- जामताड़ा स्टेशन पर पाटलिपुत्र ट्रेन से गिरने से हुआ हादसा
- युवक रांची से मामा का इलाज कराकर लौट रहा था
हादसे के बाद जामताड़ा स्टेशन पर लोगों की जुटी भीड़ एवं मृतक मुन्ना शर्मा का फाइल फोटो
मधुपुर/संवाददाता। जामताड़ा रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार की अहले सुबह दर्दनाक रेल हादसे में मघुपुर के 18 वर्षीय युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान मधुपुर अनुमंडल के बुढ़ई गांव निवासी मुन्ना शर्मा के रूप में हुई है। हादसा जामताडा स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर पोल संख्या 251/27 ए के समीप हुआ।
बताया जाता है कि मुन्ना शर्मा अपने मामा शंभु शर्मा का इलाज कराने के लिए दो दिन पहले रांची गया था। शुक्रवार की सुबह दोनों रांची से पाटलिपुत्र एक्स्प्रेस ट्रेन से लौट रहा था। इसी दौरान करीब सुबह 5:30 बजे मुन्ना ट्रेन में बाथरूम जाने के बाद वापस लौट रहा था। इसी क्रम में ट्रेन के गेट के पास अचानक संतुलन बिगड़ने से वह चलती से नीचे गिर गया। हादसा इतना भीषण था कि ट्रेन की चपेट मे आने से उसका शरीर क्षत-विक्षत हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मृतक के मामा शंभु शर्मा ने बताया कि मुन्ना बाथरूम के लिए गया था। वापस लौटने के दौरान ट्रेन चल रही थी, इसी दौरान वह गिर गया। यात्रियों ने युवक के गिरने की जानकारी दी, जिसके बाद ट्रेन को आगे जाकर रोका गया। घटना की सूचना रेलवे पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही मधुपुर रेल थाना प्रभारी सतीश कुमार पांडे, एसआई दिवाकर चौधरी समेत आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची। इधर मृतक के परिजन भी मघुपुर से घटनास्थल स्थल पहुंच गए। पुलिस ने शव का पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मधुपुर रेल थाना प्रभारी सतीश कुमार पांडे ने बताया की युवक ट्रेन के बाथरूम से निकला था। गेट के पास संतुलन बिगड़ा और वह ट्रेन से गिर गया। स्टेशन परिसर मे दर्दनाक हादसे सभी स्तब्ध है। पुलिस क्षत-विक्षत शव को पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। इधर पुलिस घटना की जांच में जुट गयी है। बताया कि इस संबंध मे मधुपुर रेल थाना मे यूडी केस दर्ज कर लिया गया है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
मधुपुर के दो होनहार सपूतों का भव्य स्वागत
- तिरंगा यात्रा सह सम्मान समारोह में उमड़ा जनसैलाब
मधुपुर/संवाददाता। प्रखंड के गौनेंया पंचायत अंतर्गत बड़ा संघरा गांव के दो होनहार एवं प्रतिभाशाली युवाओं चंदन कुमार और कुंदन कुमार के गृह आगमन पर ग्रामीणों की ओर से भव्य तिरंगा यात्रा सह सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। चंदन कुमार ने अपनी प्रतिभा और कड़ी मेहनत के बल पर रेलवे में चीफ लॉ असिस्टेंट के पद पर चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। वहीं कुंदन कुमार ने यूपीएससी परीक्षा-2024 में सफलता हासिल कर असिस्टेंट कमांडेंट (जीडी) के रूप में बीएसएफ में नियुक्ति प्राप्त कर पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है। दोनों युवाओं के मधुपुर रेलवे स्टेशन पहुंचते ही ग्रामीणों ने गर्मजोशी के साथ उनका स्वागत किया। तिरंगा यात्रा सह सम्मान समारोह के तहत स्टेशन परिसर में भारत माता की जय और देशभक्ति के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। इसके बाद सैकड़ों ग्रामीणों के साथ भव्य तिरंगा यात्रा निकालते हुए दोनों युवा अधिकारियों को उनके पैतृक गांव बड़ा संघरा लाया गया। गांव पहुंचने पर ग्रामीणों ने दोनों का माला पहनाकर जोरदार स्वागत किया। इस अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह में गणमान्य लोगों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, युवाओं एवं ग्रामीणों ने दोनों की सफलता पर खुशी व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में मंत्री प्रतिनिधि सब्बीर हसन, विधायक प्रतिनिधि गुलाम अशरफ उर्फ राजू, गंगा दास, प्रो. रंजीत दास, रंजय दास, अजय दास, मुखिया मुकेश दास, इंद्राणी देवी, सेवानिवृत्त शिक्षक बलदेव दास, संदीप कुमार दास, संतोष दास, इंद्रजीत दास समेत क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता एवं सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित थे। वक्ताओं ने कहा कि चंदन कुमार और कुंदन कुमार की सफलता केवल उनके परिवार और गांव के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे मधुपुर क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उनकी उपलब्धि ग्रामीण क्षेत्रों के उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत और लगन के साथ अपने भविष्य को बेहतर बनाने का सपना देखते हैं। वक्ताओं ने कहा कि दोनों युवाओं ने अपनी मेहनत, लगन, अनुशासन और प्रतिभा के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और ईमानदारी से मेहनत की जाए तो गांव की मिट्टी से निकलकर भी देश के बड़े पदों तक पहुंचा जा सकता है। समारोह के दौरान दोनों अधिकारियों ने ग्रामीणों एवं उपस्थित सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गांव और क्षेत्र के लोगों का यह स्नेह एवं सम्मान उनके लिए हमेशा यादगार रहेगा।
धूमधाम से मना श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, श्याम मंदिर में हुई विशेष पूजा-अर्चना
मधुपुर/संवाददाता। अनुमंडल मुख्यालय समेत ग्रामीण इलाकों में शनिवार को देर रात तक श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की धूम रही। शहर के विभिन्न मंदिरों में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्री राम मंदिर ठाकुरबाड़ी प्रांगण में स्थानीय गायकों ने भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में एक से बढ़कर एक सुमधुर भजनों की प्रस्तुति दी। भक्तिमय वातावरण के बीच शहरी क्षेत्र में नंदगोपाल का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। श्री राम मंदिर ठाकुरबाड़ी, अमर कैलाश त्रिपुरधाम मंदिर, पंचमंदिर स्थित श्याम मंदिर तथा प्राचीन श्री गिरिराज मंदिर स्थित कृष्ण-राधा मंदिर को फूलों और रंगीन बिजली की झालरों से आकर्षक ढंग से सजाया गया था। मंदिरों की भव्य सजावट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रही। जय श्री श्याम और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से मंदिर परिसर देर रात तक गुंजायमान रहा। भजन-कीर्तन और धार्मिक गीतों पर श्रद्धालु भक्तिभाव में झूमते नजर आए। देर शाम से ही देवालय, श्री गिरिराज मंदिर, कुंडू बंगला स्थित श्री पवनपुत्र धाम समेत राधा-माधव मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का साक्षी बनने के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था। शहर के विभिन्न स्थानों पर उत्साही युवकों द्वारा मटकी फोड़ कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस दौरान जय श्री श्याम और भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों से पूरा शहर गूंजायमान हो उठा। मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद विशेष पूजा-अर्चना और आरती की गई। इसके पश्चात श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। देर रात धार्मिक अनुष्ठान संपन्न होने के बाद मंदिरों के पट बंद किए गए।
सुमन यादव की पहल पर बदला गया जला ट्रांसफार्मर, गांव में लौटी बिजली
सारवां/संवाददाता। प्रखंड क्षेत्र के बेहराकनारी गांव में ट्रांसफार्मर जल जाने के कारण कई दिनों से अंधेरा पसरा हुआ था। बिजली आपूर्ति ठप होने से ग्रामीणों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। ग्रामीणों ने अपनी समस्या से समाजसेवी सुमन यादव को अवगत कराते हुए जले हुए ट्रांसफार्मर को बदलवाने की गुहार लगाई। ग्रामीणों की समस्या को गंभीरता से लेते हुए सुमन यादव ने बिजली विभाग के पदाधिकारियों से संपर्क कर आवश्यक पहल की। बिजली की समस्या को देखते हुए गांव के लिए 63 केवीए का नया ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्रवाई की गई। सुमन यादव की पहल के बाद नया ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराया गया और गांव में पुन: बिजली आपूर्ति बहाल हो गई। बिजली बहाल होने के बाद ग्रामीणों में खुशी का माहौल देखा गया। ग्रामीणों ने इस कार्य के लिए समाजसेवी सुमन यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें साधुवाद दिया। मौके पर इरफान अंसारी, सोहराब मियां, मुजीबुर रहमान, मनीर अंसारी, सलाउद्दीन अंसारी, उस्मान मियां सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे।
पिता के सपनों को उज्ज्वल ने दी सफलता की श्रद्धांजलि
- यूपीएससी सीएपीएफ में देशभर में 37वां स्थान
- दो बार असफल होने के बाद नहीं मानी हार, कड़ी मेहनत से हासिल किया मुकाम
सारवां/संवाददाता। प्रखंड क्षेत्र के मंझिलाडीह निवासी स्वर्गीय उपेंद्र वर्णवाल के सुपुत्र उज्ज्वल राज ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा आयोजित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) सहायक कमांडेंट परीक्षा-2026 में शानदार सफलता हासिल की है। उज्ज्वल राज ने ऑल इंडिया रैंक में 37वां स्थान प्राप्त कर गांव, परिवार और पूरे प्रखंड का नाम रोशन किया है। उनकी सफलता से क्षेत्र में खुशी की लहर है और जनप्रतिनिधियों से लेकर पदाधिकारियों तक लगातार उन्हें बधाई देने पहुंच रहे हैं।
उज्ज्वल राज की सफलता के पीछे संघर्ष और कठिन परिस्थितियों की एक भावनात्मक कहानी भी जुड़ी हुई है। कुछ माह पूर्व उनके पिता उपेंद्र वर्णवाल गंभीर रूप से बीमार हो गए थे। इलाज के दौरान उनके स्वास्थ्य में सुधार हो रहा था, लेकिन अचानक गंभीर स्वास्थ्य समस्या उत्पन्न होने के बाद उनका निधन हो गया। पिता की बीमारी और फिर उनके निधन के बावजूद उज्ज्वल ने अपने लक्ष्य से मुंह नहीं मोड़ा। उन्होंने पढ़ाई और मेहनत जारी रखी तथा अपनी सफलता को अपने स्वर्गीय पिता के सपनों और उनकी स्मृति को समर्पित किया। लोगों का मानना है कि यह उपलब्धि उनके कठिन परिश्रम, धैर्य और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। इस सफलता के बाद शोक में डूबे परिवार में धीरे-धीरे खुशियां लौटने लगी हैं। उज्ज्वल के पिता उपेंद्र वर्णवाल मृदुभाषी और मेहनती व्यक्ति थे तथा किराना दुकान चलाते थे। उनके निधन से परिवार के साथ-साथ आसपास के लोगों में भी शोक की लहर थी। अब पुत्र की इस बड़ी उपलब्धि ने परिवार और गांव को गौरवान्वित किया है। उज्ज्वल राज ने 7 अगस्त 2026 को यूपीएससी सहायक कमांडेंट परीक्षा में सफलता हासिल की। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने स्वर्गीय पिता उपेंद्र वर्णवाल, माता रेणु देवी, गुरुजनों, मित्रों, बड़े पिता हरेंद्र वर्णवाल, भाई निवास वर्णवाल और पूरे परिवार को दिया है।
उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा के बाद 10वीं की पढ़ाई गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल, भंडारकोला से पूरी की। इंटरमीडिएट की शिक्षा जवाहर विद्या मंदिर, रांची से प्राप्त की, जबकि दिल्ली विश्वविद्यालय से पॉलिटिकल साइंस में स्नातक की डिग्री हासिल की। उन्होंने तीन वर्षों का एनसीसी प्रशिक्षण भी प्राप्त किया है। वर्तमान में वह कटक में भारत सरकार के अंतर्गत कनिष्ठ सांख्यिकी पदाधिकारी के पद पर भी कार्यरत हैं। उज्ज्वल ने बताया कि देश सेवा करने का सपना और माता-पिता एवं परिवार के सहयोग ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि सफलता उन्हें आसानी से नहीं मिली। वह दो बार असफल भी हुए, लेकिन हार नहीं मानी और लगातार मेहनत करते रहे। उन्होंने कहा कि मन में एक संकल्प था कि इस लक्ष्य को हासिल करके ही रहना है। पिता की गंभीर बीमारी के दौरान उनका मन काफी विचलित रहता था। एक ओर पिता के इलाज की चिंता थी तो दूसरी ओर परीक्षा की तैयारी। ऐसे समय में कई बार मन टूटने लगा, लेकिन दोस्तों और परिवार के सदस्यों ने उन्हें लगातार प्रेरित किया। पिता के निधन के बाद वह पूरी तरह टूट गए थे। उन्हें लगा कि जिस व्यक्ति ने यह सपना देखा था और जिसके लिए वह मेहनत कर रहे थे, वही अब उनके बीच नहीं रहे। ऐसे कठिन समय में परिवार के सभी सदस्यों ने उन्हें संभाला और कहा कि अपने पिता के सपनों को पूरा करना ही उनकी स्मृति को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। परिवार के प्रोत्साहन के बाद उन्होंने फिर से पूरी लगन के साथ तैयारी शुरू की और आखिरकार सफलता हासिल कर ली। झारखंड के पूर्व कृषि मंत्री बादल पत्रलेख और थाना प्रभारी संदीप कुमार ने उज्ज्वल राज के आवास पहुंचकर उन्हें बधाई दी। पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि उज्ज्वल राज की सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उनकी मेहनत और उपलब्धि क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी आगे बढ़ने तथा अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए प्रेरित करेगी। युवाओं को संदेश देते हुए उज्ज्वल राज ने कहा कि यदि आपने कोई सपना देखा है तो उसे पूरा करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए और स्वयं पर विश्वास बनाए रखना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक या दो बार असफल होने पर निराश नहीं होना चाहिए, बल्कि अपने विश्वास को और मजबूत कर नई ऊर्जा एवं दमखम के साथ तैयारी में जुट जाना चाहिए। लगातार प्रयास करने वाला व्यक्ति एक न एक दिन निश्चित रूप से सफलता हासिल करता है।
विधायक के प्रयास से 24 घंटे में लगा 200 केवी क्षमता का पावर ट्रांसफॉर्मर
पालोजोरी/संवाददाता। पालोजोरी के दुबराजपुर 24 घंटे के अंदर सारठ विधायक उदय शंकर सिंह उर्फ चुन्ना सिंह के प्रयास से 200 केवी क्षमता का पावर ट्रांसफॉर्मर शुक्रवार को इंस्टॉल हो गया। पहले यहां 100 केवी का ट्रांसफॉर्मर लगा हुआ था, जो पर्याप्त नहीं था। झारखंड मुक्ति मोर्चा के वरिष्ठ नेता सह सारठ विधायक के करीबी माने जाने वाले कदीर रजा ने यहां की समस्या की जानकारी विधायक को दी। सारठ विधायक ने प्राथमिकता के आधार पर यहां के लिए फौरन 200 केवी का पावर ट्रांसफॉर्मर उपलब्ध कराया। कदीर रजा ने स्वयं की मौजूदगी में ट्रांसफॉर्मर को इंस्टॉल करवाया और बिजली आपूर्ति चालू कराई। स्थानीय उपभोक्ताओं ने सारठ विधायक का आभार व्यक्त किया है। मौके पर रफीक अंसारी, अब्दुल समद, हाजी अब्दुल गफ्फार, वकील अंसारी, तबरेज अंसारी आदि मौजूद थे।
सात के विरोध प्रदर्शन को लेकर जेएमएम प्रखंड इकाई ने किया प्रेस कांफ्रेंस
पालोजोरी/संवाददाता। केंद्र सरकार के प्रस्तावित खान एवं खनिज कानून के विरोध में 7 सितंबर को झारखंड के सभी प्रखंडों में विरोध प्रदर्शन को लेकर शुक्रवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा प्रखंड इकाई ने पालोजोरी के पार्टी कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। प्रखंड अध्यक्ष अब्दुल रहीम, सचिव सोनालाल और सोशल मीडिया प्रभारी मुबारक अंसारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सात सितंबर के कार्यक्रम की जानकारी दी।
जन्माष्टमी के पावन अवसर पर निकाली गई भव्य कांवर यात्रा
सारठ/संवाददाता। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर सारठ प्रखंड क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही परंपरा के तहत इस वर्ष भी भव्य कांवर यात्रा निकाली गई। यात्रा में क्षेत्र के सैकड़ों सनातन धर्मावलंबी श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। श्रद्धालुओं ने प्रखंड क्षेत्र स्थित अजय नदी और पतरो नदी के संगम स्थल दोमुहान से कांवर में पवित्र जल भरकर यात्रा की शुरुआत की। ढोल-बाजे और भोले बाबा के जयकारों के बीच श्रद्धालु झूमते-नाचते हुए भक्ति भाव से यात्रा में शामिल हुए। कांवर यात्रियों का कहना है कि इस यात्रा के माध्यम से विभिन्न देवी-देवताओं के मंदिरों में जलार्पण करने से मन को शांति और सुकून मिलता है तथा सच्चे मन से मांगी गई मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं। इसी आस्था और विश्वास के कारण प्रत्येक वर्ष कांवर यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती जा रही है। यात्रा में कन्याओं, महिलाओं, बच्चों एवं पुरुष श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। पूरे क्षेत्र में धार्मिक और भक्तिमय माहौल बना रहा।
इन मंदिरों में किया गया जलार्पण : दोमुहान स्थित संगम स्थल से जल भरकर श्रद्धालुओं ने पैदल यात्रा शुरू की। यात्रा आराजोरी स्थित बजरंगबली मंदिर, बामनगामा के श्रीराम मंदिर, शिव मंदिर और दूबे बाबा मंदिर से होते हुए सारठ पहुंची। इसके बाद श्रद्धालुओं ने बजरंगबली मंदिर, रामजानकी मंदिर, राधाकृष्ण मंदिर, दुर्गा मंदिर, चित्रगुप्त मंदिर, काली मंदिर, पाताल काली मंदिर और बगीचा काली मंदिर में जलार्पण किया। अंत में बाबा दु:खहरण मंदिर में जलार्पण के साथ भव्य कांवर यात्रा का समापन हुआ। कांवर यात्रा में पंडित केशवानंद पत्रलेख, जयप्रकाश राजहंस, राजेश राजहंस, टिंकू राव, युधिष्ठिर पौद्दार, बत्सपाल राय, अनुप गुप्ता, नवीन वर्मा, विजय रवानी, कुंदन सिन्हा, रूपसागर वर्मा, अवधेश वर्मा, प्रदीप सिन्हा, नेमानी मंडल, शिवशंकर मंडल, परमेश्वर वर्मा, वरुण साह, गौतम दे समेत सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए।
जन्माष्टमी को लेकर बच्चों में भी दिखा गजब का उत्साह
- किसी ने धारण किया कृष्ण तो किसी ने राधा का रूप, वात्सल्य रूप ने मोहा मन
सारठ/संवाददाता। प्रखंड क्षेत्र में जन्माष्टमी को लेकर जहां एक ओर भक्तिमय माहौल बना रहा और श्रद्धालु पूजा-अर्चना में तल्लीन नजर आए, वहीं बच्चों में भी इस पर्व को लेकर गजब का उत्साह देखने को मिला। जन्माष्टमी के अवसर पर कई बच्चों ने अपने माता-पिता से भगवान श्रीकृष्ण और राधा का रूप धारण करने की इच्छा जताई। किसी बच्चे ने नन्हे कृष्ण का रूप धारण किया तो कई बच्चियां राधा के रूप में सजकर लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। नन्हे-मुन्ने बच्चों के कृष्ण और राधा स्वरूप ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। बच्चों के मनमोहक और वात्सल्यपूर्ण रूप को देखकर लोग अपने आपको उनकी ओर आकर्षित होने से नहीं रोक पाए। लोगों का कहना है कि परिवार ही बच्चों की पहली पाठशाला होता है, जहां उन्हें संस्कार, संस्कृति और भक्ति की शिक्षा मिलती है। धार्मिक और सांस्कृतिक वातावरण में बच्चों की भागीदारी उनके व्यक्तित्व और संस्कारों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जन्माष्टमी के अवसर पर बच्चों का उत्साह यह दर्शाता है कि नई पीढ़ी भी भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं से जुड़ रही है। अच्छे संस्कार और बेहतर परिवेश बच्चों के उज्ज्वल भविष्य को संवारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस अवसर पर पूरे सारठ क्षेत्र में जन्माष्टमी को लेकर उत्साह और भक्तिभाव का वातावरण बना रहा।
सड़क दुर्घटना में महिला की मौत
- मुआवजा की मांग लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने किया जाम
मधुपुर/संवाददाता। मधुपर अनुमंडल के पाथरोल-सारठ एनएच 114 ए पर सड़क दुर्घटना मे 47 वर्षीय महिला की दर्दनाक मौत हो गई। महिला की पहचान पाथरोल थाना के चपरिया गाँव निवासी शुक्ला देवी के रूप में हुई है।
घटना के बाबत बताया जाता है कि महिला ग्राहक सेवा केन्द्र से लौट रही थी। इसी बीच सड़क पार करने के दौरान किसी अज्ञात वाहन की चपेट मे आने से गंभीर रूप धायल हो गई। घटना के बाद आसपास के लोगो ने तत्काल उसे अस्पताल पहुंचाया जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रांची रेफर कर दिया। रांची ले जाने के क्रम मे रास्ते मे ही महिला ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने मृतक के परिजनो को उचित मुआवजा और अज्ञात वाहन की पहचान की मांग को लेकर एन एच 114 ए जाम कर दिया। सड़क जाम की सूचना पर पाथरोल पुलिस ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम हटाया। इस दौरान करीब आधे घंटे मुख्य सड़क पर आवागमन बाधित रहा। सड़क के दोनो छोर पर वाहनो की लम्बी कतार लग गई। जाम हटते ही लोगो ने राहत का सांस लिया। पुलिस ने शव को कब्जे मे लेकर पोस्टमार्टम के लिए देवघर भेज दिया। इधर पाथरोल थाना में पुलिस ने अज्ञात वाहन के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दिया है।
पालोजोरी में हर्षोल्लास से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व
पालोजोरी/संवाददाता। पालोजोरी में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। मान्यताओं के अनुसार द्वापर युग में जन्माष्टमी को ही भगवान कृष्ण ने जन्म लिया था। इस दिन कृष्ण भक्त व्रत रखते हैं, बाल गोपाल का श्रृंगार करते हैं और उन्हें माखन, मिश्री, तुलसी पत्ते जैसी प्रिय वस्तुएं अर्पित करते हैं। इस दौरान भक्तजन पूजा-पाठ और भंजन र्कितन में लीन रहे। आज पालोजोरी के मंदिरों में और लोगों ने अपने घरों में कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा की। इस अवसर स्कूलों में भगवान कृष्ण और राधा की वेशभूषा में बच्चों ने उत्सव के रूप में भाग लिया। मंदिरों और घरों के अलावा बाजारों में भी रोनक देखने को मिल रही है। इस दौरान लड्डू गोपाल के लिए वस्त्र, आभूषण, मिठाइयों और फल-फूलों की बिक्री सबसे अधिक देखने को मिली। आइडियल स्टूडेंट कमिटी के अध्यक्ष सह वरिष्ठ समाजसेवी संतोष साह ने कहा कि जन्माष्टमी मात्र एक पर्व ही नहीं बल्कि यह अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक है। यह प्रेम, भक्ति और त्याग के अलावा लोगों को सत्य और धर्म के मार्ग पर चलकर जीवन में सफलता प्राप्त करने का संदेश देता है।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी को लेकर कोलियरी क्षेत्र के मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
चितरा/संवाददाता। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर शुक्रवार को चितरा कोलियरी क्षेत्र में धार्मिक उल्लास और भक्ति का माहौल देखने को मिला। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर क्षेत्र के विभिन्न मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। महिला, पुरुष और बच्चों ने मंदिरों में पहुंचकर श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ पूजा-अर्चना की और भगवान श्रीकृष्ण से सुख-समृद्धि एवं परिवार की खुशहाली की कामना की। चितरा कोलियरी स्थित दुखिया बाबा शिव मंदिर प्रांगण के राधा माधव मंदिर को जन्माष्टमी को लेकर विशेष रूप से भव्य तरीके से सजाया गया था। मंदिर परिसर को रंग-बिरंगे आर्टिफिशियल फूलों और आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया, जो शाम होते ही रोशनी से जगमगा उठा। आकर्षक सजावट श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रही।
जन्माष्टमी के अवसर पर श्रद्धालुओं ने राधा माधव मंदिर के साथ-साथ दुखिया बाबा शिव मंदिर, गणेश-पार्वती मंदिर, राम-जानकी मंदिर, छिन्नमस्तिका काली मंदिर, शनि मंदिर सहित क्षेत्र के अन्य मंदिरों में भी पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने भगवान को फल, मिठाई, माखन-मिश्री सहित विभिन्न प्रकार के भोग अर्पित किए। मंदिरों में दिनभर भजन-कीर्तन और धार्मिक गीतों की गूंज सुनाई देती रही। शाम होते ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ और बढ़ गई। राधा-कृष्ण के जयकारों से मंदिर परिसर गुंजायमान रहा। कई श्रद्धालु परिवार सहित मंदिर पहुंचे और भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। बच्चों में भी जन्माष्टमी को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। दूसरी ओर, भवानीपुर में भी जन्माष्टमी को लेकर विशेष तैयारी की गई है। यहां भव्य पूजा पंडाल का निर्माण कर भगवान श्रीकृष्ण की आकर्षक प्रतिमा स्थापित की गई है। पंडाल और आसपास के क्षेत्र को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। आयोजन को लेकर स्थानीय युवाओं और पूजा समिति के सदस्यों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। जन्माष्टमी के अवसर पर देर रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय विशेष पूजा-अर्चना, आरती और प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया। इस दौरान ‘नंद के घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की’ जैसे जयकारों से पूरा कोलियरी क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।