रांची में आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री के हाथों प्रदान किया गया पुरस्कार
दुमका/निज संवाददाता। जरमुंडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए भारत सरकार के स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा प्रदान किए जाने वाले कायाकल्प पुरस्कार के अंतर्गत 13 लाख रुपये का पुरस्कार प्राप्त किया है। रांची के नामकुम स्थित स्वास्थ्य निदेशालय में सोमवार को विभाग के द्वारा आयोजित कायाकल्प अवार्ड कार्यक्रम में जरमुंडी सीएचसी को फर्स्ट रनर अप का अवार्ड प्रदान किया गया। यह पुरस्कार स्वास्थ्य संस्थानों में स्वच्छता, हाइजीन, अपशिष्ट प्रबंधन और रोगी देखभाल सेवाओं की गुणवत्ता में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर दिया जाता है। जरमुंडी सीएचसी ने सभी मूल्यांकन मानकों पर खरा उतरते हुए यह सम्मान अर्जित किया है। यह पुरस्कार स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी, सचिव अजय कुमार सिंह, अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने संयुक्त रूप से जरमुंडी सीएचसी के प्रतिनिधि डा. अभिषेक कुमार को प्रदान किया। स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा. सुनील कुमार सिंह ने बताया कि यह उपलब्धि पूरे अस्पताल स्टाफ के समर्पण और मेहनत का परिणाम है। उन्होंने कहा, ”हमने निरंतर प्रयास किया कि रोगियों को साफ-सुथरा, सुरक्षित और प्रभावी स्वास्थ्य सेवा वातावरण मिले। यह पुरस्कार हमारे उत्साह को और बढ़ाएगा।” जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने इस उपलब्धि पर जरमुंडी सीएचसी की पूरी टीम को बधाई दी है और उम्मीद जताई है कि भविष्य में भी यह स्वास्थ्य केंद्र इसी तरह सेवा में उत्कृष्टता बनाए रखेगा। प्राप्त पुरस्कार राशि का उपयोग अस्पताल की सुविधाओं के उन्नयन, स्वच्छता व्यवस्था के और सुदृढ़ीकरण, तथा स्टाफ प्रशिक्षण जैसे कार्यों में किया जाएगा। यह सम्मान न केवल जरमुंडी सीएचसी के लिए, बल्कि संपूर्ण संथाल परगना क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। अवार्ड मिलने पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा. सुनील कुमार सिंह ने प्रखंड के सभी चिकित्सक एवं चिकित्सा कर्मियों के कड़ी मेहनत को इस पुरस्कार का हकदार मानते हुए इस सम्मान के लिए बधाई दी।
तीसरी सोमवारी को 14.5 हजार डाक कांवरिया पहुंचे बासुकीनाथ, दर्जनभर हुए बेहोश, एक की मौत
महिला डाक कांवरिया की इलाज के दौरान दुमका में हुई मौत
दुमका/कार्यालय संवाददाता। सावन माह की तीसरी सोमवारी को फौजदारीनाथ पर जलार्पण करने के लिए बासुकीनाथ आये दो कांवरियों की मौत हो गयी है जबकि दो दर्जन डाक कांवरिया बेहोश हो गये हैं। इनमें से तीन को इलाज के लिए भर्ती किया गया है। एक महिला कांवरिया की जहां इलाज के दौरान दुमका के फुलो झानो मेडिकल कालेज अस्पताल में मौत हो गयी है वहीं सड़क हादसे में नेपाल के एक पुरूष कांवरिया की मौत हो गयी है। दरअसल सावन के प्रत्येक सोमवार को बासुकीनाथ पहुंचनेवाले डाक कांवरियों की भी बड़ी संख्या होती है। यह कांवरिया भागलपुर के बरारी घाट से जल उठाकर हंसडीहा और नोनीहाट के रास्ते वासुकिनाथ पहुंचते हैं और जलापर्ण में इन्हें प्राथमिकता दी जाती है। सामान्य कांवरियों को जहां वासुकिनाथ में कतार व्यवस्था के तहत हाथी द्वार से प्रवेश करवाया जाता है वहीं डाक कांवरियों को सोमवार को कूपन दिखाने पर सिंह द्वार (निकास द्वार) से प्रवेश दिया जाता है। इन कांवरियों को डाक बम के रूप में जाना जाता है और जल उठाने के 24 घंटे के अंदर जलार्पण करना होता है। ऐसे में तीसरे सोमवार को हजारों की संख्या में बासुकीनाथ पहुंचे डाक कांवरियों में से दो दर्जन से अधिक बेहोश हो गये जिनमें से तीन को जरमुण्डी सीएचसी में भर्ती करवाया गया। एक महिला डाक कांवरिया की तबीयत बिगड़ी तो उसे बेहतर इलाज के लिए दुमका के पीजेएमसी अस्पताल भेजा गया।
हार्ट अटैक से हुई किशोरी डाक कांवरिया की मौत
दुमका/निज संवाददाता। डाक कांवर लेकर बासुकीनाथ धाम पहुंची 17 वर्षीय महिला डाक कांवरिया सुनीता कुमारी की हार्ट अटैक से मौत हो गई। महिला डाक कांवरिया ने रविवार को दोपहर के करीब 12 बजे भागलपुर के बरारी घाट से जल उठाया था। वह हंसडीहा के रास्ते पैदल चलकर बासुकीनाथ धाम पहुंची और सोमवार की सुबह के करीब 5 बजे बाबा बासुकीनाथ धाम में जल अर्पित कर दी। महिला कांवरिया ने करीब 14 घंटे के अंदर बासुकीनाथ धाम में जल अर्पित की। जल अर्पित करने के बाद उसकी तबीयत खराब हो गई। परिजनों ने तुरंत उसे जरमुंडी के अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार करने के बाद अस्पताल के चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया। परिजन आनन-फानन में सुनीता को इलाज के लिए दुमका के पीजेएमसीएच लेकर आ गए। पीजेएमसीएच के चिकित्सकों ने सुनीता डाक कांवरिया को मृत घोषित कर दिया। सुनीता रामगढ़ थाना क्षेत्र के पहाड़पुर गांव की रहने वाली थी। वह दूसरी बार डाक बम के रुप में जल उठाई थी। उसके साथ गांव के अन्य कई लोग भी थे। सभी डाक बम ही थे। रविवार की सुबह में स्नान ध्यान कर वह जल भरी और दोपहर के करीब 12 बजे बासुकीनाथ धाम के लिए चल दी। रास्ते में उसे कुछ भी नहीं हुआ था। उसके पिता रामफल राय का कहना है कि उसने अपनी छोटी बेटी की चार माह पहले ही शादी की थी। पिछले साल से ही उसने डाक बम के रुप में बाबा बासुकीनाथ धाम में जल अर्पित करने की ठनी और जल चढ़ा भी दी थी। वह इस वर्ष इंटर की प्रतिक्षा में अच्छे नम्बर से उत्तीर्ण भी हुई थी। उनका कहना है कि सुनीता चार बेटा और बेटी में सबसे छोटी थी। इस घटना से परिवार के सभी लोग स्तब्ध है। पिता ने अपनी बेटी के शव का पोस्टमार्टम नहीं कराने की इच्छा जताई। नगर थाना की पुलिस ने परिजनों का बयान लेने के बाद शव को घर ले जाने की इजाजत दे दी।
सड़क दुर्घटना में मृत कांवरिया नेपाल का रहनेवाला
दुमका। अज्ञात वाहन की चपेट में आने से एक पुरूष कांवरिया की मौत हो गई। घटना बासुकीनाथ धाम में 27 जुलाई की शाम की है। गंभीर स्थिति में उसे 27 जुलाई की रात में ही दुमका के फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। मृतक के पैकेट में देवघर अस्पताल का एक पर्चा मिला जिसमें उसका नाम गोपाल बास्की और पता के रूप में नेपाल लिखा हुआ पाया गया है। इसके आधार पर अंदाजा लगाया जा रहा है कि मृतक नेपाल का रहने वाला है। पोस्टमार्टम के बाद उसके शव को सुरक्षित रख दिया गया है।
हंसडीहा में उमड़ा जनसैलाब, 8 किमी तक जाम
सरैयाहाट/निज संवाददाता। सावन की तीसरी सोमवारी को बासुकीनाथ जाने वाले डाक कांवरियों के दर्शन के लिए हंसडीहा की सड़कों पर जन सैलाब उमड़ पड़ा। सड़कों पर इतनी भीड़ थी कि पैदल चलना मुश्किल हो गया था। दुमका भागलपुर मुख्य मार्ग पर रात दस बजे के बाद आठ किलोमीटर तक भीषण जाम लग गया। जाम की वजह से हजारों वाहन करीब तीन घंटे तक सड़क पर खड़े रहे। पैदल से कई गुणा अधिक इसबार बाईक सवार कांवरियों हँसडीहा के रास्ते बासुकीनाथ जलार्पण के लिए पहुंचे। हंसडीहा के रास्ते करीब चार हजार चार पहिया वाहनों और 35-40 हजार की संख्या में मोटरसाइकिल से भक्त बासुकीनाथ पहुंचे। पूरे रास्ते पर विभिन्न सामाजिक राजनीतिक संगठनों के द्वारा सेवा शिविर लगाया गया था। सैकड़ों की संख्या में डीजे डाक कांवरियों के साथ चल रहे थे। पूरी रात सड़कों पर अद्भुत नजारा देखने को मिला।
14506 डाक कांवरियों ने लिया टोकन
सरैयाहाट/निज संवाददाता। श्रावणी मेले के तीसरी सोमवारी को 14506 डाक बमों को बासुकीनाथ में जलाभिषेक के लिए हंसडीहा में टोकन दिया गया। डाक बमों के लिए हंसडीहा प्रशासनिक शिविर में टोकन वितरण गैलरी बनाई गई है। भागलपुर से जल भरकर बासुकीनाथ जाने वाले डाक बमों के लिए यहां हर वर्ष सावन महीने में टोकन की व्यवस्था की जाती हैं। बासुकीनाथ में डाक बमों को लाइन में न लगना पड़े, और सीधे टोकन दिखाकर मंदिर में प्रवेश कर सके। रविवार रात आठ बजे के बाद से डाक बमों का रैला हंसडीहा में पहुँचना शुरू हो गया। टोकन वितरण गैलरी में प्रखंड प्रसाशन से नियुक्त कर्मी थे। सोमवार को 14506 डाक बम हंसडीहा के रास्ते बासुकीनाथ जलाभिषेक के लिए निकल चुके थे। वहीं करीब तीन हजार डाक कांवरियों ने शुंभेश्वर नाथ मंदिर सहित स्थानीय शिवालयों में जलाभिषेक किया। सोमवार को प्रसिद्ध शुंभेश्वर नाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मंदिर में पंडा समाज के द्वारा लोगों को कतारबद्ध तरीके से पूजा अर्चना कराया गया। इस दौरान बीडीओ महेश्वरी प्रसाद यादव, अंचल अधिकारी राहुल कुमार शानू लगातार शिविर का निरीक्षण करते रहे।
शीघ्रदर्शनम से मंदिर को हुई 14 लाख की आय
दुमका। फौजदारी बाबा के दरबार में सोमवार को 4650 कांवरियों ने शीघ्र दर्शन व्यवस्था के तहत 300 रुपये का कूपन कटा कर पूजन किया। कूपन धारक भक्तों को बाबा भोलेनाथ के मंदिर परिसर में विशेष गेट से प्रवेश कराया गया एवं गर्भगृह में पूजन किया। इस व्यवस्था से मंदिर प्रबंधन को 13 लाख 95 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई। वहीं गोलक से 161420 रुपये अन्य स्रोत से 5044 रुपए सहित 15,61,464 रुपये की आय प्राप्त हुई।