- राजस्व सचिव, उपायुक्त देवघर सहित सात लोग बनाए गए पार्टी
- ईडी भी लिया संज्ञान, कभी भी कर सकती है छापेमारी
देवघर/वरीय संवाददाता। कुंडा थाना क्षेत्र के संथालिया कोठी करनीबाग निवासी दुलारी देवी पति दिवाकर सिंह ने पिछले तीन वर्षों से न्याय की गुहार लगाते हुए दर-दर की ठोकर खाने के बाद झारखंड उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने झारखंड उच्च न्यायालय में आवेदन देकर झारखंड के राजस्व सचिव, देवघर उपयुक्त, देवघर अनुमंडल पदाधिकारी, देवघर अंचकाधिकारी, सब रजिस्टार, बिंदु देवी एवं सुखदेव यादव को आरोपी बनाया है। इस संबंध में झारखंड उच्च न्यायालय में डब्ल्यू पी सी 4584/2023 के तहत सीएनआर/जे एचएचसी 01/029042/2023 दर्ज किया गया है।
ज्ञात हो कि संथालिया कोठी निवासी दुलारी देवी का मकान सुखदेव यादव फर्जी तरीके से पिछले तीन वर्ष पूर्व करोना काल में अपने पुत्री बिंदु देवी के नाम रजिस्ट्री कर दिया गया था। तब से हुए बेघर होकर दुलारी देवी राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृह सचिव, मुख्यमंत्री झारखंड, डीजीपी, मुख्य सचिव, आयुक्त, उपायुक्त देवघर, एसपी, डीएसपी, एसडीओ तथा सीओ सभी को आवेदन देकर न्याय का गुहार लगायी, लेकिन कहीं भी उनके आवेदन को पदाधिकारियों ने संज्ञान नहीं लिया। परेशान होकर दुलारी देवी ने झारखंड उच्च न्यायालय की शरण में पहुंची। पिछले महीने झारखंड कांग्रेस के प्रभारी अविनाश पांडे ने संज्ञान लेते हुए मंत्री आलमगीर आलम को मामले को देखने का निर्देश दिया। वहीं मंत्री श्री आलम ने इस मामले को देवघर उपायुक्त को भेजते हुए जांच कर पीड़िता को न्याय दिलाने का आदेश दिया है। अब देखना है कि न्याय कब तक मिलता है। वैसे तो इस मामले को ईडी ने भी संज्ञान लिया है।
शिक्षकों के अनुभव का लाभ लें विद्यार्थी : प्राचार्य
जसीडीह/संवाददाता। एएस महाविद्यालय देवघर के कला संकाय में शनिवार को 12वीं के छात्र छात्राओं द्वारा 11 वीं के छात्र छात्राओं का स्वागत किया गया। जबकि 12वीं की छात्रा एडिला एवं खुशी ने अपने महाविद्यालय के अनुभव को साझा करते हुए कहा कि इस महाविद्यालय में पठन-पाठन एवं अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम उच्च कोटि का है और गुरुजनों का मार्गदर्शन बेहतरीन है। प्राचार्य को इस स्तरीय शिक्षण के लिये साधुवाद है। वहीं प्राचार्य डॉक्टर अशोक कुमार ने महाविद्यालय में अनुशासन बनाए रखने एवं शिक्षकों के अनुभव का लाभ लेने की सलाह दी। साथ ही कहा कि बच्चों की किसी समस्या के लिये वे हर समय उपलब्ध रहते हैं। प्रो डीपी मंडल ने कहा कि एएस महाविद्यालय पूरे विश्वविद्यालय का सिरमौर कॉलेज है और छात्र-छात्राओं को इसका गर्व होना चाहिए। वे अपनी मेहनत से महाविद्यालय जिला राज्य और देश का नाम रौशन करें। डॉ. आर मालाकार ने कहा कि जूनियर अपने सीनियर से कई बाते सीख कर एक उदाहरण पेश करें। डॉ. एनके द्विवेदी ने पठन-पाठन के क्रम में मोबाइल फोन के प्रयोग एवं अनुशासन हीनता को किसी परिस्थित में असहनीय बताया। संयमित छात्र जीवन ही आपके भविष्य को उज्जवल करेगा। मंच संचालन युवराज सिंह ने किया। इस अवसर पर डॉक्टर किरण पाठक, डॉक्टर भारती प्रसाद, डॉक्टर पुष्प लता, डॉक्टर वाई यादव, खुशी कुमारी, आशीष, सोनम, मुस्कान, सुरुचि, आकाश, अंजली, प्रीति एवं ओमप्रकाश आदि उपस्थित थे।