शिकारीपाड़ा/निज संवाददाता। दुमका जिला के शिकारीपाड़ा थाना क्षेत्र के मलूटी पंचायत अंतर्गत बांकीजोङ़ गांव निवासी भुवनेश्वर मरांडी (27) सहित एक भैंस की मौत बिजली के तार के चपेट में आने से हो गया है। यह घटना सियालपहाड़ी गांव के पास हुआ है मृतक खेती और मवेशी चराने का काम करता था। मृतक भैस लेकर जा रहा था। भैंस का सिंग बिजली के तार में फंस गया। भैंस छठ पटाने लगा तो मृतक उसे छुड़ाने के लिए किया तो मृतक भी तार के चपेट में आ गया और घटनास्थल पर ही युवक और भैंस की मौत हो गया। शिकारीपाड़ा पुलिस को सूचना मिलते ही घटनास्थल पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की कारवाई शुरू कर दी है। वही मृतक के छोटे भाई नागेश्वर मरांडी ने बताया कि गांव से कुछ दूरी पर एक पत्थर माइंस का काम होता है वहीं पर बिजली का पॉल लगा था लेकिन माइंस संचालक ने वहां से हटाकर सड़क के किनारे बिजली का खंभा गाड़ दिया है जिसके कारण यह घटना घटी है।
खेत जोत रहे परिवार के तीन सदस्यों पर फरसा व चाकू से हमला
घटना में दो गंभीर रूप से हुए घायल, गांव में दहशत का माहौल
सरैयाहाट/निज संवाददाता। सरैयाहाट थाना क्षेत्र के खेरबनी गांव में मंगलवार को खेत में धान रोपाई के लिए जुताई कर रहे एक ही परिवार के तीन सदस्यों पर विपक्षी पक्ष द्वारा फरसा और चाकू से जानलेवा हमला किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, परमेश्वर टुड्डू अपने खेत में परिवार के अन्य सदस्यों के साथ धान रोपाई के लिए जुटाई कर रहे थे। इसी दौरान गांव के सुकू मुर्मू, शामलाल मुर्मू, मकु बेसरा सहित करीब आधा दर्जन लोगों ने उन पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। इस हमले में परमेश्वर टुड्डू (43), ऑफिसर टुड्डू (40) और पानमुनी हेंब्रम (38) गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों ने घायलों को तत्काल सरैयाहाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए सभी को रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों के अनुसार, परमेश्वर और ऑफिसर टुड्डू के शरीर पर तेज धारदार हथियारों के गहरे घाव हैं और उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। इधर घटना की जानकारी मिलते ही सरैयाहाट पुलिस मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। थाना प्रभारी राजेंद्र यादव ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है और जल्द ही सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। गांव में इस घटना के बाद दहशत का माहौल है।
बारिश में कीचडमय हुई ग्रामीण सड़क
ग्रामीणों ने जाम कर किया विरोध प्रदर्शन, प्रखंड कार्यालय के घेराव की चेतावनी
दुमका/निज संवाददाता। सदर प्रखंड दुमका के सरुवा पंचायत के पंचभुइयापाड़ा मोहल्ले में सड़क की बदहाल स्थिति से नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया। इस मोहल्ले की मुख्य सड़क पिछले कई वर्षों से खस्ताहाल है। जिससे अब वाहन का गुजरना मुश्किल हो रहा है, तो वही बच्चे बारिश में स्कूल भी नहीं जा पा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार स्थानीय मुखिया और विधायक से सड़क निर्माण की मांग की। लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। बारिश के कारण सड़क कीचड़ में तब्दील हो गई है। जिससे रोजमर्रा की आवाजाही में काफी मुश्किल हो गई है। बीमार लोगों को अस्पताल ले जाना भी बड़ी चुनौती बन गया है। ग्रामीण विकास कुमार मंडल ने बताया कि लिखित रूप से भी शिकायत की थी। लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिरकार गांव वालों ने फैसला किया कि जब तक सड़क नहीं बनेगी, तब तक रास्ता पूरी तरह से बंद रहेगा। महिलाएं और बुजुर्ग भी जाम में शामिल होकर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे प्रखंड कार्यालय का भी घेराव करेंगे। जाम की वजह से कई घंटों तक आवाजाही पूरी तरह ठप रही।
जमीन विवाद में दो पक्षों में जमकर मारपीट, चार घायल
गोपीकांदर/निज संवाददाता। गोपीकांदर थाना क्षेत्र के रामगढ़ गांव में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट हुई। इस मारपीट में दो महिला सहित चार लोग घायल हो गया हैं। चारों घायलों को ग्रामीणों की मदद से सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र गोपीकांदर में भर्ती कराया गया। जहां पर सभी घायलों का प्राथमिक ईलाज के बाद बेहतर इलाज के लिए डीएमसीएच भेज दिया है। घायलों में रामगढ़ गांव के भुनेश्वर हांसदा (55), मानसिंह हांसदा (50), माइनो हांसदा (60) और बाले मुर्मू (60) शामिल है। मारपीट में दोनों पुरुष को सिर में गंभीर चोट लगा है। दोनों महिला को हाथ और सिर में चोट लगी है। इस संबंध में गोपीकांदर थाना प्रभारी सुमित कुमार भगत ने बताया कि अभी तक किसी तरह का कोई लिखित आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। घटना के बारे में थाना को जानकारी मिला है कि थाना क्षेत्र के रामगढ़ गांव में जमीन विवाद में मारपीट कर चार लोग जख्मी हुए है।
हंसडीहा में अवैध विदेशी शराब और एलपीजी सिलेंडर जब्त
सीओ के नेतृत्व में टीम ने 13 एलपीजी सिलेंडर, 17 बॉटल बीयर और 14 बॉटल विदेशी शराब किया जब्त
सरैयाहाट/निज संवाददाता। हंसडीहा में पर होटलों में शराब और किराना दुकानों में गैस सिलेंडर की बिक्री की सूचना पर मंगलवार को सीओ राहुल कुमार शानू और बीडीओ महेश्वरी प्रसाद यादव ने स्थानीय पुलिस के साथ छापेमारी कर बड़ी संख्या में अवैध विदेशी शराब और एलपीजी सिलेंडर जब्त किया। जानकारी के अनुसार छापेमारी बीडीओ, सीओ श्रावणी मेला रूट पर विधि व्यवस्था के लिए निकले थे। इस दौरान भागलपुर मार्ग पर सड़क किनारे बिक रही एलपीजी सिलेंडर को देख वे लोग रुके और दुकानदार से सिलेंडर की जानकारी मांगी। लेकिन दुकानदार कुछ भी बता नहीं पाए। जिसके बाद दो दुकानों से 13 एलपीजी सिलेंडर जब्त किया गया। इसी दौरान बगल के एक सोनपापड़ी दुकान में टीन के डब्बे में बेचने के लिए रखी तीन बॉटल विदेशी शराब को जब्त किया गया। जिसके बाद पदाधिकारी हंसडीहा चैक स्थित सुफल होटल पहुंचे तो देखा कि होटल में खुलेआम लोगों को शराब परोसा जा रहा है। सीओ राहुल शानू खुद होटल की तलाशी करने लगे, इस दौरान 17 बॉटल बीयर और अलग अलग ब्रांड की 14 बॉटल विदेशी शराब बरामद हुआ। सभी जब्त समानों को हंसडीहा थाना में रखा गया है। छापेमारी के दौरान हंसडीहा थाना प्रभारी प्रकाश सिंह और आईआरबी के जवान मौजूद थे। सरैयाहाट सीओ राहुल कुमार शानू ने कहा कि हंसडीहा चैक पर अवैध रूप से विदेशी शराब और एलपीजी सिलेंडर बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी। संबंधित विभाग को भी उसकी जानकारी दी जा रही है। क्षेत्र की हर अवैध गतिविधियों पर नजर रखा जा रहा है।
पीएचसी परिसर एवं पथ पर बरसाती पानी जमा होने से परेशानी
रानेश्वर/निज संवाददाता। रानेश्वर प्रखंड के आसनबनी से आसना जाने वाले पथ के आसनबनी स्थित पीएचसी के समीप बरसाती पानी जम जाने से लोगो आने जाने में काफी तकलीफ उठाना पड़ रहा है। स्थानीय लोगो ने बताया कि बीते कई दिनों से हो रही बारिश के कारण एवं सोमवार रात को रात भर जमकर बारिश होने के कारण पथ पर लबालब पानी जम गया है। पीएचसी परिसर में भी पानी भर गया है। उक्त पथ पर लोगो को बाईक पार करने, साईिकल लेकर जाने, स्कूली बच्चों को आने जाने में काफी दिक्कत हो रहा है। उक्त जगह पर पानी एकत्रित होकर काफी दिन बीत जाने से पानी के नीचे कीचड़ भी जम गया। जिससे लोगो को वाहन पार करने में काफी दिक्कत हो रहा है। स्थानीय मरीजों को इलाज हेतु पीएचसी आने में काफी तकलीफ हो रहा है। बताया कि प्रत्येक वर्ष बरसात के मौसम में यही हाल हो जाता है। इस जमे हुए पानी को निकालने के लिए कोई समुचित व्यवस्था नही है। परेशानी स्थानीय लोगो को झेलना पड़ रहा है।
लगातार बारिश से ग्रामीण क्षेत्र में गिर रहे मिट्टी और खपरैल के घर
आधी रात में ढह गया मकान, मलबे को हटाकर निकाला गया गृहस्वामी
मसलिया/निज संवाददाता। मसलिया प्रखंड क्षेत्र में बीते डेढ़ महीने से हो रही रुक-रुक कर बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही वर्षा के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में मिट्टी और खपरैल के घरों की स्थिति जर्जर हो चुकी है। एक-एक कर मिट्टी से बने घर धराशायी हो रहे हैं जिससे लोग भय के साये में जीवन जीने को विवश हैं। सबसे ताजा मामला सुग्गापहाड़ी गांव से सामने आया है, जहां सोमवार देर रात करीब 12:30 बजे नौशाद मियां का मिट्टी से बना टाली की छावनी वाला घर भरभरा कर दीवार सहित गिर गया। घटना के वक्त उनका बड़ा बेटा मुख्तार अंसारी उसी घर में सो रहा था। किसी तरह मलबे को हटाकर मुख्तार को सुरक्षित बाहर निकाला गया। हादसे में कोई जानहानि नहीं हुई, लेकिन घर में रखे सामान और नकद सहित लगभग 30 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। इसी तरह ग्राम पंचायत बाड़ा डूमरिया की सैयरा बीबी का खपरैल का घर भी सोमवार रात 11 बजे अचानक ढह गया। सैयरा बीबी ने बताया कि वह अपने परिजनों के साथ विश्राम कर रही थीं, तभी अचानक घर गिरने की आहट सुनाई दी। सभी समय रहते बाहर निकल गए और देखते ही देखते घर धराशायी हो गया। वहीं, गांव के जुमरत अंसारी और परवेज अंसारी के घर भी हाल के दिनों में गिर चुके हैं। प्रशासन से मांग की जा रही है कि पीड़ित परिवारों को यथाशीघ्र आपदा राहत, आवास योजना और मुआवजा मुहैया कराया जाए, ताकि वे दोबारा अपने जीवन को सामान्य रूप से शुरू कर सकें।
नोनीगांव में दो कच्चे मकान भरभरा कर गिरे
नोनीहाट/निज संवाददाता। लगातार हो रही बारिश के चलते मंगलवार दोपहर को नोनीहाट पंचायत अंतर्गत नोनीगांव में दो कच्चे मकान भरभरा कर गिर गए। गिरनेवाले मकान बमबम साह और चंदन साह के थे। सौभाग्यवश, घटना के समय दोनों परिवार घर के बाहर थे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। मकान गिरने से खाने-पीने का सारा सामान मलबे में दब गया और परिवारों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। हादसे के बाद दोनों परिवार पूरी तरह से बेघर हो गए हैं और खुले में जीवन गुजारने को विवश हैं। बमबम साह और चंदन साह ने बताया कि उन्हें अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना और अंबुवा आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका है। आर्थिक तंगी के कारण वे अब तक नया मकान नहीं बनवा सके और अपने परिवार के साथ किसी तरह कच्चे मकान में गुजर-बसर कर रहे थे। दोनों पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से आपदा राहत मुआवजा देने और रहने के लिए स्थायी पक्का मकान उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है। घटना के बाद से गांव में दहशत और चिंता का माहौल है।
देवघर की घटना पर प्रशासन अलर्ट, सीएस ने सरैयाहाट अस्पताल में इमरजेंसी सेवा का लिया जायजा
कांवरियों के सुगम यातायात के लिए सड़कों पर उतरे बीडीओ सीओ व इंस्पेक्टर
सरैयाहाट/निज संवाददाता। देवघर में कांवरियां वाहन दुर्घटना के बाद मंगलवार की सुबह दुमका जिला प्रशासन अलर्ट हो गई। जिला प्रशासन के निर्देश पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरैयाहाट और हंसडीहा चैक पर पर एहतियात के तौर पर नजर रखी जा रही थी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अहले सुबह ही चिकित्सा पदाधिकारी डॉ प्रभा रानी प्रसाद अपने सहयोगी चिकित्सकों के साथ मौजूद थी ताकि अगर हादसे के घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरैयाहाट लाया जाता है तो तत्काल उनका समुचित ईलाज हो सके। सीएस बीपी सिंह भी सीएससी सरैयाहाट पहुंचे थे। जबकि कांवरियां वाहनों को सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाने के लिए सुबह से पूरे दिन बीडीओ महेश्वरी प्रसाद यादव, सीओ राहुल कुमार शानू, सर्कल इंस्पेक्टर विशुन देव पासवान हाईवे पर वाहन चालकों को दिशा निर्देश देते रहे। दुमका डीटीओ भी हंसडीहा पहुंच स्थानीय प्रशासन को वाहनों के आवागमन कैसे सुरक्षित हो इसके लिए जरूरी दिशा निर्देश दिए।
डीसी ने अधिकारियों के साथ रुट लाइन का निरीक्षण
दुमका/निज संवाददाता। श्रावणी मेला के दौरान श्रद्धालुओं की निरंतर बढ़ती तादाद को देखते हुए मंगलवार को उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने बासुकीनाथ मंदिर से विधि व्यवस्था का जायजा लिया। उपायुक्त ने अधिकारियों के साथ रुट लाइन का निरीक्षण भी किया। उपायुक्त ने बासुकीनाथ मेल क्षेत्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं को कतार में अधिक देर तक खड़ा नहीं रहना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। सभी श्रद्धालु सुरक्षित एवं व्यवस्थित रूप से कतारबद्ध होकर जलार्पण करें, यह सुनिश्चित किया जाए। दरअसल सोमवार को देवघर स्थित बाबा धाम में जलार्पण के उपरांत मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु बासुकीनाथ पहुँचते हैं, ऐसे में सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों को अलर्ट मोड में रहते हुए पूरी तत्परता से अपने दायित्वों का निर्वहन करने का निर्देश दिया गया है। कतार में खड़े श्रद्धालुओं के लिए पेयजल सहित सभी आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। जो श्रद्धालु कतार में खड़े नहीं रह सकते, उन्हें जलार्पण काउंटर के संबंध में समुचित जानकारी देने का निर्देश भी उपायुक्त ने अधिकारियों को दिया। निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने सिंह द्वार स्थित स्वास्थ्य शिविर, टेंट अस्पताल का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि सभी आवश्यक दवाइयाँ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें और श्रद्धालुओं को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा प्रदान की जाए। इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने कंट्रोल रूम के माध्यम से पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी की। उन्होंने सभी चेक पॉइंट्स पर विशेष नजर रखने तथा विधि-व्यवस्था की किसी भी स्थिति से निपटने हेतु सतर्क रहने का निर्देश अधिकारियों को दिया।
बासुकीनाथ धाम में जनरेटर की भी है व्यवस्था
दुमका। श्रावणी मेला बासुकीनाथधाम में श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बासुकीनाथ मेला क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति विभाग एवं विद्युत कार्य विभाग द्वारा विशेष व्यवस्था की गई है। उपायुक्त अभिजीत सिन्हा के निर्देश पर मेला क्षेत्र में नियमित रूप से विद्युत तारों की जाँच की जा रही है, जिससे किसी भी संभावित शॉर्ट सर्किट या विद्युत दुर्घटना से बचा जा सके। स्पार्क की घटनाओं को रोकने हेतु सभी वायर जॉइंट्स की गहनता से जाँच की जा रही है। मेला क्षेत्र में कहीं भी झूलते या ज़मीन पर गिरे हुए तारों को चिन्हित कर त्वरित मरम्मती की जा रही है। बिजली कटौती की स्थिति में बिजली आपूर्ति को बनाए रखने हेतु जेनेरेटर की व्यवस्था की गई है। उसकी भी नियमित जाँच एवं देखरेख की जाती है। प्रशासन का यह प्रयास है कि पूरे मेला अवधि में श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो एवं बिजली आपूर्ति निर्बाध बनी रहे।
श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु सामान घर की व्यवस्था
दुमका। बासुकीनाथधाम आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए जिला प्रशासन द्वारा टेंट सिटी सहित विभिन्न स्थलों पर ष्सामान घरष् की व्यवस्था की गई है। यह सुविधा विशेष रूप से उन श्रद्धालुओं के लिए उपयोगी है जो अपने निजी सामान जैसे बैग,मोबाइल आदि को सुरक्षित स्थान पर रखकर निर्बाध रूप से बाबा बासुकीनाथ की पूजा-अर्चना करना चाहते हैं। मेला क्षेत्र में कुल 3 सामान घर बनाये गए हैं।प्रखंड कार्यालय से आगे टेंट सिटी में,शिवगंगा मोड़ के पास एवं शिवगंगा रुट लाइन में सामान घर श्रद्धालुओं की सेवा में उपलब्ध है। सामान घर में सामान जमा करने पर श्रद्धालुओं को एक टोकन दिया जाता है। पूजा के उपरांत वे उक्त टोकन दिखाकर अपना सामान आसानी से प्राप्त कर सकते हैं। इस पूरी प्रक्रिया को सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी बनाए रखने हेतु प्रतिनियुक्त कर्मियों द्वारा प्रत्येक श्रद्धालु की जानकारी रजिस्टर में दर्ज की जाती है। यह पहल श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा एवं आस्था को ध्यान में रखते हुए की गई है ताकि वे चिंता मुक्त होकर अपनी श्रद्धा व्यक्त कर सकें और मेला अनुभव को सुखद एवं यादगार बना सकें। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु सामना घर का उपयोग कर रहे हैं।
बासुकीनाथ धाम में 31 जुलाई को होगा ड्रोन शो
दुमका। बासुकीनाथधाम में श्रद्धा और तकनीक का अद्भुत संगम देखने को मिलेगा। जेटीडीसी के द्वारा 31 जुलाई को संध्या 7:30 बजे से ड्रोन शो का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रस्तुति में सैकड़ों ड्रोन एक साथ समन्वित होकर बाबा भोलेनाथ एवं उनसे जुड़ी विविध पौराणिक आकृतियाँ आकाश में सजीव रूप से उकेरेंगे। यह दृश्य न केवल दर्शनीय होगा, बल्कि श्रद्धालुओं के मन में भक्ति और गौरव की भावना को भी नई ऊँचाई देगा। ड्रोन शो का उद्देश्य आस्था के अनुभव को तकनीकी माध्यम से एक नई दिशा देना है, ताकि आधुनिक युग में भी सांस्कृतिक विरासत का प्रचार-प्रसार प्रभावशाली रूप में हो सके।