हर हर महादेव और बोल-बम के नारों से संपूर्ण वातावरण हुआ भक्तिमय
सुबह से ही जारी रिमझिम फुहार से भगवान के भक्त अधिक उत्साहित दिखे
नाला। संवाददाता। सावन के तीसरी सोमवारी को देवलेश्वर महादेव के दरबार में अहले सुबह से ही कांवरिया एवं साधारण पूजा यात्रियों की अपार भीड़ उमड़ी। सुबह से ही जारी रिमझिम फुहार से भगवान के भक्त अधिक उत्साहित थे। लेकिन बूंदाबांदी बारिश में भींगते हुए नौनिहालों को साथ लेकर पहुंचे महिला श्रद्धालुओं की परेशानी कुछ बढ़ने लगी थी। पहले हम, पहले हम की तरह हर कोई श्रद्धालु भगवान की पूजा और भक्तिभाव से जलाभिषेक कर सुबह सवेरे घर लौटने के लिए व्यस्त थे। यही मुख्य कारण है कि प्रात: करीब चार बजे बाबा का मुख्य द्वार खुलने से पहले ही एक तरफ जहां पूजा की थाली लेकर साधारण पूजा यात्री तो दूसरी ओर पैदल चलकर लंबी दूरी सफर करने वाले गेरुआ वस्त्र धारी कांवरिया का साथ साथ जमावड़ा हुआ, जो अजय, गंगा सहित विभिन्न पवित्र जलाशय से कांवर लेकर पहुंचे हुए थे। हर हर महादेव और बोल-बम जैसे धार्मिक नारों के लगातार गूंजते रहने से संपूर्ण वातावरण भी भक्तिमय हो गया था। बाबा के भक्त भक्ति रस में झुमने लगे थे। ज्ञात हो कि भारी संख्या में उनके आगमन होने से बाबाधाम परिसर में निर्मित घेरे को छोड़कर वे सीधे मंदिर की ओर बढ़ चले जिससे चंद क्षणों के लिए अस्त-व्यस्त का माहौल बन गया। लेकिन बाद में मंदिर कमेटी के सदस्य, पंडा समाज और पुलिस प्रशासन की ओर से उन्हें कतारबद्ध तरीके से मंदिर में प्रवेश करवाया गया। पवित्र सावन महीना की तीसरी सोमवारी होने के कारण महिला पुरुष कांवरिया एवं साधारण पूजा यात्रियों ने उपवास रखकर बाबा का जलाभिषेक किया। ध्यान देने योग्य बात यह भी है कि कांवरियों को भले ही अलग रास्ते से मंदिर के अंदर प्रवेश करवाया जाता है एवं जल्द ही उन्हें बाहर भी निकलने की व्यवस्था की गई है। लेकिन साधारण पूजा यात्री बिना संकल्प पूजा के मंदिर छोड़ना नहीं चाहते हैं। वर्षों पुरानी परंपरा और शंकर भगवान के प्रति प्रगाढ़ आस्था के अनुरूप वे अपने पारिवारिक सुख, शांति और समृद्धि तथा संतानों की नौकरी रोजगार, कारोबार आदि को लेकर पुजारी के माध्यम से संकल्प पूजा करवाते हैं। इतना ही नहीं क्षेत्र के किसान परिवार में पहले उपज यानी आम, अमरूद, केला, कोंहड़ा, कद्दू आदि भी पहले बाबा के दरबार में चढ़ाया जाता है, बाद में किसान सेवन करते हैं। बारिश और आंशिक कष्ट के बावजूद भक्तों द्वारा जलार्पण करने का सिलसिला शाम तक जारी रहा। कांवरियों की सेवा सहायता के लिए स्वास्थ्य एवं जलपान शिविर लगाया गया था। इस धार्मिक उत्सव का शांतिपूर्ण संचालन में पुलिस प्रशासन के साथ-साथ मंदिर प्रबंधन कमेटी के मागाराम विद, प्रफुल्ल कुमार विद, हिरालाल मंडल, राजेश माहता समर्पित भाव से काम किया।
बाल विवाह रोकने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी : डीसीपीओ
कुंडहित। संवाददाता। सोमवार को प्रखंड सभागार एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में बाल विवाह निषेध पदाधिकारी के रूप में प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी के अलावे बतौर हितधारको के रूप में आंगनबाड़ी सेविका उपस्थित थी। कार्यशाला के दौरान जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी अंजू पोद्दार ने उपस्थित बाल विवाह निषेध पदाधिकारी एवं आंगनबाड़ी सेविकाओं से बाल विवाह रोकथाम को लेकर क्षेत्र के लोगों में जागरूकता बढ़ाने की बात कही। ताकि हमारा समाज बाल विवाह रूपी कुरीति से मुक्त हो सके। सरकार बाल विवाह को रोकने पर काफी गंभीर है। उन्होंने कहा कि बाल विवाह पर अंकुश लगाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी है। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों के साथ बाल विवाह के अलावे मिशन वात्सल्य, वन स्टॉप सेंटर, बाल श्रम, बाल शोषण, पोक्सो एक्ट की उपयोगिता को लेकर चर्चा की और सभी से इन मुद्दों पर भी लोगों को की जागरूकता के स्तर को बढ़ाने का प्रयास करने की बात कही। बताया कि मिशन वात्सल्य के तहत 18 वर्ष से कम उम्र के देखभाल से वंचित तथा विधि विवादित बच्चों की पहचान कर उन्हें योजना के लाभ से जोड़ा जा रहा है। बच्चों के हित में हम सभी को जमीनी स्तर पर प्रयास करने की आवश्यकता है। बताया कि विवाह के लिए लड़की की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष एवं लड़कों की 21 वर्ष निर्धारित है। इससे कम उम्र में विवाह दण्डनीय अपराध के श्रेणी में आता है। कहा कि क्षेत्र के बच्चों को सरकार के टोल फ्री नंबर 1098 की जानकारी होनी चाहिए ताकि विपरीत परिस्थिति में वे सरकारी मशीनरी की मदद प्राप्त कर सकें। बच्चे किसी भी स्थान पर खुद को असुरक्षित महसूस करें तो वह तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, बाल कल्याण समिति अथवा नजदीकी पुलिस को सूचित कर सकते हैं। इस अवसर पर प्रखंड विकास पदाधिकारी जमाल राजा, अंचलाधिकारी सीताराम महतो, पुलिस पदाधिकारी तपन सिंह, बाल संरक्षण पदाधिकारी सहित अन्य मौजूद थे।
संगठन सृजन कार्यक्रम को लेकर कांग्रेसियों की हुई बैठक
कुंडहित। नाला। संवाददाता। सोमवार को कुंडहित मुख्यालय स्थित कांग्रेस पार्टी कार्यालय में प्रखंड अध्यक्ष राजेंद्र कुमार घोष की अध्यक्षता में कार्यकर्ताओं की एक बैठक हुई, जिसमें मुख्य रूप से जिला पर्यवेक्षक सह प्रशिक्षक संतोष कुमार राय, जिला उपाध्यक्ष नंदकिशोर सिंह, महिला मोर्चा की पुष्पा राय उपस्थित थी। बैठक के दौरान जिला पर्यवेक्षक सह प्रशिक्षक संतोष कुमार राय ने कहा कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के तत्वावधान में पुरे देश में राहुल गांधी के नेतृत्व में संगठन सृजन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। यह कार्यक्रम जमताड़ा जिला में भी चल रहा है। कहा कि कुंडहित के पर्यवेक्षक हम है और पर्यवेक्षक के होने के नाते गंभीर बारिश के मौसम में भी बैठक कर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के हाथ को मजबूत कर रहे हैं। हम भारत में समानता और लगातर आम आदमी के साथ हो रहे हैं अत्याचार एवं कुकृति को रोकने के लिए सक्षम होने के लिए राहुल गांधी के हाथ को मजबूत करेंगे और कांग्रेस का परचम लहराकर पुरे देश में फिर वापस वहीं सुख शांति की व्यवस्था लागू करेंगे। मौके पर स्थानीय नेता एवं कार्यकर्ता गण उपस्थित थे।
नाला संवाददाता के अनुसार, राष्ट्रीय कांग्रेस के हाथों को मजबूत करने के लिए 30 जुलाई को जिला मुख्यालय में कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए सोमवार को नाला प्रखंड मुख्यालय स्थित कांग्रेस पार्टी कार्यालय में एक चर्चा सभा का आयोजन किया गया। पार्टी के प्रखंड अध्यक्ष समर माजी की अध्यक्षता में आहूत इस सभा में संगठन की अद्यतन स्थिति एवं भावी कार्यक्रम के बारे में महत्वपूर्ण चर्चा की गई है। मौके पर औचक दौरा के क्रम में उपस्थित पार्टी के प्रशिक्षक सह जिला प्रभारी सत्येंद्र राय ने उक्त कार्यक्रम की रूपरेखा, अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी सहित प्रदेश द्वारा जारी किए गए निर्देशों की बारीकी से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी संगठन अपेक्षाकृत अधिक मजबूत करने के लिए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। मौके पर जिला उपाध्यक्ष नंद किशोर सिंह, प्रिया राय, मो गुलशन अली, सनत कुमार माजी, मृत्युंजय बनर्जी, आनंद राय, परिमल दे, लक्ष्मीकांत बनर्जी सहित अन्य मौजूद थे।
भारी बारिश में गिरा विशाल महुआ का पेड़
जामताड़ा-करमाटांड़ मार्ग पर तीन घंटे तक ठप रहा यातायात
जामताड़ा। संवाददाता। जिले में सोमवार को हुई मूसलधार बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। जामताड़ा-करमाटांड़ मुख्य मार्ग पर सहरपुरा और काशीटांड़ के बीच एक विशाल महुआ का पेड़ अचानक सड़क पर गिर गया,जिससे इलाके में लगभग तीन घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप हो गया। इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गई, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्राकृतिक आपदा की तरह गिरे इस पेड़ ने न सिर्फ आम नागरिकों की आवाजाही को प्रभावित किया, बल्कि स्कूली बच्चों, आवश्यक सेवाओं और मालवाहन गाड़ियों की गति को भी पूरी तरह रोक दिया। स्कूल वैनों में फंसे कई बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाए। वहीं माल ढोने वाले ट्रक और दैनिक आवागमन करने वाले लोग भी घंटों सड़क पर फंसे रहे। घटना के बाद सबसे पहले स्थानीय ग्रामीणों ने पहल करते हुए स्वयं पेड़ हटाने का प्रयास शुरू किया। लेकिन पेड़ अत्यधिक विशाल और भारी होने के कारण यह प्रयास पूरी तरह सफल नहीं हो सका। इसके बाद ग्रामीणों ने तुरंत वन विभाग को इसकी सूचना दी। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से पेड़ को काटकर सड़क से हटाया गया।
बिना हेलमेट नहीं मिलेगा पेट्रोल : पुलिस अधीक्षक
एसपी राजकुमार मेहता ने की सख्त पहल
पंप संचालकों को दिया निर्देश
जामताड़ा। संवाददाता। नो हेलमेट, नो पेट्रोल इसी क्रम में जिले के पुलिस अधीक्षक राजकुमार मेहता ने सोमवार को जिले के सभी पेट्रोल पंप संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में एसपी ने पेट्रोल पंप संचालकों से साफ कहा कि बिना हेलमेट किसी भी व्यक्ति को पेट्रोल नहीं दिया जाए।
एसपी मेहता ने कहा कि लोगों का जीवन अनमोल है। आए दिन होने वाले सड़क हादसों में सबसे ज्यादा मौतें बिना हेलमेट बाइक चलाने वालों की होती है। इस गंभीर विषय को देखते हुए हमने यह निर्णय लिया है कि हेलमेट नहीं पहनने वाले दोपहिया चालकों को पेट्रोल नहीं दिया जाएगा। यह नियम सख्ती से लागू किया जाएगा। बैठक के दौरान उन्होंने सभी पेट्रोल पंप संचालकों से सहयोग की अपील की और कहा कि यह अभियान सिर्फ प्रशासन का नहीं, बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। अगर कोई व्यक्ति बिना हेलमेट पेट्रोल की मांग करता है और मना करने पर झगड़ा करता है या जबरन लेने की कोशिश करता है, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पेट्रोल पंप संचालकों की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी पुलिस की होगी।
एसपी ने यह भी निर्देश दिया कि सभी पेट्रोल पंपों पर नो हेलमेट, नो पेट्रोल का बोर्ड लगाया जाए और ग्राहकों को नियमों की जानकारी दी जाए। उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से न सिर्फ दुर्घटनाएं कम होंगी बल्कि लोग ट्रैफिक नियमों के पालन के प्रति भी जागरूक होंगे।
बैठक में कई पंप संचालकों ने प्रशासन के इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि वे इस नियम को पूरी तरह लागू करेंगे और किसी भी तरह की परेशानी की स्थिति में प्रशासन से सहयोग लेंगे। इस अभियान को लेकर जिले में सकारात्मक प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है और उम्मीद जताई जा रही है कि इससे सड़क सुरक्षा में बड़ा सुधार होगा।
चिरेका में ओपन चेस टूर्नामेंट सह आमंत्रण चैंपियनशिप प्रतियोगिता आयोजित
विजेता प्रतिभागियों को मिला पुरस्कार
चित्तरंजन। संवाददाता। चित्तरंजन रेलइंजन कारखाना रेल नगरी स्थित डीवी गर्ल्स स्कूल में 27 जुलाई को ओपन चेस टूर्नामेंट सह आमंत्रण चैंपियनशिप का सफल आयोजन किया गया। चिरेका खेलकूद संगठन की ओर से आयोजित ओपन चेस टूर्नामेंट सह आमंत्रण चैंपियनशिप खेल प्रतियोगिता में शतरंज खेल के महारत खिलाड़ियों ने उत्साह पूर्वक हिस्सा लिया। आयोजित चेस प्रतियोगिता में मुख्य रूप से कर्मचारी, इनके आश्रित और विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने प्रतिभागी के रूप में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया।
मुख्य अतिथि महाप्रबंधक सह संरक्षक/चिरेका खेलकूद संगठन विजय कुमार ने विभिन्न विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया। इस पुरस्कार वितरण समारोह के दौरान चिरेका खेलकूद संगठन के सचिव रविंद्र प्रसाद सह मुख्य सामग्री प्रबंधक ट्रैक्शन मोटर सहित अन्य विभागों के प्रधान अध्यक्ष भी मौजूद थे।
केवि चित्तरंजन और चिरेका की साझेदारी से शिक्षा के नवयुग की ओर कदम
चित्तरंजन। संवाददाता। पीएम श्री केन्द्रीय विद्यालय, चित्तरंजन में विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठक का भव्य आयोजन हुआ, जिसकी अध्यक्षता चिरेका के महाप्रबंधक विजय कुमार ने की। दीप प्रज्वलन और छात्रों के स्वागत गीत व मनमोहक नृत्य से शुरुआत हुई। सत्र 2024-25 की उपलब्धियों, परीक्षा परिणामों और विकास कार्यों पर विस्तृत चर्चा हुई। विजय कुमार ने कहा कि विद्यालय का विकास छात्रों की प्रतिभा पर निर्भर है। चर्चा में रंजन मोहंती, यू.के. मैती, अमित कुमार, अंकुर जैन, सिस्टर हेमामालिनी, बी.पी. नायक, ए.के. चक्रवर्ती, ए.के. तिवारी, मोसर्रत जहां, सुदेशना सरखेल, टेक धारनी समेत कई अधिकारी, शिक्षक और अभिभावकगण उपस्थित रहे। शिक्षा, सहयोग और समर्पण का यह संगम चिरेका और विद्यालय के समग्र विकास की दिशा में एक सशक्त पहल साबित हो रहा है।