डंफर वाहन एसोसिएशन की ओर से धरना प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित
जामताड़ा। संवाददाता। बुधवार को जामताड़ा डंफर वाहन एसोसिएशन की ओर से रेलवे साइडिंग में आयोजित धरना प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित की गई। इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा के वरिष्ठ नेता सह पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष वीरेंद्र मंडल सम्मिलित हुए। पिछले कई दिनों से ईसीएल चित्रा प्रबंधन की ओर से रेलवे साइडिंग तक कोयला ढुलाई कार्य में लगे सैकड़ों डंपर वाहन पर रोक लगा दी गई है। भाजपा नेता वीरेंद्र मंडल की अगुवाई में जामताड़ा डफर वाहन एसोसिएशन ने इसकी गुहार जामताड़ा जिला प्रशासन से लगाई है। एसोसिएशन ऑनर्स का कहना है कि जामताड़ा उपायुक्त की ओर से ईसीएल चित्रा प्रबंधन को कोयला ढुलाई कार्य में डंपर और टिपर वाहन को सेवा में पुन: लगाने का निर्देश दिया गया लेकिन ईसीएल चित्रा प्रबंधन ने मनमानी करते हुए अभी तक डांफर वाहन को कोयला ढुलाई कार्य में नहीं लगाया गया है। इसी के विरोध में जामताड़ा डंफर वाहन एसोसिएशन के ऑनर्स और इस कार्य ने लगे मजदूर रेलवे साइडिंग में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। भाजपा वरिष्ठ नेता वीरेंद्र मंडल अपने सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों के साथ डंफर एसोसिएशन ऑनर्स के समर्थन और हक की लड़ाई के लिए धरना प्रदर्शन में सम्मिलित हुए। इस दौरान पुष्प माला पहना कर भाजपा नेता वीरेंद्र मंडल का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया गया। भाजपा नेता वीरेंद्र मंडल ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले 40 वर्षों से ईसीएल चित्रा से रेलवे साइडिंग तक कोयला ढुलाई कार्य में जामताड़ा डंफर एसोसिएशन ऑनर्स के सैकड़ों वाहनों के द्वारा सेवा दी जा रही थी, जिससे हजारों स्थानीय परिवार को रोजगार मिलता था। लेकिन ईसीएल चित्रा प्रबंधन और जीएम की ट्रांसपोर्टर के साथ मिलीभगत षड्यंत्र के तहत चित्रा जीएम ने तुगलकी फरमान जारी कर सभी डंपर वाहनों को ढुलाई कार्य से हटा दिया था। इस मामले की जब जानकारी हुई तब से लगातार एसोसिएशन के समर्थन में सभी वाहन मालिकों और मजदूरों को हक दिलाने के लिए जामताड़ा जिला प्रशासन को संज्ञान में देकर ज्ञापन सौंपा। विश्वसनीय सूत्रों से पता चला है कि जामताड़ा जिला प्रशासन की ओर से ईसीएल चित्रा प्रबंधन और जीएम को निर्देश दिए गया कि पुन: कोयला ढुलाई कार्य में डंपर वाहनों को लगाया जाय। इसके बावजूद भी ईसीएल चित्रा प्रबंधन और ट्रांसपोर्टर माध्यम से अभी तक डंपर एसोसिएशन के ऑनर्स को किसी प्रकार की सूचना नहीं दी गई है। इससे स्पष्ट है कि ईसीएल चित्रा जीएम और ट्रांसपोर्टर के बीच बहुत बड़े षड्यंत्र को अंजाम दिया जा रहा है। जामताड़ा जिला प्रशासन के आदेश को नहीं मानना इन लोगों के मनमानी रवैया स्पष्ट नजर आ रहा है। श्री मंडल ने कहा कि ईसीएल चित्रा ढुलाई कार्य में लगे ट्रांसपोर्टर को बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के कारण पिछले साल 01 जनवरी 2024 को कापसरी कोलियरी से टर्मिनेट कर दिया गया था। इस ट्रांसपोर्टर पर 24 करोड़ 09 लाख 300 रुपए का रिकवरी है। यह ट्रांसपोर्टर ईसीएल चित्रा जीएम के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और घोटाला करने के लिए कोयला ढुलाई कार्य में लगे डंपर वाहन को एक साजिश की तरह हटा दिया गया है। इतना ही नहीं इस ट्रांसपोर्टर ने नया कोयला खदान साइड दमगढ़ा से रेलवे साइडिंग तक ढुलाई कार्य में तय रूट के साथ भी गड़बड़ी की है। इससे स्पष्ट है कि यह ट्रांसपोर्टर ईसीएल चित्रा के खजाने के साथ भारत सरकार के खजाने को भी लूटना चाहता है। जिसे हमलोग हरगिज नहीं होने देंगे। ईसीएल चित्रा जीएम से मांग है कि इस ट्रांसपोर्टर को सेवा से टर्मिनेट किया जाय और डंफर वाहनों को पुन: कोयला ढुलाई कार्य में लगाया जाए, नहीं हमलोग अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन पर बैठेंगे और ईसीएल चित्रा के किसी भी प्रकार के कोयला कार्य को हाइवा से चलने नहीं देंगे।
कृषि के क्षेत्र में नई तकनीकों को अपनाकर किसान अपने प्रोडक्शन व प्रोडक्टिविटी को बढ़ाएं : उपायुक्त
जामताड़ा। संवाददाता। संयुक्त कृषि भवन सभागार में उपायुक्त रवि आनंद की अध्यक्षता में जिला स्तरीय खरीफ कर्मशाला 2025 का आयोजन किया गया, जिसका विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि उपायुक्त, उप विकास आयुक्त एवं अन्य अधिकारियों ने विधिवत रूप से दीप प्रज्जवलित कर किया। खरीफ कर्मशाला को संबोधित करते हुए उपायुक्त रवि आनंद ने कहा कि आप सभी अवगत हैं कि जामताड़ा कृषि प्रधान जिला है। ज्यादातर लोग कृषि पर आश्रित हैं। कृषि जीवन का आधार है। इस वर्ष सामान्य से ज्यादा बारिश हुआ है। कहा कि हमारे देश में मानसून आधारित खेती होती है। कई बार कम तो कभी ज्यादा बारिश हो जाती है। उन्होंने किसानों को कहा कि बदलते मौसम के अनुसार खेती करें ताकि कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। वहीं उन्होंने किसानों से मॉडर्न टेक्नोलॉजी के बारे में जागरूक होने और उसका लाभ उठाने की अपील किया। कहा कि आत्मा की ओर से कई कार्य किए जा रहे हैं, आप लोग कृषि कार्यालय में आकर जानकारी लें। उपायुक्त ने कहा कि कृषि वैसा क्षेत्र है जिसकी महानता कभी कम नहीं होने वाली है। उन्होंने कहा कि बढ़ती आबादी के साथ साथ कृषि योग्य भूमि कम हो रही है। इस परिस्थिति में तकनीक का उपयोग करके कम जगह में अधिक उत्पादन करें। साथ ही, प्रोडक्शन एवं प्रोडक्टिविटी को भी बढ़ाएं। वहीं कहा कि जिला के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ किस प्रकार से कृषि उत्पादन में वृद्धि हो, इस दिशा में अधिकारियों को पहल करने की जरूरत है।
मौके पर उप विकास आयुक्त निरंजन कुमार, जिला कृषि पदाधिकारी लव कुमार, उप निदेशक आत्मा, भूमि संरक्षण पदाधिकारी रिजवान अंसारी, बीटीएम सहित अन्य संबंधित उपस्थित रहे।
मास्टर ट्रेनर के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित
साइबर सिक्योरिटी क्लब का गठन व बेहतर क्रियान्वयन जिले के लिए मील का पत्थर साबित होगा : डीसी
सीडेक व एनआईसी साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र में काफी अहम भूमिका निभा रही है : एसपी
जामताड़ा। संवाददाता। एसजीएसवाई प्रशिक्षण भवन सभागार में जिला प्रशासन एवं सीडेक पटना के सौजन्य से जामताड़ा जिला अंतर्गत 72 विद्यालयों में इनफॉर्मेशन सिक्योरिटी एजुकेशन एंड अवेयरनेस साइबर सिक्योरिटी क्लब का गठन किया गया। मास्टर प्रशिक्षकों के लिए 02 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का विधिवत शुभारंभ उपायुक्त रवि आनंद संयुक्त निदेशक सीडेक पटना, उप विकास आयुक्त जामताड़ा निरंजन कुमार ने किया। इससे पूर्व अतिथियों को पौधा, मोमेंटो आदि देकर सम्मानित किया गया। आयोजित कार्यक्रम में जिले के चिन्हित 72 विद्यालयों के छात्र-छात्रा लाइव पूरे कार्यक्रम से जुड़े। वहीं कार्यक्रम में मास्टर प्रशिक्षकों के रूप में विद्यालय के प्रधानाचार्य आदि शामिल हुए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त रवि आनंद ने कहा कि साइबर सिक्योरिटी क्लब का गठन एवं इसका बेहतर क्रियान्वयन जिले के लिए मील का पत्थर साबित होगा। कहा कि आज के डिजिटल युग में इंटरनेट और तकनीकी उपकरणों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। बैंकिंग, शिक्षा, संचार, खरीदारी और शासन जैसे अनेक क्षेत्रों में डिजिटल माध्यम का प्रयोग आम हो गया है। इसके साथ ही साइबर अपराधों में भी तीव्र वृद्धि हुई है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पुलिस अधीक्षक जामताड़ा राज कुमार मेहता ने कहा कि कार्यशाला का आयोजन उपायुक्त के प्रयास से किया गया है, जिसका मोटिव साइबर सुरक्षा को लेकर निचले स्तर तक के लोगों को जागरूक करना एवं उसे बताना है। यह कार्यशाला ट्रेनर ऑफ ट्रेनिंग के रूप में आयोजित किया गया है। कहा कि सीडेक पटना एवं एनआईसी इस क्षेत्र में काफी अहम भूमिका निभा रही है। साइबर फ्रॉड के बदलते प्रारूप पर यह कार्य कर रहा है। वहीं इस दौरान उन्होंने साइबर अपराध से जुड़े विभिन्न पहलुओं के बारे में पुलिसिंग से प्राप्त जानकारियों को विस्तार से साझा किया एवं सतर्कता बरतने का अपील किया।
स्टेट मीट में कई स्वर्ण पदक के साथ चित्तरंजन के बसंती के तैराकों की धमाकेदार सफलता
बसंती इंस्टिट्यूट स्विमिंग पूल में तैराकों को नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा
चित्तरंजन। संवाददाता। झारखंड स्वीमिंग एसोसिएशन के तत्वावधान में जमशेदपुर में आयोजित झारखंड स्टेट मीट में चित्तरंजन बसंती इंस्टिट्यूट के तैराकों ने शानदार प्रदर्शन कर कई स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक जीतकर क्षेत्र का नाम रोशन किया। अंडर-12 ग्रेड-3 वर्ग में बसंती इंस्टीट्यूट के छात्र अर्णव आनंद ने 4 स्वर्ण पदक और एक रजत पदक जीतकर व्यक्तिगत चैंपियन कप पर कब्जा जमाया। इसी वर्ग में बसंती इंस्टिट्यूट स्विमिंग पूल से प्रशिक्षण प्राप्त दीप्तायन घोष ने 3 कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। अंडर-14 ग्रेड-2 वर्ग में विजय आनंद ने 2 कांस्य पदक और अभिजीत साउ ने 1 रजत और 1 कांस्य पदक हासिल किया। अंडर-10 ग्रेड-4 वर्ग में बसंती की तैराक अवंतिका सिंह ने 1 स्वर्ण और 2 रजत पदक जीते, जबकि आरोही कुमारी ने 1 रजत और 1 कांस्य पदक अर्जित किया। इस प्रतियोगिता में टीम मैनेजर की भूमिका नीतू सिंह ने निभाई।
उल्लेखनीय है कि दशकों से चित्तरंजन के परंपरागत बसंती इंस्टिट्यूट स्विमिंग पूल में तैराकों को नियमित प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इन तैराकों ने समय-समय पर पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार सहित विभिन्न राज्यों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। इन खिलाड़ियों को निखारने में मुख्य प्रशिक्षक स्वरूप दास, कोच सुजीत कुमार कर्मकार, अशोक सिंह, गौतम चक्रवर्ती, किशोर, इंचार्ज ए.एन. गांगुली तथा कोच सुजॉय सरकार का योगदान सराहनीय है।
जनसंख्या नियंत्रण को लेकर उपायुक्त को सौपा ज्ञापन
जामताड़ा। संवाददाता। राष्ट्रीय हिन्दू फ्रंट के बैनर तले उपायुक्त को एक ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें देश जनसंख्या नियंत्रण कानून को लागू करने का प्रधानमंत्री से मांग किया गया है। मौके पर अनूप राय, संजय परशुरामका, राकेश पाल, राजन राउत उपस्थित थे।
जिप सदस्य ने किया अरहर के बीजों का वितरण
कुंडहित। संवाददाता। मंगलवार को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन योजना अंतर्गत कुंडहित प्रखंड के रामपुर ग्राम में 60 किसानों को अरहर का बीज वितरित किया गया। किसानों के बीच जिला परिषद सदस्या रीना मंडल ने अरहर के बीज वितरित किया। वितरण के दौरान जामताड़ा के कृषि निरीक्षक इंदुशेखर ने दलहनी फसलों की विशेषताओं के बारे में बताया। कार्यक्रम में उपस्थित पूर्व जिला परिषद सदस्य भजहरि मंडल ने संथाली भाषा में किसानों को अरहर की खेती एवं इसकी खेती से होने वाले फायदे के बारे में बताया। बीटीएम सुजीत कुमार सिंह ने बताया कि अरहर दाल में मुख्य रूप से प्रोटीन एवं फाइबर पाया जाता है, जो स्वास्थ्य के लिए काफी महत्वपूर्ण है। किसानों से अरहर की खेती ऊपरी जमीन पर करने का सुझाव दिया। बुआई के पूर्व बीज को एफआईआर विधि से उपचारित करंे। उन्होंने बताया कि अरहर की बुआई के दौरान पौधे से पौधे की दूरी 20 से 25 सेमी, वही कतार से कतार के बीच की दूरी 60 से 65 सेमी पर बीजो की बुआई सीधी लाइन में करनी चाहिए। बीज वितरण के दौरान प्रखंड के बनकाठी पंचायत के रामपुर, दुर्गापुर एवं मुर्गापाथर के कुल 60 किसानों के बीच प्रति किसान के हिसाब से बीजों का वितरण किया गया। मौके पर सहायक तकनीकी प्रबंधक अमीर हेंब्रम, संबंधित गांव के किसान मित्र एवं तीनों गांवों के लाभुक किसान उपस्थित थे।
गहन पुनरीक्षण को लेकर बीएलओ का प्रशिक्षण संपन्न
कुंडहित। संवाददाता। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर कुंडहित में चल रहा बूथ लेवल अधिकारियों का प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार को संपन्न हो गया। बुधवार को प्रखंड क्षेत्र के मतदान केंद्र संख्या 151 से लेकर 192 तक के बूथ लेवल अधिकारियों एवं पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षित किया गया। कार्यक्रम के दौरान सहायक निर्वाचन पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी सीताराम महतो की उपस्थिति में मास्टर ट्रेनर श्रवण मरांडी ने प्रतिभागियों को गहन पुनरीक्षण के बारे में विस्तार से बताया। पुनरीक्षण के दौरान बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। इस दौरान वे मतदाताओं से आवश्यक दस्तावेजों के साथ गणना पत्र भरवा कर प्राप्त करेंगे। प्रशिक्षक श्री मरांडी ने बताया कि मतदाता गणना पत्र के साथ 11 प्रकार के दस्तावेजों में जो भी उपलब्ध हो, उसे जमा करेंगे। इन दस्तावेजों में जन्म प्रमाण पत्र, स्थाई निवासी प्रमाण पत्र, नौकरी अथवा पेंशन भोगी संबंधी प्रमाण पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र आदि शामिल है। प्रशिक्षण के बाबत अंचलाधिकारी सीताराम महतो ने बताया कि इस बार होने वाले गहन पुनरीक्षण के मद्देनजर मतदाताओं को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है। पहले श्रेणी में वैसे मतदाता है जिनका जन्म 1987 के पूर्व हुआ है। ऐसे मतदाताओं का नाम अगर 2003 के मतदाता सूची में मौजूद है तो उन्हें कोई दस्तावेज जमा नहीं करना होगा। अगर उनका नाम मतदाता सूची में नहीं है तो निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित किए गए 11 प्रकार के दस्तावेजों में से सिर्फ अपना दस्तावेज जमा करना होगा। दूसरी श्रेणी में वैसे मतदाता है जिनका जन्म 1987 से 2004 के बीच में हुआ है ऐसे मतदाताओं को अपने दस्तावेजों के साथ-साथ अपने माता अथवा पिता में से किसी एक का दस्तावेज भी जमा करना होगा। तीसरी श्रेणी में वैसे मतदाता है जिनका जन्म 2004 के बाद हुआ है, ऐसे मतदाताओं को अपने दस्तावेजों के साथ-साथ अपने माता और पिता दोनों का ही दस्तावेज जमा करना होगा। उन्होंने बताया कि संभवत: अक्टूबर महीने में विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम शुरू होने की संभावना है। बहरहाल निर्वाचन आयोग के निर्देश पर मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम को लेकर अभी से ही तैयारी शुरू हो गई है। बुधवार को संपन्न हुए प्रशिक्षण कार्यक्रम में संबंधित मतदान केंद्रो के बूथ लेवल अधिकारियों के अलावे पर्यवेक्षकगण उपस्थित थे।