मधुपुर/संवाददाता। करौं प्रखंड के विद्यालयों में हुए सोशल ऑडिट को लेकर सात नवंबर को देवघर स्थित आर मित्रा प्लस टू उच्च विद्यालय में जिला स्तरीय जनसुनवाई आयोजित होगी। इसमें करौं प्रखंड के नौ विद्यालयों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। जनसुनवाई की तैयारी को लेकर शनिवार को प्रखंड संसाधन केंद्र में बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी संदीप कुमार मोदी ने की। बैठक में उन्होंने बताया कि जिला स्तरीय जनसुनवाई में प्रखंड स्तर पर उठाए गए मुद्दों और शिकायतों पर चर्चा की जाएगी। इसके लिए संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया। जनसुनवाई में उपविकास आयुक्त, जिला शिक्षा अधीक्षक एवं सोशल ऑडिट टीम के सदस्य मौजूद रहेंगे।
बैठक में लेखापाल मोती रवानी, पंकज कुमार स्वर्णकार, अरुणा इंद्राणी, दीपू रवानी, मोहन वर्मा, सुमन ठाकुर, नकुल दास, मनोज कुमार, चंद्रदेव दास, चौधरी मंडल सहित विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाध्यापक उपस्थित थे।
पाथरोल काली मंदिर में दीप जलाने को उमड़ रहे श्रद्धालु
मधुपुर/संवाददाता। कार्तिक माह में करौं प्रखंड क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध पाथरोल काली मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। प्रतिदिन बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु मंदिर पहुंचकर मां काली की पूजा-अर्चना कर रहे हैं। खासकर महिलाएं मंदिर परिसर में दीप जलाकर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना कर रही हैं। मान्यता है कि कार्तिक और चैत माह में मंदिर में श्रद्धालुओं की विशेष भीड़ जुटती है। काली पूजा नजदीक आने के साथ ही भक्तों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। पाथरोल के अलावा जामताड़ा, देवघर, दुमका सहित पश्चिम बंगाल और बिहार के विभिन्न क्षेत्रों से भी श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं। मां काली के भक्ति गीतों से मंदिर परिसर का वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। श्रद्धालु पूजा-अर्चना के साथ दीप जलाकर मन्नतें मांग रहे हैं। काली पूजा के अवसर पर मंदिर में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन की ओर से सुरक्षा एवं विधि-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर तैयारी की जा रही है।
ऑपरेशन अमानत के तहत आरपीएफ ने यात्री को लौटाया छूटा बैग
मधुपुर/संवाददाता। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने ऑपरेशन अमानत के तहत तत्परता और ईमानदारी का परिचय देते हुए एक यात्री का छूटा हुआ बैग सुरक्षित वापस लौटा दिया। बैग में रखे सामान की अनुमानित कीमत करीब 10 हजार रुपये बताई गई है।
जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 12382 दिल्ली-हावड़ा पूर्वा एक्सप्रेस से यात्रा कर रहे ललित यादव का बैग गलती से आसनसोल स्टेशन पर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उतार लिया गया था। बाद में उक्त व्यक्ति ने बैग आरपीएफ पोस्ट जसीडीह में जमा करा दिया। इसके बाद ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ अधिकारी के माध्यम से सामान मधुपुर पोस्ट पहुंचाया गया। शुक्रवार को बैग के वास्तविक मालिक ललित यादव, पिता गुगन सिंह, निवासी तुरकवास, थाना कोटकासिम, जिला अलवर (राजस्थान), मधुपुर आरपीएफ पोस्ट पहुंचे। यहां आवश्यक पहचान एवं सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरपीएफ अधिकारियों ने उनका बैग सुरक्षित सुपुर्द कर दिया। लंबे सफर के दौरान छूटा सामान वापस मिलने पर यात्री ने राहत जताई और आरपीएफ के अधिकारियों एवं जवानों के प्रति आभार व्यक्त किया।
छठ महापर्व पर गीत-नृत्य और झांकियों से बच्चों ने बिखेरी सांस्कृतिक छटा
मधुपुर/संवाददाता। स्थानीय महेंद्र मुनि सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में शुक्रवार को लोक आस्था के महापर्व छठ की महत्ता, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत से विद्यार्थियों को परिचित कराने के उद्देश्य से सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन विद्यालय के प्रधानाचार्य मदन मोहन मिश्रा एवं उपप्रधानाचार्य शिवनाथ झा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम की शुरुआत गणेश वंदना के सामूहिक गायन से हुई। इसके बाद विद्यार्थियों ने छठ महापर्व पर आधारित गीत, नृत्य, भजन और आकर्षक झांकियों की प्रस्तुति दी। बच्चों ने छठ पूजा की विभिन्न परंपराओं एवं धार्मिक गतिविधियों का मनमोहक चित्रण कर उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम में 100 से अधिक विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उनकी प्रस्तुतियों से पूरा विद्यालय परिसर भक्तिमय हो उठा। इस अवसर पर शिक्षकों ने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजनों से बच्चों को भारतीय संस्कृति, लोक परंपराओं और पर्व-त्योहारों के वास्तविक महत्व की जानकारी मिलती है। इससे नई पीढ़ी अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ती है और सामाजिक आस्था एवं परंपराओं के प्रति सम्मान का भाव विकसित होता है। अंत में कल्याण मंत्र के सामूहिक पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
चपाती में 3.17 करोड़ की लागत से बनेगा उच्चस्तरीय पुल, विधायक ने किया शिलान्यास
चितरा/संवाददाता। सारठ विधानसभा क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार की दिशा में शुक्रवार को महत्वपूर्ण पहल की गई। चितरा-दुलदुली मोड़ मुख्य सड़क पर चपाती गांव के समीप 3 करोड़ 17 लाख रुपये की लागत से उच्चस्तरीय पुल का निर्माण कराया जाएगा। इसका शिलान्यास सारठ विधायक उदय शंकर सिंह उर्फ चुन्ना सिंह ने शिलापट्ट का अनावरण कर किया। इस दौरान दर्जनों समर्थक एवं ग्रामीण मौजूद थे। इसके अलावा विधायक ने नौनी गांव स्थित उत्क्रमित उच्च विद्यालय में दो अतिरिक्त कमरों के निर्माण कार्य की आधारशिला रखी। विद्यालय परिसर पहुंचने पर शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर विधायक ने विद्यार्थियों के बीच कॉपी, कलम सहित अन्य पठन-पाठन सामग्री का वितरण किया। विधायक चुन्ना सिंह ने कहा कि क्षेत्र का सर्वांगीण विकास उनकी प्राथमिकता है। चपाती के समीप उच्चस्तरीय पुल बनने से आसपास के गांवों के लोगों को आवागमन में काफी सहूलियत होगी। विशेषकर बरसात के दिनों में ग्रामीणों को होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। साथ ही सड़क के तीखे मोड़ के कारण होने वाली आवागमन की कठिनाइयां भी कम होंगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना भी जरूरी है। नौनी विद्यालय में दो अतिरिक्त कमरों के निर्माण से विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। क्षेत्र में सड़क, पुल-पुलिया, शिक्षा सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे। मौके पर विभागीय कनीय अभियंता राजेश मंडल, धनंजय राय, अभय कुमार, दिगंबर चौधरी, मुकेश महतो, राजीव महतो, रंगती सिंह, बिशु राय, अरुण महतो, प्रणय राय, रामगति सिंह, मुखिया दिलीप भोक्ता, रोहित राय, राजीव राय, संजय महतो, सौरव शर्मा, अरविंद भोक्ता सहित अन्य उपस्थित थे।
खेत बचाओ अभियान के तहत किसानों को जैविक खेती के प्रति किया जागरूक
- खेत बचेंगे, तभी बचेगी रोटी, मिट्टी स्वस्थ रहेगी तो सुरक्षित रहेंगी आने वाली पीढ़ियां : शशांक शेखर
सारठ/संवाददाता। खेत बचाओ अभियान के तहत शुक्रवार को सारठ प्रखंड की बसहाटांड़ पंचायत अंतर्गत सिकटिया गांव में कृषि जनकल्याण चौपाल का आयोजन किया गया। इसमें किसानों को कृषि भूमि के संरक्षण, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने और टिकाऊ खेती के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम में प्रखंड तकनीकी प्रबंधक सह प्रखंड कृषि पदाधिकारी शशांक शेखर ने किसानों को विभिन्न सरकारी कृषि योजनाओं की जानकारी दी।
उन्होंने जैविक खेती, कृषि यंत्रीकरण, उद्यान विभाग की योजनाओं और प्राकृतिक खेती के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि किसान इस धरती पर प्रकृति के साथ सबसे बड़ा जुआरी है। खेत बचेंगे, तभी रोटी बचेगी और मिट्टी स्वस्थ रहेगी, तभी आने वाली पीढ़ियां सुरक्षित रहेंगी। उन्होंने किसानों से रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग से बचने और धीरे-धीरे प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसान अपनी कृषि भूमि के कुछ हिस्से में परिवार की जरूरत के अनुसार अनाज का उत्पादन जरूर करें। परिवार को सुरक्षित रखने के साथ दूसरों के स्वास्थ्य की रक्षा करना भी जरूरी है। इसके लिए जैविक खाद, वर्मी कंपोस्ट और जैव उर्वरकों का इस्तेमाल बढ़ाना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों को अचानक रासायनिक खाद का प्रयोग बंद नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे उत्पादन प्रभावित हो सकता है। संतुलित उर्वरक का प्रयोग करते हुए धीरे-धीरे जैविक उत्पादों का उपयोग बढ़ाना बेहतर विकल्प है। मौके पर क्रॉप कॉइन प्राइवेट लिमिटेड के ‘पहले जैसा’ ब्रांड के जिला समन्वयक अमन कुमार, प्रखंड समन्वयक विशाल कुमार ने भी कंपनी के उत्पादों एवं जैविक खेती के लाभों की जानकारी दी। इस दौरान दर्जनों महिला एवं पुरुष किसान उपस्थित थे। किसानों ने रासायनिक खाद का प्रयोग कम कर जैविक खाद और प्राकृतिक खेती अपनाने का संकल्प लिया।
धनतेरस पर मधुपुर बाजार में उमड़ी खरीदारों की भीड़, देर रात तक रही रौनक
- इलेक्ट्रिक बाइक और मोबाइल की मांग रही अधिक, महंगाई के कारण पिछले साल की तुलना में बिक्री में कुछ कमी
मधुपुर/संवाददाता। धनतेरस के अवसर पर शुक्रवार को मधुपुर का बाजार खरीदारों की भीड़ से गुलजार रहा। सुबह से ही खरीदारी का सिलसिला शुरू हो गया था, लेकिन शाम ढलते ही बाजार में ग्राहकों का हुजूम उमड़ पड़ा। बर्तन, आभूषण, इलेक्ट्रॉनिक्स, बाइक और मोबाइल की दुकानों पर देर रात तक चहल-पहल बनी रही।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार धनतेरस पर बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है। इसी परंपरा के चलते बर्तनों की दुकानों पर ग्राहकों की अच्छी भीड़ देखने को मिली। खासकर स्टील के बर्तनों की मांग अधिक रही। वहीं, सोना-चांदी की दुकानों में लोगों ने सिक्कों एवं आभूषणों की खरीदारी की। हालांकि, कीमती धातुओं की बढ़ती कीमतों के कारण कुछ ग्राहकों को अपने बजट में कटौती करनी पड़ी। इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में फ्रिज, वाशिंग मशीन और होम थिएटर की खरीदारी को लेकर भी उत्साह देखा गया। इस वर्ष ग्राहकों का रुझान इलेक्ट्रिक बाइक और मोबाइल की ओर अधिक रहा। इलेक्ट्रिक बाइक की मांग को देखते हुए कई ग्राहकों ने बुधवार और गुरुवार को ही बुकिंग करा ली थी। शुक्रवार को बुकिंग की गई बाइकों की डिलीवरी लेने का सिलसिला जारी रहा। सामान्य बाइक की बिक्री भी संतोषजनक रही। इसमें हीरो और होंडा कंपनियों की बाइकों की मांग देखने को मिली। हालांकि, दुकानदारों के अनुसार पिछले वर्ष की तुलना में इस बार बिक्री में कुछ कमी रही। महंगाई का असर बाजार पर साफ दिखाई दिया। इसके बावजूद धनतेरस को लेकर लोगों में खरीदारी का उत्साह बना रहा और देर रात तक बाजार गुलजार रहा।
भीड़ को लेकर पुलिस प्रशासन रहा मुस्तैद : धनतेरस पर बाजार में उमड़ी भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती। गांधी चौक, थाना मोड़, हटिया रोड और डालमिया कूप सहित प्रमुख भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई थी। बाजार में सुचारु आवागमन और लोगों की सुरक्षित खरीदारी सुनिश्चित करने के लिए बड़े वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई गई। इसके अलावा पुलिस की टीम लगातार गश्त करती रही।
धनतेरस पर सारवां बाजार में उमड़ी खरीदारों की भीड़, 25 से 30 करोड़ के कारोबार का अनुमान
सारवां/संवाददाता। धनतेरस के अवसर पर शुक्रवार को सारवां बाजार में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। सुबह से ही बाजार में चहल-पहल शुरू हो गई, जो देर शाम तक जारी रही। सारवां बस स्टैंड से लेकर गोला बाजार तक सड़क के दोनों किनारे सजी दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ देखने को मिली। ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोग खरीदारी करने पहुंचे। धनतेरस को लेकर बाजार में फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक्स, दोपहिया और चारपहिया वाहनों सहित विभिन्न सामानों की दुकानें आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। लोगों ने झाड़ू से लेकर बैटरी चालित स्कूटी, मोटरसाइकिल, कार, फ्रिज, रेफ्रिजरेटर, सिलाई मशीन, अलमीरा, सोफा सेट, पलंग, तोसक, टेबल और कुर्सियों की जमकर खरीदारी की। बर्तन दुकानों में कांसा और पीतल के बर्तनों की मांग रही। वहीं सोना-चांदी की दुकानों में चांदी एवं सोने के सिक्के तथा आभूषण खरीदने के लिए ग्राहकों की भीड़ लगी रही। मान्यता के अनुसार धनतेरस पर नई वस्तुओं की खरीदारी को शुभ माना जाता है। इसी आस्था के साथ लोगों ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार जमकर खरीदारी की। स्थानीय व्यापारियों के अनुसार इस बार धनतेरस पर बाजार में अच्छी बिक्री हुई। सूत्रों के मुताबिक झाड़ू से लेकर वाहन और अन्य सामानों तक का कुल कारोबार लगभग 25 से 30 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।
धनतेरस पर सारठ बाजार में करोड़ों की खरीदारी, देर रात तक रही रौनक
सारठ/संवाददाता। धनतेरस के अवसर पर शुक्रवार को सारठ बाजार में खरीदारों की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह नौ बजे से ही दुकानों में ग्राहकों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया, जो देर रात तक जारी रहा। बाजार में दिनभर चहल-पहल बनी रही और दुकानदारों के चेहरे पर भी रौनक देखने को मिली। धनतेरस को लेकर बाजार की विभिन्न दुकानों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। खासकर बाइक, फ्रिज, अलमीरा, बर्तन और घरेलू उपयोग की अन्य वस्तुओं की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ लगी रही। लोगों ने अपनी जरूरत और सामर्थ्य के अनुसार खरीदारी की। इलेक्ट्रॉनिक्स एवं वाहन दुकानों में भी अच्छी बिक्री होने की बात कही जा रही है। व्यापारियों के अनुसार इस बार धनतेरस पर बाजार में अच्छी बिक्री हुई है। हालांकि कुल कारोबार का आधिकारिक आंकड़ा उपलब्ध नहीं है, लेकिन बाजार में खरीदारी की रफ्तार को देखते हुए करोड़ों रुपये के कारोबार का अनुमान लगाया जा रहा है।
धनतेरस का धार्मिक महत्व : पौराणिक मान्यताओं के अनुसार समुद्र मंथन के दौरान कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। इसी उपलक्ष्य में धनतेरस का पर्व मनाया जाता है। यह पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत का प्रतीक है। इस दिन धन की देवी मां लक्ष्मी, देवताओं के कोषाध्यक्ष कुबेर और भगवान धन्वंतरि की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन नई वस्तुओं और धातुओं की खरीदारी करने से घर में सुख-समृद्धि आती है।
धनतेरस पर बाजार रहा गुलजार
- बाइक-स्कूटी, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स की जमकर हुई खरीदारी
चितरा/संवाददाता। धनतेरस के पावन अवसर पर शुक्रवार को चितरा एवं आसपास के बाजारों में रौनक देखते ही बनी। सुबह से ही बाजारों में खरीदारों की भीड़ देखने को मिला, जो देर शाम तक जारी रही। दीपावली से पहले खरीदारी के इस विशेष अवसर पर लोगों ने अपनी पसंद और बजट के अनुसार जमकर खरीदारी की। बाजार में चहल-पहल से दुकानदारों के चेहरे भी खिले नजर आए। धनतेरस को लेकर बाइक और स्कूटी के शोरूम में विशेष उत्साह देखने को मिला। लोगों ने नए दोपहिया वाहनों की खरीदारी की। वहीं, मोबाइल दुकानों में भी ग्राहकों की अच्छी भीड़ रही। लोगों ने नए मोबाइल फोन के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स के सामान, टीवी, फ्रिज, वाशिंग मशीन, पंखे और अन्य घरेलू उपकरणों की खरीदारी की। इसके अलावा बर्तन, सोने-चांदी के आभूषण, सजावटी सामान एवं पूजा सामग्री की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ लगी रही। इस अवसर पर चितरा के गांधी चौक, तिवारी चौक, टेढ़ी मोड़ और हाटतल्ला के अलावा क्षेत्र के नारंगी मोड़ सहित अन्य स्थानों पर भी खरीदारों की भारी भीड़ देखने को मिली। सुबह से देर शाम तक विभिन्न दुकानों पर ग्राहकों की आवाजाही लगी रही। बाजारों में भीड़ और खरीदारी के उत्साह से पूरे क्षेत्र में त्योहारी रौनक देखने को मिली। दुकानदारों ने भी ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए अपनी दुकानों को आकर्षक ढंग से सजाया था। कई दुकानों में विशेष ऑफर और छूट की व्यवस्था भी की गई थी।
धनतेरस पर शुभ मुहूर्त में खरीदारी करने की परंपरा को लेकर लोगों में खास उत्साह देखा गया। कई परिवारों ने नए सामान की खरीदारी को समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक मानते हुए घर के लिए जरूरी वस्तुएं खरीदीं। त्योहारी खरीदारी के कारण मुख्य सड़कों एवं चौक-चौराहों पर दिनभर रौनक बनी रही। कुल मिलाकर धनतेरस के मौके पर चितरा एवं आसपास के बाजारों में उत्सव जैसा माहौल रहा।
एम्स में जोनल कालाजार एवं वेक्टर जनित रोग पर कार्यशाला आयोजित
देवीपुर/संवाददाता। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), देवघर के सभागार में एनवीबीडीसीपी झारखंड एवं डब्ल्यूएचओ-एनटीडी झारखंड के संयुक्त तत्वावधान में जोनल कालाजार एवं वेक्टर जनित रोगों पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों ने सामूहिक रूप से पौधों में जल अर्पित कर किया।
कार्यशाला में एम्स के पीएसएम विभाग की एचओडी डॉ. जी. जान्हवी, डॉ. बिजित विश्वास, जिला वेक्टर जनित रोग पदाधिकारी डॉ. अभय कुमार यादव, जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार डॉ. गणेश कुमार यादव सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ प्रोफेसर, चिकित्सक एवं पीजी के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे। राज्य वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यालय रांची से आए कालाजार सलाहकार डॉ. अंजुम इकबाल, प्रशिक्षण सलाहकार बीनय कुमार, विश्व स्वास्थ्य संगठन झारखंड के राज्य प्रतिनिधि एवं कोऑर्डिनेटर डॉ. अभिषेक पॉल तथा संथाल परगना के जोनल कोऑर्डिनेटर डॉ. हसीबूर ज़म़न हक ने प्रशिक्षण दिया। इस दौरान पीपीटी के माध्यम से मलेरिया, फाइलेरिया एवं कालाजार जैसी बीमारियों की रोकथाम के लिए सर्विलांस मजबूत करने, केस मैनेजमेंट और डोजियर अपडेट से जुड़े तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई। डॉ. बिजित विश्वास ने कालाजार के लक्षण एवं एपिडेमियोलॉजी पर विस्तार से प्रकाश डाला। एम्स के चिकित्सकों एवं विद्यार्थियों ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम के अंत में जिला वेक्टर जनित रोग कार्यालय की ओर से राज्यस्तरीय सलाहकारों, डब्ल्यूएचओ-एनटीडी कोऑर्डिनेटरों एवं एम्स के वरिष्ठ चिकित्सकों को शॉल और पौधे भेंट कर सम्मानित किया गया। धन्यवाद ज्ञापन जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार डॉ. गणेश कुमार यादव ने किया।