पालोजोरी/संवाददाता। पालोजोरी पुलिस ने 16 वर्षीय किशोरी के साथ दुष्कर्म के प्रयास के आरोपी को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जानकारी हो कि पालोजोरी थाना क्षेत्र के एक 16 वर्षीय किशोरी के साथ इसी गांव के 26 वर्षीय फरीद अंसारी नामक युवक ने किशोरी के घर में घुसकर दुष्कर्म करने का प्रयास किया। किशोरी के द्वारा विरोध किए जाने के बाद और आसपास के लोगों को सूचना होने के बाद आरोपी युवक वहां से फरार हो गया। इस घटना के बाद गांव में तनाव की स्थिति बन गई थी और लगातार पुलिस प्रशासन से आरोपी युवक की गिरफ्तारी की मांग की जा रही थी। पालोजोरी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को 24 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। कुछ दिनों पहले भी एक 5 वर्षीय बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले में पालोजोरी पुलिस ने कुछ घंटे के अंदर ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
सड़क निर्माण से पहले भी जलजमाव और सड़क निर्माण के बाद भी जलजमाव
- सड़क निर्माण की मज़बूती पर सवाल, जलजमाव से संक्रामक बिमारियों का बढ़ा खतरा
पालोजोरी/संवाददाता। पालोजोरी के पोस्ट ऑफिस रोड के रहने वालों की तकलीफ दूर होती नहीं दिख रही है। सड़क निर्माण से पहले भी यहां के रहने वाले जलजमाव से परेशान रहते थे और हालिया पीसीसी सड़क निर्माण के बाद भी जलजमाव की स्थिति जस की तस बनी हुई है। लगातार हो रही बारिश का पानी हाल ही में निर्मित पीसीसी के ऊपर ठहर जा रहा है। पीसीसी के ऊपर के साथ-साथ पीसीसी के किनारे भी जल जमाव हो जा रहा है। ऐसे में सड़क निर्माण की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों का कहना है आखिर पीसीसी सड़क का निर्माण किस तरह से किया गया है कि उसके ऊपर जगह-जगह पानी जम जा रहा है पीसीसी पथ पर लगातार जल जमा होने के कारण एक तो पीसीसी की मजबूती पर सवालिया निशान लग गया है, साथ ही लोगों के स्वास्थ्य की समस्या से जोड़कर भी जल जमाव को देखा जा रहा है। प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉक्टर लियाकत ने बताया है कि लगातार जल जमाव के कारण संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है जिससे लोग बीमार पड़ सकते हैं। विभागीय कन्या अभियंता संतोष कुमार मंडल ने इस मामले में बताया कि पानी की निकासी की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि सड़क पर जल जमाव न हो। उन्होंने इसके निरीक्षण की बात कही।
अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस ने की क्राइम समीक्षा बैठक
- लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन और अपराधियों के सत्यापन का निर्देश
सारवां/संवाददाता। पुलिस अंचल निरीक्षक कार्यालय में मंगलवार को इंस्पेक्टर कृष्ण दत्त झा के नेतृत्व में क्राइम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में क्षेत्र में अपराध पर अंकुश लगाने, अपराधियों की गतिविधियों पर निगरानी रखने तथा पुलिस गश्ती को और तेज करने को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान विभिन्न थानों में लंबित कांडों की समीक्षा की गई। लंबित मामलों के अनुसंधान एवं उद्भेदन से संबंधित जानकारी लेते हुए अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनुसंधान पूरा करने का निर्देश दिया गया। पूर्व में दर्ज मामलों का शीघ्र उद्भेदन करने पर भी विशेष जोर दिया गया। इंस्पेक्टर ने क्षेत्र के हाट एवं वार्षिक महोत्सव के दौरान चोरी की घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरतने तथा संवेदनशील स्थानों पर पुलिस गश्ती बढ़ाने का निर्देश दिया। घटित घटनाओं के स्थान का कॉल डंप निकालकर आवश्यक जांच करने की बात कही गई। संदिग्ध अपराधियों का सत्यापन करने और उनकी गतिविधियों पर नजर रखने का भी निर्देश दिया गया। बैठक में जमीन विवाद से जुड़े मामलों को थाना दिवस के दौरान अंचलाधिकारी के माध्यम से निपटाने को लेकर भी चर्चा हुई। पुलिस पदाधिकारियों को आम लोगों के साथ शालीन एवं सभ्य व्यवहार करने तथा फरियादियों की शिकायतों पर गंभीरता से कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। मामला दर्ज करने एवं पीड़ितों को न्याय दिलाने से संबंधित मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इसके अलावा क्षेत्र में अवैध खनन एवं बालू के अवैध उठाव पर रोक लगाने और लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। बैठक में सारवां थाना प्रभारी संदीप कुमार, देवीपुर थाना प्रभारी प्रशांत कुमार, रीडर कुणाल किशोर मंडल सहित अन्य पुलिस पदाधिकारी मौजूद थे।
सिविल सर्जन ने सीएचसी सारवां का किया निरीक्षण
-ओपीडी में मरीजों को कतारबद्ध कर इलाज करने और स्वास्थ्य व्यवस्था दुरुस्त रखने का निर्देश
सारवां/संवाददाता। देवघर के सिविल सर्जन शिव कुमार मिश्रा ने मंगलवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सारवां का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का जायजा लेते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं की जानकारी ली। व्यवस्था में सुधार को लेकर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी एवं स्वास्थ्य कर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के क्रम में सिविल सर्जन ने ओपीडी, ओटी, दंत कक्ष सहित विभिन्न अभिलेखों की जांच की। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों के साथ बैठक कर विभागीय कार्यक्रमों के संचालन में आ रही समस्याओं की जानकारी ली और उनके समाधान को लेकर प्रभारी को आवश्यक निर्देश दिए। एनएचएम के तहत लेबर रूम के रंग-रोगन के साथ अन्य वार्डों में आवश्यकता के अनुसार मरम्मत एवं सुधार कार्य कराने को कहा। ओपीडी के निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों को कतारबद्ध कर व्यवस्थित तरीके से इलाज करने का निर्देश दिया। उन्होंने अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे मरीजों से भी स्वास्थ्य व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली। इसके अलावा कोल्ड चेन रूम, लैब रूम और प्रसव कक्ष का निरीक्षण किया। प्रसव कक्ष में तैनात एएनएम से प्रसव संबंधी कार्य एवं उनके प्रशिक्षण के बारे में जानकारी ली। सिविल सर्जन ने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। सभागार में स्वास्थ्य कर्मियों के साथ बैठक कर सरकार के विभिन्न महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य कार्यक्रमों का लाभ आम लोगों तक पहुंचाने और उनकी नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा। डाटा इंट्री के कार्य में लापरवाही नहीं बरतने को लेकर संबंधित कर्मियों को कड़े निर्देश दिए गए। सिविल सर्जन शिव कुमार मिश्रा ने कहा कि उनके योगदान के बाद यह नियमित निरीक्षण का हिस्सा है। निरीक्षण के दौरान संचालित कार्यक्रमों की जानकारी लेने के साथ स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने, ओटी एवं लेबर रूम के रंग-रोगन और कर्मियों की समस्याओं से अवगत होकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। मौके पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. बीके सिन्हा, डॉ. जगजीवन मुर्मू, डॉ. अनुराधा, मलेरिया निरीक्षक मनोज पांडे, बीडीएम प्रशांत कुमार सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे।
बारिश के बीच देर रात तक गूंजते रहे भक्ति गीत
- बामनगामा में गीत बहार म्यूजिकल ग्रुप ने आयोजित की भव्य भजन संध्या, श्रद्धालुओं ने जमकर लिया आनंद
सारठ/संवाददाता। सारठ प्रखंड क्षेत्र के बामनगामा स्थित बाबा दुबे मंदिर परिसर में गीत बहार म्यूजिकल ग्रुप की ओर से भव्य भजन संध्या का आयोजन किया गया। भक्तिमय माहौल में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु शामिल हुए और देर रात तक भजनों का आनंद लिया। कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भक्ति गीत एवं भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। गायकों की मधुर आवाज और भक्तिमय संगीत से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान हो उठा। भजनों पर श्रद्धालु झूमते और तालियां बजाते नजर आए। भजन संध्या की खास बात यह रही कि कार्यक्रम के दौरान तेज बारिश होने के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। भारी वर्षा के बीच भी बड़ी संख्या में लोग मंदिर परिसर में डटे रहे और भक्ति गीतों का आनंद लेते रहे। श्रद्धालुओं की तालियों और जयकारों से माहौल और भी भक्तिमय हो गया। देर रात तक चले इस आयोजन में कलाकारों ने विभिन्न भक्ति गीतों की प्रस्तुति देकर उपस्थित लोगों को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। बारिश के बीच श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया। कार्यक्रम के दौरान पूरा बामनगामा क्षेत्र भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया।
महेंद्र मुनि सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में विज्ञान-गणित मेले की धूम
- बच्चों ने प्रस्तुत किए 200 से अधिक मॉडल
- उत्कृष्ट मॉडल प्रस्तुत करने वाले विद्यार्थी हुए पुरस्कृत
मधुपुर/संवाददाता। स्थानीय महेंद्र मुनि सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में मंगलवार को विज्ञान एवं गणित मेले का भव्य आयोजन किया गया। मेले में विद्यालय के भैया-बहनों ने विज्ञान और गणित से जुड़े एक से बढ़कर एक आकर्षक एवं ज्ञानवर्धक मॉडल प्रस्तुत कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। दोनों विषयों में विद्यार्थियों द्वारा कुल 200 से अधिक मॉडल प्रस्तुत किए गए। कार्यक्रम के प्रथम सत्र का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ. रत्नाकर भारती, विशिष्ट अतिथि नवीन कुमार उपाध्याय एवं विद्यालय के प्रधानाचार्य मदन मोहन मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। मौके पर मुख्य अतिथि डॉ. रत्नाकर भारती ने कहा कि विज्ञान जीवन के पग-पग में है। गणित के सहयोग के बिना दैनिक जीवन को सुचारू रूप से चलाना संभव नहीं है। विशिष्ट अतिथि नवीन कुमार उपाध्याय ने कहा कि वर्तमान युग विज्ञान और गणित का युग है। विद्यार्थियों को इन विषयों में दक्ष होने के साथ-साथ नए अनुसंधानों के प्रति रुचि विकसित करनी चाहिए। बाल एवं युवा वैज्ञानिकों की प्रतिभा को प्रोत्साहन मिलने से ही देश विकसित राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ेगा। प्रधानाचार्य मदन मोहन मिश्रा ने कहा कि भैया-बहनों में वैज्ञानिक एवं गणितीय सोच विकसित करने के उद्देश्य से विद्यालय में प्रत्येक वर्ष विज्ञान एवं गणित मेले का आयोजन किया जाता है ।
विद्यालय के विज्ञान प्रमुख आचार्य डमरू धर्म सिंह ने मेले के उद्देश्य एवं महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्यार्थी इस आयोजन का बेसब्री से इंतजार करते हैं। मेले के माध्यम से वे अपनी सोच, भावना, प्रतिभा और रचनात्मकता को प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त करते हैं। विज्ञान विषय में सरल मशीन, विद्युत संरक्षण, सेंसर मॉडल, इलेक्ट्रोमैग्नेटिक, वर्किंग ऑफ हार्ट, ऑर्गेनिक फार्मिंग, स्मार्ट सिटी, क्लीन इंडिया कैंपेन एवं नवाचार जैसे विषयों पर मॉडल प्रस्तुत किए गए। वहीं गणित विषय में 2डी एवं 3डी आकृति, प्रॉपर्टी ऑफ पॉलीगॉन, टाइप्स ऑफ शेप्स, अलजेब्रिक फॉर्मूला, मेजरमेंट ऑफ एंगल, त्रिकोणमिति, ज्योमैट्रिकल पार्क, दैनिक जीवन में गणित एवं पॉलीगॉन पार्क सहित विभिन्न विषयों पर विद्यार्थियों ने मॉडल तैयार किए।
शिशु, बाल, किशोर एवं तरुण वर्गों में विभाजित दोनों विषयों में प्रदर्श, प्रयोग एवं पत्र वाचन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। निर्णायकों के निर्णय के आधार पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले भैया-बहनों को पुरस्कृत किया गया। निर्णायक मंडल में प्रमोद कुमार पांडेय, सूरज देव ठाकुर, सुनील यादव, रणजीत शर्मा एवं सौरभ कुमार प्रमुख रूप से शामिल रहे। मेले के सफल आयोजन में पवन कुमार पांडेय, अजीत मिश्रा, सोमेश कुमार सिन्हा, अमित गुप्ता, देबाशीष चटर्जी, सच्चिदानंद देव सिंह, सोमा बागची एवं राकेश कुमार राय की महत्वपूर्ण भूमिका रही। मेले के अवलोकन के लिए अभिभावकों के साथ शहर के गणमान्य लोग एवं अन्य विद्यालयों के छात्र-छात्राएं भी पहुंचे और विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मॉडलों की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन विनोद कुमार तिवारी ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन परमानंद सिंह ने किया।
जयंती पर याद किए गए दुष्यंत कुमार, राही मासूम रजा, हबीब तनवीर व फादर कामिल बुल्के
- रचनाकारों के साहित्यिक योगदान पर हुई चर्चा, तस्वीर पर माल्यार्पण कर अर्पित किए श्रद्धासुमन
मधुपुर/संवाददाता। स्थानीय भेड़वा स्थित राहुल अध्ययन केंद्र में प्रसिद्ध गजलकार दुष्यंत कुमार, लेखक एवं उपन्यासकार डॉ. राही मासूम रजा, प्रख्यात नाटककार हबीब तनवीर तथा हिंदी प्रेमी फादर कामिल बुल्के की जयंती पर उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने चारों विभूतियों की तस्वीर पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। मौके पर केंद्र के संरक्षक धनंजय प्रसाद ने चारों साहित्यकारों के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि दुष्यंत कुमार हिंदी गजल के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण नाम हैं। उन्होंने हिंदी गजल को नया तेवर और स्वर प्रदान किया। उनकी रचनाओं में व्यवस्था के प्रति आक्रोश, व्यंग्य और आम आदमी की पीड़ा स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उनकी गजलें शोषित और पीड़ित वर्ग की आवाज बनकर सामने आती हैं। यही कारण है कि दशकों बाद भी उनकी रचनाएं प्रासंगिक बनी हुई हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. राही मासूम रजा बहुमुखी प्रतिभा के धनी साहित्यकार थे। उन्होंने कविता, उपन्यास, पटकथा, संवाद और फिल्म लेखन सहित विभिन्न विधाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया। लोकप्रिय टेलीविजन धारावाहिक ‘महाभारत’ की पटकथा और संवाद लेखन के कारण उन्हें व्यापक पहचान मिली। धनंजय प्रसाद ने कहा कि हबीब तनवीर ने हिंदी रंगमंच और नाटक को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। वे नाटककार, निर्देशक, पटकथाकार और अभिनेता के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाने में सफल रहे। ‘आगरा बाजार’ और ‘चरणदास चोर’ जैसे उनके नाटकों ने रंगमंच के क्षेत्र में विशेष पहचान बनाई। वहीं फादर कामिल बुल्के के योगदान की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि विदेशी मूल के होने के बावजूद हिंदी भाषा के प्रति उनका प्रेम और समर्पण अनुकरणीय था। उन्होंने हिंदी भाषा को समृद्ध करने और उसके प्रचार-प्रसार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऐसे महान साहित्यकारों एवं रचनाकारों को याद करना समाज और नई पीढ़ी के लिए आवश्यक है। कार्यक्रम के दौरान अन्य उपस्थित लोगों ने भी चारों विभूतियों के साहित्यिक एवं सामाजिक योगदान पर अपने विचार व्यक्त किए और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
मासूम बच्ची की मौत से ग्रामीण और अभिभावक गहरे सदमे में
- स्कूल वैन और पिकअप में आमने-सामने टक्कर, छात्रा की मौत
- चार बच्चे गंभीर, दर्जनभर घायल, मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने चितरा-सारठ मुख्य मार्ग किया जाम
चितरा/संवाददाता। चितरा थाना क्षेत्र के चितरा-सारठ मुख्य मार्ग स्थित मंझलीबाद गांव के समीप मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे स्कूल वैन और पिकअप वैन के बीच आमने-सामने हुई भीषण टक्कर में आठ वर्षीय स्कूली छात्रा की मौत हो गई। हादसे में स्कूल वैन चालक समेत करीब दर्जनभर बच्चे घायल हो गए। इनमें चार बच्चों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है। गंभीर रूप से घायल बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए देवघर के निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। वहीं, गंभीर रूप से घायल 10 वर्षीय छात्र रौनक कुमार को बाद में बेहतर इलाज के लिए दुर्गापुर रेफर किया गया।
जानकारी के अनुसार, मंगलवार को निजी विद्यालय एमडी एकेडमिक में छुट्टी होने के बाद स्कूल की मैजिक वैन बच्चों को लेकर घुड़दौड़ गांव की ओर जा रही थी। इसी दौरान चितरा की ओर से सारठ की तरफ जा रही एक पिकअप वैन से मंझलीबाद गांव के समीप दोनों वाहनों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि स्कूल वैन में सवार बच्चों में चीख-पुकार मच गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल उत्पन्न हो गया। हादसे में एलकेजी की छात्रा एवं खम्हार गांव निवासी मुकेश रजवार की आठ वर्षीय पुत्री मुन्नी कुमारी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं रौनक कुमार, खुशी कुमारी, आरोही कुमारी और अमित कुमार समेत अन्य बच्चे घायल हुए। स्थानीय लोगों एवं समाजसेवी अशोक राय की मदद से सभी घायलों को तत्काल बरजोरी स्थित निजी क्लिनिक पहुंचाया गया। वहां चिकित्सकों ने मुन्नी कुमारी को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद देवघर रेफर किया गया। खम्हार गांव निवासी पंचानंद रजवार का 10 वर्षीय पुत्र रौनक कुमार भी हादसे में गंभीर रूप से घायल हुआ। उसकी स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए दुर्गापुर रेफर कर दिया। समाजसेवी अशोक राय ने रौनक को दुर्गापुर ले जाने के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था कराई। पूर्व मंत्री रणधीर सिंह, समाजसेवी अशोक राय समेत अन्य लोगों ने देवघर पहुंचकर घायल बच्चों के परिजनों से मुलाकात की और इलाज में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
मुआवजे की मांग को लेकर सड़क जाम
हादसे की खबर फैलते ही मृत छात्रा के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। बच्ची की मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजे सहित अन्य मांगों को लेकर चितरा-सारठ मुख्य मार्ग जाम कर दिया। सड़क जाम होने के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और आवागमन बाधित हो गया। सूचना मिलते ही सारठ विधायक उदय शंकर सिंह उर्फ चुन्ना सिंह, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष शशांक शेखर भोक्ता, सारठ बीडीओ चंदन कुमार सिंह, एसडीपीओ मुजीबुर रहमान, पुलिस निरीक्षक सुकांत त्रिपाठी सहित सारठ, चितरा, पालोजोरी और खागा थाना की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर जाम हटाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अड़े रहे। समाचार लिखे जाने तक सड़क जाम जारी था।
उचित मुआवजे का विधायक ने दिया भरोसा
मौके पर पहुंचे विधायक उदय शंकर सिंह उर्फ चुन्ना सिंह ने मृत बच्ची के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि मृत बच्ची के परिजनों एवं घायल बच्चों के परिवारों को उचित मुआवजा दिलाने के लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। साथ ही घायलों के बेहतर इलाज के लिए भी आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने की बात कही।
भीषण हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है। एक मासूम बच्ची की मौत से ग्रामीण और अभिभावक गहरे सदमे में हैं। वहीं घायल बच्चों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की जा रही है।
शराब के नशे में स्कूल बस चलाने का आरोप, ग्रामीणों ने चालक को पुलिस के हवाले किया
- बस में सवार थे करीब 40 बच्चे, अभिभावकों ने वाहन के कागजात व चालक की जांच की मांग की
सारवां/संवाददाता। सारवां थाना क्षेत्र में मंगलवार को उस समय अफरातफरी मच गई, जब संत जेवियर स्कूल की बस के चालक पर शराब के नशे में वाहन चलाने का आरोप लगा। बस में सवार बच्चों के शोर और वाहन के असंतुलित तरीके से चलने पर ग्रामीणों ने मोहडार के समीप बस को रोक लिया। इसके बाद चालक और वाहन को पुलिस के हवाले कर दिया गया। ग्रामीणों एवं अभिभावकों ने मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है।
बच्चों और अभिभावकों के अनुसार, बस चालक संतोष सड़क पर वाहन को कभी दाएं तो कभी बाएं ले जा रहा था। इससे बस में सवार बच्चे भयभीत हो गए और शोर मचाने लगे। बच्चों की आवाज सुनकर ग्रामीणों ने मोहडार-कुशमाहा मोड़ के समीप बस को रोक लिया। उस समय बस में करीब 40 बच्चे सवार थे। ग्रामीणों और अभिभावकों ने आरोप लगाया कि चालक शराब का सेवन कर वाहन चला रहा था। उन्होंने कहा कि इस तरह वाहन चलाने से बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा बना हुआ है। अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर भी सुरक्षा नियमों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। मामले को लेकर थाना पहुंचकर अभिभावकों ने बस का पंजीकरण, फिटनेस, परमिट एवं चालक के ड्राइविंग लाइसेंस की जांच कराने की मांग की। साथ ही चालक की शराब की जांच कराकर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया। अभिभावकों का कहना था कि पूर्व में भी इस तरह की घटना सामने आ चुकी है। ऐसे में स्कूल बसों में सफर करने वाले बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता जरूरी है। इस संबंध में मनोज कुमार, राहुल कुमार, मयंक हर्ष, कांता प्रसाद, रिंकू कुमार, अर्जुन सिंह, बीरेंद्र कुमार सहित अन्य अभिभावकों ने आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने बच्चों को थाना बुलाकर उनके अभिभावकों को सौंप दिया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बस को कुछ दूरी बाद नहीं रोका जाता तो बड़ी दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता था। मामले के बाद स्कूल बसों के संचालन और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अभिभावकों में चिंता बढ़ गई है।