र में 25 प्रतिशत के अनुदान लाभ मिलता है। आरक्षित वर्ग जैसे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, महिला, अल्पसंख्यक एवं दिव्यांगजनों को शहरी क्षेत्र में 25 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्र में 35 प्रतिशत तक का लाभ दिया जाता है।
मंत्री, उद्योग विभाग, बिहार सरकार नीतीश मिश्रा ने कहा पीएमईजीपी योजना के क्रियान्वयन में बिहार का देश में तीसरा स्थान आना गर्व की बात है। साथ ही, यह इस बात का भी परिचायक है कि सूबे के युवा बड़ी संख्या में इससे लाभ प्राप्त करके स्वरोजगार को अपना रहे हैं। युवाओं को स्वावलंबी बनाते हुए रोजगार मुहैया कराने में यह बेहद कारगर साबित हो रहा है।
पाकिस्तान के मिसाइल ध्वस्त करने के लिए सेना का अभिनंदन, लोग सावधान रहें : सम्राट चौधरी
एस-400 डिफेंस सिस्टम से देश को लैस करने के लिए पीएम मोदी का आभार
पटना। संवाददाता। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सीमावर्ती राज्यों में भारत के 15 सैन्य ठिकानों पर मिसाइल हमले करने के पाकिस्तानी दुस्साहस को ध्वस्त करने के लिए सेना का अभिनंदन किया और देश को एस-400 जैसे अचूक डिफेंस सिस्टम से लैस करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बधाई दी।
श्री चौधरी ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी की दूरदर्शिता थी कि उन्होंने अमेरिका की पिछली बाइडेन सरकार के विरोध को दरकिनार कर रूस से एस-400 प्रतिरक्षा प्रणाली हासिल की थी। यह प्रणाली आज देश के काम आ रही है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर अभी जारी है और बौखलाहट में पाकिस्तान कोई भी दुस्साहस कर सकता है, इसलिए सभी देशवासियों को सावधान और एकजुट रहने की जरूरत है। श्री चौधरी ने कहा कि बिहार में सीमांचल के शहरों में अधिक चौकसी रखी जा रही है। आपात स्थिति में मॉक ड्रिल के लिए पटना सहित 7 शहरों को चुना गया, जिसमें किशनगंज, अररिया, पूर्णिया जैसे शहर शामिल थे। ऐसे अभ्यास अन्य बड़े शहरों में भी होंगे।