-विशेष लोक अदालत में 28 मामलों का निष्पादन
गोड्डा/संवाददाता। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से व्यवहार न्यायालय परिसर में एनआईए एक्ट और मैट्रिमोनियल मामलों के निष्पादन को लेकर विशेष लोक अदालत सहित मासिक लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान विशेष लोक अदालत में मैट्रिमोनियल के 10 मामलों का निष्पादन किया गया जबकि मासिक लोक अदालत में 18 मामलों का निष्पादन कर 42,000 रुपए की वसूली की गई। निष्पादित मामलों में क्रिमिनल कंपाउंडेबल के 09 मामलों का निष्पादन किया गया। जबकि बिजली से संबंधित 09 मामलों का निष्पादन कर 42,000 रुपए की वसूली की गई। वहीं मामलों के त्वरित निष्पादन को लेकर छह न्यायिक बेंच का गठन किया गया था। इसमें प्रथम न्यायिक बेंच पर पारिवारिक विवाद, मैट्रिमोनियल एवं 125 सीआरपीसी से संबंधित मामले की सुनवाई हुई। मामले की सुनवाई फेमिली कोर्ट के प्रधान जज अनिल कुमार पांडेय एवं चीफ एलएडीसी संजय कुमार सहाय कर रहे थे। दूसरे न्यायिक बेंच पर एमएसीटी, सिविल अपील, क्रिमिनल अपील, रेवेन्यू मैटर्स, श्रम विवाद अन्य ट्रिब्यूनल के मामले की सुनवाई हुई। इससे संबंधित मामले की सुनवाई जिला जज प्रथम कुमार पवन एवं डिप्टी एलएडीसी रितेश कुमार सिंह ने किया। तृतीय न्यायिक बेंच पर बिजली, जिला जज द्वितीय कोर्ट से संबंधित मामले की सुनवाई हुई। इसकी सुनवाई जिला जज तृतीय ऋचा श्रीवास्तव एवं डिप्टी एलएडीसी अजीत कुमार कर रहे थे। चतुर्थ न्यायिक बेंच पर सीजेएम कोर्ट, सबजज चतुर्थ नरेन्द्र कुमार एवं प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी मुक्ति भगत के कोर्ट के मामले की सुनवाई हुई। इसकी सुनवाई सीजेएम अर्जुन साव एवं पैनल अधिवक्ता शेखरचंद्र चौधरी ने की। पांचवें न्यायिक बेंच पर एसीजेएम एवं प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी राज कल्याण कोर्ट एवं एनआई एक्ट से संबंधित मामलों की सुनवाई हुई। इसकी सुनवाई एसीजेएम सह सब जज प्रथम प्रताप चंद्र एवं एलएडीसी राहुल कुमार कर रहे थे। छठे न्यायिक बेंच पर प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी खालिद रसीद अली अहमद, सब जज तृतीय रेमी प्रफुल्ल बा एवं एसडीजेएम अनुप्रिया सांगा के कोर्ट से संबंधित मामलों की सुनवाई हुई। इसकी सुनवाई प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी खालिद रसीद, अहमद अली एवं एलएडीसी आयूष राज कर रहे थे।
अंतर जिला क्रिकेट टूर्नामेंट में गढ़वा ने धनबाद को एक विकेट से किया पराजित
गोड्डा/संवाददाता। झारखंड राज्य क्रिकेट संघ के तत्वावधान में गांधी मैदान में आयोजित अंडर-23 अंतर जिला क्रिकेट टूर्नामेंट में शनिवार को खेले गए मुकाबले में गढ़वा ने धनबाद को रोमांचक तरीके से 01 विकेट से पराजित कर दिया। वहीं पहले बल्लेबाजी करते हुए धनबाद की टीम ने 35 ओवर 05 गेंद में सिर्फ 161 रन पर ऑल आउट हो गई। एक समय बड़े स्कोर की ओर बढ़ रही धनबाद टीम के लगातार अंतराल पर विकेट गिरने से सिर्फ 161 रन पर सिमट गई। वहीं बल्लेबाजी करते हुए आदित्य सिंह ने 55 रन एवं राजा कुमार ने 35 रन की पारी खेली। गेंदबाजी में आयुष गर्ग ने 4 एवं रंजन कुमार ने 03 विकेट प्राप्त किया। जवाबी पारी में गढ़वा की टीम ने सिर्फ 01 विकेट शेष रहते 162 रन बना कर मैच को जीत लिया। वहीं गेंदबाजी में मुजाहिद खान ने 39 रन एवं आयुष गर्ग ने 03 विकेट प्राप्त किया। मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी आशीष कुमार के हाथों आयुष गर्ग को ट्रॉफी एवं 5,000 की नकद राशि प्रदान की गई। इस दौरान उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के लिए यह एक अच्छा प्लेटफॉर्म है। साथ ही उन्होंने इतने व्यवस्थित ढंग से किए गए आयोजन की सराहना की। इस अवसर पर टीआरडीओ काजल दास, अंपायर इफ्तेखार शेख, अमित हाजरा एवं स्कोरर के रूप में दीपक कुमार थे। इस अवसर पर क्रिकेट संघ के संयोजक संजीव कुमार, कोषाध्यक्ष सनोज कुमार, किरमान अंसारी, अमित सिंह, राजीव भंडारी, मुकेश मंडल, अवधेश कुमार, विजय कुमार, प्रभु, अंजन, राहुल, कन्हैया, संजीव सहित अन्य उपस्थित थे।
एक दिवसीय मुखिया उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन
महागामा/संवाददाता। महागामा ऊर्जानगर स्थित राजमहल हाऊस में शनिवार को एक दिवसीय मुखिया उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम पंचायतीराज मंत्री दीपिका पांडेय सिंह के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन एवं पिरामल फाउंडेशन के सहयोग से किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन अनुमंडल पदाधिकारी आलोकवरुण केशरी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान भू-अर्जन पदाधिकारी रितेश जायसवाल, जिला परिषद सदस्य नगमा आरा भी मौजूद थे। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) के संबद्ध में मुखियाओं का क्षमता बढ़ाना था इसमें पिरामल फाउंडेशन के प्रशिक्षकों की ओर से जीपीडीपी के विभिन्न विषयों और पंचायत के समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण मापदंडों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस कार्यशाला में महागामा, मेहरमा, ठाकुरगंगटी एवं बोआरीजोर प्रखंडों के 42 मुखियाओं ने भाग लिया। मुखियाओं ने कहा कि इस कार्यशाला से उन्हें अपनी पंचायतों के विकास के लिए नई दिशा मिली है और अब वो अधिक आत्मविश्वास के साथ अपनी योजना बना सकते हैं। सभी ने अपने पंचायत को समृद्ध एवं विकसित बनाने का संकल्प लिया।
डॉ. राधेश्याम चौधरी की झोली में एक और पुरस्कार
- कर्ण पुरस्कार से नवाजे गए ख्यातिलब्ध कवि
- अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवि डॉ. चौधरी की एक जुझारू मजदूर नेता के रूप में भी रही है पहचान
गोड्डा/कार्यालय संवाददाता। ईस्टर्न कोल फील्ड लिमिटेड की राजमहल परियोजना, ललमटिया के एक जुझारू मजदूर नेता से लेकर देश-विदेश के कवि सम्मेलनों के मंच पर अपनी प्रतिभा की अमिट छाप छोड़ने वाले ख्यातिलब्ध कवि डॉ. राधेश्याम चौधरी को ‘कर्ण’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। बीते दिनों भागलपुर (बिहार) के भगवान पुस्तकालय के सभागार में संपन्न राष्ट्रीय अंग समागम साहित्य अधिवेशन के दौरान डॉक्टर चौधरी को ‘कर्ण’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मूलत: गोड्डा जिला अंतर्गत महागामा प्रखंड के निवासी डॉ. चौधरी की चर्चित कवि के रूप में ख्याति देश की सीमा को लांघते हुए विदेश की धरती पर भी फैलती जा रही है। ख्याति बढ़ने के साथ ही उनकी झोली पुरस्कारों से भी भरती जा रही है। कालांतर में उन्हें विद्यासागर की उपाधि से विभूषित और केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से भी सम्मान मिल चुका है। कोल इंडिया की ओर से सम्मान और अनेक देशों से लगातार अंतरराष्ट्रीय ग्लोबल साहित्य सम्मान मिलता रहा है। भागलपुर में राष्ट्रीय अंग समागम साहित्य अधिवेशन के दौरान डॉक्टर चौधरी को ‘कर्ण’ पुरस्कार दिए जाने के मौके पर तिलका मांझी विश्वविद्यालय, भागलपुर के कुलपति, कुलसचिव डॉ. विजय नारायण, डॉ. प्रसून लतान्त, भागलपुर विश्वविद्यालय के अवकाश प्राप्त प्राध्यापक डॉ. योगेंद्र, डॉ. शंभूदयाल खेतान, प्रोफेसर रतन मंडल, डॉ. सुधीर मंडल, डॉ. अमरेंद्र कुमार, डॉ. अनिरुद्ध प्रसाद विमल एवं डॉ. प्रदीप प्रभात मौजूद थे। बताते चलें कि डॉ. राधेश्याम चौधरी साहित्यिक क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान के साथ आगे बढ़ रहे हैं। जिले के साहित्यिक एवं शिक्षा जगत में उनकी चर्चा होती रही है। उन्हें पुरस्कार मिलने पर सामाजिक एवं साहित्यिक क्षेत्र के अनेक लोगों ने प्रसन्नता का इजहार किया है।
सड़क दुर्घटना में होमगार्ड जवान घायल
गोड्डा/संवाददाता। बायोडायवर्सिटी पार्क गोड्डा में ड्यूटी पर तैनात गृह रक्षक गणेश पांडेय सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया। मिली जानकारी के अनुसार शनिवार को गृह रक्षक गणेश पांडेय का ड्यूटी ऑफ होने के बाद राशन लेकर घर जा रहे थे। उसी क्रम में ऑटो रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया जिससे वे बुरी तरह से घायल हो गए। इस दौरान उनके साथ ऑटो रिक्शा पर सेवानिवृत्त होमगार्ड लाल मोहन ओस्ता भी थे। वहीं इस सड़क दुर्घटना में सेवानिवृत्त होमगार्ड लाल मोहन ओस्ता का सिर और पैर चोटिल हो गया। लेकिन गणेश पांडेय की स्थिति खराब बताई जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार गणेश पांडेय के सिर में 08 टांका लगा है और मुंह के आगे का दांत टूट गया है जिस कारण मुंह से खून नहीं रुक रहा था। वहीं खबर लिखे जाने के दौरान सदर अस्पताल के चिकित्सक की ओर से बताया गया कि सीटी स्कैन रिपोर्ट देखने के बाद ही आगे की जानकारी दी जा सकती है। वहीं बताया गया कि गणेश पांडेय जहां ड्यूटी पर कार्यरत थे वहां के एक भी पदाधिकारी उनकी सुध लेने तक नहीं पहुंचे थे।
पंचायत सचिवालय में राजस्व शिविर का हुआ आयोजन
मेहरमा/संवाददाता। ठाकुरगंगटी अंचल क्षेत्र के रूंजी पंचायत सचिवालय में शनिवार को सीओ मदन महली की ओर से राजस्व शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें पंचायत क्षेत्र के कई निवासियों, किसानों, ग्रामीणों की जमीन संबंधी लगान की वसूली की गई। बताते चलें कि वर्तमान समय में सरकारी और वरीय अधिकारियों के निर्देशानुसार राजस्व वसूली शिविर का लगातार आयोजन किया जा रहा है। इसके पूर्व शुक्रवार को प्रखंड अंचल कार्यालय परिसर स्थित कर्मचारी भवन में शिविर लगा कर उस पंचायत क्षेत्र के ग्रामीणों की जमीन का रसीद काटा गया था। इसी सिलसिले में शनिवार को भी रूंजी पंचायत के विभिन्न गांवों के ग्रामीण किसानों, बकायेदारों से लगान की वसूली की गई। सीओ, राजस्व कर्मचारी और अंचल कर्मियों की ओर से लगातार इस संबंध में प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है। इसके बाद दूसरी तिथि को प्रखंड क्षेत्र के पंजराडीह, मोरडीहा आदि पंचायत सचिवालयों में शिविर लगाई जाएगी। शिविर में सीओ मदन महली, राजस्व कर्मचारी महेश कुमार, देवकांत कुमार, कर्मी पप्पू कुमार, इलाही मंसुर, झामुमो नेता सह झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता शंकर पोद्दार, राजद नेता रतन पासवान, पंचायत समिति उज्ज्वल कुमार, उचित यादव आदि शामिल थे।
प्रखंड कार्यालय में शौचालय की स्थिति बदतर
-महिला शौचालय का टूटा हुआ है दरवाजा
बसंतराय/संवाददाता। प्रखंड सह अंचल कार्यालय अधिकारियों के लिए बने शौचालय और आम आदमी के लिए बने शौचालय की हालत बद से बदतर हो गई है। इस प्रखंड कार्यालय में आने वाले आम लोगों के लिए बना शौचालय उपयोग के लायक भी नहीं है। स्वच्छ भारत के तहत बने इस शौचालय में गंदगी का अंबार लगा हुआ है। वहीं शौचालय का मुख्य दरवाजा भी टूटा हुआ है। शौचालय पाइप से पानी जमीन पर फैलता रहता है वहीं अधिकारियों के लिए बना शौचालय चकाचक हैं। प्रखंड कार्यालय के पहली मंजिल पर बने शौचालय की स्थिति देखकर आदमी तो छोड़िए जानवर भी इस शौचालय में प्रवेश नहीं कर पाएगा। साफ-सफाई के अभाव में शौचालय बदहाल है। शौचालय के अंदर फैली गंदगी से भारी बदबू आ रही है और शौचालय का दरवाजा टूटी फूटी अवस्था में है। शौचालय में सफाई के नाम पर महज खानापूर्ति की जा रही है। बताते हैं कि इन सार्वजनिक शौचालयों की नियमित साफ सफाई नहीं होने से शौचालयों की दीवारें पान-गुटखा की पीक से रंगी पड़ी है। लोगों का कहना है कि, स्वच्छता अभियान का पाठ पढ़ाने वाले प्रशासन स्वयं साफ-सफाई पर ध्यान नहीं दे रहे। कई सरकारी दफ्तरों के शौचालयों का भी यही हाल है। स्वच्छ भारत अभियान के तहत ग्रामीणों के घर में शौचालय निर्माण कराने एवं खुले में शौच नहीं करने का संदेश जारी करने के लिए प्रेरित करने वाले सरकारी अधिकारी और कर्मचारी अपने कार्यालयों में बने आमजनों के टॉयलेट की स्थिति सुधारने में नाकामयाब हैं। उधर प्रखंड कार्यालय में अपने कार्य को लेकर आने वाली महिलाओं ने बताया कि शौचालयों की नियमित सफाई नहीं होने से लोग टोयलेट करने के लिए इधर-उधर जगह ढूंढते हैं इस स्थिति में सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को होती है। प्रखंड कार्यालय में कागजात बनाने के लिए आई महिला ने बताया कि प्रखंड कार्यालय की प्रथम फ्लोर पर पुरुष और महिलाओं के लिए शौचालय प्रशासन के द्वारा बनाए गए हैं लेकिन इन शौचालय की सफाई नहीं हो पा रही है जिससे महिलाओं को खुले में टॉयलेट के लिए जाना पड़ता है जिससे उन्हें शमिंर्दगी का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों के ऑफिस में बने शौचालय की साफ- सफाई का ख्याल रखा जाता है लेकिन आमजनों के लिए बने शौचालय में गंदगी की अंबार लगी रहती है। वहीं प्रखंड कार्यालय आने वाले कई लोगों ने बताया कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण शौचालय की साफ- सफाई नहीं हो रही है। प्रखंड विकास पदाधिकारी हो या तमाम वरीय पदाधिकारी रोजाना इसी कार्यालय में कार्य के लिए आते हैं लेकिन उन्हें इस बात की जानकारी नहीं है कि शौचालय के टूटे- फूटे दरवाजे और गंदगी से लोगों को टॉयलेट और बाथरूम जाने में परेशानी होती है। लोगों ने कहा कि इस मुद्दे पर भी ध्यान देना चाहिए, यहां आने वाली महिलाओं को काफी दिक्कत होती है। जानकार बताते हैं कि सफाई व्यवस्था के लिए लाखों रूपए खर्च किए जा रहे हैं लेकिन प्रखंड कार्यालय के मुख्य भवन के अंदर बने शौचालय की सफाई नहीं हो पा रही है जबकि प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में सुदूर क्षेत्र से लोग प्रखंड मुख्यालय पहुंचते है। वहीं इस पूरे मामले को लेकर प्रखंड विकास पदाधिकारी श्रीमान मरांडी से हुई वार्ता में उन्होने बताया कि शौचालय की साफ सफाई कराई जाएगी, साथ ही दरवाजे का रिपेयरिंग भी प्लान में लेकर 15वें वित्त से कराया जाएगा।
वन विभाग की टीम ने 40 क्विंटल कोयला लदा ट्रैक्टर किया जब्त
गोड्डा/संवाददाता। वन विभाग की टीम ने शनिवार को 40 क्विंटल कोयला लदा ट्रैक्टर को जब्त किया। यह कार्रवाई उस समय की गई जब वन विभाग की टीम गश्ती कर रही थी। वहीं जंगल के रास्ते अवैध कोयला लोड कर ट्रैक्टर जा रहा है। इसी दौरान गश्ती दल की नजर ट्रैक्टर पर पड़ी तो वन विभाग की टीम ने जांच पड़ताल कर कार्रवाई करते हुए अवैध कोयले लदे ट्रैक्टर को जब्त कर लिया। वन क्षेत्र पदाधिकारी संजय कुमार के अनुसार रात में अंधेरे का फायदा उठा कर ट्रैक्टर से अवैध कोयले की तस्करी की जा रही थी। इसी दौरान वन विभाग की गश्ती टीम की ओर से कोयला से लदे ट्रैक्टर को रुकने का इशारा किया तो गाड़ी चालक और तेजी से गाड़ी को भगाने लगा जिसके बाद वन विभाग की टीम ने पीछा कर ट्रैक्टर की घेराबंदी कर अगिया मोड़ गोड्डा के नजदीक से गाड़ी को जब्त किया। वन क्षेत्र पदाधिकारी ने बताया कि कोयला ज्यादातर ईंट भट्ठे में उपयोग किया जाता है या फिर कच्चे बर्तन को पकाने के लिए कुम्हार इसका उपयोग करते हैं। यह कच्चा कोयला है, टैक्टर सहित कोयले को जब्त कर वन विभाग की टीम आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है।