भक्तों की मनोकामना पूरी करती हैं मां सरौन वाली मां काली
कोई भी इनके दरबार से नही लौटता है खाली,सबकी मुरादें पूरी करती हैं मां
चकाई। संवाददाता। बिहार-झारखंड की सीमा के निकट सरौन बाजार में अवस्थित मां सरौन वाली काली मां की महिमा अपरंपार है। जो भी श्रद्धालु इनके सांचे दरबार में पूरे भक्ति भाव एवं सच्चे मन से अपनी मन्नत लेकर आता है, मां उसकी मन्नत पूरी कर उसकी झोली खुशियों से भर देती है। इसी कारण मां काली के मंदिर में सदा पूजा पाठ करने एवं मन्नत मांगने के लिए भक्तों का तांता लगा रहता है। खास कर बैशाख मास में शनिवार एवं मंगलवार को भक्तों की भीड़ पूजा करती नजर आती है। सरौन काली मंदिर का वार्षिक पूजा 17 जून को होना सुनिश्चित हुआ है।
सरौन वाली मां काली मंदिर का इतिहास लगभग 200 साल का बताया जाता है। स्थानीय बड़े बुजुर्ग ग्रामीणों की माने तो 200 साल पूर्व एक घनी काली अंधियारी आमवस्या की रात को सरौन बाजार के बगल स्थित अजय नदी बड़का आहर के पास घने जंगल में मध्य रात्रि को एक तेज विस्फोट की आवाज स्थानीय ग्रामीणों को सुनाई दी। आवाज से पूरा इलाका गूंज उठा। सुबह जब स्थानीय ग्रामीणों ने उस स्थान पर जाकर देखा तो वहां की जमीन फट कर लंबी दरार में परिवर्तित हो गई थी तथा उस दरार के अंदर से चार फीट लम्बा सिंदूर लिपटा एक पत्थर की पिंडी दिखाई दे रहा था। पुन: दूसरी यानि शुक्ल पक्ष परिवा की रात मां काली ने एक ग्रामीण को स्वप्न देकर यह आदेश दिया कि उसी स्थान पर जहां पिंडी का प्रादुर्भाव हुआ है, वहीं पिंडी स्थापित के मेरी पूजा अर्चना करो, सबका कल्याण होगा। सबकी मन्नतें पूरी होगी। वहीं स्वप्न की बात जानकर सरौन चरघरा के तत्कालीन जमींदार प्रह्लाद सिंह ने ग्रामीणों के सहयोग से उक्त स्थान पर पूरे नियम, भक्ति भाव एवं वैदिक रीति रिवाज के साथ मां काली की पिंडी को स्थापित कर मां की पूजा अर्चना प्रारम्भ की, जो अब भी जारी है। वर्तमान समय में पूजा कमिटी के सदस्यों द्वारा उक्त पिंडी पर एक भव्य काली मंदिर के निर्माण के साथ साथ मंदिर प्रांगण में चाहरदीवारी, कुआं का निर्माण कराया गया है।
हर साल आषाढ़ माह के किसी भी पुण्यतिथि पर मंगलवार के दिन मां काली की वार्षिक पूजा का भव्य आयोजन किया जाता है। वहीं विद्वान पंडितों द्वारा एक सप्ताह पूर्व से ही मंदिर में मां का पाठ आरम्भ हो जाता है। वहीं पूजा के दिन पंडितों द्वारा पूरे नियम, विधि विधान एवं बेदिक रीति रिवाज के साथ मां काली की पूजा अर्चना की जाती हैं वहीं पूजा के उपरांत श्रद्धालुओं द्वारा लाये गए ध्वज का निरोपन मंदिर प्रांगण में किया जाता है। इसके उपरांत कुंवारी कन्या एवं ब्राम्हण ज्योनार के उपरांत बकरे की बलि प्रारम्भ हो जाती जो शाम तक चलती है। इस मौके पर हर वर्ष लगभग 10 हजार से अधिक बकरे की बलि श्रद्धालुओं द्वारा मन्नत पूरा होने की खुशी में मां के मंदिर के प्रांगण में चढ़ाई जाती है।
मां काली के बार्षिक पूजा के मौके पर मंदिर प्रांगण में दो दिवसीय भव्य मेले का आयोजन हर वर्ष किया जाता है। इस पावन अवसर पर प्रखंड से ही नही बल्कि बिहार, झारखंड एवं बंगाल के दूर सुदूर इलाके से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां काली की पूजा अर्चना के बाद मेले का आनन्द उठाते हैं।
सरौन काली पूजा के मौके पर स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन की ओर से शांतिपूर्ण काली पूजा सम्पन्न कराने एवं मेला को लेकर भारी पुलिस बल की तैनाती मंदिर सहित मेला परिसर में की जाती है। इस बाबत चकाई सीओ , बीडीओ, चकाई थानाध्यक्ष सहित स्थानीय पुलिस बल के अलावे सीआरपीएफ जवान पूजा के मौके पर किसी भी अप्रिय घटना से निपटने एवं पूजा को शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए मौके पर कमान संभालते हैं एवं चप्पे चप्पे पर पुलिस की तैनाती की जाती है।
चिहरा पुलिस को मिली बड़ी सफलता
पिकअप वाहन से 1633 लीटर शराब बरामद, चालक व उपचालक गिरफ्तार
चकाई। संवाददाता। चिहरा पुलिस ने एक पिकअप वाहन से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद किया है। साथ ही, चालक एवं उपचालक को भी गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार वाहन चालक की पहचान गिरिडीह जिला के बेंगाबाद थाना क्षेत्र के बेलडीह गांव निवासी दिलीप कुमार पासवान एवं उप चालक गिरिडीह के नगर थाना क्षेत्र के बोरों निवासी विकास सिंह उर्फ लुल्लु के रूप में की गई है। इस संबंध में जानकारी देते हुए झाझा डीएसपी राजेश कुमार ने बताया कि जमुई एसपी को गुप्त सूचना मिली थी कि एक पिकअप वाहन से शराब की बहुत बड़ी खेप झारखंड के गिरिडीह से लेकर सरौन, चकाई होते हुए जमुई की ओर जाने वाला है। सूचना मिलने के बाद जमुई एसपी के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी झाझा के नेतृत्व में एक छापेमारी दल का गठन किया गया। छापेमारी दल ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सरौन के पास जब एक पिकअप वाहन चालक एवं एक कार के चालक को रुकने का इशारा किया तो पुलिस का इशारा देखकर चालक वाहन को लेकर भागने लगा। इसी दौरान पुलिस बल ने खदेड़ कर दुम्मा मोड़ के पास वाहन को पकड़ लिया और चालक एवं उप चालक को भी गिरफ्तार कर लिया जबकि दूसरा वाहन चालक लेकर भाग निकला। वहीं जब पिकअप वाहन की जांच की गईं तो वाहन से 3360 बोतल अंग्रेजी शराब बरामद किया गया, जिसमें कुल मिलाकर 1633 लीटर शराब बरामद किया गया।
वही पुलिस ने गिरफ्तार चालक एवं उप चालक को न्यायिक हिरासत में भेजा गया। छापेमारी अभियान में थानाध्यक्ष कुंज बिहारी, पुअनि दीपक कुमार, बड़कु हांसदा, रशिम प्रभा, सिपाही गौतम कुमार, मो. मुजाहिद, प्रबोध प्रसाद के अलावे अन्य पुलिस कर्मी शामिल थे।
नए बीएनएसएस कानून को अपराधियों के खिलाफ हथियार बनाएगी बिहार पुलिस
-अपराध की काली कमाई जब्त कर पीड़ित परिवारों की मदद करेगी सरकार
-स्पीडी ट्रायल को रफ्तार देने के लिए राज्य के सभी जिलों में गठित होंगे फास्ट ट्रैक कोर्ट
-पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं, भ्रष्ट पुलिस कर्मियों की बेधड़क शिकायत दर्ज कराएं नागरिक : डीजीपी
पटना। संवाददाता। अपराध की दुनिया से बेशुमार संपत्ति अर्जित करने वाले अपराधियों की अब खैर नहीं। ऐसे अपराधी जो अपराध के रास्ते अकूत संपत्ति अर्जित कर उसका इस्तेमाल न्यायालय से खुद को बेगुनाह साबित कराने में करते रहे हैं, उन्हें अब उनकी अवैध संपत्ति भी निर्दोष साबित नहीं करा सकेगी। राज्य पुलिस मुख्यालय ने ऐसे अपराधियों की काली कमाई को जब्त करने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-107 को अपना मुख्य हथियार बना लिया है।
बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार ने कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त किसी भी पुलिस अधिकारी या कर्मी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि किसी व्यक्ति से कोई भी पुलिस अधिकारी या कर्मी रिश्वत की मांग करता है, तो इसकी शिकायत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, विशेष निगरानी इकाई, आर्थिक अपराध इकाई या फिर सीधे राज्य पुलिस मुख्यालय में दर्ज कराई जा सकती है। उन्होंने कहा कि अपराधियों को उनके किए की सजा दिलाने के लिए राज्य पुलिस मुख्यालय की तरफ से जिलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन का प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। राज्य के सभी जिलों में फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन कर न केवल अपराधियों को उनके किए की त्वरित सजा दिलाने की व्यवस्था की जा रही है बल्कि इससे निर्दोष लोगों के साथ-साथ पीड़ितों को भी तत्काल न्याय मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में कुल सौ फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जाएगा।
राज्य के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार सोमवार को सरदार पटेल भवन स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले वर्ष जुलाई माह में देश भर में बीएनएसएस लागू होने से पहले ऐसे अपराधियों की काली कमाई को जब्त करने में काफी मशक्कत का सामना करना पड़ता था। लेकिन कानून में जोड़े गए नए प्रावधानों से अब यह काम आसान हो गया है। पहले इसके लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के स्तर पर कार्रवाई करनी पड़ती थी। ईडी की व्यस्तताओं के कारण अपराधियों की संपत्ति जब्त करने माना काफी समस्याओं का सामना करना पड़ता था। अब डीएसपी स्तर के पुलिस अधिकारियों को यह शक्ति प्राप्त हो गई है, जिससे वे खुद अपराधियों की काली कमाई को जब्त करने का प्रस्ताव न्यायालयों को दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में कुल 1249 थाने हैं। इन थानों में ऐसे पेशेवर अपराधियों की संपत्ति जब्त करने के लिए कुल 1172 अपराधियों को चिन्हित किया गया है। उन्होंने कहा कि चिन्हित अपराधियों में से 239 अपराधियों के विरुद्ध अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों को प्रस्ताव प्राप्त हो चुके हैं और उनकी संपत्ति जब्ती की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इनमें 188 अपराधियों के विरुद्ध न्यायालयों में प्रस्ताव समर्पित कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि नए कानून में अपराधियों की संपत्ति से पीड़ित परिवारों को भी आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
डीजीपी ने कहा कि थानों से भ्रष्टाचार की शिकायतें अक्सर प्राप्त होती रहती है। जबकि पुलिस मुख्यालय भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कृत संकल्पित है। उन्होंने कहा कि यदि कोई भी पुलिस अधिकारी या कर्मी किसी भी मामले में मदद करने के नाम पर रिश्वत की मांग करता है तो इसकी शिकायत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, विशेष निगरानी इकाई, आर्थिक आप्तध इकाई या सीधे राज्य पुलिस मुख्यालय से की जा सकती है। उन्होंने कहा कि भ्रष्ट पुलिसकर्मियों को किसी भी कीमत पर बक्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि निगरानी ब्यूरो द्वारा इस वर्ष जनवरी से 12 जून के बीच कुल एक दर्जन पुलिस पदाधिकारियों पुलिस पदाधिकारियों को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया जा चुका है। इतना ही नहीं, राज्य के विभिन्न जिलों माना इस वर्ष जनवरी से मई माह के बीच कुल 22 पुलिस कर्मियों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। इनमें कुल 15 पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार कर कोर्ट को अग्रसारित कर दिया गया है। साथ ही कुल 66 पुलिस कर्मियों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
स्नातक पार्ट-3 की परीक्षा पहले दिन शांतिपूर्ण आयोजित
चकाई। संवाददाता। प्रखंड मुख्यालय स्थित फाल्गुनी प्रसाद यादव महाविद्यालय चकाई में सोमवार को पहले दिन स्नातक पार्ट 3 की परीक्षा शांतिपूर्ण आयोजित हुई। इस संबंध में जानकारी देते हुए प्रभारी प्राचार्य सह केंद्रधीक्षक डॉ. रविशंकर यादव ने बताया कि मुंगेर विश्वविद्यालय मुंगेर की ओर से फाल्गुनी प्रसाद यादव महाविद्यालय चकाई को परीक्षा केंद्र बनाया गया है, जिसमें पहले दिन सोमवार को शांतिपूर्ण माहौल में परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें प्रथम पाली में 114 परीक्षार्थियों में से 113 परीक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। वहीं एक परीक्षार्थी परीक्षा से अनुपस्थित पाए गए। वहीं दूसरी पाली में 276 में से 267 परीक्षार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया। जबकि 9 परीक्षार्थी परीक्षा से अनुपस्थित पाए गए। परीक्षा के सफल संचालन में परीक्षा नियंत्रक चंद्रशेखर पंडित, प्रो. रामनारायण यादव, शरदेंदु शेखर, विजय कुमार, प्रमोद कुमार बाजपेई, कृष्ण कुमार, करमचंद्र किस्कू, सुशीला कुमारी, संगीता कुमारी, रोहित यादव, शिव शक्ति कुमार, लाडली राज, रामकुमार, अमरनाथ रजक, बसंती कुमारी, राजीव कुमार, रमेश कुमार, नरेश चंद्र, रघुवंश राय, श्याम नंदन यादव, राजकुमार, राजेंद्र यादव सहित अन्य कॉलेज कर्मी मौजूद थे।
निवर्तमान एसपी मदन कुमार आनंद को पुलिस परिवार ने दी समारोहपूर्वक विदायी
जमुई। संवाददाता। निवर्तमान एसपी मदन कुमार आनंद के सम्मान में पुलिस अधीक्षक आवास परिसर स्थित प्रशाल में भव्य विदाई सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। जमुई के पुलिस पदाधिकारी के साथ-साथ समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोग इस अवसर पर मौजूद थे। अभ्यागतों ने विदाई सह सम्मान समारोह में मदन कुमार आनंद के कार्यकाल की जमकर प्रशंसा की और उनकी उपलब्धियों को गिनाया। साथ ही, भविष्य की अग्रिम शुभकामनाएं भी दी।
निवर्तमान पुलिस कप्तान मदन कुमार आनंद ने कहा कि पुलिस परिवार ने जमुई में विधि-व्यवस्था, नक्सलवाद और अपराध नियंत्रण के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय कार्य किए। माओवादियों को औकात बताना, ट्रैफिक व्यवस्था में क्रांतिकारी परिवर्तन, अपराधियों को सलाखों के पीछे धकेलना जैसे कार्यों से जहां आम लोग अमन-चैन से जीवन जी रहे हैं। वहीं अवांछित तत्वों में हड़कंप मचा हुआ है। उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि मैंने कभी-कभी कार्यहित में तल्खी भी दिखाई, जिसके अच्छे परिणाम सामने आए। श्री आनंद ने जिला में अमन का माहौल कायम रखने के लिए पुलिस परिवार को निष्ठा के साथ देय दायित्वों का निर्वहन किए जाने का पाठ पढ़ाते हुए कहा कि पुलिस का कार्य टीम वर्क से होता है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मियों के भरपूर सहयोग मिलने का जिक्र करते हुए कहा कि इसी के चलते नक्सलियों और अपराधियों की नकेल कसी गई और उन्हें सलाखों के पीछे धकेला गया। दर्जनों घटनाओं का उद्भेदन भी इनके सहयोग से ही संभव हो सका। उन्होंने पुलिस परिवार को शुभकामना दी।
अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सतीश सुमन ने आगत अभ्यागतों का अभिनंदन करते हुए कहा कि एसपी मदन कुमार आनंद के मार्गदर्शन में मुझे कार्य करने का अवसर मिला जो मेरे लिए गर्व की बात है। नक्सल गतिविधियों पर लगाम लगाने के साथ अपराधियों की नकेल कसने में उनका कुशल नेतृत्व मेरा ज्ञानवर्धन के साथ क्षमतावर्धन किया।
झाझा एसडीपीओ राजेश कुमार ने मदन कुमार आनंद के कार्यकाल से मिले अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनका आदर्श न केवल कार्य क्षेत्र में बल्कि व्यक्तिगत जीवन में भी लागू कर इंसान महान बन सकता है। उन्होंने कहा कि उनकी न्याय के प्रति प्रतिबद्धता, लंबित कांडों का नियमित अवलोकन और उसके निष्पादन की निगरानी ने जमुई जिला को नक्सलवाद और अपराध नियंत्रण के मामले में विशिष्ट स्थान पर विराजमान किया है।
डीएसपी मुख्यालय मो. आफताब अहमद, डीएसपी रक्षित सुरेश प्रसाद, पुलिस अधिकारी आलोक कुमार, अमरेंद्र कुमार, संजय सिंह, राजू कुमार आदि ने भी समारोह को संबोधित किया और निवर्तमान पुलिस अधीक्षक श्री आनंद के कार्यशैली की खूब तारीफ की।
समारोह के दूसरे भाग में उपस्थित लोगों ने मदन कुमार आनंद को पुष्प गुच्छ, अंग वस्त्र, स्मृति चिन्ह समेत अन्य उपहार प्रदान कर सम्मानित किया तथा उनके स्वर्णिम भविष्य की कामना की।
नवागत एसपी 17 को करेंगे पदभार ग्रहण
जमुई। संवाददाता। बिहार सरकार, गृह विभाग आरक्षी शाखा ने जमुई पुलिस अधीक्षक मदन कुमार आनंद का तबादला कर दिया है। उन्हें बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग का एसपी बनाया गया है। वहीं मुजफ्फरपुर नगर पुलिस अधीक्षक के पद पर आसीन विश्वजीत दयाल को जमुई का नया एसपी बनाया गया है। वे जमुई के 35वें पुलिस अधीक्षक होंगे। गृह विभाग ने अदला-बदली की अधिसूचना जारी कर दी है।
उधर अंत:पुर के नारद मुनि बताते हैं कि नवागत एसपी श्री दयाल 17 जून यानि मंगलवार को प्रभार ग्रहण करेंगे।
निष्ठा के साथ पदाधिकारी व कर्मचारी करें दायित्वों का निर्वहन : श्री नवीन
डीएम ने की विभिन्न विीाागों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक
जमुई। संवाददाता। डीएम बैठक की शुरुआत निर्वाचन विभाग से की और चुनाव से जुड़े कार्यों का अवलोकन किया। इसके बाद श्रावणी मेला की तैयारी की समीक्षा की। 11 जुलाई से पवित्र श्रावण माह शुरू हो रहा है। चकाई प्रखंड के बीडीओ अंकित स्थान पर शिविर लगाना सुनिश्चित करें। महादलित टोलों में गतिमान डॉ.अंबेडकर समग्र सेवा अभियान को और गति दिए जाने की जरूरत है। उज्ज्वला योजना, लोहिया स्वच्छता बिहार अभियान, आधार कार्ड आदि के बारे में जिला कल्याण पदाधिकारी से जानकारी प्राप्त किया और वांछित निर्देश दिए। राष्ट्रीय राजमार्ग 333 एवं 333ए के लिए झाझा से सोनो प्रखंड अंतर्गत भू अर्जन की समीक्षा की और भू अर्जन पदाधिकारी के साथ सीओ को जरूरी निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने जीविका के कार्यों की समीक्षा की। जीविका का महिला संवाद, नगर परिषद क्षेत्र में संचालित मोहल्ला संवाद से संबंधित अद्यतन प्रतिवेदन को देखा और जरूरी निर्देश दिए। डीएम ने जिला अंतर्गत मोबाइल टावर की अद्यतन स्थिति के साथ-साथ योजना विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी ली। डीआरसीसी से जुड़े स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के बारे में जानकारी प्राप्त कर आवश्यक निर्देश दिए। डीएम ने न्यायालय वाद यथा सीडब्लूजेसी, एमजेसी, एक्साइज कोर्ट से संबंधित प्रतिवेदन की समीक्षा की। साथ ही, उच्च न्यायालय में लंबित मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दिए जाने पर बल दिया। उन्होंने पंचायतों में सोलर स्ट्रीट लाइट के अधिष्ठापन से संबंधित विषयों की समीक्षा की और जरूरी निर्देश दिए। उपरांत उन्होंने ऊर्जा विभाग से पीएम सूर्य घर योजना से संबंधित अधतन प्रतिवेदन के साथ मुख्य सचिव के भीसी से संबंधित पिछले माह का पीपीटी एवं अधतन प्रतिवेदन की भी समीक्षा की तथा कई निर्देश दिए गए। उन्होंने प्राप्त आवेदनों को समय पर निष्पादित किए जाने की बात कही।
एडीएम रविकांत सिन्हा, डीटीओ मो. इरफान, सिविल सर्जन डॉ.अमृत किशोर, एसडीएम सौरभ कुमार, डीसीएलआर मो. तारिक रजा , नजारत उप समाहर्ता अमु आमला, ओएसडी नागमणि कुमार वर्मा समेत सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी बैठक में उपस्थित थे। प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी वीडियो कांफ्रेंसिंग से जुड़े और निर्देशों को आत्मसात किया।
लायंस क्लब जमुई के नवनियुक्त अध्यक्ष, सचिव व कोषाध्यक्ष हुए सम्मानित
जमुई। संवाददाता। लायंस क्लब डिस्ट्रक्टि 322 ई. के नए सत्र 2025-26 के लिए नवनियुक्त अध्यक्ष, सचिव एवं कोषाध्यक्षों को प्रमाण-पत्र और पिन देकर सम्मानित किया गया। इसी क्रम में ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल के निदेशक डॉ. मनोज कुमार सिन्हा को जमुई का नया क्लब सचिव नियुक्त किए जाने पर डिस्ट्रीक्ट गवर्नर लायन प्रदीप खेतान ने सम्मानित किया। इस अवसर पर लायन प्रदीप खेतान ने कहा कि लायंस क्लब विश्व के लगभग 200 देशों में सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है और बिहार के सर्वांगीण विकास में भी इसका महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने कहा कि क्लब शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, युवा उत्थान और प्राकृतिक आपदाओं में राहत कार्य जैसे कई सामाजिक क्षेत्रों में निरंतर सक्रिय है। रविवार को आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में क्लब के बिहार प्रदेश के विभिन्न जिलों के अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्षों को क्लब के उद्देश्यों और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति प्रशिक्षित किया गया। कार्यक्रम में बिहार व झारखंड के रीजनल चेयरपर्सन, जोन चेयरपर्सन सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित थे। जमुई से सचिव लायन डॉ. मनोज कुमार सिन्हा, कोषाध्यक्ष अनुपम कुमार और वरिष्ठ पदाधिकारी लायन श्रीकांत केसरी भी कार्यक्रम में विशेष रूप से शामिल हुए। क्लब ने आगामी सत्र में समाजहित में और अधिक सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया।
रोजगार सेवक को पंचायत से किया हटाने की मांग
अलीगंज। संवाददाता। कैथा पंचायत में कार्यरत रोजगार सेवक शंकर सिंह की कार्य में शिथिलता और लापरवाही के साथ लगातार फिल्ड से अनुपस्थित रहने से आजिज होकर पंचायत की मुखिया देवनंदन यादव ने आवेदन देकर डीडीसी व पीओ से रोजगार सेवक को हटाने की मांग किया है। मुखिया ने आवेदन में लिखा है कि पंचायत की विकास योजनाओं में मनरेगा कार्य में रोजगार सेवक की अहम भूमिका होती है, लेकिन बिना सूचना व मोबाइल फोन नही उठाने और विकास योजनाओं में शिथिलता बरतने की आम बात है। इसके पूर्व भी रोजगार सेवक को हटाने को लेकर आवेदन दिया गया था, जो आज तक नही किया गया, जिससे पंचायत में विकास कार्य बाधित पड़ा है। मुखिया ने अविलंब रोजगार सेवक को हटाकर नये रोजगार सेवक को पदस्थापित करने की मांग किया है। पीओ मो असलम हुसैन ने बताया मुखिया का आवेदन पत्र मिला है। यथोचित कार्य किया जाएगा।
जमीन विवाद में मारपीट, तीन घायल, केस दर्ज
चंद्रमंडी। संवाददाता। चंद्रमंडी थाना क्षेत्र के काशरायडीह गांव में जमीन विवाद में एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के तीन लोगों को मारपीट कर घायल कर दिया। इस संदर्भ में घायल प्रमोद दास ने अपने गांव के ही 10 लोगों पर मारपीट कर घायल करने का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया है, जिसमें प्रमोद दास ने कहा है कि मेरे गांव के दिलीप दास, टहलू दास, बलदेव दास, नीरज दास, रेखा देवी, पार्वती देवी, काजल देवी, मिलो देवी ने मिलकर हमारे जमीन पर जबरदस्ती मिट्टी गिराने लगा और मेरे आम पेड़ को काटने लगा। मैं और मेरी मां पद्मावती देवी ने जब इसका विरोध किया तो मेरी मां के साथ गाली गलौज करने लगा तथा डायन तक का आरोप लगा दिया। साथ ही, दिलीप दास ने टांगी से मुझे मार कर घायल कर बेहोश कर दिया तथा मेरी मां को भी मार कर बेहोश कर दिया। जब मेरा भाई राजेश दास बचाने आया तो उसके साथ भी मारपीट की कोशिश की गई। इधर पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच में जुट गई है। प्रमोद दास का आरोप है कि अक्सर वे लोग हम लोगों के साथ मारपीट की घटना को अंजाम देते हैं।
विशोदह में जमीन विवाद में मारपीट कर दो को किया घायल
चंद्रमंडी संवाददाता चंद्रमंडी थाना क्षेत्र के बिशोदह गांव में जमीन विवाद में दो लोगों को मारपीट कर घायल कर दिया गया। घायल चेतन यादव ने बताया कि रविवार को दिन के 12:00 बजे के करीब मेरा गोतीया दिनेश यादव ने मेरे छोटे भाई फाल्गुनी यादव के जमीन पर घेराबंदी करने लगा। जब मेरे भाई ने इसका विरोध किया तो दिनेश यादव गाली गलौज करने लगा। इस बात पर जब मैं जाकर लोगों को समझाने लगा। तो इसी बीच दिनेश यादव, रोहित यादव, बोधी यादव, सुदामी देवी, कुसमा देवी ने मिलकर गाली गलौज करते हुए पत्थर से मेरे माथा में मार दिया, जिससे मेरा सर फट गया। इसी बीच उन लोगों ने मेरे भाई फाल्गुनी यादव को भी पत्थर से मार कर माथा फाड़ दिया, जिसमें हम दोनों भाई घायल हो गए। इधर चेतन यादव के आवेदन पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच में जुट गए है।
”विरासत वृक्ष” घोषित करने के लिए बिहार के 32 वृक्षों का हुआ चयन
-राज्य में 1500 वृक्षों में से 32 विशिष्ट वृक्षों का हुआ चयन
-औरंगाबाद जिले में 500 वर्ष पुराना पाया गया बरगद का वृक्ष
-बिहार हेरिटेज ट्री ऐप से हो रहा है वृक्षों का संरक्षण
पटना, 16 जून। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार ने राज्य की जैव विविधता और सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। बिहार जैव विविधता पर्षद ने पांच जिलों बक्सर, औरंगाबाद, मुंगेर, जमुई और भागलपुर में 32 विरासत वृक्षों को चयनित किया है, जिनमें से 28 वृक्ष 100 वर्ष या उससे अधिक आयु के हैं। चयनित वृक्षों में सबसे अधिक चर्चा का विषय बना है औरंगाबाद जिले के मदनपुर प्रखंड की दक्षिणी उमगा पंचायत में अवस्थित एक विशालकाय बरगद का वृक्ष, जिसकी अनुमानित आयु लगभग 500 वर्ष बताई जा रही है। यह वृक्ष अपने आकार, विस्तार और स्थानीय सांस्कृतिक जुड़ाव के लिए वर्षों से चर्चित रहा है।
बोर्ड ने विरासत वृक्षों के चयन और घोषणा के लिए विस्तृत दिशानिर्देश तैयार किए हैं, जिन्हें सभी जिला पदाधिकारियों और वन प्रमंडल अधिकारियों को भेजा गया है। चयन के लिए मुख्य मानक हैं, वृक्ष की आयु (सामान्यत: तीन पीढ़ियों से अधिक), पौराणिक या ऐतिहासिक महत्व, विशिष्टता, संकटापन्न प्रजाति होना, या वैज्ञानिक शोध के लिए महत्वपूर्ण होना। इन मानकों के आधार पर, पहले चरण में राज्य भर से चिन्हित 1500 वृक्षों में से सघन भौतिक सत्यापन के बाद 32 विशिष्ट वृक्षों को “जैव विविधता विरासत वृक्ष” घोषित करने के लिए अंतिम रूप से चुना गया है।
इन 32 वृक्षों में बरगद-12, पीपल-6 पाकड-3, महुआ-2, नीम-2, खिरनी-1, सेमल 2, गुलर-1, इमली-1, कल्पवृक्ष-1 तथा कनक चम्पा -1 वृक्ष शामिल है। औरंगाबाद का 500 वर्ष पुराना बरगद वृक्ष इस सूची में सबसे प्राचीन है, जबकि अन्य 27 वृक्ष भी 100 वर्ष से अधिक आयु के हैं। शेष चार वृक्षों की आयु 70 से 90 वर्ष के बीच है। इन वृक्षों को आधिकारिक रूप से “जैव विविधता विरासत वृक्ष” घोषित करने की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी, ताकि इन्हें भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जा सके। साथ ही इन वृक्षों के बारे में पता लगाने और संरक्षित करने के लिए एक “बिहार हेरिटेज ट्री ऐप” भी विकसित किया गया है। इस ऐप के माध्यम से आम लोग अथवा जन प्रतिनिधि इस पर अपने जिले, मुहल्ले, पंचायत, ब्लॉक आदि के विशिष्ट वृक्ष की तस्वीरें जीपीएस लोकेशन के साथ डाल सकते हैं। जानकारी सही होने और इन वृक्ष में असल मे विशिष्टता पाए जाने पर उन्हें विरासत वृक्ष की सूची में शामिल किया जाएगा।
प्रकृति न केवल जीवन देती है, बल्कि इतिहास को भी संजो कर रखती है। बिहार की धरती पर खड़े कुछ पेड़ मात्र वृक्ष नहीं हैं, वे साक्षी हैं सदियों पुराने सामाजिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक इतिहास के ऐसे ही विशेष महत्व रखने वाले वृक्षों को ”विरासत वृक्ष” के रूप में चिन्हित करने की प्रक्रिया राज्य में प्रगति पर है।
गिद्धौर प्रखंड कृषि कार्यालय में कर्मियों की मनमानी से किसानों को हो रही परेशानी
- सोशल मीडिया पर वायरल हुआ ड्यूटी के दौरान मोबाइल में व्यस्त कर्मियों का वीडियो
- किसान नेता कुणाल सिंह ने की कार्रवाई की मांग
गिद्धौर। गिद्धौर प्रखंड कृषि कार्यालय में पदस्थापित कर्मियों की लापरवाही और मनमानी के चलते क्षेत्र के किसानों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का आरोप है कि कृषि कार्यालय के कर्मचारी ड्यूटी के समय अपने निजी मोबाइल में व्यस्त रहते हैं और किसानों के जरूरी कार्यों को अनदेखा कर उन्हें इधर-उधर भटकने पर मजबूर कर देते हैं। कृषकों का कहना है कि जब वे अपने कृषि संबंधी कार्यों को लेकर कार्यालय पहुंचते हैं, तो कर्मी बहाने बनाकर टाल-मटोल करते हैं और उन्हें बार-बार लौटाया जाता है। किसान लंबे समय से इस समस्या से जूझ रहे हैं लेकिन विभागीय पदाधिकारियों द्वारा इस ओर कोई गंभीर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। इससे कर्मियों के कार्य व्यवहार में और अधिक लापरवाही देखने को मिल रही है। इस पूरे मामले का एक वीडियो भी इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कृषि कार्यालय के कर्मचारी ड्यूटी समय में मोबाइल पर व्यस्त नजर आ रहे हैं, जबकि किसान परेशान होकर मदद की उम्मीद में खड़े हैं। किसान नेता कुणाल सिंह ने इस स्थिति पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि कृषि विभाग किसानों के हित में कार्य करने के लिए बनाया गया है, लेकिन यहां किसानों को ही उपेक्षित किया जा रहा है। उन्होंने कृषि विभाग के वरीय पदाधिकारियों से मांग की है कि इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर गैर-जिम्मेदार कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि किसानों को समय पर उनके हक का लाभ मिल सके। किसान नेताओं और ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।