हिरणपुर/संवाददाता। बीते 18 सितंबर को पाकुड़- हिरणपुर मुख्य सड़क के रामनाथपुर में अज्ञात वाहन की टक्कर से सोनाजोरी पाकुड़ निवासी अलीजान अंसारी (40)गंभीर रूप से घायल हो गया था। जिसका इलाज के दौरान बीते चार अक्टूबर को मृत्यु हो गई। इसे लेकर मृतक की पत्नी रेहाना बीबी ने शुक्रवार को हिरणपुर थाना में मामला दर्ज कराई है। दर्ज मामले में आरोप लगाई है कि 18 सितंबर को पति हिरणपुर में काम कर मुंशी के बाइक संख्या जेएच 16ई 9718 से वापस घर लौट रहा था कि शाम साढ़े सात बजे किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। जिससे पति गंभीर रूप से घायल होकर सड़क में गिर पड़ा। सूचना पाकर घटना स्थल पहुंच कर घायल अवस्था मे पड़े पति को इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से रेफर किये जाने से तत्काल बेहतर इलाज के लिए कोलकाता स्थित अस्पताल ले जाया गया। इलाज में घायल पति के साथ रहने के कारण थाना में आवेदन देने में विलंब हुआ। इसे लेकर वाहन चालक के ऊपर केस दर्ज करायी है।
वन्य प्राणी सप्ताह के अवसर पर क्विज का आयोजन
-क्विज विजेता प्रतियोगियों को किया जायेगा पुरस्कृत
हिरणपुर/संवाददाता। मॉडल प्लस टू विद्यालय हिरणपुर में शुक्रवार को वन्य प्राणी सप्ताह के अवसर पर क्विज का आयोजन हुआ। इसमें कक्षा 09 और 10 के छात्र- छात्राओं ने भाग लिया। बालिका वर्ग में महेश्वरी कुमारी प्रथम, लक्ष्मी कुमारी द्वितीय व मामुनि कुमारी दत्ता ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं बालक वर्ग में देवराज दत्ता प्रथम, विजय कुमार दे द्वितीय व राजा कुमार स्वर्णकार ने तृतीय स्थान हासिल किया। कार्यक्रम में वनरक्षी नीलू निकोदिमुस किस्कू ने उपस्थित छात्रों को जानकारी देते बताया कि वन्य प्राणी सप्ताह दो से आठ अक्टूबर तक मनाया जाएगा। वन्य प्राणियों का संरक्षण करना आवश्यक है। आये दिन जंगलों में आग लगाए जाने से छोटे बड़े वन्य प्राणी लुप्त हो रहे हैं। जंगल में आग लगाने से पेड़ भी जल कर नष्ट हो रहा है। वहीं कई जगहों पर वनों की भी कटाई करने की सूचना मिल रही है जो पर्यावरण संतुलन के लिए घातक है। जिस कारण क्षेत्र में अनावृष्टि होने से जन जीवन अस्त-व्यस्त हो रहा है। पर्यावरण संतुलन बनाये रखने के लिए पौधा रोपण अति आवश्यक है। सभी छात्र घरों में पौधा रोपण अवश्य करें। उन्होंने आगे बताया कि क्विज में विजेता छात्र-छात्राओं को रविवार को पुरस्कृत किया जाएगा। मौके पर शिक्षक कुमुद रंजन साहा, वनरक्षी स्टेफन हेंब्रम, मनोहर कुमार आदि उपस्थित थे।
भैंस चोरी के आरोप मामले में केस दर्ज
महेशपुर/संवाददाता। थाना क्षेत्र के सिलमपुर गांव निवासी सितेश कुमार ने गांव के ही रहने वाले विनोद कुमार यादव एवं अकबर शेख के खिलाफ भैंस चोरी करने के आरोप में केस दर्ज करवाया है। घटना बीते एक अक्टूबर की रात्रि की है। वादी सितेश कुमार ने आवेदन में उल्लेख किया है कि एक अक्टूबर की रात में उसकी भैंस की चोरी हो गई है। उसी रात में सिलमपुर गांव स्थित अस्पताल भवन का ग्रिल भी चोरी हो गया है। वादी ने आरोप लगाया है कि चोरी की घटना में गांव के ही विनोद कुमार यादव एवं अकबर शेख की मिलीभगत है। भैंस की खोजबीन करने के कारण थाने में आवेदन देने में विलंब हुआ है। इधर वादी के आवेदन पर केस दर्ज कर पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।
तकनीकी विभाग की ओर से चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं की डीसी ने की समीक्षा
-डीपीआर तैयार कर एक सप्ताह में प्रस्तुत करने का दिया गया निर्देश
पाकुड़/संवाददाता। समाहरणालय कार्यालय कक्ष में डीसी मृत्युंजय कुमार वर्णवाल की अध्यक्षता में शुक्रवार को तकनीकी विभाग की ओर से चलायी जा रही विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक की गई। जिसमें भवन प्रमंडल, भवन निगम, ग्रामीण विकास विशेष प्रमंडल, ग्रामीण कार्य विकास प्रमंडल, एनआरईपी एवं लघु सिंचाई में चल रहे योजनाओं की समीक्षा की गयी। लघु सिंचाई के समीक्षा के क्रम में डीसी ने कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि पानी की समस्या के निदान के लिए आमड़ापाड़ा और लिट्टीपाड़ा प्रखंड में वेयर निर्माण को लेकर स्थल का चयन कर स्वीकृति प्राप्त कर डीपीआर तैयार कर एक सप्ताह के अंदर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया। डीसी ने भवन निगम के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि जो भी भवन बन कर तैयार है और हैंडओवर नहीं हुए हैं वैसे सभी भवन का प्रतिवेदन अविलंब उपलब्ध करायें। वहीं डीसी ने भवन प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया कि मुख्यालय में जितने भी ऑफिसर क्वार्टर एवं कर्मी क्वार्टर जर्जर है, उसका आंकलन कर प्रतिवेदन उपलब्ध करायें।
क्षेत्र के लोगों ने जनता दरबार में आकर अपनी समस्याओं को डीसी के समक्ष रखी
पाकुड़/संवाददाता। आमलोगों की समस्याओं के समाधान और त्वरित निष्पादन को लेकर डीसी मृत्युंजय कुमार वर्णवाल ने शुक्रवार को कार्यालय कक्ष में जनता दरबार का आयोजन किया। इस दौरान शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने जनता दरबार में आकर अपनी समस्याओं को डीसी के समक्ष रखी। उपस्थित सभी लोगों से एक-एक कर उनकी समस्याएं सुनी गयी एवं आश्वस्त किया गया कि संज्ञान में आए हुए सभी शिकायतों की जांच कराते हुए जल्द से जल्द सभी का समाधान किया जाएगा। इसके अलावा जनता दरबार के दौरान समाज कल्याण विभाग, पशुपालन विभाग से संबंधित एवं विभिन्न आवेदन शिकायत के रूप में आये जो कि जिले के विभिन्न विभागों से संबंधित थे। ऐसे में जनता दरबार में सभी शिकायतकर्ता की समस्याओं को सुनने के पश्चात डीसी ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी आवेदनों की भौतिक जांच करते हुए उसका समाधान जल्द से जल्द करें। मौके पर कार्यपालक दंडाधिकारी क्रांति रश्मि, एसएमपीओ पवन कुमार समेत अन्य उपस्थित थे।
एक दिवसीय जिला स्तरीय ग्रामीण तथा स्वदेशी जनजातीय खेल प्रतियोगिता का आयोजन
पाकुड़/संवाददाता। स्टेडियम में खेलकूद एवं युवा कार्य निदेशालय की ओर से दिए गए दिशा-निर्देश के आलोक में जिला खेलकूद विभाग की ओर से एक दिवसीय जिला स्तरीय ग्रामीण तथा स्वदेशी जनजातीय खेल प्रतियोगिता- 2023 का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का शुभारंभ जिला कोषागार पदाधिकारी सारती टोप्पनो, नगर परिषद ईओ राजकमल मिश्रा, जिला खेल पदाधिकारी राहुल कुमार, जिला एथलेटिक्स संघ के अध्यक्ष अम्लान कुसुम सिंह, जिला ओलंपिक संघ के अध्यक्ष अर्धेंदु शेखर गांगुली ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। वहीं खेलकूद पदाधिकारी ने कहा स्वदेशी खेलकूद को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार के निर्देश पर यह प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रतियोगिता में तीरंदाजी, गुलेल, मटका दौड़, गेड़ी दौड़, भारा दौड़, सेकोर का आयोजन किया जा रहा है। पदाधिकारी ने कहा कि इस प्रतियोगिता के विजेता खिलाड़ी प्रमंडल स्तरीय प्रतियोगिता में हिस्सा लेंगे। वहीं प्रतियोगिता में सैकड़ों प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। मौके पर बड़ी संख्या में दर्शक मौजूद थे। वहीं सभी विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत भी किया गया। कार्यक्रम में कुश्ती संघ के सचिव प्रकाश सिंह, कबड्डी संघ के सचिव उमर फारूक, क्रिकेट प्रशिक्षक रणबीर उर्फ रानू, प्रवीण कुमार, पंकज अग्रवाल, राजेश कौल, नारायण चंद्र राय, मृणाल चौरसिया, राजा मुर्मू, भैरव चुंडा मुर्मू , अज्जू मंडल, रोहित शाह, फूल कुमारी मड़ैया समिति दर्जनों पूर्व
स्पर्धा में अव्वल आये प्रतियोगी
खिलाड़ी मौजूद थे।
तीरंदाजी बालक वर्ग
प्रथम- राजेश हंसदा
द्वितीय- सुनील किसकू
तृतीय- रामजतन मुर्मू
तीरंदाजी बालिका वर्ग
प्रथम- रिया कुमारी
द्वितीय-मीनू सोरेन
तृतीय- सोनाली मुर्मू
मटका दौड़ बालिका वर्ग
प्रथम- बिटी हेंब्रम
द्वितीय- नीतू मुर्मू
तृतीय-मंजू मरांडी
गुलेल बालक वर्ग
प्रथम- फिलीमान मरांडी
द्वितीय- लुकास टुडू
तृतीय-नवीन हांसदा
गुलेल- बालिका वर्ग
प्रथम- चुरामनी मुर्मू
द्वितीय- संजुता मरांडी
तृतीय- पानसुरी किस्कू
कृषि कर्मशाला सह प्रदर्शनी मेला का हुआ आयोजन
-26 किसानों के बीच सरसों बीज का वितरण
लिट्टीपाड़ा/संवाददाता। नीति आयोग के आकांक्षी प्रखंड अंतर्गत सबकी आकांक्षाएं, सबका विकास के तहत संकल्प सप्ताह के चौथे दिन शुक्रवार को कृषि कर्मशाला सह प्रदर्शनी मेला का आयोजन लिट्टीपाड़ा पंचायत भवन में हुआ। जिसका उद्घाटन डीएओ अरुण कुमार सिंह, बीडीओ संजय कुमार, आत्मा के परियोजना उपनिदेशक अरविन्द कुमार, मुखिया शिव टुडू ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कर्मशाला में उपस्थित किसानों को डीएओ ने कृषि से संबंधित तकनीकी जानकारी, गोवर्धन योजना, कृषि बाजार सहित सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारियां किसानों को दी गई। गोवर्धन योजना, जैविक खेती, कृषि बाजार सहित सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की जानकारियां किसानों को दिये। वहीं आयोजित प्रदर्शनी में किसानों द्वारा उत्पादित फल, फसल एवं सब्जियों का उत्पाद प्रादर्श सहित कीटनाशी दवा, जैविक खाद एवं मोटे अनाज से बनाये गये पूड़ी, चापाती, ठेंकुआ, लिट्टी, हलुआ आदि पकवान का भी प्रदर्शन किया गया। साथ ही 26 किसानों के बीच सरसों बीज का वितरण किया गया। आयोजित कर्मशाला सह प्रदर्शनी मेला में प्रखंड कृषि पदाधिकारी, केसी दास, कृषि तकनीकी प्रबंधक रामेश्वर मुर्मू, मुखिया शिव टुडू सहित अन्य उपस्थित थे।
पुत्र दीर्घायु की कामना को लेकर जिउतिया पर्व पर महिलाओं ने रखी निर्जला उपवास
-व्रतियों ने दंत कथायें भी सुनीं
पाकुड़िया/संवाददाता। पुत्र दीर्घायु की कामना को लेकर शुक्रवार को जिउतिया पर्व पाकुड़, महेशपुर, हिरणपुर, आमड़ापाड़ा, लिट्टीपाड़ा, पाकुड़िया सहित मोगलाबांध, फुलझीझरी, बन्नोग्राम, चौकिसाल, परुलिया, रामदेवकुंडी, देवीनगर, डुमरचीर, सिगारसी, आलूबेडा, बासमती आदि दर्जनों गांवों में पारंपरिक तरीके से मनाया गया। माताओं ने स्नान, ध्यान के बाद व्रत कथा सुनी। पुत्रों के दीर्घायु की कामना की दरअसल, एक मां पुत्रों के कल्याण के लिए कितना त्याग करती है। इसका उदाहरण है जिउतिया पर्व। पंडित कैलाश पांडेय ने बताया हिन्दू धर्म में इस पर्व को सभी जाति के लोग मनाते हैं। पांडेय ने इससे जुड़ी कथाओं के संबंध में बताया कि इसमें कई लोक कथाएं है। इसमें एक दंत कथा चील व सियारिन की है। प्राचीन समय में जंगल में एक चील और सियारिन रहा करती थी। उसने प्रण किया कि वे भी इस व्रत को करेंगे। दोनों ने व्रत प्रारंभ किया। भूख के कारण सियारिन की हालत खराब हो गयी। वह भूख बर्दाश्त नहीं कर पायी और चुपके से भोजन कर ली। नतीजा यह निकला कि सियारिन के जितने भी बच्चे हुए कुछ ही दिनों में मृत हो गये, जबकि चील के बच्चों को दीर्घ जीवन मिला। इसके अलावा इस व्रत के साथ जीवित्पुत्रिका व्रत की कथा सुनी जाती है। इस कथा में कहा गया है कि गंधवी के राजकुमार का नाम जीवूतवाहन था। एक दिन वह जंगल में भ्रमण कर रहा था। उसे एक विलाप करती वृद्धा दिखी। उसके रोने का कारण पूछने पर उसने कहा कि वह नागवंश की स्त्री है। गरुड़ को भोजन देने के लिए उसके पास अपने पुत्र के अलावा और कुछ नहीं है। राजकुमार ने वृद्धा को वचन दिया कि वह उसके पुत्र को बचाएगा। उसके बाद वह स्वयं लाल कपड़े में लिपटा कर गरुड़ के सामने लेट गया। गरुड़ आए और वह उसे उठाकर पहाड़ पर ले गए। चंगुल में फंसे व्यक्ति की कोई प्रतिक्रिया न देखकर गरुड़ ने उससे उसका परिचय पूछा। जीमूतवाहन ने गरुड़ को पूरी जानकारी दी। गरुड़ ने जीमूतवाहन की बहादुरी और परोपकार की भावना को देखकर जीवन दान दे दिया और नागों की बली न लेने का वरदान भी दिया। पुत्र को जीवन दान मिलने से इस व्रत को जीवित्पुत्रिका व्रत के रूप में मनाया जाता है। वहीं शहर के कई मंदिरों में भी पुरोहितों के द्वारा कथा सुनाई गई। मौके पर बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद थीं।