दोनों ब्लॉक को एकीकृत कर 54.89 मिलियन टन संसाधन वाला ब्लॉक विकसित
नीलामी से बिहार को खनन क्षेत्र में निवेश, रोजगार और औद्योगिक लाभ मिलेगा
पटना। संवाददाता। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि जमुई जिले के मजोस-भंटा ब्लॉक की ई-नीलामी प्रक्रिया के लिए अनुमानित आरक्षित मूल्य यानि रिजर्व प्राइस स्वीकृत किया गया है।
श्री चौधरी ने कहा कि मजोस और भंटा मैग्नेटाइट (लौह अयस्क) ब्लॉक को एकीकृत कर संयुक्त मजोस-भंटा ब्लॉक बनाया गया है। इसकी ई-नीलामी प्रक्रिया के लिए 4325.76 करोड़ रुपये का अनुमानित आरक्षित मूल्य स्वीकृत किया गया है। श्री चौधरी ने बताया कि दोनों ब्लॉकों में एक ही प्रकार का अयस्क (मैग्नेटाइट) है और उनकी सीमाएं भी आपस में जुड़ी हुई है। मजोस ब्लॉक में 48.4 मिलियन टन जबकि भंटा ब्लॉक में 6.49 मिलियन टन संसाधन हैं, जिन्हें एकीकृत कर कुल 54.89 मिलियन टन संसाधन वाले संयुक्त ब्लॉक के रूप में विकसित किया गया है। उन्होने कहा कि एकीकृत करने से खनन प्रक्रिया आसान होगी, संसाधन की क्षति रुकेगी और नीलामी में अधिक प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित होगी। इससे पहले रोहतास जिले के भोरा-कटरा लाईम स्टोन ब्लॉक की निलामी सफल रही है।
श्री चौधरी ने कहा कि मजोस-भंटा ब्लॉक की ई-नीलामी के लिए स्टेट बैंक कैपिटल मार्केट्स लिमिटेड को ट्रांजैक्शन एडवाइजर और मेटल स्क्रैप ट्रेड कॉरपोरेशन लिमिटेड को नीलामी प्लेटफॉर्म के रूप में नियुक्त किया गया है। आरक्षित मूल्य की गणना भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण द्वारा आंकलित खनिज उपलब्धता और भारतीय खान ब्यूरो द्वारा जारी दरों के आधार पर की गई है। उपमुख्यमंत्री चौधरी ने कहा कि इस नीलामी से बिहार को खनन क्षेत्र में नए निवेश, रोजगार के अवसर और राजस्व वृद्धि के साथ-साथ औद्योगिक विकास का भी लाभ मिलेगा।
अभाविप ने किया कुलपति व परीक्षा नियंत्रक का पुतला दहन
चकाई। संवाददाता। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद प्रखंड इकाई चकाई की ओर से मंगलवार को फाल्गुनी प्रसाद यादव महाविद्यालय चकाई के परिसर में मुंगेर विश्वविद्यालय के कुलपति एवं परीक्षा नियंत्रक का पुतला दहन किया। मौके पर मामले की जानकारी देते हुए दक्षिण बिहार जनजातीय छात्र प्रांत प्रमुख कृष्ण गोपाल राय ने बताया कि बीते दिनों मुंगेर विश्वविद्यालय द्वारा स्नातक सेमेस्टर एक का जो परीक्षा परिणाम जारी किया गया है, उसमें भारी गड़बड़ी है। मेधावी छात्र-छात्राओं को औसत नम्बर दे दिया गया है। कई बच्चों को फेल कर दिया हुआ है। परीक्षा परिमाण को देखने से यह साफ प्रतीत होता है कि कापियों का सही तरीके से मूल्यांकन नहीं किया गया है। यह बच्चों के भविष्य के साथ सीधे तौर पर खिलवाड़ है। वहीं जिला सह संयोजक दीपक चौधरी ने बताया कि परीक्षा परिणाम मनमाने तरीके से जारी कर दिया गया है। जो छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए हैं, उन्हें भी अनुपस्थित कर दिया गया है। वहीं नगर मंत्री सौरभ कुमार ने बताया कि मनमाने तरीके से परीक्षा परिमाण के जारी कर देने से बड़ी संख्या में विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है।
साथ ही, उन्होंने कहा कि पहले पीपीआई कॉलेज में अध्ययनरत विद्यार्थियों का परीक्षा केंद्र विशनपुर में स्थित डॉ अरविंद कुमार डिग्री कॉलेज में बनाया जाता था। लेकिन इस बार इसे बदलकर जमुई कर दिया गया है। इससे परीक्षार्थियों को 15 किलोमीटर की जगह 70 किलोमीटर की दूरी तय कर परीक्षा केंद्र पहुंचना होगा। उन्होंने तत्काल कुलपति से पुन: परीक्षा केंद्र डॉ अरविंद कुमार डिग्री कॉलेज में निर्धारित करने की मांग की।
मौके कॉलेज अध्यक्ष राकेश कुमार गुप्ता, एससी एसटी छात्र प्रमुख साजन कुमार, पर एसएफडी प्रमुख निरंजन कुमार, नगर सह मंत्री कुंदन कुमार राय, पवन कुमार पोद्दार, गौतम कुमार वर्मा, सूरज कुमार वर्मा, रवि रंजन मालाकार, रिया कुमारी हांसदा, काजल कुमारी हांसदा, पिंकी सोरेन, प्रियंका सोरेन, सुशीला मरांडी, गीता हांसदा, प्रीति कुमारी, सोनी कुमारी, रितिका कुमारी, कविता सोरेन उपस्थित थे।
झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन पर शोक सभा, दी श्रद्धांजलि
चकाई। संवाददाता। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रहे दिशोम गुरु शिबू सोरेन के निधन की सूचना के बाद शोक की लहर दौड़ पड़ी। सभी राजनीतिक दल, सामाजिक संगठन ने दिशोम गुरु के निधन पर दु:ख प्रकट किया गया। वही मंगलवार को राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद सह सिद्धू कान्हू समिति चकाई की ओर से मोहलिया मोड़ के पास सिद्धू कान्हू प्रतिमा स्थल के पास झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के निधन पर शोक सभा आयोजित कर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी।
राष्ट्रीय आदिवासी एकता परिषद के जिला अध्यक्ष जीतलाल हांसदा ने कहा कि शिबू सोरेन के जीवन से सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए। उन्होंने आदिवासी समाज के अधिकारों एवं सामाजिक न्याय के लिए जो संघर्ष किया, वह हम सभी के लिए प्रेरणा एवं हमेशा स्मरणीय रहेगा। वही मौके पर समिति के अध्यक्ष मुन्शी हेंब्रम, दिनेश मुर्मू, सोनेलाल मरांडी, शिक्षा सेवक प्रखंड अध्यक्ष बिशुनदेव मुर्मू, विनोद किस्कू, विषना हेमंत, सचिव विनय हांसदा, रेलवे सेवानिवृत्त कर्मचारी पुरन हांसदा, उपाध्यक्ष सुदाम हेंब्रम, रसमुन्नी मरांडी, शांती मुर्मू, मोतीलाल हांसदा, गुलाब बास्के, रंजित हेंब्रम आदि लोग मौजूद थे।
लायंस क्लब ने शुरू किया मां की रसोई
जरूरतमंदों को कराया गया नि:शुल्क भोजन
जमुई। संवाददाता। जमुई शहर में कई लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें दूसरों का पेट भरने के बाद असीम सुख की अनुभूति होती है। लायंस क्लब जमुई ने इसी सुख को प्राप्त करने के लिए शहर के महाराजगंज स्थित काली मंदिर के परिसर में जरूरतमंदों के लिए नि:शुल्क भरपेट भोजन की व्यवस्था की है। क्लब ने इस योजना का नाम मां की रसोई दिया है। लायंस क्लब के सौजन्य से अंकित मंदिर में हर मंगलवार को जरूरतमंदों को नि:शुल्क भरपेट भोजन मिलेगा। शहरवासी क्लब के इस पावन कार्य की मुक्त कंठ से सराहना कर रहे हैं।
लायंस क्लब जमुई के अध्यक्ष राजीव रंजन भालोटीया ने सेवा कार्य का फीता काटकर और थाली बांटकर शुभारंभ करते हुए कहा कि जरूरतमंदों को भरपेट भोजन कराना क्लब का आदर्श संस्कार और संस्कृति का हिस्सा है। उन्होंने नामित लोगों से इसका लाभ लेने की अपील की।
क्लब के सचिव डॉ. मनोज कुमार सिन्हा ने बताया कि यह सेवा कार्य सप्ताह के प्रत्येक मंगलवार को किया जाएगा। उन्होंने मां की रसोई के शुभारंभ तिथि को चार सौ से ज्यादा लोगों को भरपेट भोजन कराए जाने की जानकारी देते हुए कहा कि यह व्यवस्था पूर्णत: नि:शुल्क है। उन्होंने लोगों के सहयोग के लिए आभार जताया। वहीं क्लब के कोषाध्यक्ष अनुपम कुमार ने बताया कि मां की रसोई के पहले दिन थाली में पूड़ी, सब्जी व बुंदिया का वितरण किया गया। लोगों ने बड़े चाव से इसका लुफ्त उठाया।
नगर परिषद के मुख्य पार्षद मो. हलीम, लायंस क्लब जमुई के नामित जन श्रीकांत केशरी, विजय कुमार सर्राफ, रविन्द्र बरनवाल, राहुल केशरी, डॉ. अंजनी कुमार सिन्हा, डॉ. एस एन झा, डॉ. रिंकी आदि ने जरूरतमंदों को भोजन की थाली बांटकर सहयोग किया। प्रथम दिन मां की रसोई ने जमुई के इतिहास में नया अध्याय जोड़कर लोगों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी है। लायंस क्लब के इस पुनीत कार्य की सर्वत्र सराहना की जा रही है।
जमुई में फिर मिला दुर्लभ प्रजाति का उल्लू
अंतरराष्ट्रीय बाजार में लाखों की कीमत
सोनदीपी गांव में रात में खाट के नीचे छिपा मिला ब्राउन बार्न आउल
वन विभाग ने सुरक्षित किया, दो दिन निगरानी के बाद जंगल में छोड़ा जाएगा।
जमुई। संवाददाता। जिले के लक्ष्मीपुर प्रखंड के सोनदीपी गांव में सोमवार रात एक दुर्लभ प्रजाति का ब्राउन बार्न आउल मिलने से हड़कंप मच गया। यह घटना मलयपुर वन क्षेत्र के अंतर्गत हुई है। गांव के निवासी विकास कुमार यादव रात लगभग दो बजे घर के बरामदे में खाट पर सो रहे थे, तभी अचानक खाट के नीचे से तेज फड़फड़ाहट और डरावनी आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर घबराए विकास ने परिजनों को जगाया। जब परिवार वालों ने मिलकर रोशनी की तो देखा कि खाट के नीचे एक ब्राउन रंग का उल्लू बैठा है। वहीं परिजनों ने सावधानीपूर्वक उल्लू को पकड़ा और उसे एक कमरे में सुरक्षित बंद कर दिया। पूरी रात जागकर परिवार के लोगों ने उसकी निगरानी की।
सुबह होते ही यह खबर पूरे सोनदीपी गांव में फैल गई। उल्लू को देखने के लिए ग्रामीणों की भीड़ विकास के घर पर उमड़ पड़ी। विकास कुमार ने उल्लू के एक पैर में रस्सी बांधकर सुरक्षित रखा और तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी। जिसके बाद मंगलवार दोपहर को वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और उल्लू को रेस्क्यू कर अपने साथ ले गई। मौके पर वन आरक्षी नीलू पासवान ने बताया कि यह उल्लू दुर्लभ प्रजाति का बार्न आउल है, जो भारत में कम ही दिखाई देता है। यह अभी बच्चा है और इसका वजन लगभग 700 ग्राम है। अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में इसकी कीमत लाखों रुपये तक आंकी जाती है। उल्लू की डॉक्टर से जांच कराई जाएगी और दो दिन तक निगरानी में रखने के बाद उसे जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया जाएगा।
बताते चलें कि जमुई में पहले भी मिल चुके हैं दुर्लभ उल्लू। गौरतलब है कि 14 जुलाई को भी जमुई शहर के बिहारी मोहल्ले में एक बड़े सफेद रंग के उल्लू का रेस्क्यू वन विभाग की ओर से किया गया था, जिसकी कीमत 20 से 30 लाख रुपये तक बताई गई थी।
वहीं वन विभाग ने ऐसे में आम जनता से अपील की है कि इस तरह के दुर्लभ जीव मिलने पर तुरंत सूचना दें और उन्हें हानि पहुंचाने या बेचने की कोशिश न करें, क्योंकि यह वन्य जीव संरक्षण कानून के तहत गंभीर अपराध है।
अत्यधिक बाढ़ और नहर के पानी से दर्जनों गांव जलमग्न, किसानों को भारी नुकसान
जमुई प्रखंड के बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में हजारों एकड़ जमीन का हुआ फसल बर्बाद जमुई। संवाददाता।
जमुई प्रखंड के बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में भारी बारिश और गढ़ी डैम की नहर से छोड़े गए पानी के कारण दर्जनों गांव जलमग्न हो गए हैं। इसके चलते मझंवे पंचायत, काकन एवं कुंदरी संकुरहा पंचायतों के हजारों एकड़ में लगी खरीफ फसल विशेषकर धान की बुआई पूरी तरह गलकर बर्बाद हो गई है। इस आपदा से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों ने भाजपा नेता विकास सिंह को फोन पर फसल नुकसान की सूचना दी, जिसके बाद श्री सिंह ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित अंचलाधिकारी और आपदा प्रबंधन विभाग से बर्बाद फसलों का सर्वेक्षण करवाने का अनुरोध किया।
अंचलाधिकारी ने मंगलवार को प्रभावित गांवों का दौरा कर किसानों से मुलाकात की और नुकसान की जानकारी ली। स्वयं विकास सिंह ने भी लखन धनामा, छठु धनामा, संकुरहा सहित कई गांवों का मुआयना किया और किसानों को आश्वासन दिया कि सरकार से राहत राशि दिलाने के लिए प्रयास किया जाएगा।
श्री सिंह के साथ अमोद कुमार, निरंजन साह, भगवान कुमार, दिवाकर चंद्रवंशी, विक्रम कुमार, दिलीप ठाकुर, त्रिपुरारी सिंह सहित कई स्थानीय कार्यकर्ता उपस्थित थे।
वैश्य समाज की चट्टानी एकता का परिचय बना भव्य रोड शो और महासम्मेलन
राजनीतिक हिस्सेदारी की मांग को लेकर उठा सशक्त स्वर
जमुई। संवाददाता। जिले में संपूर्ण वैश्य कल्याण महासभा के बैनर तले एक विशाल रोड शो और भव्य महासम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्पष्ट था वैश्य समाज की एकता का प्रदर्शन करते हुए राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक हिस्सेदारी की पुरज़ोर मांग।
कार्यक्रम में वैश्य समाज के सैकड़ों लोग शामिल हुए और रोड शो के जरिए जमुई शहर की सड़कों पर अपनी एकजुटता का परिचय दिया। इस दौरान जमुई जिला वैश्य कल्याण महासभा के अध्यक्ष प्रकाश कुमार भगत ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार में वैश्य समाज की जनसंख्या 22 से 24 प्रतिशत के बीच है, लेकिन इसके बावजूद हम आज भी राजनीतिक और सामाजिक रूप से हाशिए पर हैं। हमारे ही वोटों से विधायक और सांसद बनते हैं, फिर भी हमें वह सम्मान और हिस्सेदारी नहीं मिलती जिसकी हम हकदार हैं।
उन्होंने कहा कि वैश्य समाज को तोड़ने की कोशिशें होती रही है, लेकिन अब समय आ गया है कि हम सब जातियों और उपजातियों को छोड़कर एक वैश्य, एक पहचान के सिद्धांत पर आगे बढ़ें। अब हम केवल वोट देने वाले नहीं, वोट लेने वाले बनेंगे। जिसकी जितनी हिस्सेदारी, उसकी उतनी साझेदारी, यही हमारा मूल मंत्र है।
महासम्मेलन में वक्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि अब वैश्य समाज राजनीतिक दलों को यह संदेश देना चाहता है कि यदि वे जमुई जिले की सीटें जीतना चाहते हैं, तो वैश्य समाज को प्रतिनिधित्व देना ही होगा।
प्रकाश भगत ने यह भी कहा कि जब बिहार में 1 से 3 प्रतिशत वाले समाज सत्ता चला सकते हैं, तो 22 प्रतिशत वाला समाज क्यों नहीं? हम सब मिलकर अपने अस्तित्व, प्रतिष्ठा और भागीदारी के लिए संघर्ष करेंगे।
सभा में यह भी चर्चा हुई कि किस प्रकार वैश्य समाज को लगातार प्रशासनिक उपेक्षा और अपराधियों की प्रताड़ना झेलनी पड़ती है। साथ ही, यह भी संदेश दिया गया कि यह किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध का मंच नहीं, बल्कि वैश्य समाज की गरिमा और अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुटता का मंच है। सभा के अंत में उपस्थित लोगों ने एक रहो, संघर्ष करो, अधिकार लो के नारे के साथ कार्यक्रम को विराम दिया और आगामी विधानसभा चुनावों में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया। मौके पर भव्य रोड शो और महासम्मेलन के अवसर पर पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।
रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ ने चलाया जागरुकता अभियान
जामताड़ा। संवाददाता। पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल, पोस्ट जामताड़ा की ओर से मंगलवार की शाम प्लेटफार्म संख्या एक एवं दोपहर जागरूकता अभियान चलाया गया। इस दौरान आरपीएफ कर्मियों ने स्टेशन परिसर में मौजूद यात्रियों को रेलवे के नियमों से अवगत कराया। साथ ही, ट्रेन में सफर करते वक्त सावधानियों को बरतनी चाहिए, इसके बारे में विस्तृत जानकारी दी। बताया कि बिना उचित कारण के जंजीर न खींचें। महिला डिब्बा में पुरुष यात्रा न करें। यात्रा के दौरान एक प्लेट फार्म से दूसरे प्लेट फार्म पर जाने के लिए उपरी पूल का प्रयोग करें। बताया कि किसी भी प्रकार की असुविधा होने पर रेलवे सहायता नम्बर 139 नम्बर पर सुचना दे सकते हैं। ट्रेन पर पत्थर न फेंके। ट्रेन के दरवाजों और पायदान पर लटक कर यात्रा न करें। ऐसा करने पर आप दंड के भागी होंगे, जेल और जुर्माना भी हो सकता है। आरपीएफ की ओर से यह जागरूकता अभियान नियमित रूप से चलाया जा रहा है जिसमें सत्यमेव जयते फाउण्डेशन का भी सहयोग है। जागरूकता अभियान में एएसआई एमडी ए खान, हेड कांस्टेबल प्रभाकर दास, कांस्टेबल पप्पू कुमार सहित काफी संख्या में रेल यात्री उपस्थित थे।
ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल के निदेशक का मनाया 64वां जन्मदिन
जमुई। संवाददाता। जमुई का निजी शिक्षण संस्थान ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं अन्य संबंधित जनों ने विद्यालय के प्रशाल में अपने चहेते निदेशक डॉ. मनोज कुमार सिन्हा का चौंसठवां अवतरण दिवस उल्लास और उमंग के वातावरण में मनाया। मौके पर शिक्षक शिक्षिकाओं ने जहां उपहार और कार्ड से पावन अवसर को यादगार बनाया। संभ्रांत जनों की टोली ने कविता, कहानी और प्रेरक प्रसंग सुनाकर समारोह को नई दिशा देने के साथ इसे नया आयाम प्रदान किया। पाठशाला परिवार ने निदेशक डॉ.सिन्हा के अवतरण दिवस पर तैयार खास बर्थडे केक को जैसे ही काटा, प्रशाल हैप्पी बर्थडे टू यू …. जैसे नारों से गूंज उठा। अवतरण दिवस पर आयोजित समारोह में लजीज व्यंजन परोसे गए , जिसका मेहमानों ने जमकर रसास्वादन किया। पूरे कार्यक्रम का संचालन विजय कुमार सोनू ने साहित्यिक अंदाज में किया और खूब तालियां बटोरी।
राज्य उद्घोषक डॉ.निरंजन कुमार, विद्यालय की सचिव कुसुम सिन्हा, प्राचार्य ऋतुराज सिन्हा, नीरज सिन्हा, सीमांतानी जाना हाजरा, सुजाता कुमारी, प्रिया कुमारी, अपराजिता धीवर, राजेश रौशन, अश्विनी कुमार, अनंत कुमार, विकास शर्मा, बीपी. गुप्ता, सुबोध कुमार, यशवंत वर्मा, प्रवीणा, पुष्पा क्षेत्रीय, जैनब, सोनल कुमारी सरीखे हस्तियों ने इस पावन अवसर पर अपनी मौजूदगी दर्ज की और चहेते निदेशक को असीम, अशेष, अनंत, अमूल्य, असीमित, अनगिनत और अजर-अमर शुभकामना के साथ मंगल आशीर्वाद दिया। अवतरण दिवस पर आयोजित समारोह उल्लास और उमंग के वातावरण में संपन्न हो गया।