फार्म के लिए वाहन चालकों को इधर उधर नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर
चितरंजन। संवाददाता। चितरंजन रेल इंजन कारखाना में प्रवेश के लिए चार पहिया सहित सभी तरह के वाहनों का परमिट के बाद ही प्रवेश की व्यवस्था है जिसके लिए सरकारी और गैर सरकारी तथा व्यावसायिक उपयोग में आने वाले छोटे बड़े वाहनों को इसके लिए परमिट के बाद ही प्रवेश करना है। अब तक इस व्यवस्था के लिए बाजार में उपलब्ध फॉर्म को भरकर वाहन चालकों को आरपीएफ के सिक्योरिटी ऑफिस में जमा करना होता था। आरपीएफ के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, अब यह फॉर्म सीएलडब्ल्यू के ऑफिसियल वेबसाइट पर उपलब्ध है जिसका डाउनलोड कर प्रिंटआउट के बाद इस फॉर्म को भरकर ऑफिस द्वारा निर्धारित दिनचर्या एवं समय पर जमा किया जा सकता है जिससे वाहन मालिकों को इधर-उधर दौड़ लगाने की जरूरत नहीं है। फॉर्म भरकर सीधे-सिबिलिटी ऑफिस में कार्यालय दिवस पर जमा कर सकते हैं जिससे आम वाहन चालकों ने राहत की सांस ली है।
जीएम ऑफिस रेलवे आरक्षण टिकट काउंटर के समय का हुआ विस्तार
अब सुबह 8 से रात 8 बजे तक रेल कर्मी कटा सकेंगे आरक्षण टिकट
चितरंजन। संवाददाता। जीएम ऑफिस चितरंजन नगर भवन में रेल आरक्षण काउंटर का सेवा रेल कर्मियों के लिए उपलब्ध है। अब इस सेवा में रेल कर्मियों के हित में विस्तार किया गया है। अब कर्मचारी ऑफिस कार्यकाल के दौरान तथा सीमित समय में आरक्षण टिकट नहीं कटा पाने का मलाल अब उन्हें नहीं सताएगा। नई सेवा विस्तार के तहत कर्मचारी सुबह 8:00 बजे से रात्रि के 8:00 के बीच रेलवे आरक्षण टिकट काउंटर समय और नियम के अनुसार अपना रिजर्वेशन कर पाएंगे। इस सेवा विस्तार के प्रति रेल कर्मचारियों ने भी हर्ष जताया है। इसके लिए रेलवे प्रशासन को भी बधाई दी है। लोगों की मानें तो यह सेवा को पुन: बहाल किया गया है। यह सेवा जीएम ऑफिस रेलवे आरक्षण टिकट काउंटर पर बहाल कर दी गई है और कर्मचारी भी अपनी उपस्थिति दर्ज करने लगे हैं।
श्रीमद्भागवत कथा सुन पुण्य कमा रहे श्रोता
श्रीमद्भागवत गीता धर्म ग्रंथ मनुष्य को कर्म योगी बनने के लिए प्रेरित करता है : श्रीकृष्ण शास्त्री
बिंदापाथर। संवाददाता। फतेहपुर प्रखंड क्षेत्र के सिमलडुबी पंचायत अन्तर्गत जलांई गांव में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन होने से आसपास क्षेत्र में पिछले दो दिनों से भक्ति की अविरल धारा बहने लगी है। शाम ढलने के साथ ही गांव स्थित धर्मराज मंदिर परिसर में भक्त वैष्णवों की भीड़ उमड़ने लगी है। इस धार्मिक अनुष्ठान के द्वितीय रात्री को कथावाचक राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीकृष्ण शास्त्री जी महाराज ने श्रीमद्भागवत कथा के अंतर्गत “महाभारत राजा परीक्षित को सात दिन में मृत्यु का श्राप, नारद जी के उपदेश, भगवान भागीरथ की उत्पत्ति आदि ” प्रसंग के बारे में मधुर वर्णन किया। इस मार्मिक प्रसंग में कथावाचक ने व्याख्यान करते हुए कहा की श्रीमद्भागवत गीता एक ऐसा धर्म ग्रंथ है जो मनुष्य को कर्म योगी बनने के लिए प्रेरित करता है। इतिहास के महानतम लोग चाहे वैज्ञानिक, इतिहासकार, ऋषि मुनि, दार्शनिक या कोई भी रहे हो, उन्होंने गीता को सफलता का रहस्य बताया है। सही मायने में मनुष्य के जीवन की जो सच्चाई है, उसकी झलक आपको योगीराज श्री कृष्ण के उपदेशों में देखने को मिलता है। देवर्षि नारद, वेदव्यास, बाल्मीकि तथा महाज्ञानी शुकदेव आदि के गुरु हैं। ‘श्रीमद्भागवत जो भक्ति, ज्ञान एवं वैराग्य का परमोपदेशक ग्रंथ-रत्न है तथा रामायण, जो मर्यादा-पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के पावन, आदर्श चरित्र से परिपूर्ण है, देवर्षि नारदजी की कृपा से ही हमें प्राप्त हो सकें हैं। इन्होंने ही प्रह्लाद, ध्रुव, राजा अम्बरीष आदि महान भक्तों को भक्ति मार्ग में प्रवृत्त किया। ये भागवत धर्म के परम-गूढ़ रहस्य को जानने वाले-ब्रह्मा, शंकर, सनत्कुमार, महर्षि कपिल, स्वयंभुव मनु आदि बारह आचार्यों में अन्यतम हैं। देवर्षि नारद द्वारा विरचित ‘भक्तिसूत्र’ बहुत महत्त्वपूर्ण है। नारदजी को अपनी विभूति बताते हुए योगेश्वर श्रीकृष्ण श्रीमद्भागवत गीता के दशम अध्याय में कहते हैं- ‘अश्वत्थ: सर्ववूक्षाणां देवर्षीणां च नारद:। वहीं कथावाचक श्रीकृष्ण शास्त्री जी महाराज ने शुकदेव मुनि का जन्म का व्याख्यान करते हुए कहा कि महर्षि वेद व्यास के अयोनिज पुत्र थे और यह बारह वर्ष तक माता के गर्भ में थे। शुक जान बचाने के लिए तीनों लोकों में भागता रहा, भागते-भागते वह व्यास जी के आश्रम में आया और सूक्ष्मरूप बनकर उनकी पत्नी के श्रीमुख में प्रवेश कर गया। वह उनके गर्भ में रह गया तथा बारह वर्ष तक वहां से बाहर ही नहीं निकले। जब भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं आकर इन्हें कहा कि बाहर निकलने पर तुम्हारे ऊपर माया का प्रभाव नहीं पड़ेगा, तभी ये गर्भ से बाहर निकले और व्यासजी के पुत्र कहलाये। शुकदेवजी कोई साधारण प्राणी नहीं बल्कि श्री राधाजी के लालित पालित शुक हैं। यह कथा गर्ग संहिता में आती है। एक बार रास रासेस्वरी श्रीराधा रानी जब श्री हरि के साथ व्रज मण्डल में अवतरित होने लगीं, तब वह शुक भी साथ चलने के लिए लालायित हुआ। तब शुकदेव जी से राधा जी बोलीं- शुक हम अभी व्रजभूमि में लीला करने जा रहे हैं, तुम वहां क्या करोगे। यह सुन शुकदेवजी घबराए और बोले मां मैं आपसे दूर नहीं, मैं आपके साथ चलूंगा मां। आप वहां लीलाएं करना मैं आपकी लीलाओं को देखा करूंगा। पर आपके बिना मैं नहीं रह सकता हूं। राधाजी झट से शुक को ह्रदय से लगाकर बोलीं ठीक है चलो। इस तरह से वही शुक व्यासजी के पुत्र रूप जन्म लेकर भगवान श्री के कथा का गान करने लगे। कार्यक्रम में धार्मिक कथा के साथ-साथ सुमधुर भजन संगीत भी प्रस्तुत किया गया जिससे उपस्थित श्रोता-भक्त भावविभोर होकर कथा स्थल पर भक्ति से झुमते रहे।
डीडीसी ने किया स्वीप कार्यक्रम की समीक्षात्मक बैठक
कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों में विशेष स्वीप कार्यक्रम करें आयोजित ….. डीडीसी
जामताड़ा। संवाददाता। डीडीसी के कार्यालय प्रकोष्ठ में वरीय पदाधिकारी स्वीप कोषांग सह डीडीसी निरंजन कुमार की अध्यक्षता में स्वीप कोषांग के नोडल पदाधिकारी, सहयोगी पदाधिकारी सहित अन्य के साथ स्वीप कार्यक्रम के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा किया गया। समीक्षा के दौरान उप विकास आयुक्त ने स्वीप कैलेंडर के अनुसार, मतदाता जागरूकता के लिए नुक्कड़ नाटक, दिव्यांग एवं वरिष्ठ मतदाताओं, पीवीटीजी ग्रुप के लिए विशेष अभियान के अलावा कम मतदान प्रतिशत वाले बूथों में विशेष स्वीप कार्यक्रम के आयोजन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि रिक्शा चालक, पोस्टर, पंपलेट, स्कूलों, कॉलेजों में विभिन्न प्रतियोगिता का आयोजन, शहरी क्षेत्रों, मशाल जुलूस, मानव श्रृंखला, रैलियां, खेल प्रतियोगिता के अलावा सखी मंडल, आंगनबाड़ी सेविका, जलसहिया, परिवहन विभाग सहित अन्य सभी के सहयोग से वृहत स्तर पर स्वीप जागरूकता अभियान को क्रियान्वित करने का निर्देश दिया। इस दौरान बताया गया कि स्वीप कार्यक्रम के तहत मतदाता जागरूकता का सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की ओर से निर्देशानुसार नुक्कड़ नाटक के माध्यम से प्रचार प्रसार किया गया। मौके पर जिला शिक्षा पदाधिकारी डॉ गोपाल कृष्ण झा, जिला शिक्षा अधीक्षक सह नोडल पदाधिकारी स्वीप दीपक राम, उप निर्वाचन पदाधिकारी ममता मरांडी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कलानाथ, नोडल पदाधिकारी सोशल मीडिया अक्षय कुमार तिवारी, परियोजना पदाधिकारी मनरेगा एवं पीएम आवास, मास्टर ट्रेनर, प्रधान सहायक निर्वाचन संतोष कुमार सहित अन्य संबंधित उपस्थित थे।
विकलांग मंच के बैनर तले धरना प्रदर्शन
जामताड़ा। संवाददाता। झारखण्ड विकलांग मंच के बैनर तले मंच के जिलाध्यक्ष विपद वरण घोष के नेतृत्व में जिले के विभिन्न स्थानों से दर्जनों दिव्यांग समाहरणालय के सामने सरकार से पांच सूत्री मांग को लेकर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान जिलाध्यक्ष विपद वरण घोष ने कहा कि सरकार से हमलोगों का पांच सूत्री मांगें है जिसमें दिव्यांग लोगों को अंत्योदय कार्ड से जोड़ा जाए, सभी दिव्यांग को दो हजार पांच सौ रुपए पेंशन दिया जाय, सांसद विधायक निधि से पांच प्रतिशत खर्च दिव्यांगों के लिए किया जाय, अबुआ आवास योजना में दिव्यांग को सुनिश्चित किया जाय। इसके साथ ही सरकार से मांग है कि दिव्यांग के लिए जो मेडिकल केम्प लगाया जाता है, उसका समय में बदलाव करें। वहीं कुंडहित प्रखंड के अध्यक्ष सत्यपद मांजी ने कहा कि जिले में लगभग 25 हजार दिव्यांग का प्रमाणपत्र जारी किया गया है। इसके अलावा अन्य दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाने के लिए सदर अस्पताल में आवेदन दे रहे हैं। लेकिन डॉक्टर की कमी के कारण लोग अस्पताल का चक्कर लगाने में आर्थिक और शारीरिक रूप परेशानी होती है। सरकार अविलंब डॉक्टर की कमी को पूरा करें।
अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में गोल्ड मेडल लेकर पार्थ ने बढ़ाया कुंडहित का मान
कुंडहित। संवाददाता। नेपाल के पोखरा शहर में 17 से 21 फरवरी तक आयोजित हुए अंतर्राष्ट्रीय तीरंदाजी प्रतियोगिता में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे कुंडहित के निजमानधारा गांव निवासी पार्थ गोराई ने गोल्ड मेडल प्राप्त कर पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। गौरतलब है कि पार्थ भारतीय सेना के जवान हैं और अपनी प्रतिभा के बदौलत उन्हें पोखरा में आयोजित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला था। प्रतियोगिता के दौरान तीरंदाजी में सटीक निशाना लगाकर उन्होंने गोल्ड मेडल हासिल किया है। भारत के गोल्ड मेडल प्राप्त करने से न सिर्फ उनके परिजन और ग्रामवासी बल्कि पूरे क्षेत्र के लोग बेहद खुश है और काफी गर्वान्वित महसूस कर रहे हैं।
कोरिडीह वन में जलसा कार्यक्रम 2 मार्च को, तैयारियां जोरों पर
जामताड़ा। संवाददाता। नारायणपुर के कोरिडीह वन गांव में 2 मार्च को आयोजित जलसा कार्यक्रम को लेकर आयोजकों के अलावा लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। जलसा कार्यक्रम में काफी संख्या में लोगों के भाग लेने को लेकर कार्यक्रम वाले स्थान में साफ सफाई के अलावा पंडाल का निर्माण किया जा रहा है। कार्यक्रम को बेहतर बनाने को लेकर आयोजक कमेटी के जान मो मन्ताज अंसारी, अब्दुल कयूम अख्तर अंसारी, नसीम अंसारी, शमसुद्दीन अंसारी, नईम अंसारी सहित अन्य लोगों ने कार्यक्रम स्थल के जायजा लिया और तैयारी को लेकर विचार विमर्श किया। मौके पर जान मोहम्मद ने बताया कि इस जलसा कार्यक्रम में देश के विभिन्न भागों से कई जाने माने उलेमा शिरकत करेंगे, जिसमें मुख्य रूप से मौलाना गुलाम रसूल बालयावी, कोलकाता से कारी निसार शाहबाज नूरी चिरैयाकोट यूपी से पीरे तरीकत शिरकत करेंगे। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में हजारों लोगों के भाग लेने की उम्मीद है।
जामताड़ा महाविद्यालय में छात्राओं को चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम
जामताड़ा। संवाददाता। महाविद्यालय जामताड़ा की ओर से महाविद्यालय के छात्रों को एन्हासिंग द वैल्यू ऑफ गर्ल चाइल्ड के विषय पर कॉलेज परिसर के प्रेस कॉन्फ्रेंस रूम में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं को चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक प्रोफेसर रेशमा टोप्पो एवं डॉक्टर राम स्नेही राम के द्वारा किया जा रहा है। वही आज का प्रशिक्षण में यौनावस्था की पहली महामारी हार्मोन्स और स्वच्छता के सही मार्ग की खोज के बारे में छात्राओं को प्रशिक्षण दिया गया। मौके पर डॉक्टर राम स्नेही राम राम ने कहा कि यह प्रशिक्षण में छात्र-छात्राओं को कई तरह की जानकारियां उपलब्ध कराई जा रही है। जिसमें जिंदगी की मिठास का एहसास कराते हुए रिश्ते और जीवन की अभिलाषाओं का मिलान तथा विवाहित जीवन एक साझेदारी का सफर के विषयों पर छात्र-छात्राओं को प्रशिक्षण कर रहे थे। बालिकाओं के जीवन में प्रत्येक मोड़ पर होने वाले भेदभाव तथा बालिकाएं इन चुनौतियों का सामना किस तरह से कर सकें, उन विषयों पर भी चर्चाएं की गई। विभिन्न चुनौतियों का सामना करते हुए सकारात्मक सोच के साथ भविष्य में आगे बढ़ाने के लिए बच्चों को प्रेरित किया गया। मौके पर सहायक अध्यापक डॉक्टर अनिल कुमार टेटे, छात्र राजू महतो, नीरू लकड़ा, अंजलि मिंज, विक्रम पंडित, आनंद पंडित, अंकेश कुमार, राहुल कुमार सहित कई छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।