सोनरायठाढ़ी/संवाददाता। सोनरायठाढ़ी प्रखंड क्षेत्र के ठाढ़ी लपरा पंचायत के सबैजोर गांव निवासी 60 वर्षीय सुरेश राउत का ह्रदगति रुकने से मौत हो गर्यी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सूचना मिलने पर 20 सूत्री उपाध्यक्ष जगदीश नोनिया घटनास्थल पर पहुंचकर दुख जताया। स्थानीय विधायक सह पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख ने फोन कर दुख जताया व आर्थिक मदद करने की बात कही। मृतक के दो पुत्र दीपक राव संजय राव दूसरे राज्य में काम करते हैं।
कलश स्थापन के साथ आज से शुरू होगी माघी गुप्त नवरात्रि
देवघर/वरीय संवाददाता। कलश स्थापना के साथ आज शनिवार से माघी गुप्त नवरात्रि की शुरुआत होगी। ज्योतिषाचार्य महर्षि डॉ जाह्नवी ने बताया कि अभिजीत मुहूर्त का समय अलग-अलग स्थानों में अलग-अलग होता दिख रहा है। जो दिन के 11:28 से शुरू हो 12:13 (कोलकाता के समयानुसार) तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त में किए गए कोई कार्य शुभ लाभकारी साथ ही सफलता मिलती है। पश्चिम बंगाल में तंत्र साधना सिद्धियां अर्जित करने की पुरातन परंपरा है। उन्होंने बताया कि गुप्त नवरात्र का धार्मिक महत्व है। मां सर्वशक्तिमान सच्चे हृदय से आराधना उपासना करने वाले साधकों को मां सफलता प्रदान करती है। दोनों ही गुप्त नवरात्र में सिद्धियां प्राप्त करने हेतु नौ दिनों तक नौ शक्तियों की साधना सिद्धियां प्राप्त करने हेतु अनुष्ठान हवन, ध्यान, तांत्रिक मंत्रों, शाबर मंत्रों की सिद्धियां प्राप्त करने हेतु कठोर हठ योग, जप कर सिद्धियां प्राप्त करते हैं इस मास में की गई साधना सिद्धियां अर्जित किया जाना अमोघ फलदायिनी होता है, तांत्रिकों के लिए मानें ब्रह्मास्त्र की प्राप्ति के समतुल्य माना जाता है। इस माह की प्रतीक्षा में साधना सिद्धियां प्राप्त करने की तैयारियां पिछले लंबे समय से करते हैं। यों कर्म धर्म कभी निष्फल नहीं जाता है,सद्कर्मों का, हठधर्मिता का तो विशेष रूप से फ़ल मिलता है। सनातन धर्म संस्कृति में पुजा,पर्व त्यौहार देवी-देवताओं के पूजा-पाठ, अर्चना उपासना आराधना का विशेष महत्व है।
इस वर्ष के गुप्त नवरात्र का अति उत्तम योग संयोग है। वर्ष में दो गुप्त नवरात्र माघ और आषाढ़ दोनों ही माह में होते हैं। इस वर्ष के माघ महीने की गुप्त नवरात्र माघ शुक्ल पक्ष प्रतिपदा 10 फरवरी 2024 शनिवार से प्रारंभ होगा,जो अनुपम योग-संयोग से कई शुभादिशुभ योग के साथ विशेष धार्मिक महत्व है इसमें आदि शक्ति देवी मां नवदुर्गा का आगमन हो रहा है। नवरात्र में देवी मां के नौ दिनों तक मां के नौ रूप नौ शक्तियों की विधिवत विधि-विधान पूर्वक अनुष्ठान किए जाते हैं खासकर जो विद्वान दैवज्ञ तांत्रिक कर्मकांडी आराधना उपासना और गुप्त तांत्रिक साधना भी करते हैं, इस बार तो मां की असीम कृपा से शनिवार से होने वाले गुप्त नवरात्र का विशेष महत्व बढ़ गया है। देवी मां दुर्गा के लिए शनिवार का दिन अतिशुभ माना जाता है। जो अतिआवश्यक और शुभ के संकेत हैं। देवी मां को समर्पित नौ रातें ही नवरात्र कहलाती हैं सनातन संस्कृति में मां नौ दुर्गाओं की की चार नवरात्र होती है, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा और आश्विन शुक्ल प्रतिपदा से प्रत्यक्षदर्शी नौ रात्रि और दो अप्रत्यक्ष जिसे गुप्त नवरात्र माघ शुक्ल पक्ष प्रतिपदा और आषाढ़ शुक्ल पक्ष प्रतिपदा से नवमी तक निश्चित नौ शक्तियों की गुप्त साधना सिद्धियां प्राप्त करने हेतु की जाती है।